Punjab News: आज किसानों के साथ सरकार करेंगी अहम मीटिंग

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चंडीगढ़ः पंजाब पुलिस द्वारा शंभू और खनौरी बॉर्डर को खाली करवा दिया गया। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर किसानों में भारी रोष पाया जा रहा है। वहीं अब सरकार एक बार फिर से किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार हो गई है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डिया के साथ आज शाम 4:00 बजे पंजाब भवन, चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन उगराहां केके नेताओं से मीटिंग होगी। बीते दिन इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया था। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण क्योंकि हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के शंभू और खनौरी में पिछले एक साल से लगे मोर्चों को राज्य सरकार ने एक बड़ा ऑपरेशन करते हुए हटा दिया, जिसकी प्रदेशभर में विपक्ष की ओर से आलोचना हो रही है और किसानों के साथ इसे धोखा बताया जा रहा है।

दूसरी ओर राज्य सरकार के मंत्री दावा कर रहे हैं कि इन धरनों से राज्य का काफी नुकसान हो रहा था, इसलिए इन्हें हटाया गया है। अब ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा राजनीतिक के विरोधी गुट को जिसे पंद्रह दिन पहले ही चंडीगढ़ कूच नहीं करने दिया गया था, के साथ एक बार फिर से बातचीत शुरू करके किसानों के गुस्से को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है। कृषि विभाग के निदेशक जसवंत सिंह की ओर से जारी किए गए नोटिस में संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब चैप्टर और भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेताओं को बुलाया गया है। तीन मार्च को किसानों की 18 मांगों में से आठ पर ही चर्चा हुई थी कि मुख्यमंत्री बैठक को बीच में छोड़कर चले गए थे।

हालांकि, बाद में किसान नेताओं ने आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के उस दावे को गलत बताया कि उनकी मांगें केंद्र सरकार से संबंधित थीं, पंजाब सरकार के साथ संबंधित नहीं थीं। इन मांगों को लेकर दोनों किसान संगठनों का पांच मार्च का चंडीगढ़ कूच राज्य सरकार ने जबरन दबा दिया था। किसान संगठनों ने कुछ दिनों बाद चंडीगढ़ में ही एक कॉन्फ्रेंस करके मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वह हमारी मीटिंग में आकर साबित करें कि उनकी मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं , राज्य से नहीं। लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान इस बैठक में नहीं आए। कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि वह अपने सारे पद छोड़कर किसानों के साथ धरना देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मेरी पंजाब के किसानों को हाथ जोड़कर निवेदन है कि जो भी उनकी मांगें हैं, वे केंद्र से संबंधित हैं।

राज्य के किसान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करें। अगर किसानों की मांगें पंजाब के साथ संबंधित होतीं तो वह किसानों के साथ खड़े होते। भुल्लर ने कहा कि मैं भी किसान परिवार से हूं इसलिए किसानों के साथ खड़ा हूं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए पंजाब में मजबूत औद्योगिक विकास की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण शंभू और खनौरी जैसी प्रमुख सीमाओं पर लंबे समय तक सड़क बंद रहने के प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। ये राजमार्ग एक साल से अधिक समय तक बंद रहने से पंजाब की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है और औद्योगिक विकास बाधित हुआ है। किसानों से अपील की कि वे पंजाब के बुनियादी ढांचे को बाधित न करें।

 

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