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  • Jalandhar की स्वामिनी के Birthday को PM MODI ने बनाया खास, देखें वीडियो

    Jalandhar की स्वामिनी के Birthday को PM MODI ने बनाया खास, देखें वीडियो

    जालंधरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जालंधर दौरा काफी सुर्खियों में है। पीएम मोदी के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान बच्चों के साथ उनकी मुलाकात ने कई यादगार पल छोड़ दिए। ट्रेन में बैठे बच्चों से बातचीत के दौरान पीएम ने बच्ची स्वामिनी से भी मुलाकात की। खास बात यह रही कि स्वामिनी का उसी दिन जन्मदिन था। पीएम मोदी ने स्वामिनी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए अपने हस्ताक्षर वाली टोपी उपहार में दी।

    जीवन का सबसे खास जन्मदिन
    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद स्वामिनी ने कहा कि यह उसके जीवन का सबसे खास जन्मदिन है, जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगी। उसने बताया कि प्रधानमंत्री का उसके पास करीब पांच मिनट बैठना और उससे बातचीत करना उसके लिए किसी सपने से कम नहीं था।

    विकसित भारत बनाने को लेकर चर्चा 
    स्वामिनी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उससे भारत को विकसित भारत बनाने को लेकर चर्चा की और उसके सुझाव भी सुने। बच्ची ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर उसे बेहद खुशी हुई और यह मुलाकात उसके जन्मदिन को जिंदगी का सबसे यादगार दिन बना गई।

    बच्चों में भरा देश भक्ति का जज्बा
    प्रधानमंत्री इस दौरान बच्चों से पूछा कि आपका पसंदीदा विषय कौन सा है। झट से बच्चे बोल पड़े कि गणित। तभी बच्चों ने भी प्रधानमंत्री से पूछ लिया कि आपका पसंदीदा विषय…तब प्रधानमंत्री ने भी हंसते हुए कहा कि आप सबसे मुलाकात करना और बातें करना। फिर प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा कि आपकी नजर में विकसित भारत कैसा होना चाहिए। इसकी शुरुआत सभी आज से ही कर सकते हैं। अपने घर व आसपास सफाई रखें। प्लास्टिक को न कहें। विदेशी की जगह देसी अपनाएं। देशभक्ति बुरी आदतों को छोड़ कर छोटी-छोटी आदतों से भी की जा सकती है। अंत में प्रधानमंत्री ने बच्चों को अपने हस्ताक्षर करके कैप (टोपी) उपहार में दी।

     

     

     

  • पंजाब में धान की सीधी बिजाई के तहत रकबा 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4 लाख एकड़ को पार किया: गुरमीत सिंह खुड्डियां

    पंजाब में धान की सीधी बिजाई के तहत रकबा 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4 लाख एकड़ को पार किया: गुरमीत सिंह खुड्डियां

    चंडीगढ़: भूजल के गिरते स्तर को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके तहत पंजाब ने 2026 के खरीफ सीजन के दौरान 4 लाख एकड़ से अधिक रकबा धान की सीधी बिजाई (डी. एस. आर.) के तहत लेकर हाल के वर्षों में इस उन्नत तकनीक (डीएसआर) को अपनाने में अभूतपूर्व वृद्धि का रिकॉर्ड बनाया है। कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज यहां बताया कि यह रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है।

    इस संबंध में विवरण साझा करते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इस खरीफ सीजन में 31,478 पंजीकृत किसानों ने 4,00,433.26 एकड़ में धान की सीधी बिजाई की है, जबकि वर्ष 2025 में यह रकबा 2.94 लाख एकड़ था। राज्य सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है और किसानों को लगभग 61 करोड़ रुपये देने का अनुमान है।

    कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष (16%) की तुलना में इस वर्ष हुई दोगुनी वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश के किसान डीएसआर को धान की पारंपरिक रोपाई के एक स्थायी विकल्प के रूप में स्वीकार करने लगे हैं। डीएसआर के तहत प्रति एकड़ 15 से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। उन्होंने किसानों के नेतृत्व वाले इस प्रगतिशील बदलाव को भूजल संकट के खिलाफ प्रदेश की सबसे मजबूत सुरक्षा बताया।

    कृषि मंत्री ने बताया कि फाजिल्का जिला 12,063 किसानों द्वारा 1,55,422.77 एकड़ रकबे में धान की सीधी बिजाई के साथ पूरे पंजाब में अग्रणी रहा है। इसके बाद श्री मुक्तसर साहिब 7,345 किसानों द्वारा 1,06,038.81 एकड़ के साथ दूसरे और फिरोजपुर 38,088.59 एकड़ रकबे और 1,929 किसानों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। बठिंडा और संगरूर भी शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा आने वाले वर्षों में डी.एस.आर. के तहत रकबे के और विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए लगातार किसानों का तकनीकी मार्गदर्शन किया जा रहा है और क्षेत्रीय स्तर पर सहायता दी जा रही है।

    स. खुड्डियां ने जिला अधिकारियों को धान की सीधी बिजाई के तहत रकबे की तत्काल सत्यापन करने के आदेश दिए हैं ताकि किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रोत्साहन राशि देने की बात नहीं है, बल्कि पंजाब में भूजल सहित अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की स्थायी संस्कृति पैदा करने का प्रयास है।

  • हरोली में मोटर रूम से चोरी, आरोपी गिरफ्तार

    हरोली में मोटर रूम से चोरी, आरोपी गिरफ्तार

    ऊना,सुशील पंडित: हरोली थाना क्षेत्र में बलराज चंद की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोटर रूम से लोहे के पाइप व अन्य सामान चोरी करने के आरोपी बालकृष्ण निवासी घालूवाल को स्कूटर सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच जारी है।

  • Haryana News: Chandigarh और Panchkula के बॉर्डर पर मिली गली-सड़ी लाश, देखें वीडियो

    Haryana News: Chandigarh और Panchkula के बॉर्डर पर मिली गली-सड़ी लाश, देखें वीडियो

    पंचकूला: चंडीगढ़ और पंचकूला के बॉर्डर पर स्टे गंदे नाले में शव मिलने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार सेक्टर-17 और सेक्टर-18 के बीच बने नाले में राहगीरों ने शव पड़ा देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया।
     
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    सूचना मिलते ही सेक्टर-16 पुलिस चौकी इंचार्ज सिंह राज सिंह मौके पर टीम के साथ पहुंचे। जिसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। चौकी इंचार्ज सिंह राज ने बताया कि शव 8 से 10 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच कर इस मामले की हर पहलू से छानबीन कर रही है। पुलिस ने लोगो से अपील की है कि यदि किसी को मृतक के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह तुरंत संपर्क करें, ताकि शव की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।  
  • जिला के उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध करवाने के लिए अक्तूबर, 2026 में होगा मेगा आयोजन

    जिला के उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध करवाने के लिए अक्तूबर, 2026 में होगा मेगा आयोजन

    एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम से हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री

    शिमला: हिमाचल के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को पहचान दिलवाने के उद्देश्य से सरकार नवीन कदम उठा रही है। इस क्रम में राज्य सरकार के वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट (ओडीटीपी) कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को विशेष पहचान दिलाने तथा स्थानीय लोगों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने के प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक जिले से तीन-तीन उत्पादों सहित प्रदेश के कुल 36 उत्पादों का चयन उनकी आर्थिक संभावनाओं, बाजार में मांग तथा स्थानीय महत्त्व के व्यापक आकलन के आधार पर किया गया है। इनमें बिलासपुर से अदरक, रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) और मत्स्य पालन, चंबा से चंबा चप्पल, सफेद मक्की और ऊन, हमीरपुर से हल्दी, बांस और मक्की, कांगड़ा से कांगड़ा चाय, कांगड़ा लघु चित्रकला और गिलोय, किन्नौर से हिमाचली चुल्ली तेल, किन्नौरी शॉल और चिलगोजा, कुल्लू से ट्राउट मछली, हेम्प ऑयल और कुल्लू टोपी, लाहौल-स्पीति से सी-बकथॉर्न, पुल्ले और हरी मटर, मंडी से सेपू बड़ी, धातु शिल्प तथा पत्थर/लकड़ी की नक्काशी, शिमला से सेब आधारित उत्पाद, स्थानीय शहद, जौ का माल्ट एवं आटा तथा गुच्छी (मोरेल) मशरूम, सिरमौर से लहसुन, अदरक और सिरमौरी लोइया, सोलन से मशरूम, टमाटर और औषधि (फार्मास्यूटिकल) उत्पाद तथा ऊना से आलू, लीची और ड्रैगन फ्रूट शामिल हैं। प्रदेश में उद्यमिता को प्रोत्साहन प्रदान करने और स्थानीय उत्पादकों को संभावित खरीदारों तथा उद्योगों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा तीन विक्रेता विकास कार्यक्रम और पांच रोजगार विकास कार्यक्रम आयोजित करवाए गए हैं। कार्यक्रम के अगले चरण में अक्टूबर 2026 में ओडीटीपी के तहत चयनित उत्पादों की एक भव्य प्रदर्शनी तथा रिवर्स बायर-सेलर मीट आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उत्पादकों, निर्यातकों, निवेशकों, खुदरा विक्रेताओं तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा, जिससे व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादों को विस्तृत बाजार मिलेगा। इस पहल से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाएं सुदृढ़ होंगी, युवाओं और महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य में मूल्य संवर्धन के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य की आगामी औद्योगिक नीति में चिन्हित उत्पादों से जुड़े उद्यमों के लिए व्यापक प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किया जाएगा। इसमें भूमि पर रियायत, स्टाम्प शुल्क में छूट, रियायती बिजली, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति तथा प्राथमिकता क्षेत्र के दर्जे जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग निवेशक वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इससे स्थानीय उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके लिए उत्पादकों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करने के साथ-साथ उन्हें व्यापारिक मेलों, प्रदर्शनियों और बायर-सेलर मीट में भागीदारी के लिए भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम न केवल हिमाचल प्रदेश की समृद्ध विरासत और पारंपरिक कौशल के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और राज्य के समग्र आर्थिक विकास में भी मील पत्थर साबित होगा।
  • बंगाणा में दुकान से अवैध शराब बरामद

    बंगाणा में दुकान से अवैध शराब बरामद

    ऊना,सुशील पंडित: पुलिस थाना बंगाणा की जोल चौकी टीम ने त्यार स्थित Him Bite Bar नामक दुकान में छापेमारी कर 6 बोतल अंग्रेजी शराब (Empyreal Blue) और 2 बोतल देसी शराब (हिम संतरा) बरामद की। इस मामले में दुकान संचालक अनिल कुमार के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

     

  • Jalandhar के सनप्रीत ने PM मोदी को मात्र डेढ़ मिनट में बांधी पगड़ी, देखें वीडियो

    Jalandhar के सनप्रीत ने PM मोदी को मात्र डेढ़ मिनट में बांधी पगड़ी, देखें वीडियो

    कहा- PM बोले पिछली बार से इस बार बेहतर पगड़ी बांधनी है

    जालंधरः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब के जालंधर दौरा हाल ही में सुर्खियों में रहा, जब उन्हें हरे रंग की पगड़ी बांधी गई। यह पगड़ी शहर के सनप्रीत सिंह ने महज डेढ़ मिनट में पीएम मोदी के सिर पर सजाई। यह सनप्रीत का तीसरा मौका था जब उन्होंने प्रधानमंत्री को पगड़ी पहनाई। 17 जुलाई को पीएम मोदी की पगड़ी बांधने की जिम्मेदारी सनप्रीत को दी गई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने उनसे कहा, पिछली बार से बेहतर पगड़ी बांधना है। सनप्रीत के अनुसार उन्होंने महज दो मिनट में प्रधानमंत्री की पगड़ी सजा दी।

    सनप्रीत ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वह प्रधानमंत्री से बातचीत करें,  लेकिन पूरा ध्यान पगड़ी सजाने पर होने के कारण वह उनसे ज्यादा बात नहीं कर पाए। सनप्रीत ने बताया कि पगड़ी सजाते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार और बेहतर पगड़ी सजानी है। सनप्रीत ने कहा कि प्रधानमंत्री की पगड़ी सजाना उनके लिए गर्व और यादगार अनुभव रहा।

    गर्व भरा व यादगार रहा अनुभव
    सनप्रीत ने बताया कि जब वह पगड़ी बांध रहे थे, तो उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत करने की इच्छा जताई, लेकिन पगड़ी बाँधने पर ध्यान केंद्रित होने के कारण वह ज्यादा बात नहीं कर पाए। उनके लिए यह एक गर्व भरा और यादगार अनुभव था। उन्होंने इस काम को पूरी जिम्मेदारी और लगन से किया।

    यह मेरे लिये सौभाग्य की बात 
    सनप्रीत ने यह खुलासा नहीं किया कि पगड़ी बांधने के लिए उन्हें कितने पैसे दिए गए। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात थी कि उन्हें पीएम मोदी को पगड़ी बांधने का मौका मिला। सनप्रीत ने बताया कि उन्होंने पगड़ी बांधने के लिए कोई प्रैक्टिस नहीं की थी। पहले के अनुभव के आधार पर उन्होंने सुनिश्चित किया कि पगड़ी ठीक से बंध जाए और पीएम मोदी को पसंद आए।

    पगड़ी बंधने के बाद पीएम मोदी ने एक मिनट के लिए भी रुके बिना सीधा स्टेज की ओर कूच किया। यह बात दर्शाती है कि पीएम का कार्यक्रम कितना व्यस्त था। जैसे ही पगड़ी बंध गई, उनका आगे का कार्यक्रम चलने लगा।

    पगड़ी बंधवाने की कला सिखा रहे सनप्रीत
    सनप्रीत जालंधर में ‘वेडिंग’ नाम की एक अकादमी चलाते हैं, जहां वह 5 साल से युवाओं को पगड़ी बंधवाने की कला सिखा रहे हैं। यह उनके लिए एक पेशेवर क्षेत्र बन चुका है।

     

     

  • मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत युवा वयस्कों ने करवाए सबसे अधिक कैशलेस हृदय उपचार

    मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत युवा वयस्कों ने करवाए सबसे अधिक कैशलेस हृदय उपचार

    चंडीगढ़: फाजिल्का जिले के 58 वर्षीय मनजीत सिंह कई हफ्तों तक सीने में हो रही तकलीफ को आम थकावट समझकर नज़रअंदाज़ करते रहे। लेकिन जब सीने का दर्द बार-बार होने लगा और थोड़ा सा चलने पर भी बेचैनी महसूस होने लगी तो उन्होंने चिकित्सीय जांच करवाई। जांच में पता चला कि उनके दिल की एक कोरोनरी धमनी में रुकावट थी और तुरंत इलाज की जरूरत थी। कुछ ही घंटों में उन्हें कैथेटराइजेशन लैब में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी करके स्टेंट लगाया और उनके दिल में खून का प्रवाह फिर से बहाल कर दिया।

    मनजीत सिंह का मामला समय पर इलाज के महत्व को दर्शाता है, जबकि सरकारी आंकड़े यह भी बताते हैं कि हृदय रोग बड़ी संख्या में युवाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा वयस्कों की कैशलेस हृदय उपचार करवाने वाले लाभार्थियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी रही है। यह युवा मरीजों के लिए समय पर जांच और विशेषज्ञ हृदय रोग उपचार सेवाओं तक पहुंच के महत्व को उजागर करता है।

    हृदय रोग आमतौर पर बिना किसी चेतावनी के नहीं आता। सीने में लगातार दर्द, सांस चढ़ना, असामान्य थकावट या दर्द का बाहों, जबड़े या पीठ तक फैलना इसके मुख्य लक्षण हो सकते हैं। लेकिन अक्सर लोग इन लक्षणों को तब तक नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, जब तक कि ये गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति का रूप नहीं ले लेते। डॉक्टरों का कहना है कि इन चेतावनी संकेतों को समय पर पहचानकर तुरंत इलाज करवाने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है और हृदय को स्थायी क्षति से भी बचाया जा सकता है।

    भारत में यह चुनौती लगातार बढ़ रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, पिछले तीन दशकों के दौरान हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियाँ देश में बीमारी और मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं। तेजी से हो रहा शहरीकरण, कम शारीरिक गतिविधियों वाली जीवनशैली, असंतुलित आहार, तम्बाकू का उपयोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। भले ही हृदय उपचार के क्षेत्र में हुई प्रगति से मरीजों के बचने की संभावना बढ़ी है, लेकिन इलाज की उच्च लागत आज भी कई परिवारों के लिए जीवन-रक्षक उपचार को उनकी पहुंच से बाहर कर देती है।

    मनजीत सिंह जैसे मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती चिकित्सीय नहीं, बल्कि आर्थिक थी। पंजाब में ऐसे कई परिवार, जो हृदय से संबंधित आपात स्थिति का सामना करते हैं, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर इलाज प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना पात्र मरीजों के हृदय से संबंधित इलाज का सारा खर्च वहन करती है। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का बोझ घटाकर यह योजना मरीजों को आर्थिक मजबूरी के कारण इलाज टालने के बजाय समय पर इलाज करवाने के योग्य बना रही है।

    योजना के प्रभाव का अंदाजा स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा जारी आंकड़ों से भी लगता है। 15 जुलाई 2026 तक मुख्य मंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 135 मरीजों का कैशलेस हृदय उपचार किया जा चुका है, जिस पर 2.71 करोड़ रुपये की उपचारात्मक सहायता प्रदान की गई है। इन उपचारों में जन्म से हृदय दोष, हृदय वाल्व से संबंधित रोगों और अन्य जटिल हृदय रोगों की सर्जरी शामिल हैं। ये आंकड़े विशेषज्ञ हृदय रोग उपचार सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं और यह भी स्पष्ट करते हैं कि समय पर जीवन-रक्षक उपचार सुनिश्चित करने में आर्थिक सहायता कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हृदय रोग आज भी सबसे गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैं, लेकिन जागरूकता, समय पर जांच और तत्काल चिकित्सीय उपचार के माध्यम से कई मौतों को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सीने में लगातार दर्द, सांस चढ़ना, असामान्य थकावट या अन्य चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि समय पर चिकित्सा सहायता लेने से जान बचाई जा सकती है।

    उन्होंने कहा, “किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी के कारण जीवन-रक्षक हृदय उपचार में देरी करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पात्र मरीजों को इलाज के खर्च की चिंता के बिना सही समय पर मानक हृदय रोग उपचार प्रदान किया जाए। समय पर जांच और इलाज जान बचाते हैं और हमारी प्रतिबद्धता है कि पंजाब के हर पात्र परिवार तक ऐसी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।”

    माई अस्पताल, मोहाली (इंडस नेटवर्क अस्पताल) के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख और कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सियाल ने कहा, “हृदय रोग आज भी देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैं। जन्म से हृदय दोष और अन्य जटिल हृदय रोगों के मामलों में बड़ी संख्या में इलाज की आवश्यकता पड़ती है। हालांकि, समय पर जांच और इलाज के माध्यम से कई जानें बचाई जा सकती हैं।”

    डॉ. करनदीप सिंह सियाल ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से मरीज बिना देरी इलाज करवाने के लिए आगे आते हैं, जिससे इलाज के परिणाम बेहतर होते हैं और मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं। उन्होंने कहा, “इसके साथ-साथ, रोकथाम ही हमारी सबसे मजबूत सुरक्षा है। हृदय के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित शारीरिक गतिविधियाँ करना, रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रण में रखना और समय-समय पर हृदय की जांच करवाना गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।”

    मनजीत सिंह अपने परिवार के साथ स्वस्थ जीवन बिता रहे हैं और इस बात के लिए आभारी हैं कि उनके लिए चिकित्सीय आपात स्थिति आर्थिक संकट में नहीं बदली। उनकी कहानी पंजाब के ऐसे कई अन्य लोगों की कहानी है, जिन्हें इस योजना के तहत समय पर हृदय से संबंधित इलाज मिला है। मनजीत सिंह ने कहा, “सबसे बड़ी तसल्ली सिर्फ इस बात की नहीं है कि अब उच्च स्तरीय चिकित्सीय उपचार उपलब्ध है, बल्कि इस बात की है कि समय पर इलाज मिलेगा या नहीं, यह अब हमारी आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं करता।”

     

  • पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: सट्टा, अवैध शराब और चोरी के तीन मामलों में केस दर्ज, एक आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: सट्टा, अवैध शराब और चोरी के तीन मामलों में केस दर्ज, एक आरोपी गिरफ्तार

    ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए सट्टेबाजी, अवैध शराब और चोरी के मामलों में तीन अलग-अलग अभियोग दर्ज किए हैं। पुलिस ने एक आरोपी को चोरी के मामले में गिरफ्तार भी किया है, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है।

     टाहलीवाल में सट्टा खेलते आरोपी से ₹6,240 बरामद

    पुलिस थाना टाहलीवाल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बट्ट खुर्द में छापेमारी कर सतनाम सिंह निवासी वार्ड नंबर-4, बट्ट खुर्द को सट्टा लगाते हुए पकड़ा। पुलिस ने उसके कब्जे से 6,240 रुपये नकद और सट्टा पर्चियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

     

  • नई औद्योगिक नीति शीघ्र लागू होगी, उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी: मुख्यमंत्री

    नई औद्योगिक नीति शीघ्र लागू होगी, उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने आईटी क्षेत्र में निवेश का किया आहवान, निवेश के लिए हिमाचल सबसे उपयुक्त राज्य

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने निवेशकों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश निवेश की दृष्टि से देश के सर्वोत्तम गंतव्यों में से एक है। मुख्यमंत्री ने शनिवार देर सायं द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) चंडीगढ़ द्वारा आयोजित चंडीगढ़ लीडरशिप कॉन्क्लेव एवं 23वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौबीसों घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति ला रही है, जिसके तहत बिजली दरों को कम रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में उठाए गए कदमों के तहत प्रदेशभर में बायोचार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त किन्नौर जिले में जियोथर्मल ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा चुकी है। हिमाचल प्रदेश को पावर सरप्लस राज्य के रूप में रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन वर्षों का पावर परचेज एग्रीमेंट किया जा रहा है। पंजाब को हिमाचल का ‘बड़ा भाई’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता पंजाब के साथ हमारे रिश्ते को और सुदृढ़ करेगा। हिमाचल प्रदेश आईटी क्षेत्र को विस्तार प्रदान करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है। राज्य सरकार डेटा स्टोरेज अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त सोलन जिले के कंडाघाट में आईटी पार्क विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पूर्व प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से राज्य को लगभग 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद यह घटकर लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये रह गया है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार अपनी औद्योगिक नीतियों में आवश्यक संशोधन कर रही है। प्राकृतिक आपदाओं का प्रतिकूल प्रभाव केवल हिमाचल प्रदेश तक ही सीमित नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी आपदाएं आ रही हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण बादल फटने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भी हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए नदियों और खड्डों-नालों से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भी प्रदेश में लगभग 75 लाख लोग रहते हैं। इसलिए पर्यटकों को बिना किसी भय के हिमाचल प्रदेश की यात्रा करनी चाहिए। हिमाचल प्रदेश चंडीगढ़ में अपने 7.19 प्रतिशत हिस्से को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और इस विषय पर लगातार संवाद जारी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से बद्दी तक रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत का 50 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इस परियोजना के आगामी तीन वर्षों में पूर्ण होने की संभावना है, जिससे बद्दी और नालागढ़ के उद्योग विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों और औद्योगिक क्षेत्र दोनों को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार प्रदेश में हेलीपोर्ट का निर्माण कर रही है तथा भविष्य में सभी जिला मुख्यालयों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रमुखता से कार्य कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगपति निवेश हितैषी पहलों का लाभ उठा सकते हैं, जिससे प्रदेश के लोगों के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन तथा आईटी क्षेत्र को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, विधायक सुरेश कुमार एवं सुन्दर सिंह ठाकुर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, टीआईई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, टीआईई के पदाधिकारी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।