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  • सीएम सुक्खू की पहल बनी सहारा, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से अवनी के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली उड़ान

    सीएम सुक्खू की पहल बनी सहारा, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना से अवनी के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली उड़ान

    योजना से मेधावी विद्यार्थियों को बड़ा सहारा, मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण

    ऊना,सुशील पंडित: प्रतिभा को यदि अवसर मिले तो सपनों को साकार होने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्ष 2023 में शुरू की गई डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ऐसे ही हजारों मेधावी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है, जिनके उच्च शिक्षा के सपने आर्थिक अभाव के कारण अक्सर अधूरे रह जाते थे। मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की सुविधा के साथ यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी योग्य विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

    जिला ऊना के चौकीमनियार गांव की अवनी शर्मा इस योजना के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रेरक मिसाल हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाली अवनी के लिए उच्च शिक्षा का सपना लगभग धूमिल होने लगा था, लेकिन डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी। आज वह नकोदर में बी.एससी. मेडिकल (एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई कर रही हैं।

    अवनी बताती हैं कि वे चार बहनें हैं। उनके पिता मनरेगा में कार्य करने के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण चारों बेटियों की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करना परिवार के लिए बेहद कठिन था। ऐसे में आगे की पढ़ाई जारी रखना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें चार लाख रुपये का शिक्षा ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता ने उनकी पढ़ाई की राह आसान कर दी और अब वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।

    अवनी कहती हैं कि आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने उन्हें पार्लर या सिलाई का कार्य सीखकर रोजगार अपनाने की सलाह दी थी, लेकिन उनका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना करियर बनाने का था। मुख्यमंत्री की इस पहल ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। अब उन्हें विश्वास है कि आर्थिक अभाव उनके भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगा। भविष्य में वह स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज की सेवा करना चाहती हैं।

    अवनी की माता सुमन शर्मा कहती हैं कि पहले आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की उच्च शिक्षा परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता होती थी, लेकिन इस योजना ने वह चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। वे मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का भरोसेमंद सहारा बनकर उभरी है।

    इसी प्रकार हरोली विधानसभा क्षेत्र के भदसाली गांव के तनिष्क जसवाल भी इस योजना का लाभ लेकर कम्प्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रदेश सरकार से छह लाख रुपये का शिक्षा ऋण मिलने के बाद उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और अब वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने करियर की तैयारी कर रहे हैं।

    मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण

    उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उप निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, भोजन, अध्ययन सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा चार लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 12 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ-साथ मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिक विद्यार्थी भी बिना आर्थिक चिंता के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

    पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया

    उप निदेशक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा पिछली कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के अलावा स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तथा पीएचडी स्तर तक के पात्र पाठ्यक्रमों के लिए भी शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सरल एवं पारदर्शी है। इसके अलावा इच्छुक विद्यार्थी उप निदेशक उच्च शिक्षा ऊना अथवा निदेशक उच्च शिक्षा, हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट से प्रपत्र-2 डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर किसी भी कार्यदिवस में उप निदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय, ऊना में जमा कर सकते हैं।

    हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे योजना का लाभ

    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, ताकि कोई भी योग्य विद्यार्थी  आर्थिक अभाव के कारण अपने भविष्य से समझौता न करे। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा उसकी आर्थिक परिस्थितियों की मोहताज नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन का प्रयास है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे, ताकि कोई भी सपना केवल संसाधनों के अभाव में अधूरा न रह जाए।

     

  • प्रधानमंत्री ने जींद से 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

    प्रधानमंत्री ने जींद से 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देशवासियों को बड़ी सौगात देते हुए जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने सहित 14,721 करोड़ रुपये की लागत की 9 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन के शुभारंभ की इस ऐतिहासिक पहल से हरियाणा हरित परिवहन क्रांति का अग्रदूत बन गया है।

    सड़क परियोजनाएं की राष्ट्र को समर्पित

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा दौरे के दौरान लगभग 9681 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड राष्ट्र को समर्पित किया। राष्ट्रीय राजधानी को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे तेज, सुरक्षित व निर्बाध सड़क संपर्क प्रदान करने वाली देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है। इसके शुरू होने से हरियाणा के अनेक जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। साथ ही, प्रधानमंत्री ने लगभग 1184 करोड़ रुपये की लागत से बने 33.81 किलोमीटर लंबे अंबाला-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग का भी उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के चालू होने से हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क और अधिक सुगम होगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा लगभग 1606 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 135 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 24.27 किलोमीटर लंबाई के हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास भी किया। इन सड़क परियोजनाओं से क्षेत्रीय एवं अंतर-जिला संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का लोकार्पण

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में 372 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का भी उद्घाटन किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर में लंबे समय से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, सड़क यातायात अधिक सुगम होगा तथा रेल और सड़क दोनों की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। यह परियोजना आधुनिक शहरी परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भिवानी तथा कोरियावास के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का किया उद्घाटन

    स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 594 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, भिवानी तथा लगभग 844 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल, कोरियावास (नारनौल) का उद्घाटन किया। इन संस्थानों के शुरू होने से हरियाणा में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र के लोगों को अपने जिले और आसपास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

    सिख संग्रहालय की रखी आधारशिला

    हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित एवं भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी। लगभग 164 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह संग्रहालय सिख इतिहास, गुरुओं की शिक्षाओं, वीरता, बलिदान और भारतीय संस्कृति में सिख समुदाय के अमूल्य योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित करेगा। इससे कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान और सुदृढ़ होगी तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र बनेगा।  
  • जींद की इको फ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ पर्यावरण का दिया बड़ा संदेश

    जींद की इको फ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ पर्यावरण का दिया बड़ा संदेश

    आज का भारत दुनिया के सामने विकास के नए मॉडल का उदाहरण पेश कर रहा: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: जींद में आयोजित इकोफ्रेंडली रैली ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। रैली में आमजन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने ई-व्हीकल और अन्य ग्रीन एनर्जी से संचालित वाहनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने उपरांत जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे 140 करोड़ भारतीयों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास के प्रतीक होने के साथ-साथ विकसित भारत के शिल्पकार भी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा हरियाणा को 14,721 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदान करने पर उनका आभार व्यक्त किया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। आज का भारत केवल विकास की बात नहीं करता, बल्कि दुनिया के सामने विकास का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। आधारभूत संरचना, रेल, सड़क, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल व्यवस्था सहित प्रत्येक क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कभी भारत दुनिया से तकनीक मांगता था लेकिन आज पूरी दुनिया भारत की तकनीक अपनाना चाहती है। कभी भारत अवसर खोजता था लेकिन आज पूरी दुनिया भारत में अवसर खोज रही है। कभी भारत की क्षमता पर सवाल उठाने वाली दुनिया आज भारत को आत्मविश्वास से भरे नए युग का देश मानने लगी है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ हरियाणा की धरती से होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त उदाहरण है तथा स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की बदौलत पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हरियाणा को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्राप्त हुई है। इससे प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, मेट्रो, स्वास्थ्य संस्थानों तथा अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 4435 दिनों के समर्पित कार्यकाल में यह उनका हरियाणा का 18वां दौरा है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री प्रदेश को 71 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं समर्पित कर चुके हैं। आज की परियोजनाएं हरियाणा के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में प्रत्येक 20 किलोमीटर पर एक कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा किया गया है तथा हर 10 किलोमीटर पर पीएम श्री अथवा संस्कृति मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें से 11 कॉलेज पिछले 12 वर्षों में स्थापित हुए हैं, जबकि तीन नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। साथ ही सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्ष 2031 तक 20 वर्ष से अधिक पुरानी सभी नहरों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा 450 जलाशयों के पुनरुद्धार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से 66 संकल्प पूरे कर दिए हैं तथा शेष संकल्पों को भी निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर जींद की यह विशाल जनसभा पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाई गई है। सभा में आने वाले अधिकांश लोग पेट्रोल और डीजल मुक्त वाहनों से पहुंचे हैं, जो हरित भारत के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा और विकसित भारत की पहली तस्वीर हरियाणा से ही दिखाई देगी। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा सहित हरियाणा के मंत्रीगण, सांसद व विधायक भी उपस्थित थे।  
  • SIT का एक्शनः बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा घोटाले में BKTC के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

    SIT का एक्शनः बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा घोटाले में BKTC के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार

    चमोलीः बदरीनाथ धाम में भगवान के चढ़ावे हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को BKTC के पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व टेंपल ऑफिसर (मंदिर अधिकारी) राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 30 जून को सेवानिवृत्त हुए चौहान को एसआईटी ने करीब चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। उन्हें शुक्रवार, 18 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा। एसआईटी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों और पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे और दान की गिनती में अनियमितताओं और चोरी के मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

    बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान गड़बड़ी के आरोप पहले सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने भी शिकायत दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने जांच के बाद अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसमें चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, गिनती केंद्र और अन्य स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं की पारदर्शी भागीदारी सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई।

    बता देंकि इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 13 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। वहीं, चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने के बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला कर दिया गया था। एसआईटी अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसी पुराने सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है और डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने का प्रयास भी किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

  • गवर्नमेंट हाई स्कूल भदौडी में किशोरावस्था विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित

    गवर्नमेंट हाई स्कूल भदौडी में किशोरावस्था विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित: गवर्नमेंट हाई स्कूल भदौडी में शनिवार को विद्यार्थियों के लिए किशोरावस्था विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व हरोली खंड के  चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिंगारा सिंह के निर्देशन में एम एच एस मोहन लाल ने किया।

    शिविर के दौरान विद्यार्थियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

    डॉ. ने विद्यार्थियों को बढ़ती उम्र में होने वाले बदलावों से घबराने के बजाय सही जानकारी और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बीमारियों से बचाव के उपायों तथा स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक आदतों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।

     

     

  • हाइड्रोजन ट्रेन पहल भारत के रेलवे नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का प्रतीक: अश्विनी वैष्णव

    हाइड्रोजन ट्रेन पहल भारत के रेलवे नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का प्रतीक: अश्विनी वैष्णव

    भारत हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में हुआ शामिल, जींद बना हरित रेल तकनीक का नया केंद्र

    चंडीगढ़: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को देश के रेल इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल भारत के रेलवे नवाचार क्षमता, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जींद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है क्योंकि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आधुनिक एवं अत्याधुनिक तकनीकों के विकास का संकल्प लिया है, जिसके तहत हाइड्रोजन को रेलवे संचालन के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन से संचालित ट्रेनों के लिए आवश्यक संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर लिया है। उन्होंने बताया कि जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस संयंत्र में पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन तैयार की जाती है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त होती है और किसी प्रकार का प्रदूषण या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वैष्णव ने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास, रेल पटरियों का आधुनिकीकरण तथा अब हाइड्रोजन ट्रेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश इस परिवर्तन की स्पष्ट झलक है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय रेल को विश्वस्तरीय, आधुनिक और तकनीक आधारित परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करना है। हरियाणा में रेलवे की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य में रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा को रेलवे परियोजनाओं के लिए लगभग 315 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 3,500 करोड़ रुपये कर दिया है, जो लगभग 11 गुना वृद्धि है। वर्तमान में हरियाणा में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन पहल केवल एक नई ट्रेन का शुभारंभ नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।  
  • भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत

    भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत

    चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर भारत के रेलवे इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत की। यह सिर्फ एक नई रेल सेवा का शुभारंभ नहीं है, बल्कि हरित परिवहन, स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि भी है।

    हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ के साथ हरियाणा देश की हरित परिवहन क्रांति में सबसे आगे आ गया है। यह परियोजना न केवल अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने का उदाहरण है, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीकों को विकसित करने और उन्हें सफलतापूर्वक लागू करने की भारत की बढ़ती क्षमता को भी दिखाती है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन पारंपरिक डीजल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में अधिक स्वच्छ, पर्यावरण के अनुकूल और कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला विकल्प है। भारतीय रेलवे द्वारा हाइड्रोजन आधारित तकनीक को अपनाना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘ग्रीन इंडिया’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को भी और मजबूत करता है।

    इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और आने वाले वर्षों में रेलवे क्षेत्र में हरित नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे।

     

  • ALS Academy में नर्सरी के छात्रा को 12 मिनट तक मॉनिटर ने पीटा, छात्रा निष्कासित, देखें CCTV

    ALS Academy में नर्सरी के छात्रा को 12 मिनट तक मॉनिटर ने पीटा, छात्रा निष्कासित, देखें CCTV

    लखनऊः पीजीआई वृंदावन योजना में स्थित ALS एकेडमी स्कूल से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जहां एएलएस अकैडमी में नर्सरी के 5 वर्षीय छात्र की कथित तौर पर उसकी ही क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। आरोप है कि मारपीट करीब 12 मिनट तक चलती रही। इस घटना में बच्चे के चेहरे और गाल पर गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    मामले की जानकारी देते हुए वृंदावन सेक्टर-6 निवासी बृजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका 5 वर्षीय बेटा कृदय यादव एएलएस एकेडमी में नर्सरी का छात्र है। बुधवार को स्कूल से घर लौटने पर कृदय के चेहरे पर सूजन और चोट के निशान दिखे। जानकारी मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे और कक्षा के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की। परिजनों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में एक सहपाठी छात्रा कृदय को लगातार थप्पड़ मारते, घूंसे मारते और बाल खींचते हुए दिखाई दी। उनका आरोप है कि यह घटना कई मिनट तक जारी रही, लेकिन किसी ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया।

    घटना से नाराज परिजन दोबारा स्कूल पहुंचे और प्रशासन से जवाब मांगा। विद्यालय की प्रधानाचार्य आशा सिंह बिष्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद घटना में शामिल छात्रा को निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस घटना को लेकर परिजनों में अभी भी नाराजगी है। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीजीआई पुलिस को भी दी है। बच्चे का नाम स्कूल से कटवा दिया है। परिजनों का कहना है कि घटना के समय क्लास में कोई टीचर नहीं था। यदि टीचर होता तो शायद यह घटना न होती।

     

  • सीक्रेट ऑपरेशनः बाइक से पीछा कर पुलिस ने सिविल ड्रेस में माइनिंग ट्रैक्टर दबोचा

    सीक्रेट ऑपरेशनः बाइक से पीछा कर पुलिस ने सिविल ड्रेस में माइनिंग ट्रैक्टर दबोचा

    पंचकूलाः हरियाणा में अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए पंचकूला पुलिस अब परंपरागत पुलिसिंग के साथ-साथ नई रणनीतियों और गोपनीय ऑपरेशन का सहारा ले रही है। खनन माफियाओं के लगातार बदलते तौर-तरीकों और पुलिस की गतिविधियों पर उनकी नजर को देखते हुए पुलिस भी अब योजनाबद्ध और चौंकाने वाले अंदाज में कार्रवाई कर रही है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में अमरावती पुलिस चौकी की टीम बुर्जकोटियां के समीप नदी क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन का भंडाफोड़ किया है।

    नवनियुक्त डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार शाम करीब 5 बजे अमरावती पुलिस चौकी को गुप्त सूचना मिली कि बुर्जकोटियां के पास नदी क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा है। पुलिस को यह भी अंदेशा था कि सरकारी वाहन या वर्दी देखकर खनन माफिया मौके से फरार हो सकते हैं। ऐसे में अमरावती चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर प्रीतम सिंह की टीम जिसमें एएसआई चिरंजीलाल, एएसआई कश्मीरी सिंह ने एक अलग रणनीति अपनाई। टीम ने अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए स्थानीय लोगों से एक साधारण मोटरसाइकिल ली और सादे कपड़ों में एक पुलिसकर्मी के साथ आम नागरिक की तरह मौके की ओर रवाना हो गए।

    जैसे ही पुलिस टीम घटनास्थल के करीब पहुंची, ट्रैक्टर चालक को कुछ संदेह हुआ और उसने वाहन को तेजी से भगाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए फिल्मी अंदाज में उसका बाइक से पीछा किया और कुछ ही दूरी पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। मौके से अवैध खनन सामग्री से भरे वाहन को कब्जे में लेकर अमरावती पुलिस चौकी लाया गया तथा नियमानुसार माइनिंग विभाग को सूचना देकर वाहन को सीज करा दिया गया।

    इस सफल कार्रवाई पर पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि आजकल खनन माफिया और अन्य अपराधी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने मुखबिर तैनात रखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ने के लिए पुलिस को कई बार लीक से हटकर रणनीति अपनानी पड़ती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंचकूला जिले में किसी भी प्रकार का अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

     

  • चोरी के मामलें में 2 शातिर आरोपी गिरफ्तार, 35 लाख के गहने व नगदी बरामद, देखें वीडियो

    चोरी के मामलें में 2 शातिर आरोपी गिरफ्तार, 35 लाख के गहने व नगदी बरामद, देखें वीडियो

    पंचकूलाः सेक्टर-8 स्थित एक मकान में करीब 10 माह पहले हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाख रुपये मूल्य की चोरीशुदा संपत्ति बरामद की है। बरामदगी में करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण एवं बर्तन तथा 15 लाख रुपये नकद शामिल हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देशानुसार जिले में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा लंबित मामलों के शीघ्र खुलासे के लिए सभी थाना, चौकी और क्राइम यूनिटों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-8 निवासी व्यक्ति अपने परिवार के साथ रिश्तेदार के घर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि मकान के पीछे का गेट खुला हुआ था, कमरों के दरवाजे और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे तथा सोने-चांदी के आभूषण, कीमती सामान और नकदी चोरी हो चुकी थी। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-7 में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

    जांच के दौरान पता चला कि थाना सेक्टर-5 पंचकूला में दर्ज एक अन्य चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुशील कुमार उर्फ निप्पल तथा विरेन्द्र कुमार ने पूछताछ के दौरान सेक्टर-8 की इस चोरी की वारदात भी स्वीकार की थी। इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 को सौंपा गया, जहां गहन पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।

    डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर करीब 35 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई जिसमें सोना-चांदी के गहने व बर्तन के अलावा 15 लाख कैश भी है। जांच में सामने आया कि आरोपी विरेन्द्र कुमार के खिलाफ पहले से करीब 13 चोरी के मामले दर्ज हैं, जबकि सुशील कुमार उर्फ निप्पल के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और चोरी की कई वारदातों में संलिप्त रहे हैं।

    पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। पंचकूला पुलिस प्रत्येक अपराध की गहनता से जांच कर रही है और अपराधियों को हर हाल में गिरफ्तार कर कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा। जिले में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।