Punjab News: केंद्र के साथ आज किसानों की अहम बैठक, एंबुलेंस में रवाना हुए जगजीत डल्लेवाल, देखें वीडियो

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संगरूरः एमएसपी की कानूनी गारंटी व अन्य मांगों को लेकर केंद्र सरकार के साथ संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) से जुड़े किसान नेताओं की बैठक आज सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में होगी। किसानों के साथ 7वें दौर की यह बैठक सेक्टर-26 के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में होगी। वहीं इस मीटिंग के लिए किसान नेता जगजीत डल्लेवाल एबुलेंस की जरिए चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए है। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 200 किसानों के काफले के साथ जगजीत सिंह डल्लेवाला खनौरी से रवाना हुए है।

उनके साथ पुलिस प्रशासन और डॉक्टरों की टीम का भी प्रबंध किया गया है। दरअसल, दाता सिंह वाला-खनौरी किसान मोर्चा पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला का अनशन 114वें दिन भी जारी रहा। हालांकि इस बैठक को लेकर पहले 19 मार्च को शाम 5 बजे होने का समय निर्धारित था। लेकिन अचानक सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया। इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा और किसानों का पक्ष पूरी मजबूती से रखेगा।

बता दें कि एसकेएम (गैर-राजनीतिक) से जुड़े किसान पिछले एक वर्ष से खनौरी व शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडे ने बताया कि बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की तरफ से 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेकर किसानों का पक्ष पूरी मजबूती से रखेगा। ज्ञात हो कि किसानों ने 5 मार्च को राजधानी चंडीगढ़ में धरना दिया था। अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्य रूप से पंजाब के किसान संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले चंडीगढ़ की ओर बढ़े। इस बीच किसानों के आंदोलन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने भारी सुरक्षा तैनात करके शहर के सभी प्रवेश बिंदुओं को सील कर दिया था और यात्रियों को इन मार्गों से बचने की सलाह जारी की थी।

ज्ञात हो कि 26 नवंबर, 2024 को पंजाब पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल को डिटेन किया था। उन्हें साढ़े तीन बजे खनोरी बॉर्डर से ले जाया गया। जिसके बाद उन्होंने किसानों की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया। न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कई अन्य मांगों को लेकर फरवरी, 2024 से किसान धरने पर बैठे हैं। वहीं, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले चार महीने से आमरण अनशन पर हैं। किसानों और केंद्र के बीच छह बार बातचीत हुई है। लेकिन इस वार्ता का कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।

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