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  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पंजाब में युवाओं के सुधार और पुनर्वास के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पंजाब में युवाओं के सुधार और पुनर्वास के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत

    युवाओं के उपचार और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने पर केंद्रित त्रैमासिक अभियान

    चंडीगढ़: भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज पंजाब में युवा सुधार एवं पुनर्वास अभियान की शुरुआत की, जो कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक व्यापक राज्य स्तरीय पहल है। इस अभियान का उद्घाटन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश तथा माननीय उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में किया गया।

    पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि यह त्रैमासिक अभियान 18 जुलाई से 31 अक्टूबर, 2026 तक सभी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से मिशन मोड में चलाया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि अभियान का उद्देश्य पुनर्वास सुविधाओं के माध्यम से नशे के शिकार युवाओं की सहायता करना, मादक पदार्थों के उपयोग को रोकना, उपचार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ नशे की दलदल में फंसे व्यक्तियों को स्वस्थ और नशा-मुक्त जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    प्रवक्ता ने बताया कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि उन्हें सम्मान के साथ नशे पर काबू पाने में सहयोग दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए तीन-चरणीय योजना तैयार की गई है। पहले चरण के तहत 18-31 जुलाई तक – संस्थागत तैयारी, क्षमता निर्माण, जिला मैपिंग तथा संवेदनशील क्षेत्रों और व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण में 1 से 30 सितंबर तक डी.एल.एस.ए. द्वारा स्वैच्छिक परामर्श, पारिवारिक परामर्श तथा पीड़ित युवाओं को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों के लिए रेफर करना शामिल है। उल्लेखनीय है कि लाभार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसी प्रकार तीसरा चरण जो 1 से 31 अक्टूबर तक होगा, जिसके दौरान उपचार के बाद पुनर्वास और फॉलो-अप किए जाएंगे। ठीक हुए युवाओं को पुनः नशे की ओर लौटने से रोकने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार एक्सचेंजों तथा खेल/योग से जोड़ा जाएगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, जेल विभाग, शिक्षा एवं कौशल विकास एजेंसियों, पुलिस, नागरिक समाज तथा प्रतिष्ठित अग्रणी लोगों की भागीदारी वाले बहु-क्षेत्रीय नेटवर्क द्वारा यह अभियान कार्यान्वित किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह अभियान अक्टूबर में समाप्त नहीं होगा बल्कि दीर्घकालिक सहायता के लिए प्रत्येक तिमाही में दोहराया जाएगा। पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने माता-पिता, शिक्षकों, युवा समूहों तथा स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों से नशा-मुक्त पंजाब बनाने के प्रयासों में शामिल होने की अपील भी की।

     

  • लव मैरिज के बाद भी पति की कातिल बनी मेरठ की दामिनी, इंटरनेट पर खोजा सबसे जहरीला सांप

    लव मैरिज के बाद भी पति की कातिल बनी मेरठ की दामिनी, इंटरनेट पर खोजा सबसे जहरीला सांप

    मेरठ में सामने आए अतुल पवार हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी पत्नी दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश कई महीने पहले ही रच ली थी। पुलिस के अनुसार, हत्या को हादसा दिखाने के लिए दोनों ने ऐसा तरीका चुना, जिससे किसी को आसानी से शक न हो।

    इंटरनेट पर खोजा सबसे जहरीला सांप
    पुलिस जांच में सामने आया कि दामिनी ने इंटरनेट पर अलग-अलग जहरीले सांपों के बारे में जानकारी जुटाई। उसने कोबरा, करैत और वाइपर जैसे सांपों के बारे में पढ़ा। जानकारी लेने के बाद उसे पता चला कि करैत सांप बेहद जहरीला होता है और रात के समय ज्यादा सक्रिय रहता है। यह अक्सर भोजन और गर्मी की तलाश में घरों के अंदर भी घुस जाता है और कई बार सो रहे लोगों को काट लेता है। यही वजह थी कि दामिनी और तुषार ने करैत को अपनी साजिश के लिए सबसे उपयुक्त माना।

    सांप की फोटो दिखाकर साथियों से मंगवाया करैत
    जांच के अनुसार, तुषार ने इंटरनेट से करैत सांप की तस्वीर डाउनलोड की और अपने साथियों सोनू और उदय को दिखाते हुए कहा कि उन्हें यही सांप चाहिए। इसके लिए उन्होंने एक सपेरे की मदद ली और उसे 15 हजार रुपये देने की बात तय हुई। काफी कोशिशों के बाद सपेरा करैत सांप पकड़कर लाया और उसे आरोपियों को सौंप दिया।

    हत्या से पहले दो दिन तक सांप को रखा भूखा
    पुलिस के मुताबिक, सांप मिलने के बाद आरोपी उसे दो दिन तक भूखा रखते रहे ताकि वह ज्यादा आक्रामक हो जाए। इसके बाद हत्या की पूरी योजना तैयार की गई और सही मौके का इंतजार किया गया।

    पति को पहले दी गई नींद की गोलियां
    जांच में यह भी सामने आया कि वारदात वाली रात दामिनी ने अपने पति अतुल को दूध में 10 से 12 नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। गोलियों के असर से अतुल गहरी नींद में सो गया। इसके बाद दामिनी ने अपने प्रेमी तुषार को फोन कर घर बुलाया।

    सोते समय बिस्तर पर छोड़ा गया सांप
    पुलिस के अनुसार, देर रात तुषार सांप लेकर घर पहुंचा। इसके बाद दामिनी ने खुद करैत सांप को अतुल के बिस्तर पर छोड़ दिया। भूखे करैत ने सो रहे अतुल को डस लिया। जहरीले सांप के काटने से उसकी मौत हो गई।

    गांव में होने वाली घटनाओं से मिला था आइडिया
    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह भी जानकारी जुटाई थी कि ग्रामीण इलाकों में करैत सांप के घरों में घुसकर लोगों को काटने की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। इसी वजह से उन्हें लगा कि इस तरह की मौत पर किसी को आसानी से शक नहीं होगा। उन्होंने यह भी पता किया था कि हस्तिनापुर क्षेत्र में करैत सांप पाया जाता है या नहीं।

    चारों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ
    पुलिस ने इस मामले में दामिनी, उसके प्रेमी तुषार और उसके साथी सोनू व उदय से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपियों से मिले सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

     

  • Punjab News: 2 किलो हेरोइन सहित 2 नशा तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 2 किलो हेरोइन सहित 2 नशा तस्कर गिरफ्तार, देखें वीडियो

    फाजिल्काः जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सी.आई.ए. (CIA) स्टाफ फाजिल्का की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से 2 किलो 143 ग्राम हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है। यह पूरी कार्रवाई सी.आई.ए. इंचार्ज इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में ए.एस.आई. रणजीत सिंह और उनकी पुलिस पार्टी द्वारा अमल में लाई गई, जो थाना सिटी फाजिल्का के इलाके में गश्त पर तैनात थी।

    गश्त के दौरान जब पुलिस पार्टी मोहल्ला आनंदपुर से आवा लिंक रोड की तरफ बढ़ रही थी, तो वहां एक पीपल के पेड़ के नीचे दो संदिग्ध युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को रोका और जब उनके पास मौजूद किट बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से 2 किलो 143 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान स्वर्ण सिंह (निवासी बस्ती केसर सिंह, जिला फिरोजपुर) और गुरप्रीत सिंह (निवासी आनंदपुर मोहल्ला, फाजिल्का) के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सिटी फाजिल्का में दोनों के खिलाफ एन.डी.पी.एस. एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा नंबर 139 दर्ज कर लिया है।

    ​पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि आरोपी गुरप्रीत सिंह को हेरोइन की यह खेप जज सिंह (निवासी सिद्धू वाला, जलालाबाद) नाम के व्यक्ति ने आगे सप्लाई करने के लिए मुहैया करवाई थी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सप्लायर जज सिंह को भी मुकदमे में नामजद कर लिया है, जो पहले से ही चोरी और लूटपाट जैसे तीन आपराधिक मामलों में लिप्त है। फिलहाल पुलिस आरोपियों का रिमांड हासिल कर इनके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स खंगाल रही है, ताकि नशे के इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

     

     

     

  • राज्यपाल ने JUIT के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए

    राज्यपाल ने JUIT के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए

    प्रौद्योगिकी का उपयोग जनहित में करने तथा रोजगार प्रदाता के रूप में पहचान बनाने का किया आहवान

    शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट के 7वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर मेधावियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक तथा अन्य शैक्षणिक पुरस्कार प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह में 1,966 बी.टेक., 3 इंटीग्रेटिड एम.टेक., 69 एम.टेक., 116 एम.एससी. तथा 90 पीएच.डी. की 2,244 डिग्रियां प्रदान की गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उत्कृष्टता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने रजत जयंती को एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों के सपनों, शिक्षकों के समर्पण तथा हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के उल्लेखनीय योगदान का प्रतीक है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने उन्हें चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने तथा सफलता को मंजिल नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत मानने का संदेश दिया। सूचना प्रौद्योगिकी, एआई, डिजिटल इंडिया और इंडस्ट्री 4.0 के इस युग में प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। जेयूआईटी के विद्यार्थियों द्वारा विकसित एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य सहायता चैटबॉट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि नवाचार के माध्यम से समाज की वास्तविक आवश्यकताओं का समाधान किया जा सकता है। राज्यपाल ने अनुसंधानकर्ताओें और युवा नवोन्मेषकों का आहवान किया कि वे पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट चुनौतियों, जैसे आपदा प्रबंधन, सतत कृषि तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान विकसित करें। विद्यार्थियों से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध औषधीय गुणवत्ता से युक्त जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान करने का भी आहवान किया। ऐसे नवाचार स्थानीय किसानों के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित कर सकते हैं। सतत विकास पर बल देते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने वाले प्रत्येक इंजिनियर और पेशेवर को अपने कार्यों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, जल संसाधनों के संरक्षण तथा प्रकृति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विकास सुनिश्चित करने का आहवान किया। डिग्री एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाएं इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय की छात्राएं विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन करती रहेंगी। राज्यपाल ने कहा कि जेयूआईटी ने देश और दुनिया के लिए कुशल और निपुण पेशेवर तैयार किए हैं। उन्होंने स्नातकों से रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार प्रदाता के रूप में स्थापित होने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता की भावना हिमाचल प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगी। इससे पूर्व, कुलपति प्रो. आर.के. शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्लेसमेंट, पेटेंट, शोध प्रकाशनों, स्टार्टअप इकोसिस्टम तथा राष्ट्रीय एवं वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक साई दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल एवं अकादमिक काउंसिल के विशिष्ट सदस्य, शिक्षकगण, पूर्व छात्र, स्नातक विद्यार्थी अभिभावक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
  • डी.ई.ओ., चुनाव पंजीकरण अधिकारी और बी.एल.ओज. के समर्पित और सुहृद प्रयासों के कारण मिली यह उपलब्धि : सी.ई.ओ. अनिंदिता मित्रा

    डी.ई.ओ., चुनाव पंजीकरण अधिकारी और बी.एल.ओज. के समर्पित और सुहृद प्रयासों के कारण मिली यह उपलब्धि : सी.ई.ओ. अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र धर्मकोट और गढ़शंकर में एस.आई.आर.- 2026 के तहत चुनाव रिकॉर्डों और प्रक्रियाओं के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने की सराहना करते हुए कहा कि यह मील का पत्थर पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिक चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में पंजाब की निरंतर प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    फील्ड स्टाफ की भूमिका का हवाला देते हुए सी.ई.ओ. मित्रा ने कहा कि जिला चुनाव अधिकारी (डी.ई.ओ.), चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), और बी.एल.ओज. के समर्पित और समन्वयपूर्ण प्रयासों के कारण ही यह सफलता मिली है। उनकी प्रतिबद्धता, सुहृदता और टीम वर्क ने न केवल डिजिटलीकरण कार्यों के निर्विघ्न क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया बल्कि धर्मकोट और गढ़शंकर को राज्य के लिए एक आदर्श चुनाव क्षेत्रों के रूप में स्थापित किया है।

    मित्रा ने पंजाब भर के मतदाताओं से 19 जुलाई, 2026 को होने वाले आगामी विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की, क्योंकि राज्य एस.आई.आर.- 2026 के घर-घर गणना चरण को पूरा करने की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने दोहराया कि एक समावेशी और त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। धर्मकोट और गढ़शंकर क्षेत्रों की यह उपलब्धि समन्वय, समर्पण और परिणाम-उन्मुख प्रदर्शन का स्पष्ट प्रमाण है, जो कि एक मजबूत और डिजिटल रूप से सशक्त चुनाव प्रणाली की ओर बढ़ते पंजाब का चित्र प्रस्तुत करती है।

  • पटाखा फैक्टरी में लगी भीषण आग, 8 लोगों की मौत, 15 घायल

    पटाखा फैक्टरी में लगी भीषण आग, 8 लोगों की मौत, 15 घायल

    धमाकों से दहला पूरा इलाका, बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्टरी

    अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

    आग लगते ही होने लगे तेज धमाके
    जानकारी के अनुसार, यह हादसा अहमदाबाद के मेहमदपुरा स्थित टैलेंट पटाखा फैक्टरी में हुआ। आग लगने के कुछ ही देर बाद फैक्टरी में रखे पटाखों और विस्फोटक सामग्री में लगातार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सुरक्षा के लिए आसपास के इलाके को खाली कराया गया।

    कई किलोमीटर दूर से दिखाई दिया धुएं का गुबार
    आग इतनी भीषण थी कि फैक्टरी से उठता काला धुआं कई सौ मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया। धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आग किस वजह से लगी। इसकी जांच की जा रही है।

    बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्टरी
    जेपीसी क्राइम ब्रांच के अधिकारी शरद सिंघल ने बताया कि हादसे के समय फैक्टरी में करीब 15 कर्मचारी काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्टरी बिना लाइसेंस के चलाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    पुलिस कर रही है जांच
    पुलिस और प्रशासन की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग लगने की असली वजह क्या थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बिना लाइसेंस फैक्टरी कैसे चल रही थी और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।

    घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज
    यह हादसा रामोल-गात्राड रोड स्थित फैक्टरी में हुआ। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के साथ-साथ घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। पीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन को सभी प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

     

     

     

  • डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री

    डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

    इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, कैलाश फैडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर, डेंटल कॉलेज शिमला के प्रिंसिपल डॉ. योगेश भारद्वाज, एओएमएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रंगीला राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

     

  • लिदकोट में रास्ता रोककर मारपीट, मामला दर्ज

    लिदकोट में रास्ता रोककर मारपीट, मामला दर्ज

    ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के पुलिस थाना बंगाणा के तहत आने वाले लिदकोट गांव में रास्ता रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

     पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जसविन्द्र सिंह, निवासी लिदकोट, तहसील बंगाणा, जिला ऊना ने शिकायत दर्ज करवाई कि शनिवार सुबह लिदकोट में अरुण कुमार, निवासी लिदकोट ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना बंगाणा ने आरोपी अरुण कुमार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

     

  • बद्दी मे लगाया नेत्र जांच शिविर में 150 रोगियों को मुफ्त दवाईयां दी गई

    बद्दी मे लगाया नेत्र जांच शिविर में 150 रोगियों को मुफ्त दवाईयां दी गई

    मितल आई केयर सेंटर के चिकित्सक ने रोगियों की जांच की

     बददी, सचिन बैंसल: बद्दी के सामुदायिक भवन में निशुल्क रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में नालागढ़ के मितल आई केयर सेंटल के संचालक ड़ा. दिनकर मितल ने 150 रोगियों की नेत्र जांच कर उन्हें मुफ्त दवाईयां बांटी गई। शिविर में कुछ लोगों की आंखो में गंभीर समस्याएं पाई गई, उन्हें नालागढ़ स्थित अस्पताल में बुलाया गया।

     बद्दी के सामुदायिक भवन में आयोजित शिविर का शुभारंभ  नगर परिषद के पूर्व चैयरमैन चौधरी मदन लाल ने किया। उन्होंने कहा कि बद्दी में देश भर के लोग उद्योगो में काम करते हुए इस तरह से शिविर नगर निगम के अन्य वार्डो में भी लगाए जाएंगे। शिविर के दौरान 150 लोगों की आंखों की जांच की गई और उन्हें मुफ्त दवाईयां भी दी गई।

    नेत्र चिकित्सक ड़ा. दिनकर मितल ने बताया कि इन लोगों की आंखो में मोतिया व अन्य रोग पाए गए, उन्होंने नालागढ़ चिकित्सालय में बुलाया गया। इन रोगियों को रिहायत दरों पर उपचार किया जाएगा। इस मौके पर संजीव कुंडलस, गुरपाल सिंह, कुलदीप सिंह, मनीष कुमार, अर्पित शर्मा, दारा सिंह, बिदर चौधरी, हैप्पी, जोनी पचं, पवन कुमार, मनीष संधू, रामबली, राज कुमार राजू बिलांवाली, राजा, बीना शर्मा,  रानी मितल, अंजु शर्मा, गायत्री शर्मा, मोनिका मितल, परमजीत कौर ने भाग लिया।

     

  • Punjab News: कांग्रेस ने MC प्रेम रानी और उनके बेटे को 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित, देखें वीडियो

    Punjab News: कांग्रेस ने MC प्रेम रानी और उनके बेटे को 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित, देखें वीडियो

    फिरोज़पुर: जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) पद के चुनाव के बाद पार्टी हाईकमान ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। कांग्रेस ने नगर निगम की पार्षद (MC) प्रेम रानी और उनके बेटे मोती (मोंटी) को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस फैसले के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

    पार्टी विरोधी गतिविधियों का लगा आरोप
    कांग्रेस हाईकमान का कहना है कि दोनों नेताओं ने प्रेसिडेंट चुनाव के दौरान पार्टी के अनुशासन का पालन नहीं किया। उन पर पार्टी के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया।

    मोंटी की गतिविधियों पर लंबे समय से थी नजर
    जानकारी के अनुसार, मोती उर्फ मोंटी पिछले काफी समय से पार्टी की गतिविधियों से दूर चल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए और कुछ ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिन्हें कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के हितों के खिलाफ माना। पार्टी हाईकमान ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का फैसला किया।

    मां-बेटे दोनों पर एक साथ गिरी गाज
    कांग्रेस ने सिर्फ मोती ही नहीं, बल्कि उनकी मां और मौजूदा कांग्रेस पार्षद प्रेम रानी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पार्टी ने दोनों को अगले छह वर्षों तक कांग्रेस की सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

    फिरोज़पुर की राजनीति में बढ़ी हलचल
    इस फैसले के बाद फिरोज़पुर की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। कांग्रेस के इस कदम को पार्टी अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। वहीं, अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीति में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।