इंदरप्रीत पैरी के कत्ल की लॉरेंस गैंग ने ली जिम्मेदारी, बताई ये वजह

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चंडीगढ़ः सेक्टर‑26 टिंबर मार्केट में सोमवार देर शाम कार सवार इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पंचकूला सीआईए की टीम ने उस क्रेटा कार को बरामद कर लिया है, जिसमें बैठकर हमलावर घटना स्थल पर पहुंचे थे। वहीं इलाके की सीसीटीवी फुटेज में दो कारों में युवकों की आवाजाही भी कैद हुई है। इस घटना को लेकर फेसबुक पर लॉरेंस गैंग की ओर से पोस्ट डाली गई है। जिसमें लॉरेंस गैंग की ओर से फेसबुक पर डाली गई पोस्ट में आगे लिखा गया कि इन्होंने (गोल्डी और रोहित) हमारे हरी भाई पर अटैक करने की कोशिश की थी और बाद में जोर सिद्धू उर्फ सिप्पा भाई की हत्या करवाई थी। और आज से हमारी सभी को चेतावनी है। जो‑जो भी इनका छोटे से छोटे काम में भी साथ देगा, सभी को मारेंगे और जो बुकी और क्लब वाले इनको पैसे देते हैं, हम उनको पूछेंगे नहीं, फोन लगाकर सबके पास पहुंच जाएंगे और मारेंगे। चाहे वह किसी भी कंट्री में हो, सब तक पहुंच जाएंगे हम। चाहे जितना मर्जी टाइम लगे हमको।

जिसमें देखा जा सकता है कि 2 कारें सड़क पर रूकती है। इस दौरान कार से कुछ युवक बाहर निकलते है और घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते है। जिसके बाद घटना स्थल पर गोलियों की आवाज सुनकर एक व्यक्ति बाहर आता है और घटना स्थल पर दोबारा से बदमाशों द्वारा अंजाम देता देखकर वह वापिस मुड़ जाता है। हालांकि सीसीटीवी कुछ दूर लगे कैमरे में कैद हुई है। पंजाब पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे इंद्रप्रीत सिंह पैरी की योजनाबद्ध तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज ने यह साफ कर दिया है कि इस वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि पैरी के ही बेहद करीबी साथी ने अंजाम दिया।

घटनाक्रम के अनुसार, वारदात से कुछ देर पहले पैरी अपने उसी करीबी के साथ सेक्टर-26 स्थित काला घोड़ा क्लब में बैठा था। दोनों काफी देर तक साथ रहे। इसी दौरान आरोपी ने पैरी को कार में बैठकर टिंबर मार्किट चलने का झांसा दिया। भरोसा करते हुए पैरी उसके साथ चल पड़ा बिना इस अंदाजे के कि उसकी जिंदगी वहीं खत्म होने वाली है। सुनसान स्थान पर पहुंचते ही आरोपी युवक ने अचानक पिस्टल निकालकर नजदीक से फायरिंग शुरू कर दी। गोली पैरी के पेट और छाती में लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

खास बात यह कि इंद्रप्रीत सिंह पैरी की शादी अभी 13 नवंबर को ही हुई थी। पैरी कभी लारेस बिश्नोई गैंग के करीबियों में गिना जाता था। पहली वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से उतरते ही भागा और पीछे आ रही एक क्रेटा में जाकर बैठ गया। सीसीटीवी में साफ दिखा कि क्रेटा पैरी की कार के पीछे-पीछे चल रही थी। आरोपी के अंदर बैठते ही क्रेटा आगे आई और उसमें बैठे हमलावरों ने पैरी की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

यह दूसरी राउंड की फायरिंग इसलिए की गई ताकि पैरी किसी भी हालत में बच न सके। फेक नंबर प्लेट लगी क्रेटा कार मौके से फरार हो गई। प्रारंभिक जांच बताती है कि हमलावरों ने 10–12 राउंड फायर किए। चार गोलियां पैरी को लगीं। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर पैरी को कार की ड्राइवर सीट पर मृत अवस्था में पाया।

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