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रोटरी क्लब ने बेहतर कार्य करते हुए समाज में बेहतर छाप छोड़ी: रोहित ओबराय
रोटरी क्लब ऊना के पदस्थापना समारोह का आयोजन ऊना/सुशील पंडित: रोटरी अंर्तराष्ट्रीय संस्था विश्व में नि:स्वार्थ भाव से सेवा के हर क्षेत्र में अद्वितिय योगदान कर रही है। यह बात स्थानीय माया होटल में रोटरी क्लब ऊना के पदस्थापना समारोह व गवर्नर आफिशियल विजिट में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में रोटरी जिला 3070 के जिला गवर्नर रोटेरियन रोहित ओबराय ने कही। जिला गर्वनर रोटेरियन रोहित ओबराय ने प्रधान यशपाल सिंह ठाकुर व सचिव रंजीत जसवाल के नेतृत्व में नई टीम को पदस्थापित किया। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब ने बेहतर कार्य करते हुए समाज में बेहतर छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा नियमित तौर पर सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता में प्रभावी भूमिका निभाकर जरूरतमंद समाज की मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब में हर वर्ष नए लोगों को जोडऩे व नेतृत्व क्षमता निर्माण के प्रयास सराहनीय है। इससे युवाओं को अपनी संस्कृति व संस्कारों से जुडऩे का अवसर मिलता है। रोहित ओबराय ने कहा कि हिमाचल,पंजाब व जेएंडके इस समय बड़ी प्राकृतिक आपदा से निपट रहा है। ऐसे समय में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि रोटरी का प्रत्येक सदस्य इस विकट समय में आगे बढ़कर अपने समाज व राष्ट्र के लिए सकारात्मक सहयोग करें। उन्होंने नई टीम को पीडि़त मानवता की सेवा के कल्याण के लिए चलाए गए विभिन्न प्रकल्पों को गति देने व समाज सेवा के क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्लब के सदस्य स्वैच्छा से रोटरी फाऊंडेशन में भी दिल खोल कर योगदान दे रहे है,जिससे अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर इस धन का सदुपयोग गरीबों व जरूरतमंदों की सेवा में किया जा रहा है।निर्वतमान सचिव ओंकार नाथ कसाणा ने सभी का स्वागत किया व पिछले साल कलब द्वारा की गई गतिविधियों का ब्यौरां दिया। क्लब के नवर्निवाचित प्रधान यशपाल सिंह ठाकुर ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया। नए सचिव रंजीत जसवाल ने नई टीम को सभी के समक्ष इंटरडयूस किया। कार्यक्रम में रोटेरियन मौनिका सिंह ने मुख्यातिथि जिला गर्वनर रोटे.रोहित ओबराय व रोटे.संजीब अग्रिहोत्री ने क्लब प्रधान यशपाल सिंह ठाकुर का जीवन वृत सबके सामने प्रस्तूत किया। नीलम अगिनहोत्री ने मंच संचालन किया। समारोह के मुख्यातिथि रोटे.रोहित ओबराय ने क्लब गतिविधियों में सहयोग के लिए विभिन्न विभूतियों व मीडिया पर्सनस को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में हिमकैप्स ला एवं नर्सिंग कालेेज बढ़ेेड़़ा की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तूति भी दी। इस अवसर पर रोटरी जिला सचिव एचएस जोगी,हिमकैप्स कालेज के चेयरमेन विक्रमजीत सिंह,इन्नरव्हील क्लब ऊना की सचिव अमरजीत बबली,पूर्व प्रधान रमा कंवर,आरसीसी ईसपुर के अध्यक्ष चित विलास पाठक,हिमोत्कर्ष प्रदेश महासचिव डा.रविंद्र सूद,जिलाध्यक्ष कर्णपाल सिंह मनकोटिया,जयगोपाल शर्मा,विजय साहनी,हिमोत्कर्र्ष महिला मंच सदस्य अनीती सूद,मंंजू मनकोटिया,सुलोचना ठाकुर,ज्योति चौधरी,अनीता चीटू,रजिता कसाणा,रोटरी क्लब के समस्त सदस्यगण व शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।नई टीम को पिन-अप किया रोटरी क्लब ऊना के गरिमामय पदस्थापना समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए निर्वाचित रोटरी क्लब ऊना की नई टीम ने कार्यभार संभाला। रोटरी जिला 3070 के गवर्नर रोहित ओबराय ने नए प्रधान रोटे. यशपाल सिंह ठाकुर व सचिव रंजीत जसवाल को पिनअप किया। इस अवसर पर नए सदस्यों जतिंद्र कंवर,मौनिका सिंह,मुनिंद्र अरोड़ा,नीलम अग्रिहोत्री को पिन अप किया गया। जबकि क्लब के वरिष्ठ सदस्य एचएन चीटू,बलदेव चंद,संजीब अग्रिहोत्री,सुरेंद्र ठाकुर,संजीब पुरी,कृष्ण ठाकुर,आरके शर्मा,डा.अनुराग शर्मा,ओंकार नाथ कसाणा व अन्य सदस्यों को पिनअप किया गया। -

Jalandhar News: बारिश का कहर जारी, रोपड़ हैडवर्कस से फिल्लौर पहुंचेगा इतने लाख क्यूसेक पानी, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: पंजाब में बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। 10 जिले बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हैं। पहाड़ों से आ रहे पानी का भार झेलने के लिए बांधों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है। साल दर साल बाढ़ की चुनौती बढ़ रही है। साफ है कि अब आगामी वर्षों के लिए हमें अपनी तैयारी और मजबूत करनी होगी। पंजाब में बाढ़ से हालात बेहद खराब हो रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत जगह धुस्सी बांधों के टूटने से भी नुकसान में इजाफा हुआ है। इनके निर्माण और मरम्मत पर भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
इस समय पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर, तरनतारन और मोगा में हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं। वहीं आज एक लाख 14 हजार 782 क्यूसेक पानी भाखड़ा डैम से से रोपड़ हैडवर्कस में 18 घंटों में पहुंचेगा। वहीं रोपड़ हैडवर्कस से फिल्लौर 14 घंटों में पहुंचेगा। इसी तरह फिल्लौर से तरनतारन हरिके पतन 20 घंटे में पानी पहुंचेगा। इसी तरह हरिके पतन से सुलेमान हैडवर्कस में 28 घंटों में पानी पहुंचेगा।
दूसरी ओर जालंधर में बाढ़ को लेकर डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल का नया बयान सामने आया है। जिसमें डीसी ने बताया कि आज रोपड़ के फ्लड गेट खोल के एक लाख क्वेसिक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। जो कि फिल्लौर तक पहुंचते पहुंचते डेढ़ लाख से ज्यादा हो सकता है। जिससे जालंधर के फिल्लौर से लेकर शाहकोट और लोहिया तक बाढ़ के हालात भी बन सकते हैं।
जिसको लेकर डिप्टी कमिश्नर द्वारा जालंधर जिले के लोगों को दरिया के किनारे से हटाने के लिए आदेश और अपील जारी कर दी गई है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर तो पानी सही से आगे चल जाता है तो स्थिति ठीक रह सकती है। अगर पानी दरिया से बाहर आता है तो हालत बिगड़ने के असर हो सकते हैं। जिसको लेकर उन्होंने कहा कि उनकी खुद की टीम में स्टैंडबाई पर रखी गई है।
वहीं पुलिस और एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमें भी स्टैंड बाय पर कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आसपास के सभी अधिकारियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। वहीं दरिया किनारे जितने भी इलाके हैं वहां पर गुरुद्वारा और मंदिर से इलाके को खाली करने के लिए भी अनाउंसमेंट शुरू कर दी गई है।
डीसी ने बताया कि यह सारा पानी बरसाती पानी है। उन्होंने बताया कि देर रात को प्रशासन के अधिकारी राहत कार्य में जुटे हुए है। सतलुज के साथ लगते फिल्लौर, शाहकोट और नकोदर सहित इलाको में पानी का लैवल सुबह तक बढ़ने का आदेंशा है। उन्होंने कहा कि इस लैवल के बढ़ने से नुकसान होने का आंदेश रहता है। जिसको लेकर इलाका निवासियों को अनाउंसमेंट के जरिए दरिया के कंडे ना जाने की अपील की जा रही है। पूरे जिले में 54 सेंटर बनाए गए है और आने वाले समय में लोगों की राहत और सेंटरों को बनाया जाएगा। इस दौरान अगर दरिया के आसपास एरिया में रहने वाले लोगों को वहां से अन्य सेंटरों में जाने की अपील की जा रही है।
डीसी द्वारा कल चिट्टी बेई में पानी का फ्लो बढ़ने को लेकर कहा कि उनके पास बारिश होने को लेकर कोई आदेश नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि रात 2 बजे से टीमें सड़कों पर लोगों की राहत के लिए काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि सतुलज का पानी शहर में नहीं आया है। हालांकि चि्टी बेई में पानी के ओवरफ्लों की बात को वह टालते हुए नजर आए है। उन्होंने कहा कि बरसात के पानी और दरिया के पानी में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि वह आज सुबह से अब तक 400 से अधिक लोगों से फोन पर बात कर चुके है।
डीसी ने बताया कि यह सारा पानी बरसाती पानी है। उन्होंने बताया कि देर रात को प्रशासन के अधिकारी राहत कार्य में जुटे हुए है। सतलुज के साथ लगते फिल्लौर, शाहकोट और नकोदर सहित इलाको में पानी का लैवल सुबह तक बढ़ने का आदेंशा है। उन्होंने कहा कि इस लैवल के बढ़ने से नुकसान होने का आंदेश रहता है। जिसको लेकर इलाका निवासियों को अनाउंसमेंट के जरिए दरिया के कंडे ना जाने की अपील की जा रही है। पूरे जिले में 54 सेंटर बनाए गए है और आने वाले समय में लोगों की राहत और सेंटरों को बनाया जाएगा। इस दौरान अगर दरिया के आसपास एरिया में रहने वाले लोगों को वहां से अन्य सेंटरों में जाने की अपील की जा रही है।
डीसी द्वारा कल चिट्टी बेई में पानी का फ्लो बढ़ने को लेकर कहा कि उनके पास बारिश होने को लेकर कोई आदेश नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि रात 2 बजे से टीमें सड़कों पर लोगों की राहत के लिए काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि सतुलज का पानी शहर में नहीं आया है। हालांकि चि्टी बेई में पानी के ओवरफ्लों की बात को वह टालते हुए नजर आए है। उन्होंने कहा कि बरसात के पानी और दरिया के पानी में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि वह आज सुबह से अब तक 400 से अधिक लोगों से फोन पर बात कर चुके है।
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ऊना में भारी बारिश से उत्पन्न हालात को लेकर प्रशासन मुस्तैद, युद्धस्तर पर जारी राहत-बचाव व बहाली कार्य
ऊना/ सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ऊना जिले में भारी बारिश से उत्पन्न हालात के बीच प्रशासन पूरी तत्परता के साथ राहत-बचाव और बहाली कार्यों में जुटा हुआ है। सड़कों को खोलने, जलभराव व मलबा हटाने और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।उन्होंने कहा कि सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं और जन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ा है। भूस्खलन से बंद अधिकतर मार्गों को बहाल किया जा चुका है।गौरतलब है कि लगातार मूसलाधार बारिश से ऊना ज़िले में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर घरों में पानी घुसने तथा संपत्तियों को नुक़सान पहुंचने की सूचनाएं मिली हैं। विकास परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। प्रभावित परिवारों को आपदा राहत मैन्युअल के अनुरूप फौरी आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।प्रारंभिक क्षति रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में ज़िले को लगभग 555.55 लाख रुपये का नुक़सान हुआ है। इसमें सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को 522.05 लाख रुपये का हुआ है।इसके अलावा 1 पूर्ण पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने से 5 लाख रुपये तथा 1 कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से 1.50 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। वहीं 7 पक्के मकानों को आंशिक नुकसान 3.45 लाख और 21 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान 8.45 लाख रुपये का हुआ है।रिपोर्ट में 18 गौशालाओं को 3.90 लाख, 1 राजस्व भवन संरचना को 7 लाख, नगर पंचायत गगरेट को 2 लाख और 6 रिटेनिंग वॉल्स को 2.20 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई है।आगे की विस्तृत क्षति रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है।उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 1077 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। -

Himachal News: आपदा पीड़ितों के सहारा बने भुट्टो, खुरवाईं में दी मदद आर्थिक मदद
किसी को दस हजार, तरपाल तो कहीं जेसीबी बुलाकर खुलवा रहे रास्ते, पीड़ित परिवारों को दे रहे ढांढस
ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर मकान जमींदोज हो चुके हैं, तो कहीं खेत खिसकने और भूस्खलन से लोगों की मेहनत की कमाई मलबे में तब्दील हो गई है।
इस प्राकृतिक आपदा के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कुटलैहड़ के पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों को निजी स्तर पर मदद पहुंचा रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार खुरवाई गांव में बारिश के कारण एक रिहायशी मकान ढह गया। घटना की सूचना मिलते ही दविंदर भुट्टो मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार को तिरपाल, अन्य जरूरी सामान और 10 हजार रुपए की नकद आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि कुटलैहड़ में किसी भी परिवार को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा और भाजपा कार्यकर्ता हर समय सेवा के लिए तैयार रहेंगे।
पूर्व विधायक भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र में सैकड़ों परिवार प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहे हैं, मगर दुर्भाग्य से अब तक सरकार की तरफ से किसी भी तरह की ठोस राहत या आर्थिक सहायता पीड़ितों तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता कठिन हालात में है, तब सरकार केवल बैठकों और घोषणाओं तक सीमित है, जबकि वास्तविक राहत की जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर पर समाजसेवियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर आ पड़ी है।
भुट्टो ने स्वयं जेबीसी मशीन निजी खर्च से बुलाकर काम शुरू करवाया है, ताकि गांवों तक पहुंच सुगम हो सके और पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। भुट्टो ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी सेवा करने का है। उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया कि वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत दौरा करें और नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को फौरी राहत राशि मुहैया कराएं। कुटलैहड़ के विभिन्न गांवों से लगातार नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं मवेशियों की शालाएं ढह गई हैं तो कहीं सड़कें ध्वस्त होकर संपर्क मार्ग टूट चुके हैं। ग्रामीणों को अपने ही घरों तक पैदल लंबा सफर तय करके पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में भुट्टो जैसे स्थानीय नेता और समाजसेवियों की पहल पीड़ित परिवारों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनकर सामने आई है।
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Punjab News: बाढ़ से ये 3 इलाके हुए प्रभावित, प्रशासन से मदद की आस में लोग, देखें वीडियो
पठानकोटः ज़िले में लगभग तीन विधानसभा क्षेत्र पठानकोट, भोआ और सुजानपुर रावी, चक्की, जलालियाँ और उज नदी से प्रभावित हुए हैं। जिनमें से सुजानपुर और भोआ विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ा है। अगर भोआ विधानसभा क्षेत्र की बात करें, तो जिस दिन से नदियों ने गाँवों में तबाही मचाई है, उसी दिन से भोआ से विधायक और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक अपने क्षेत्र के लोगों के बीच हैं।
कैबिनेट मंत्री उनकी हर समस्या का समाधान करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। चाहे लोगों के लिए राशन की बात हो या पशुओं के चारे की या फिर चिकित्सा सुविधाओं की, विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सरकारी सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं, सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहाँ भी रावी नदी ने कहर बरपाया है।
कई लोगों के घरों की नींव हिल गई है। कुछ का तो सब कुछ इस रावी में बह गया है। एक परिवार तो ऐसा भी था जिसके छोटे बेटे की शादी थी, लेकिन रावी का पानी घर में घुस गया और सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती सामान समेत सब कुछ बहा ले गया। इतने दिन बीत जाने के बाद भी इस विधानसभा क्षेत्र के लोग सरकारी अधिकारियों का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है, ऐसे में इन लोगों में विरोध की लहर है।
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Punjab News: रावी की चपेट में आकर सिंचाई विभाग के कर्मी की हुई मौत, कैबिनेट मंत्री का आया बयान, देखें वीडियो
पठानकोटः पहाड़ों में हो रही बारिश और बादल फटने के कारण पिछले दिनों बांधों की झीलें लबालब पानी से भर गई थीं। जिसके कारण बांध प्रशासन ने गेटों के माध्यम से पानी छोड़ दिया। जिससे रावी ने अपना रोद्र रूप दिखाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों और सुजापुर के गांवों में व्यापक में घुसा और तबाही मचा दी। दरअसल, पानी का बहाव अधिक होने के कारण सिंचाई विभाग के कर्मचारी माधोपुर हेडवर्क्स के फ्लड गेट खोलने गए, जिनकी सुरक्षा के लिए विभागीय अधिकारियों ने उन्हें किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए और वह पानी के तेज बहाव में बह गए।
कर्मचारी गेट खोलने गए थे तो उस दौरान ना तो किसी प्रकार की बेल्ट पहनी हुई थी और ना ही कोई लाइफ सेवर जैकेट पहनी हुई थी। जिससे गिरने के बाद कर्मी को बचाया जा सके। सिंचाई विभाग के कर्मचारी जब रावी में गिरे तो वे उन्हें बचा नहीं पाए और वे टूटे हुए फ्लड गेट से लटके रहे और उनकी साँसें थम गईं। इस संबंध में जानकारी देते हुए विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि बाढ़ के दौरान हमारे कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा करते हैं, लेकिन विभाग उनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करता।
जिसके परिणामस्वरूप आज उनका एक साथी उनसे बिछड़ गया। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों से माँग की कि उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएँ ताकि कर्मचारियों की जान सुरक्षित रह सके। उधर, जब इस संबंध में कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक से बात की गई तो उन्होंने इस घटना में मारे गए सिंचाई विभाग के कर्मचारी को 50 लोगों की जान बचाने वाला योद्धा बताया।
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Punjab News:बारिश का कहर, सिटी सेंटर के पास सड़क में पड़ा गड्ढा, फंसी कार
लुधियानाः पंजाब में लगातार बारिश से हाल बेहद खराब होते दिखाई दे रहे है। जहां पिछले कुछ दिनों से इमारते गिरने, लोगों के मरने सहित कई हादसे की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं सिटी सेंटर की बाउंड्री वाले जी ब्लॉक के पास पूरी तरह से धंस गई है, जिसकी गहराई लगभग 15 से 20 फीट तक हो सकती है। लगातार बरसात के दिनों में यह घटना हुई है। इस घटना की जानकारी देते हुए समाजसेवी और आरटीआई सचिव अरविंद शर्मा ने बताया कि सिटी सेंटर की बाउंड्री न होने के कारण ये हादसे लगातार हो रहे हैं।
साल 2011 में भी इस जगह बहुत बड़ा गड्ढा पड़ चुका था। शर्मा ने बताया कि ब्लॉक एफ, जी और ई के निवासी लगातार डर और घबराहट के साये में रह रहे हैं। शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के उच्च अधिकारियों को दे दी थी और उन्होंने इस सड़क को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है। शर्मा ने कहा कि हम कब तक इस डर और घबराहट के बीच जीते रहेंगे। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि एक कार चालक भी अपनी जल्दबाजी में एक गड्ढे में फंस गया।
दूसरी ओर, जब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के एक्शन विक्रम भारद्वाज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब मुझे सूचना मिली तो वह उस समय ही वहां पहुंच गए थे। इस दौरान बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया तथा इसकी मुरम्मत जारी कर दी गई। जब उनसे पूछा गया कि इसकी रिटेनिंग वाल या बाउंड्री वाल क्यों नहीं बनाई जा रही है तो उन्होंने बताया कि कोर्ट केस चल रहे हैं इसलिए हम यह काम नहीं करवा सकते। यह मामला कोर्ट में पहुंचा हुआ है इसलिए सिटी सेंटर की बाउंड्री वाल बनाना मुश्किल है। दूसरी तरफ वहां के निवासी, एक पॉश इलाके में रहने के बावजूद भी खुद को लूटे हुए महसूस कर रहे हैं।
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Punjab News: जानलेवा बारिश ने 2 सगे भाईयों सहित 3 की ली जान
लुधियानाः पंजाब में बरसात ने हालात बेहद खराब कर दिए है। जगह-जगह इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं इस बरसात में कई जगह लोगों की मौत की सूचना मिली है और कई जगह लोग घायल हुए है। ऐसा ही एक मामला ताजपुर रोड से सामने आया है जहां पर भारी बारिश के बाद मकान की छत गिर गई।
इस घटना में बच्चे की मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार ताजपुर रोड के अधीन आते पुनीत नगर में 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान शुभ कुमार पिता विकास कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार भारी बारिश के बाद मकान की दीवार के नीचे आ जाने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत गई।
दूसरी घटना संगोवाल गांव की सामने आई है। जहां दो भाईयों की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा हैकि पहले छोटे भाई को करंट लगा था। जिसके बाद जैसे ही बड़े भाई को सूचना मिली तो वह उसे बचाने के लिए गया और वह भी चपेट में आ गया। इस घटना से एक परिवार के 2 चिराग बुझ गए। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय तेजवंज सिंह और 19 वर्षीय मंजोत सिंह के रूप में हुई है।
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ऊना जिले में भारी बारिश के चलते पहली सितम्बर को शिक्षकों-स्टाफ को भी विद्यालय आने से छूट, ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी कक्षाएं
ऊना/सुशील पंडित: जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष जतिन लाल ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि 1 सितम्बर को शिक्षकों और स्टाफ को विद्यालयों, संस्थानों में उपस्थिति से छूट दी गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करेंगे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
गौरतलब है कि 1 सितम्बर को जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों के लिए पहले ही बंद रखने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसमें स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर और आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग, शिमला द्वारा ऊना जिले में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ का आवागमन असुरक्षित हो सकता है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि ऐसी आपदा जैसी परिस्थितियों में वे अपने घरों में सुरक्षित और सतर्क रहें तथा प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जा रही सूचनाओं का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 1077 पर कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
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Punjab News: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे CM Mann, किया ऐलान, देखें वीडियो
होशियारपुरः पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ को लेकर हालात बेहद खराब हो रहे है। वहीं आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टांडा उड़मुड़ के बेट क्षेत्र रड़ा मंड का दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ब्यास नदी के किनारे बसे गांव अब्दुल्लापुर, गांव मियानी और टांडा श्री हरगोबिंदपुर रोड पर बने अस्थायी शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
इस अवसर पर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से भेजी गई राहत सामग्री भी वितरित की और इस कठिन समय में उनका साथ दे रही विभिन्न धार्मिक एवं समाज सेवी संस्थाओं का धन्यवाद किया और कहा कि इस कठिन समय में अपने भाई-बहनों की मदद करना उन सबका कर्तव्य है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होने के बाद नुकसान की गिरदावरी करवाई जाएगी और राज्य सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई भी करेगी। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रही है ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस बाढ़ को प्राकृतिक आपदा घोषित किया जाए और पंजाब के लिए विशेष राहत पैकेज दिया जाए ताकि बाढ़ के कारण उजड़ गए किसानों और लोगों का पुनर्वास किया जा सके। इस दौरान सीएम मान के साथ सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, हलका टांडा के विधायक जसवीर सिंह राजा, विधायक कर्मवीर सिंह घुम्मन, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, चेयरमैन गुरविंदर सिंह पाबला, एस.डी.एम. टांडा परमप्रीत सिंह सहित जिला प्रशासन और नहर विभाग के सभी अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।