जालंधरः AGI फ्लैट में कब्जा करने के मामले में अरविंद मिश्रा का साथी बावा गिरफ्तार

जालंधर, अनिल वर्मा,वरुण अग्रवालः पुलिस बीते दिन अरविंद नारायण मिश्रा उर्फ अरविंद मिश्रा उर्फ अरविंद शर्मा के साथ हरमीत बावा के खिलाफ एजीआई फ्लैट पूर्व सैनिक का फ्लैट कब्जाने के मामले में मामला दर्ज किया था। जिसके बाद आज पुलिस ने फर्जी नेता के अपराध में उसका साथ देने वाले हरमीत सिंह बावा को गिरफ्तार कर लिया है। जहां पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन का रिमांड हासिल किया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस अरविंद मिश्रा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर भी पूछताछ करेगी ताकि पता चल सके कि इनके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल है और ताकि उन तक भी पहुंचा जा सके।

दरअसल, पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल के आदेश पर थाना सदर में बीती रात नेता अरविंद और उसके साथी हरमीत बावा निवासी 230, मोहल्ला चाय आम, बस्ती शेख़ जालंधर के ख़िलाफ़ IPC की धारा 385, 417, 420, 447,448, 506 और 120B के तहत मामला दर्ज किया था। जिसके बाद हरमीत बावा को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। आज पुलिस ने हरमीत बावा को गिरफ्तार कर लिया है। 

ये है मामला

दरअसल, दोनों नामजद आरोपियों के ख़िलाफ़ एजीआई फ्लैट नंबर 701, जे ब्लॉक 66 फीट रोड जालंधर हाईटस निवासी 71 साल की वृद्ध मालकिन कविता घई ने राज्य के सीएम मान के समक्ष शिकायत देकर कार्रवाई और इंसाफ की गुहार लगाई थी और उसकी कॉपी पुलिस कमिश्नर समेत भाजपा पंजाब के जनरल सेक्रेटरी को भी भेजी थी। आरोप लगाया था कि 803 ब्लॉक-एफ फ्लैट किराये पर लेने के लिए हरमीत सिंह बावा ने एग्रीमेंट किया और 22 हज़ार प्रति माह किराए पर फ्लैट ले लिया। मगर वो खुद फ्लैट में परिवार समेत नहीं आया ब्लकि उसने फ्लैट में अरविंद नारायण मिश्रा उर्फ अरविंद मिश्रा उर्फ अरविंद शर्मा को सबलेट कर दिया।

शिकायत के मुताबिक विरोध करने पर वह धमकाने पर आ गया और फ्लैट खाली करने की बजाय कोर्ट चला गया। जिसके बाद फ्लैट कब्जा लिया और उसका रेंट नहीं दिया। अपने दस्तावेज उस पते पर बना लिए और एआईजी कंपनी के साथ भी विवाद छेड़ लिए। पुलिस के पास मामला गया तो एसीपी ने कोर्ट केस का हवाला देकर कोई एक्शन नहीं लिया लेकिन डीसीपी वस्तल गुप्ता ने उस रिपोर्ट से खुद को असहमत बताते हुए अब एक्शन की सिफारिश की है। वहीं साथी हरमीत बावा की तलाश में रेड हुई बताई जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी नेता के गिरोह में और कितने लोग शामिल है। फ़रार बावा काबू हुआ या नही इसका पता आज चल सकता है। कुल मिलाकर यह कहा जाए कि फर्जी नेता गिरोह की इस व्यक्त पूरी शामत आयी हुई है तो गलत न होगा।

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