घर में रखा है शंख तो इन नियमों का रखें खास ध्यान…. वास्तु शास्त्र से जुड़े ये जरूरी नियम

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Rules For Conch: सनातन धर्म में शंख को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन से निकलने वाले 14 रत्नों में शंख का भी विशेष स्थान है। इसे देवी-देवताओं का प्रिय माना जाता है और यह सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी है। शंख का इस्तेमाल पूजा, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में सदियों से होता आया है। धार्मिक मान्यता है कि घर में शंख रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

शंख रखने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख को घर के पूजा स्थल में रखना सबसे अच्छा होता है। इसे हमेशा साफ और स्वच्छ जगह पर रखें।
शुभ दिशा
• उत्तर दिशा
• पूर्व दिशा
• ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा)
इन दिशाओं में शंख रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

शंख से जुड़े नियम
1. शंख को केवल सजावट के लिए न रखें। इसे धार्मिक भावना के साथ रखें।
2. पूजा के समय शंख बजाना शुभ माना जाता है, लेकिन हर शंख बजाने योग्य नहीं होता।
3. दक्षिणावर्ती शंख: यह लक्ष्मी का प्रतीक है और इसे केवल पूजा में रखें।
4. वामावर्ती शंख: इसे बजाया जा सकता है।

शंख रखने में अक्सर होने वाली गलतियां
1. गंदे स्थान पर शंख रखना
शंख को कभी भी गंदे या अपवित्र जगह पर न रखें। ऐसा करने से इसके सकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाते हैं।
2. एक ही शंख से जल और ध्वनि दोनों काम करना
पूजा में जल भरने और बजाने के लिए अलग-अलग शंख रखें।
3. रात में शंख बजाना
रात में शंख बजाना अशुभ माना जाता है। इसे केवल सुबह और शाम की आरती के समय बजाएं।
4. शंख को सीधे जमीन पर रखना
शंख को हमेशा किसी साफ कपड़े या आसन पर रखें।
5. टूटा हुआ शंख रखना
अगर शंख टूट गया है तो उसे घर में न रखें। टूटा शंख नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है।

शंख रखने के लाभ
• शंख की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है।
• नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
• मानसिक शांति और सकारात्मक सोच बढ़ती है।
• घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।

 

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