48 घंटे का मिला Ultimatum, ईरान के पीछे चीन-रुस का दम तो इस वजह से नहीं हो रहा War The End

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नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर कोई बात बन पाई है और न ही दोनों पक्षों की ओर से युद्ध खत्म करने पर बातचीत सफल हो पाई है। पाकिस्तान, मिस्न और तुर्किए मिलकर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध रोकने की मध्यस्थता जरुर कर रहे हैं लेकिन इस पर भी अब तक स्पष्ट नीति नहीं बनती नजर नहीं आ रही है। ईरान ने पाकिस्तान को मेजबानी में होने वाली बातचीत से पहले इस्लामाबाद की ओर से भेजे गए है। 15 सूत्रों शांति प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से कहा कि ईरान से एक बिचौलिए के जरिए भेजे गए शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिए हैं। हम अमेरिका की शर्तों पर इस युद्ध को खत्म नहीं करेंगे। कोई भी बातचीत हमारे राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही की जाएगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ की अपमानजनक टिप्पणी 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए ईरान ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिखा है. उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि अगर ईरान मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह) तक होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए कुछ नहीं करता है, तो उनके पास न तो कोई पावर प्लांट बचेगा और न ही कोई पुल सुरक्षित होगा. हालांकि, ट्रंप के अल्टीमेटम का ईरान पर कोई खास प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है. जिसे लेकर ट्रंप काफी ज्यादा भड़क उठे और ईरान के खिलाफ काफी ज्यादा अपमानजनक शब्दों में तीखी टिप्पणी भी की.

ईरान के पीछे चीन-रूस की ताकत?

पश्चिम एशिया में युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है. अमेरिका और इजरायल अपनी पूरी ताकत से ईरान को हराने और तोड़ने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन दो ताकतवर देशों के खिलाफ ईरान युद्ध में अकेला डटा हुआ है. हालांकि, यह भी कहा जा रहा है चीन और रूस इस युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से ईरान को पीछे से सहयोग दे रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत भी की थी. उन्होंने कहा कि इजरायल और यूएस हमारे सभी औद्योगिक ढांचों, फैक्ट्रियों, अस्पतालों, स्कूलों, रिहायशी इलाकों और परमाणु केंद्रों को अपना निशाना बना रहा है. इन दोनों के हमलों का असर पूरे इलाके और दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पर पड़ सकता है.

क्यों खत्म नहीं हो रहा युद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच ये युद्ध अब जीत-हार से ज्यादा अहम (घमंड) की पुष्टि का प्रतीत हो रहा है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे को झुकाने में जुटे हुए हैं और अपने कदम पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को पीछे हटने के लिए धमकियां दे रहे हैं, वहीं ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.    

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