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  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘चरण सुहावे’ यात्रा में लिया हिस्सा, फरीदाबाद बना श्रद्धा का केंद्र

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘चरण सुहावे’ यात्रा में लिया हिस्सा, फरीदाबाद बना श्रद्धा का केंद्र

    हरियाणा : हरियाणा की पावन धरती आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनी, जब ‘सरबंसदानी’ दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और माता साहिब कौर जी के ‘पवित्र जोड़ा साहिब’ की ‘चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा’ का फरीदाबाद में भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धा, भक्ति और एकता का यह अनुपम संगम शहर के प्रत्येक कोने में दिखाई दिया। इस स्वागत कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिकरत की। मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के एनआईटी-5 स्थित श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा में “चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा” का स्वागत किया। नायब सिंह सैनी ने यात्रा के साथ चल रहे केंद्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी का हरियाणा आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा में साध- संगत और यात्रा की अगवानी करने वाले पंज प्यारों का भी पटका ओढ़ा कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने यात्रा की रवानगी से पहले गुरुद्वारा में मत्था टेका और अरदास सुनी। इसके उपरांत उन्होंने पवित्र जोड़ा साहिब के भी दर्शन किए। इससे पहले हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार रविंदर सिंह राणा, श्री गुरु दरबार साहिब गुरुद्वारा के प्रधान सरदार इंदर जीत सिंह व सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि दिल्ली से आरंभ होकर बिहार स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब तक जाने वाली इस महान यात्रा का पहला विश्राम स्थल फरीदाबाद रहा। दिल्ली का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला यह शहर आज गुरु चरणों की धूल से पावन हो उठा है। जिस नगर में गुरु के पवित्र चरण रुकें, वह नगर अपने आप ही तीर्थ बन जाता है और आज फरीदाबाद लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक महान तीर्थ स्थल बन चुका है। उन्होंने इस यात्रा के आयोजन के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और इस यात्रा के आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

    गुरु गोबिंद सिंह जी: त्याग, वीरता और न्याय के प्रतीक

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जब यह पवित्र जोड़ा साहिब यहाँ पहुँचा है तो दशमेश पिता का सम्पूर्ण तेज, त्याग और बलिदान हमारे बीच साकार हो उठा है। उन्होंने धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल अत्याचार के विरुद्ध बलिदान दिया। उन्होंने अन्याय से लड़ने के लिए एक साधारण मनुष्य को खालसा बनाया, एक ऐसी शक्ति बनाया जिसका संकल्प धर्म की रक्षा और निर्बलों की सहायता करना था। यह जोड़ा साहिब हमें उनकी उस महान प्रतिज्ञा की याद दिलाता है कि “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, तबै गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।” यह प्रतिज्ञा केवल युद्ध की नहीं थी, बल्कि आत्म-सम्मान, साहस और न्याय की थी, जो आज भी हर भारतीय के लिए जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने चारों पुत्रों का बलिदान दिया ताकि देश के अन्य पुत्र-पुत्रियाँ सुरक्षित रह सकें।

    माता साहिब कौर जी: करुणा और शक्ति की प्रतिमूर्ति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा में माता साहिब कौर जी का भी पवित्र जोड़ा साहिब शामिल है। माता साहिब कौर जी को खालसा पंथ की माँ होने का गौरव प्राप्त है। जब गुरु जी ने खालसा पंथ की स्थापना की, तो उन्होंने माता साहिब कौर जी से ‘अमृत’ में पताशे डलवाए, ताकि खालसा के अनुयायियों में वीरता के साथ-साथ मिठास और करुणा भी बनी रहे।

    ‘चरण सुहावे’ यात्रा दिल्ली से पटना साहिब तक आध्यात्मिक सेतु

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह ‘चरण सुहावे’ यात्रा दिल्ली, जो भारत की राजधानी है, और पटना साहिब, जो गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मभूमि है, के बीच एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सेतु का निर्माण कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार, गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके बलिदान को चिरस्थायी बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष, श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व को भव्य रूप से मनाने का काम किया। इसके अलावा, जिस भूमि पर श्री गुरु नानक देव जी ने 40 दिन रहकर तपस्या की, उस भूमि को सरकार ने सिरसा स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को राज्यभर में श्रृद्धा और सम्मान के साथ मनाएगी। 1 नवंबर से लेकर 24 नवंबर तक हरियाणा प्रदेश के चारों कौनों से चार यात्राएं निकलेंगी, जिनका समापन 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि, जहाँ समय-समय पर गुरुओं के चरण कमल पड़े, उस स्थान पर होगा। इसे लेकर सरकार ने व्यापक कार्य-योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में एक प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत ऐसे 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया जिनके किसी सदस्य की जान 1984 के दंगों में चली गई थी। इस निर्णय पर मंत्रिमंडल ने भी अपनी सहमति की मुहर लगाई है, जो सिख समाज के प्रति सम्मान और संवेदना का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा जहां एक ओर गुरु परंपरा की याद दिलाती है, वहीं दूसरी ओर भारत की एकता, साहस और करुणा के मूल्यों को सशक्त बनाती है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक मूल चंद शर्मा, सीमा त्रिखा, बावल से विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली, फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में कदम तेज , हरियाणा की नई ECMS पॉलिसी जल्द लागू

    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में कदम तेज , हरियाणा की नई ECMS पॉलिसी जल्द लागू

    हरियाणा: हरियाणा केन्द्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत निवेश आकर्षित कर प्रदेश को ’इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग’ के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में राज्य जल्द ही अपनी ईसीएमएस पॉलिसी के तहत नई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करेगा, जिनमें निवेशकों को वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को गति देने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की रणनीतियों की समीक्षा की गई। नई मसौदा ‘ईसीएमएस पॉलिसी’ के तहत पूंजीगत एवं परिचालन खर्च की प्रतिपूर्ति, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर व्यय, प्रौद्योगिकी अधिग्रहण, क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं के विकास हेतु समर्थन जैसे अनेक प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं।

    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश आकर्षित करना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में राज्य की भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन वर्ष 2015 से अब तक 17 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ा है, जबकि डिजाइन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अभी विकास के शुरुआती चरण में है। वर्तमान में हरियाणा देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 2.9 प्रतिशत (0.8 बिलियन यूएसडी) का योगदान दे रहा है और इस क्षेत्र में लगभग 1.3 मिलियन रोजगार का सहयोग करता है। रस्तोगी ने कहा कि लक्षित नीतिगत सहयोग, रणनीतिक निवेशक सहभागिता और आईएमटी सोहना में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसे सक्षम बुनियादी ढांचे के निर्माण से राज्य के योगदान को बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं।

    उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ’ईसीएमएस योजना’ के अंतर्गत कई तरह के लाभ दिए जाते हैं। इनमें 1 से 25 प्रतिशत तक टर्नओवर-लिंक्ड और पूंजी निवेश आधारित लाभ शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ’अतिरिक्त टॉप-अप इंसेंटिव देने की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि ईसीएमएस-अनुमोदित निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत हो सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने और तत्परता से निवेशकों से संपर्क साधने के निर्देश दिए। इसके तहत 10 नवंबर तक उन 11 आवेदकों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की जाएंगी, जिन्होंने प्रदेश में ईसीएमएस-अनुमोदित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इसके अतिरिक्त, 50 अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जाएगा, जिन्होंने अभी तक अपनी परियोजना का स्थान निर्धारित नहीं किया है।

    बेहतर समन्वय और निवेशक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक संभावित निवेशक के लिए समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त करेगी। ये अधिकारी भूमि की पहचान, नियामक स्वीकृतियांे, विभागीय समन्वय और इंसेंटिव प्रक्रिया से जुड़ी सहायता प्रदान करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा का दृष्टिकोण सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धात्मक, दोनों तरह का होगा ताकि राज्य में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल इकोसिस्टम विकसित हो सके। बैठक में नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब में 94 नशा तस्कर गिरफ्तार , 298 स्थानों पर की छापेमारी

    ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब में 94 नशा तस्कर गिरफ्तार , 298 स्थानों पर की छापेमारी

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा राज्य से नशों के सफाए के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” के 237वें दिन भी यह मुहिम पूरे जोश के साथ जारी रही। आज पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 298 स्थानों पर छापेमारी करते हुए 73 एफआईआर दर्ज कीं और 94 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इस तरह अब तक 237 दिनों में कुल 33,950 नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 197 ग्राम हेरोइन, 40 किलो भुक्की, 1029 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 12,800 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य सौंपा है। नशों के खिलाफ जारी इस अभियान की निगरानी हेतु राज्य सरकार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन भी किया है। इस व्यापक अभियान में 62 गज़टेड अधिकारियों की देखरेख में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 120 से अधिक पुलिस टीमें शामिल हुईं, जिन्होंने राज्यभर में 298 छापे मारे। पूरे दिन चले इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने 340 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की।

    राज्य सरकार ने नशों के उन्मूलन के लिए तीन-स्तरीय रणनीति — प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), नशामुक्ति (डी-एडिक्शन) और रोकथाम (प्रिवेंशन) लागू की है। इसी क्रम में पंजाब पुलिस ने आज 44 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए तैयार किया, जो अभियान के ‘डी-एडिक्शन’ हिस्से की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • Punjab News: विवादों में घिरे गायक Gulab Sidhu, मांगी माफी, देखें वीडियो

    Punjab News: विवादों में घिरे गायक Gulab Sidhu, मांगी माफी, देखें वीडियो

    मोहालीः पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू नए गाने को लेकर विवादों में घिर गए। दरअसल, गायक का नया गाना जट्टा लव यू हाल ही में रिलीज हुआ था। जिसमें उसने सरपंचों सहित गांववासियों को पीटने के बारे में शब्द कहे थे। इस गाने को लेकर सरपंचों में भारी रोष पाया गया। भारी रोष पाए जाने के बाद अब गायक गुलाब सिद्धू ने वीडियो जारी करके पंजाब के सरपंचों से माफी मांगी है।

    इस दौरान उन्होंने पंजाब के सभी सरपंचों से अपील करते हुए कहा कि उनका किसी के मन को ठेस पहुंचाने का नहीं था। सिद्धू ने सभी सरपंचों से खुद को छोटा भाई समझ माफ करने की अपील की है। सिद्धू ने सभी सरपंच मुझे अपना छोटा भाई या बच्चा समझ कर माफ कर देना। मुझे पता है कि सरपंच गांव का मुखी होता है। उसका मकसद किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

  • धारा 118 के सरलीकरण के बहाने प्रदेश हितों को बेचना चाहती है सरकार: जयराम ठाकुर

    धारा 118 के सरलीकरण के बहाने प्रदेश हितों को बेचना चाहती है सरकार: जयराम ठाकुर

    सुक्खू सरकार को हिमाचल के हितों को दांव पर नहीं लगाने देगी भाजपा माफिया और मित्र मंडली के हितों को ध्यान में रखकर 118 से छेड़छाड़ करना चाहते हैं मुख्यमंत्री बड़सर में लोगों से बिना मिले छुपकर गए मुख्यमंत्री, तीन साल में अस्पताल की एक ईंट भी नहीं रखवा पाए  ऊना/सुशील पंडित: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि धारा 118 में सरलीकरण के नाम पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी। सुक्खू सरकार धारा 118 के नियमों में ढील देकर अपने खास लोगोंको फायदा पहुंचाना चाहती है। यह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार सत्ता संभालने के पहले दिन से ही प्रदेश की संपत्तियों और हितों को अपने व्यापारी मित्रों को देने के लिए तत्पर दिख रही है। मुख्यमंत्री अब भ्रष्ट अधिकारियों और माफियाओं के हाथ की कठपुतली बन चुके हैं। पहले माफिया के दबाव में आकर सट्टा और जुआ को कानूनी बनाया और अब प्रदेश के हितों का सट्टा लगा रहे हैं। सत्ता में आने के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विरासत और सांस्कृतिक धरोहर को नीलाम करने का बीड़ा उठाया हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के तमाम विरोधों के बावजूद सरकार ने सबसे पहले धार्मिक संगठनों को हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दे दी कि वह जमीन बेच सकते हैं। हमने विधानसभा में भी इसका विरोध किया साथ ही सरकार को आगाह किया कि जिस रास्ते पर वह चल रही है वह कहीं से भी प्रदेश के लिए हितकारी नहीं है और यदि हमने एक बार रास्ता खोल दिया तो फिर कोई ना कोई रास्ता यह सरकार प्रदेश के हितों को नीलाम करने के लिए निकालती रहेगी। अब फिर मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम धारा 118 के नियमों का सरलीकरण करेंगे। लेकिन अपने मित्र मंडली और व्यापारी मित्रों के हितों के लिए मुख्यमंत्री ने हमेशा प्रदेश के हितों की अनदेखी की है। धारा 118 की बंदिशों में सरलीकरण को लेकर उनका रुख हमेशा प्रदेश के हितों की खिलाफ रहा है। प्रदेश की संपत्तियां बेचना उनका सबसे प्रिय शगल बन गयाहै। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसके पहले वह पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय 40  हेक्टेयर से ज्यादा भूमि अपने व्यापारी मित्रों को बेच चुके हैं। सरकार के इस कृत्य का भी हमने विरोध किया था। न्यायालय के दखल के बाद सरकार की इस डील पर फिलहाल विराम लगा है। प्रदेश के 20 से ज्यादा होटल इसी तरह से सरकार ने अपने मित्रों को बेचने की फुल प्रूफ प्लानिंग की है। प्रदेश में चल रहे उद्योगों से वसूली का ठेका इस सरकार ने अपने माफिया मित्रों को पहले ही दे रखा है। धुंआधार अवैध खनन के ज़रि प्रदेश के संसाधनों पर डकैती करने का अधिकार सरकार ने पहले ही अपने खास लोगों को दे रखा है। प्रदेश के संसाधनों  का विदोहन हिमाचल प्रदेश को लोगों के हितों के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करते हुए होना चाहिए, मित्रों के भले के लिए नहीं। हम सरकार और मुख्यमंत्री को यह बताना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल और हिमाचलियत की  की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हम  धारा 118 में लेस मात्र की छेड़छाड़ भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री धारा 118 को छूने की कोशिश भी न करें।  नहीं तो हम सड़कों पर उतरने से चूकेंगे नहीं। बड़सर में लोगों से बिना मिले छुपकर गए मुख्यमंत्री  जयराम ठाकुर ने कहा कि बड़सर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने जाने का कार्यक्रम पहले से रखा था। उनके नेताओं ने स्थानीय लोगों को सीएम से मिलवाने के लिए सैकड़ों लोगों को बुला रखा था। लेकिन लोगों की भारी संख्या देखकर मुख्यमंत्री उनसे मिलने के बजाय सीधे शिमला निकल गए? सैकड़ों की संख्या में वहां बुजुर्ग लोग भी आए थे। वहाँ उनका इंतज़ार दिव्यांग भी कर रहे थे लेकिन सीएम साहब को उनकी न तो फ़रियाद सुननी थी और न ही उनके किसी सवाल का जवाब देना था। वहाँ जो भी बुज़ुर्ग और दिव्यांग आए थे उनका सरकार से यही सवाल था कि उनकी क्यों पेंशन बंद है, क्यों नहीं आ रही है। उनकी सहारा पेंशन क्यों नहीं आ रही है? मुख्यमंत्री भले ही उनसे मिले बिना चले गए लेकिन उनके सवाल सरकार का पीछा नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री बताएं कि लोगों को वृद्धा पेंशन क्यों नहीं मिल रही समय से? लोगों की सहारा पेंशन छीनकर उन्हें बेसहारा क्यों बनाया गया है? तीन साल में अस्पताल की एक ईंट भी नहीं रखवा पाए  जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम साहब तीन साल में तीन बार बड़सर सिविल अस्पताल को 100 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा कर चुके हैं। सड़क से लेकर सदन और भाषण से लेकर बजट में भी ऐलान किया है लेकिन तीन साल में उस अस्पताल में एक नई ईंट भी नहीं रखवा पाए हैं? तीन साल में उन्होंने  बड़सर में संस्थाओं को बंद करने का शतक लगाया है। आज जो संस्थाएं उन्होंने लोकार्पित की हैं सब के सब भाजपा सरकार के समय में शुरू हुई और परवान चढ़ी। अगर इस सरकार का उसके कोई योगदान है तो उसमें अड़ंगे लगाने और उसे पूरा करने में देरी करने है।
  • अनुराग ठाकुर के जन्मदिन पर कुष्ठ आश्रम कोटलाखुर्द में जरूरतमंदों को बांटे कंबल

    अनुराग ठाकुर के जन्मदिन पर कुष्ठ आश्रम कोटलाखुर्द में जरूरतमंदों को बांटे कंबल

    वीरेंद्र कंवर बोले: अनुराग ठाकुर के प्रयासों से बदली प्रदेश के विकास की तस्वीर ऊना/सुशील पंडित: हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुक्रवार को कुष्ठ आश्रम कोटलाखुर्द में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुटलैहड़ सेवा संगठन और डेरा बाबा रुद्रानन्द सेवा समिति के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। वीरेंद्र कंवर ने इस अवसर पर अनुराग ठाकुर को समस्त कुटलैहड़ व प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर जन-जन के प्रिय नेता हैं, जिन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच और कर्मशील नेतृत्व के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश में विशेष पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल जगत में नई उड़ान देने में अनुराग ठाकुर का योगदान अप्रतिम है। खेल सुविधाओं के विस्तार से लेकर हजारों खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में उनके प्रयासों ने हिमाचल का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विकास की बात करें तो PGI सैटेलाइट सेंटर, एम्स, स्वां चैनलाइजेशन, अनेक खेल मैदान, IIIT जैसे बड़े प्रोजेक्ट उनके अथक प्रयासों से संभव हो पाए हैं, जिससे प्रदेश के भविष्य को नई दिशा मिली है। इसके अतिरिक्त उन्होंने जरूरतमंद लोगों के लिए सांसद मोबाईल सेवा, मेधावी छात्रों के लिए एक्सपोज़र टूर, सांसद खेल महाकुंभ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के प्रयास, ग्रामीण वंचित छात्रों के लिए ट्यूशन का प्रावधान आदि बहुत से नेक कार्य किये हैं। कंवर ने बताया कि जनकल्याण उनके कार्यों की पहचान है। प्रदेश के विकास और युवाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देखकर हर हिमाचली गर्व महसूस करता है। राज्य को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूती से स्थापित करने में भी अनुराग ठाकुर की भूमिका अहम रही है। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी अनुराग ठाकुर के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा प्रदेश व देशहित में उनके निरंतर योगदान की सराहना की। इस अवसर पर डेरा बाबा रुद्रानन्द सेवा समिति के सदस्य, कुटलैहड़ सेवा संगठन के संयोजक चरणजीत शर्मा,मास्टर रमेश उपप्रधान समूरकलां चरणजीत पुरेवाल, तयूड़ी से प्रमोद कुमार, सोमदत्त, दिलबाग, महेश कौशल, सुनील शारदा, अमन शारदा, मास्टर सतीश, मोनू सहित कुष्ठ आश्रम के निवासी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
  • श्री गुरु तेग बहादर जी की 350वीं जयंती पर पंजाब सरकार ने भेजा देशभर के CM को न्योता

    श्री गुरु तेग बहादर जी की 350वीं जयंती पर पंजाब सरकार ने भेजा देशभर के CM को न्योता

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण पत्र देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र पहले ही दिए जा चुके हैं, जबकि शेष राज्यों को भी शीघ्र निमंत्रण दिए जाएंगे।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि हरपाल सिंह चीमा और लाल चंद कटारूचक्क को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र देने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार, अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण देंगे। डॉ. बलबीर सिंह और हरदीप सिंह मुंडियां छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को, जबकि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और बरिंदर कुमार गोयल को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इसी तरह, हरजोत सिंह बैंस और पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली को महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण देने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, डॉ. बलजीत कौर और महिंदर भगत मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र सौंपेंगे। लालजीत सिंह भुल्लर और डॉ. रवजोत सिंह मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर (जहां राष्ट्रपति शासन लागू है) और नागालैंड में जाकर निमंत्रण पत्र देंगे। दूसरी ओर, गुरमीत सिंह खुड्डियां और संजीव अरोड़ा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र सौंपेंगे।

  • Punjab News: स्कूल की दीवार पर लिखे मिले ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे

    Punjab News: स्कूल की दीवार पर लिखे मिले ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे

    बठिंडाः पंजाब में आए दिन माहौल खराब करने की कोशिशे की जा रही है। वहीं अब तलवंडी साबो के मानावाला गांव में देर रात अजनबी व्यक्तियों द्वारा स्कूल की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के स्लोगन लिखे गए। इस घटना का पता गांव वासियों को तब चला जब सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे।

    जिसके बाद घटना को लेकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची दीवारों पर लिखे नारों पर कालिख पोत दी है। वहीं पुलिस सुपरवाइजर (डी) जसबीर सिंह ने बताया कि अजनबी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। जल्द इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • पाकिस्तान में हुए विस्फोट में 8 आतंकियों की मौत

    पाकिस्तान में हुए विस्फोट में 8 आतंकियों की मौत

    खैबर पख्तूनख्वाः पाकिस्तान में लगातार हमले होने की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में धमाका होने की घटना सामने आई है। अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को दक्षिणी वजीरिस्तान की सीमा से लगे टैंक जिले में एक नवनिर्मित सरकारी बालिका प्राथमिक विद्यालय में विस्फोट कर दिया। पुलिस ने बताया कि यह घटना सियाल गुल कोरोना के गारा बुद्धा गांव में हुई। गनीमत रही कि विस्फोट के समय इमारत खाली थी, जिस कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहां शुक्रवार को इंटेलीजेस बेस्ड ऑपरेशन को दौरान 8 टीटीपी आतंकवादी मारे गए और 5 घायल हो गए हैं। यह अभियान लक्की मरवत जिले के वांडा शेख अल्लाह इलाके में चलाया गया।

    पुलिस ने बताया कि इस अभियान में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के 8 आतंकवादी मारे गए और 5 अन्य घायल हो गए। सुरक्षा अधिकारियों को शक है कि इस क्षेत्र में शिक्षा और साक्षरता, खासकर लड़कियों की शिक्षा, के विकास में बाधा डालने के इरादे से उग्रवादियों ने हमले को अंजाम दिया। अभी तक किसी भी समूह ने स्कूल बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, टैंक जिले में सक्रिय टीटीपी के अलग-अलग समूह लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ हैं और आमतौर पर उनके स्कूलों को निशाना बनाते हैं।

    लोकल एनजीओ द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में इस प्रांत में ऐसे हमलों में 450 से ज्यादा स्कूल नष्ट हो चुके हैं, जिससे छात्रों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ी है या फिर उन्हें खंडहर हो चुकी इमारतों या मलबे के पास पढ़ने को मजबूर होना पड़ा है। पाकिस्तान में 2019 तक लड़कियों के स्कूलों पर कई हमले हुए, खासकर स्वात घाटी और टीटीपी के नियंत्रण वाले पूर्व कबायली इलाकों में। 2012 में, उग्रवादियों ने नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई पर हमला किया, जो लड़कियों की शिक्षा की पैरोकार थीं।

    पाकिस्तान में हाल ही में, मुख्य रूप से अफगानिस्तान की सीमा से लगे प्रांतों में, आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) की वीरवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल खैबर पख्तूनख्वा में अब तक आतंकवाद के कारण 298 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 22 अक्टूबर तक, प्रांत भर में अलग-अलग आतंकवादी घटनाओं में 117 पुलिसकर्मी और 181 नागरिक मारे गए, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 298 हो गई, जबकि 486 अन्य घायल हुए। आंकड़ों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में 2,366 खुफिया-आधारित अभियान चलाए गए।

    जिनमें 1,124 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया और 368 आतंकवादियों को मार गिराया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल के दौरान आतंकवाद से संबंधित विभिन्न मामलों में 6,181 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए। जबरन वसूली करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। इस साल अब तक 1,287 मामले दर्ज किए गए हैं और 209 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए हैं, जबकि अभियानों के दौरान 52 अन्य को गिरफ्तार किया गया है।

     

  • इलाके में Scorpio सवार चालकों ने किया बाप-बेटे का कत्ल, चलाई ताबड़तोड़ गोलियां

    इलाके में Scorpio सवार चालकों ने किया बाप-बेटे का कत्ल, चलाई ताबड़तोड़ गोलियां

    सोनीपतः खरखौदा में स्कॉर्पियो कार में आए 2 अज्ञात हमलावरों ने मोटरसाइकिल सवार बाप-बेटे पर जमकर गोलियां बरसाईं। इस घटना में बाप-बेटे की मौत हो गई। मृतकों की पहचान धर्मवीर और बेटे मोहित के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल से दोनों सोनीपत कोर्ट में तारीख पर जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी।

    स्कोर्पियो में आए हमलावरों ने करीब 15 से 20 राउंड फायर किए। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर स्कॉर्पियो मौके पर छोड़कर किसी राहगीर की बाइक छीनकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक मोहित का करीब 4-5 वर्ष पहले कालू उर्फ सागर से विवाद हुआ था। उसी विवाद में सागर उर्फ कालू की हत्या हो गई थी, जिसकी लाश कई दिन बाद सड़ी-गली हालत में आइएमटी, खरखौदा क्षेत्र से मिली थी। उस मर्डर केस में मोहित पुत्र धर्मबीर का नाम सामने आया था।

    वहीं पिछले वर्ष भी मृतक सागर के भाई राहुल ने मोहित पर गोली चलाई थी, जिसमें वह पीठ में गोली लगने से घायल हुआ था। उस मामले में बाद में दोनों पक्षों के बीच पंचायती समझौता हुआ था। इसी कड़ी से जोड़कर फिलहाल पुलिस मामले में आगे बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस ने स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर मौके से कई खोखे बरामद किए हैं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हमलावरों की तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।