चंडीगढ़, 1 जून: पंजाब सरकार ने 2025-26 पेराई सीजन के दौरान गन्ना किसानों के सभी बकाया भुगतान जारी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरकार के अनुसार राज्य की चीनी मिलों ने इस सीजन में रिकॉर्ड 167.20 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की और किसानों को कुल ₹695.36 करोड़ का भुगतान किया गया।
सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान फसल चक्र से बाहर निकलकर अन्य फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल
सरकारी जानकारी के अनुसार गन्ना खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे बढ़ावा देने के लिए सहकारी चीनी मिलों द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, सब्सिडी वाली कृषि मशीनरी, उर्वरक, खरपतवारनाशक और कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा मिट्टी परीक्षण सुविधाएं, जागरूकता शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से गन्ने की उत्पादकता बढ़ी है और किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है।
किसानों ने जताई संतुष्टि
गांव हुठियां के सरपंच और बटाला शुगर मिल से जुड़े किसान पाल सिंह ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से गन्ने की खेती कर रहे हैं और वर्तमान में लगभग 20 एकड़ भूमि पर गन्ना उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों के खातों में सीधे भुगतान पहुंचा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
पाल सिंह के अनुसार कई किसानों को ₹10 लाख से लेकर ₹20 लाख तक की राशि सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ा है और अब अधिक किसान गन्ने की खेती की ओर रुख कर रहे हैं।
गांव अलोवाल के किसान लखबीर सिंह ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिली है और चीनी मिलों के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ है।
लखबीर सिंह ने कहा कि यदि भविष्य में भी इसी तरह समय पर भुगतान जारी रहता है तो अधिक किसान गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बटाला चीनी मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि उनकी मेहनत के कारण मिल बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान से खेती की अगली तैयारियों में मदद मिलती है और आर्थिक दबाव कम होता है। राज्य सरकार का दावा है कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
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