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  • ‘सांझ राहत केंद्र’ महिलाओं की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस का सशक्त कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल बनकर उभरे

    ‘सांझ राहत केंद्र’ महिलाओं की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस का सशक्त कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल बनकर उभरे

    चंडीगढ़: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए पंजाब पुलिस के ‘सांझ राहत केंद्र’ आज एक प्रभावी कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल के रूप में उभरकर सामने आए हैं। ये केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को हर प्रकार की सहायता, काउंसलिंग, आपात स्थिति में तत्काल मदद तथा पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। शुरुआत में मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और जालंधर स्थित सांझ राहत केंद्रों में केवल दो प्रशिक्षित काउंसलर तैनात थे। अब इस पहल से कई काउंसलर जुड़ चुके हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान इन केंद्रों द्वारा 1,656 मामलों की स्क्रीनिंग की गई है तथा 1,069 मामले दर्ज किए गए हैं।

    इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “राज्य में संचालित चारों सांझ राहत केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को मानसिक आघात से उबरने और सामान्य जीवन पुनः शुरू करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। ऐसी पहलें विश्वास और सहयोग पर आधारित जन सुरक्षा के प्रति पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।” डीजीपी ने कहा, “सांझ राहत केंद्रों की सफलता की अनेक कहानियां हैं, लेकिन मोहाली में घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला को समय पर बचाया जाना पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक महिला ने सहायता के लिए संपर्क कर बताया कि उसका पति उसके साथ मारपीट कर रहा है और उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। उसे तत्काल सहायता की आवश्यकता थी। यह महिला पहली बार पंजाब पुलिस के संपर्क में नहीं आई थी, क्योंकि उससे संबंधित एक पुराना मामला पहले ही एसएएस नगर (मोहाली) टीम के रिकॉर्ड में दर्ज था। सांझ राहत केंद्र की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की, सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की और उसे सुरक्षित वातावरण में उसके मायके पहुंचाया।”

    उन्होंने आगे कहा, “एक अन्य मामले में अकेली रह रही एक महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांझ राहत केंद्र की टीम ने उसकी काउंसलिंग की और उसे आवश्यक उपचार कराने के लिए प्रेरित किया। टीम ने उसे पीजीआई में भर्ती कराने में सहायता की तथा विशेष समन्वय के माध्यम से लगभग दो महीने तक उसका उपचार सुनिश्चित कराया। उपचार के दौरान उसका गर्भपात हो गया। इस कठिन समय में टीम ने निरंतर भावनात्मक सहयोग और काउंसलिंग के माध्यम से उसे इस संकट से उबरने में मदद की। स्वास्थ्य लाभ के बाद टीम ने उसे रोजगार दिलाने में भी सहायता की तथा उसके परिवार से पुनः जोड़ने का प्रयास किया, जिससे वह सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन फिर से शुरू कर सकी।”

    सांझ राहत केंद्रों के अतिरिक्त महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस की कई अन्य पहलें भी प्रभावी सिद्ध हुई हैं। जागृति कार्यक्रम के तहत पंजाब पुलिस की महिला मित्रों ने पिछले लगभग दो वर्षों में 12,482 स्कूलों तक पहुंच बनाकर 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के 11,75,010 बच्चों को जागरूक किया। इसी अवधि के दौरान 76,299 प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य स्टाफ सदस्यों को भी जागरूक किया गया।

    महिला हेल्प डेस्क पहल के अंतर्गत पिछले पांच वर्षों में 69,329 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, बाल यौन शोषण, बाल विवाह निषेध कानून, किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, नशे तथा लैंगिक संवेदनशीलता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया।

    गुरप्रीत कौर देओ, स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन) ने कहा, “वर्ष 2011 में स्थापना के बाद से ‘सांझ’ व्यवस्था ने पुलिस और जनता के बीच साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब के जिलों, उप-मंडलों तथा पुलिस थानों में स्थापित 530 से अधिक सांझ केंद्रों के सुदृढ़ नेटवर्क के माध्यम से नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह पहल संकटग्रस्त महिलाओं को काउंसलिंग, पुलिस सहायता तथा कानूनी सहयोग उपलब्ध कराकर महिलाओं से संबंधित विभिन्न गंभीर समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।”

     

  • Punjab News: महिला ने 3 बच्चों सहित निगली जहरीली वस्तु, एक की मौत

    Punjab News: महिला ने 3 बच्चों सहित निगली जहरीली वस्तु, एक की मौत

    कपूरथलाः जिले के गांव मल्लू कादराबाद में महिला ने 3 बच्चों के साथ कीटनाशक दवा पी ली। इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि महिला सहित अन्य बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का उस समय पता चला जब पति घर पर आया। इस दौरान उसने देखा बच्चे बेहोश पड़े हुए है और पत्नी संतोष देवी उल्टियां कर रही थी और अर्ध-बेहोशी की हालत में थी। पत्नी के पास ही कीटनाशक की एक बोतल पड़ी हुई थी। पीड़ित ने तुरंत एबुलेंस बुलाई और सभी को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। ईलाज के दौरान डॉक्टरों ने 6 वर्षीय बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

    हालांकि एक बेटी, बेटा व पत्नी की हालत गंभीर होने के कारण अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं तीनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए महिला के पति लवकुश कुमार ने बताया कि वह 15 साल से गांव मल्लू कादराबाद में रह रहा है। पत्नी की मां (सास) से की कल फोन पर बात हुई। ऐसे में पति को आशंका है कि पत्नी का मां के साथ फोन पर विवाद हो सकता है। पति ने कहाकि पत्नी के होश में आने पर ही असल घटना का पता चल पाएगा। उधर, घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

    थाना सदर के एसएचओ रंजीत सिंह ने बताया कि परिवार बिहार के कटिहार जिले का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि घरेलु परेशानी की वजह से परिवार द्वारा यह कदम उठाया जा सकता है। पति के बयान दर्ज किए जा रहे है। वही महिला के होश में आने पर असल कारणों का पता चल पाएगा। सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. करणप्रीत सिंह और मेडिकल टीम ने सभी का तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने चारों की हालत को गंभीर मानते हुए प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन इलाज के दौरान 6 साल की बच्ची खुशी की मौत हो गई। जबकि संतोष देवी, 8 साल की अमृता और दो वर्षीय बेटे की हालत लगातार गंभीर बनी रही। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

  • प्रधानमंत्री की उपस्थिति में जल्द होगा किशाऊ एमओयू हस्ताक्षरित, मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

    प्रधानमंत्री की उपस्थिति में जल्द होगा किशाऊ एमओयू हस्ताक्षरित, मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

    मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा

    शिमला: ‘किशाऊ बहुउद्देश्यीय जलविद्युत परियोजना’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में साझेदार राज्यों और भारत सरकार के मध्य शीघ्र ही ‘समझौता ज्ञापन’ हस्ताक्षरित होने की संभावना है। 422 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के लिए औपचारिक एमओयू हस्ताक्षरित होने से पूर्व, भारत सरकार ने एमओयू का प्रारूप साझेदार राज्यों को भेजकर इस पर सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज किशाऊ बहुद्देश्यीय परियोजना के एमओयू के प्रारूप की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित कर राज्य सरकार इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हाल ही में हुई बैठक में 422 मेगावाट किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमति बनी है, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई वित्तीय निवेश किए बिना प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पूर्व के समझौते के प्रारूप को अस्वीकृत किया और प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखते हुए राज्य सरकार ने प्रस्तावित शर्तों और प्रावधानों के लिए सभी हितधारकों से स्वीकृति प्रदान करवाई। इससे राज्य के दीर्घकालिक हितों की रक्षा सुनिश्चित हुई और परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। संशोधित व्यवस्था के तहत सभी साझेदार राज्यों को बिजली और पानी में उनका वैध हिस्सा मिलेगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को भी अपनी आवश्यकता के अनुसार जलाशय से पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। राज्य ने यमुना बेसिन में 378 मिलियन घन मीटर जल पर अपना अधिकार सुरक्षित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने हमेशा हिमाचल प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखा है और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस रणनीतिक जीत से इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में हिमाचल प्रदेश का वैध हिस्सा और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित हुए हैं।

    राज्य सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं से हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले 13,066 मिलियन यूनिट बिजली के लंबित बकाये को प्राप्त करने के लिए भी प्रयास तेज कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद यह मामला लगभग 15 वर्षों से लंबित है।

    हाल ही में किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना में हिमाचल प्रदेश के वित्तीय योगदान को लेकर वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हुआ है। इससे सरकार को राज्य पर पड़ने वाले भारी वित्तीय बोझ को टालने में सफलता मिली है जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने इस परियोजना में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये का योगदान देने पर सहमति व्यक्त की थी।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसका पुरजोर विरोध किया और सफलतापूर्वक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को परियोजना में कोई पूंजीगत निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को उसके सभी वैध लाभ पूर्ववत प्राप्त होते रहेंगे।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम, प्रधान सचिव देवेश कुमार तथा हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक उपस्थित थे जबकि मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

     

  • Jalandhar Bypass Chownk पर बनीं बाबा साहिब की प्रतिमा का शरारती अनंसर ने तोड़ा शीशा, लोगों ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    Jalandhar Bypass Chownk पर बनीं बाबा साहिब की प्रतिमा का शरारती अनंसर ने तोड़ा शीशा, लोगों ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    अनिश्चित कॉल के लिए प्रदर्शन की चेतावनी, कर सकते है नेशनल हाईवे जाम

    लुधियानाः जिले के जालंधर बाईपास चौक पर बनी बाबा भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ लगे शीशे को शरारती अनंसरों द्वारा तोड़ा गया। इस घटना को लेकर बसपा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बसपा नेताओं का कहना है कि पंजाब में 9वीं बार यह घटना हुई है। ऐसे में उन्होंने इस मामले को लेकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करके सख्त सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने 2 घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह अनिश्चित कॉल के लिए धरना लगाकर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब बसपा के प्रधान करीमपुरी ने 9 जगहों पर हुई घटनाओं में दोषियों को गिरफ्तार करवाया था। इस दौरान उन्होंने धार्मिक चौंको पर सिक्योरिटी तैनात करने की अपील की है। इस दौरान प्रवण बिलगा ने कहाकि आज बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ हुई घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश को सविधान दिया और लोगों को जीने, पढ़ने सहित अन्य अधिकार दिए है। लेकिन पंजाब में बाबा साहेब की प्रतिमाओं के साथ लगातार घटनाएं हो रही है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल में बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल में बंद नहीं किया जाए, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। ऐसे में उन्होंने प्रशासन को 2 घंटे का समय दिया है। बसपा नेता ने दिखाया कि बाबा साहेब की प्रतिमा का शीशा टूटा हुआ है और घटना स्थल पर पत्थर पड़ा हुआ है। जनरल सैकेटरी सोनू ने कहा कि यह निंदनीय घटना है। सोनू ने आरोप लगाए है कि प्रतिमा पर एक बार नहीं बल्कि दस बार पत्थर से शीशे पर हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक हुई घटनाओं को लेकर पुलिस द्वारा किसी भी दोषी को उनके सामने नहीं लाया गया। आरोपियों को गिरफ्तार करके छिपाकर पुलिस ले जाती है। सोनू ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वह नेशनल हाईवे भी जाम कर सकते है। ऐसे में उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का अपमान कभी बर्दाश नहीं किया जा सकता।
  • Punjab News: घर का कब्जा लेने पहुंचे निहंग सिंह का हंगामा, FIR दर्ज, देखें वीडियो

    Punjab News: घर का कब्जा लेने पहुंचे निहंग सिंह का हंगामा, FIR दर्ज, देखें वीडियो

    पटियालाः संत हज़ारा सिंह नगर में मकान को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में हिसंक झड़प हो गई। इस घटना की वीडियो सामने आने पर डीएसपी का बयान सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि मकान के कब्जे को लेकर निहंग सिंह उक्त घर में पहुंचे थे। इस दौरान घर में आकर उनके द्वारा महिलाओं से मारपीट की गई और सामान को घर से बाहर निकालकर कर रख दिया गया था।
     
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    जिसके बाद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया और घर से बाहर रखे सामान को अंदर रखवाया गया। इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी ने कहा कि मकान के बयाने को लेकर विवाद हुआ था। जांच के दौरान पता चला कि मकान पर लोन लिया हुआ था। जिसके बाद कोर्ट में याचिका लगाकर बैंक ने घर को अपनी कस्टडी में ले लिया था। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी के घर का कब्जा नहीं ले सकता। यह अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा था। इसी को लेकर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित की शिकायत पर गहने छीनने को लेकर केस दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में परविंदर शर्मा सहित 5 बायनेम और 15 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  
  • बॉर्डर से अरेस्ट अमेरिकी नौजवान Jordan Brown गिरफ्तार, रस्सी से बांधे पैर, देखें वीडियो

    बॉर्डर से अरेस्ट अमेरिकी नौजवान Jordan Brown गिरफ्तार, रस्सी से बांधे पैर, देखें वीडियो

    महाराजगंजः उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में भारत-नेपाल बॉर्डर के पास एक अमेरिकी नागरिक को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया। पकड़ा गया व्यक्ति खुद को अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्सेज का पूर्व सैनिक बता रहा है। मिली जानकारी के अनुसार वह बिना किसी पासपोर्ट और वीजा के अवैध रूप से नेपाल में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसकी असली पहचान और भारत में प्रवेश करने के दावों की जांच कर रही हैं। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने सोनौली थाना क्षेत्र के मैनहवा इलाके में गश्त के दौरान इस व्यक्ति को पकड़ा था। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 36 वर्षीय जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है। उसने खुद को अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला बताया। जॉर्डन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है और अमेरिकी दूतावास को इस मामले की जानकारी भी दे दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि जॉर्डन ब्राउन बेंगलुरु से सोनौली बॉर्डर तक आया था और चुपके से नेपाल सीमा पार करने की फिराक में था। जब SSB के जवानों ने उसे वेरिफिकेशन के लिए रोका, तो उसने भागने की कोशिश की। हालांकि, जवानों ने पीछा करके उसे दबोच लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्थानीय लोगों की भीड़ के बीच एसएसबी जवान ब्राउन के पैर में रस्सी बांधकर उसे ले जाते हुए दिख रहे हैं। तलाशी के दौरान उसके पास से 31,460 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसएसबी की असिस्टेंट कमांडेंट प्रिया यादव ने बताया कि सोनौली पुलिस को सौंपने से पहले एसएसबी और दूसरी खुफिया एजेंसियों ने ब्राउन से लंबी पूछताछ की। महाराजगंज के एएसपी सिद्धार्थ ने बताया कि ब्राउन नवंबर 2025 में समुद्री रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था और तब से गोवा में रह रहा था।

    एसएसपी सिद्धार्थ ने कहा, कि एसएसबी ने सोनौली के पास गैर-कानूनी रूप से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि वो टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट खो गया। इसके बाद वो समुद्री रास्ते से श्रीलंका पहुंचा और फिर 2 नवंबर, 2025 को समंदर के रास्ते ही भारत आ गया। तब से वह गोवा में रह रहा था।’ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल उसके इन दावों की पुष्टि की जा रही है। उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, सोनौली के एसएचओ महेंद्र मिश्रा ने बताया कि आरोपी जॉर्डन ब्राउन अपनी पहचान, यात्रा के इतिहास और नेपाल जाने के मकसद को लेकर लगातार उलझाने वाले बयान दे रहा है। एसएचओ ने कहा, ‘ब्राउन ने दावा किया कि उसने करीब 70 देशों की यात्रा की है और वो मई में इंडोनेशिया के बाली से भारत आया था। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और करीब दो साल पहले सैन्य सेवा छोड़ने से पहले 6 साल तक अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्सेज में काम किया है। उसने ये भी कहा कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।’

     

  • घर के फ्रिज में बनी शिवलिंग जैसी आकृति, दर्शन को उमड़ी भीड़, चढ़ने लगा चढ़ावा, देखें वीडियो

    घर के फ्रिज में बनी शिवलिंग जैसी आकृति, दर्शन को उमड़ी भीड़, चढ़ने लगा चढ़ावा, देखें वीडियो

    आगराः उतर प्रदेश के आगरा के खेरिया मोड़ स्थित नगला भुजा क्षेत्र में घर के फ्रिज के अंदर बर्फ से बनी शिवलिंग जैसी आकृति की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दरअसल, शिवलिंग जैसी आकृति के बारे की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को मिली, तो लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। लोगों ने इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। जलाभिषेक किया गया और पूरे इलाके में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजने लगे। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावा भी आने लगा। ऐसे में कई लोग इसकी तुलना अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक हिमलिंग से कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामान्य बता रहे हैं।
    इसी वजह से यह घटना आस्था और विज्ञान, दोनों दृष्टिकोणों से चर्चा का विषय बन गई है। मामले की सूचना मिलते ही देखते ही देखते घर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने हाथ जोड़कर भगवान शिव का स्मरण किया, तो कुछ ने फूल, जल और बेलपत्र चढ़ाकर पूजा की। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने ऐसी आकृति पहले कभी नहीं देखी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के भजन गाए और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोले बम बम’ के जयकारे लगाए। इस घटना के बाद कई लोग इस आकृति की तुलना जम्मू-कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक हिमलिंग से कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान शिव की विशेष कृपा का संकेत हो सकता है। इसी बीच, जिस घर में यह आकृति बनी है, वहां मोहल्ले के एक बाबा भी पहुंचे। उन्होंने मौजूद लोगों को अमरनाथ गुफा में रहने वाले कबूतरों के जोड़े की कथा सुनाई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा में रहने वाले कबूतरों के जोड़े को अमर रहने का वरदान प्राप्त है और उन्हें भगवान शिव से जुड़ी आस्था का प्रतीक माना जाता है। बाबा की इस कथा को सुनने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में जुटे रहे। इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां बड़ी संख्या में लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे बर्फ जमने की सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया का परिणाम बता रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज या फ्रीजर के अंदर तापमान, नमी, हवा के प्रवाह और पानी के जमने के तरीके के कारण कई बार बर्फ अलग-अलग आकार ले लेती है। कई बार ये आकृतियां किसी परिचित वस्तु या प्रतीक जैसी दिखाई दे सकती हैं। इसे मनोविज्ञान में पैरेडोलिया (Pareidolia) भी कहा जाता है, जिसमें इंसानी मस्तिष्क किसी अनियमित आकृति में परिचित चेहरा, आकृति या धार्मिक प्रतीक देखने लगता है। यानी किसी आकृति का किसी धार्मिक प्रतीक से मिलता-जुलता दिखाई देना अपने आप में असामान्य नहीं माना जाता।
  • महेंद्रगढ़ के डोंगरा अहीर में खुलेगा नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी

    महेंद्रगढ़ के डोंगरा अहीर में खुलेगा नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा महेंद्रगढ़ जिले के गांव डोंगरा अहीर में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और जल्द ही इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आगामी विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि डोंगरा अहीर और आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा काफी समय से यहां एक नर्सिंग कॉलेज खोलने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों की इस बेहद जरूरी और वाजिब मांग को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इसे तुरंत मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस कॉलेज के खुलने से न केवल डोंगरा अहीर बल्कि महेंद्रगढ़ जिले के दर्जनों गांवों की बेटियों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा। अब ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को नर्सिंग जैसे सम्मानजनक और प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई करने के लिए अपने घर से दूर बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि इस संस्थान के शुरू होने से क्षेत्र की बेटियों के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खुलेंगे, जिससे वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बन सकेंगी। इसके साथ ही, इस कॉलेज की स्थापना से पूरे क्षेत्र के चिकित्सा ढांचे को भी मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी। विभाग को इस संबंध में जल्द से जल्द आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

  • Jalandhar के पड़ोसी जिले में सरेआम पिस्टल और हथियार के बल पर महिलाओं से लूट, देखें वीडियो

    Jalandhar के पड़ोसी जिले में सरेआम पिस्टल और हथियार के बल पर महिलाओं से लूट, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः शहर न्यू गुरु हरकृष्ण नगर गली नंबर-3 में पिस्टल और हथियार के बल पर लूट का मामला सामने आया है। बाइक सवार 3 बदमाश पिस्टल और हथियारों के बल पर एक महिला से सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता हैकि बाइक पर सवार 3 नौजवान पहले एक्टिवा सवार दोनों महिलाओं को ओवरटेक करते हुए आगे निकले और कुछ दूरी पर जाकर उन्होंने महिलाओं की एक्टिवा के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक लिया। इस दौरान दोनों महिलाएं कुछ कर पाती, तभी नौजवान बाइक से उतरे और सरेआम महिला से स्नेचिंग करके फरार हो गए।

    घटना के बाद लोग एकत्रित हो गए, लेकिन तब तक स्नेचर फरार हो चुके थे। मामले की जानकारी देते हुए पीड़िता साक्षी सलारिया ने बताया कि वह माता के साथ बाजार से खरीदारी कर एक्टिवा पर घर लौट रही थीं। जैसे ही वे अपनी गली में पहुंचीं पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार 3 युवक आए और उनकी एक्टिवा के आगे मोटरसाइकिल लगाकर उन्हें रोक लिया। साक्षी के अनुसार मोटरसाइकिल से दो युवक नीचे उतरे। एक बदमाश ने उन पर पिस्तौल तान दी जबकि दूसरे ने तेजधार हथियार (दात) दिखाकर उन्हें डराया धमकाया।

    इसके बाद आरोपियों ने उनके गले से सोने का मंगलसूत्र, सोने की चेन और उसमें लगा सोने का लॉकेट जबरन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि लूटे गए सोने के आभूषणों की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपए है। घटना के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने और शहर में बढ़ रही लूट व चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने की मांग की है।

  • Punjab News: 2 भाइयों के सुसाइड मामले में किसानों का National Highway पर प्रदर्शन, किया Toll Free, देखें वीडियो

    Punjab News: 2 भाइयों के सुसाइड मामले में किसानों का National Highway पर प्रदर्शन, किया Toll Free, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब के गांव हरीनों के दो नौजवान किसान भाइयों द्वारा कथित तौर पर बैंक से परेशान होकर की गई। आत्महत्या के मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता डल्लेवाल द्वारा राज्य भर के टोल प्लाज़ा को मुफ़्त कर दिया गया। इसी कड़ी में अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित मानावाला टोल प्लाज़ा पर भी किसानों ने प्रदर्शन करते हुए वाहनों को बिना टोल के गुजारा। इस मौके पर किसान नेता गुरमीत सिंह नंगली ने कहा कि हरीनों गांव के दो सगे भाइयों ने बैंक से लिया कर्ज़ पूरी तरह अदा कर दिया था और एनओसी भी हासिल कर ली थी। इसके बावजूद बैंक द्वारा उनके कोरे चेकों का इस्तेमाल करके लाखों रुपए के नोटिस जारी किए गए, जिस कारण दोनों भाई मानसिक तनाव में आ गए और ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर गए।

    उन्होंने दावा किया कि जब किसान संगठन ने फरीदकोट में बैंक का घेराव किया तो वहां ऐसे 135 मामले सामने आए। इसके अलावा पटियाला, संगरूर, मोगा सहित अन्य जिलों में भी इस तरह के कई मामले मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हज़ारों किसानों से जुड़ा गंभीर मसला है। दूसरी ओर, किसान नेता ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे संभावित व्यापारिक समझौते का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों, मुर्गी पालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए नुकसानदेह साबित होगा और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।

    उन्होंने लैंड पूलिंग नीति पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसानों को प्लाटों का लालच देकर ज़मीनें हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन इन सभी मसलों पर एकजुट हैं और सरकार किसानों को भरमाने में कामयाब नहीं होगी। गुरमीत सिंह नंगली ने बताया कि टोल प्लाज़ों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मुफ़्त रखा गया है। यदि इसके बावजूद यदि कोई ठोस कदम न उठाया गया तो अगले चरण में डीसी दफ़्तरों का घेराव, ज्ञापन और अन्य संघर्षी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।