मोबाइल छीनने की कोशिश करने वाला युवक चलती ट्रेन की खिड़की के बाहर ही लटक गया। यात्रियों ने उसका हाथ मजबूती से पकड़े रखा, जिसके कारण वह करीब 9 किलोमीटर तक हवा में लटका रहा। ट्रेन जब खगड़िया स्टेशन पहुंची, तब जाकर उसे नीचे उतारा गया। इस दौरान कुछ यात्रियों ने उसे थप्पड़ भी मारे, जबकि आरोपी लगातार हाथ छोड़ देने की गुहार लगाता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर यात्रियों ने उसका हाथ छोड़ दिया होता तो वह चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकता था। इसलिए लोगों ने उसे पकड़े भी रखा और गिरने भी नहीं दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी डरा हुआ दिखाई देता है और बार-बार खुद को छोड़ देने की अपील करता है। वह कहता है कि उसका हाथ टूट जाएगा और वह चोरी नहीं कर रहा था। हाथ टूट जाएगा भैया वायरल वीडियो में युवक कहता सुनाई देता है, “सर, हम चोरी नहीं कर रहे थे। हाथ टूट जाएगा भैया। मुझे पकड़कर चलिए। मैं लखमिनिया का रहने वाला हूं। हम ट्रेन में लोगों को देख रहे थे, मोबाइल नहीं छीन रहे थे। हम ऐसा काम नहीं करते।” वीडियो में वह पहले अपना नाम छोटू यादव बताता है, फिर बाद में पंकज यादव कहता है। साथ ही अपना घर लखमिनिया बताता है। जांच में निकली पहचान झूठी जब रेलवे पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसकी बताई गई पहचान पूरी तरह गलत निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसका असली नाम बरकत मंसूरी है। वह नवगछिया के मुमताज मोहल्ले का रहने वाला है और पहले भी चोरी व झपटमारी की कई घटनाओं में शामिल रह चुका है। स्टेशन पहुंचते ही GRP ने लिया हिरासत में खगड़िया स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। जीआरपी थाना अध्यक्ष मोहम्मद अलादीन ने बताया कि आरोपी की असली पहचान बरकत मंसूरी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। रेल थाना प्रभारी का आया बयान मानसी रेल थाना प्रभारी सौरव कुमार ने बताया कि शुरुआत में दूर से देखकर ऐसा लगा कि कोई व्यक्ति चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत ट्रेन की गति कम कराने की सूचना दी गई। लेकिन बाद में पता चला कि वह मोबाइल झपटमार था, जिसे यात्रियों ने पकड़ रखा था।
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जोर-जोर से चिल्लाता रहा मोबाइल चोर, यात्रियों ने 9 KM तक ट्रेन की खिड़की से लटकाए रखा, देखें वीडियो
बिहार के खगड़िया जिले में शुक्रवार रात जनहित एक्सप्रेस में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। मानसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होते ही एक युवक ने खिड़की के पास बैठे यात्री का मोबाइल छीनने की कोशिश की। लेकिन इस बार उसकी चाल काम नहीं आई। यात्री ने तुरंत आरोपी का हाथ पकड़ लिया। आसपास बैठे दूसरे यात्रियों ने भी उसकी मदद की और युवक को भागने नहीं दिया। करीब 9 किलोमीटर तक ट्रेन के बाहर लटका रहा युवक -

प्राकृतिक खेती से सुदृढ़ हो रही प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था
राज्य अवशेष परीक्षण प्रयोगशाला में प्राकृतिक उत्पादों की होगी गुणवत्ता जांच
शिमला: हिमाचल की माटी पर किसानों की समृद्धि की नई ईबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समृद्धि की इस कहानी की रूप रेखा तैयार की है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं से किसानों के जीवन में खुशहाली आ रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा प्रदान कर रही है।

हिमाचल प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने प्राकृतिक खेती से तैयार की गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया है। वर्ष-दर-वर्ष इसमें उल्लेखनीय वृद्धि भी की जा रही है। अब प्राकृतिक खेती से तैयार किए गए गेहूं की खरीद 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलोग्राम, पांगी घाटी की जौ 80 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की जा रही है।

सरकार के सतत प्रयासों से किसानों का प्राकृतिक खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में 838 किसानों से 2123.58 क्विंटल गेहूं की खरीद की तुलना में इस रबी के सीजन में प्रदेश सरकार ने 1,891 किसानों से प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित 2,679.89 क्विंटल गेहूं की खरीद सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र के गुणवत्तायुक्त एवं पोषण युक्त प्राकृतिक खाद्यान्नों को विशेष पहचान और बाजार दिलवाने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। जिला चंबा के पांगी उप-मंडल को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया गया है। इससे क्षेत्र के लोग अपनी पारंपरिक कृषि पद्धतियों का संरक्षण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। विगत खरीफ सीजन में पांगी उप-मंडल की हुडान, सुराल, किलाड़, सांच और सेचु पंचायत के किसानों ने अच्छे दाम में जौ की बिक्री सुनिश्चित की।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में बड़ा भंगाल के प्रवास के दौरान अधिकारियों को किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, बड़ा भंगाल क्षेत्र को प्राकृतिक खेती पंचायत और क्षेत्र में उत्पादित राजमाह के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में प्रदेश के 2,56,870 किसान 44,784.73 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की नई पहलों के बाद प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती से तैयार किए गए उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए कृषि विभाग में अलग मार्केटिंग विंग स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। समृद्ध किसान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैज्ञानिक, अनुसंधान और व्यवहारिक प्रशिक्षण को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इस दिशा में किसानों के प्राकृतिक उत्पादों और बीज की जांच की सुविधा के लिए जिला हमीरपुर में 8.64 करोड़ रुपये की लागत से राज्य अवशेष परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इस प्रयोगशाला के स्थापित होने से कृषि उत्पादों विशेषकर प्राकृतिक उत्पादों की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित होगी। यह प्रयोगशाला अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों से लैस है जो कृषि उत्पादों में मौजूद सूक्ष्म तत्वों का भी सटीकता से पता लगाने में सक्षम है। प्रयोगशाला में प्राकृतिक उत्पादों की गुणवत्ता और प्रमाणिकता की जांच की जाएगी। प्रदेश में शून्य बजट प्राकृतिक खेती पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे लोगों की सेहत के साथ मिट्टी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल का प्राकृतिक खेती मॉडल देश के प्राकृतिक खेती मिशन में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।
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Lawrence Bishnoi Gang के तीन शूटर गिरफ्तार, Target Killing की साजिश को देने वाले थे अंजाम
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। इसमें से दो आजमगढ़ और एक दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों शूटर दिल्ली में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए थे। टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे लेकिन इसी दौरान रोहिणी जिला पुलिस को उनके मूवमेंट के बारे में जानकारी मिली और उन्हें दबोच लिया गया है।स्पेशल स्टाफ ने किया ट्रैक
पुलिस ने यह दावा किया है कि इन शूटरों की गतिविधियों के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद अब स्पेशल स्टाफ ने उन्हें ट्रैक करना शुरु कर दिया है। फिर बाद में निगरानी और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों को दबोच लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि इन शूटर्स को विदेश में बैठे नेटवर्क के जरिए जानकारी मिल रही थी। इसके बाद इन्हें वारदात को अंजाम देना था। गिरफ्तार शूटर दिल्ली में हुई कई आपराधिक घटनाओं में वांटेड थे। यह भी पता चला है कि वे पहले कई आपराधिक घटनाओं का अंजाम दे चुके हैं। इनमें हत्या और फायरिंग की घटना आदि शामिल हैं।Read In Punjabi : https://encounternewspaper.com/delhi/three-shooters-of-lawrence-bishnoi-gang-arrested-by-delhi-police/
अमेरिका भेजा जाएगा आरोपी
अमेरिकी ने भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में आरोपी बनाया है। अब लॉरेंस को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया हुआ है। अपराधियों के लिए अमेरिका से हुए प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुरुप भारत में ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे निज्जर हत्याकांड में ट्रायल के लिए अमेरिका भेजा जा सकता है।80 से ज्यादा मुकदमों में दर्ज है नाम
लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या और जबरन वसूली के 80 से ज्यादा मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। एक्सपर्ट की मानें तो प्रत्यर्पण में देरी होने के बाद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत निज्जर हत्याकांड की जांच में पूरा साथ कर सकता है। इसके अंतर्गत अमेरिकी जांच कर्ताओं को लॉरेंस बिश्नोई से जेल के अंदर पूछताछ की इजाजत भी दी जा सकती थी। मुंबई आतंकी हमले के आरोपित हेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा से जेल में पूछताछ की इजाजत अमेरिका ने दी थी। भारत ने एनआईए की टीम ने अमेरिका जाकर दोनों का बयान दर्ज किया था। -

आर्मी जवान और उसके पिता की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित बिदुपुर थाना क्षेत्र के राजसन गांव में जमीन के विवाद ने बड़ा खूनी रूप ले लिया। यहां एक आर्मी जवान और उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, परिवार की बुजुर्ग दादी के लापता होने से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दो दिन पहले ही छुट्टी पर घर आया था आर्मी जवान
मृतक आर्मी जवान की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह राजस्थान के जोधपुर में सेना में तैनात थे। परिवार के एक रिश्तेदार की करंट लगने से मौत हो जाने के कारण वह दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर गांव आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनके साथ इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।एक दिन पहले हुआ था रास्ते को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार, गांव में विवादित जमीन के रास्ते को लेकर जितेंद्र कुमार और उनके पड़ोसी जगदीश राय के बीच शनिवार शाम कहासुनी और झगड़ा हुआ था। उस समय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। लेकिन यह विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।सुबह पड़ोसी ने बरसाईं गोलियां
रविवार सुबह आरोपी जगदीश राय और उसके परिवार के कुछ लोग फिर से वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारीक राय पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से मुनारीक राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल जितेंद्र कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।दादी के लापता होने से बढ़ी चिंता
घटना के बाद परिवार की बुजुर्ग दादी भी घर से गायब हैं। परिजनों का आरोप है कि हमलावर उन्हें अपने साथ ले गए हैं। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में भी जुट गई है। इस वजह से पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात
डबल मर्डर की सूचना मिलते ही बिदुपुर थाना पुलिस और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वैशाली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभांक मिश्रा ने भी घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू कराई। गांव में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।एसपी बोले- सभी आरोपी जल्द होंगे गिरफ्तार
वैशाली के एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि बिदुपुर थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक आर्मी जवान भी शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद राजसन गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन के विवाद का स्थायी समाधान समय रहते हो जाता, तो शायद दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। -

Hormuz को लेकर फिर बढ़ा America-Iran में तनाव, IRGC ने युद्ध को लेकर किया अहम ऐलान
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते हुए टकराव के बीच में अब ईरान के अंदर भी रणनीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इसी दौरान अब सबसे बड़ा विवाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। वहीं दूसरी ओर ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिव्योल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की वकालत कर रही है। दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की सरकार कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में दिखाई दे रही है।ईरान की सबसे बड़ी ताकत होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण
सौफान सेंटर के सीनियर विश्लेषक केनेथ कैट्जमैन का यह कहना है कि मौजूदा हालात में ईरान के सत्ता तंत्र के अंदर दो अलग-अलग सोच काम कर रही है। उनके अनुसार, IRGC के शीर्ष कमांडर और कट्टरपंथी धड़ा मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है और इसी के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाया जा सकता है।अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत का लिया जाएगा बदला
विश्लेषक के अनुसार, आईआरजीसी का इस समय उद्देश्य सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाए रखना नहीं है। कट्टरपंथी धड़ा यह भी चाहता है कि मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाए। उनका मानना है कि अमेरिका का ऐसा जवाब दिया जाना चाहिए इससे भविष्य में वह ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करने से पहले भी कई बार सोचे। दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ जैसे नागरिक नेता सैन्य टकराव को आगे बढ़ाने के बजाय बातचीत को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि निर्वाचित सरकार चाहती है कि ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर वार्ता शुरु हो ताकि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेहरान की नागरिक सरकार की उम्मीद है कि ओमान दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने में खास भूमिका निभा सकता है। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकले इससे क्षेत्रीय तनाव कम हो और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी सहमति पर पहुंचा जा सके। इस बीच अमेरिका ने भी साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना उसकी राष्ट्रीय और रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है। वॉशिंगटन का यह कहना है कि दुनिया के करीबन 20 प्रतिशत तेल व्यापार के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है। यदि इसे बंद करने या नौवहन बाधित करने की कोशिश की गई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक एनर्जी आपूर्ति की सबसे जरुरी समुद्री लाइनों में से एक माना जाता है। ऐसे में ईरान के अंदर रणनीति को लेकर उभरते मतभेद और अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। -

ऊना के डंगोह गांव में चली गोली, एक युवक घायल; मुख्य आरोपी लाइसेंसी हथियार सहित गिरफ्तार
ऊना : जिला ऊना के पुलिस थाना गगरेट की पुलिस चौकी दौलतपुर के अंतर्गत गांव डंगोह में गोली चलने की घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ऊना IPS सचिन हिरेमठ स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ SDPO अम्ब अनिल पटियाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। घटना में एक व्यक्ति की टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।जिला पुलिस ऊना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को उसके लाइसेंसी हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है और नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिला पुलिस ऊना ने आमजन से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। -

रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे अमेरिकी Senator Lindsey Graham का 71 साल की उम्र में हुआ निधन
नई दिल्ली: अमेरिका के साउथ कैरोलिना से लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राम का निधन हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते थे। एक बयान के अनुसार, 71 वर्षीय ग्राहम शनिवार 11 जुलाई की शाम अचानक बीमार पड़ गए थे। इसके बाद उनका निधन हो गया है। उनके कार्यालय ने एक ऑफिशियल बयान जारी करते हुए कहा कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम को अचानक हुई बीमारी के कारण निधन हो गया है। बयान में उनके परिवार की ओर से लोगों की प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद दिया गया और मुश्किल समय में प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की गई है। लिंडसे ग्राहम अमेरिका की राजनीति का एक महत्वपूर्ण शख्स था। साल 2003 से अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।सीनेट बजट समिति से भी जुड़े रहे लिंडसे
फॉरन पॉलिसी, नेशनल सेफ्टी और न्यायिक मामलों पर उन्हें रिपब्लिकन पार्टी की सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिन जाता था। सीनेट में आने से पहले उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 4 कार्यकाल पूरे किए थे। उन्होंने साल 1995 में पहली बार कांग्रेस में जगह बनाई थी। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण समितियों में काम किया है। वह सीनेट न्यायिक समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और हाल के सालों में सीनेट बजट समिति से भी जुड़े रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में निभा रहे थे सक्रिय भूमिका
लिंडसे ग्राहम का निधन ऐसे समय में हुआ जब वह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक्टिव भूमिका निभा रहे थे। निधन से एक दिन पहले ही वह यूक्रेन की राजधानी कीव में राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मिले थे। इस बैठक में यूक्रेन की एयर डिफेंस की जरुरतों और रुस के खिलाफ प्रस्तावित प्रतिबंधों पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद ग्राहम ने कहा था कि चीन रुस की शांति वार्ता में शामिल होने के प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि रुस पर कड़े बैन और यूक्रेन की सैन्य क्षमता को मजबूत करने से मॉस्को को बातचीत की दिशा में लाया जा सकता है।सैन्य और कानूनी क्षेत्र में भी किया है काम
लिंडसे ग्राहम ने हाल ही में यह भी कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम रुस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले द्विदलीय विधेयक को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गई है। इस कानून का मकसद रुस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भी दबाव बनान था ताकि रुस की सैन्य गतिविधियों के लिए होने वाली फंडिंग को रोका जा सके। 9 जुलाई 1955 को साउथ कैरोलिना के सेंट्रल शहर में जन्मे ग्राहम ने यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना और बाद में एयर फोर्स रिजर्व में सेवा दी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सैन्य और कानूनी क्षेत्र में भी काम किया है। -

Special Task Force की कार्रवाई में 77.59 ग्राम चिट्टा/हेरोइन तथा दो किलोग्राम चरस बरामद
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरंभ किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि 11 जुलाई, 2026 को स्पेशल टास्क फोर्स की टीम द्वारा ऊना जिला के अम्ब क्षेत्र में गश्त के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मुबारिकपुर, अम्ब क्षेत्र में चिट्टा/हेरोइन की तस्करी की जा रही है।

इस सूचना के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स के दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को निरुद्ध किया तथा उनके कब्जे से 60.45 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की तथा उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। इस संबंध में पुलिस थाना अम्ब, जिला ऊना में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले के अन्वेषण के दौरान 12 जुलाई, 2026 को प्राप्त बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर ग्राम तलवाड़ा स्थित दो व्यक्तियों के आवास पर विधि अनुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर से अतिरिक्त 17.14 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद कर दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। बरामदगी के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। मामले का अन्वेषण जारी है तथा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय लेन-देन एवं इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की गहनता से जांच की जा रही है।

प्रवक्ता ने बताया कि 12 जुलाई, 2026 को स्पेशल टास्क फोर्स की ज़िला मंडी टीम द्वारा नियमित गश्त एवं निगरानी के दौरान मनालीदृहरिद्वार रूट पर एक वोल्वो बस की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बस में यात्रा कर रहे हरियाणा के एक व्यक्ति के कब्जे से 2.006 किलोग्राम चरस बरामद की गई तथा स्पेशल टास्क फोर्स के नवस्थापित पुलिस थाना, मंडी में अभियोग पंजीकृत किया गया है। मामले का अन्वेषण स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा नियमानुसार किया जा रहा है तथा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय लेन-देन तथा इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सहित प्रकरण के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से संबंधित सभी व्यक्तियों एवं उनकी संलिप्तता का शीघ्र पता लगाया जा सके।

इस समन्वित कार्रवाई का उद्देश्य न केवल नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना है, बल्कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना तथा समाज में व्यापक जन-जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। प्रवक्ता ने बताया कि चिट्टा/नशे से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी देने के लिए 112 या नजदीकी पुलिस थाना में संपर्क करें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
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Monsoon में नहीं होगी पेट में इंफेक्शन, Experts ने बताए Healthy Tips
सेहत: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम तो लेकर आता है परंतु इसी मौसम में पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी हो जाती हैं। मानसून के दौरान उल्टी, दस्त, फूड प्वॉइजनिंग, गैस्ट्रोएन्टराइटिस, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए जैसे इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि बारिश के दौरान पानी का दूषित होना, नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस का तेजी से बढ़ाना और खुले में रखा हुआ खाना जल्दी खराब होना है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि मानसून में कुछ छोटी-छोटी सावधानियां अपना कर इस इंफेक्शन से बहुत हद तक बचा जा सकता है।पीने का पानी का रखें खास ध्यान
मानसून में पेट के ज्यादातर संक्रमण दूषित पानी के कारण होती है। भारी बारिश के दौरान बैक्टीरिया सीवर का पानी और गंदे पानी के पानी के सोर्स तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में साफ दिखने वाला पानी भी पूरी तरह सुरक्षित हो यह जरुरी नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, हमेशा उबला हुआ फिल्टर किया हुआ या फिर पैक्ड पानी ही पिएं। यदि पानी की क्वालिटी को लेकर आपको कोई संदेह हो तो अच्छे वाटर प्यूरीफायर या क्लोरिनेशन टैबलेट का इस्तेमाल करें। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाहर का पानी या बाहर के ड्रिंक न पिए। अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें यह आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।घर का बना खाना ही खाएं
डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के मौसम में लंबे समय तक खुले में रखा हुआ भोजन न खाएं। नमी के कारण बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ते हैं। इससे खाना दूषित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि घर का ताजा बना हुआ खाना सबसे सुरक्षित रहता है। सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, पहले से कटे हुए फल और लंबे समय से बाहर रखे स्नैक्स खाने से बचें। इससे इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहेगा।अच्छे से धोए सब्जियां और फल
अक्सर लोग फल और सब्जियों को सिर्फ पानी से धोकर इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन मानसून में इतनी सावधानी काफी नहीं होती है। इनके ऊपर मिट्टी, कीटनाशक और कई तरह के सूक्ष्म जीव मौजूद हो सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार, फल और सब्जियों को अच्छे से साफ करें। जरुरत पड़ने पर कुछ मिनट के लिए सिरके वाली पानी में भिगोकर भी साफ किया जा सकता है। साथ ही कच्चे स्प्राउ्टस और पहले से कटे हुए फलों का सेवन करें क्योंकि इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा ज्यादा रहता है।हाथ धोने की आदत डालें
डॉक्टर के अनुसार, हाथ धोना से आप इंफेक्शन से बच सकते हैं। इसके अलावा खाना बनाने से पहले टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद और बाहर से आने पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को दस्त या उल्टी की समस्या हो जाए तो शरीर में पानी की कमी न होने दे। हल्का भोजन करें और पूरी मात्रा में तरल पदार्थ लें। यदि तेज बुखार, खून वाली उल्टी या दस्त की समस्या हो या कुछ दिनों तक मिलें। -

राम मंदिर पर दिए बयान के बाद Trollers के निशाने पर आए Anupam Kher, आलोचकों को दिया मुंहतोड़ जवाब
मनोरंजन: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने कुछ ऐसा बयान दिया जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उनके बयान को लेकर कई लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया। ऐसे में अब ट्रोलिंग का जवाब देते हुए एक्टर ने बिना किसी का नाम लेते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया है।हिंदुओ पर हुए अत्याचार से कई बड़ा मुद्दा है
हाल ही में अनुपम खेर ने एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि – राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला बहुत छोटी बात है। उनका यह कहना था कि इतिहास में मंदिरों को तोड़ा गया है लूटा गया है और हिंदुओं पर हुए अत्याचार उससे कई बड़ा मुद्दा है। मंदिरों में उस समय लूट मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिर तोड़ दिए थे। जब ब्राह्मणों की हत्या की गई थी। जब मंदिरों का धन लूटकर ले जाया गया। महिलाओं के साथ अत्याचार हुए। वो कहीं ज्यादा बड़ी बात थी। यदि हम उस दर्द से निकल सकते हैं तो यह बहुत-बहुत छोटी बात है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया है।ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब
अब ट्रोलिंग के बीच में अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। इसमें लिखा था कि – ‘ईमानदार इंसान की सबसे बड़ी दौलत उसकी निडरता होती है जिसके मन में चोर नहीं है उसकी नजर कभी नहीं झुकती है। इस पोस्ट को अब उनके फैंस ट्रोलर्स को सीधा जवाब मान रहे हैं’।
इसके बाद अनुपम खेर ने एक और लंबा पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होने लिखा था कि – ‘लोकप्रिय होना अच्छा तो लगता है कि लेकिन हर किसी की पसंदीदा बनने की कोशिश हमें अक्सर खुद से दूर कर देती है। मैंने सीखा है कि सबसे जरुरी है कि अपनी नजरों में अच्छा इंसान बने रहना। बाकी दुनिया की राय समय के साथ बदलती रहती है। आपकी दुनिया में कितने लोग हैं जिनकी राय सचमुच मायने रखती है। कभी बारे में सोचिएगा। पूरी दुनिया में पॉपुलर बनने की कोशिश न करें। ये न तो जरुरी है और न ही सही जय हो’।View this post on InstagramView this post on Instagramपोस्ट में नहीं लिया किसी का नाम
अनुपम खेर ने इस पोस्ट में किसी का भी नाम नहीं लिया परंतु सोशल मीडिया पर इसे उनके आलोचकों के लिए करारा जवाब माना जा रहा है। फैंस भी इस पोस्ट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग एक्टर के समर्थन में आ रहे हैं तो वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि ये पोस्ट अब हाल के विवाद के बाद में आई आलोचनाओं का जवाब हैं। कुछ लोगों ने निराशा जताते हुए कहा कि अनुपम से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी।