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  • डीसी जतिन लाल ने गोविंद सागर झील क्षेत्र में जनसुरक्षा के मद्देनजर जारी की एडवाइजरी

    डीसी जतिन लाल ने गोविंद सागर झील क्षेत्र में जनसुरक्षा के मद्देनजर जारी की एडवाइजरी

    ऊना/सुशील पंडित:  बंगाणा तहसील के तहत गोविंद सागर झील क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा सुरक्षित सीमा से आगे जाकर जोखिमपूर्ण गतिविधियां किए जाने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डीसी ऊना जतिन लाल ने जनसुरक्षा के मद्देनजर एक एडवाइजरी जारी की है।जतिन लाल ने कहा कि निर्धारित सुरक्षित सीमा से आगे जाना अत्यंत जोखिमपूर्ण है तथा इससे दुर्घटना, डूबने अथवा किसी अन्य गंभीर अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

    उपायुक्त ने आमजन, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे झील में अथवा झील के निकट निर्धारित सुरक्षित सीमा से आगे न जाएं। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया कि वे बाहर से आने वाले लोगों एवं पर्यटकों को झील से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक करें तथा आवश्यकतानुसार निगरानी रखें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों एवं पर्यटकों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा।

    डीसी जतिन लाल ने कहा कि बिना अनुमति एवं उचित सुरक्षा उपकरणों के किसी भी प्रकार की एडवेंचर गतिविधियां न की जाएं तथा अनधिकृत नौकाओं, नावों, फ्लोटिंग उपकरणों का उपयोग बिल्कुल न किया जाए। उन्होंने केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत गतिविधियों में ही भाग लेने की अपील की। इसके अतिरिक्त उन्होंने चेतावनी बोर्डों तथा प्रशासन, पुलिस, स्थानीय कर्मचारियों द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने को कहा।

    उपायुक्त ने झील के किनारे फिसलन वाले, ढलानदार या कमजोर भू-भाग पर जाने से बचने तथा फोटोग्राफी, सेल्फी के दौरान जोखिमपूर्ण स्थानों पर न जाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने झील क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी प्रकार का कचरा जल में या आसपास न फेंकने की अपील की, ताकि फिसलन या अन्य खतरे उत्पन्न न हों।

    उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस को सूचित करें अथवा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपातकालीन नम्बर 01975-225045, 225046, 225049 पर संपर्क करें। उपायुक्त ने कहा कि यह एडवाइजरी जन सुरक्षा की दृष्टि से जारी की गई है तथा निर्देशों की अवहेलना करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

  • Jalandhar News: Mayor Vaneet Dhir के तीखे तेवर, अवैध बिल्डिंगों तथा कालोनियों पर MTP, ATP को जमकर लगाई फटकार

    Jalandhar News: Mayor Vaneet Dhir के तीखे तेवर, अवैध बिल्डिंगों तथा कालोनियों पर MTP, ATP को जमकर लगाई फटकार

    Chairman Ashwani Aggarwal ने कहा किसी भी बिल्डिंग या कालोनी का नहीं दिखाया जा रहा Record

    जालंधर (अनिल वर्मा) : शहर में ध़ड़ाधड़ बनाई जा रही अवैध बिल्डिंगों तथा अवैध कालोनियों के चलते आज नगर निगम जालन्धर के मेयर वनीत धीर, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर बिट्टू, डिप्टी मेयर मलकीत सुभाना, कमिश्रनर संदीप रिशी तथा बिल्डिंग एडहॉक कमेटी के चेयरमैन अश्रवनी अग्रवाल की अध्यक्षता में टाऊन प्लानिंग विभाग की एक बैठक बुलाई गई जिसमें एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा, एमटीपी मेहरबान सहित समूह एटीपी, बिल्डिंग इंस्पैक्टर तथा ड्राफ्ट्समैन मौजूद थे। बैठक की शुरुआत में मेयर वनीत धीर ने अपने तीखे तेवरों से दोनो एमटीपी की जमकर फटकार लगाई और अवैध बिल्डिंगों तथा अवैध कालोनियों पर कानूनी शिकंजा न कसने का कारण पूछा मगर किसी ने भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। मेयर ने कहा कि अधिकारी शहर के कई बिल्डरों तथा कालोनाईजरों के साथ मिलकर नगर निगम का खजाना खाली कर रहे हैं। सिविल लाईन रोड पर एक-एक दुकान का नक्शा पास करवा कर मौके पर 22-22 दुकानें बना दी गई मगर किसी ने कोई कानूनी कारवाई नहीं की। व़ड़िंग के जंजघर के नजदीक कांग्रेसी नेता की कालोनी को दो बार डिमोलिश करने के बाद भी वहां डीलरों ने 17 कोठियां तथा अब बाऊंडरी वाल पर आधा दर्जन दुकानें बनाई जा रही हैं मगर कहीं भी कारवाई नहीं की जा रही जिसमें साफ नजर आ रहा है कि यह सारे अवैध निर्माण बिल्डिग विभाग की मिलीभगत से ही करवाए जा रहे हैं। कमिशनर संदीप रिशी ने इसी माहौल को आगे बढ़ाते हुए दोनो एमटीपी तथ सभी एटीपी इंस्पैक्टरों को दो सप्ताह के भीतर लिखती स्पष्टीकरण मांगा है अगर ज्वाब तसल्लीबक्श नहीं हुआ, तो उक्त अधिकारी के खिलाफ कारवाई करने के लिए सरकार को लिखा जाएगा। बता दें कि नार्थ हल्के के आधीन बचिंत नगर, रेरू, गऊंशाला के समीप 6 से ज्यादा नाजायज कालोनियां काटी जा रही है, जिसे एक एनआरआई काट रहा है। जहां 2-2 मरले के 100 से ज्यादा घर बनाए जा रहे हैं जोकि प्रवासियों को बेचे जाएगें मगर इनमें से किसी का भी नगर निगम से कोई नक्शा पास नहीं है सारे रैवन्यू की चोरी में बड़े शातिर तरीके से मिलीभगत की जा रही है। इसी तरह जेपी नगर रोड पर कई रिहायशी कोठियों को बिना मंजूरी मार्किट में तबदील किया जा रहा है फुटबाल चौक स्थित भाटिया अस्पताल के नजदीत ठेके वाली बिल्डिंग की हाऊस लाईन को कवर करके वहां दो मंजिलों का नया निर्माण किया गया अब वहां तीसरी मंजिल पर काम चल रहा है मगर किसी ने भी कोई काम बंद नहीं करवाया। कैंट हल्के के आधीन सिटी इंक्लेव के सामने 12 दुकानों को सील किया गया था मगर उसे अब बिना परमिशन ही खोल दिया गया। फिलहाल मेयर ने मीटिंग दौरान एक लंबी चौड़ी लिस्ट सौंप सभी एटीपी और इंस्पैक्टरों को स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है जिसके लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
  • बांग्लादेश ने किया T20 World Cup के बहिष्कार का ऐलान, ICC के फैसले के बाद उठाया कदम

    बांग्लादेश ने किया T20 World Cup के बहिष्कार का ऐलान, ICC के फैसले के बाद उठाया कदम

    खेल: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की चेतावनी और अल्टीमेटम के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों और अंतरिम सरकार के खेल सलाहाकर ने टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर अपने रुख पर कायम रहने का फैसला कर लिया है। बांग्लादेश ने यह साफ कर दिया है कि जब तक मैंचों का वेन्यू भारत से बदलकर श्रीलंका में नहीं किया जाएगा तब तक वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेंगे।

    सुरक्षा से नहीं करेंगे समझौता

    खिलाड़ियों के साथ हुई एक जरुरी बैठक के बाद बांग्लादेश के खेल सलाहाकार ने आईसीसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने बांग्लादेश के साथ न्याय नहीं किया है और खिलाड़ियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार सरकार क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी तीनों एक मत हैं कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। खेल सलाहाकार ने यह साफ शब्दों में कहा है कि – हम किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे। दुनिया को यह भी समझना चाहिए कि यदि बांग्लादेश वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा तो उसके क्या नतीजे होंगे। हम अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता नहीं करेंगे।

    बांग्लादेश क्रिकेट ने भी दोहराया फैसला

    बैठक के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह दोहराया है कि उनका फैसला अटल है। बोर्ड का यह कहना है कि मौजूदा हालात में भारत जाकर खेलना सुरक्षित नहीं है। इसलिए वेन्यू बदलकर श्रीलंका किया जाना चाहिए हालांकि आईसीसी ने यह साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के मैच भारत से बाहर नहीं खेले जाएंगे। आईसीसी की इस सख्त चेतावनी के बाद भी बांग्लादेश ने अपने फैसले से पीछे हटने से मना कर दिया है। इस पूरे विवाद के चलते T-20 वर्ल्ड कप पर संकट के बादल गहरे होते दिख रहे हैं। वहीं अब देखना यह होगा कि आईसीसी क्या फैसला लेगा।
  • Jalandhar News: Sun Fly दुकान में हुई 8.5 लाख लूट मामले में आया नया मोड़, कर्मी का शव बरामद, देखें Live

    Jalandhar News: Sun Fly दुकान में हुई 8.5 लाख लूट मामले में आया नया मोड़, कर्मी का शव बरामद, देखें Live

    जालंधर, ENS: वेस्ट हलके के बस्ती 9 में सन फ्लाई की दुकान पर 8.50 लाख रुपए सोनू नामक कर्मी द्वारा चोरी किए गए है। महिला ने कहा कि 8 से 10 साल से यहां दुकान चला रहे है। वहीं इस मामले में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। हैरानी की बात यह है कि दुकान के पास ही शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान 65 वर्षीय इंद्रजीत निवासी आदमपुर के रूप में हुई है, लेकिन वह पिछले कई सालों से यहां बल्ली मार्किट में रह रहा था।

    पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि लूट के बाद उसका इंद्रजीत के साथ विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने इंद्रजीत का कत्ल करके अंदर ही रख दिया था। इस मामले में पुलिस ने अंबाला से चोरी की कार बरामद कर ली है। घटना को अंजाम 2 व्यक्तियों द्वारा दिया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद करके सिविल अस्पताल की मोर्चुरी में रखवाने के लिए भेज दिया है। वहीं मामले को लेकर दुकानदार मधु गुप्ता के साथ बातचीत की जा रही है। अभी तक आरोपी से पुलिस को चोरी के पैसे बरामद नहीं हुए है।

    बता देंकि आज सुबह मधु गुप्ता ने बताया कि सोनू नामक कर्मी तिजौरी में 8.50 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। पीड़िता ने कहा कि उनके पास किसी ग्राहक के पैसे आए थे, लेकिन दो दिन वह दुकान पर नगदी भूल गए। जिसके बाद जब दुकान पर आज आकर देखा कि तिजौरी से पैसे गायब थे। गाड़ी को अंबाला से पुलिस ने बरामद कर लिया था। जिसके बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही थी।

    वहीं पुलिस ने दुकान मालिक को भी अंबाला बुला लिया था। जिसके बाद आरोपी से पूछताछ में अब व्यक्ति की हत्या करने का खुलासा हुआ है। पीड़िता ने कहाकि घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें सोनू ने दुकान के ताले तोड़ दिए और उसके बाद बोरी लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। हालांकि नगदी चोरी की घटना के दौरान चोर ने सीसीटीवी कैमरे की तारें तोड़ दी।

  • Punjab News: पूर्व महिला होमगार्ड से स्नेचिंग, 10 माह बाद FIR दर्ज, देखें वीडियो

    Punjab News: पूर्व महिला होमगार्ड से स्नेचिंग, 10 माह बाद FIR दर्ज, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले में घंटा घर चौक के पास पूर्व महिला होमगार्ड से स्नेचिंग की घटना हुई। हालांकि यह घटना करीब एक साल पुरानी है, लेकिन इस मामले में हैरानी की बात यह है कि महिला से स्नेचिंग मामले में एक साल बाद अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस कालोनी जमालपुर की रहने वाली हरजीत सिंह की पत्नी नीलम ने बताया कि 18 मार्च 2025 को वह एलआईसी दफ्तर से वापिस लौट रही थी कि 3 महिलाएं उसका माइंड वॉश कर लिया। दरअसल, उक्त महिलाओं ने उसे एक कागज थमा दिया और उसके बाद वह उसका माइंड वॉश कर लिया।

    जिसके बाद वह उनके पीछे जाने लगी और उसके बाद उसके कानों से आधा ग्राम की सोने की वालियां, 4 ग्राम की अंगूठी और 3 ग्राम का छल्ला लेकर फरार हो गई। जब वह होश में आई तो उसे लूट के बारे में पता चला। जिसके बाद इस मामले में 3 माह पहले उक्त महिलाएं जालंधर में पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। महिला ने कहाकि बताया कि उसकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं हुआ और महिलाएं जालंधर में एक मामले में गिरफ्तार हो गई।

    इसके बाद वह महिलाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया से देखकर दोबारा थाने गई और शिकायत दी। लेकिन उन्हें फिर से टाल दिया गया। महिला ने कहाकि उसने पुलिस महकमें में 34 साल नौकरी की, लेकिन पुलिस कर्मी उसे ही एफआईआर दर्ज करने को लेकर टालते रहे। वहीं इस मामले में अब थाना कोतवाली के एएसआई सुखविंदर सिंह भी रिटायर हो गए है। जिसके बाद अब पुलिस ने महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर लिया है।

    महिला ने कहा कि एफआईआर दर्ज करवाने को लेकर उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। महिला ने कहाकि सुखविंदर को वह 10 बार फोन करती रही, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद अब पुलिस अधिकारी बलविंदर ने एफआईआर दर्ज की है। महिला ने बताया कि पुलिस कमिशनर दफ्तर शिकायत देने के बाद अब एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन अब इस मामले में कब कार्रवाई होती इसका आने वाला समय बताएगा। महिला ने कहाकि इस लापरवाही को लेकर वह पूर्व एएसआई सुखविंदर के खिलाफ कार्रवाई करवाएगी।

     

     

  • पंजाब फिर बना DPIIT Startup Ranking में ‘टॉप परफॉर्मर स्टेट’

    पंजाब फिर बना DPIIT Startup Ranking में ‘टॉप परफॉर्मर स्टेट’

    चंडीगढ़: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा कराई गई स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग के पाँचवें संस्करण में पंजाब को एक बार फिर श्रेणी ‘ए’ में ‘टॉप परफॉर्मर स्टेट’ का दर्जा मिला है। यह लगातार दूसरी बार है जब पंजाब ने यह उपलब्धि हासिल की है, जो राज्य में मजबूत और गतिशील स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण में हो रही निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

    संजीव अरोड़ा ने कहा कि इस रैंकिंग का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय सुधार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। मौजूदा संस्करण में देश के 36 में से 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया। 1 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 की अवधि के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास का मूल्यांकन छह प्रमुख सुधार क्षेत्रों के आधार पर किया गया।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब सरकार ने स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार किया है। स्टार्टअप पंजाब के माध्यम से राज्य में सीड ग्रांट, ब्याज सब्सिडी और अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों के जरिए स्टार्टअप्स को सहयोग दिया जा रहा है, जिससे पंजाब देश के अग्रणी स्टार्टअप राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

  • ऊना नगर निगम में बिजली ढांचे का होगा व्यापक आधुनिकीकरण, वर्ल्ड बैंक योजना के तहत 20 करोड़ से सुदृढ़ होगी बिजली व्यवस्था

    ऊना नगर निगम में बिजली ढांचे का होगा व्यापक आधुनिकीकरण, वर्ल्ड बैंक योजना के तहत 20 करोड़ से सुदृढ़ होगी बिजली व्यवस्था

    100 ट्रांसफार्मरों का उन्नयन/नए ट्रांसफार्मर होंगे स्थापित, 11 केवी केबल बदली जाएंगी, वोल्टेज में होगा सुधार

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना नगर निगम क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। वर्ल्ड बैंक पावर सेक्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विद्युत ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा।

    इस परियोजना के तहत शहर में करीब 100 ट्रांसफार्मरों का उन्नयन अथवा नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक निर्बाध, स्थिर व भरोसेमंद बनेगी। ऊना के अधीक्षण अभियंता विद्युत दर्शन सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में 11 केवी केबलों का रिप्लेसमेंट, एलटी (लो टेंशन) नेटवर्क में आवश्यक सुधार तथा अन्य तकनीकी उन्नयन कार्य किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्य अगले 6 से 8 महीनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

    उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर में वोल्टेज में सुधार, ट्रिपिंग व फॉल्ट की समस्या में कमी, क्षमता वृद्धि के साथ-साथ जर्जर व खतरनाक विद्युत ढांचे के सुधार में भी मदद मिलेगी। इसके तहत पुराने एवं असुरक्षित तारों तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर को हटाकर नई तकनीक आधारित सुरक्षित विद्युत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    नगर निगम ऊना के आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने इस परियोजना को शहर के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मजबूत बिजली ढांचा आधुनिक शहर की बुनियादी जरूरत है और यह योजना इस दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगी।उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि आमजन को बेहतर से बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूर्ण होने से नगर निगम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर सेवा सुविधा उपलब्ध होगी।

     

  • Punjab News: आतिशी मामले में दिल्ली विधानसभा के नोटिस का पुलिस ने दिया जवाब

    Punjab News: आतिशी मामले में दिल्ली विधानसभा के नोटिस का पुलिस ने दिया जवाब

    मोहालीः दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी मामले को लेकर लगातार मामला गरमाया हुआ है। हाल ही में दो दिन पहले आतिशी मीडिया के सामने आई थी और इस मामले में उन्होंने कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा पर जमकर निशाने साधे थे। आतिशी ने कहा कि झूठ बोलना उनका पुराना काम है। आतिशी ने आरोपों को निराधार बताते हुए विशेषाधिकार समिति के नोटिस पर जवाब दिया और कहा, मैंने गुरुओं का अनादर नहीं किया, विवाद उत्पन्न करने के लिए मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।

    वहीं आतिशी से जुड़े गुरु अपमान वीडियो मामले में पंजाब पुलिस ने वीरवार को दिल्ली विधानसभा के नोटिस के मामले में जवाब भेज दिया है। पंजाब पुलिस ने आतिशी द्वारा सदन में गुरुओं के अपमान किए जाने के वीडियो को एडिटेड और फर्जी बताया है।

    पंजाब पुलिस ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट से साबित हुआ है कि वीडियो में गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं है। माहौल खराब करने के उद्देश्य से एडिटेड वीडियो पोस्ट किया गया है। एडिटेड वीडियो पर कानून के प्रावधानों के अनुसार एफआईआर दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी कहा कि पंजाब पुलिस कि जवाबदेही कोर्ट और केस से संबंधित मजिस्ट्रेट को है।

  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर हिमाचल, भू-तापीय संसाधनों पर नजर

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर हिमाचल, भू-तापीय संसाधनों पर नजर

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गत सायं शिमला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 तक राज्य को ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके अंतर्गत राज्य की 90 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के ध्येय के साथ कार्य कर रही है ताकि हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और पर्यावरण अनुकूल राज्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अब राज्य सरकार भू-तापीय ऊर्जा के उपयोग की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही जलविद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और अब राज्य जल, सौर तथा भू-तापीय ऊर्जा के समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से कोयला, डीजल और लकड़ी जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भू-तापीय ऊर्जा एक सतत, सुरक्षित और विश्वसनीय नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत सिद्ध हो सकती है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को और सुदृढ़ करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू ज़िला के मणिकरण और कसोल तथा मंडी ज़िला के तत्तापानी जैसे क्षेत्रों में भू-तापीय ऊर्जा की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। इन क्षेत्रों में सतही तापमान 57 से 97 डिग्री सेल्सियस तक पाया जाता है तथा यहां भू-तापीय ग्रेडिएंट भी अधिक है, जिससे ये क्षेत्र न केवल विद्युत उत्पादन बल्कि गर्म जल स्रोतों पर आधारित पर्यटन विकास के लिए भी अत्यंत उपयुक्त हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक संसाधन का दोहन ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के दृष्टिकोण के अंतर्गत राज्य सरकार की नवाचार-आधारित शासन व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे भू-तापीय विद्युत संयंत्र कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति जैसे दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को 24ग्7 विश्वसनीय बिजली उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। यह ऊर्जा शिमला, मनाली और केलांग जैसे शीत जलवायु वाले नगरों के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगी, जहां सर्दियों में हीटिंग और गर्मियों में कूलिंग की निरंतर आवश्यकता रहती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भू-तापीय ऊर्जा एक स्थिर बेस-लोड आपूर्ति प्रदान करती है, जो मौसम पर निर्भर नहीं होती।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा के उपयोग से लकड़ी और जीवाश्म ईंधनों की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे वनों की कटाई पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इसके साथ ही तत्तापानी और मणिकरण जैसे क्षेत्रों में भू-तापीय स्पा, रिजॉर्ट और वेलनेस केंद्रों के विकास से पर्यटन तथा ईको-टूरिज्म को नया प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से ड्रिलिंग और संयंत्र संचालन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    इसका उपयोग आवासीय और व्यावसायिक भवनों में सर्दियों में हीटिंग तथा गर्मियों में कूलिंग के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग खाद्य पदार्थों के सुखाने और प्रसंस्करण के लिए भी किया जा सकता है, जिससे बिजली की लागत में कमी आएगी और उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी उल्लेखनीय रूप से घटेंगे। उन्होंने कहा कि किसान ठंडे क्षेत्रों में भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग कर सब्जियों और फूलों की खेती कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि भारत में भू-तापीय ऊर्जा का अब तक सीमित उपयोग हुआ है, लेकिन हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय और टेक्टोनिक बेल्ट वाले राज्य के लिए यह सौर और पवन ऊर्जा के अतिरिक्त एक भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत बन सकती है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के लगभग 80 देश भू-तापीय ऊर्जा का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं तथा अमेरिका इस क्षेत्र में सबसे बड़ा उत्पादक है, जबकि आइसलैंड, इंडोनेशिया और चीन जैसे देशों ने इसका सफलतापूर्वक दोहन किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए भू-तापीय ऊर्जा ऊर्जा-सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी विकल्प सिद्ध होगी।

  • महिलाओं के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

    महिलाओं के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

    शिमला: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास निदेशालय के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल प्रदेश महिला विकास प्रोत्साहन योजना-2013 के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए नामांकन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में महिला विकास एवं सशक्तिकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रदान किए जाएंगे। उपर्युक्त क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान के आधार पर इन पुरस्कारों के लिए चयन किया जाएगा।

    इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं अपने आवेदन 31 जनवरी, 2026 तक संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्राप्त आवेदनों को उपायुक्त की संस्तुति के उपरांत अग्रेषित करेंगे।

    इस पुरस्कार के लिए चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि के साथ एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार 8 मार्च, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किए जाएंगे। प्रवक्ता ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले योग्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं से इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने का आग्रह किया है।