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  • आज का राशिफल, 13 जुलाई 2026

    आज का राशिफल, 13 जुलाई 2026

    आज आर्द्रा नक्षत्र की तूफानी ऊर्जा हर राशि के जातकों के जीवन में कुछ न कुछ अप्रत्याशित घटनाएं लेकर आई है। मन में उथल-पुथल हो तो घबराएं नहीं, यह सफाई का दौर है। गुरू पुष्यामृत योग का दिव्य साथ इस तूफान में एक स्थिर और शुभ आधार दे रहा है। जो पुराना हिसाब-किताब साफ होना है, छूटना है, छोड़ना है, जाना है, उसे होने दें। वृषभ, मकर और मीन राशि के जातक सेहत पर ध्यान दें। कन्या और तुला राशि के करियर में आएंगे बदलाव। ग्रहों और सितारों के गोचर के आधार पर आइए विस्तार से जानते हैं आपका आज का राशिफल।

     

    मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए आज का दिन बातचीत और यात्रा के मामले में उलझन भरा हो सकता है। भाई-बहन से आज कोई ऐसी बात अचानक सामने आ सकती है, जो पहले सोची नहीं थी। अगर छोटी यात्रा पर जाने का प्लान हो तो सावधानी रखें, रास्ते में कुछ अप्रत्याशित हो सकता है। कंधों में दर्द या थकान हो सकती है। बातचीत में आज शब्दों को सोचकर बोलें, जल्दबाजी में कही बात पछतावा करा सकती है। पैसों में गुरु का शुभ साथ है इसलिए आर्थिक मामले उलझने के बावजूद अंत में ठीक रहेंगे। करियर में पुराने काम पर ध्यान दें। शाम को जीवनसाथी के साथ शांति से वक्त बिताएं।

    वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन धन और परिवार के मामले में कुछ उथल-पुथल वाला है। खान-पान का आज खास ध्यान रखें, बाहर का खाना टालें और हल्का भोजन करें। पाचन थोड़ा कमजोर हो सकता है। परिवार में आज कोई अचानक बात सामने आ सकती है, जो माहौल को थोड़ा तनावपूर्ण बनाए, शांति रखें और जल्दी में कुछ न बोलें। आंखों में थकान हो सकती है, ज्यादा देर स्क्रीन पर न देखें। आवाज का ध्यान रखें। पैसों का कोई बड़ा फैसला आज टालें। व्यक्तित्व में एक स्थिर और जोशीली ऊर्जा महसूस हो सकती है। करियर में पुराने काम पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि : मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद गहरा और बदलाव लाने वाला है। मन में एक तेज बेचैनी है, जो पुरानी बातें तेजी से दोबारा आपके सामने ला रही है। सिर में भारीपन हो सकता है, थोड़ा आराम करें। आज खुद को समय दें और जल्दी में कोई भी बड़ा फैसला न लें। जो पुरानी बात मन में उठ रही है उसे एक नए नजरिए से देखने की कोशिश करें। खान-पान हल्का रखें। आंखों को आराम दें। पैसों में गुरु का शुभ साथ है इसलिए वित्तीय मामले ठीक रहेंगे। परिवार का साथ आज बेहद जरूरी है, उनके करीब रहें।

    कर्क राशि : कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन एकांत और आत्मचिंतन का है। एकांत में बैठकर कोई पुरानी और परेशान करने वाली बात आज मन से निकाल देने का सही वक्त है। मन में अचानक कुछ ऐसी भावनाएं उठ सकती हैं, जो लंबे समय से दबी हुई थीं, उसे होने दें। खर्चों पर आज नजर रखें, अचानक कोई फिजूल खर्च हो सकता है। नींद थोड़ी में परेशानी हो सकती है। विदेश से कोई अप्रत्याशित खबर आ सकती है। व्यक्तित्व में भीतर से स्थिरता महसूस होगी। करियर में लाभ में एक जोशीली एनर्जी है। जीवनसाथी के साथ शांति से समय बिताएं।

    सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन लाभ और मित्रों के मामले में उलझन भरा हो सकता है। नेटवर्किंग में आज कुछ अचानक और अप्रत्याशित हो सकता है। किसी पुराने मित्र की कोई बात आज आपको परेशान कर सकती है, लिहाजा सोच-समझकर प्रतिक्रिया दें। बड़े भाई-बहन से कोई अटकी बात फिर उठ सकती है। पिंडलियों में दर्द हो सकता है। लेकिन शुक्रदेव व्यक्तित्व पर एक गरिमामय और आकर्षक एनर्जी दे रहे हैं। करियर में आज एक मजबूत कदम आगे बढ़ाने का मौका है। जीवनसाथी के साथ शाम को कुछ खास करें। नई बड़ी योजना में पैसा लगाने से पहले 24 जुलाई तक यदि हो सके तो इंतजार करें।

    कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन करियर के मामले में उलझन भरा और गहरा है। काम में आज कुछ अचानक और अप्रत्याशित हो सकता है। बॉस या किसी वरिष्ठ की बात आज बेहद ध्यान से सुनें, जल्दी में जवाब देने से बचें। सरकारी काम में देरी हो सकती है। लग्नेश की एनर्जी पुराने काम को दोबारा आपके सामने ला रही है। लाभ में किस्मत का साथ मिलने से कमाई में एक स्थिरता बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में गहराई महसूस होगी। सेहत का ध्यान रखें, पेट की तकलीफ हो सकती है। करियर से जुड़ा नया बड़ा फैसला अच्छी तरह से सोच-विचार के बाद करें।

    तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्य के मामले में थोड़ा उलझन भरा है। किस्मत में आज कुछ ऐसा अचानक हो सकता है, जो पहले सोचा नहीं था। किसी गुरु या बड़े का साथ आज बेहद जरूरी है, उनसे मिलें या बात करें। कोई समस्या हो, तो जिसे भी आप अपना हितैषी मानते हैं, उससे सलाह लें। लंबी यात्रा के प्लान में कोई अचानक बदलाव आ सकता है। जांघों में दर्द हो सकता है। लग्नेश शुक्रदेव लाभ में एक गरिमामय और प्रैक्टिल एनर्जी दे रहे हैं, जो हर परिस्थिति में आपको आगे बनाए रखेगी। करियर में भी गुरू का शुभ साथ है। जीवनसाथी के साथ शांति बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन छुपे मामलों के लिहाज से गहरा है। बीमा, आयकर या कोई पुराना दस्तावेज आज अचानक सामने आ सकता है। कोई रहस्यमय बात उजागर हो सकती है, घबराएं नहीं बल्कि शांति से सोचें। लग्नेश मंगलदेव साझेदारी में एक स्थिर एनर्जी दे रहे हैं, जिससे जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलने से मुश्किलें आसान हो जाएंगी। सेहत का ध्यान रखें। किसी पुराने कर्ज का मामला आज सामने आ सकता है, उसे शांति से निपटाएं। करियर में आज सोच-समझकर काम करें।

    धनु राशि : धनु राशि वालों के लिए आज का दिन जीवनसाथी और साझेदारी के मामले में उलझनभरा हो सकता है। जीवनसाथी या किसी करीबी साझेदार के साथ कोई पुरानी बात आज अचानक और तेज होकर सामने आ सकती है। इस वक्त संयम सबसे बड़ा हथियार है, बात सुनें और ठंडे दिमाग से जवाब दें। पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है, पानी खूब पिएं। लग्नेश बृहस्पतिदेव छुपे मामलों में एक दिव्य और गहरी एनर्जी दे रहे हैं जो भीतर से संभाले रखेगी। सेहत स्थिर रहेगी। बातचीत में शब्दों का चयन सोच-समझकर और सही तरीके से करें।

    मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए आज का दिन सेहत और नौकरी के मामले में उलझन भरा हो सकता है। सेहत का आज खास ध्यान रखें, पेट या पाचन से जुड़ी कोई तकलीफ अचानक परेशान कर सकती है। नौकरी में कोई अप्रत्याशित काम या जिम्मेदारी अचानक आ सकती है, धैर्य से निपटाएं। दिनचर्या में आज लापरवाही भारी पड़ सकती है। पालतू जानवर हो तो उसका ध्यान रखें। लग्नेश शनिदेव की बातचीत में एक कार्मिक और गहरी एनर्जी है। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम में एक दूसरे का ख्याल रखेंगे।

    कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन प्रेम, रचनात्मकता और संतान के मामले में उलझन भरा हो सकता है। बच्चों के मामले में आज कुछ अचानक हो सकता है, शांत रहें। प्रेम संबंध में आज एक गहरा और बदलाव लाने वाला एनर्जी है, जो पुरानी बातें उठा सकती है, संयम रखें। रचनात्मक काम में आज मन नहीं लगेगा, जबरदस्ती न करें। बैठने का पॉश्चर सही रखें, वर्ना पीठ में दर्द हो सकता है। लग्नेश शनिदेव धन में एक कार्मिक और अनुशासन की ऊर्जा दे रहे हैं। करियर में भी एक अचानक बदलाव संभव है। जीवनसाथी का सहयोग आज जरूरी है।

    मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए आज का दिन घर और परिवार के मामले में उलझन भरा हो सकता है। घर में आज कुछ ऐसा अचानक हो सकता है, जो पहले सोचा नहीं था। मां या घर के किसी बड़े के साथ किसी पुरानी बात को लेकर विवाद हो सकता है, शांति से सुनें और धैर्य रखें। जमीन या संपत्ति का कोई मामला आज उलझ सकता है। वाहन चलाने में सावधानी बरतें। लग्नेश बृहस्पतिदेव रचनात्मकता और प्रेम में गहरी एनर्जी दे रहे हैं जो भीतर से संभाले रखेगी। करियर में आज ताजगी रहेगी और सकारात्मक हलचल महसूस होगी। अपनी नींद का ध्यान रखें।

  • Punjab News: Hotel Four Seasons में संदिग्ध परिस्थितियों युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस, देखें वीडियो

    Punjab News: Hotel Four Seasons में संदिग्ध परिस्थितियों युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस, देखें वीडियो

    अमृतसर: शहर की 100 फीट रोड पर स्थित होटल फोर सीजन्स में संदिग्ध हालात में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही होटल मैनेजमेंट ने तुरंत बी-डिविजन पुलिस स्टेशन को सूचना दी। इसके बाद SHO बलजिंदर सिंह औलख पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

    पुलिस होटल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि युवक की मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के रहने वाले संदीप सिंह के तौर पर हुई है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संदीप सिंह कल रात अपने चचेरे भाई के साथ हवाई जहाज़ से अमृतसर पहुंचे थे। दोनों ने होटल फोर सीजन्स में कमरा लिया और रात वहीं रुके। सुबह जब चचेरे भाई ने संदीप को जगाने की कोशिश की, तो वह बेहोश मिले। जांच करने पर पता चला कि उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद तुरंत होटल मैनेजमेंट और पुलिस को सूचना दी गई।

    SHO बलजिंदर सिंह औलख ने बताया कि पुलिस ने मृतक का शव अपने कब्ज़े में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए अमृतसर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक के परिवार को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और परिवार के सदस्य जल्द ही अमृतसर पहुंच रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अभी मौत की वजह के बारे में कोई भी अंतिम नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और होटल के CCTV फुटेज समेत अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस इस मामले को संदिग्ध मौत मानकर हर पहलू से गंभीरता से जांच कर रही है।

     

     

  • उपमुख्यमंत्री कल  सिविल अस्पताल हरोली के अतिरिक्त भवन की रखेंगे आधारशिला

    उपमुख्यमंत्री कल सिविल अस्पताल हरोली के अतिरिक्त भवन की रखेंगे आधारशिला

    ऊना,सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री  मुकेश अग्निहोत्री 13 जुलाई, सोमवार को प्रातः 11 बजे सिविल अस्पताल हरोली में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त अस्पताल भवन की आधारशिला रखेंगे।

     यह अतिरिक्त भवन 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल हरोली की बढ़ी हुई क्षमता के अनुरूप स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के अनुरूप हरोली सहित पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त भवन बनने से अस्पताल की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर एवं अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में हरोली क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के साथ आधुनिक जांच सुविधाओं का भी निरंतर विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है, ताकि लोगों को बेहतर, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

     

  • शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट सिद्धांत पर दिया नया आकार- CM Nayab Singh Saini

    शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट सिद्धांत पर दिया नया आकार- CM Nayab Singh Saini

    चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को एक विश्वस्तरीय नॉलेज इकॉनोमी हब के रूप में स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से राज्य के शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को री-डिजाइन, री-इमेजिन और री-इन्वेस्ट के सिद्धांत पर नया आकार दिया जा रहा है। इसके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 58 लाख रुपए के उदघाटन एवं शिलान्यास किए, इनमें 6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कन्या छात्रावास का शिलान्यास, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में 1.40 करोड़ रुपए से बने नर्सिंग विभाग के भवन का उद्घाटन तथा 18 लाख रुपए की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प एवं माता अमृता देवी सर्कल का लोकार्पण किया। उन्होंने नर्सिंग ब्लॉक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने की घोषणा की।

    एनईपी उत्कृष्ट क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय को एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से नवाजा गया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। इसका विजन भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में इस विश्वविद्यालय ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय को हरियाणा सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति इम्प्लीमेंटेशन एक्सीलेंस अवार्ड 2025 गोल्ड कैटेगरी से नवाजा गया है। यह गर्व एवं गौरव की बात है। युवा इस विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से बड़ी अपेक्षाएं रखते हैं। ये संस्थान अनुसंधान और नवाचार के ऐसे केंद्र बनें, जो स्थानीय उद्योगों और वैश्विक तकनीक के बीच एक सेतु का काम करें,तभी हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम को आगे बढाएं जो रास्ता माता अमृता देवी एवं गुरू जंभेश्वर महाराज ने हमें दिया हैं तभी पूर्वजों के पर्यावरण के प्रति सपनों को साकार किया जा सकेगा। गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधियां या डिग्रियां बांटना नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे चरित्रवान, संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और प्रकृति के प्रति भी पूरी तरह सजग हों।

    भारत की संस्कृति प्रकृति अस्तित्व की चेतना

    उन्होंने गुरु जंभेश्वर महाराज और बिश्नोई समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति का अस्तित्व बहुत महत्व रखता है, जिसका प्रतिनिधित्व गुरु जंभेश्वर जी महाराज ने अपने जीवन और उपदेशों में किया। गुरु जंभेश्वर की शिक्षाओं के अनुरूप ही डबल इंजन की सरकार प्रकृति के साथ संतुलन बैठाकर हरियाणा को विकास की नई बुलंदियों पर ले जाने का काम कर रही है।   भारत की सभ्यता का मूल स्वर प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध का रहा है। इसी महान परंपरा में पंद्रहवीं शताब्दी में गुरु जंभेश्वर महाराज ने मरुस्थलीय प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए जो विचार-क्रांति प्रारंभ की, वह अपने समय से कई शताब्दियां आगे की सोच थी। उस समय जब संसार के अधिकांश भागों में प्रकृति को केवल संसाधन के रूप में देखा जाता था, तब गुरु जंभेश्वर महाराज ने प्रकृति को जीवन का आधार, धर्म का अंग और लोक कल्याण का सर्वोच्च माध्यम घोषित किया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज के द्वारा प्रतिपादित 29 नियम केवल किसी धार्मिक पंथ के अनुशासन नहीं हैं। ये नियम मानव जीवन, पर्यावरण संतुलन, सामाजिक समरसता, जैव विविधता, पशु-करुणा, जल संरक्षण, स्वच्छता, संयम और नैतिक जीवन के अमूल्य सिद्धांत हैं। ये नियम आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने पांच सौ वर्ष पहले थे। मानव पूंजी के विकास के लिए स्किल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य ध्येय है। इसी के अनुरूप, हरियाणा अपने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हरित प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स तथा रोबोटिक्स जैसे भविष्य के उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार कर रहा है।       प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा और बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमने स्टार्टअप नीति और कौशल विकास योजनाएं बनाई हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए गत वर्ष हरियाणा में 20 करोड़ रुपये का हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में राज्यभर के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से 350 से अधिक अनुसंधान प्रस्ताव प्राप्त हुए। लगभग 90 शोध प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसलिए हमने इस वित्त वर्ष में भी 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि इस कोष को देने का प्रावधान किया है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को उच्चतर शिक्षा का एक वैश्विक अध्ययन गंतव्य बनाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों को मॉडल संस्कृत महाविद्यालयों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। अब तक 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर युवा को उसके घर के आसपास ही उच्चतर शिक्षा मिले।

    सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर दे रही बल

    सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी बल दे रही हैं। समय की मांग के अनुसार स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा गया है। स्कूलों में एनएसक्यूएफ, कॉलेजों में पहल योजना, विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर और तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के लिए उद्योगों के साथ एम.ओ.यू. करने जैसे कारगर कदम उठाए गए हैं। हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि युवा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

    गुरू जंभेश्वर महाराज ने पर्यावरण को लेकर चलाई मुहिम – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि देश में अनेक संत हुए जिन्होंने क्षेत्र में महान कार्य कर मिसाल कायम की है। संत कबीर, रविदास, मीरा बाई जैसे संतों ने चुनौतियों से निपटने का मंत्र दिया। उसी प्रकार गुरु जंभेश्वर महाराज ने भी पर्यावरण को लेकर मुहिम चलाई। पर्यावरण के संरक्षण के लिए लोगों ने अपना बलिदान तक दिया। इस मुहिम को जीवन में अमल करने और आगे बढाने की आवश्यकता है तभी पर्यावरण चुनौती से निपटा जा सकता है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी अनेक रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।   इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिन्दल, रणधीर पणिहार, विनोद भयाना, मेयर प्रवीन पोपली, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व विधायक दुड़ाराम, स्वामी सचिदानन्द आचार्य, आशा खेदड, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ नरसी राम बिश्नोई, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ बी आर कम्बोज सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।  
  • Haryana News: अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, एक नाइजीरियन गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Haryana News: अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, एक नाइजीरियन गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंचकूला: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा नशे के खिलाफ अभियान के तहत मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत एंटी नारकोटिक सेल ने थाना चंडीमंदिर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान कोकीन तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया है कि विदेशी आरोपी पिछले करीब पांच वर्षों से कोकीन की तस्करी में सक्रिय था और दिल्ली में कपड़ों तथा जूतों के कारोबार की आड़ लेकर नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था।

    डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि 17 जून 2026 को हमारी एंटी नारकोटिक सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि पीर मुछल्ला निवासी अंचित उर्फ चिंटू सेक्टर-26 स्थित हर्बल पार्क के पास कोकीन की सप्लाई करने आने वाला है। सूचना के आधार पर इंचार्ज सौरव रावत की अगुवाई में टीम ने घेराबंदी की और आरोपी को उसकी एक्सयूवी-500 कार सहित काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 43 ग्राम कोकीन की 87 गोलियां बरामद हुईं। थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    पूछताछ के दौरान अंचित उर्फ चिंटू ने खुलासा किया कि उसने यह कोकीन पीर मुछल्ला निवासी अजय के कहने पर दिल्ली के विकासपुरी क्षेत्र से एक नाइजीरियाई नागरिक से खरीदी थी। इस खुलासे के आधार पर पुलिस ने पहले अजय को गिरफ्तार किया। अजय से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र में रहने वाले नाइजीरियाई अजा ओग्बोना को भी गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि नाइजीरियाई आरोपी पिछले लगभग पांच वर्षों से कोकीन की तस्करी कर रहा था। आरोपी वर्ष 2018 में बिजनेस वीजा के आधार पर भारत आया था। वह कपड़ों और जूतों का कारोबार करने की आड़ में अपने ग्राहकों तक कोकीन पहुंचाता था, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। आरोपी को आज अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि चाहे तस्कर देश का हो या विदेशी नागरिक, कानून से ऊपर कोई नहीं है। नशे के कारोबार में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को ढूंढकर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा और युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

     

  • Punjab News: Verka की क्वालिटी पर उठे सवाल, डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा- हम कंपनी की साख खराब नहीं होने देंगे, देखें वीडियो

    Punjab News: Verka की क्वालिटी पर उठे सवाल, डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा- हम कंपनी की साख खराब नहीं होने देंगे, देखें वीडियो

    लुधियानाः पंजाब के सबसे बड़े और भरोसेमंद डेयरी ब्रांड वेरका (Verka) को लेकर अब डिस्ट्रीब्यूटर्स ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लुधियाना स्थित वेरका प्लांट से भेजे जा रहे दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, जिससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है। इस मुद्दे को लेकर रविवार को लुधियाना के वेरका डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक अहम बैठक हुई, जिसमें प्लांट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई गई।

    डिस्ट्रीब्यूटर्स का आरोप है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो वेरका जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की साख को बड़ा नुकसान हो सकता है।

    क्वालिटी में लगातार गिरावट का आरोप
    बैठक में मौजूद डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि पिछले कुछ समय से लुधियाना प्लांट से आने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रही। ग्राहकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिससे बाजार में वेरका की छवि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि ग्राहक सालों से वेरका पर भरोसा करते आए हैं, लेकिन यदि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो लोगों का विश्वास टूट सकता है।

    बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
    डिस्ट्रीब्यूटर्स ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार प्लांट के अधिकारियों को क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। इसके बावजूद किसी भी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिसके कारण हर दिन परेशानी बढ़ती जा रही है।

    ‘ओवर सप्लाई’ से भी बढ़ रही परेशानी
    बैठक में एक और बड़ा मुद्दा जबरन ज्यादा माल भेजने का भी उठाया गया। डिस्ट्रीब्यूटर्स का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन बिक्री के आंकड़े बढ़ाने के लिए जरूरत से ज्यादा माल भेज रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि कोई डिस्ट्रीब्यूटर 100 ट्रे का ऑर्डर देता है तो कई बार 101 या उससे अधिक ट्रे भेज दी जाती हैं। अतिरिक्त माल की बिक्री नहीं होने पर नुकसान डिस्ट्रीब्यूटर्स को उठाना पड़ता है। साथ ही खराब होने वाले उत्पादों का जोखिम भी उन्हीं पर आ जाता है।

    ‘हम वेरका की साख खराब नहीं होने देंगे’
    बैठक में डिस्ट्रीब्यूटर्स ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं है। वे केवल चाहते हैं कि वेरका की गुणवत्ता पहले जैसी बनी रहे। उन्होंने कहा कि वे कई वर्षों से वेरका के साथ जुड़े हुए हैं और इस ब्रांड को लोगों का भरोसा दिलाने में उनकी भी अहम भूमिका रही है। ऐसे में वे अपने सामने इस प्रतिष्ठित ब्रांड की छवि खराब होते नहीं देख सकते।

    अब मुख्यमंत्री भगवंत मान से करेंगे मुलाकात
    स्थानीय अधिकारियों के रवैये से नाराज डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अब सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने का फैसला किया है। उनका कहना है कि सहकारिता विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए वे उनसे समय मांगेंगे और पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराई जाए, ताकि लुधियाना प्लांट में सामने आ रही समस्याओं और कथित लापरवाही पर उचित कार्रवाई हो सके।

    डिस्ट्रीब्यूटर्स की प्रमुख मांगें

    -लुधियाना प्लांट से भेजे जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता में तुरंत सुधार किया जाए।

    -क्वालिटी को लेकर की गई शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो।

    -ऑर्डर से अधिक माल भेजने की व्यवस्था बंद की जाए।

    -डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

    -मुख्यमंत्री भगवंत मान से जल्द मुलाकात का समय दिया जाए, ताकि पूरे मामले को उनके सामने रखा जा सके।

     

     

  • Punjab News: अमरनाथ यात्रा से लौट रहे यात्रियों की बस पलटी, कई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: अमरनाथ यात्रा से लौट रहे यात्रियों की बस पलटी, कई घायल, देखें वीडियो

    पठानकोट: श्री अमरनाथ यात्रा से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस हिमाचल प्रदेश के डमटाल इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा बीती रात पठानकोट के पास स्थित डमटाल कस्बे में हुआ। बस के पलटने से उसमें सवार कई यात्रियों को चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    पुलिस ने तुरंत शुरू किया राहत और बचाव कार्य
    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकाला गया। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से सभी घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    घायल यात्रियों ने बताया कि वे सभी हरिद्वार के रहने वाले हैं। वे श्री अमरनाथ बाबा के दर्शन करने के बाद बस से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान डमटाल के पास अचानक बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे में बस में सवार कई यात्रियों को चोटें आई हैं।

    ड्राइवर पर नशे में बस चलाने का आरोप
    घायल यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस चालक ने शराब या किसी नशे का सेवन किया हुआ था। उनका कहना है कि चालक ठीक से बस नहीं चला रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। यात्रियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिस कर रही मामले की जांच
    फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। ड्राइवर के नशे में होने के आरोपों की भी जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

     

  • केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पिंगोड़ गांव में 2 करोड़ 63 लाख रुपये के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

    केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पिंगोड़ गांव में 2 करोड़ 63 लाख रुपये के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

    चंडीगढ़: केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने रविवार को पलवल में होडल विधानसभा क्षेत्र के गांव पिंगोड़ में लगभग 2 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें एचआरडीएफ योजना के तहत लगभग 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, लगभग 62 लाख रुपए की लागत से गांव की फिरनी का निर्माण, लगभग 15 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रविदास भवन सहित विभिन्न समाजों की चौपालों एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं।

    सबका साथ-सबका विकास की भावना का प्रतीक है पिंगोड़

    केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पिंगोड़ गांव सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल है, जहां सभी धर्मों एवं समाजों के लोग एक साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र की वास्तविक झलक इस गांव में दिखाई देती है। गांव के प्रत्येक समाज के लिए चौपाल, सामुदायिक भवन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य इसी भावना के साथ कराए जा रहे हैं ताकि कोई भी वर्ग विकास से वंचित न रहे।

    मोदी सरकार ने गरीब, किसान और आमजन के हितों को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

    कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साथ-साथ होडल विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी विशेष बजट उपलब्ध कराया है, जिसके कारण गांव-गांव में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का केंद्र बिंदु गरीब, किसान और जरूरतमंद वर्ग है। सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा, सस्ती दवाइयां तथा किसानों को सम्मान निधि, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उचित मुआवजा जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। यही कारण है कि जनता का विश्वास लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति बढ़ रहा है।

    ग्रामीणों की अधिकांश मांगों को दी स्वीकृति

    केंद्रीय राज्य मंत्री के समक्ष ग्राम पंचायत द्वारा गांव के विकास से संबंधित विभिन्न मांगें रखी गईं। जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि गांव की ओर से जो भी विकास संबंधी मांगें रखी गई हैं, उनमें से अधिकांश मांगों को उन्होंने तत्काल मंजूरी प्रदान कर दी है। आईटीआई की स्थापना संबंधी मांग वर्तमान परिस्थितियों में संभव नहीं है, लेकिन शेष सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। घोषणा करते हुए कहा कि सांसद निधि से 10 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी गांव के विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका उपयोग ग्राम पंचायत अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकेगी।  
  • हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता से सुदृढ हो रहा है हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास : न्यायमूर्ति सूर्यकांत

    हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता से सुदृढ हो रहा है हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास : न्यायमूर्ति सूर्यकांत

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- ईज ऑफ जस्टिस की सहभागिता से बनेगा विकसित राष्ट्र 2047

    चंडीगढ़: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण न्यायिक परिसर का निर्माण हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार की सक्रिय सहयोगिता के फलस्वरूप हरियाणा में न्यायिक परिसर का ढांचागत विकास सुदृढ हो रहा है और टॉवर ऑफ जस्टिस जैसे न्यायिक भवन न्याय प्रक्रिया को सौहार्दपूर्ण वातावरण देने में सहभागी बनेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत रविवार को गुरुग्राम में टॉवर ऑफ जस्टिस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जस्टिस विक्रम नाथ, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक सिब्बल व जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की गरिमामयी उपस्थिति में ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने गुरुग्राम लोकार्पण समारोह से ही वर्चुअल माध्यम से नूंह जिला के तावडू व पुन्हाना न्यायिक परिसर का शिलान्यास भी किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य ने टॉवर ऑफ जस्टिस निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमिकों को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका सम्मान किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि आज का अवसर मेरे लिए विशेष है। जनवरी 2017 में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहते हुए, मुझे इस न्यायिक परिसर का भूमि-पूजन करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जो कभी मुख्यतः कृषि के लिए जाना जाता था, वह आज उ‌द्योग, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आज फार्च्यून 500 की आधे से अधिक कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालय, 1500 से अधिक भारतीय कंपनियाँ और स्टार्ट-अप्स यहाँ कार्यरत हैं। व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ संपत्ति, तकनीक, अनुबंध और रोजगार से जुड़े विवाद भी बढ़े हैं। आज गुरुग्राम की अदालतों में 24,000 से अधिक सिविल डिस्प्यूट , लगभग 1,000 कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ये आँकड़े न्याय व्यवस्था पर बढ़ते दायित्व का संकेत हैं। ऐसे समय में यह टॉवर ऑफ जस्टिस केवल एक आधुनिक भवन नहीं है, बल्कि न्याय तक पहुँच को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम है। न्यायालयों का वास्तविक महत्व उनकी भव्यता में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वे नागरिक और न्याय के बीच की दूरी को कितना कम करते हैं। यह परिसर उसी सोच का प्रतीक है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अतिरिक्त न्यायालयों के निर्माण के माध्यम से अधिक मामलों की सुनवाई संभव होगी, लंबित मामलों के निस्तारण में गति आएगी और विशेष रूप से कमर्शियल डिस्प्यूट तथा नेगोशियबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट से जुड़े मामलों के लिए अधिक न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। हमारी प्राथमिकता सदैव ऐसी न्याय व्यवस्था का निर्माण होनी चाहिए जो दक्ष भी हो और निष्पक्ष भी। न्याय में गति आवश्यक है, परन्तु वह कभी भी संवैधानिक मूल्यों की कीमत पर प्राप्त नहीं की जा सकती। इस परिसर में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा सुव्यवस्थित ज्यूडिशियल मालखाना जैसी सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। इस परियोजना की एक अन्य महत्त्वपूर्ण विशेषता प्रस्तावित इंटरनेशनल आर्बिटेशन सेंटर है जो उच्च न्यायालय के संरक्षण में संचालित होगा। हमारा लक्ष्य ऐसी न्यायपालिका का निर्माण है जो आधुनिक हो, किन्तु मानवीय भी हो, तकनीकी रूप से उन्नत हो, किन्तु संविधान के मूल्यों में दृढ़ता से निहित भी और प्रत्येक वाद के पीछे छिपे मानवीय जीवन को समझने वाली संवेदनशील संस्था भी बनी रहे। हमारा उद्देश्य मामलों का शीघ्र निस्तारण करना तो है ही उसके साथ, हमारा प्रयास यह भी होना चाहिए कि कोई भी नागरिक आर्थिक, सामाजिक अथवा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण स्वयं को न्याय से वंचित न महसूस करे। टावर ऑफ जस्टिस केवल एक भव्य इमारत न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए निष्पक्ष, प्रभावी और संवेदनशील न्याय का प्रतीक बनेगा।

    संविधान की मर्यादा का केंद्र है टॉवर ऑफ जस्टिस : मुख्यमंत्री

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में निर्मित अत्याधुनिक ‘टावर ऑफ जस्टिस’ न्यायिक परिसर संविधान की मर्यादा, न्यायपालिका की गरिमा और नागरिकों के न्याय पर अटूट विश्वास का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आर्थिक प्रगति के साथ-साथ त्वरित, सुलभ एवं पारदर्शी न्याय व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम आज ज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप और वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे शहर में आधुनिक न्यायिक परिसर की स्थापना न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिस भवन की आधारशिला रखी गई थी, उसका लोकार्पण आज भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के कर कमलों से होना एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक संयोग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ जस्टिस’ को भी समान महत्व देना होगा। न्याय व्यवस्था ऐसी हो जो सरल, सुलभ, पारदर्शी तथा समयबद्ध हो, ताकि प्रत्येक नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके और आर्थिक विकास को मजबूत कानूनी आधार प्राप्त हो। सैनी ने महाभारत के युधिष्ठिर एवं यक्ष संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय न्याय परंपरा का मूल आधार निष्पक्षता, धर्म और सिद्धांत हैं। विश्वास व्यक्त किया कि गुरु द्रोणाचार्य और माता शीतला देवी की पावन भूमि पर स्थापित यह न्यायिक परिसर आने वाले वर्षों में न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। टॉवर ऑफ जस्टिस का जिक्र करते हुए कहा कि दो टावरों में विकसित यह परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े न्यायिक परिसरों में शामिल है। पुराने परिसर की 45 अदालतों की तुलना में यहां 55 आधुनिक अदालत कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यप्रणाली अधिक दक्ष, प्रभावी एवं जनहितकारी बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से को अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर्स के निर्माण हेतु समर्पित किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर और पर्याप्त कार्यस्थल की सुविधा उपलब्ध हो सके।

    आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना से आमजन का न्याय पर विश्वास होगा और मजबूत : मनोहर लाल

    लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस का उद्घाटन केवल एक नए भवन का शुभारंभ नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन के विश्वास को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ न्याय की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में न्यायालय का वातावरण, वहां उपलब्ध सुविधाएं और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सकारात्मक अनुभव नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल न्यायिक परिसर की आवश्यकता थी। इस परिसर में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएंगी। यह भवन केवल आधुनिक अधोसंरचना का उदाहरण नहीं, बल्कि न्याय को अधिक सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आज सबसे अधिक विवाद भूमि, पारिवारिक और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़े हैं, जिससे न्यायालयों पर लगातार भार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल न्यायालयों का विस्तार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने, वैकल्पिक विवाद समाधान, मध्यस्थता और लोक अदालतों जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना होगा। सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और नागरिक हितों को केंद्र में रखकर अनेक सुधार किए हैं, फिर भी यदि न्यायालयों के निर्णयों से नीतियों में सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो सरकार सकारात्मक सुझावों का स्वागत करेगी। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और अधिवक्ता समुदाय से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय सुलभ, किफायती और समयबद्ध होना चाहिए। इससे आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

    टावर ऑफ जस्टिस’ विकसित भारत के लिए सशक्त, सुलभ और नागरिक केंद्रित न्याय व्यवस्था का प्रतीक : अर्जुन राम मेघवाल

    केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक नए न्यायालय भवन के उद्घाटन का अवसर नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम का टावर ऑफ जस्टिस आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कार्यपालिका और न्यायपालिका के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। रुग्राम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु द्रोणाचार्य की कर्मस्थली, माता शीतला की पावन भूमि और महाभारतकालीन परंपराओं से जुड़ा यह शहर आज न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए न्याय व्यवस्था का आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। केंद्र सरकार न्यायिक सुधारों को गति देने के लिए अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। ई-कोर्ट्स, ई-फाइलिंग, ई-प्रोसिक्यूशन, ई-प्रिज़न्स, ई-फोरेंसिक, ई-सेवा केंद्र, डिजिटल भुगतान तथा राष्ट्रीय न्यायिक डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और त्वरित बनाया जा रहा है। विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर विकसित, समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनेगा।

    प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले-राव इंद्रजीत सिंह

    केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन की सफलता तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिले। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और कानून का प्रभावी शासन इसकी सबसे मजबूत आधारशिला है। वर्ष 2014 के बाद 1,500 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त किए गए, जन विश्वास अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से अनेक छोटे अपराधों का अपराधीकरण समाप्त किया गया तथा न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाया गया है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड, ई-फाइलिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित केस प्रबंधन तथा वाणिज्यिक न्यायालयों के विस्तार जैसे सुधार लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गुरुग्राम में लगभग सात एकड़ में निर्मित 55 न्यायालय कक्षों वाला टावर ऑफ जस्टिस इन सुधारों का सशक्त प्रतीक है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि न्याय में न तो अनावश्यक विलंब हो और न ही किसी नागरिक को न्याय से वंचित होना पड़े। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से उभर रहे गुरुग्राम को उसकी बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना मिली है।

    न्याय व्यवस्था में जनविश्वास को और सशक्त बनाने का संकल्प है टावर ऑफ जस्टिस’ : जस्टिस अनिल मिश्रा

    उद्घाटन समारोह में स्वागत संबोधन देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि गुरुग्राम के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि इस भव्य न्यायिक परिसर की परिकल्पना भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसे हरियाणा सरकार तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सामूहिक प्रयासों से साकार किया गया है। इस उपलब्धि के पीछे केवल अधिकारियों और संस्थानों का ही नहीं, बल्कि हजारों निर्माण श्रमिकों, राजमिस्त्रियों, अभियंताओं तथा सहयोगी कर्मचारियों का अथक परिश्रम भी शामिल है, जिनके समर्पण ने इस स्वप्न को वास्तविकता में बदला। साथ ही उन्होंने स्थानीय न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिनकी निष्ठा और निरंतर सेवा के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, अध्यक्ष बिल्डिंग कमेटी, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

    यह रहे मौजूद

    इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा, न्यायमूर्ति जॉर्ज मसीह, न्यायमूर्ति प्रसन्न बी. वराले, न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति चंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के साथ ही हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, विधायक मुकेश शर्मा, बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर सहित हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, डीजीपी अजय सिंघल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम नरेंद्र सुरा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नूह सुशील गर्ग, सीपी शिवास कविराज, डीसी गुरुग्राम उत्तम सिंह, डीसी नूंह अखिल पिलानी सहित बार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।  
  • Disha Patani का हॉलीवुड में बड़ा कदम, ऑस्कर विजेता केविन स्पेसी की फिल्म से करेंगी डेब्यू

    Disha Patani का हॉलीवुड में बड़ा कदम, ऑस्कर विजेता केविन स्पेसी की फिल्म से करेंगी डेब्यू

    बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दिशा पाटनी अब हॉलीवुड में भी अपनी नई शुरुआत करने जा रही हैं। बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के बाद अब वह इंटरनेशनल फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रख रही हैं। हाल ही में दिशा फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आई थीं और अब वह ऑस्कर विजेता निर्देशक केविन स्पेसी की आने वाली फिल्म ‘होलीगार्ड्स सागा: द पोर्टल ऑफ फोर्स’ में दिखाई देंगी। इस फिल्म के साथ दिशा अपना हॉलीवुड डेब्यू करेंगी। हाल ही में उन्होंने इस फिल्म, अपने ऑडिशन और केविन स्पेसी के साथ काम करने के अनुभव पर खुलकर बात की।

    प्रियंका और दीपिका के बाद अब दिशा भी पहुंचीं हॉलीवुड
    दिशा पाटनी अब उन भारतीय कलाकारों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने हॉलीवुड में अपनी जगह बनाई है। इससे पहले प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, अली फजल और तब्बू जैसे सितारे भी हॉलीवुड फिल्मों और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुके हैं। दिशा का कहना है कि हॉलीवुड में काम पाने के लिए सिर्फ लोकप्रिय होना काफी नहीं होता, बल्कि वहां ऑडिशन की प्रक्रिया सबसे अहम होती है।

    हॉलीवुड में काम पाने के लिए ऑडिशन जरूरी
    दिशा पाटनी ने बताया कि हॉलीवुड में किसी भी भूमिका के लिए ऑडिशन देना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि वहां सिर्फ नाम या पहचान के आधार पर काम नहीं मिलता। अगर किसी कलाकार को ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में काम करना है, तो उसे अपनी अभिनय क्षमता साबित करनी पड़ती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई बार फिल्म निर्माता किसी कलाकार का पुराना काम देखकर भी ऑडिशन का मौका दे देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला ऑडिशन और प्रदर्शन के आधार पर ही होता है।

    केविन स्पेसी के साथ काम करने का अनुभव बताया खास
    दिशा ने अपनी फिल्म के निर्देशक केविन स्पेसी की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि केविन खुद भी एक बेहतरीन अभिनेता हैं, इसलिए वह कलाकारों की सोच और अभिनय को अच्छी तरह समझते हैं। दिशा के मुताबिक, शूटिंग के दौरान केविन स्पेसी कलाकारों को अपनी तरफ से नए तरीके आजमाने की पूरी आजादी देते थे। वह हमेशा कहते थे कि किरदार को सिर्फ निभाओ नहीं, बल्कि उसे महसूस करो।

    उन्होंने बताया कि हर सुबह शूटिंग शुरू होने से पहले केविन पूरी टीम के साथ बैठते थे और सभी कलाकारों को सीन विस्तार से समझाते थे। वह कलाकारों से सवाल पूछते थे कि अगर वे खुद उस स्थिति में होते तो कैसे प्रतिक्रिया देते। इससे कलाकार अपने किरदार से बेहतर तरीके से जुड़ पाते थे।

    भारत में रहकर ग्लोबल रोल पाना आसान नहीं
    दिशा पाटनी ने यह भी कहा कि अगर किसी कलाकार का सपना हॉलीवुड या किसी दूसरे देश की फिल्मों में काम करने का है, तो उसे वहां जाकर काम करने का माहौल समझना होगा। उन्होंने कहा कि भारत में बैठकर सिर्फ उम्मीद करने से ग्लोबल रोल नहीं मिलते। ऑनलाइन ऑडिशन दिए जा सकते हैं, लेकिन आखिरकार कलाकार को वहां जाकर रहना, लोगों से मिलना और इंडस्ट्री के काम करने का तरीका सीखना जरूरी होता है।

    वीजा और लॉजिस्टिक्स भी निभाते हैं अहम भूमिका
    दिशा ने बताया कि हॉलीवुड में काम मिलने के लिए सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि वीजा, यात्रा और दूसरे जरूरी इंतजाम भी काफी मायने रखते हैं। कई बार कलाकार को मौके मिलने के बाद भी इन कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    मेहनत और सही मौके से मिलता है ग्लोबल मंच
    दिशा पाटनी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के लिए मेहनत, धैर्य और सही समय पर मिले मौके तीनों जरूरी हैं। उनका कहना है कि अगर कोई कलाकार दूसरे देश की फिल्म इंडस्ट्री में काम करना चाहता है, तो उसे वहां की संस्कृति,  काम करने के तरीके और लोगों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। यही किसी भी ग्लोबल करियर की सबसे मजबूत शुरुआत होती है।