मरने के बाद कौन चलाएगा आपका Facebook-Instagram-Whatsapp? सरकार ला सकती है नया नियम!

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नई दिल्ली: यदि आपके परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु किसी दुर्घटना में होती है तो उसके फिजिकल एसेट्स जैसे जमीन, पैसे और गहने परिवार के नाम कर दिए जाते हैं लेकिन क्या परिवार वाले उसके डिजिटल एसेट्स भी हासिल कर पाते हैं जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, आईडी या क्रिप्टो एसेट्स? कई मामलों में ऐसा कहा जाता है कि ये डिजिटल एसेट्स प्राइवेसी कानूनों के अंतर्गत आती है। इसके कारण उन्हें परिवार को सौंपना आसान नहीं होता। इसी कारण से परिवार के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसका नाम डिजिटल वसीयत है। इसके तहत डिजिटल एसेट्स भी परिवार के सदस्यों को सौंपे जा सकेगे।

आखिर क्या है डिजिटल वसीयत?

आज का समय पहले जैसा नहीं रहा। पहले लोगों के पास सिर्फ फिजिकल एसेट्स हुआ करते थे लेकिन अब समय बदल गया है। आज की जनरेशन अपने इन्वेस्टमेंट्स से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट्स तक कमाई कर रही है। अब हर डिजिटल एसेट की एक वैल्यू है। इसी वजह से लोग डिजिटल वसीयत की मांग कर रहे हैं ताकि उनके डिजिटल एसेट्स भी सुरक्षित रुप से उनके परिवार तक पहुंच सके। डिजिटल एसेट्स हासिल करने के लिए परिवार वालों को कोर्ट से आदेश लेना पड़ता है। तभी वो लैपटॉप और अकाउंट्स तक पहुंच बना पाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए Ministry Of Electronics And Information Technology इस मुद्दे पर गाइडलाइन्स तैयार कर रही है। इससे यह प्रक्रिया आसान और स्मूथ हो पाए। इन गाइडलाइन्स तैयारी कर रही है। इससे यह प्रक्रिया आसान और स्मूथ हो सके। इन गाइडलाइन्स को डिजिटल वसीयत कहा जा रहा है। इसके जरिए से परिवार वालों को बार-बार कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी किसी प्रिय सदस्य के डिजिटल एसेट्स आसानी से उनके नाम ट्रांसफर हो सकेंगे। यह प्रक्रिया कुछ वैसे ही है जैसे आप अपने गहने, घर पैसे और जमीन की वसीयत अपने परिवार के नाम करते हैं। उसी तरह जब आप अपने डिजिटल अकाउंट्स भी अपने परिवार वालों के नाम कर सकते हैं।

डिजिटल वसीयत क्यों है जरुरी?

डिजिटल वसीयत एक नया और जरुरी कानून बन गया है। अक्सर लोग अपने किसी करीबी को खोने के बाद परेशान हो जाते हैं कि उनके अकाउंट्स, फोटो या इन्वेस्टमेंट्स का क्या होगा। कई बार यह डर भी रहता है। कही उन्होंने कोई बड़ा डिजिटल निवेश तो नहीं किया था। इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। इसी वजह से काफी समस्याएं सामने आती है। इन सभी दिक्कतों को देखते हुए सरकार और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इस पर काम कर रही है ताकि लोगों को अपने परिवार के डिजिटल एसेट्स तक आसानी से पहुंच मिल सके। भविष्य में किसी के साथ अन्याय न हो। इसके अलावा आप अपनी डिजिटल वसीयत खुद भी तैयार कर सकते हैं। आप जरुरी अकाउंट्स के पासवर्ड्स को कहीं सुरक्षित लिखकर किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दे सकते हैं। किसी सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर स्टोर कर सकते हैं।

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