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  • ऊना में ‘नीली क्रांति’ का नया अध्याय, सीएम की सोच पर आकार ले रहा स्वावलंबन का नया मॉडल

    ऊना में ‘नीली क्रांति’ का नया अध्याय, सीएम की सोच पर आकार ले रहा स्वावलंबन का नया मॉडल

    ‘ब्लू इकोनॉमी’ ने बदली तस्वीर, मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना बनी विकास, आजीविका और पर्यावरण पुनर्जीवन की धुरी

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पहाड़ी इलाकों की बंजर ज़मीन आज समृद्धि की नई दास्तान लिख रही है। इस बदलाव के केंद्र में है राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना । इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हुए ऊना को ‘ब्लू इकोनॉमी’ का ऐसा उल्लेखनीय मॉडल प्रदान किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। महज एक वर्ष में बंगाणा और श्री चिंतपूर्णी क्षेत्र में जिस तेज़ी से परिवर्तन आया है, वह न सिर्फ़ सराहनीय है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।

    बता दें, प्रदेश के मत्स्य पालन विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस योजना में किसानों को कार्प मत्स्य पालन के तालाब निर्माण के लिए इकाई लागत पर 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा साल 2024 में आरंभ की गई इस योजना का लक्ष्य राज्य की मछली पालन क्षमता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

    जहां खेती मुश्किल थी, वहीं अब विकास की बयार योजना में अब तक 2.8 हेक्टेयर भूमि कवर, 10 किसानों को 28 लाख की सहायता मत्स्य पालन विभाग ऊना के सहायक निदेशक विवेक कुमार बताते हैं कि बंगाणा और श्री चिंतपूर्णी में कई जगह भूमि पथरीली, कठोर और खेती के लिए लगभग अनुपयोगी थी। जंगली जानवरों का जोखिम किसानों को और पीछे धकेल देता था। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना ने किसानों को एक मजबूत विकल्प उपलब्ध कराया। केवल एक साल के भीतर आज वही भूमि उच्च मूल्य वाले मत्स्य उत्पादन केंद्रों में बदल चुकी है। अब तक 2.8 हेक्टेयर भूमि इस योजना में कवर की जा चुकी है। 10 किसानों को लगभग 28 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। इनमें से 2.12 हेक्टेयर भूमि बंगाणा और चिंतपूर्णी क्षेत्र में है, जिन्हें 21.03 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई। अब तक 10 तालाब सफलतापूर्वक निर्मित हो चुके हैं, जो उत्पादन, आय और रोजगार के स्थायी स्रोत बन रहे हैं।

    सीएम की दूरदर्शी सोच से आकार लेता स्वावलंबन का मॉडल

    मत्स्य पालन विभाग के निदेशक विवेक चंदेल का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्राथमिकता पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार आधारित आर्थिक गतिविधियों को मज़बूत करना है। मुख्यमंत्री की इस सोच को जमीन पर लाने में मत्स्य पालन विभाग अपने स्तर पर लगातार प्रयासरत है। इसमें सरकार की मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना बेहद महत्वपूर्ण पहल है। पहाड़ी इलाकों में तालाब निर्माण सामान्य स्थानों की तुलना में कहीं अधिक महंगा होता है, इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

    विवके चंदेल बताते हैं कि यह योजना सिर्फ आर्थिक वृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण सुधार का भी प्रभावी हथियार बनकर उभरी है। वर्षा आधारित तालाब प्राकृतिक जल रिचार्ज संरचना की तरह काम कर रहे हैं। भूजल स्तर में सुधार ला रहे हैं। आसपास के पर्यावरण को अधिक संतुलित बना रहे हैं। किसानों की आय में आई स्थिर वृद्धि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक टिकाऊ आधार दिया है।

    डीसी जतिन लाल बोले…लोगों के जीवन में ठोस सकारात्मक बदलाव सरकार का लक्ष्य

    उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता के जीवन में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का विशेष तौर पर इस बात पर ध्यान है कि स्वरोजगार आधारित अवसर हर नागरिक के द्वार तक पहुंचें। प्रशासन की प्रतिबद्धता है कि पात्र किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, जिससे जिले में आय, रोजगार और संसाधन प्रबंधन के नए आयाम विकसित हों।

  • कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 460 करोड़ मंजूर: मुख्यमंत्री

    कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 460 करोड़ मंजूर: मुख्यमंत्री

    सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत तंगरोटी में सुनीं जन शिकायतें

    टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में 28 करोड़ रुपये की पैट स्कैन मशीन लगाने की घोषणा

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा ज़िला के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तंगरोटी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन शिकायतें सुनी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय महिला मंडलों के लिए एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रामेड़-तंगरोटी सम्पर्क मार्ग, तंगरोटी सम्पर्क मार्ग की टारिंग और निकटवर्ती सड़क मार्गों के लिए भी धनराशि जारी करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है, जिसके दृष्टिगत क्षेत्र में अनेक पर्यटन परियोजनाओं को साकार रूप दिया जा रहा है। इससे आगामी समय में स्थानीय लोगों के लिए आमदनी के नए साधन सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 460 करोड़ रुपये जारी किए हैं और इसका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में ज़मीन की कीमतों में वृद्धि होगी और क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में भी बढ़ोतरी होगी जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गाय के दूध के समर्थन मूल्य को 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के समर्थन मूल्य को 61 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया है। किसानों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए, सरकार ने प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पादित गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 40 रुपये प्रति किलोग्राम और कच्ची हल्दी 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है। उन्होंने लोगों से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को घरद्वार के निकट रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

    मुख्यमंत्री ने धर्मशाला उप-चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी देवेंद्र जग्गी बहुत कम अंतर से हारे थे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में झूठ की जीत और सत्य की हार हुई। कांग्रेस से भाजपा में गए उम्मीदवार से देवेंद्र जग्गी हारे, लेकिन क्षेत्र के लोग देवेंद्र जग्गी के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं।

    ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दे रही है। हिमाचल प्रदेश ने हाल ही में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य की उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब पढ़ने और लिखने की कुशलता में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए गए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में देश में 5वें स्थान पर है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल 21वें स्थान पर था।

    उन्होंने कहा कि पहली बार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सुधार कार्य किए हैं। एम्ज की तर्ज पर कांगड़ा जिला में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और शिमला जिला के अटल आयुर्विज्ञान चिकित्सा अस्पताल चमियाना में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में पैट स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 28 करोड़ रुपये जारी गए हैं। इसके अलावा, एडवांस्ड सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीनें भी लगाई जा रही हैं।

    इस अवसर पर कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं पंचायतों का दौरा कर जनता से सुझाव ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला से भाजपा विधायक जनता और जन शिकायतों से अनजान हैं। उन्होंने दूध के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसान और पशुपालक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तंगरोटी में दूध संग्रहण केन्द्र का विस्तार किया जाएगा।

    इस अवसर पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, धर्मशाला की महापौर नीनू शर्मा, एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • मान सरकार का ‘रंगला पंजाब’ मास्टर प्लान: 213 करोड़ से संवरेंगे गांव, 2850 घर होंगे रोशन

    मान सरकार का ‘रंगला पंजाब’ मास्टर प्लान: 213 करोड़ से संवरेंगे गांव, 2850 घर होंगे रोशन

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि ‘रंगला पंजाब योजना’ के तहत तय किए गए 585 करोड़ रुपये के कुल बजट में से पहली किस्त के रूप में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए 213 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

    पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस साल के बजट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में ‘रंगला पंजाब योजना’ पेश की गई थी, जिसके अंतर्गत हर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए विशेष रूप से 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। उन्होंने बताया कि फंडों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विधायकों और अधिकारियों की कमेटियां बनाई गई हैं। इन कमेटियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर अलग-अलग पंचायतों को 213 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।

    वित्त मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ये कमेटीयाँ ‘रंगला पंजाब योजना’ के तहत निरंतर विकास कार्यों की सिफारिशें कर रही हैं, और उसी अनुसार आवश्यक फंड उपलब्ध कराए जाते रहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने ‘रंगला पंजाब योजना’ शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद भी किया।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदृष्टि के अनुसार राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे व्यापक प्रयासों पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में पंचायतों, ज़िला परिषदों और पंचायत समितियों को 334 करोड़ रुपये के विकास फंड भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के गांवों और शहरों का विकास लगातार जारी है तथा इस प्रयास में कोई भी गांव, कस्बा या शहर पीछे नहीं रहेगा।

    इसके अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में युवाओं को खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराते हुए उन्हें ओलंपिक तक पहुँचने योग्य बनाने के लिए 3,000 से अधिक स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 19,000 किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। वित्त मंत्री ने विकास के इस दृष्टिकोण की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए कहा कि पहले की सरकारें अपने आखिरी वर्ष में ही विकास कार्य शुरू करती थीं, जबकि ‘आप’ सरकार पहले दिन से ही अपनी गारंटियों को पूरा करने में जुटी हुई है।

  • बाढ़ के बावजूद पंजाब ने देश को दिया अनाज, केंद्र ने तोड़ा वादा: मुख्यमंत्री मान

    बाढ़ के बावजूद पंजाब ने देश को दिया अनाज, केंद्र ने तोड़ा वादा: मुख्यमंत्री मान

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य ने देश को 150 लाख मीट्रिक टन चावल और सवा सौ लाख मीट्रिक टन गेहूं देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन केंद्र सरकार अपने वादे से मुकर गई।

    मुख्यमंत्री मान ने कहा, “पंजाब के किसानों ने देश की खाद्य सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की। हमने केंद्र के गोदामों को भर दिया। लेकिन बदले में हमें क्या मिला? सिर्फ जुमले और खाली वादे।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये का वादा किया था, लेकिन एक रुपया भी नहीं भेजा गया। “यह सिर्फ एक जुमला था जिसे छोड़कर वे चले गए,” मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा।

    मान ने आगे कहा कि जो पैसा अन्य योजनाओं के तहत हर राज्य को मिलना चाहिए, केंद्र सरकार उसी को 1600 करोड़ में से काटने की बात कर रही है। “यह कैसा न्याय है? जो हमारा हक है, उसे भी हमें वादे के नाम पर बता रहे हैं,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को दबाना चाहती है। “लेकिन पंजाब अब हमारे हाथों में है। हम न दबे हैं और न दबने देंगे,” उन्होंने दृढ़ता से कहा।

    उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके अधिकारों के लिए हर मोर्चे पर लड़ेगी। “पंजाब के किसान देश का पेट भरते है, और हम उनके साथ खड़े हैं,” मान ने कहा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह तुरंत पंजाब का बकाया भुगतान करे और राज्य के साथ सौतेला व्यवहार बंद करे। उन्होंने कहा कि पंजाब की आवाज़ को अब और नहीं दबाया जा सकता।

  • पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं के लिए खुले अवसर: हरपाल सिंह चीमा

    पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं के लिए खुले अवसर: हरपाल सिंह चीमा

    कहा, अब शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और अटूट लगन ही उज्ज्वल भविष्य के लिए पर्याप्त

    वित्त मंत्री ने हैपी कौर को नियुक्ति पत्र सौंपा, साधारण पृष्ठभूमि से सफलता तक के प्रेरणादायक सफर की सराहना

    चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि पंजाब सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रणाली के माध्यम से सरकारी नौकरियों में केवल योग्यता और लगन को ही मापदंड बनाकर यह सुनिश्चित किया है कि वास्तविक प्रतिभा को उसका हक और मान्यता मिले। उन्होंने ये विचार नव-नियुक्त हैपी कौर को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र भेंट करते हुए और वित्त विभाग में क्लर्क के रूप में आधिकारिक रूप से स्वागत करते हुए व्यक्त किए।

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हैपी कौर की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सफलता अनगिनत लोगों के लिए उम्मीद की किरण और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हैपी कौर के अब तक के जीवन की कहानी एक सशक्त उदाहरण है कि दृढ़ निश्चय और योग्यता के साथ कोई भी व्यक्ति चुनौतियों पर काबू पाकर अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।

    यहां उल्लेखनीय है कि हैपी कौर का सफर बेहद प्रेरणादायक है, जो पूरी तरह मेहनत और लगन पर आधारित है। वे ऐसे परिवार से आती हैं, जहां हर कदम केवल मजबूत इरादों के साथ ही आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके पिता लक्ष्मण सिंह परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पल्लेदार के रूप में कठोर मेहनत करते हैं, जबकि उनकी माता बलजीत कौर एक समर्पित घरेलू महिला हैं। परिवार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता उनके भाई में भी दिखाई देती है, जो आर्ट्स ग्रेजुएट हैं और मनरेगा योजना के अंतर्गत अनुबंध पर ग्राम सेवक के रूप में अपनी सेवाएं देकर समाज में योगदान दे रहे हैं।

    साधारण पृष्ठभूमि और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हैपी कौर ने अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को दृढ़ता से पूरा किया और मास्टर ऑफ साइंस इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आई.टी.) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंजाब अधीन सेवा चयन बोर्ड (पी एस एस एस बी) की ओर से क्लर्क की पोस्ट के लिए आयोजित कठोर परीक्षा को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण किया।

    वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक मुश्किलों के बावजूद सफलता प्राप्त करने का यह उदाहरण परिस्थितियों के विरुद्ध अथक प्रयासों की जीत का सशक्त प्रमाण है, जो समाज के हर वर्ग में राज्य की क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने ऐसा वातावरण तैयार किया है, जहां शिक्षा के प्रति समर्पण और अटूट लगन सचमुच उज्ज्वल भविष्य के द्वार खोल सकती है।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: विकसित भारत 2047 का आधार—‘वोकल फ़ॉर लोकल’

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: विकसित भारत 2047 का आधार—‘वोकल फ़ॉर लोकल’

    मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ से ‘आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान’ की शुरुआत की

    केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रवनीत सिंह बिट्टू भी रहे मौजूद

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का रास्ता वोकल फॉर लोकल से होकर ही गुजरेगा। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश में बनी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग होगा और लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत 2047 और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाकर तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों से संपर्क कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पत्रक वितरित किए।

    इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं–13वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 11 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकल उत्पादों के उपयोग, उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को अपनाने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा।

    कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में विश्वास रखा

    उन्होंने रेलवे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे हैं। चंडीगढ़, पंचकूला रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। यह अभूतपूर्व विकास का उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार में विश्वास रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है।

    हादसे पर जताया गहरा दु:ख, कहा—लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी की मृत्यु के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। खेल विभाग और प्रशासन को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्टेडियमों में लगे खेल उपकरणों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है।

    संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करें पंजाब सीएम

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हरियाणा को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी द्वारा एक महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वायदा कर सरकार तो बना ली, लेकिन हालात कैसे हैं वो सबके सामने हैं। नशे की वजह से पंजाब के युवा बर्बाद हो रहे हैं, अपराध भी बढ़ रहा है। बजाय, उस पर कुछ करने के पंजाब सीएम केवल राजनीति कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख परंपरा का सम्मान बढ़ाया

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपरा, गुरुओं की शिक्षाओं और उनके पवित्र स्थलों के सम्मान में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित लाने और करतारपुर कॉरिडोर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल भ्रामक प्रचार कर समाज में विभाजन पैदा करने में लगे रहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

  • Punjab News: चोरों ने बंद पड़े Top 20 Restaurant को बनाया निशाना, लाखों का सामान चोरी, देखें वीडियो

    Punjab News: चोरों ने बंद पड़े Top 20 Restaurant को बनाया निशाना, लाखों का सामान चोरी, देखें वीडियो

    फगवाड़ा। जिले में आये दिन चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। दिन-प्रतिदिन चोरी की वारदातों को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं। इसी बीच नवांशहर-चंडीगढ़ बाईपास रोड पर Top 20 Restaurant नाम के एक बंद पड़े रेस्टोरेंट को चोरों ने निशाना बनाया है। चोरों ने बंद पड़े रेस्टोरेंट को निशाना बनाते हुए लाखों का सामान अपने साथ चोरी कर ले गये। पूरे घटना की वीडियो सामने आई है।

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। जब चोरी का वीडियो दुकान मालिकों तक पहुंचा तो उन्होंने आकर मौका देखा तो पाया कि अंदर से लाखों का सामान चोरी हो चुका है। मालिकों ने बताया कि चोर हमारे AC रेफ्रिजरेटर के कंप्रेसर चुराकर ले गए। जिसके बाद दुकान मालिक ने मौके पर ही पुलिस ने शिकायत दी है। वहीं, सूचना पाकर सदर थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है। जिसके बाद जांच पड़ताल में जुट गई।

  • डॉ. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल 29 दिसंबर तक पुनः खुला: डॉ. बलजीत कौर

    डॉ. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल 29 दिसंबर तक पुनः खुला: डॉ. बलजीत कौर

    2.70 लाख छात्रों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (एस सी) के विद्यार्थियों को शैक्षिक सशक्तिकरण के माध्यम से मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार पूरी निष्ठा के साथ प्रयासरत है। यह बात सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को और सुगम व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डॉ. बी.आर. अंबेडकर पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप पोर्टल को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 29 दिसंबर 2025 तक पुनः खोल दिया गया है। योग्य विद्यार्थी अब अपनी आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

    कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान 2.70 लाख छात्रों को इस योजना का लाभ पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 2,49,620 विद्यार्थी पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं, जिनमें से 1,26,722 मामलों का सत्यापन किया जा चुका है। वर्तमान वर्ष में अब तक 19,871 विद्यार्थियों को राज्य सरकार के हिस्से की राशि जारी की जा चुकी है और शेष को भी शीघ्र भुगतान किया जाएगा।

    योजना के तहत नए विद्यार्थियों को फ्री-शिप कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिनकी सहायता से वे निर्धारित नियमों के अनुसार ट्यूशन फीस में छूट प्राप्त कर मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सभी जिला अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों और नोडल एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों तक इस योजना का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र विद्यार्थी स्कॉलरशिप से वंचित न रहे।

  • Punjab News: भारत सरकार ने तीन पाकिस्तानी कैदियों को किया रिहा, देखें वीडियो

    Punjab News: भारत सरकार ने तीन पाकिस्तानी कैदियों को किया रिहा, देखें वीडियो

    अमृतसर। अटारी-वाघा बॉर्डर पर एक भावुक घटना देखने को मिली। भारत सरकार ने तीन पाकिस्तानी कैदियों को रिहा किया है। इन्हीं में से एक हैं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले मोहम्मद इकबाल, जो लगभग 30 साल से भारत की जेलों में बंद थे। मोहम्मद इकबाल की आँखों में खुशी और भावनाओं के आँसू थे।

    18 साल की उम्र में पकड़ा गया था मोहम्मद इकबाल
    मोहम्मद इकबाल की गिरफ्तारी तब हुई जब वह सिर्फ 18 साल के थे। उन्हें गुरदासपुर में 10 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें 30 साल की सजा सुनाई। पहले वे गुरदासपुर जेल में रहे और बाद में सजा काटने के लिए राजस्थान जेल भेज दिया गया।

    इकबाल का दर्द भरा बयान आया सामने
    मीडिया से बात करते हुए इकबाल ने कहा कि उनकी जिंदगी के कीमती 30 साल जेल की ऊँची दीवारों के अंदर ही खत्म हो गए। उन्होंने बताया कि वह लालच के चक्कर में गलत रास्ते पर चले गए, और इसी वजह से उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा-आज का दिन मेरे लिए ईद जैसा है। 30 साल बाद अपने घर लौट रहा हूँ, इस खुशी को शब्दों में नहीं बता सकता।

    परिवार बिखर गया, पत्नी ने छोड़ा साथ
    इकबाल ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी भी उन्हें छोड़कर चली गईं। 30 साल की सजा ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। अब वे चाहते हैं कि युवा कभी लालच में फंसकर गलत काम न करें।

    दोनों देशों की सरकारों से अपील
    इकबाल ने कहा कि भारत सरकार का वह दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। उन्होंने दोनों देशों से अनुरोध किया—जिन कैदियों की सजा पूरी हो चुकी है, उन्हें इंसानियत के आधार पर रिहा किया जाना चाहिए।

    प्रोटोकॉल ऑफिसर अरुण महल का बयान
    इस मौके पर भारतीय प्रोटोकॉल ऑफिसर अरुण महल ने जानकारी दी कि कुल तीन पाकिस्तानी कैदियों को छोड़ा गया है। दो कैदी राजस्थान जेल से, और एक कैदी दिल्ली पुलिस की हिरासत से लाया गया है उनके कस्टम, इमिग्रेशन और सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स के हवाले कर दिया जाएगा।

    बॉर्डर पर दिखा भावुक पल
    अटारी-वाघा बॉर्डर पर माहौल बहुत मानवीय और भावुक था। 30 साल बाद अपने देश लौट रहे मोहम्मद इकबाल की आँखों में खुशी और भावनाओं के आँसू थे। उन्होंने फिर कहा— मेरे लिए यह दिन ईद से भी बड़ा है।

     

     

  • मान सरकार का बड़ा ऐलान: 45 MCCCs से पंजाब के हर बच्चे को मिलेगा पूरा संरक्षण

    मान सरकार का बड़ा ऐलान: 45 MCCCs से पंजाब के हर बच्चे को मिलेगा पूरा संरक्षण

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान की आप सरकार ने पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। यह बदलाव खासकर माताओं और बच्चों की सेहत पर ध्यान केंद्रित करता है। सरकार ने 45 खास मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र (MCCCs) बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इन केंद्रों का मकसद है कि माताओं की मृत्यु दर कम हो और हर बच्चे को सबसे अच्छी शुरुआत मिले। यह कदम ‘रंगला पंजाब’ (खुशहाल पंजाब) बनाने के सरकार के सपने को पूरा करता है, जहाँ अच्छी सेहत हर किसी का हक है।

    इस काम में AAP सरकार ने बहुत तेज़ी दिखाई है। 45 MCCCs बनाने के लक्ष्य में से, 35 से ज़्यादा केंद्र तो पहले ही शुरू हो चुके हैं। यह दिखाता है कि सरकार समय पर काम पूरा करने और लोगों की भलाई के लिए कितनी गंभीर है। ये केवल नई बिल्डिंग नहीं हैं, बल्कि ये बेहतरीन इलाज के केंद्र हैं। इन्हें सोच-समझकर गाँवों और छोटे शहरों में बनाया गया है। उदाहरण के लिए, मानसा में बुढलाडा केंद्र ₹5.10 करोड़ की पूरी पारदर्शिता के साथ बनाया गया, जो बताता है कि सरकारी पैसा सही जगह और सही तरीके से खर्च हो रहा है।

    हर MCCC को ऐसी सेवाएं देने के लिए बनाया गया है जिससे माँ और बच्चे दोनों को सबसे अच्छी देखभाल मिल सके। इन सेवाओं में सुरक्षित डिलीवरी, डिलीवरी से पहले और बाद की पूरी देखभाल, नवजात शिशु की देखभाल, और खतरे वाली माताओं की खास निगरानी शामिल है। ये केंद्र उन इलाकों को चुनकर बनाए गए हैं जहाँ सेहत के मामले कमजोर हैं, जैसे जहाँ खून की कमी (एनीमिया) ज़्यादा है। MCCCs के आने से अब लोगों को महंगे प्राइवेट अस्पतालों या दूर-दराज के शहरों में भागना नहीं पड़ता। इस तरह, इलाज की सुविधा गाँवों और गरीब लोगों तक सीधे पहुँच रही है।

    MCCCs के साथ-साथ, सरकार ने ‘आम आदमी क्लीनिकों’ (AACs) का भी जाल बिछाया है, जो बिल्कुल शुरुआती स्वास्थ्य सेवा को घर के पास ले आए हैं। राज्य में 800 से ज़्यादा AACs चल रहे हैं, जहाँ 80 तरह की मुफ्त दवाएं और 41 तरह के मुफ्त टेस्ट होते हैं। यह एक दोहरी व्यवस्था है: AACs छोटे-मोटे इलाज देखते हैं, जबकि MCCCs बड़े और खास इलाज के लिए तैयार रहते हैं। हाल ही में, AACs में गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टेस्ट और देखभाल शुरू हुई है, जिससे MCCCs पर बेवजह का बोझ कम हुआ है और सही मरीज को सही इलाज मिल रहा है।

    सरकार केवल बिल्डिंग बनाकर रुक नहीं गई है, बल्कि वह यह भी देखती है कि सेवाओं की गुणवत्ता और जिम्मेदारी बनी रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद समय-समय पर अस्पतालों का दौरा करते हैं। इस सीधे दखल से स्टाफ की कमी (जैसे नर्स या सफाई कर्मचारी) जैसी दिक्कतें तुरंत पकड़ में आती हैं और दूर की जाती हैं। यह पक्का करता है कि जो पैसा लगाया गया है (जैसे ₹5.10 करोड़), वह एक पूरी तरह से काम करने वाली, 24 घंटे चलने वाली अच्छी सेवा प्रणाली में बदल जाए। सरकार का यह कदम साफ दिखाता है कि अस्पताल बनाना जितना जरूरी है, उनका ठीक से चलना उससे भी ज़्यादा जरूरी है।

    MCCCs को बनाने और चलाने का यह तरीका पंजाब सरकार के अच्छे प्रशासन और पैसों के सही इस्तेमाल को भी दिखाता है। सरकारी पैसा पूरी पारदर्शिता से ऐसे कामों में लगाया जा रहा है, जिनका सीधा फायदा लोगों की सेहत और समाज कल्याण पर पड़ता है। स्वास्थ्य के ढांचे में यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए लंबे समय में फायदेमंद होगा, क्योंकि स्वस्थ लोग ज़्यादा काम कर पाते हैं। सरकार बचे हुए MCCCs को भी जल्दी पूरा करने के लिए लगी हुई है, ताकि 45 केंद्रों का यह मजबूत नेटवर्क पंजाब के कोने-कोने में माताओं और बच्चों की सेहत की पूरी सुरक्षा कर सके।

    पंजाब सरकार का 45 MCCCs का वादा केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह समाज को पूरी तरह से बदलने की पहल है। AAP सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, तेज़ काम और शुरुआती तथा खास इलाज के बीच बेहतरीन तालमेल ने एक ऐसा मॉडल खड़ा किया है जो देश के बाकी राज्यों के लिए एक मिसाल है। यह प्रगति साफ बताती है कि पंजाब एक स्वस्थ, मजबूत और सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवा वाला राज्य बनने के अपने सपने को पूरा कर रहा है, जिससे राज्य में हर माँ और बच्चे का भविष्य सुरक्षित और चमकदार हो रहा है।