बेड के नीचे तहखाने में बना रखी अवैध हथियारों की फैक्टरी, 11 गिरफ्तार, देखें वीडियो

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यूपी : मेरठ पुलिस ने आज अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। यह फैक्ट्री घर के तहखाने में चल रही थी। तहखाने के ऊपर डबल बेड डाल रखा था, ताकि बाहर वालों को कुछ पता ही न चले। 11 पिस्टल सहित भारी मात्रा में अधबने हथियार, कारतूस, औजार रिकवर हुए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में की गई। स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम अल्लीपुर में एक मकान के तहखाने में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रही है।

सूचना मिलते ही टीम ने छापा मारकर मौके से असलम (33) निवासी जाहिदपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में असलम ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों उमर (मुजफ्फरनगर), इरफान (मुरादाबाद), नदीम और रहीमुद्दीन (मेरठ) के साथ मिलकर अवैध पिस्टल बनाता था. फैक्ट्री का संचालन रहीमुद्दीन करता था, जो कच्चा माल उपलब्ध कराता और तैयार हथियारों को अलग-अलग पार्टियों को बेचकर मुनाफा बांटता था। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल स कार्रवाई में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का सरगना रहीमुद्दीन समेत 10 आरोपी अभी फरार हैं।

इस खुलासे ने न केवल एक बड़े अवैध नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की छापेमारी के दौरान एक मकान के कमरे में डबल-बेड के नीचे बने तहखाने से अवैध हथियार बनाने का पूरा सेटअप बरामद हुआ। मौके से 11 तैयार पिस्टल, 12 मैगजीन और हथियार बनाने के उपकरण मिले हैं। पुलिस के अनुसार यह फैक्ट्री पिछले तीन महीनों से संचालित हो रही थी और ऑन-डिमांड हथियार तैयार कर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। एसएसपी अविनाश पांडेय के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने हाल ही में 150 से अधिक अवैध पिस्टलों की सप्लाई की है। यह हथियार विभिन्न अपराधियों तक उनकी मांग के अनुसार पहुंचाए जा रहे थे। पुलिस अब इन हथियारों के खरीदारों की पहचान कर रही है और उन्हें भी मामले में शामिल करने की तैयारी कर रही है। स्वाट और सर्विलांस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहियानगर क्षेत्र में अवैध हथियारों का कारोबार हो रहा है।

इसके बाद पुलिस ने घोसीपुर कट के पास दबिश देकर तीन आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में असलम, अलाउद्दीन, अनस, शक्ति, मुनीर, आरिश, शिवा शर्मा, गुड्डू सैनी, राजन और रजत शर्मा शामिल हैं, जो लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड रहीमुद्दीन अपने अल्लीपुर स्थित मकान के तहखाने में इस अवैध फैक्ट्री को चला रहा था। उसके साथ कई अन्य आरोपी भी सक्रिय रूप से हथियार बनाने और सप्लाई करने में लगे थे। फिलहाल रहीमुद्दीन समेत 10 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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