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  • Punjab News: लुटेरों में खत्म हुआ पुलिस का डर, दिन दहाड़े महिला की बालियां छीनकर हुए फरार, देखें वीडियो

    Punjab News: लुटेरों में खत्म हुआ पुलिस का डर, दिन दहाड़े महिला की बालियां छीनकर हुए फरार, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में लुटेरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उनके मन से पुलिस का डर और खौफ लगभग खत्म हो गया है। ताजा मामला सीमावर्ती कस्बे अजनाला से सामने आया है, जहां दिनदहाड़े दो नकाबपोश मोटरसाइकिल सवार लुटेरों ने एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाते हुए उसके कान से सोने की बाली झपट ली। इस दौरान बाली खींचने के कारण महिला का कान बुरी तरह घायल हो गया। जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला अपने पोते को स्कूल से लेकर घर वापस आ रही थी। इसी दौरान रास्ते में दो नकाबपोश युवकों ने मोटरसाइकिल पर आकर झपट्टा मारकर महिला पर हमला कर दिया। आरोपी महिला के कान से सोने की बाली छीनकर मौके से फरार हो गए।

    इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित महिला पल्लवी ने बताया कि वह अपने पोते को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी, तभी अचानक मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उस पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाती, तब तक आरोपी उसके कान से सोने की बाली छीनकर फरार हो चुके थे। बाली खींचने के कारण उसके कान पर गंभीर चोट लगी है। वहीं हरबंस सिंह और हेमा रानी लूट की घटना से प्रभावित परिवार से संबंधित हैं।

    उन्होंने बताया कि अजनाला इलाके में झपट्टा मारने और लूटपाट की वारदातों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की, ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही अजनाला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी हरिंदरजीत सिंह ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि इस वारदात के संबंध में किसी के पास कोई जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

  • पुलिस ने जंतर-मंतर को पूरी तरह से करवाया खाली, जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, जानें क्या बातें हुईं

    पुलिस ने जंतर-मंतर को पूरी तरह से करवाया खाली, जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, जानें क्या बातें हुईं

    नई दिल्ली: देशभर में नीट पेपर लीक होने के मामले को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद काकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा अपने समर्थकों के साथ लगातार कई दिनों से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपिके ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। आज संसद चलो अभियान को लेकर जंतर-मंतर से लेकर संसद तक जोरदार हंगामा हुआ। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों व पुलिस के साथ जमकर झड़प हुई। इसमें कई लोग घायल भी हुए। उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिये पुलिस ने आंसू गैस के खोले भी छोड़े हैं। इस दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने जंतर मंतर को खाली करा दिया है। धरना स्थल पर लगे टेेंट को भी उखाड़ दिया। जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल भी मिला और उनके सामने अपनी मांगें रखी हैं। इन मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है।  गृह मंत्री अमित शाह व धर्मेंद्र प्रधान के बीच हुई बैठक वहीं इससे पहले संसद मार्च के दौरान सौरव दास ने एक्स पर लिखा कि अभिजीत दीपक को पुलिस ने उठा लिया है, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने खुद साफ किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सीजेपी के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक हुई है, जबकि CJP ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च निकाला।   जेपी नड्डा ने एक्स पर शेयर की जानकारी सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा कि आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।
  • Punjab News: फार्मेसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल को लेकर IG का खुलासा, 4 अन्य आरोपियों की हुई पहचान

    Punjab News: फार्मेसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल को लेकर IG का खुलासा, 4 अन्य आरोपियों की हुई पहचान

    फरीदकोटः बाबा फरीद विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल करवाने के मामले में पुलिस ने 4 और आरोपियों की पहचान की है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है। फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले का पर्दाफाश फरीदकोट रेंज पुलिस, फिरोजपुर रेंज पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस इकाई ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान किया था। शुरुआती कार्रवाई में सात संचालकों और 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद छह साजिशकर्ताओं और 20 अभ्यर्थियों की संलिप्तता सामने आने पर कुल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से 22 आरोपियों को फरीदकोट पुलिस ने और 4 आरोपियों को फिरोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    सभी के खिलाफ साइबर अपराध थाना फरीदकोट, फिरोजपुर कैंट थाना और कुलगढ़ी थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है, ताकि उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान 4 अन्य आरोपियों की भी पहचान हुई है। इनमें एक आरोपी हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है, जबकि तीन अन्य पंजाब के विभिन्न जिलों से हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद एक अभ्यर्थी ने विशेष पेन की मदद से प्रश्नपत्र को स्कैन किया। इसके बाद प्रश्नपत्र हरियाणा भेजा गया, जहां से उसे राजस्थान में बैठे पेपर हल करने वाले व्यक्ति तक पहुंचाया गया।

    वहां से हल किया गया प्रश्नपत्र फरीदकोट में कथित मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह के पास पहुंचा, जिसने अपने घर में अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाया हुआ था। यहीं से ब्लूटुथ उपकरणों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों में मौजूद अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जा रहे थे। नीलांबरी जगदले ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के किसी अधिकारी की संलिप्तता भी अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं और जांच को नई दिशा मिल सकती है।

    इस बीच बाबा फरीद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने भी स्पष्ट किया कि अब तक की पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने परीक्षा शुरू होने के बाद तकनीकी उपकरणों की मदद से नकल करने का प्रयास किया था। विश्वविद्यालय ने 454 से अधिक फार्मेसी अधिकारी पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें 6,474 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। रजिस्ट्रार ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। सरकार से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी के परिणाम होंगे अच्छे, नशे से पीड़ित मरीजों को होगा फायदा: Dr Balbir Singh

    मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी के परिणाम होंगे अच्छे, नशे से पीड़ित मरीजों को होगा फायदा: Dr Balbir Singh

    चंडीगढ़: पंजाब ने गंभीर रूप से सिंथेटिक नशे (ओपिओइड) से जूझ रहे लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नशा छुड़ाऊ उपचार मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी (एमएमटी) की शुरुआत की है। मेथाडोन की शुरुआत राज्य की नशों के विरुद्ध उपचार-केंद्रित रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक राज्य में नशा पीड़ितों का इलाज मुख्य रूप से 500 से अधिक आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओओएटी) केंद्रों के माध्यम से ब्यूप्रेनोर्फिन आधारित ओपिओइड सब्सटीट्यूशन थेरेपी से किया जाता था। इस थेरेपी में हानिकारक ओपिओइड की जगह चिकित्सकीय निगरानी के तहत नियंत्रित दवाओं का उपयोग करके नशे के शिकार मरीजों का इलाज किया जाता है। अब, मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी उन मरीजों के लिए उपचार का एक अतिरिक्त विकल्प मुहैया कराएगी, जो लंबे समय से सिंथेटिक नशों पर निर्भर हैं और जिन पर मौजूदा इलाज ज्यादा असरदार साबित नहीं हुए हैं। इस समय पंजाब में छह समर्पित मेथाडोन क्लीनिक चालू हैं। ये सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट, सिविल अस्पताल लुधियाना, सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला और गुरदासपुर, मोहाली तथा जालंधर के जिला अस्पतालों में स्थापित किए गए हैं। पंजाब सरकार आने वाले महीनों में छह और एम.एम.टी. केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है, जिससे ऐसे समर्पित केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने कहा कि मेथाडोन सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ का हिस्सा है, जिसमें खास तौर पर उन लोगों के पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है, जो सिंथेटिक नशे पर निर्भर हैं और जिनमें फिर से नशे की ओर लौटने का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन और नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (एनएसीओ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू की जा रही मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी लंबे समय से सिंथेटिक नशों के आदी लोगों के लिए प्रभावी उपचार का विकल्प है। यह समग्र उपचार प्रणाली मरीजों के उपचार के परिणामों में सुधार लाएगी और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में सफलतापूर्वक पुनः स्थापित होने में मदद करेगी।’ नए क्लीनिक विशेष आउटपेशेंट सुविधाओं के रूप में काम करेंगे, जहाँ मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में मेथाडोन थेरेपी के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, मनोचिकित्सा सलाह, पुनः नशे की लत से बचाव संबंधी सेवाएं, पारिवारिक काउंसलिंग और नियमित फॉलो-अप की सुविधा भी दी जाएगी। मरीजों को अपनी निर्धारित खुराक लेने के लिए हर रोज क्लीनिक आना होगा, जहाँ उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में दवा दी जाएगी। दवा की हर खुराक डॉक्टर की निगरानी में दी जाएगी ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके और सही उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

    मेथाडोन थेरेपी क्या है?

    मेथाडोन, ओपिओइड यूज डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों, जैसे कि हेरोइन की लत से जूझ रहे मरीजों के लिए वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित एक प्रभावी उपचार है। मेथाडोन को विश्व स्वास्थ्य संगठन की आवश्यक दवाओं की मॉडल सूची में ओपिओइड यूज डिसऑर्डर के उपचार के लिए भी शामिल किया गया है। यह दवा प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में एक समग्र उपचार कार्यक्रम के तहत दी जाती है। मेथाडोन मस्तिष्क के उन्हीं ओपिओइड रिसेप्टर्स पर काम करती है, जिन पर हेरोइन और अन्य सिंथेटिक नशे असर करते हैं। निर्धारित खुराक के अनुसार यह नशे की तीव्र इच्छा (क्रेविंग) को नियंत्रित करती है, नशा छोड़ने पर होने वाले लक्षणों से राहत देती है और ओपिओइड के प्रति सहनशीलता पैदा करती है, जिस कारण फिर से नशा लेने की तलब महसूस नहीं होती। इससे मरीज की सेहत स्थिर रहती है और वह उपचार, रोजगार और पारिवारिक जीवन में अधिक सुचारू ढंग से हिस्सा लेने लगता है। समय के साथ मरीज की सेहत की स्थिति और उपचार में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए मेथाडोन की खुराक धीरे-धीरे कम की जा सकती है। चूंकि मरीज हर रोज क्लीनिक में चिकित्सकीय निगरानी में दवा लेते हैं, इसलिए इसके दुरुपयोग की संभावना बहुत कम रहती है। मेथाडोन लंबे समय तक असर करने वाली दवा है। इसकी रोजाना एक खुराक आम तौर पर लगभग 24 घंटों तक नशा छोड़ने के लक्षणों और नशे की तलब को नियंत्रण में रखती है, जिससे मरीज पूरा दिन सामान्य और स्थिर जीवन बिता सकते हैं।
  • Punjab News: मोबाइल और 2 हजार रुपये के लिए किया दोस्त का कत्ल, 3 गिरफ्तार, 15 दिन बाद शव बरामद

    Punjab News: मोबाइल और 2 हजार रुपये के लिए किया दोस्त का कत्ल, 3 गिरफ्तार, 15 दिन बाद शव बरामद

    संगरूरः लहरागागा क्षेत्र में दोस्त ने ही दोस्त का बेरहमी से कत्ल कर दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को दफना दिया था। ऐसे में 15 दिनों से लापता 19 वर्षीय युवक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने टीम गठित की और उसकी तालाश शुरू कर दी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन निवासी गांव रामगढ़ संधुआं के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही पर स्थानीय जलापूर्ति केंद्र के निकट झाड़ियों से युवक का सड़ा-गला शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मोबाइल फोन और 2 हजार रुपये के लालच में युवक की हत्या कर दी थी।

    मामले की जानकारी देते हुए थाना सदर लहरागागा के प्रभारी निरीक्षक मनप्रीत सिंह ने बताया कि मृतक के पिता बलकार सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका पुत्र 5 जुलाई को सरकारी अस्पताल से दवा लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला और मोबाइल फोन भी बंद मिला। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी दौरान मृतक के संपर्क में रहने वाले तीन युवकों पर संदेह हुआ। पुलिस ने खाई बस्ती निवासी लक्खन, मंगू कुमार और मोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    पूछताछ के दौरान तीनों ने कथित रूप से हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने स्थानीय जलापूर्ति केंद्र के पास झाड़ियों से हरमनदीप का सड़ा-गला शव बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने हरमनदीप के पास मौजूद मोबाइल फोन और दो हजार रुपये हथियाने की नीयत से उसकी हत्या की। वारदात के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया, ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके। लगातार 15 दिन तक परिजन युवक की तलाश करते रहे, जबकि पुलिस भी विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई गई, हत्या किस तरीके से की गई और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

  • दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

    दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले नियोक्ताओं, कर्मचारियों, संस्थानों और जिलों को मिलेगा सम्मान
    ऊना, सुशील पंडित : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2026-27 के दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिए जाने वाले ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाते हैं। जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित ने बताया कि पुरस्कार योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाले नियोक्ताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों, संस्थानों तथा दिव्यांगजनों के कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभागों एवं जिलों को सम्मानित करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
    उन्होंने बताया कि पुरस्कारों के तहत सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, निजी क्षेत्र तथा गैर-सरकारी संगठनों के उत्कृष्ट नियोक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी, कॉर्पोरेट एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत उत्कृष्ट दिव्यांग कर्मचारियों, दिव्यांगजनों के हित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभागों एवं संस्थानों तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिले को भी राज्य स्तर पर सम्मान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित पुरस्कार विजेताओं को विभिन्न श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार के रूप में 30 हजार रुपये तथा द्वितीय पुरस्कार के रूप में 20 हजार रुपये की नकद राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए जाएंगे।
    जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि पुरस्कार योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट www.esomsa.hp.gov.in पर उपलब्ध हैं। इच्छुक विभाग, संस्थान, संगठन एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में अपने नामांकन 31 जुलाई तक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशालय को भेज सकते हैं।
     
  • Punjab News: इंडो-यूएस डील के विरोध में दिल्ली रवाना हुए किसान, महारैली में होंगे शामिल, देखें वीडियो

    Punjab News: इंडो-यूएस डील के विरोध में दिल्ली रवाना हुए किसान, महारैली में होंगे शामिल, देखें वीडियो

    अमृतसरः भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महा रैली को लेकर किसान संगठनों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पंजाब समेत कई राज्यों से हजारों किसान दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि अमृतसर, गुरदासपुर जिलों से सैकड़ों बसों और अन्य वाहनों का काफिला आज ब्यास पुल से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इसके अलावा पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान मजदूर मोर्चा, बीकेयू एकता संघर्ष और अन्य किसान संगठनों के जत्थे भी दिल्ली कूच कर रहे हैं। ये काफिले तय कार्यक्रम के अनुसार रात के समय अलग-अलग स्थानों पर रुकेंगे।

    किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का काफिला फतेहगढ़ साहिब-सरहिंद में रात्रि विश्राम करने के बाद सुबह शंभू बॉर्डर के रास्ते दिल्ली पहुंचेगा। सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि इस महा रैली में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व ओडिशा सहित कई राज्यों से हजारों किसान शामिल होंगे। किसानों की मुख्य मांग भारत-अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को रद्द करना है। पंधेर के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के दायरे में कृषि, डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, निवेश समेत कई क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

    उनका कहना है कि अमेरिका लंबे समय से भारतीय बाजार में अपने कृषि और डेयरी उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की मांग करता रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सस्ते अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में आते हैं तो इसका सीधा असर किसानों, दूध उत्पादकों, छोटे व्यापारियों और कृषि आधारित उद्योगों पर पड़ सकता है। किसान नेताओं ने दावा किया कि भारत की डेयरी व्यवस्था करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस क्षेत्र पर किसी भी तरह का दबाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर नकारात्मक असर डाल सकता है। देश बचाओ मोर्चा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही किसानों, मजदूरों, डेयरी उत्पादकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।

     

  • गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित- CM Saini

    गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित- CM Saini

    पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा करवाई जाएंगी उपलब्ध

    चंडीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य की गौशालाओं को पशुधन की देखरेख के लिए 820 ई रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को चण्डीगढ में हाईपावर्ड परचेज कमेटी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना अनुसार एक हजार तक पशु रखने वाली गौशालाओं को एक तथा इससे अधिक गायों को रखने वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। बैठक में 10.25 करोड़ रुपए की लागत से ई रिक्शा खरीद को अनुमति प्रदान की गई। प्रदेश की कुल 770 गौशालाओं में से 553 गौशालाओं में एक हजार से कम पशु, 79 गौशालाओं में दो हजार तक, 20 गौशालाओें में तीन हजार तक, 8 गौशालाओं में चार हजार तथा एक गौशाला में 5 हजार व एक गौशाला में 6 हजार तक पशुधन है। मुख्यमंत्री ने कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन डालने के कार्य को मंजूरी प्रदान की। इससे शहर की अधिकांश आबादी में सीवरेज व्यवस्था शुरू हो जाएगी जो आगामी 2042 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा खेदड़ में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने एवं आरसीसी टैंक का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई। इस कार्य पर लगभग 27.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण में 10 एमएलडी क्षमता के 5 रैनीवैल टयूबवैल लगाए जाने की स्वीकृति प्रदान की। गांव मंझावली, मोठूका के आसपास यमुना नदी के जलभराव वाले क्षेत्रों में लगभग 164.75 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जाने वाले रेनीवैल टयूबवैल से पेयजल हेतु टेस्टिंग की जाएगी।

    गुरुग्राम के बसई में 1000 एमएलडी का बनेगा दूसरा जलघर

    मुख्यमंत्री ने गुरूग्राम मैट्रोपोलियन विकास प्राधिकरण के गांव बसई में 1000 एमएलडी क्षमता का दूसरा जल घर बनाने के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके निर्माण पर लगभग 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार 380.40 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों को 363.82 करोड़ रुपए में टेंडर छोड़कर लगभग 16.58 करोड़ रुपए की बचत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किए जाने चाहिए। इसके अलावा विकास कार्यो में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एफएमडीए व जीएमडीएम के सलाहकार डी. एस. ढेसी, प्रधान सचिव पंकज यादव, विजय सिंह दहिया, जीएमडीए के सीईओ पी सी मीणा, महानिदेशक सप्लाई एवं डिस्पोजल पंकज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
  • Jalandhar News: अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के मेले में नतमस्तक हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह, देखें वीडियो

    Jalandhar News: अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के मेले में नतमस्तक हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: नकोदर में अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के तीन दिवसीय वार्षिक मेला चल रहा है। आज मेले का अंतिम दिन है। ऐसे में बापू लाल बादशाह जी के मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दोपहर करीब 2 बजे दरबार पहुंचने पर प्रबंधक कमेटी और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री सैनी ने दरबार में माथा टेका और देश व प्रदेश की शांति, समृद्धि तथा आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा प्रगति कर रहा है, उनकी इच्छा है कि पंजाब भी पीछे न रहे। सैनी ने प्रार्थना की कि पंजाब, जो कभी देश का नंबर-1 राज्य था, वह फिर से वही मुकाम हासिल करे और उससे भी तेज गति से आगे बढ़े।

    प्रबंधक कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके साथ आई हरियाणा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व मंत्री असीम गोयल को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साई हंस दरवेश, जालंधर के पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, जिला प्रधान जगबीर बराड़, पूर्व जिला प्रधान मनीष धीर, शेफी चावला, दविंदर कलेर सहित कई प्रमुख नेताओं के अलावा अजय बजाज और आदित्य भटारा जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बापू लाल बादशाह जी की प्रेरणा से गरीब कल्याण की दरगाह की आध्यात्मिक महिमा का भी जिक्र किया।

    उन्होंने बताया कि बापू लाल बादशाह जी की सोच हमेशा गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने की रही है। पंजाब के लोगों के प्रति अपनापन जताते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यदि पंजाब के लोगों या उनके हरियाणा में रहने वाले रिश्तेदारों का कोई काम हो, तो वे निसंकोच उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे एक भाई के नाते उनका काम पूरा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जब अपना संबोधन शुद्ध और सहज पंजाबी भाषा में दिया, तो दरबार परिसर तालियों से गूंज उठा। मंच संचालक ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पंजाबी सुनकर ऐसा लगा ही नहीं कि वे हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं, बल्कि ऐसा महसूस हुआ जैसे वे पंजाब के अपने ही मुख्यमंत्री हों।

     

  • मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: आरती सिंह राव

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: आरती सिंह राव

    नूंह जिले के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्र होंगे अपग्रेड

    चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प को निरंतर साकार कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए जिला नूंह के तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि जिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा, उनमें लूहिंगा कलां, चंदेनी तथा शाह चोखा शामिल हैं। इन केंद्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होने से आसपास के हजारों ग्रामीण नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा इन तीनों परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि, भवन, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद यहां सामान्य रोगों का उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रसव संबंधी सुविधाएं, आवश्यक जांच तथा दवाइयों की उपलब्धता जैसी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाएंगी। आरती सिंह राव ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मेवात क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार में भी सहायता मिलेगी। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आम नागरिकों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने तथा अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नूंह जिले के इन तीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।