जालंधर, ENS: भारत में E20 पेट्रोल इस समय देश में सबसे चर्चित मुद्दों में से एक बना हुआ है। सरकार इसको देशभर में लागू कर चुकी है। हालांकि, लोग शिकायत कर रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों में खराबी आ रही है, इंजन खराब हो रहा है और माइलेज कम हो रहा है। लोगों में E20 पेट्रोल की क्वालिटी और इंजन सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं देखी जा रही हैं।
वहीं दूसरी ओर, आज संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में E20 पेट्रोल से इंजनों के खराब होने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजनों को नुकसान पहुंचने या उनके पार्ट्स खराब होने का अब तक कोई भी प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। सरकार के पास ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑटो एसोसिएशनों या ग्राहक संगठनों की तरफ से व्यापक स्तर पर इंजन फेल होने या कलपुर्जों के जंग खाने से जुड़ी कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, आम लोगों में E20 पेट्रोल को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों में इस तेल को लेकर सबसे बड़ी चिंता गाड़ी की परफॉर्मेंस और माइलेज को लेकर है।
रोजाना आ रही समस्याएं
तल्हण के पास स्थित गुरु रामदास मोटर गैरज के मालिक रुपिंदर सिंह ने बताया कि पेट्रोल में ई-20 इनथोल के कारण टैंक पंप और इजेंक्टर में दिक्कत आ रही है। जिसके कारण ग्राहक काफी परेशान है। रुपिंदर ने कहाकि ग्राहक सुबह जब सुबह गाड़ी को स्टार्ट करता है तो उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल, न्यू जेनरेशन की सभी गाड़ियों में दिक्कत आ रही है। पहले कार की परेशानी आने पर मैकेनिक को जांच करने के लिए एक से 2 घंटे का समय लग जाता था। लेकिन अब गाड़ियों में आ रही दिक्कत के दौरान ग्राहक की दो ही परेशानियां होती है, जिसमें से एक कार की पिकअप कम है और दूसरा गाड़ी मिसिंग कर रही है। ऐसे में वह तुरंत टैंक वाला पंप खोलकर जांच की जाती है। ऐसे में काफी गाड़ियों में पेट्रोल की दिक्कत आने के कारण लोग परेशान हो रहे है।
गाड़ी खराब होने से बचने के उपाय
ऐसे में इससे बचने के लिए एक्ससी90 1 पेट्रोल इंजन पेट्रोल का इस्तेमाल करने की मैकेनिक द्वारा सलाह दी गई। ऐसे में 100 ऑक्टेन पेट्रोल इस्तेमाल कर सकते है। एक्ससी90 1 पेट्रोल में 5 प्रतिशत इनथोल पाया जाता है। हालांकि 100 ऑक्टेन पेट्रोल काफी महंगा है। मैकेनिक ने कहाकि कारों के साथ बाइक चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में संज्ञान लेने की जरूरत है। दरअसल, देश भर में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये आ रही समस्याएं
कार को स्टार्ट करने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इंजन मिसफायर और वाइब्रेशन की परेशानी हो रही है। दरअसल, गाड़ी चलाते समय इंजन बीच-बीच में झटका मारता है और कार में असामान्य कंपन महसूस होता है।
पिकअप और पावर में कमी के कारण गाड़ी की रफ्तार अचानक कम होने लगती है और इंजन अपनी पूरी ताकत नहीं लगा पाता।
कुछ दूरी तक ठीक-ठाक चलने के बाद कार अचानक सड़क पर ही बंद हो जाती है।
गाड़ी चलाने का पूरा अनुभव और इंजन की कार्यक्षमता बेहद खराब हो जाती है।
इसलिए सरकार दे रही इथेनॉल पर जोर
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। पेट्रोल में इथेनॉल (जो गन्ने और अनाज से बनता है) मिलाने से विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी, देश का पैसा बचेगा, प्रदूषण कम होगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि इसलिए वह इथेनॉल पर जोर दे रही है।
आईटीआई में नई मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए उच्च स्तरीय समिति की हुई बैठकचंडीगढ़: हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि राज्य के युवा देश की अग्रणी एवं प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होकर उनसे जुड़ सकें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश की आईटीआई में अत्याधुनिक मशीनरी एवं नए उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे, जिससे युवाओं को उद्योगों की तात्कालिक मांग के अनुसार आधुनिक विधाओं में पूरी तरह निपुण बनाया जा सके।
हरियाणा सिविल सचिवालय में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुधारने तथा नए जमाने के तकनीकी संसाधनों को शीघ्रता से उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।
डिग्री के साथ कौशल युक्त युवा ही हैं असली ताकत
इस दौरान राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल से युक्त युवा ही सबसे बड़ी ताकत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार का साझा और स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के ‘हर हाथ को हुनर’ मिले। जब युवा कौशल संपन्न होंगे, तभी वे आत्मनिर्भर बनेंगे और एक विकसित व सशक्त भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
आईटीआई में मिलेगा और बेहतर प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकों के समावेश से छात्रों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वे सीधे औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे। इससे प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजीव रंजन, कौशल निगम एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक सितेंद्र दूहन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लुधियानाः जिले में नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने दपंति सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना जमालपुर की पुलिस ने महिला सहित 3 आरोपियों के कब्जे से 150 ग्राम हेरोइन, बैंक खातों में मिले 9 लाख 13 हजार रुपये की ड्रग मनी, 10 हजार रुपये नकद और 15 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी इंदरजीत बोपाराये ने कहा कि इंस्पेक्टर प्रमोद राज की अगुवाई में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी के दौरान मोटरसाइकिल पर आए तीन आरोपियों को पकड़ा। जांच के दौरान उनके पास से हेरोइन, ड्रग मनी और कई मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद नसीम, सनी जैस्वाल और शिखा जैसवाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सनी और शिखा आपस में पति-पत्नी हैं और तीनों लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे से जुड़े हुए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों नशा बेचने के बाद ग्राहकों से पैसे UPI के जरिए अपने बैंक खातों में मंगवाते थे। जिन नशा करने वालों के पास पैसे नहीं होते थे, उनसे मोबाइल फोन या अन्य कीमती सामान गहनों के रूप में रखवा कर नशा दिया जाता था। एसीपी ने बताया कि सनी जैसवाल और मोहम्मद नसीम के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी और चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी ताकि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों तथा नशे की सप्लाई चेन के बारे में और जानकारी एकत्र की जा सके।
15,056 करोड़ के निवेश से 6,175 परियोजनाओं को दी वित्तीय सहायता
चंडीगढ़: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत लगभग 15,056 करोड़ रुपये की स्वीकृति से हरियाणा में ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इस राशि से प्रदेशभर में 6,175 अवसंरचना परियोजनाओं को सहायता प्रदान की गई है, जिनसे सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, पेयजल सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है।
इन उपलब्धियों का उल्लेख आज नाबार्ड के 45 वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किया गया, जिसमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि नाबार्ड राज्य में ग्रामीण परिवर्तन को गति देने तथा कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभरा है।
नाबार्ड समावेशी ग्रामीण विकास का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। राज्य की भावी प्रगति मजबूत ग्रामीण अवसंरचना, टिकाऊ कृषि, वित्तीय समावेशन तथा सशक्त सामुदायिक संस्थाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों तथा जमीनी स्तर के संगठनों को मिलकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा।
अपने वित्त सचिव के कार्यकाल को याद करते हुए रस्तोगी ने कहा कि उन्हें नाबार्ड के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने राज्य के विकास में संस्था की सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि रियायती ब्याज दरों पर नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता से अनेक महत्वपूर्ण ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकीं, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों को मिला।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक तकनीकी सहयोग के साथ सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इन्हें अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम एवं लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे ये संस्थाएं ग्रामीण सहकारिता व्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकें।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ की मजबूत नींव सामूहिक प्रयासों, प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ही रखी जा सकती है। उन्होंने बैंकरों एवं सरकारी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपनी नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं का व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निरंतर सहयोग से स्थानीय संस्थाएं सशक्त होंगी, जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी तथा राज्य में समावेशी ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने हरियाणा में नाबार्ड की विकासात्मक पहलों के प्रभाव को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक तथा कृषि ऋण, परियोजना मूल्यांकन एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए बैंकों के उपयोगार्थ तैयार यूनिट कॉस्ट बुक का भी विमोचन किया।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कारीगरों तथा महिला उद्यमियों को ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही एफपीओ, ओएफपीओ तथा कारीगरों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसने हरियाणा के ग्रामीण उत्पादक समूहों की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया।
नाबार्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक सुश्री निवेदिता तिवारी ने बताया कि संस्था ने हरियाणा में 710 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का कम्प्यूटरीकरण एवं डिजिटलीकरण कर तथा 131 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देकर किसान-स्वामित्व वाली संस्थाओं को मजबूत किया है। इन एफपीओ के माध्यम से 63,369 किसानों, जिनमें 14,017 महिलाएं शामिल हैं, को एक मंच पर लाया गया है। इससे किसानों को सामूहिक विपणन, बेहतर मूल्य प्राप्ति, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि मूल्य श्रृंखलाओं से बेहतर जुड़ाव का लाभ मिला है।
संस्थागत वित्तीय पहुंच को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड ने 28 एफपीओ को 11.12 करोड़ रुपये की ऋण सहायता तथा 9 एफपीओ को 60.38 लाख रुपये की इक्विटी अनुदान सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता एवं व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। नाबार्ड ने जलवायु-अनुकूल कृषि को भी विशेष प्राथमिकता दी है। इसके तहत जलग्रहण क्षेत्र विकास, भूजल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर), सब्जी क्लस्टर तथा अन्य टिकाऊ कृषि पहलों को प्रोत्साहित किया गया है, जिनका उद्देश्य खेती की लागत कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी नाबार्ड की आजीविका संवर्धन योजनाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2022-23 से अब तक 5,010 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं। इस अवसर पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी. जी. रजनी कान्थन, हरको बैंक के अध्यक्ष भारत भूषण जुयाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
संसद में केंद्र सरकार ने दी जानकारी, मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर निर्माण जारी
चंडीगढ़: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत 28.5 किलोमीटर लंबे मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जून 2026 के अंत तक परियोजना की 3.3 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी है। जीएमडीए के प्रवक्ता ने इस संबंध में बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में सांसद संजय भाटिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया है कि भारत सरकार द्वारा गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी जा चुकी है तथा 28.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
प्रवक्ता ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद मिलेनियम सिटी सेंटर, साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच मेट्रो संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, यातायात जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। शहर में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना गुरुग्राम की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ मिलेनियम सिटी सेंटर और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह परियोजना शहर के समग्र यातायात ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगी।
अवसंरचना और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए
चंडीगढ़: हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष विपुल गोयल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ मे हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 8वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एम्बुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में राज्य में हेली एम्बुलेंस (मेडिकल, पर्यटन एवं सार्वजनिक परिवहन) सेवाओं के विस्तार पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं विभिन्न अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में चल रही सभी उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।
बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता, नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक एवं सचिव अंशज सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यश पाल तथा हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक मनीष कुमार लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
ऊना/सुशील पंडित : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत जिला कांग्रेस कमेटी, ऊना एवं हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में 22 जुलाई, 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:30 बजे हिमकैप्स कॉलेज, ऊना में विद्यार्थियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव अनिल चौधरी होंगे। दोनों नेता विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे तथा शिक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, बढ़ती शिक्षा लागत, बेरोज़गारी एवं विद्यार्थियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को सीधे सुनना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को खुलकर अपने विचार रखने तथा “छात्रों की गूंज” अभियान से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी, ऊना एवं हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस जिले के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, युवा साथियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से आग्रह करती है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर विद्यार्थियों की आवाज़ को सशक्त बनाने के इस अभियान का हिस्सा बनें।
अमृतसरः पंजाब में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बाद आज सावन के महीने की पहली बारिश ने अमृतसर वासियों को बड़ी राहत दी। आज शहर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से न सिर्फ तापमान में गिरावट दर्ज की गई, बल्कि पूरे इलाके का मौसम भी सुहावना हो गया। दरअसल, पिछले कई दिनों से तीखी धूप, गर्मी और हीट वेव के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे थे। बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली और गर्मी से काफी हद तक राहत महसूस की। कई लोगों ने इस सुहावने मौसम का आनंद लिया, जबकि बच्चे और नौजवान भी बारिश का लुत्फ़ उठाते नज़र आए।
इस मौसमी बदलाव का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिला। लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण वे भी गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे, पर बारिश होने से मौसम ठंडा होने के कारण उन्हें भी राहत मिली। इसके साथ ही खेतों में खड़ी फसलों के लिए भी यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली।
हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कुछ निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थितियां भी सामने आईं, पर इसके बावजूद ज़्यादातर लोगों ने इस बारिश का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों के दौरान भी पंजाब के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यदि यह मौसमी सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और कम हो सकता है और लोगों को और भी राहत मिलने की उम्मीद है।
लुधियानाः इलाके में जनकपुरी की गली नंबर 10 में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद हो गया। दोनों में विवाद इतना भड़क गया कि एक महिला की सड़क पर बेरहमी से पीटाई कर दी गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची महिला पर बेसबॉल बैट से हमला किया गया और उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। पीड़ित महिला जानवी ने जानकारी देते हुए बताया कि कल शाम करीब 6:30 बजे अपनी दुकान पर मौजूद थीं। तभी उनके पास घर से उनके बच्चों का घबराए हुए फोन आया। बच्चों ने बताया कि गली के कुत्तों को रोटी डालने को लेकर पड़ोसियों के साथ विवाद हो गया है और पड़ोसी उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे हैं।
बच्चों की बात सुनकर जानवी अपनी एक्टिवा से तुरंत मौके पर पहुंचीं। वहां पहुंचने पर जब वह गालियां दे रहे लोगों से बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश कर रही थीं, तभी वहां सामने रहने वाला हेरी नाम का एक युवक आ धमका। पीड़िता के मुताबिक, जब हेरी वहां पहुंचा तो उन्होंने उसे यह कहकर बीच में बोलने से रोका कि मेरा तुम्हारे साथ कोई विवाद नहीं है, तुम बीच में मत पड़ो। इस बात से हेरी इस कदर भड़क गया कि उसने जनवी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
फुटेज में देखा जा सकता है महिला अपनी एक्टिवा से गली में पहुंचती है, जिसके कुछ ही देर बाद उस पर अचानक हमला कर दिया जाता है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि आरोपी महिला को सड़क पर नीचे लेटा कर बेरहमी से पीट रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़िता जनवी कपूर ने तुरंत पुलिस का रुख किया और थाना-2 में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
जालंधर, ENS: नूरमहल के मॉडल टाउन इलाके में एक 35 वर्षीय शादीशुदा महिला द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मृतका के मायके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी बेटी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया। वहीं पुलिस ने परिवार के बयानों पर कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने कहाकि उनकी टीम को कल सूचना मिली कि 2012 में सरबजीत कौर की शादी साल 2012 में बलविंदर कुमार निवासी मॉडल टाउन नूरमहल के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी। जिसका बीते दिन पंखे से शव लटकता हुआ मिला। वहीं इस मामले में परिजनो ने परिवार पर परेशान करने के आरोप लगाए। मृतक सरबजीत कौर के 2 बच्चे है।
पुलिस ने पति द्वारा परेशान किए जाने के नूरमहल पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 94 (दिनांक 20.07.2026) धारा 108, 238 और 61(2) के तहत दर्ज की गई है। इस मामले में पति बलविंदर कुमार, ससुर अमरजीत, सास जगीरों को गिरफ्तार किया गया है, जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।