ताश के पत्तों की तरह गिराया 5 मंजिला निर्माणाधीन होटल, देखें वीडियो

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जयपुरः शहर के पॉश इलाके मालवीय नगर में झुकी हुई 5 मंजिला (G+4) निर्माणाधीन होटल को JDA ने सुरक्षा कारणों से गिरा दिया। जेडीए की बिना अनुमति के 5 मंजिला इमारत तैयार कर दी गई। इमारत को होटल के रूप में बनाया गया था, जिसमें बेसमेंट भी रखा गया था। बेसमेंट के पास खुदाई के दौरान इमारत में अचानक दरारें आ गई थीं और पूरी बिल्डिंग एक तरफ खतरनाक तरीके से झुक गई थी। दरारें पड़ने के बाद इमारत एक तरफ झुकने लगी तो हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही निगम और जेडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ने पर जेडीए टीम ने दो क्रेन की सहायता से होटल को अस्थायी सपोर्ट दिया, लेकिन संरचना असुरक्षित होने के कारण इसे ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया। होटल को गिराने से पहले जेसीबी मशीनों से दीवारों में ड्रिलिंग कर स्ट्रक्चर को कमजोर किया गया। अवैध रूप से बनी यह इमारत मालवीय नगर सेक्टर 9 में बनी हुई थी। अमित भारद्वाज पेट्रोल पंप के सामने स्थित अग्रवाल आई हॉस्पिटल के बराबर में यह इमारत अवैध रूप से खड़ी कर दी गई। बेसमेंट की मिट्टी खिसकने से पांच मंजिला इमारत गिरने की स्थिति में आ गई। कार्रवाई के दौरान होटल मालिक मौके पर पहुंचे और विरोध जताने लगे, इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। मालिकों का कहना है कि ‘पूरी कार्रवाई में पॉलिटिकल पावर का इस्तेमाल किया गया है। न कोई लीगल टीम आई, न हमारे आर्किटेक्ट से बात की गई। हमने नगर निगम से नक्शा पास करवाया है और 1.25 लाख रुपये जमा भी कराए हैं।’ दूसरी ओर जेडीए अधिकारियों का दावा है कि होटल नियमों के विपरीत रेजिडेंशियल जोन में बिना अनुमति के बनाया गया था। जोन-1 के तहसीलदार शिवांग शर्मा ने बताया कि 90 गज के प्लॉट पर कॉमर्शियल गतिविधि की मंजूरी नहीं है। वहीं, डिप्टी इन्फोर्समेंट ऑफिसर इस्माइल खान के अनुसार प्राधिकरण से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। जयपुर शहर के पॉश इलाके में हुई कार्रवाई के दौरान बिल्डिंग का कुछ हिस्सा सड़क पर आ गिरा, जिसे हटाने के लिए जेडीए की टीम लगातार जेसीबी से मलबा साफ कर रही है। होटल टूटते देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। 5 मंजिला अवैध इमारत को गिराने से एक दिन पहले ही हादसे की आशंका के चलते आसपास के मकानों को खाली करा दिया गया। ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया और वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई। इमारत को ध्वस्त करने के बाद ही यातायात का संचालन बहाल किया जा सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेडीए के अधिकारियों की रिपोर्ट पर इमारत मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस इमारत को कमर्शियल एक्टिविटी (होटल) के रूप में उपयोग लिया जाना था।    

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