पंजाबः पराली जलाने के मामलों के कारण रैड कैटेगरी में आया राज्य का AQI

जालंधर का 157 AQI पहुंचा

चंडीगढ़ः पंजाब में पराली जलाने के माले थमने की बजाए दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। पंजाब के खेतों में पराली जलाने का आंकड़ा 21480 पर जा पहुंचा है। पराली से उठे धुएं के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पराली जलाने के मामले में पंजाब के कई हिस्सों की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बहुत ही बुरे हालत में पहुंच गई है। हवा की गुणवत्ता ‘रैड कैटेगरी’ श्रेणी में दर्ज की गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार पंजाब के लुधियाना में एक्यूआई 252 दर्ज किया गया। इसके अलावा अमृतसर – 182, बठिंडा – 202, पटियाला – 170, जालंधर – 157 और खन्ना – 179, मंडी गोबिंदगढ़ – 120 एक्यूआई दर्ज किया गया हैं। चंडीगढ़ का एक्यूआई 207 दर्ज किया गया है। राज्य में हालात यह पैदा हो गए हैं कि लोगों का दम घुटना शुरू हो गया है।

आसमान में पराली से उठे धुएं के कारण एक मोटी प्रदूषण की परत बन गई है। राज्य के प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा खेतों में आग पर नजर रखने के लिए लगाए गए रिमोट सेंसिंग सिस्टम पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार पिछली रात सबसे ज्यादा खेतों में पराली जलाने के मामले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिला संगरूर में सामने आए हैं। संगरूर में 677 खेतों में पराली को आग लगाने के मामले रिमोट सेंसिंग सिस्टम पर रिपोर्ट हुए हैं।

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