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  • आयकर विभाग 22 जुलाई को शिमला में करदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा

    आयकर विभाग 22 जुलाई को शिमला में करदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा

    शिमला: आयकर विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि विभाग द्वारा 22 जुलाई, 2026 को दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक रेलवे बोर्ड भवन, शिमला के सम्मेलन कक्ष में करदाता जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य करदाताओं को निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) समय पर एवं सही तरीके से दाखिल करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना है।

    उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना है। इस दौरान सही आईटीआर फॉर्म के चयन, उपयुक्त कर व्यवस्था (टैक्स रिजीम) के चुनाव, रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियों, विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आय की सही जानकारी, ई-फाइलिंग एवं ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया, आयकर कानूनों में हाल के संशोधनों तथा विलंब से अथवा गलत रिटर्न दाखिल करने के परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया जाएगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त आयकर आयुक्त, शिमला रेंज केशव किशोर आनंद कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप आयकर आयुक्त, शिमला सर्किल, डॉ. शिखा शर्मा संसाधन अधिकारी के रूप में तकनीकी सत्र का संचालन करेंगी।

    उन्होंने बताया कि वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, व्यवसायियों, एमएसएमई, पेशेवरों, स्टार्ट-अप उद्यमियों, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों, शैक्षणिक संस्थानों, धर्मार्थ संगठनों, महिला उद्यमियों तथा पहली बार आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं सहित सभी करदाताओं को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में भागीदारी पूर्णतः निःशुल्क होगी।

     

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 100% डिजिटलीकरण करने वाली चुनाव टीमों का बढ़ाया हौसला

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 100% डिजिटलीकरण करने वाली चुनाव टीमों का बढ़ाया हौसला

    चंडीगढ़: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) 2026 के चल रहे घर-घर गणना चरण के दौरान निर्धारित समय से पहले गणना फॉर्मों की 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए दिड़बा (ज़िला संगरूर) और निहाल सिंह वाला (ज़िला मोगा) विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव अमले को बधाई दी।

    ज़िला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओज़, एईआरओज और बीएलओज़ के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए मित्रा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि उनकी लगन और मिशन मोड में उनकी कार्य कुशलता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी ज़िले निर्धारित समय के भीतर डिजिटलीकरण का कार्य पूरा कर लेंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पंजाब के उन मतदाताओं से भी अपील की, जिन्होंने अभी तक अपने गणना फॉर्म अपने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओज़) को जमा नहीं करवाए हैं, कि वे शीघ्र से शीघ्र ये फॉर्म जमा करवाएं ताकि मसौदा मतदाता सूचियों में उनका नाम शामिल किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।

     

  • नगर निगम बद्दी के नए आयुक्त विवेक चंदेल ने संभाला कार्यभार

    नगर निगम बद्दी के नए आयुक्त विवेक चंदेल ने संभाला कार्यभार

    बद्दी, सचिन बैंसल: नगर निगम बद्दी के नवनियुक्त आयुक्त विवेक चंदेल ने सोमवार को कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि शहर की सफाई, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का अध्ययन कर प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

     उन्होंने कहा कि नगर निगम के लंबित विकास कार्यों की समीक्षा कर उन्हें गति दी जाएगी। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा लोगों के सहयोग से विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब दौरे के दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचे

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब दौरे के दौरान दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचे

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को अपने पंजाब दौरे के दौरान जालंधर के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान पहुंचकर संस्थान के संस्थापक एवं प्रमुख दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में भाग लेते हुए देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि संत-महापुरुष समाज को सत्य, सेवा, आध्यात्मिकता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं तथा उनके विचार समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आध्यात्मिक जागरूकता, मानव सेवा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं से भी भेंट की।

     

  • GSSS ओयल में जिला पुलिस ऊना का नशा विरोधी अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई ‘एंटी चिट्टा’ शपथ

    GSSS ओयल में जिला पुलिस ऊना का नशा विरोधी अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई ‘एंटी चिट्टा’ शपथ

    ऊना,सुशील पंडित:  जिला पुलिस ऊना ने “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) ओयल में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (LR) सुरेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य उपस्थित लोगों को चिट्टा (हेरोइन) सहित विभिन्न मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

     उन्होंने विद्यार्थियों को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मादक पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों, नशे के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्प्रभावों तथा इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

    कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों को “एंटी चिट्टा शपथ” दिलाकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प कराया गया।

    जिला पुलिस ऊना ने बताया कि “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत भविष्य में भी जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखकर एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

     

  • नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए – राजेश नागर

    नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए – राजेश नागर

    बैठक में रखे कुल 13 परिवादों में से मंत्री ने किया 11 का मौके पर ही समाधान

    चण्डीगढ़: हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति भिवानी की आयोजित मासिक बैठक में 13 परिवादों की सुनवाई की, जिनमें 11 परिवादों का मौके पर ही समाधान किया। नागर ने भिवानी में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुंढाल खुर्द निवासी ऋषिकेश के डाकघर से आरडी खाते से जुड़े एक मामले में घोर लापरवाही बरते जाने पर सख्त कार्रवाई जाने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की जांच पुलिस आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने के निर्देश दिए। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने नागरिकों को निर्बाध रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल और निर्बाध रूप से बिजली मिलनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति आने वाले फाल्ट को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए और पेयजल की लीकेज को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने स्थानीय फैंसी चौक निवासी धर्म सिंह के परिवाद की सुनवाई में मामले की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामलों में तीन अगस्त को मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी। ग्वार फैक्ट्री के पास सेवा नगर निवासी महाबीर के मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने पुलिस की सहायता से पाइप लाइन डालकर पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में नागर ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को ग्रीन बेल्ट की खाली जगह पर पार्क विकसित करने और इससे पहले नगर परिषद को यहां दो दिन के अंदर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एक अन्य मामले में गंदे पानी की समस्या की सुनवाई करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को आगामी दस दिन में समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वार्ड वाइज सर्वे कर पानी की लीकेज लाईनों की पहचान की जाए। उन्होंने शहर में नालों की सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किए जाने के मामलों की एडीसी द्वारा जांच किए जाने के निर्देश दिए। नूनसर जोहड़ भिवानी निवासी पदमावती के परिवाद की सुनवाई पर मंत्री ने मामले में गैर सरकारी दो सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच कर रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए।
  • प्रशासनिक कार्य प्रणाली होगी बेहतर

    प्रशासनिक कार्य प्रणाली होगी बेहतर

    हरियाणा सरकार ने अधिकारियों को भेजी बैठकों के संचालन संबंधी मार्गदर्शिका

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को सुदृढ़ करने तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा तैयार प्रभावी बैठकों के संचालन संबंधी मार्गदर्शिका (गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स) राज्य के सभी आईएएस अधिकारियों को प्रेषित की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय से प्राप्त मार्गदर्शिका सभी आईएएस अधिकारियों को भेजते हुए इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन के उस पत्र का उल्लेख किया गया है, जो उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजा है। अपने पत्र में कैबिनेट सचिव ने कहा है कि हालांकि सिविल सर्वेंट प्रायः बड़े नीतिगत विषयों पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन दैनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली में छोटे-छोटे सुधार भी सुशासन और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक अधिकारी ऐसे व्यावहारिक मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस करते हैं, जो नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं होता, जबकि बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मार्गदर्शिका में उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों के कार्य समय का बड़ा हिस्सा नियमित बैठकों में व्यतीत होता है, लेकिन अनेक बैठकों की शुरुआत समय पर नहीं होती, उनके उद्देश्य स्पष्ट नहीं होते, अनावश्यक प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाता है तथा कई बार बैठकें बिना किसी ठोस निर्णय अथवा अनुवर्ती कार्रवाई के समाप्त हो जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह मार्गदर्शिका तैयार की गई है ताकि बैठकें सुव्यवस्थित, समयबद्ध, सहभागितापूर्ण तथा परिणामोन्मुखी बन सकें। मार्गदर्शिका में अधिकारियों को सलाह दी गई है कि बैठक आयोजित करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि क्या वास्तव में बैठक आवश्यक है अथवा ई-मेल, टेलीफोन अथवा लिखित संवाद के माध्यम से भी उद्देश्य हासिल किया जा सकता है। यदि बैठक आवश्यक हो तो उसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए, एजेंडा एवं संबंधित पृष्ठभूमि सामग्री समय से पहले साझा की जाए, केवल आवश्यक प्रतिभागियों को आमंत्रित किया जाए तथा एजेंडा बिंदुओं को तार्किक क्रम में रखा जाए, ताकि चर्चा अधिक प्रभावी हो सके। मार्गदर्शिका में यह भी सुझाव दिया गया है कि सभी बैठकें निर्धारित समय पर प्रारंभ एवं समाप्त हों, खुली चर्चा को प्रोत्साहित किया जाए, दो-तरफा संवाद सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने का अवसर मिले। बैठक संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संचालक (फैसिलिटेटर), कार्यवृत्त लेखक (मिनट-टेकर) तथा समय-प्रबंधक (टाइमकीपर) जैसी जिम्मेदारियां निर्धारित करने की भी अनुशंसा की गई है। हाइब्रिड बैठकों में वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया है। जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मार्गदर्शिका में सुझाव दिया गया है कि बैठकों का कार्यवृत्त (मिनट्स ऑफ मीटिंग्स) यथासंभव दो से तीन दिनों के भीतर जारी किया जाए, जिसमें प्रत्येक निर्णय, संबंधित उत्तरदायी अधिकारी तथा कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से अंकित हो। इसके अतिरिक्त बैठक सूचना, कार्यवृत्त, चयन समिति की कार्यवाही, वित्त समिति की बैठक तथा हितधारकों के साथ परामर्श संबंधी बैठकों के लिए मानक प्रारूप भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि सरकारी अभिलेखों में एकरूपता एवं व्यावसायिकता सुनिश्चित की जा सके। कैबिनेट सचिव ने सभी मुख्य सचिवों से इस मार्गदर्शिका को अपने-अपने राज्यों के अधिकारियों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। साथ ही राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों से भी कहा गया है कि वे युवा राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन व्यवहारगत एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल करें।
  • हरियाणा में आयुष परियोजनाओं के लिए तय हुई समय सीमा

    हरियाणा में आयुष परियोजनाओं के लिए तय हुई समय सीमा

    हिसार का आयुष अस्पताल 15 अगस्त तक और नूंह का यूनानी अस्पताल मार्च 2027 तक होगा शुरू

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी प्रमुख आयुष परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा तय कर दी है। इसके तहत मय्यड़ (हिसार) स्थित राजकीय आयुष अस्पताल का उद्घाटन 15 अगस्त, 2026 तक तथा अकेहड़ा (नूंह) स्थित राजकीय यूनानी महाविद्यालय एवं अस्पताल को मार्च, 2027 तक संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये निर्णय स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए। उन्होंने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं तथा अस्पतालों को बिना किसी देरी के संचालित किया जाए। बैठक में आयुष विभाग की सभी प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि भवन निर्माण, चिकित्सा उपकरणों की खरीद तथा मानव संसाधन की नियुक्ति की प्रक्रिया समानांतर रूप से पूरी की जाए, ताकि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने में किसी प्रकार की देरी न हो। मय्यड़ (हिसार) स्थित राजकीय आयुष अस्पताल के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि यहां ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इस पर डॉ. मिश्रा ने अग्नि सुरक्षा प्रणाली तथा अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं का कार्य शीघ्र पूरा करने, अतिरिक्त मानव संसाधन की तैनाती सुनिश्चित करने और आईपीडी सेवाएं जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि प्रस्तावित उद्घाटन से पहले यह संस्थान पूर्ण रूप से आयुष अस्पताल के रूप में कार्य करने लगे। अकेहड़ा (नूंह) स्थित राजकीय यूनानी महाविद्यालय एवं अस्पताल, जो मेवात क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दृष्टि से राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है, को मार्च, 2027 तक संचालन के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया भी पूरी की जाए तथा स्टाफ भर्ती की स्वीकृति समय रहते प्राप्त की जाए, ताकि अस्पताल शुरू होते ही मरीजों को सेवाएं मिल सकें। बैठक में चांदपुरा (अंबाला) स्थित राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी संशोधनों के बाद संशोधित संरचनात्मक डिजाइन तैयार हो चुके हैं। 31 जुलाई तक नए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे तथा 31 अगस्त तक कार्यादेश जारी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। इसके अलावा, पट्टीकरा (नारनौल) स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल में प्रस्तावित आयुष वेलनेस सेंटर के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। लोक निर्माण विभाग को 15 अगस्त तक सभी टेंडर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने तथा लंबित संरचनात्मक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुष विभाग राज्यभर के उद्योगों के लिए एक परामर्श भी जारी करेगा, जिसमें कर्मचारियों के कार्यस्थल पर ‘योग ब्रेक’ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक के अंत में डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आयुष संस्थानों की स्थापना तथा सस्ती एवं सुलभ पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
  • आपदा की सूचना अब होगी और आसान, ‘आपदा रक्षक’ ऐप का करें उपयोग

    आपदा की सूचना अब होगी और आसान, ‘आपदा रक्षक’ ऐप का करें उपयोग

    ऊना,सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं और उनकी तीव्रता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, त्वरित और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सक्रिय रूप से उपयोग करने का आग्रह किया गया है।

    ज़िला आपदा प्रबंधन एवं प्राधिकरण के सीईओ एवं अतिरिक्त उपायुक्त( एडीसी) ऊना इशांत जसवाल ने जानकारी दी कि इस मोबाइल ऐप के माध्यम से नागरिक किसी भी प्रमुख आपदा से संबंधित घटना की जानकारी सिटीजन लॉगिन सुविधा के जरिए सीधे राज्य आपदा प्रबंधन प्रणाली तक पहुँचा सकेंगे। इससे आपदा की स्थिति में समय पर सूचना उपलब्ध होगी, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी, जन-धन की हानि को कम करने में सहायता मिलेगी तथा प्रदेश की आपदा से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।

    जसवाल ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी विभागों से अपने अधीन कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनके परिवारों, सहकर्मियों और आम नागरिकों को भी इस ऐप से जोड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आपदा संबंधी घटनाओं की रिपोर्टिंग इसी मोबाइल एप्लीकेशन के सिटीजन रिपोर्टिंग   फीचर के माध्यम से करने पर विशेष बल दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि आपदा रक्षक मोबाइल ऐप वेब पोर्टल https://hpsdma.hp.gov.in/AppLogin.aspx पर उपलब्ध है, जबकि शीघ्र ही इसे गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, ऐप के संचालन एवं उपयोग को सरल बनाने के लिए विस्तृत यूज़र मैनुअल भी उपलब्ध कराया गया है।

    एडीसी ने बताया कि आने वाले समय में इस ऐप में टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल सहित अन्य आपदा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इन सेवाओं से पर्यटकों, नागरिकों, सरकारी एजेंसियों और आपदा राहत दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा आपदा पूर्व तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी। उन्होंने कहा कि आपदा रक्षक मोबाइल ऐप से संबंधित किसी भी तकनीकी सहायता अथवा जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी डॉ. रोहित चौहान, एचपीएसडीएमए, शिमला से 94184-82869 पर संपर्क किया जा सकता है।

     

  • हरियाणा में दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को मिलेगी गति- पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा

    हरियाणा में दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को मिलेगी गति- पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा

    चंडीगढ़: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखकर निरंतर काम कर रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और पशुधन की नस्ल सुधार के काम को तेज गति देना है, ताकि पशुपालक अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादन करके अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकें। हरियाणा सिविल सचिवालय में आज पशुपालन एवं डेयरी विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह बात कही। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे। बैठक में पशुधन के आनुवंशिक सुधार के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए, उच्च क्वालिटी के फ्रोजन सीमन के सुरक्षित भंडारण हेतु तरल नाइट्रोजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अगले 2 वर्ष के लिए दर अनुबंध को मंजूरी दी गई है।

    बोवाइन फ्रोजन सीमन का संरक्षण होगा सुनिश्चित

    पशुपालन मंत्री ने बताया कि बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन, भंडारण और सुरक्षित परिवहन के लिए तरल नाइट्रोजन की नियमित और बिना किसी बाधा के उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा इस दर अनुबंध की व्यवस्था को लागू किया गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तरल नाइट्रोजन की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सीमन उत्पादन और उसके संरक्षण का कार्य बिना किसी व्यवधान के लगातार संचालित हो सकेगा। यह अनुबंध विभिन्न सीमन उत्पादन केन्द्रों तथा उनसे संबंधित इकाइयों की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह प्रभावी रहेगा।

    कृत्रिम गर्भाधान को मिलेगी रफ्तार, पशुपालकों को होगा सीधा लाभ

    मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बोवाइन फ्रोजन सीमन के उत्पादन को निरंतर बनाए रखना और पशुधन प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाना है। तरल नाइट्रोजन की निर्बाध उपलब्धता से राज्य में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को होगा, क्योंकि उन्हें बेहतर आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुधन प्राप्त होंगे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को एक मुनाफे का व्यवसाय बनाने और इसे बढ़ावा देने के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर राज्य के लाखों पशुपालक आत्मनिर्भर और समृद्ध हो रहे हैं। इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।