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  • Punjab News: Social Media Platform से हो रही थी नशे और हथियारों की तस्करी, 4 किलो हेरोइन सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: Social Media Platform से हो रही थी नशे और हथियारों की तस्करी, 4 किलो हेरोइन सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस ने नशे और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 4.108 किलो हेरोइन, 4 आधुनिक पिस्टल और 5 कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों से संपर्क में थे। ये आरोपी पंजाब में आगे सप्लाई करने के लिए नशे और हथियारों की खेप प्राप्त करते थे। पुलिस ने थाना छावनी में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    गिरफ्तार आरोपियों में तरसेम सिंह उर्फ कहिरो उर्फ पहलवान, निवासी तरनतारन शामिल है, जिनके खिलाफ पहले से ही 16 मामले दर्ज हैं। दूसरा आरोपी अरशदीप सिंह है जो युवा उम्र का है और मज़दूरी करता था। पुलिस के मुताबिक मुख्य सरगना गुरप्रीत सिंह उर्फ किशन है जो विदेश बैठकर पूरे नेटवर्क को चला रहा था और उसके खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं।

    पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे और गैंगस्टरवाद से बचाना है। उन्होंने कहा कि विदेश और सीमा पार बैठे अपराधी युवाओं को पैसे और विदेश भेजने के लालच में अपराध की ओर भटका रहे हैं। उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें सही रास्ते पर लाएं। पुलिस अब इस मॉड्यूल के अगले और पिछड़े संबंधों की तलाश कर रही है और और साथियों की तलाश जारी है।

     

     

  • लोगों की भीड़ ने Police Station पर किया हमला, सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा

    लोगों की भीड़ ने Police Station पर किया हमला, सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा

    मिर्जापुरः शहर में भीड़ द्वारा पुलिस चौकी में घुसकर सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटने का मामला सामने आया है। इस दौरान लोगों ने दरोगा की वर्दी फाड़ दी और मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जमकर गाली-गलौज भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस चौकी में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

    जानकारी मुताबिक, पैदल चल रहे युवक को एक ई-रिक्शा से हल्की चोट लग गई थी। इसके बाद युवक के साथ मौजूद 6 से अधिक लोगों ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही करीब 100 मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी से सिपाही मौके पर पहुंचे और सभी को पकड़कर चौकी ले आए। युवकों के गुस्से को देखते हुए चौकी के हेड कॉन्स्टेबल कमलेश पासवान ने ई-रिक्शा चालक को एक कमरे में बंद कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने फोन कर गांव से करीब 20 लोगों को बुला लिया, जो चौकी पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसी बीच, एक युवक वीडियो बना रहा था, जिसका मोबाइल सिपाही ने छीन लिया। इसी बात से नाराज होकर भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।

    सूचना मिलने पर थाने और आसपास की चौकियों से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चौकी का है। पुलिस ने वकील समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है। घायल सिपाही और हेड कॉन्स्टेबल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा ने बताया कि एक सड़क हादसे में पुलिस दोनों पक्षों को चौकी लाई थी। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से 15 से अधिक लोग चौकी में घुस आए और पुलिस पर हमला कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल और चौकी प्रभारी घायल हुए हैं। वर्दी फाड़ी गई है। 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • नगर निगम की हाउस मीटिंग में भारी हंगामा, एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट की चेतावनी, देखें वीडियो

    नगर निगम की हाउस मीटिंग में भारी हंगामा, एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट की चेतावनी, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः नगर निगम की बैठक शुरू होते कांग्रेस पार्षदों द्वारा हंगामा किया गया। संसद में महिला आरक्षण बिल पास ना होने का मुद्दा गरमा नगर निगम में भी गरमा गया। भाजपा की महिला पार्षदों ने कहा कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए और उन्होंने बिल पास ना होने की निंदा की। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि पार्षदों का निंदा प्रस्ताव स्वीकार कर इसे टेबल एजेंडा में शामिल किया जाएगा। वहीं हाउस की मीटिंग काम पेंडिंग को लेकर कांग्रेस के पार्षद हंगामा करते हुए मेयर तक पहुंच गए। नगर निगम हाउस की बैठक में कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत ने कहा कि शहर के कम्युनिटी सेंटरों में लगे एसी की सर्विस नहीं हो रही।

    लोग 50 हजार रुपए से अधिक की बुकिंग देते हैं, फिर भी सुविधाएं सही नहीं मिल रहीं। इस दौरान सदन में “कांग्रेस मुर्दाबाद” के नारे लगे। गुरप्रीत ने कहा कि इसमें पार्षदों की नहीं, बल्कि निगम अधिकारियों की गलती है। सभी दलों के पाषर्दों ने कहा गया कि जिन कंपनियों को विकास के काम अलॉट किए गए हैं, वे समय पर काम नहीं कर रही हैं। दो-दो साल हो गए हैं और लोग परेशान हो चुके हैं। सड़कें टूटी पड़ी, सीवरेज लाइनों का काम अधूरा है। इस पर मेयर ने अधिकारियों से पूछा कि पिछले समय में कितनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया, जो समय पर काम नहीं कर रही थीं। कोई जवाब नहीं दे पाया।

    मेयर ने आदेश दिए कि एजेंसियों को लिखा है जिन एजेंसियों के पास चाअलॉट हुआ काम तय समय पूरा होने के बाद पेंडिंग पड़ा हैं, उसे पूरा किया जाए। वरना 15 दिन में कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। साथ ही अगली मीटिंग में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की जाए। नए प्रस्तावों में सड़कों की मरम्मत प्रमुख मुद्दा रहेगा। रोड डिवीजन नंबर-1 के अंतर्गत आने वाली सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों की री-कारपेटिंग के लिए 1710.93 लाख रुपए का संशोधित बजट पास किया जा सकता है।

    इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अटावा, बुड़ैल, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा समेत 10 इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए औपचारिक समझौते का प्रस्ताव रखा जाएगा। सड़क कार्यों में तेजी लाने के लिए 242.67 लाख रुपए की लागत से 4 टिप्पर और 3 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर-कम-लोडर खरीदने पर भी चर्चा होगी। गीले कचरे को जैविक खाद में बदलने के लिए एंजाइमेटिक ऑर्गेनिक कंपाउंड आधारित नए प्रोजेक्ट को स्विस चैलेंज मोड में शुरू करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।

  • भरभराकर मजदूरों पर गिरी निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार, 1 की दर्दनाक मौत

    भरभराकर मजदूरों पर गिरी निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार, 1 की दर्दनाक मौत

    लखनऊः विभूतिखंड इलाके में एनटीपीसी बिल्डिंग और साइबर हाइट्स के पास निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार गिरने का मामला सामने आया है। आज सुबह नींव के बगल में खुदाई के दौरान दीवार के पीछे से मिट्टी खिसक गई जिसके नीचे 2 मजदूर दब गए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया तो एक मजदूर अचेत अवस्था में मिट्टी से निकाला गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विभूतिखंड थाने के इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान बाराबंकी रामनगर के लक्ष्मी शंकर अवस्थी (35) के रूप में हुई। दूसरे साथी तुलसीराम को कम चोट थी। उसे पुलिस ने लोहिया संस्थान में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

    मजदूरों को बाहर निकालने की कड़ी मशक्कत करते रेस्क्यू टीम।
    मजदूरों को बाहर निकालने की कड़ी मशक्कत करते रेस्क्यू टीम।

    जानकारी देते मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने कहा कि D63 का नक्शा पास है। आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है, जिस जमीन पर हादसा हुआ है, उस पर हॉस्पिटल बन रहा है। इसका मानचित्र प्राधिकरण से पास है। वहीं मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया कि दो आदमी नींव की सफाई कर रहे थे। उसी समय मिट्टी खिसक गई और दोनों उसी में दब गए। करीब आधे घंटे तक वह 10 लोग हाथों से मिट्टी निकालते रहे। करीब 40 मिनट बाद पुलिस यहां आई।

    एसीएम सचिन वर्मा ने बताया कि आपदा राहत कोष के जरिये मृतक लक्ष्मीशंकर के परिजन को 4 लाख रुपए की सहायता तत्काल दिलाई जा रही है। मामले में लेखपाल से रिपोर्ट ली जाएगी। आगे की कार्रवाई जारी है।

     

  • हरियाणा में बड़े पैमाने पर विनियमन में ढील, Ease Off Doing बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘Omnibas Bill’ लाने की तैयारी

    हरियाणा में बड़े पैमाने पर विनियमन में ढील, Ease Off Doing बिजनेस बढ़ाने के लिए ‘Omnibas Bill’ लाने की तैयारी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के जरिए से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है।

    कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओमनीबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा।

    बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी।

    सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है। शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी।

    निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।

    लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी।

    इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओमनीबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • चलती बस में लगी भीषण आग, जिंदा जलने से 2 की मौत, देखें वीडियो

    चलती बस में लगी भीषण आग, जिंदा जलने से 2 की मौत, देखें वीडियो

    हांसीः हरियाणा में भिवानी जिले के मिल्कीपुर गांव के पास चलती बस में देर रात आग लग गई। देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया। घटना को लेकर लोगों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद लोगो ने दमकल विभाग और पुलिस को घटना की सूचना दी। मिली जानकारी के अनुसार टायर फटने से ईंधन टैंक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण बस में आग लग गई। बस भिवानी-हांसी मार्ग पर चल रही थी। बस भिवानी से हांसी की ओर जा रही थी। घायलों को हांसी के मलिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई।
     
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    दरअसल, बस में लगी भयंकर आग के बाद मृतकों के शव पहचान के लायक नहीं बचे थे। जिस कारण परिजन डीएनए रिपोर्ट की मांग कर रहे थे। मृतकों की पहचान डीएनए रिपोर्ट के आधार पर कर ली गई है। पुलिस ने मृतकों की पहचान सुनील और बलजीत के रूप में की है। मृतकों में हरियाणा पुलिस की सीआईडी शाखा में कार्यरत सुनील शामिल हैं। वह भिवानी जिले के गांव बड़सी के निवासी थे और बवानी खेड़ा से बस में सवार हुए थे। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस की लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर सुनील के बस में होने का संदेह था, जिसकी पुष्टि अब डीएनए रिपोर्ट से हो गई है। वहीं दूसरे मृतक की पहचान भिवानी की शिव कॉलोनी के बलजीत के रूप में हुई है। बलजीत हिसार स्थित जिंदल फैक्ट्री में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए रिपोर्ट के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में लगातार जुटे हुए हैं। हालांकि, बस में आग लगने का वास्तविक कारण या धमाका कैसे हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी नीर सिंह ने पुष्टि की है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की पहचान हुई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।      
  • दिन दहाड़े पूर्व फौजी का गोलियां मारकर कत्ल, देखें वीडियो

    दिन दहाड़े पूर्व फौजी का गोलियां मारकर कत्ल, देखें वीडियो

    बेटी की शादी पर पैरोल लेकर आया था मृतक

    गुरुग्रामः हरियाणा में गुरुग्राम में दिन दहाड़े गोलियां मारकर व्यक्ति का कत्ल कर दिया गया। दरअसल, कासन इलाके में आज सुबह भीड़भाड़ वाले बाजार में गोलियों की आवाज गूंज उठी। जहां दिन दहाड़े व्यक्ति को गोलियां मारी गई। दरअसल, सुंदर फौजी रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकला था। घर लौटते समय जैसे ही वह मोनी बाबा चबूतरे के पास पहुंचा, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने एक के बाद एक कई गोलियां चलाईं और घटना में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय सुंदर फौजी के रूप में हुई है। मृतक मर्डर केस में उम्र कैद काट रहा है और जेल से पैरोल पर घर लौटा ही था। बताया जा रहा है कि ये मर्डर पिता की हत्या की रंजिश में बटे के द्वारा किया गया था। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि इस वारदात को अंजाम देने वालों में पूर्व सरपंच बहादुर का बेटा और उसका एक साथी शामिल है। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुंदर फौजी साल 2018 में हुए पूर्व सरपंच बहादुर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। दोनों कभी दोस्त हुआ करते थे और सेना में रहते हुए एनएसजी कमांडो भी रह चुके थे। बताया जाता है कि पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद सुंदर ने बहादुर की हत्या कर दी थी। हाल ही में 20 अप्रैल को उसकी बेटी की शादी थी, जिसके चलते वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था। परिवार अभी शादी की खुशियों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि इस घटना ने सब कुछ बदल कर रख दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी रंजिश इस हत्या की बड़ी वजह हो सकती है, लेकिन हर पहलू से जांच जारी है।        
  • Cylinder बदलते हुए अचानक हुई Gas Leak से घर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी, 7 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    Cylinder बदलते हुए अचानक हुई Gas Leak से घर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी, 7 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    भिवाड़ीः शहर के साथलका गांव स्थित बिल्लू लेबर कॉलोनी में वीरवार सुबह गैस सिलेंडर लीकेज के कारण बड़े हादसे का मामला सामने आया है। खाना बनाते समय अचानक आग लगने से एक ही परिवार के 7 सदस्य झुलस गए। वहीं घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया गया।
    जानकारी मुताबिक, उत्तर प्रदेश निवासी 35 वर्षीय नेम सिंह अपने परिवार के साथ बिल्लू कॉलोनी में किराए के कमरे में रहते हैं। वीरवार सुबह परिवार की महिला खाना बनाने की तैयारी कर रही थी कि सिलेंडर खत्म हो गया जिसके बाद नेम सिंह दूसरा गैस सिलेंडर बदलने लगे थे कि उसमें अचानक लीकेज शुरू हो गया। कुछ ही पलों में कमरे में एलपीजी गैस फैल गई और फिर आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कमरे में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए और संभलने का मौका ही नहीं मिला। इस हादसे में नेम सिंह सहित परिवार के 7 लोग जिनमें नेम सिंह की पत्नी ममता (30), मामा बृजेश (32), पुत्र पंकज (8), पुत्र छगन (6), पुत्री काजल (15) और पुत्री किशनबती (12) शामिल हैं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए घायलों को कमरे से बाहर निकाला और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल भिवाड़ी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीरता को देखते हुए सभी को अलवर रेफर कर दिया है। भिवाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।      
  • Iran ने दिया Heart Attack, Trump की नाकेबंदी में तेहरान ने दे डाली खौफनाक चेतावनी

    Iran ने दिया Heart Attack, Trump की नाकेबंदी में तेहरान ने दे डाली खौफनाक चेतावनी

    नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा बयान देते हुए यह दावा कर दिया है कि वह जल्द ही ऐसा नया हथियार इस्तेमाल करेगा। इससे दुश्मन देश डरते हैं और उन्हें दिल का दौरा तक पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसमें होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी।

    अमेरिकी रणनीति पर कसा तंज

    ईरान कमांडर ने ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति पर भी निशाना साधा जिसमें आर्थिक दबाव बनाकर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने सोचा था कि वे कम समय में अपने मकसद में कामयाब हो जाएंगे लेकिन अब यह सोच सैन्य अकादमियों में मजाक बन गई हैं। ईरानी कमांडर ने दावा किया है कि ईरानी बलों अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर कम से कम सात मिसाइल हमले किए हैं। इसके कारण कुछ समय तक अमेरिका उस पोत से हवाई ऑपरेशन नहीं कर सका। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 100 से ज्यादा जवाबी हमले किए हैं। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य को दुश्मन देशों और उनके साथियों के जहाजों के लिए बंद कर दिया है। अब जहाजों को गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ रही है। ईरान का दावा है कि यह कदम अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया है। ईरान ने अमेरिकी बलों पर अपने जहाजों को जब्त करने और चालाक दल को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। कमांडर ने इसे समुद्री डकैती और बंधक बनाना करार देते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई सोमाली लुटेरों से भी बदतर हैं।

    ट्रंप ने खारिज किया ईरान का प्रस्ताव

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह ईरान के उस प्रस्ताव को नहीं मानेंगे। इसमें नाकेबंदी हटाने के बदले होर्मुज खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत टालने की बात थी। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी बम बारी से ज्यादा असरदार है। यह ईरान के लिए और खराब होगी। हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। ईरान ने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की भी कसम खाई है और कहा है कि वह दुश्मनों को ऐसा झटका देगा। इसको वो कभी नहीं भूल पाएंगे। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और स्थिति बहुत संवेदनशील बनी हुई है।  
  • अमेरिका ने भारत को लौटाई 14 मिलियन डॉलर की 657 प्राचीन कलाकृतियां

    अमेरिका ने भारत को लौटाई 14 मिलियन डॉलर की 657 प्राचीन कलाकृतियां

    नई दिल्लीः अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित एक समारोह में भारत से तस्करी किए गए कुल 657 पुरानी कलाकृतियों को वापस कर दिया गया। इनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। मैनहैटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के ऑफिस की ओर से इसे लौटाया गया। ये कलाकृतियां पुरानी चीजों के तस्कर सुभाष कपूर और दोषी तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की चल रही जांच के दौरान बरामद की गई थी। जिला अटॉर्नी कार्यालय ने 2012 में कपूर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। नवंबर 2019 में उसे और उसके सात सह-आरोपियों को चोरी की प्राचीन वस्तुओं की तस्करी की साजिश के आरोप में अभियुक्त बनाया गया। कपूर का भारत से प्रत्यर्पण अभी लंबित है, जहां उसे 2022 में तस्करी गतिविधियों के लिए दोषी ठहराया गया था। उसके 5 सह-आरोपियों को मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय पहले ही दोषी ठहरा चुका है। सांस्कृतिक संपत्ति से जुड़े अपराधों में 18 लोगों को दोषी भी ठहराया है, जबकि 7 अन्य लोगों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अभी चल रही है।

    एक आधिकारिक बयान में, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन एल ब्रैग जूनियर ने कहा कि, इन चीजों की वापसी से उन तस्करी नेटवर्क के विशाल पैमाने का पता चलता है, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को निशाना बनाया था। इन वस्तुओं को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की दूत राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत को सौंपा गया। एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट अब तक 6,200 से अधिक सांस्कृतिक धरोहरें बरामद कर चुकी हैं, जिनमें दुर्लभ पुस्तकें, कलाकृतियां, मूर्तियां और प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं। इनकी कुल कीमत 48.5 करोड़ डॉलर से अधिक है। इनमें से 5,900 से अधिक वस्तुएं अब तक 36 देशों को लौटाई जा चुकी हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार लौटाई गई वस्तुओं में ‘अवलोकितेश्वर’ की लगभग 20 लाख डॉलर मूल्य की कांस्य प्रतिमा भी शामिल है, जो शेरों से सजे सिंहासन पर द्वि-कमल आसन पर विराजमान है। इस पर अंकित शिलालेख में कारीगर का नाम द्रोणादित्य बताया गया है, जो छत्तीसगढ़ के वर्तमान रायपुर के पास स्थित सीपुर का निवासी था। यह अवलोकितेश्वर प्रतिमा 1939 में लक्ष्मण मंदिर के पास मिली कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा थी और 1952 तक रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के संग्रह में शामिल हो गई थी। विजय कुमार ने कहा, “अभी 1,000 से ज्यादा कलाकृतियां वापस लाई जानी बाकी हैं; हमें उम्मीद है कि भारत और HSI मिलकर इस दिशा में काम करेंगे, और साथ ही कपूर तथा वीनर से जुड़ी उन फाइलों (dossiers) को भी खंगालते रहेंगे, जिनमें लगभग 50 साल की लूट का ब्योरा दर्ज है।”