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  • पंजाब सरकार ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2025 से पेश किए व्यापक सुधार: संजीव अरोड़ा

    पंजाब सरकार ने सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 2025 से पेश किए व्यापक सुधार: संजीव अरोड़ा

    चंडीगढ़: पंजाब में चल रही सोसाइटीज़ के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने ‘आप’ के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई में 1860 के पुराने सोसाइटीज़ एक्ट में संशोधन कर सोसाइटी रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025 पेश किया है।

    कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि नया कानून विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, समाज भलाई और चैरिटेबल गतिविधियों में शामिल सोसाइटीज़ के नियामक ढांचे को आधुनिक बनाता है। ये संशोधन सभी सोसाइटीज़ को समान, पारदर्शी शासन के अधीन लाकर सार्वजनिक फंड और कर-मुक्त स्रोतों के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करते हैं।

    उन्होंने यह भी जोर दिया कि पंजाब में सभी पंजीकृत सोसाइटीज़ अब सूचना का अधिकार (आर टी आई ) एक्ट के तहत अनिवार्य रूप से कवर होंगी, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए लोगों के विश्वास को और मजबूत करेगा। सोसाइटीज़ द्वारा कानून की पालना सुनिश्चित करने और फंडों के दुरुपयोग या निर्धारित उद्देश्यों से भटकाव पर रोक लगाने के उद्देश्य से रजिस्ट्रारों को सोसाइटीज़ से किसी भी जानकारी या रिकॉर्ड मांगने का अधिकार दिया गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सभी सोसाइटीज़ को अपनी सक्रियता बनाए रखने, सही और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने तथा अपने उद्देश्यों और प्रबंधन की समय-समय पर पुष्टि सुनिश्चित करने के लिए हर पांच साल बाद अपनी रजिस्ट्रेशन नवीनीकृत करनी होगी। पंजाब में सभी मौजूदा सोसाइटीज़ को संशोधित एक्ट लागू होने के एक वर्ष के भीतर इस एक्ट के तहत पुनः रजिस्टर करना होगा, जिससे उन्हें नए पालन और पारदर्शिता ढांचे के अधीन लाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र में एक से अधिक सोसाइटीज़ को एक ही नाम के तहत रजिस्टर नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह जनता को भ्रमित कर सकता है। किसी भी सोसाइटी को रजिस्ट्रार की पूर्व अनुमति के बिना अचल संपत्ति को बेचने, बदलने या निपटाने की अनुमति नहीं होगी, जो अनधिकृत लेन-देन पर रोक लगाने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

    उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सोसाइटीज़ पंजीकृत हैं, वहां के डिप्टी कमिश्नरों (डी सीज ) द्वारा सोसाइटीज़ की निगरानी की जाएगी। शिकायतें मिलने की स्थिति में डिप्टी कमिश्नर को तहसीलदार रैंक के अधिकारी के माध्यम से जांच संबंधी आदेश देने का अधिकार होगा। यदि खामियां पाई जाती हैं और निर्धारित समय में इन्हें ठीक नहीं किया जाता, तो एस.डी.एम. स्तर के प्रबंधक को नियुक्त किया जाएगा और सुव्यवस्थित कामकाज बहाल किया जाएगा। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।

    उन्होंने आगे कहा कि यदि चुनी हुई प्रबंधक कमेटी भंग कर दी जाती है या प्रबंधक की नियुक्ति की जाती है, तो समाजों के लोकतांत्रिक कामकाज को सुनिश्चित करते हुए छह महीने के भीतर नई चुनाव प्रक्रिया करवाई जानी चाहिए।

    मंत्री अरोड़ा ने कहा कि सोसाइटीज़ के रूप में पंजीकरण कर कई चैरिटेबल संस्थाएं आय अर्जित कर लाभ प्राप्त करती हैं। यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक और चैरिटेबल संस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी संस्थाएं लाभ प्राप्त करना जारी रखने हेतु संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करें।

    उन्होंने कहा कि ये संशोधन विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक संस्थाओं, खेल संस्थाओं और अन्य लोक-हितैषी चैरिटेबल गतिविधियों में शामिल सोसाइटीज़ की निगरानी बढ़ाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य सामाजिक ढांचे के दुरुपयोग को रोकना, लोकतांत्रिक और पारदर्शी कामकाज सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्तियों तथा चैरिटेबल स्रोतों की सुरक्षा करना है। उन्होंने आगे कहा कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025 प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में बेहतर कामकाज सुनिश्चित करेगा।

    उन्होंने बताया कि इस एक्ट का मसौदा उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव के. के. यादव की अगुवाई वाली टीम, निदेशक उद्योग सौरभि मलिक और पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरपर्सन सीमा बांसल द्वारा समयबद्ध ढंग से तैयार किया गया है।

  • रोटरी क्लब बद्दी ने लगाया एच.पी.वी वैक्सीनेशन शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता को मिली नई दिशा-जगदीप अरोड़ा

    रोटरी क्लब बद्दी ने लगाया एच.पी.वी वैक्सीनेशन शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता को मिली नई दिशा-जगदीप अरोड़ा

    बद्दी/सचिन बैंसल: रोटरी क्लब बददी ने सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को बालिकाओं के लिए विशेष कैंसर-रोधी वैक्सीनेशन अभियान आयोजित किया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण प्रदान करना और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाना था।

    महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए अभियान के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित बालिकाओं, अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों को सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते जोखिम, इसके प्रारंभिक लक्षणों तथा समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉक्टरों ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय है, जो भविष्य में इस गंभीर बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रोटरी क्लब बददी के पदाधिकारियों जगदीप सिंह अरोडा व कार्तिक शर्मा ने बताया कि यह अभियान क्लब की निरंतर चल रही जनहितकारी पहलूओं का हिस्सा है।

    उन्होंने कहा कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और लोगों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करना क्लब की प्राथमिकता है। क्लब सदस्यों ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रम न केवल बालिकाओं बल्कि पूरे समुदाय के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। रोटरी क्लब ने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में भी ऐसे कई स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान की जा सके।कार्यक्रम में अभिभावकों, डॉक्टरों, रोटरी सदस्यों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह अभियान सफल रहा और समाज में एक सकारात्मक संदेश गया।

  • रबी मंडीकरण 2026-27 की तैयारियाँ शुरू

    रबी मंडीकरण 2026-27 की तैयारियाँ शुरू

    लाल चंद कटारूचक्क ने आगामी गेहूं खरीद सीज़न की समीक्षा की

    चंडीगढ़: खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज गेहूं के खरीद सीज़न 2026-27 की तैयारी की समीक्षा करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

    आज यहां अनाज भवन में हुई इस बैठक के दौरान रबी मंडीकरण सीज़न (आरएमएस)–2026-27 को ध्यान में रखते हुए आवश्यक लकड़ी के क्रेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि पनग्रेन द्वारा रबी मंडीकरण सीज़न 2026-27 के लिए खरीद और भंडारण की आवश्यकता को पूरा करने हेतु विभिन्न एजेंसियों को 12 लाख लकड़ी के क्रेटों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें से पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने 1 लाख लकड़ी के क्रेट उपलब्ध कराने की पेशकश की है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभागों के प्रभारी मंत्री होने के नाते, कटारूचक्क ने दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पनग्रेन को 1 लाख से अधिक लकड़ी के क्रेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि रबी मंडीकरण सीज़न 2026-27 के दौरान गेहूं की खरीद एवं भंडारण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए।

    इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव प्रियंक भारती, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, मुख्य प्रधान वनपाल (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) धर्मेंद्र शर्मा, विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर तथा पंजाब स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के एम.डी. प्रवीन कुमार भी मौजूद थे।

  • Himachal News: ऊना शहर में यातायात सुधार का बड़ा फैसला

    Himachal News: ऊना शहर में यातायात सुधार का बड़ा फैसला

    डीसी जतिन लाल ने दो मुख्य मार्गों पर नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग व्यवस्था लागू की, रोटरी चैक से एनएच-503 तक वन-वे सिस्टम शुरू

    ऊना/सुशील पंडित:  ऊना शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने और भीड़भाड़ पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी जतिन लाल  ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए डीसी चैक से डिग्री कॉलेज तक की सड़क को तत्काल प्रभाव से नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया है। इसके साथ ही शहर के सबसे व्यस्त हिस्से रोटरी चैक से वाया पुराना बाजार राष्ट्रीय राजमार्ग-503 तक के मार्ग पर चार पहिया वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये कदम यातायात में अनुशासन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और शहर की समग्र व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

    जारी आदेशों में कहा गया है कि डीसी चैक से डिग्री कॉलेज मार्ग पर अनाधिकृत पार्किंग, दुकानदारी के फैलाव और सड़क व फुटपाथ पर सामान रखने से लगातार जाम की स्थिति बनती थी। इससे न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित होती थी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं तक यातायात बाधित होने का जोखिम भी बढ़ जाता था। नई व्यवस्था के तहत इस मार्ग पर दो पहियों के अलावा किसी भी वाहन की पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी और सड़क के दोनों ओर वाहनों के खड़ा होने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे क्षेत्र को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है, जिसके तहत किसी भी प्रकार की रेहड़ी, ठेला, स्ट्रीट वेंडिंग या फुटपाथ पर अवरोधक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

    दूसरे आदेश के अनुसार शहर में रोटरी चैक से ओल्ड मार्केट दृ पोस्ट ऑफिस दृ अरविंद मार्ग दृ एनएच-503 एक्सटेंशन तक का मार्ग चार पहिया वाहनों के लिए वन-वे घोषित किया गया है। अरविंद मार्ग की ओर से चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा रोटरी चैक से एमसी पार्किंग और आयुर्वेदिक अस्पताल तक का पूरा क्षेत्र भी नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन रहेगा। इस मार्ग पर सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की दुकानदारी या वाहन खड़ा करना निषिद्ध रहेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    प्रशासन ने इन आदेशों को 29 नवंबर 2025 से लागू करने का निर्णय लिया है। डीसी जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कें सीमित हैं और अनियंत्रित पार्किंग तथा अवैध वेंडिंग से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है।

    उन्होंने कहा कि पुलिस, नगरपालिका और उपमंडल प्रशासन को आदेशों के सख्त पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।गौरतलब है कि ऊना शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और आम जनता की असुविधा को ध्यान में रखते हुए डीसी जतिन लाल ने 23 नवंबर को भी अहम आदेश जारी किए थे। आदेशों के तहत डीसी चैक से लेकर मैहतपुर बैरियर तक भारी वाहनों की आवाजाही को कड़ाई से विनियमित किया गया है। पूरे मार्ग पर टिप्परों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि व्यवसायिक भारी वाहनों के प्रवेश पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लागू रहेगी।

    ऊना को शांत, सुव्यवस्थित, समृद्ध जिला बनाने के प्रयासों में बनें सहयोगी

    डीसी जतिन लाल ने बताया कि पुलिस से मिले इनपुट के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ लोग कई बार बिना पंजीकरण रेहड़ी-फड़ी लगाते हैं, अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं। ऐसे लोगों पर निगरानी बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहले भी व्यवस्था सुधार के प्रयास किए गए, परंतु जन-सहयोग की कमी से ढिलाई आ गई। इस बार प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा ताकि ऊना शहर को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

    उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन हर वैध मांग पर संवेदनशील है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होने ऊना को शांत, सुव्यवस्थित और समृद्ध जिला बनाने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

  • पंजाब में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे: राज कमल चौधरी

    पंजाब में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे: राज कमल चौधरी

    इन चुनावों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू

    चंडीगढ़: पंजाब पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 209 के अंतर्गत ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25.09.2025 के अनुसार राज्य चुनाव आयोग ने राज्य में जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के सामान्य चुनावों की घोषणा कर दी है।

    राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इन चुनावों के लिए उम्मीदवार 01.12.2025 (सोमवार) को सुबह 11:00 बजे से शाम 03:00 बजे तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 04.12.2025 (गुरुवार) होगी। नामांकन पत्रों की जांच 05.12.2025 (शुक्रवार) को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 06.12.2025 (शनिवार) शाम 03:00 बजे तक होगी। सभी नामांकन पत्रों के साथ निर्धारित शपथ-पत्र तथा यदि उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल द्वारा अधिकृत है, तो संबंधित राजनीतिक दल का आधिकारिक पत्र संलग्न होना आवश्यक है।

    उन्होंने बताया कि मतदान 14.12.2025 (रविवार) को सुबह 08:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से होगा। पोल की गई वोटों की गिनती 17.12.2025 (बुधवार) को स्थापित गिनती केंद्रों पर की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव 23 जिला परिषदों के 357 जोनों तथा 154 पंचायत समितियों के 2863 जोनों के सदस्यों (प्रति जोन 1 सदस्य) के लिए कराया जाएगा। कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 1,36,04,650 है, जिनमें 71,64,972 पुरुष, 64,39,497 महिलाएँ और 181 अन्य मतदाता शामिल हैं। इन चुनावों के लिए सभी ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल 19,181 बूथ स्थापित किए गए हैं।

    अन्य विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि आयोग ने जिला परिषद उम्मीदवार के लिए व्यय सीमा 2,55,000/रुपए तथा पंचायत समिति उम्मीदवार के लिए 1,10,000/रुपए निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि लगभग 96,000 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। प्रत्येक जिले में चुनावों की सुव्यवस्थित निगरानी के लिए एक आईएएस/सीनियर पीसीएस अधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा।

    आयोग ने इन चुनावों को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही संबंधित जिला परिषदों और पंचायत समितियों के अधीन आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के राजस्व क्षेत्र में आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। आचार संहिता की प्रति आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

  • Himachal News: अनक्लेम्ड डिपॉजिट पर विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन

    Himachal News: अनक्लेम्ड डिपॉजिट पर विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित : भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुरू किए गए देशव्यापी अभियान “आपका पैसा, आपका अधिकार” के तहत आज पंजाब नैशनल बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट से संबंधित एक विशेष जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। यह अभियान 31 दिसम्बर, 2025 तक पूरे देश में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न बैंकों और बीमा कंपनियों में पड़े अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स की पहचान करने तथा उन्हें वापस प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब नेशनल बैंक के जिला अग्रणी प्रबंधक, संजीव कुमार सक्सेना ने की। उन्होंने लोगों को अनक्लेम्ड फंड के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल नागरिकों को उनका अपना धन वापस दिलाने में सहायक है, बल्कि यह वित्तीय साक्षरता, पारदर्शिता और फाइनेंशियल इंक्लूजन को भी सुदृढ़ करता है। इस शिविर में ऊना जिले में कार्यरत कई प्रमुख बैंकों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान डॉर्मेंट अकाउंट, अनक्लेम्ड बीमा राशि, परिपक्व फिक्स्ड डिपॉजिट, डिविडेंड और अन्य वित्तीय दावों से संबंधित विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि वे इन फंडों को सरल, सुरक्षित एवं शीघ्र प्रक्रिया के माध्यम से कैसे क्लेम कर सकते हैं।
    संजीव सक्सेना ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे इस अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। उन्होंने आरबीआई द्वारा विकसित न्क्ळ।ड पोर्टल के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया। इस पोर्टल के माध्यम से व्यक्ति अपना नाम एवं बैंक विवरण दर्ज कर यह जांच सकते हैं कि कहीं उनका कोई पुराना या निष्क्रिय खाता तो नहीं है। न्क्ळ।ड का उद्देश्य वर्षों से निष्क्रिय पड़े जमाओं को सही मालिकों तक पहुँचाना है, जिससे बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है तथा पूरी प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी बनती है।
    उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कुल 352.52 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड राशि में से अकेले ऊना जिले में विभिन्न बैंकों में लगभग 30.43 करोड़ रुपये डॉर्मेंट पड़े हैं। ऐसे जागरूकता कैंप इन निधियों को सही जमाकर्ताओं तक पहुँचाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस शिविर में जिला अग्रणी प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना, वित्तीय साक्षरता केंद्र के (एफएलसी) कोऑर्डिनेटर आर. के. डोगरा, पीएनबी आरसेटी के निदेशक सुधीर कुमार शर्मा, जिला अग्रणी कार्यालय के अधिकारी सुमित कुमार, पीएनबी आरसेटी के फैकल्टी आकाश भारद्वाज सहित अन्य बैंकों और बीमा कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
  • शरद ऋतु के लिए तैयारियों का जायजा, समीक्षा में मुख्य सचिव रहे मौजूद

    शरद ऋतु के लिए तैयारियों का जायजा, समीक्षा में मुख्य सचिव रहे मौजूद

    संबंधित विभागों को सभी आवश्यक इंतजाम करने के दिए निर्देश

    मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने शरद ऋतु से संबंधित विभिन्न तैयारियों को लेकर आज कांगड़ा जिले के धर्मशाला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को सर्दियों के मौसम में बर्फबारी और बारिश के दृष्टिगत पुख्ता इंतज़ाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से भारी बर्फबारी की स्थिति में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने और चिन्हित स्थानों पर बर्फ हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी और श्रमशक्ति तैनात करने को कहा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिला प्रशासन को हर विभाग के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा, ताकि सर्दियों में समन्वय और कार्य प्रबन्धन बेहतर तरीके से सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी मौसम से जुड़े विभिन्न क्रियाकलापों की निगरानी करेंगे।

    मुख्य सचिव ने आपात की स्थिति में समयबद्ध प्रतिक्रिया पर बल देते हुए संबंधित विभागों से हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए, ताकि जान-माल का नुकसान न हो। उन्होंने मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों को समयबद्ध और सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए। संजय गुप्ता ने कहा कि सर्दियों में खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और आग से बचाव के लिए ठोस योजना बनाने को कहा। उन्होंने अग्निशमन विभाग को लोगों को जागरूक करने और अस्पतालों, कार्यालयों, विद्यालयों जैसे महत्त्वपूर्ण भवनों के फायर ऑडिट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

    उन्होंने अधिकारियों से राहत सामग्री पहले से ही पर्याप्त मात्रा में जमा करने को कहा। जिला स्तर की जरूरत और पिछले अनुभवों के आधार पर सामान की अग्रिम खरीद की जानी चाहिए। उन्होंने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में ईंधन, खाद्यान्न, एलपीजी और अन्य जरूरी वस्तुओं का स्टॉक पहले से रखे जाने पर भी बल दिया गया। मुख्य सचिव ने लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अपने कर्मचारी और मशीनरी पहले से ऐसे स्थानों पर तैनात करने को कहा, जहां बर्फबारी के दौरान प्रभावित स्थानों में बहाली का काम जल्दी शुरू किया जा सके।

    उन्होंने संयुक्त प्रतिक्रिया टीम बनाने पर भी बल दिया, ताकि बर्फबारी के समय सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय हो सके। उन्होंने बिजली लाइनों की अग्रिम मरम्मत और अस्पतालों, संचार नेटवर्क और पंपिंग स्टेशनों के लिए बैकअप पावर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने पर्यटन स्थलों के लिए विशेष शीतकालीन यातायात प्रबन्धन योजना बनाने पर बल दिया, ताकि सर्दियों में प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आईसैट फोन की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए।

    इस अवसर पर अवगत करवाया गया कि प्रदेश के सभी पुलिस स्टेशनों में आपात स्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए वीसैट सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

  • नंगल खुर्द एग्रिकल्चर कॉपरेटिव सोसायटी बैंक की नई कार्यकारिणी का गठन 

    नंगल खुर्द एग्रिकल्चर कॉपरेटिव सोसायटी बैंक की नई कार्यकारिणी का गठन 

    अनूप शर्मा अध्यक्ष और हरिओम उपाध्यक्ष चुने गए 

    ऊना/सुशील पंडित:विवादों में रही नंगल खुर्द एग्रिकल्चर कॉपरेटिव सोसायटी बैंक में लंबे अरसे के बाद आखिरकार नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है । सोसायटी के सचिव पर नौ करोड़ के गबन के आरोपों के बाद लंबे समय तक लुका छिपी और जांच का दौर चला और आखिरकार सचिव को गिरफ्तार किया गया ।  सहकारिता विभाग द्वारा सोसायटी में लेनदेन पर भी काफी समय तक रोक भी लगी रही ,  जिसके कारण खाताधारकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था । लेकिन अब नई कार्यकारिणी के गठन के बाद समस्या के सुलझने की आशाएं प्रबल हो गई हैं ।

    आपको बता दें कि 13 नवंबर को ग्राम पंचायत द्वारा आम सभा बुलाई गई , जिसमें ग्रामीणों की आम सहमति के बाद सोसायटी में नई कार्यकारिणी के गठन के लिए पांच नामों का चयन कर एक कमेटी बनाई गई । जिसके बाद शुक्रवार को विभाग द्वारा नियुक्त किए गए प्रशासक उमेश शर्मा की निगरानी और दिलबाग सिंह की अध्यक्षता में नई कमेटी की बैठक हुई , जिसमें सोसायटी की नई कार्यकारिणी के लिए सर्वसम्मति से अनूप शर्मा को अध्यक्ष चुना गया , जबकि हरिओम शर्मा को उपाध्यक्ष चुना गया ।

    वहीं नई कार्यकारिणी के सदस्यों के रूप में दिलबाग सिंह , संजय कुमार और राजेश कुमार को मनोनीत किया गया । नई कार्यकारिणी का कार्यकाल छ महीने का होगा और इसके बाद आकलन कर भविष्य का निर्णय लिया जाएगा । चुनी गई नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष अनूप शर्मा ने कहा कि सोसायटी के खाताधारकों को उनका रुका हुआ पैसा जल्द दिए जाने की दिशा में कार्य किया जाएगा और डिफॉल्टरों से हर सूरत में पैसा वापिस लिए जाने के लिए भी हर संभव प्रयास किया जाएगा ।

  • IFFI 2025: हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरी अपनी संस्कृति की छटा

    IFFI 2025: हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरी अपनी संस्कृति की छटा

    हरियाणा की शानदार झांकी नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” को मिला पुरस्कार

    राज्य की समृद्ध संस्कृति, फिल्मी विरासत और जीवंत पहचान अब देश के साथ – साथ पहुंचेगी वैश्विक मंच पर

    ‌ महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने दी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई

    सिनेमा पृष्ठभूमि के लिए हरियाणा को विशेष आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास – के. मकरंद पांडुरंग

    चंडीगढ़: गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025) में इस बार हरियाणा ने सांस्कृतिक भव्यता के साथ अपनी एक अनूठी छाप छोड़ी है। पारंपरिक रंगों, लोकनृत्यों, संगीत, इतिहास और आधुनिक फिल्मी उपलब्धियों को समेटे हरियाणा की झांकी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि निर्णायक मंडल को भी गहराई से प्रभावित किया। इसी का परिणाम रहा कि राज्य की आकर्षक और सजीव झांकी को महोत्सव में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    गोआ में 20 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित नौ-दिवसीय प्रतिष्ठित महोत्सव के पहले दिन 28 प्रतिभागियों ने अलग-अलग थीम पर अपनी झांकिया प्रस्तुत की। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ऑफ इंडिया की ओपनिंग परेड में हरियाणा ने पहली शानदार राज्य झांकी प्रस्तुत की। सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग के दिशा-निर्देशन में ‌‌विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया और संयुक्त निदेशक ‌फिल्म नीरज टुटेजा ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया।

    “नॉन स्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम पर तैयार झांकी ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और सिनेमा के रंगों से सराबोर एक अनोखा “चलित उत्सव” प्रदान किया। हरियाणा की झांकी ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में झांकियों के प्रदर्शन के उपरांत 28 नवंबर, 2025 को निर्णायक मंडल द्वारा टॉप-5 अचीवर्स को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा, आंध्र प्रदेश, हॉम्बेल मूवी मेकर्स, वेव्स ओटीटी और ज़ी स्टूडियोज शामिल हैं।

    सिनेमा पृष्ठभूमि के लिए हरियाणा को विशेष आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास – के. मकरंद पांडुरंग

    सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हैं। हरियाणा ‌में फिल्म सिटी बनाई जा रही है, ताकि निर्माता, निर्देशक राज्य में आकर सिनेमा के माध्यम से यहां की संस्कृति को प्रदर्शित करें, जिससे हरियाणा की पहचान वैश्विक पटल पर बने।

    फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति का बनी प्रतीक

    फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में संस्कृति, अपने लोगों और अपनी आवाज़ को दुनिया के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत करती नज़र आई। कैमरे से निकलती सुनहरी किरणें राज्य की रचनात्मक चेतना, ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनीं। डिजिटल स्क्रीन पर उभरती झलकियों में हरियाणा की विरासत, पर्यटन, लोक-संस्कृति, थिएटर-कला और फिल्मांकन स्थलों की अनोखी दुनिया एक ही परदे पर जीवंत दिखाई दी।

    झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सिनेमा में हरियाणा, लोकेशन्स को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। हरियाणा की झांकी को लेकर देशी-विदेशी पर्यटक काफी आकर्षित नजर आए। “नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम के साथ झांकी में दर्शया गया कि हरियाणा एक ऐसा प्रदेश है जहाँ कहानियाँ मिट्टी में अंकुरित होती हैं और कला फसलों की खुशबू में अपना सौंदर्य सँवारती है।

    इस झांकी में हरियाणा की फिल्म नीति का प्रभावी संदेश भी प्रदर्शित किया गया। झांकी में प्रदर्शित किया गया कि किस तरह गाँव की चौपालों से निकली कहानियाँ आज विश्व के बड़े परदों तक पहुँच रही हैं। नीचे लहलहाते सरसों के सुनहरे खेत हरियाणा की समृद्ध परंपरा और इस मिट्टी में जन्म लेने वाली कहानियों की अनंत यात्रा के प्रतिबिंब की कहानी कहते नज़र आए। राज्य की इस उपलब्धि से अब हरियाणा सिनेमा और फिल्मी जगत में देश के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भी अपनी एक अनूठी पहचान बनाने में सफल होगा।

  • संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद द्वारा पात्र विधवाओं के लिए फ्री राशन वितरण 30 नवंबर को 

    संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद द्वारा पात्र विधवाओं के लिए फ्री राशन वितरण 30 नवंबर को 

    ऊना/सुशील पंडित: हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद द्वारा अमोदनी प्रकल्प के तहत मेहनतकश व पात्र विधवाओं के लिए फ्री राशन वितरण कार्यक्रम 30 नवंबर रविवार को बचत भवन ऊना में सुबह साढ़े 10 बजे आयोजित किया जाएगा।

    यह जानकारी हिमोत्कर्ष परिषद के महासचिव नरेश सैनी ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 68 चयनित पात्र विधवाओं को इस वर्ष की तीसरी क्वार्टर के तहत अक्तूबर, नवंबर व दिसंबर माह के लिए तीन माह का राशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को 2250 रुपये के मूल्य का राशन सहयोग रूप में कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।

    इसके अलावा कार्यक्रम में 07 विद्यार्थियों को शिक्षा व मेडिकल चिकित्सा सहायता के रूप में 68075 रुपये की मदद की प्रदान की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों की शिक्षा पूर्ण करने के लिए कॉलेज फीस शामिल है। उन्होंने सभी पात्र चयनित विधवाओं को पत्र द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने की सूचना भेजी जा चुकी है।