मकान किराये पर लेने के नाम पर लाखों की ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

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पंचकूलाः साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के निर्देश पर लंबित साइबर अपराध मामलों के निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पंचकूला की टीम ने 3 साल पुराने केस में 14.13 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में राजस्थान से 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम सिंह भंडारी निवासी जिला भरतपुर, राजस्थान तथा दिलखुश मीणा निवासी जिला दौसा, राजस्थान के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इस मामले में इससे पहले आयुष कुमार मिश्रा निवासी जिला रीवा (मध्य प्रदेश) तथा पियूष कुमार त्रिपाठी निवासी जिला रीवा, मध्य प्रदेश को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों आरोपियों से धोखाधड़ी की रकम का हिस्सा तथा वारदात में प्रयुक्त कई एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए थे। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार पंचकूला में रह रहे शिकायतकर्ता ने दिल्ली स्थित अपने मकान को किराये पर देने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था। इसी दौरान आरोपियों ने स्वयं को सीआईएसएफ का अधिकारी बताकर विश्वास में लिया और किराया व सिक्योरिटी राशि भेजने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14,13,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के आधार पर वर्ष 2023 के मई माह में यह मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर जगमीत सिंह द्वारा की जा रही है।

इस दौरान सामने आया कि आरोपी विक्रम सिंह भंडारी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराया था, जिसमें शिकायतकर्ता से 8.40 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए थे। पुलिस ने आरोपी को 24 जून को राजस्थान से काबू किया।पूछताछ में आरोपी ने खाता बेचने की बात स्वीकार की तथा उसकी निशानदेही पर सहआरोपी दिलखुश मीणा की भूमिका सामने आई, जिसे बाद में 28 जून को उसे भी गिरफ्तार किया गया। मामले में अन्य सहआरोपियों की गिरफ्तारी तथा आगे की जांच अभी जारी है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ पंचकूला पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो, प्रत्येक आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मकान किराये पर देने, ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने, बैंकिंग प्रक्रिया या किसी भी डिजिटल लेन-देन के दौरान अंजान व्यक्ति के कहने पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें, न ही किसी संदिग्ध कॉल, लिंक या क्यूआर कोड पर भरोसा करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ित की राशि बचाई जा सके।

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