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  • Punjab News: इंसानियत शर्मसार, मामे और नाने पर भांजे ने किया जानलेवा हमला, देखें वीडियो

    Punjab News: इंसानियत शर्मसार, मामे और नाने पर भांजे ने किया जानलेवा हमला, देखें वीडियो

    लुधियानाः समराला के नज़दीकी गांव मादपुर में इंसानियत शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहां गांव के रहने वाले भांजे ने मामे और नाने पर लोहे के पाइप से जानलेवा हमला कर दिया। दरअसल, भांजे ने पहले मामे पर हमला किया। इस दौरान जब दोनों में बचाव करने नाना आए तो भांजे ने उस पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस घटना में मामा और नाना दोनों घायल हो गए।

    घायलों को समराला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस संबंध में समराला पुलिस का कहना है कि बयान के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घायल सुखबीर सिंह बिट्टू ने बताया कि पूरा परिवार आराम कर रहा था, तभी सुलतानपुर से भांजा कमलप्रीत सिंह आया और करीब 10 किलो वजन वाले लोहे के भारी पाइप से मुझ पर हमला कर दिया।

    उन्होंने कहा कि हमला मेरे सिर पर हुआ था, लेकिन बचाने के लिए मैंने अपनी बाजू आगे कर ली, जिससे बाजू बुरी तरह घायल हो गई। उन्होंने आगे बताया कि मेरे ऊपर हमला होने से बचाने के लिए पिता जी आगे आए, लेकिन भांजे ने उन पर भी हमला कर दिया। बाद में उसने मेरी पीठ, कमर और टांगों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि मेरा भांजे से कोई रंजिश नहीं है, लेकिन करीब पांच साल से भांजा नशे का आदी होने की वजह से उसे बुलाना बंद कर दिया था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है।

  • Punjab News: बाढ़ में फंसे लोगों को बचाते हुए हादसा, सेना की नाव पलटी, देखें वीडियो

    Punjab News: बाढ़ में फंसे लोगों को बचाते हुए हादसा, सेना की नाव पलटी, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः बाढ़ में फंसे लोगों को बचाते हुए बड़ा हादसा हो गया। जहां सेना की नाव पलट गई। नाव में सवार लगभग 10 लोग, जिनमें बच्चे और महिलाएं थीं। ज्यादा संख्या में बैठने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गई। जानकारी अनुसार गांव किलचा के झुग्गी लाल सिंह वाला इलाके में सेना की ओर से बचाव कार्य जारी था। लोगों को घरों से बाहर निकाला जा रहा था। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ा और पलट गई।

    हादसा के दौरान पीछे खड़े सेना के जवान तुरंत दौड़े और लोगों की जान बचाई और उन्हें पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कुछ सामान पानी में डूब गया था, जिसे देखकर सेना को लगा कि शायद कुछ बच्चे भी डूब गए है। सेना के जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते पानी में छलांग लगाई, तैरकर काफी दूर गए और सामान वापस निकाला तथा सुनिश्चित किया कि नाव में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। लोगों ने बताया कि वे कई दिनों से अंदर फंसे थे, जिन्हें सेना ने सुरक्षित बाहर निकाला। नाव में कुछ लोग ज्यादा सवार हो गए थे, जिसके कारण नाव पलट गई थी, लेकिन कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

  • Haryana News: जंगल में गली सड़ी हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका, देखें वीडियो

    Haryana News: जंगल में गली सड़ी हालत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका, देखें वीडियो

    पंचकूलाः चंडीगढ़ और पंचकूला के बॉर्डर के समीप मोटर मार्केट के पास एक शव मिलने से सनसनी फैल गई। जब पुलिस पहुंची तो करीब 2 घंटे तक चंडीगढ़ पंचकूला दोनों पुलिस एरिया को लेकर उलझती रही और आखिर में चंडीगढ़ और पंचकूला के दोनों एरिया के एसडीएम और तहसीलदार को बुलाया गया और पंचकूला के एरिया होने के चलते पंचकूला पुलिस ने जांच शुरू की। चंडीगढ़ मणिमाजरा के एसएचओ मनिंदर सिंह और मनसा देवी के एसएचओ और सेक्टर-7 के एसएचओ राहुल और सीआइए व क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचे।

    मृतक की बहन डॉली ने बताया कि उसका भाई रमेश (25) जोकि हमारे साथ शिमला में रहता है, कार ड्राइवर था और अपने दो दोस्तों के साथ चंडीगढ़ अपनी गाड़ी ठीक करवाने मणिमाजरा मोटर मार्केट आया था। मृतका के बहन डॉली ने आरोप लगाते हुए कहा कि मणिमाजरा के पुलिस स्टेशन में हम शाम को गए थे और मणिमाजरा पुलिस वालों ने कहा कि आपका भाई शिमला से गायब हुआ है। वहीं पर रिपोर्ट करवाओ। मृतका की बहन ने बताया कि उसी के एक दोस्त ने फोन करके बताया कि आप मणिमाजरा के बिजली दफ्तर के पास जंगल में जाओ वहीं आपका भाई है। जब बहनों ने जाकर देखा तो मृतका रमेश की लाश के ऊपर कीड़े फैले हुए थे और लाश काफी गली सड़ी हुई थी। मौके पर मृतका की बहन डॉली ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर मणिमाजरा और मनसा देवी पुलिस पहुंची।

    आरोप है कि पुलिस एरिया को लेकर दो घंटे तक उलझती रही। आखिरकार मौके पर दोनों एरिया के तहसीलदार को बुलाया गया और पंचकूला का एरिया चलते मनसा देवी स्टेशन ने जांच शुरू कर दी। मौके पर पंचकूला की डीसीपी श्रुति गुप्ता, एसएचओ मनसा देवी, एसएचओ सेक्टर 7 राहुल कुमार, सीन ऑफ क्राइम की टीम और क्राइम ब्रांच के एसएचओ प्रीतम सिंह पहुंचे। बॉडी के पास से कुछ पैकेट भी पुलिस ने कब्जे में लिए है। वह पैकेट किस चीज के है। वो जांच का विषय है।

  • Punjab News: डीसी साक्षी साहनी ने संभाला मोर्चा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को पहुंचाई मदद, देखें वीडियो

    Punjab News: डीसी साक्षी साहनी ने संभाला मोर्चा, बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को पहुंचाई मदद, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले में हालिया बाढ़ की स्थिति को देखते जिला प्रशासन का राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर जारी है। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी खुद अपनी टीम के साथ रमदास इलाके में पहुंचे। उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर रोहित गुप्ता, एसडीएम अमृतसर इकसगढ़ गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम अजनाला रविंदर सिंह, एसपी एएस वारियर, गज़लप्रीत कौर, सिविल सर्जन डॉक्टर किरणदीप कौर, डीएफसीएस अमनप्रीत सिंह और अन्य अधिकारी भी राहत कार्यों में जुटे हैं।

    प्रशासन द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग जो अपने घर छोड़ने से इनकार कर रहे हैं, उन्हें रेड क्रॉस अमृतसर की सहायता से पीने का पानी और सूखा राशन मुहैया कराया जा रहा है।
    डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान की सुरक्षा है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति बिना मदद के न छूटे।

  • मणिमहेश यात्रा में फंसे लोग, बिजली गुल, मोबाइल नेटवर्क ठप!

    मणिमहेश यात्रा में फंसे लोग, बिजली गुल, मोबाइल नेटवर्क ठप!

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से 4 जिलों में हालात खराब हैं। मंडी, कुल्ल, चंबा और कांगड़ा के कई इलाकों में लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि प्रदेशभर में बीती शाम 6 बजे तक दो नेशनल हाईवे सहित 582 रोड बंद थे। हिमाचल में 20 जून से जारी भारी बारिश और आपदा ने प्रदेश में भीषण तबाही मचा दी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अब तक 312 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, 38 लोग लापता हैं और 374 लोग घायल हुए हैं। करीब 3736 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं 1854 मवेशियों की मौत हुई और 25,755 पोल्ट्री वर्ड्स तबाह हो गए हैं।

    485 दुकानें और 3367 पशुशालाएं भी पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। प्रदेश को अब तक 2753 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंच चुका है। भारी बारिश के कारण 1 नेशनल हाईवे और 524 सड़कें बंद हैं। विद्युत आपूर्ति की 1230 और जलापूर्ति की 416 परियोजनाएं ठप हैं। चंबा जिले से संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वहां की आपदा की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उधर, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर कैंची मोड का हिस्सा धंस गया है। भरमौर से अब तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी है और लोग पैदल ही चंबा की तरफ मणिमहेश से आ रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, देर रात को भी मंडी और कुल्लू के कई इलाकों में भारी बारिश होती रही। हालांकि, वीरवार को धूप खिली है। लेकिन हालात बेहद खराब हो गए हैं। मनाली देश दुनिया से कट गई है। कांगड़ा में पौंग बांध से एक लाख से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। चंबा में मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों लोग फंसे हुए हैं और यहां पर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गायब है। लाहौल-स्पीति के काजा और छतडू इलाके में बारिश से हालात बेहद खराब है।

    प्रवासी कपड़ा व्यापारी 130 किलोमीटर पैदल चलकर कुल्लू पहुंचे और बताया कि कोखसर और छतडू में सैकड़ों वाहन चालक और सैलानी फंसे हुए हैं। बादल फटने और बाढ़ के कारण रास्ते टूट गए हैं। कुल्लू-मनाली अटल टनल और कोखसर-काजा मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। वहीं, चंबा में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने के बाद लोग वहां के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। जिन्हें देख कर अंदाजा लगाया जा सकता की वहां के हालात क्या बने हुए हैं।

     

  • फिर बादल फटने से तबाहीः तारा सिंह सहित पत्नी लापता, मलबे में दबे कई पशु, देखें वीडियो

    फिर बादल फटने से तबाहीः तारा सिंह सहित पत्नी लापता, मलबे में दबे कई पशु, देखें वीडियो

    चमोलीः उत्तराखंड के चमोली जिले की तहसील देवाल के मोपाटा गांव में शुक्रवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हादसे में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल बताए जा रहे हैं। बादल फटने से मवेशियों पर भी कहर टूटा और गौशाला में करीब 15 से 20 जानवर मलबे में दब गए।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ :- ਉੱਤਰਾਖੰਡ ਵਿੱਚ ਬੱਦਲ ਫਟਣ ਅਤੇ ਭਾਰੀ ਮੀਂਹ ਨਾਲ ਹਾਹਾਕਾਰ: ਰੁਦਰਪ੍ਰਯਾਗ-ਚਮੋਲੀ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ

    Read in English:- Cloudburst in Chamoli: Two Missing, Rescue Efforts Intensified

    इसके अलावा कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिससे मुख्य रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंची हैं। स्थानीय लोग और बचाव दल मिलकर मलबे में फंसे लोगों और पशुओं को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि चमोली के देवाल और रुद्रप्रयाग के बड़ेथ डुंगर क्षेत्र में बादल फटने से हालात बिगड़ गए हैं। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और कुछ फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन को तेज गति से राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि वह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ चुका है। खासकर संगम क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक हैं। अलकनंदा नदी ने चेतावनी सीमा पार कर ली है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।

  • Stock Market में लौटी हरियाली, Sensex और Nifty में तेजी

    Stock Market में लौटी हरियाली, Sensex और Nifty में तेजी

    बिजनेसः अमेरिकी की ओर से लगाए गए मनमाने टैरिफ के बीच घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूत शुरुआत की। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी दिखी। सेंसेक्स 197.11 अंक चढ़कर 80,277.68 पर, जबकि निफ्टी 63.45 अंक बढ़कर 24,564.35 पर आ गया। ऐसे ही शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे गिरकर 87.73 पर पहुंचा।

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 में तेजी और 8 में गिरावट है। कोटक बैंक, ITC और HUL के शेयरों में तेजी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, NTPC और बजाज फाइनेंस के शेयर 2% तक नीचे हैं। निफ्टी के 50 में 31 शेयरों में तेजी है, जबकि 19 नीचे कारोबार कर रहे हैं। NSE का FMCG इंडेक्स सबसे ज्यादा 1.22% चढ़ा है। बैंकिंग, मीडिया और मेटल में भी तेजी है। ऑटो, IT और रियल्टी नीचे हैं।

    करेंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स आईपीओ पर दांव लगाने का आज आखिरी मौका
    करेंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स आईपीओ आज बंद हो रहा है। कंपनी के आईपीओ का साइज 41.80 करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। कंपनी 52 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। बता दें, रिटेल निवेशकों के लिए यह आईपीओ 26 अगस्त को खुला था।

    34.14 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ
    कंपनी का आईपीओ 34.14 गुना सब्सक्राइब किया गया है। रिटेल कैटगरी में यह आईपीओ 49.40 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, क्यूआईबी कैटगरी में 9.94 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। एनआईआई कैटगरी की बात करें तो यह आईपीओ 35.23 गुना सब्सक्राइब किया गया था। बता दें, कंपनी के शेयरों का अलॉटमेंट 1 सितंबर 2025 और एनएसई एसएमई में लिस्टिंग 3 सितंबर को होगा।

  • Jalandhar News : बाढ़ का कहर, मदद के लिए आगे आया कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब, देखें वीडियो

    Jalandhar News : बाढ़ का कहर, मदद के लिए आगे आया कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: रावी और सतलुज नदियों के बांध टूटने के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मची हुई है। माझा और दोआबा क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश ने पंजाब को एक विशाल सागर में तब्दील कर दिया है। रणजीत सागर बांध, भाखड़ा और पोंग बांध जैसे बड़े बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण सतलुज और रावी ने अपने किनारे तोड़कर हजारों एकड़ जूने की फसल को निगल लिया है। गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

    डेरा बाबा नानक में रावी ने करतारपुर कॉरिडोर के पास धुसी बांध तोड़ दिया है, जिससे गांव पंखोके टाहली साहिब और आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं। रास्ते बंद हो गए हैं, आवागमन ठप हो गया है और गांवों को द्वीप जैसी स्थिति में ला दिया गया है। भारी बारिश ने हिमाचल से आने वाले पानी को और बढ़ा दिया है, जिससे नदियों का स्तर खतरे की सीमा पार कर चुका है। लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर भाग रहे हैं। पशुओं के लिए चारा नहीं मिल रहा, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और किसानों की फसलें पानी में डूब कर नष्ट हो चुकी हैं। तरनतारन और फिरोजपुर में हजारों एकड़ जूने की फसल तबाह हो गई है, जो न केवल खेती को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी डुबो रही है।

    बीते समय में बाढ़ की चपेट में आए गांव जैसे बरामपुर, बामनी, झबकरा, मराड़ा, चक मकौड़ा, नवां चंडीगढ़, दबरजी, जोगर, भूताना जोगर, दौलतगढ़, कोठे ऐवे, चिट्टी, चक राम सहाए, नवां तकला, धीरा घारा, मलकपुर और अन्य टानियों में कलगीधर ट्रस्ट बरू साहिब द्वारा बाढ़ पीड़ितों को घर-घर लंगर, दूध, पानी, राहत किटें और पशुओं के लिए चारा आदि नौकाओं के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। इन गांवों में अब तक 528 से अधिक व्यक्तियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। यह टीम स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी करने वाली पहली टीम है, जो लंगर के साथ-साथ अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    मामले की जानकारी देते हुए कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब के अध्यक्ष डॉ. दविंदर सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह काका ने भरोसा दिया कि जिन क्षेत्रों में पानी भर जाने से बाढ़ जैसी स्थिति बनी है, वहां के लोगों को बाहर निकालने के लिए ट्रस्ट की ओर से राहत किटें पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही हैं और इन बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी तथा आवश्यक सामग्री मुहैया करवाई जाएगी। इसके साथ ही घग्गर नदी और सतलुज नदी में बढ़ रहे पानी के स्तर के कारण अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, तरनतारन, पटियाला और मानसा जिलों में भी बाढ़ आने की संभावना बनी हुई है।

    यहां उल्लेखनीय है कि कलगीधर ट्रस्ट बरू साहिब शैक्षिक क्षेत्र में तो काम करता ही है, लेकिन जब भी देश में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आई है तो ट्रस्ट के सेवाकारियों ने मदद के लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। ट्रस्ट की ओर से सभी की चढ़दी कला के लिए प्रार्थना की जाती है। परमिंदर पाल सिंह खालसा ने आगे बताया कि बाढ़ ठंडा होने के बाद सिख सेवक सोसाइटी इंटरनेशनल और गुरद्वारा नौवीं पातशाही द्वारा दोआबे के गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारों को संयुक्त प्रयास करने चाहिए।

  • Jalandhar News: ट्रेनों पर पड़ा बाढ़ का असर, वंदे भारत एक्सप्रेस सहित 38 ट्रेनें रद्द

    Jalandhar News: ट्रेनों पर पड़ा बाढ़ का असर, वंदे भारत एक्सप्रेस सहित 38 ट्रेनें रद्द

    जालंधर, ENS: जम्मू और पंजाब में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से हालात बेहद खराब हो गए है। दरअसल, जम्मू में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है, वहीं पंजाब के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है। लैंडस्लाइड और बाढ़ की स्थिति का असर ट्रेनों पर देखने को मिला है। इसी के चलते जम्मू और पंजाब में बाढ़ के कारण जम्मू रूट की 38 ट्रेनें शुक्रवार के लिए रद्द कर दी गई हैं। इनमें वंदे भारत एक्सप्रेस (26406-05), श्री शक्ति सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22462) सहित अन्य ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते से ही वापस भेजा जा रहा है। इससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ :- ਜੰਮੂ-ਪੰਜਾਬ ਹੜ੍ਹਾਂ ਕਾਰਨ 38 ਰੇਲਗੱਡੀਆਂ ਰੱਦ

    मिली जानकारी के अनुसार रद्द की गई ट्रेनों में शालीमार एक्सप्रेस, भगत दी कोठी-जम्मूतवी एक्सप्रेस, अजमेर जंक्शन जम्मू तवी पूजा एक्सप्रेस, कानपुर सेंट्रल जम्मू तवी एक्सप्रेस, नदीम जम्मू तवी, कोलकाता टर्मिनल जम्मू तवी, कोलकाता टर्मिनल जम्मू तवी, जम्मू तवी, हावड़ा जंक्शन जम्मू तवी, न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा, अमृतसर श्री माता वैष्णो देवी कटरा, नई दिल्ली श्री माता वैष्णो देवी कटरा शामिल है।

    साथ ही साथ कालका श्री माता वैष्णो देवी कटरा, ऋषिकेश श्री माता वैष्णो देवी कटरा, नई दिल्ली श्री माता वैष्णो देवी कटरा, सूबेदारगंज श्री माता वैष्णो देवी कटरा, गाज़ीपुर सिटी श्री माता वैष्णो देवी कटरा, गाजीपुर सिटी 1 श्री माता वैष्णो देवी कटरा, डॉ. अम्बेडकर नगर श्री माता वैष्णो देवी कटरा, कन्याकुमारी श्री माता वैष्णो देवी कटरा, जम्मू तवी-बरोनी जंक्शन रद्द कर दी गई है।

     

  • Punjab News: 3 तीन दिन तक बाढ़ का खतरा! भारी बारिश का अलर्ट जारी

    Punjab News: 3 तीन दिन तक बाढ़ का खतरा! भारी बारिश का अलर्ट जारी

    37 साल बाद देखने को मिला ये मंजर

    मोहालीः पंजाब के लिए आज और अगले 3 दिन महत्वपूर्ण हैं। पंजाब के तीन जिलों – पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने मोहाली, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर और हुशियारपुर में बारिश को लेकर रेड अलर्ट भी जारी किया है। पंजाब के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में 2 अक्टूबर तक ऑरेंज अलर्ट और हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में फिर से भारी बारिश होती है, तो पंजाब को सीधे तौर पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। पंजाब के 7 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग डेढ़ लाख एकड़ में धान-गन्ना और मक्की की फसल डूब चुकी है। तबाही का ये मंजर 37 साल बाद देखने को मिला है। इससे पहले 1988 में ऐसे हालात बने थे। रणजीत सागर और पौंग डैम से छोड़े जा रहे पानी के चलते बॉर्डर जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर के 250 गांवों में लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। तरनतारन के अजनाला में बीएसएफ की चौकियां तक पानी में डूबी हैं। यहां 360 जवान फंसे हैं। गांवों में 5 से 10 फीट तक पानी है। बच्चे सहमे हुए हैं। खेतों में किसानों के मोटरों के बने कमरे डूब चुके हैं। इनकी छत ही नजर आ रही है। पशु 5 फुट तक पानी में खड़े हैं। 50 से ज्यादा बॉर्डर विलेज ऐसे हैं जहां राहत सामग्री अभी तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, कल यानी वीरवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। इसके कारण रावी नदी के पानी का स्तर भी थोड़ा कम हो गया है। बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण 7 जिलों में स्थिति गंभीर हो गई है। गुरुवार दोपहर को पौंग बांध के फ्लडगेट खोलने पड़े क्योंकि गुरुवार सुबह पानी का स्तर 1390 फुट के खतरे के निशान से बढ़कर 1396 फुट हो गया था।