चंडीगढ़, 1 जून: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) राज्य के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 45 लाख से अधिक लोग इस योजना के तहत पंजीकरण करवा चुके हैं और हजारों परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं।
इसी योजना से लाभान्वित होने वालों में बठिंडा की 37 वर्षीय गुरप्रीत कौर भी शामिल हैं, जिन्हें एक गंभीर हृदय रोग से जूझना पड़ रहा था। समय पर इलाज और मुख्यमंत्री सेहत योजना की मदद से उनका सफल उपचार संभव हो पाया और उन्हें नई जिंदगी मिली।
दिल में छिपी थी गंभीर समस्या
गुरप्रीत कौर सामान्य पारिवारिक जीवन जी रही थीं। परिवार की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्हें यह पता नहीं था कि उनके दिल में जन्मजात समस्या मौजूद है। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनके हृदय के ऊपरी हिस्से की दो धमनियों के बीच लगभग 22 मिलीमीटर का छेद (Atrial Septal Defect-ASD) था।
डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या लंबे समय तक बिना इलाज के रहने पर हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती थी और भविष्य में हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी। बीमारी का पता चलने के बाद परिवार चिंता में आ गया। स्वास्थ्य को लेकर चिंता के साथ-साथ इलाज का खर्च भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
गुरप्रीत कौर ने बताया कि उन्हें सबसे पहले इलाज के खर्च की चिंता सताने लगी थी। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि महंगा इलाज कैसे करवाया जाएगा।
AIIMS बठिंडा में हुआ सफल इलाज
विशेषज्ञों की सलाह पर गुरप्रीत कौर का उपचार AIIMS बठिंडा में किया गया। 5 मई 2026 को कार्डियक कैथ लैब में एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से उनके दिल के छेद को बंद किया गया। डॉक्टरों ने 24 मिलीमीटर के विशेष उपकरण की मदद से हृदय में मौजूद छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया।
इलाज के दौरान संभावित जोखिम भी थे, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया सफल रही और किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई। ऑपरेशन के बाद गुरप्रीत कौर की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और अब वह स्वस्थ जीवन की ओर लौट रही हैं।
परिवार ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सभी लोग काफी चिंतित थे और लगातार प्रार्थना कर रहे थे। जब डॉक्टरों ने सफल उपचार की जानकारी दी तो पूरे परिवार ने राहत की सांस ली।
योजना ने कम किया आर्थिक बोझ
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गुरप्रीत कौर के उपचार का लगभग एक लाख रुपये का खर्च कवर किया गया। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिली और बिना किसी वित्तीय दबाव के समय पर इलाज संभव हो सका।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत कौर का मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा किसी व्यक्ति की जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 1,75,210 मरीजों को लाभ मिल चुका है। इन लाभार्थियों को कुल 3,43,370 उपचार उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के तहत अब तक ₹581.90 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जो राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है और राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच को आसान बना रही है।
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