दुकानों पर ऐसे बदले जाते हैं QR Code, लूटी जाती है सबकी कमाई, ऐसे करें बचाव

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नई दिल्ली: आज के समय में डिजिटल पेमेंट हमारी सबसे बड़ी जरुरत बन चुका है। इसके आने के बाद से अब हमें कैश लेकर घूमने की कोई जरुरत नहीं पड़ती है क्योंकि बड़े दुकानदारों से लेकर सब्जी बेचने वाले भी इसका इस्तेमाल करते हैं। हम दुकान पर जाते हैं और QR Code Scan करते हैं। इस पैसे डालते हैं और पेमेंट बड़ी ही आसानी से हो जाता है लेकिन कई बार यही आदम भारी पड़ सकती है क्योंकि हमारी आंखों के सामने ही स्कैम हो रहा होता है और हमें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता है।

QR Code से हो सकता है स्कैम

इस तरह के स्कैम में जालसाज कोई बड़ी हैकिंग नहीं करते हैं। वह बस असली QR कोड के ऊपर अपना नकली QR कोड चिपका देते हैं। यह एक स्टिकर या फिर एक प्रिंटआउट हो सकता है। इसे स्कैमर कुछ ही सैकेंड में चिपका देता है। ऐसा अक्सर तब होता है। जब दुकान पर ज्यादा भीड़ हो या फिर कोई ध्यान न दे रहा है क्योंकि ये देखने में बिल्कुल असली लगता है इसलिए लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं और फिर जब आप QR कोड स्कैन करते हैं तो आपका पैसा दुकानदार के अकाउंट की जगह सीधे जालसाज के अकाउंट में चला जाता है और वो भी बिना किसी अलर्ट या चेतावनी। इसके सबसे बड़ा कारण है कि पेमेंट करते समय कुछ आम लगता है जैसे। QR Code कोड तुरंत स्कैन हो जाता है। पेमेंट स्क्रीन भी सामान्य नजर आती है। ट्रांजैक्शन भी आसानी से हो जाता है। लोगों की सबसे बड़ी गलती होती है कि पेमेंट करते टाइम पैसे पाने वाले का नाम चेक नहीं करते हैं जबकि यही एक तरीका है जिससे यह साफ हो सकता है कि पैसा सही अकाउंट में जा रहा है या फिर नहीं। ग्राहक को लगता है कि उसने पेमेंट कर दी है लेकिन दुकानदार को पैसा नहीं मिलता है क्योंकि पैसा तो किसी और के अकाउंट में चला जाता है। ऐसे मामलों में पैसा वापिस पाना आसान नहीं होता है। इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितनी जल्दी शिकायत की। सबसे पहले पेमेंट करने से पहले रिसीवर का नाम जरुर चेक करें। क्यूआर कोड का ध्यान से देखें। कहीं स्टिकर या फिर कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई है। यदि कुछ भी गड़बड़ लगे तो तुरंत पेमेंट को रोक दें। साथ ही दुकानदारों को भी अपना QR कोड समय-समय पर चेक करना चाहिए।  

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