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  • Punjab News: प्रमुख जापानी कंपनियों ने पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों की सराहना

    Punjab News: प्रमुख जापानी कंपनियों ने पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों की सराहना

    चंडीगढ़, 27 नवंबर 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की।

    मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ जापान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया, जिसमें जापानी दूतावास, जेट्रो, जे.सी.सी.आई.आई. और भारत भर में कार्यरत 25 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी, टोयोटा आदि शामिल थी। यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था। इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने मुख्य संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है। जापानी उद्योग के साथ पंजाब की साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित दृष्टिकोण में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं पर प्रकाश डाल रही है, सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज कर रही है और जापानी उद्योग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज भारत के सबसे अधिक कारोबार-अनुकूल राज्यों में से एक है और भारत सरकार ने 2024 की बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बी.आर.ए.पी.) रैंकिंग में पंजाब को प्रथम स्थान दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की कारोबार में सुगमता, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का दृष्टिकोण सरल और स्पष्ट है – नीतिगत स्थिरता, त्वरित निर्णय लेना और निवेशकों के समय व विश्वास का सम्मान करने वाली शासन प्रणाली लाकर पंजाब को वैश्विक उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण साझेदारी और उद्योगों के साथ मिलकर काम करने, उनकी जरूरतों को समझने और यह सुनिश्चित करने पर आधारित है कि सरकार विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और औद्योगिक क्षमता का विस्तार कर निवेश के लिए नए रास्ते खोले हैं।

    राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि ये वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं। उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन के लिए दृढ़ है। निवेशकों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने पंजाब के साथ उनके निरंतर संबंधों के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग की।

    इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 45 कार्य दिवसों के भीतर गारंटीड मंजूरियों के साथ 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें कानूनी रूप से लागू ऑटो-डीम्ड मंजूरियां भी शामिल हैं। उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों में किए गए सुधारों को रेखांकित किया। मंत्री ने जोर दिया कि पंजाब ने 1.39 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक निवेश आकर्षित किए हैं, जिससे 5.09 लाख नौकरियां सृजित हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए की लागत से बिजली अवसंरचना को और मजबूत कर रही है।

    इस दौरान जापानी और इंडो-जापानी उद्योगपतियों, जिनमें यानमार होल्डिंग्स और टी.टी.सी. ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा किए और मानव पूंजी की गुणवत्ता, सहायक नीतिगत वातावरण और इन्वेस्ट पंजाब द्वारा दी जा रही निर्बाध सुविधाओं पर प्रकाश डाला। जेट्रो और दूतावास के अधिकारियों ने पंजाब की सक्रिय पहुंच की सराहना की और विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन तथा एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों में संभावित क्षेत्र-विशेष साझेदारियों पर चर्चा की।

  • Punjab News: CM मान ने 30,000 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को वितरित की 377 करोड़ मुआवज़ा राशि

    Punjab News: CM मान ने 30,000 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को वितरित की 377 करोड़ मुआवज़ा राशि

    डेरा बाबा नानक, 27 नवंबर 2025: राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 30,000 से अधिक उन परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की है, जिनके घर हाल ही में आए भयानक बाढ़ों में क्षतिग्रस्त हो गए थे।

    जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भयानक बाढ़ों के कारण पंजाब के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और प्रभावित परिवारों का दर्द बयान नहीं किया जा सकता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अपने दौरों के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लोगों का दुख सुना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि इस दुख की घड़ी में वह हर प्रभावित परिवार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने पंजाब तथा अन्य राज्यों के सामाजिक-धार्मिक संगठनों और स्वयंसेवकों द्वारा इस आपदा के दौरान निस्वार्थ सेवा के लिए किए गए अथक प्रयासों की सराहना की। पंजाबियों के जुझारू जज्बे की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने एक बार फिर मुसीबत से उबरने के अपने बेमिसाल जज्बे का प्रदर्शन किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का यह फर्ज बनता है कि वह कठिन समय में अपने लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहे और उनकी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के दौरान किसानों को हुई फसल क्षति के लिए 20,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजे का भुगतान पहले ही शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह देश की किसी भी सरकार द्वारा दिया गया अब तक का सबसे अधिक फसली मुआवजा है। उन्होंने आगे कहा कि घरों के नुकसान के लिए सरकार ने एक व्यापक पुनर्वास पैकेज भी शुरू किया है, जिसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए प्रभावित परिवारों को 1.20 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि बाढ़ के दौरान पूरे राज्य में क्षतिग्रस्त हुए लगभग 30,000 घरों में से अकेले गुरदासपुर जिले के 8,056 घर शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रभावित परिवारों को 377 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा रहा है ताकि वे अपने घर दोबारा बना सकें। उन्होंने आगे बताया कि घरों की पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार ने हर योग्य परिवार को पहली किस्त के रूप में 70,000 रुपए पहले ही जारी कर दिए हैं, जबकि शेष राशि दो अतिरिक्त किस्तों में दी जा रही है ताकि निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान करने हेतु भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण कार्य मनरेगा के अंतर्गत लाया गया है, जिससे लाभार्थियों को अपने घर बनाने के लिए 90 दिनों का रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह 90 दिन का रोजगार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हर घर के लिए दी जा रही 1.20 लाख रुपए की ग्रांट से अलग है। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ रोजगार भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के बावजूद पंजाब ने राष्ट्रीय पूल में लगभग 150 लाख टन चावल का योगदान देकर एक बार फिर देश के अन्नदाता के रूप में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि बाढ़ से राज्य को लगभग 13,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने अपनी जोरदार मांग दोहराई कि केंद्र सरकार सार्वजनिक रूप से घोषित 1,600 करोड़ रुपए के राहत पैकेज को तुरंत जारी करे।

    पंजाब सरकार की यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण है। 30,000 से अधिक परिवारों को एक साथ राहत देना राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक कदम के लिए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी सरकार की पूरे राज्य में खूब सराहना हो रही है। जनता मान रही है कि इस दुख की घड़ी में ‘मान सरकार’ ने न सिर्फ़ ज़िम्मेदारी निभाई है, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया है।

  • Punjab News: मान सरकार ने गन्ना किसानों को दिया देश का सबसे महंगा दाम, ₹416 प्रति क्विंटल, नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट की भी सौगात

    Punjab News: मान सरकार ने गन्ना किसानों को दिया देश का सबसे महंगा दाम, ₹416 प्रति क्विंटल, नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट की भी सौगात

    दीनानगर, 27 नवंबर 2025: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का खरीद मूल्य (SAP) बढ़ाकर ₹416 प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही, पंजाब एक बार फिर देश में गन्ना किसानों को सबसे अधिक मूल्य देने वाला राज्य बन गया है, जो उनकी सरकार की किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री मान ने दीनानगर में एक नई चीनी मिल और को-जनरेशन प्लांट का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार का यह किसान-समर्थक कदम गन्ना उत्पादकों को, खासकर सीमावर्ती जिलों के किसानों को, बहुत अधिक फायदा पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना पानी की अधिक खपत वाली फसलों (जैसे धान) का एक उत्तम विकल्प है और इससे राज्य के फसल विविधीकरण (Crop Diversification) प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह पानी बचाने वाली वैकल्पिक फसल के तौर पर गन्ने को मान्यता दे और उसे बढ़ावा दे।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गुरदासपुर (दीनानगर) में नवनिर्मित सहकारी चीनी मिल और 28.5 मेगावॉट के को-जनरेशन पावर प्लांट को जनता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि यह मिल 1980 में 1,250 TCD (टन गन्ना प्रति दिन) की क्षमता से शुरू हुई थी, जिसे बाद में 2,000 TCD तक बढ़ाया गया। अब इस नई मिल की पेराई क्षमता को 5,000 TCD तक विस्तारित किया गया है ताकि क्षेत्र के लगभग 80 लाख क्विंटल गन्ने की कुशल प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह नया कॉम्प्लेक्स प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाएगा, किसानों की आय बढ़ाएगा, चीनी की गुणवत्ता सुधारेगा, परिवहन का बोझ कम करेगा, और बिजली निर्यात से राजस्व का स्थायी स्रोत भी बनाएगा, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस परिसर में एक अत्याधुनिक सल्फर रहित (Sulphurless) रिफाइंड शुगर प्लांट भी लगाया गया है, जो प्रीमियम-ग्रेड चीनी का उत्पादन करेगा। इसके अलावा, 28.5 मेगावॉट का को-जनरेशन पावर प्लांट 20 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली PSPCL को निर्यात करेगा, जिससे मिल को हर पेराई सत्र में लगभग ₹20 करोड़ का वार्षिक राजस्व मिलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों की संख्या 2,850 से बढ़कर लगभग 7,025 होने की उम्मीद है, जिससे उनकी दूर की प्राइवेट मिलों पर निर्भरता कम होगी और उनका परिवहन समय और खर्च बचेगा।

    किसानों के साथ-साथ आम जनता की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की पुरानी मांग जल्द ही पूरी होगी। इसके अलावा, सरकार ने युवा महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए तरनतारन में सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए जंडियाला गुरु में रेलवे लाइन पर एक नया ओवर ब्रिज बनाने का काम जारी है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके तहत नागरिकों के लिए ₹10 लाख का बीमा कवर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी गर्व जताया कि पंजाब ने यात्रियों पर बोझ कम करने के लिए सफलतापूर्वक 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 90% घरों को घरेलू बिजली मुफ्त मिल रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने ‘फतेह शुगर’ ब्रांड की सल्फर रहित रिफाइंड शुगर (एक किलो पैक और 5 ग्राम सैशे) भी लॉन्च की, जो बटाला सहकारी चीनी मिल में उत्पादित की जा रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक्क और शुगरफेड के चेयरमैन नवदीप सिंह जीदा भी मौजूद थे।

  • Punjab News: नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद, तस्कर फरार

    Punjab News: नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद, तस्कर फरार

    मोगा। युद्ध नशा विरुद्ध के तहत मोगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संगला निवासी सुखदेव सिंह को भारी मात्रा नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किय़ा है। मामले संबंधी जानकारी देते हुए पुलिस टीम ने बताया कि डीएसपी राजेश ठाकुर की अगुवाई में धर्मकोट पुलिस की टीम ने ये कार्रवाई की है। ASI गुरविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ गश्त पर थे, तभी एक मुख़बिर ने सूचना दी कि संगला निवासी सुखदेव सिंह अपनी नानकसर कॉलोनी स्थित कोठी में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और गोलियां बेचने के लिए छुपाकर रखे हुए है और ग्राहकों का इंतज़ार कर रहा है।

    इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए DSP जोरा सिंह की मौजूदगी में नानकसर कॉलोनी स्थित कोठी पर तुरंत छापेमारी की गई। जिस दौरान कोठी से भारी मात्रा में छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से 26,660 प्रैगाबालिन कैप्सूल, 1,000 ट्रामाडोल कैप्सूल 300 ट्रामाडोल गोलियां बरामद की।

    इस मामले में थाना धर्मकोट में NDPS Act की धाराओं 22, 61,85 और धारा 223 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आरोपी आरोपी सुखदेव सिंह मौके से फरार हो गया। पुलिस टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Jalandhar News: अलग-अलग मामलों में नशीली गोलियों व हैरोइन सहित 5 गिरफ्तार

    Jalandhar News: अलग-अलग मामलों में नशीली गोलियों व हैरोइन सहित 5 गिरफ्तार

    जालंधर ENS : जालंधर कमिश्नरेट की थाना बारादरी पुलिस ने खालसा कॉलेज के पास दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 6 ग्राम हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार किये गये आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, निवासी चौगिट्टी अंबेडकर नगर व अनिल कुमार उर्फ कहानी, निवासी चौगिट्टी अंबेडकर नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।

    गश्त के दौरान पुलिस ने की कार्रवाई
    थाना बारादरी के हेड कांस्टेबल गुरदीप सिंह टीम के साथ गश्त पर थे। उसी दौरान उन्हें खालसा कॉलेज के पास दो युवक संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।

    जब पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से 6 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही कानूनी कार्रवाई शुरू की और दोनों को थाने ले जाया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।

    रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हेरोइन उन्हें कहां से मिली? क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है और कोई लोग इसमें जुड़े हुए हैं या नहीं।

    पुलिस की जांच जारी
    फिलहाल पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उम्मीद है कि रिमांड के दौरान और भी जानकारी सामने आ सकती है।

    दूसरा मामला: थाना सदर की पुलिस ने गांव दिवाली में नाकेबंदी के दौरान हेरोइन की सप्लाई देने जा रहे एक युवक को छह ग्राम हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान जमशेर खास के रहने वाले लखविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि आरोपित जल्द आमीर बनने की चाह में नशा तस्करी की राह पर चल पड़ा था। पुलिस ने आरोपितों एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।

    मिली जानकारी के अनुसार थाना सदर के जांच अधिकारी एएसआइ सुखविंदर लाल पुलिस टीम के साथ गांव दिवाली में मौजूद थे, जहां उन्हें पैदल आ रहा युवक पुलिस को देखकर मौके से भागने की कोशिश करने लगा तो पुलिस ने उसे देख लिया। पुलिस ने आरोपित का पीछा कर उसे पकड़ा और तलाशी ली तो उसके पास से छह ग्राम हेरोइन बरामद की। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट तहत केस दर्ज कर उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    तीसरा मामलाः थान पांच की पुलिस ने पंछी बिहार के पास प्रतिबंधित गोलियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान माडल टाउन होशियारपुर के रहने वाले नीरज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज शुरू कर दी है।

    मिली जानकारी के अनुसार थाना पांच के जांच अधिकारी एएसआइ प्रेम कुमार पुलिस टीम सहित गश्त के दौरान खाना पांच के इलाके में मौजूद थे, जहां उन्हें गुप्त सूचना मिली कि नीरज कुमार प्रतिबंध गोलियों लेकर वहां खड़ा हुआ है, जिसके बाद उन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपित को दबोच कर तलाशी ली तो उसके कब्जे से 20 प्रतिबंधित गोलियां बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।

    चौथा मामलाः गांव कोट कलां खुले प्लाट में हेरोइन पी रहे युवक को थाना कैंट की पुलिस ने दबोच कर एक सिल्वर पन्नी, एक लाइटर और 10 रुपये का नोट के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान हरजीत कालोनी के रहने वाले निखिल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    थाना कैंट के जांच अधिकारी एएसआइ सुरिंदर पाल सिंह गश्त के दौरान गांव कोट कलां के पास मौजूद थे, जहां उन्हें गुप्त सूचना मिली की खुले में युवक हेरोइन का नशा कर रहा है। वह प्लाट की ओर गए तो नशा कर रहा युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पुलिस ने आरोपित को दबोच लिया और पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपित के पास से एक सिल्वर पन्नी, एक लाइटर और 10 रुपये का नोट बरामद की है।

     

  • Punjab News: आप नेता के घर पर हुई फायरिंग मामले को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री धालीवाल का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: आप नेता के घर पर हुई फायरिंग मामले को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री धालीवाल का आया बयान, देखें वीडियो

    कहा- दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा

    फगवाड़ा : फगवाड़ा में देर रात आप पार्टी के वरिष्ठ नेता और युद्ध नशा विरोधी कोऑर्डिनेटर दलजीत राजू दरवेश के घर पर हमलावारों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इसी मामले को लेकर उनके घर पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल पहुंचे। जिसके बाद मामले घटना बारे जानकारी हासिल की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि घटना को लेकर पुलिस प्रशासन छानबीन में जुट गई।

    वहीं, सीएम ने सख्त आदेश दिये है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। दलजीत राजू दरवेश पार्टी के मैंबर हैं। इनके साथ पूरी पार्टी खड़ी है। आरोपियों को 2-3 दिन के अंदर सजा मिल जाएगी। इसके बाद कहा कि पंजाब में हमेशा कानून का राज रहेगा। किसी भी किमत पर प्रदेश में अमन-शाति को भंग नहीं होने दिया जाएगा।

    ये है मामला
    2 मोटरसाइकिल सवार गैंगस्टरों ने पहले ताबड़तोड़ 16 राउंड फायर किए और उसके बाद 5 करोड़ रुपए की फिरौती से जुड़ी धमकी भरी चिट्ठियां फेंककर हमलावार मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

  • Jalandhar News: तेज रफ्तार बस चालक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, एक घायल, देखें वीडियो

    Jalandhar News: तेज रफ्तार बस चालक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, एक घायल, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: वडाला चौक पर भीषण सड़क हादसे की घटना सामने आई है। जहां बस चालक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। मामले की जानकारी देते हुए सूरज ने बताया कि उसे फोन आया कि उसके पिता का वडाला चौक के पास एक्सीडेंट हो गया। जिसके बाद वह तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा। पिता करतारपुर से आ रहे थे और टीवी टॉवर की ओर जा रहे थे। उन्हें पता चला कि बस चालक ने पहले स्कूटरी को टक्कर मारी, उसके बाद स्वीफ्ट गाड़ी को टक्कर मारी, जिसके बाद पिता की बाइक घसीटता हुआ ले गया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि बस चालक कार सहित कई वाहनों को घसीटता हुआ ले जा रहा है।

    घटना के दौरान पिता ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन उसके बावजूद उन्हें काफी चोटें आई है। लोगों द्वारा उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। वहीं घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। बस चालक को काबू करके पुलिस थाने ले गए। घटना में बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि बस की ब्रेक फेल होने से हादसा हो गया। वहीं अन्य व्यक्ति ने बताया कि बस ने कई वाहनों को टक्कर मारी। घटना के दौरान बस सवारियों से भरी हुई थी और लोगों ने मदद करके बस चालक को काबू किया।

    वहीं करणवीर सिंह ने बताया कि वह सरकारी नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए गए हुए थे और मोगा जा रहे थे। इस दौरान तेज रफ्तार बस चालक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी और उसके बाद बाइक चालक को बस के नीचे दे दिया। घटना में बाइक सवार के गहरी चोटे आई है। वहीं बस चालक को पेट्रोल पंप के पास से काबू कर लिया गया और चालक को थाने ले गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी मरवाहा बस चालक ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचकर बस चालक को काबू करके थाने ले जा रहे है। घायल व्यक्ति के परिवार के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी। घटना के दौरान 4 वाहनों को बस चालक ने टक्कर मारी थी।

  • जिला ऊना में प्रशासनिक सख्ती का सकारात्मक असर, शांति-व्यवस्था और विश्वास का माहौल बना और मजबूत

    जिला ऊना में प्रशासनिक सख्ती का सकारात्मक असर, शांति-व्यवस्था और विश्वास का माहौल बना और मजबूत

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए उपायुक्त जतिन लाल द्वारा लिए गए ठोस एवं निर्णायक निर्णय अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण, शराब वितरण प्रणाली का नियमितीकरण, भारी वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करना और खनन सामग्री ढुलाई के लिए निर्धारित कॉरिडोर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने जैसे कदमों ने जिले के वातावरण को अधिक शांत, सुरक्षित और नियंत्रित बनाया है।

    उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि प्रशासन की सतत और प्रभावी कार्रवाई के चलते स्वां नदी क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में अवैध खनन पर स्पष्ट रूप से अंकुश लगा है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों पर लगातार निगरानी, धर-पकड़ अभियान और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था की स्थिति में और स्थिरता देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि जिला में भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रशासन की दंडात्मक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि खनन सामग्री और शराब वितरण प्रणाली पर प्रभावी निगरानी तथा यातायात नियंत्रण के सख्त क्रियान्वयन से अवैध गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और प्रशासनिक कदमों के प्रति जनता की प्रतिक्रिया भी अत्यंत सकारात्मक रही है। प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग का भाव और अधिक मजबूत हुआ है।

    रात्रि गश्त और वाहनों की जांच होगी और सख्त

    जिला में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, सभी उप-मंडल मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त करें। इनके साथ संबंधित एसडीपीओ और पर्याप्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा, जिससे गश्त अधिक प्रभावी और व्यापक बनाई जा सके। रात्रि गश्त का मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों, प्रतिबंधित वस्तुओं और अन्य अनधिकृत गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाना है।

    जनप्रतिनिधियों ने की प्रशासनिक फैसलों की सराहना

    धर्मपुर की पंचायत प्रधान सुभद्रा चौधरी ने जिला प्रशासन के इन निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि उपायुक्त द्वारा लिए गए कदम जनहित में हैं और इनका सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावी निगरानी से इलाके में शांति, कानून-व्यवस्था और सुव्यवस्था का माहौल स्थापित हुआ है।

    वहीं तलमेड़ा के उप प्रधान अशोक कुमार ने भी कहा कि उपायुक्त ऊना के निर्णय जनहितैषी और दूरदर्शी हैं। इन कदमों से अवैध गतिविधियों पर रोक लगी है और जिला में शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है।

  • मुख्यमंत्री मान ने शुरू की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’, भूमि और संपत्ति के लेन-देन में आएगा सुधार

    मुख्यमंत्री मान ने शुरू की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’, भूमि और संपत्ति के लेन-देन में आएगा सुधार

    फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक और क्रांतिकारी पहल करते हुए प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए ज़मीन-जायदाद की ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ (आसान व्यवस्था) को लागू कर दिया है।

    मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के मकसद से इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत के गवाह बने सभी लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दशकों से ज़मीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन को जटिल और समय बर्बाद करने वाली प्रक्रिया माना जाता रहा है। इसके लिए बार-बार सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, बहुत परेशानी होती थी और देरी व भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त बोझ और असुविधा होती थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “आसान रजिस्ट्री” व्यवस्था लागू हो जाने से पंजाब में संपत्ति रजिस्ट्रेशन सरल, तेज़ और पारदर्शिता के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि “ईज़ी रजिस्ट्री” प्रणाली नागरिकों के लिए अनावश्यक देरी और परेशानी को पूरी तरह खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार किसी राज्य ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन को इतना सरल बनाने की दिशा में ऐसा कदम उठाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल के तहत अब एक जिले के अंदर कोई भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय उस जिले के किसी भी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों को रजिस्टर कर सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नागरिक मात्र 500 रुपए की नाममात्र फीस देकर ‘सेल डीड’ ऑनलाइन या सेवा केंद्रों के माध्यम से तैयार करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि “सरकार तुहाडे दुआर” योजना के तहत लोग इस सेवा का लाभ लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ केवल 48 घंटे के अंदर ऑनलाइन जमा करवाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब तहसीलदार ज़मीन-जायदाद की रजिस्ट्रेशन पर अनावश्यक आपत्ति नहीं लगा सकेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है और यदि कोई आपत्ति लगाई जाती है तो उसे तुरंत संबंधित डिप्टी कमिश्नर को भेजा जाएगा, जो यह पुष्टि करेंगे कि आपत्ति वैध है या नहीं।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के हर चरण की अपडेट मिलती रहेगी और यदि कोई रिश्वत मांगता है तो व्हाट्सएप पर ही शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि अब डिप्टी कमिश्नर यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि हर संपत्ति की रजिस्ट्रेशन सुचारू रूप से पूरी हो। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मोहाली के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को हेल्प डेस्क और आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र के साथ अपग्रेड किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रजिस्ट्रेशन केवल उसी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में हो सकती थी जिसके अधिकार क्षेत्र में संपत्ति स्थित थी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी रजिस्ट्रेशन की प्रगति या उठाई गई किसी भी आपत्ति की जानकारी तक नहीं मिलती थी। अब दस्तावेज़ जमा करने से लेकर मंजूरी, भुगतान, आपत्ति और अंतिम दस्तावेज़ तैयार होने तक हर चरण की पल-पल की जानकारी व्हाट्सएप पर मिलेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आपत्ति उठाने या दस्तावेज़ सत्यापन के लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है और यह व्यवस्था सेल डीड रजिस्टर करने से जुड़े अतिरिक्त खर्चों को भी कम करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “ड्राफ्ट माई डीड” सुविधा के जरिए कोई भी व्यक्ति सेवा केंद्र या सेवा सहायक की मदद से अपने रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ खुद लिख सकेगा। उन्होंने कहा कि अलग से लेन-देन के सबूत पेश करने की जरूरत नहीं होगी, इससे नागरिकों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को अब अपने रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ इकट्ठा करने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन पूरी होने के बाद नागरिकों को व्हाट्सएप पर ही पुष्टि की सूचना मिल जाएगी, जिससे वे एक ही विज़िट में अपना सेल डीड ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार और नागरिक-हितैषी सुधार लाने और सेवा केंद्रों व हेल्पलाइन नंबर 1076 को और सक्षम बनाने पर काम कर रही है ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक दफ्तरों में न जाना पड़े। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों में यह ऐतिहासिक मील का पत्थर लोगों को बड़े पैमाने पर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से है ताकि लोग सेवाएं सुचारू और परेशानी-मुक्त ढंग से प्राप्त कर सकें।

     

  • Samay Raina को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, Standup Comedian को दिए आदेश

    Samay Raina को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, Standup Comedian को दिए आदेश

    नई दिल्ली: देश के सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैनी से जुड़े मामले में अपना आदेश दे दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने समय रैना के साथ-साथ बाकी कॉमेडियन्स को भी दिव्यांग लोगों के लिए एक स्पेशल शो आयोजित करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाकी कंटेंट क्रिएटर्स पर यह निर्भर है कि वो दिव्यांग व्यक्तियों को अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मनाएं। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह आदेश क्यूर एसएमए इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर एक मामले में दिया है।

    समय रैना ने उड़ाया दिव्यांगों का मजाक

    समय रैना ने अपने एक शो के दौरान स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी से जूझ रहे लोगों के ऊपर चुटकुला सुनाया था। अपने इस जोक के चलते वह मुसीबत में आ गए थे। स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी एक अनुवांशिक विकार है जो मांसपेशियों में कमजोरी और क्षय का कारण बनता है। सुप्रीम कोर्ट ने जिन कॉमडियन्स को ये आदेश दिया है उनमें समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज, परमारजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर, आदित्य देसाई और निशांत जगदीप तंवर शामिल है।

    पीड़ितों को सम्मान चाहिए

    इस बीमारी से जूझ रहे लोगों के हितों के लिए लड़ने वाले एक संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाली एक सीनियर वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि समय रैना की टिप्पणी ने ऐसे बच्चों का मजाक और अपमान किया है। ये बच्चे बहुत ही निपुण और प्रतिभाशाली है। जब इस तरह के मंच पर ऐसी टिप्पणियां होती है तो क्राउडफंडिंग मुश्किल हो जाती है। वहीं इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायालय ने रैना से स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी से पीड़ित लोगों के लिए एक शो होस्ट करने पर विचार करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों को आपका पैसा नहीं चाहिए बल्कि उन्हें सिर्फ गरिमा और सम्मान चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अपने मंच का इस्तेमाल उनकी उपलब्धियों को दिखाने के लिए करे।