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टीजीटी आर्टस व नॉन मेडिकल/मेडिकल के पदों हेतू काउंसलिंग 7 व 8 नवम्बर को
ऊना/सुशील पंडित: जिला रोजगार कार्यालय ऊना, अम्ब, बंगाणा व हरोली द्वारा टीजीटी आर्टस, नॉन मेडिकल व मेडिकल (टैट पास) अभ्यार्थियों के नाम उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा ऊना को प्रायोजित किए गए हैं। इस बारे जानकारी देते हुए उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा देवेंद्र चंदेल ने बताया कि बैच वाईज़ टीजीटी आर्टस की 7 नवम्बर तथा टीजीटी नॉन मेडिकल/मेडिकल की काउंसलिंग 8 नवम्बर को प्रातः 11 बजे उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा ऊना के कार्यालय में होगी।बीएड बैचउन्होंने बताया कि टीजीटी आर्टस की सामान्य श्रेणी में सितम्बर 2001, ईडब्ल्यूएस वर्ग में मई 2003, सामान्य वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 2005, ओबीसी का 2003 बैच, ओबीसी की बीपीएल श्रेणी में 2004, ओबीसी वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 2016 बैच, एससी 2004 बैच, एससी बीपीएल श्रेणी में 2004, एससी वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में अप-टू-डेट बैच, एसटी श्रेणी में 2004 बैच, एसटी की बीपीएल श्रेणी में मार्च 2006 बैच से भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि टीजीटी नॉन मेडिकल में सामान्य श्रेणी का 1999 बैच, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 2002 बैच, सामान्य वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 2006 बैच, ओबीसी श्रेणी से 2003 बैच, ओबीसी की बीपीएल श्रेणी में 2005 बैच, ओबीसी वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी से अप-टू-डेट बैच, एससी श्रेणी से अगस्त 2006 बैच, एससी वर्ग की बीपीएल श्रेणी से 2008 बैच, एससी वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की अप-टू-डेट बैच, एसटी श्रेणी से 2008 बैच, एसटी वर्ग की बीपीएल श्रेणी में 2018 बैच तथा टीजीटी मेडिकल में सामान्य श्रेणी से 2002 बैच, ईडब्ल्यूएस श्रेणी से 2005 बैच, सामान्य वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 2007 बैच, ओबीसी श्रेणी में 2006 बैच, ओबीसी की बीपीएल श्रेणी और स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी से अप-टू-डेट बैच, एससी श्रेणी से 2006 बैच, एससी की बीपीएल श्रेणी में 2012 बैच, एससी वर्ग की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में अप-टू-डेट बैच, एसटी श्रेणी में 2006 बैच, एसटी की बीपीएल श्रेणी में 2013 बैच से विभिन्न पद भरे जाएंगे।देवेेंद्र चंदेल ने बताया कि जिला ऊना से संबंधित किसी भी अभ्यर्थी का नाम यदि रोजगार कार्यालय द्वारा नहीं भेजा गया है तो वह भी काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि काउंसलिंग से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी व अभ्यार्थियों की सूची इस कार्यालय की वेबसाइट http://www.ddeeuna.in/पर उपलब्ध है। -

नियमों की अवहेलना करने पर काटे 69 चालान
ऊना/सुशील पंडित :जिला पुलिस ऊना द्वारा यातायात नियमों की अवहेलना करने पर 69 वाहनों के चालान काटे गए, जिनमें से 02 चालानों का मौके पर निपटारा कर जुर्माने के रूप में 2500/- रूपए वसूल किए गए Iवहीं सार्वजनिक स्थान पर धुम्रपान करने पर 04 व्यक्तियों के चालान धुम्रपान निषेध अधिनियम के अंतर्गत जिला पुलिस ऊना द्वारा किए गए तथा जुर्माने के रूप में 400/- रूपए वसूल किए गए I -

अकादमी फॉर डिफेंस सर्विसज के 93 युवा सेना में भर्ती हुए
ऊना/सुशील पंडित :हिमाचल प्रदेश अकादमी फॉर डिफेंस सर्विसज एवं जन कल्याण समिति चंद्रलोक कालोनी का भर्ती कार्यालय पालमपुर व हमीरपुर का अग्नि वीर जीडी का परिणाम शानदार रहा है। भर्ती में अकादमी के 93 युवा सेना में भर्ती हुए हैं। अकादमी के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जागीर सिंह कंवर (सेवानिवृत्त) पीएससी, एचसी, उपाध्यक्ष चीफ इंजीनियर कर्ण सिंह (सेवानिवृत्त), निर्देशक कर्नल धर्मपाल वशिष्ट (सेवानिवृत) एलजीएससी, कर्नल कुलदीप सिंह (सेवानिवृत्त) वीएसएम,पीएससी, डॉक्टर अनुपमा मनकोटिया (निर्देशक रिर्सच एवं डिवेल्पमेंट), और प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन विजय शंकर शर्मा (सेवानिवृत्त) ने चयनित युवकों व उनके अभिभावकों को बधाई दी व भविष्य में सफल होने का आर्शीवाद दिया।अकादमी के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जागीर सिंह कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अकादमी फॉर डिफेंस सर्विसज़ एवं जन कल्याण समिति आर्मड फोर्सस व सिविल सर्विसज़ में प्रशिक्षण देने वाली संस्था है। अकादमी की स्थापना वर्ष 2002 में मेजर जनरल विक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) पूर्व सांसद लोकसभा एवं एवीएसएम की अध्यक्षता में स्थापित हुई थी। मौजूदा समय में ब्रिगेडियर जागीर सिंह कंवर (सेवानिवृत्त) पीएससी, एचसी इस अकादमी के अध्यक्ष है। 21 वर्षो में अकादमी ने 14 आफिसर, 6903 युवक एवं 180 युवतियों को विभिन्न सैनिक, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस व अन्य सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है।उन्होंने बताया कि अकादमी में युवाओं से मात्र 7100 रूपये वार्षिक शुल्क लिया जाता है। युवतियों से मात्र 2100 रूपये (एक मुश्त) शुल्क लिया जाता है। आर्थिक दृष्टि से कमजोर प्रक्षिशुओं की फीस माफ की जाती है। अब तक 779 युवकों तथा 420 युवतियों की फीस माफ की जा चुकी है। युवाओं को, विशेष तौर पर युवतियों को मनोविज्ञानिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मनोवैज्ञानिक डाक्टर अनुपमा मनकोटिया द्वारा सभी प्रशिक्षार्थियों को जीवन को अधिक सार्थक ढंग से सफल बनाने के लिए परामर्श दिये जाते हैं। संस्थान में कार्यरत्तर शिक्षक उच्च शिक्षित, अनुभवी एवं कर्मठ मार्ग दर्शक हैं। उन्होंने बताया कि अब अकादमी ने अब सेना में अफसर कोचिंग भी शुरू कर दी है। अभी एनडीए के चार लड़कों में से तीन चयनित हुए हैं, जिसमें एक डॉक्टरी जांच में अयोग्य घोषित हो गया और 2 युवा एनडीए की ट्रेनिंग एनडीए खड़गवासला में कर रहे हैं। हाल ही में एक युवा यतिन कंवर पुत्र जतिंद्र कंवर ऊना से टैक्नीकल स्ट्रीम के अंतर्गत एसएसबी में उत्तीर्ण हुआ है।उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए उक्त नंबरों डीपी वशिष्ट 98166-38159, कर्नल कुलदीप सिंह 62833-02561 पर संपर्क कर सकते हैं। -
बाइक चैकिंग को लेकर युवक ने हेड कांस्टेबल का फोड़ा सिर
चंडीगढ़ः इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के युवक ने हेड कांस्टेबल का सिर फोड़ दिया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देर रात कुछ पुलिसकर्मी गश्त पर थे। इस बीच उन्होंने जांच के लिए एक मोटरसाइकिल चालक को रोका। चालक मोटरसाइकिल के कागज नहीं दिखा पाया था। पुलिसकर्मी उस मोटरसाइकिल को इंपाउंड कर थाने में खड़ी करने के लिए गए थे। इसके बाद मौके पर सिर्फ दो पुलिसकर्मी रह गए थे। जब दो पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे तो एक युवक आकर उनसे बहस करने लग गया। पुलिसकर्मी युवक को पुलिस बीट बॉक्स में ले गए। जहां पर युवक ने दोनों पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो उसने एक पुलिसकर्मी को दांतों से काट लिया और वहां पर रखे गमले से उसके सिर पर वार कर दिया। घायल पुलिसकर्मी वीरेंद्र सिंह के सिर में कई टांके आए हैं। पुलिस ने आरोपी युवक अभिषेक कुमार (21 साल) निवासी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला मंगलवार रात का है। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मी को सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर उसके सिर में टांके लगाए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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प्राथमिक चिकित्सा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित
ऊना/ सुशील पंडित: राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा प्राथमिक चिकित्सा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की प्रशिक्षिका हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी की प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षिका श्रीमती परवीन महाजन रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को रेडक्रॉस मूवमेंट के बारे में विस्तार से जागरूक किया और उन्होंने बताया की अगर किसी के साथ कोई दुर्घटना घटित हो जाती है, तो डॉक्टर के आने से पहले किस प्रकार से घायल व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देकर व्यक्ति की जान को बचाया जा सकता है।इस अवसर पर महाविद्यालय युवा रेडक्रॉस क्लब के सदस्य डॉक्टर अलका, सहायक प्रोफेसर ऋचा, सहायक प्रोफेसर जग मोहन, सहायक प्रोफेसर मोनिका, सहायक प्रोफेसर परवीन सैनी, डॉक्टर वरुण धीमान व बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। -
पंजाबः रिश्वत लेते रंगे हाथों DSP का रीडर काबू
अजनालाः विजिलेंस ब्यूरो ने अजनाला के डीएसपी के रीडर को 17 हजार रुपये की रिश्वत लेते दफ्तर से रंगे हाथों काबू किया है। आरोपी की पहचान सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) राज कुमार के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना अमृतसर रेंज में भ्रष्टाचार रोधी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। उसे वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी को अमृतसर जिले के अजनाला कस्बे के रहने वाले मोहन सिंह की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी रीडर ने उसे अपने दफ्तर बुलाया था। साथ ही कहा कि उसके खिलाफ चोरी हुई कानों की वाली खरीदने के संबंध में शिकायत मिली है। अगर वह इस मुकदमें से बचना चाहता है तो उसे 50 हजार रिश्वत देनी होगी। बाद में दोनों में सौदा 35 हजार रुपये में हुआ लेकिन आरोपी अधिकारी की धमकी के बाद पीड़ित ने शिकायत विजिलेंस को दी। इसके बाद विजिलेंस ने रणनीति बनाई और आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 17 हजार रुपये रिश्वत लेते दबोच लिया।
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ਪੰਜਾਬ : ਬਾਂਦਰ ਨੇ ਮਚਾਈ ਦਹਿਸ਼ਤ, ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕਰ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਜ਼ਖ਼ਮੀ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ
ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ : ਪਿੰਡ ਦੇਹਣੀ ਵਿਚ ਇਕ ਬਾਂਦਰ ਨੇ ਸ਼ਿਵ ਮੰਦਿਰ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਮਚਾਈ ਹੋਈ ਹੈ। ਇਸ ਬਾਂਦਰ ਨੇ ਕਈ ਬੱਚੇ ਔਰਤਾਂ ਅਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਨੂੰ ਘਾਇਲ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਪਿੰਡ ਬਾਸੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ।ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋ ਗੁਹਾਰ ਲਗਾਈ ਹੈ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਪਿੰਡ ਦਹਿਣੀ ਦੇ ਸ਼ਿਵ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਬਾਂਦਰ ਵੱਲੋਂ ਅੰਤਕ ਮਚਾਇਆ ਹੋਇਆ ਹੈ।
ਇਹ ਬਾਂਦਰ ਮੰਦਰ ਮੱਥਾ ਟੇਕਣ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਤੰਗ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਬੈਠ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕੱਪੜੇ ਫਾੜਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨੋਚ ਕੇ ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਘਾਇਲ ਵੀ ਕਰ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਬਾਂਦਰ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਵੜ ਕੇ ਸੁੱਤੇ ਹੋਏ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਤੰਗ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਗੁਹਾਰ ਲਗਾਈ ਹੈ ਕੀ ਇਸ ਬਾਂਦਰ ਨੂੰ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਫੜ ਕੇ ਜੰਗਲ ਵਿੱਚ ਛੱਡਿਆ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਸਾਨੂੰ ਬਚਾਇਆ ਜਾਵੇ
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पंजाबः डेंगू ने ली पूर्व इंस्पेक्टर गुरमीत पिंकी कैट की जान
सरहिंदः पंजाब के चर्चित पुलिस कैट गुरमीत पिंकी की मौत होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पिंकी को डेंगू हुआ था, जिसके बाद उसके प्लेटलेट्स घट गए थे। इस दौरान बीमार चल रहे पिंकी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक वह खरड़ के नजदीक सरहिंद में बने फार्म हाउस में ही रहता था। पिंकी का अंतिम संस्कार बेटी के विदेश से लौटने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। पंजाब में आतंकवाद के दौरान गुरमीत सिंह पिंकी को पुलिस मुखबिर माना जाता था। जिसे बाद में पुलिस इंस्पेक्टर बना दिया गया। इसके बाद 2001 में उसने लुधियाना के एक युवक अवतार सिंह उर्फ गोला को सिर्फ रास्ता पूछने पर गोली मार दी थी। इस आरोप में उसे उम्रकैद की भी सजा हुई।
हालांकि किसी तरह वह 7 साल के बाद ही जेल से बाहर आ गया। इससे पहले पिंकी कैट ने पूर्व सीएम बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषियों को गिरफ्तार करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। जिसके लिए मेडल भी मिला था। पिंकी पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी का करीबी माना जाता था। लुधियाना रेंज आईजी रहे गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पिंकी को पुलिस की नौकरी में बहाल कर दिया था। मगर मीडिया में खबर आने के बाद उसे रातों-रात फिर से बर्खास्त कर दिया गया था। पिंकी ने पुलिस वीरता पदक भी जीता था। हत्या के केस में नाम आने के बाद से पिंकी विवाद में रहा। एक बार दावा किया था कि उनके पास पंजाब में आतंकवाद के दौरान हुई 52 फर्जी मुठभेड़ों के सबूत हैं। जिसके बाद से पंजाब में सियासत काफी गरमा गई थी।
पिंकी को कोर्ट ने हत्या के केस में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मगर 7 साल, 7 महीने बाद कोर्ट ने उन्हें पैरोल ग्रांट की थी। जिसके बाद वह 486 दिनों तक जेल से बाहर रहा। पिंकी पहली बार 4 अप्रैल 2008 को दो हफ्ते के लिए पैरोल पर आया था। जिसमें 52 दिन बढ़ाए गए और 31 मई 2008 को वह वापस जेल आया। 25 मई 2009 को वह फिर से चार सप्ताह के लिए पैरोल पर बाहर आया। जिसे दो बार बढ़ाया गया। तब करीब 143 दिनों तक पिंकी जेल से बाहर रहा। फिर वह 18 अक्टूबर 2009 को जेल वापस लौट गया। इसके बाद 2011 से 2012 तक तीन बार जमानत मिली और 112 दिनों तक जेल से बाहर रहा।
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जालंधरः नगर निगम चुनावों को लेकर DC का आया बड़ा बयान
जालंधर, ENS: नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन द्वारा भी चुनावों को लेकर तेजी से प्रबंध किए जा रहे है। इसी संबंध में डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी विशेष सारंगल ने बताया कि लोग 31 अक्तूबर तक संबंधित चुनावी रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ईआरओ) के पास दावे/आपत्तियां दर्ज कर सकते है। उन्होंने बताया कि दावे एवं आपत्तियों का निपटारा 8 नवंबर को किया जाएगा तथा वोटर सूची की अंतिम प्रकाशन 10 नवंबर को होगी।
सारंगल ने बताया कि नगर निगम चुनाव के लिए तैनात ईआरओज़ में एस.डी.एम.-1, एस.डी.एम.-2, सचिव आर.टी.ए., अतिरिक्त मुख्य प्रशासक पुड्डा, डिप्टी कमिश्नर स्टेट टैक्स (आबकारी) जालंधर, जी.एम. उद्योग, कार्यकारी इंजीनियर सीवरेज बोर्ड जालंधर -1, जिला राजस्व अधिकारी, डिप्टी डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड, डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जिला विकास और पंचायत अधिकारी, जिला टाउन प्लैनर, कार्यकारी इंजीनिर जल आपूर्ति और स्वच्छता जालंधर -1 और 2 और सहायक आबकारी कमिश्नर स्टेट टैक्स ऑडिट-1 शामिल है।
उन्होंने कहा कि लोग दावे/आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए इन अधिकारियों के दफ़्तरो से संपर्क कर सकते है।डिप्टी कमिश्नर ने ईआरओ को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी योग्य व्यक्ति, विशेषकर युवा, मतदाता के रूप में रजिस्टर होने से न रहे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नगर निगम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वचनबद्ध है।
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रावण दहन से पहले ही, खुद-ब-खुद जल गया दशानन
नई दिल्ली : सरगुजा संभाग मुख्यालय में सार्वजनिक रावण दहन का आयोजन जमकर आतिशबाजी के बाद फीका पड़ गया। सरगुजा संभाग के कई जिले के लोग अम्बिकापुर में दशहरा मनाने आते हैं। लेकिन इस बार दशहरे का रंग बेरंग हो गया। रावण दहन के आयोजन में उपस्थित हजारों लोगों के बीच रावण पुतला खुद जल गया, जबकि पुतला को जलाने के लिए महीन भर से तैयारी चल रही थी।मंगलवार को दशहरे के दिन जब रावण दहन के लिए विशाल शोभा यात्रा के माध्यम से भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान पहुंचे तो रावण उनके हाथ से ना जलकर खुद जल गया। अम्बिकापुर के पीजी कालेज ग्राउंड में नागरिक सेवा समिति, सरगुजा सेवा समिति और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से पिछले तीस दशक से भी अधिक समय से सार्वजनिक रावण दहन का आयोजन किया जाता है।
हर साल रावण दहन को लेकर पीजी कालेज में बाहर से आए कलाकारों क द्वारा रावण पुतला तैयार किया जाता है। इस बार भी कलाकारों ने 101 फुट का रावण तैयार किया था। मंगलवार को रावण दहन के लिए आतिशबाजी चल रही ही थी कि रावण खुद जल गया। दरअसल, रावण दहन के पहले आतिशबाजी की परंपरा है। इसी आतिशबाजी के दौरान एक चिंगारी रावण के नाभि में लगे उस स्थान पर पहुंच गई, जहां रावण को जलाने के लिए बंम बारूद लगाया जाता है। फिर क्या था रावण के पुतले में आग लग गई और वो खुद ब- खुद जल गया।
रावण दहन के लिए हमेशा की तरह कुछ चुनिंदा बच्चों को भगवान राम लक्ष्मण सीता और हनुमान बनाया गया था।उनको शहर के राम मंदिर से शोभायात्रा के माध्यम से शहर के मुख्य मार्गों से पीजी कालेज ग्राउंड तक लाया गया। जहां राम के प्रतीक बच्चे के हाथ रावण का दहन किया जाना था। उसके बाद जैसे ही यहां आतिशबाजी हुई, लोगों का उत्साह मायूसी में बदल गया। क्योंकि रावण राम प्रतीत बच्चे के हाथ से ना जल कर आतिशबाजी का शिकार हो गया।