Punjab News: पंचायती जमीन की निशानदेही पर हुआ खुलासा, Congress MLA Sukhpal Khaira पर लगे गंभीर आरोप, देखें वीडियो

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चंडीगढ़ः कपूरथला के भुलत्थ में स्थित गांव रामगढ़ में पंचायती जमीन की निशानदेही के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसको लेकर मामला गरमा गया है। इस मामले में एडवोकेट सिमरजीत सिंह (कुमार साहिब) आज कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के घर पहुंचकर उन्हें गांव की निशानदेही में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट ने कहा कि भुल्तथ हलके के गांव रामगढ़ में पंचायत की जमीन और स्टेडियम बनाने को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। एडवोकेट ने दावा किया कि रिकॉर्ड के अनुसार गांव में 46 किले पंचायत की जमीन है, जिसका ना तो कोई ठेका मिल रहा है और ना ही बीडीपीओ दफ्तर के पास कोई हिसाब है।

इसके अलावा, 24 कनाल के छोटे टुकड़े में से सिर्फ 9 कनाल ही मौके पर मौजूद हैं, बाकी 15 कनाल जमीन पर कब्जे का शक जताया गया है। उन्होंने कहा कि भुलत्थ के लिए मंजूर किए गए 28 स्टेडियमों में से एक गांव रामगढ़ में स्टेडियम बनाया जाना है। एडवोकेट के के अनुसार, निशानदेही के बिना यह तय नहीं हो पा रहा कि स्टेडियम कहां बनाया जाए। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस विधायक (सुखपाल खैहरा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी निशानदेही की बात होती है, तो वे कुछ लोगों को इकट्ठा कर हंगामा करा देते हैं।

उन्होंने चुनौती दी कि अगर फसल के नुकसान का डर है, तो वे 4 गुना मुआवजा अग्रिम देने को तैयार हैं। ए़डवोकेट ने कहा कि दूसरी ओर गांव में छप्पड़ में 24 कनाल जगह है, जिसमें 9 कनाल मौके पर मौजूद है, लेकिन 15 कनाल जगह का कुछ पता नहीं चल रहा है। ऐसे में पहले उसकी निशानदेही करवा ली जाए, उसमें कोई फसल तो किसानों की नहीं उगाई गई है। एडवोकेट ने कहा कि अभी निशानदेही की बात ही चली थी कि कांग्रेस विधायक को किसने क्या कह दिया। जिसके बाद कांग्रेस विधायक कुछ हरी पगड़ी पहने किसानों को इकट्ठा करके पहुंच गए और हंगामा करने लग गए।

एडवोकेट ने कहा कि निशानदेही होनी चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इस मामले को लेकर वह प्रताप बाजवा से मिलने आए है और गांव में पंचायती जमीन को लेकर आरटीआई डाली थी, जिसमें कुछ वारंट मिले है और वह उनके रिश्तेदारों के ही निकले है। एडवोकेट के अनुसार सुखपाल खैहरा अक्सर कुछ लोगों को बुलाकर दंगे करवाने की कोशिश करते है। ऐसे में वह कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप बाजवा से मिलने पहुंचे है। ऐसे में वह घर पर नहीं मिले और ना ही उनके घर पर कोई दस्तावेज लेने को तैयार है। जिसके कारण वह घर दीवार पर रखकर जा रहे है। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन दस्तावेज भी सेंड कर दिए है। उन्होंने मांग की कि बाजवा खुद आकर निशानदेही करवाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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