लोग अपनी जमीन भू माफिया से बचाने के लिए दर-दर भटकते फिर रहे हैं: सत्ती

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ऊना/सुशील पंडित: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने पूर्व विधायक द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सत्ता में है वह जिससे चाहे, जब चाहें, जिस मर्जी मामले की जांच करवा सकते हैं। लेकिन जनता जानती है कि पूर्व विधायक को अब ही उनकी किराए की दुकानों की जांच करवाने की ज्यादा होड़ क्यों मची है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान जब पूर्व विधायक ने बतौर कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी नामांकन दाखिल किया था तो उस वक्त उनकी संपत्तियों को लेकर सवाल खड़ा हुआ था। जनता यह जानना चाहती थी की पूर्व विधायक की अक्टूबर 2022 से लेकर अप्रैल 2024 तक केवल डेढ़ वर्ष में 5 करोड़ की संपत्ति कैसे बढ़ गई। हालांकि इस बीच उन्होंने करोड़ों रुपए का लोन भी चुकता किया था। लेकिन आज तक पूर्व विधायक ने उस मामले की जांच नहीं करवाई।

विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पूर्व विधायक के अपने ही गांव के लोग अपनी जमीन भू माफिया से बचाने के लिए दर-दर भटकते फिर रहे हैं, पूरे विधायक को बताना चाहिए कि वह कौन सा भू माफिया है, जिसने उनके गांव के लोगों को अदालत में जाने पर मजबूर कर दिया। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि ऐसे नेताओं को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए जो अपने ही गांव के लोगों की जमीनों को दागी अधिकारियों के बलबूते हथियाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक का करोड़ों रुपए का लोन कैसे माफ हुआ जनता उसकी भी जांच चाहती है। इतना ही नहीं जिस बैंक से पूर्व विधायक का लोन माफ किया गया इसी बैंक में हजारों लोगों के छोटे-मोटे कर्ज पड़े हैं, यदि पूर्व विधायक सरकार के इतने ही चहेते हैं तो वह सभी लोगों के कर्ज माफ करवाएं।

विधायक ने कहा कि कई ज्वलंत मामलों की जांच होनी चाहिए। लेकिन उनकी दुकानों की जांच पूर्व विधायक को करवाने की जल्दी इसलिए मची है क्योंकि उनके होटल के बाहर हुए गोली कांड में एक मासूम की मौत हो गई, कुछ मासूम बच्चे पुलिस से भागते फिर रहे हैं और कुछ मौत और जिंदगी के बीच अस्पतालों में लटक रहे हैं। विधायक ने कहा कि पूर्व विधायक ने इन्हीं सब चीजों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ही उनके खिलाफ आडंबर रचने का काम शुरू किया है। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि उनकी राजनीति कभी भी लोगों के बच्चों को मौत के मुंह में धकेलने वाली नहीं रही है। जबकि कांग्रेस नेता ने तो स्वार्थ सिद्धि के लिए कई परिवार उजाड़ दिए। उन्होंने कहा कि मतलब निकलने के बाद पूर्व विधायक ने इन युवाओं को माफिया तक कहने में कोई गुरेज नहीं किया था, फिर ऐसे नेता द्वारा दूसरों पर लगाए गए आरोप कितने सच कितने झूठ हैं, यह जनता भली भांति जानती है।

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