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ऊना पुलिस ने किए 108 चालान
ऊना/सुशील पंडित: ऊना पुलिस ने रविवार को जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात के नियम तोड़ने वाले 108 वाहनों के चालान किए। इनमें से कुछ वाहन चालकों ने मौके पर ही चालान का भुगतान कर 21000 रु सरकारी खजाने में जमा करवाए। इसके अलावा सार्वजानिक स्थान पर धूम्रपान करने आठ लोगों से भी पुलिस ने 800 रु वसूल किए हैं। -

नंदपुरः ट्रक ने कार को मारी टक्कर
ऊना/सुशील पंडित: ठठल से बाबा डेरा जा रहे एक परिवार की कार नंदपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ठठल निवासी अनुप कुमार बक्शी पुत्र रोशन लाल ने अम्ब पुलिस को दी शिकायत में दावा किया है कि रविवार को गुरू पूर्णिमा के दिव वे परिवार सहित बाबा डेरा मत्था टेकने जा रहे थे।अभी नंदपुर के पास पहुंचे ही थे कि एक तेज रफ्तार ट्रक आया और उसने ओवरटेक करते हुए कार को सीधी टक्कर मार दी। जिससे कार में सवार लोगों को चोटें भी आई हैं। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नंगल के मैहन्दपुर निवासी प्रीतम सिंह पुत्र संतोख सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की दो धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। -

Punjab: School Bus और Car में भीषण टक्कर, देखें वीडियो
अमृतसर : हुसनपुरा चौक पर एक कार और वैन में टक्कर होने का मामला सामने आया है। जिससे कार को काफी नुकसान पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इस मौके पर प्रत्यक्षदर्शी ने बातचीत में बताया कि स्कूल बस में 15-17 सवारियां थी।
जो गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा से माथा टेक कर आ रहे थे, इसी दौरान हुसैनपुरे चौक पर एक कार से उनका एक्सीडेंट हो गया। जिस कारण कार का काफी नुकसान हुआ है। स्कूल बस में बैठे लोगों को मामूली चोटें आई है। जिन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस के मालिक को बुलाया गया है और उन्होंने कहा कि जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई गाड़ी के मालिक को की जाएगी। जिसके चलते उनका आपसी राजीनामा हो गया है।
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2 मुंह वाले अद्भुत बच्चे को महिला ने दिया जन्म, अस्पताल में लगी भीड़, देखें वीडियो
सीतापुरः जिले के सांडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला ने 2 मुंह, 4 हाथ-पैर वाले अद्भुत बच्चे को जन्म दिया। वहीं अस्पताल में बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। हालांकि कहा जा रहा है कि कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। सकरन थाना क्षेत्र के किरतापुर गांव के कोरियनपुरवा पूनम रमा देवी (40) के रविवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें पीएचसी रेवान में भर्ती कराया गया। सुबह करीब 5 बजे महिला ने इस अद्भुत बच्चे को जन्म दिया। इस बच्चे को देखने के लिए गांव से बड़ी संख्या में लोग आने लगे।
वहीं पीड़ित महिला ने आरोप लगाए है कि दाई बच्चे को बाहर ले गई और 2 घंटे तक बच्चा गेट के बाहर पड़ा रहा। हालांकि बच्चे के बारे में दाई ने कहा कि राजकुमारी महिला की नार्मल डिलीवरी हुई थी। उसके बाद बच्चे को दिक्कत होनी शुरू हो गई, जिसके चलते बच्चे को मां से अलग दूसरे कमरे में रख दिया। जिसके बाद दाई ने कहा कि वह इंजेक्शन लेने गई तो महिला का पति लोगों की भीड़ ज्यादा होने के चलते बच्चे को बाहर ले गया। जिसके बाद सभी कहने लगे बच्चे को जमीन पर क्यों लिटाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की भीड़ देखकर मां थोड़ा घबरा गई।
हालांकि, बच्चे ने करीब 5 घंटे बाद सुबह 10 बजे दम तोड़ दिया। पूनम के पति रामफल ने बताया कि पत्नी ने एक अद्भुत बालक को जन्म दिया था। बालक का पूरा शरीर एक दूसरे शरीर से जुड़ा था। एक शरीर विकसित तो दूसरा अविकसित था। उसके चार हाथ और चार पैर भी थे। बच्चे को देखकर सीएचसी की कुछ महिलाएं भयभीत होने लगीं तो उसे लेकर बाहर आ गया। हालांकि, इस बच्चे ने पांच घंटे बाद दम तोड़ दिया है।
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गुरु पूर्णिमाः बाबा बाल जी से हजारों शिष्यों ने लिया आशीर्वाद
ऊना/सुशील पंडित: श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में गुरु पूर्णिमा के दिन हजारों भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना के बाद अपने प्रिय गुरु बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद लिया। किमी से भी लंबी लाइन में बाबा बाल जी के शिष्यों ने सपरिवार भगवान स्वरूप बाबा बाल जी को माथा टेका और उनकी स्तूति की। भक्तों ने बाबा बाल जी पर पुष्प वर्षा की और बाबा जी ने भी अपने शिष्यों को प्रसाद और ढेरों आशीर्वाद व शुभकामनाएं दी।कोटला कलां के प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर और बाबा बाल जी महाराज से ऊना के लाखों लोग जुड़े हुए हैं। बाबा जी से जुड़े एक भक्त ने बताया कि बाबा बाल जी ने सत्य सनातन वैदिक धर्म की शिक्षाओं को ऊना के जन जन तक पहुंचाने का काम किया है। अंधकार में जी रहे लोगों को जब से बाबा बाल जी का आशीर्वाद और प्रेम मिला है तब से इस क्षेत्र के विकास की गति कई गुणा बढ़ गई है।उनका स्नेह और उनका प्रताप इतना दिव्य है कि जिसे भी बाबा जी आशीर्वाद देते हैं उसकी सदा चढ़ाई ही रहती है। घर में सुख समृद्धि बढ़ती है और परिवार का वातावरण सनातनी हो जाता है। बाल्य काल से भक्ति में रमे बाबा बाल जी अब वृद्ध हो रहे हैं। इसके उपरांत भी गुरु पूर्णिमा के दिन गर्मी और उमस में घंटों सुखासन में बैठ हजारों शिष्यों को अपने हाथ से आशीर्वाद व प्रसाद देते समय भी उनके चेहरे का तेज देखते ही बनता था। -

Corona के बाद इस virus का कहर हुआ जारी, 32 लोगों की हुई मौत
गुजरातः दुनियां भर में कोरोना वायरस का कहर देखने को मिला था। इस वायरस से कई लोगों की मौते हो गई थी। वहीं अब कोरोना वायरस के बाद चांदीपुरा वायरस ने कहर मचाना शुरू कर दिया। हालांकि यह वायरस गुजरात में देखने को मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते दिन 13 नए मामले सामने आए थे, वहीं 5 लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इनमे से किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चांदीपुरा वायरस के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल को जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) भेजा गया है। राज्य में कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 84 हो गई है, जबकि अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि नए मामले अहमदाबाद, अरावली, बनासकांठा, सुरेंद्रनगर, गांधीनगर, खेड़ा, मेहसाणा, नर्मदा, वडोदरा और राजकोट से मामले सामने आए हैं। वहीं इस मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी है। मक्खी-मच्छरों के पनपने वाली जगहों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। कूड़े का सही निपटान और उसे खुले में न रखने का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, शौचालय का सही उपयोग और खुले में शौच न जाने की सलाह दी गई है।
गौर हो कि 1966 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुर गांव में अचानक 15 साल तक के बच्चों की मौत होने लगी थी। इसके बाद इस वायरस का नाम चांदीपुरा रख दिया गया था। उधर, गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों को देख मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इससे जुड़ी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। हालांकि एमपी में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। मगर गुजरात में मिले संक्रमित मामलों में एक मरीज मध्य प्रदेश का है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग चांदीपुरा वायरस की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार निगरानी की जा रही है।
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Punjab : डायरिया की बीमारी को लेकर डाक्टर ने दी चेतावनी, देखें वीडियो
लुधियाना : मौसम बदलते ही तरह-तरह की बीमारियाँ फैलती है। मौसम बदलते ही डायरिया जैसी खतरनाक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। खासकर डायरिया बच्चों और बुजुर्गों को होने का खतरा रहता है। डायरिया की बीमारी बाहर का खाना खाने और गंदा पानी पीने से फैलती है।
लुधियाना शहर के सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए और पानी उबालकर या फिल्टर वाला पानी पीएं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं करते हैं तो डायरिया की चपेट में आ सकते है। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में डायरिया के मरीजों के लिए सभी तैयारियां पूरी है। फिलहाल दो से पांच केस ही आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में कोई भी भर्ती नहीं है। -

Modi सरकार ने हटाया 58 साल पुराना लगा प्रतिबंध, जानें मामला
नई दिल्ली: भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल होने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। दरअसल, गृह मंत्रालय द्वारा एक आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि अब केंद्रीय कर्मचारी भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्र सरकार ने 1966, 1970 और 1980 में तत्कालीन सरकारों द्वारा जारी उन आदेशों में संशोधन किया है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की शाखाओं और उसकी अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाई गई थी। वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा यह तोहफा माना जा रहा है।
केंद्र सरकार के अधिनिष्ठ कर्मचारी जो संघ के स्वयंसेवक के कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते थे, पाबंदियों की वजह से उसमें शामिल नहीं हो सकते थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने सरकार के फैसले पर कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गत 99 वर्षों से सतत राष्ट्र के पुनर्निर्माण एवं समाज की सेवा में संलग्न है। राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता एवं प्राकृतिक आपदा के समय में समाज को साथ लेकर संघ के योगदान के चलते समय-समय पर देश के विभिन्न प्रकार के नेतृत्व ने संघ की भूमिका की प्रशंसा भी की है।” आंबेकर ने कहा, “अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते तत्कालीन सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों को संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में भाग लेने के लिए निराधार ही प्रतिबंधित किया गया था।
शासन का वर्तमान निर्णय समुचित है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पुष्ट करने वाला है।”केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में केंद्रीय कर्मचारियों के शामिल होने पर लगी 58 साल पुरानी रोक हटा दी है। बता देें कि आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान लागू किया गया था। हालांकि, इस बीच मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों इस आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार के स्तर पर यह आदेश बना हुआ था। 9 जुलाई 2024 को 58 साल का प्रतिबंध हटा दिया गया। बता दें कि ये कानून अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भी लागू था।
9 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। यह आदेश गवर्नमेंट इंडिया मिनिस्ट्री आफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशन डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेंनिंग डिपार्मेंट की तरफ से जारी किया गया है। आदेश पर डेप्युटी सेक्रेट्री गवर्नमेंट आफ इंडिया की हस्ताक्षर हैं।
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मांगे न पूरी होने पर 31 जुलाई को करेंगे Mega Rally, देखें वीडियो
पंचकूला : हरियाणा सरकार ओर उच्च शिक्षा विभाग की वायदा खिलाफी के कारण एक्सटेंशन लेक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन 31 जुलाई को पंचकूला में महारैली का आयोजन करेगी। इनकी मुख्य मांग नियमितीकरण और 58 वर्ष की आयु तक रोजगार सुरक्षा है। पिछले लंबे समय से आश्वासन के बाद भी सरकार ने इनकी मांगों को पूरा नहीं किया। इस महारैली में 2 हजार से अधिक एक्सटेंशन लेक्चरर्स भाग लेंगे। एसोसिएशन के प्रधान ईश्वर सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2022 को 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने अपनी मुख्य मांग नियमितीकरण के लिए पंचकुला में आमरण अनशन किया था।
हरियाणा सरकार के निर्देश पर हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियो ने ये कह कर आमरण अनशन खुलवाया था कि उनकी मांग को जल्द पूरा करवा दिया जाएगा। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार और डिपार्टमेंट ने कुछ नही किया है जिसे 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स ओर उनके परिवार का भविष्य अंधकार में चला गया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एक तरफ सरकार कच्चे कर्मचारियो को नियमित या 58 साल रोजगार सुरक्षा करने का आश्वाशन दे रही है और दूसरी तरफ 2450 पोस्ट निकालकर 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स को बेरोजगार करने जा रही है। एसोसिएशन के प्रधान ईश्वर सिंह ने बताया कि सोमवार को हरियाणा की सभी जिलों से एसोसिएशन के राज्यकरकरिणी सदस्यों ने धरना स्थल पर बैठक की ओर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और सर्व सहमति से फैसला लिया कि 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स की मुख्य मांग के लिए 31 जुलाई 2024 को पंचकूला में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।एसोसिएशन महिला राज्यकरकरिणी डॉ राधा राठी ओर सीता डागर ने बताया कि 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स में 1000 नेट/पीएचडी महिला एक्सटेंशन लेक्चरर्स कार्यरत है जो पिछले कई सालों से नियमित होने के लिए सरकार से संघर्ष कर रही है। एसोसिएशन प्रधान ने बताया कि 2014 में भी पिछली सरकार ने कॉलेजो में कार्यरत 400 गेस्ट लेक्चरर्स को पक्का कर दिया था और 2003, 2006 में भी इस तरह की नियमितीकरण की पालिसी बनाई जा चुकी है ओर इसके अलावा हरियाणा सरकार स्कूल लेवल पर गेस्ट टीचर्स को 58 साल का रोजगार सुरक्षा एक्ट बनाकर सुरक्षित कर चुकी है। जब सरकार स्कूल लेवल पर इस तरह की पालिसी लागू कर सकती है तो हायर एजुकेशन में कॉलेज काडर में कार्यरत इलीजिबल एक्सटेंशन लेक्चरर्स पर भी ये 58 साल रोजगार सुरक्षा का एक्ट लागू हो सकता है।
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Curfew जैसे बने हालात, Internet बंद, यात्रा के दोनों ओर पुलिस तैनात
नूंहः हरियाणा के नूंह से बड़ी खबर सामने आई है, जहां आज कावड़ यात्रा के दौरान कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए है। दरअसल, पिछली बार हुई हिंसा के बाद आज पांडवकालीन शिव मंदिरों में कर्फ्यू जैसे हालातों के बीच ब्रजमंडल यात्रा निकाली जा रही है। बताया जा रहा है कि यह यात्रा नलहड़ेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के बाद शुरू हुई है और यह यात्रा फिरोजपुर झिरका के झिरकेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
कहा जा रहा है कि यात्रा 80 किलोमीटर लंबी है और जलाभिषेक के बाद पुन्हाना के सिंगार श्रृंगेश्वर महादेव मंदिर में यात्रा संपन्न होगी। वहीं इस यात्रा को लेकर प्रशासन की तरफ से 5 घंटे का समय तय किया गया है। यात्रा में शामिल गाड़ियों को एक साथ जाने के बजाय अलग-अलग जा रही हैं। बता दें कि बीते दिन हिंसा के आशंका को लेकर प्रशासन ने द्वारा कल शाम से आज शाम 6 बजे तक इंटरनेट बंद किया है।
वहीं नूंह में 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अरावली की पहाड़ियों की ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। यात्रा को दोनों तरफ से पुलिस ने सिक्योरिटी कवर दिया है। वहीं ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कल कहा कि पिछली बार हिंसा की वजह से मुस्लिमों पर लगे दाग मिटाने के लिए इस यात्रा को कामयाब बनाने का यह अच्छा समय है।