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  • 30 लाख रुपए की वसूली को लेकर हमलावारों ने किया व्यक्ति का कत्ल

    30 लाख रुपए की वसूली को लेकर हमलावारों ने किया व्यक्ति का कत्ल

    भिलाईः दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा एप के रकम की वसूली के लिए सुपारी देकर मर्डर का मामला सामने आया है। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। यहां ऑनलाइन सट्टा एप चलाने वाले ओम प्रकाश साहू का पहले अपहरण किया गया। उसके बाद उसे इतना मारा गया कि उसकी मौत हो गई। मौत होने के बाद उसके शव को अखलोरडीह तालाब के पास फेंक दिए थे। पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है। दुर्ग पुलिस ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले माफिया को पकड़ने में नाकाम है। अब जिले में सट्टा के रकम की वसूली के लिए सुपारी देकर मर्डर होने लगे हैं। दुर्ग के पुरानी भिलाई थाने में कुछ ऐसा ही मामला दो दिन पहले हुआ है। यहां सट्टाखाईवाल ओम प्रकाश साहू (43 साल) निवासी ढौर जामुल की खून से लथपथ लाश मिली है। पुलिस विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मामला सुपारी देकर मर्डर का है। इसलिए पुलिस तीन दिन से मामले को दबाकर रखी हुई है।

    बताया जा रहा है कि ओम प्रकाश ऑनलाइन सट्टा में 30 लाख रुपए घाटे में चला गया था। उस रकम को वो सट्टा एप के संचालक को लौटा नहीं रहा था। इसके चलते फरीद नगर सुपेला निवासी सद्दाम नाम के आदतन बदमाश को विदेश से 10 लाख रुपए की सुपारी दी गई है। आरोप है कि सद्दाम ने 30 लाख रुपए की वसूली के लिए ओम प्रकाश को पहले किडनैप किया, उसके बाद उसे इतना मारा की उसकी मौत हो गई। फिर उसके शव को भिलाई तीन थाना क्षेत्र के अखलोरडीह तालाब के पास फेंक दिया। सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि, ओम प्रकाश की हत्या करने के बाद उसके शव को जीआई तार से उसी की एक्टिवा में बांध दिया था। इसके बाद उसे तालाब के गहरे पानी में फेंक दिया था। अपहरण के मामले की जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। सख्ती से पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने हत्या की बात को कबूल किया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर शुक्रवार की रात शव को तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शव बुरी तरह से सड़ गया था।

    जानकारी के मुताबिक फरीद नगर निवासी सद्दा ऑनलाइन सट्टा के चलते जेल गया था। वहां हत्या का आरोपी रजनीश पांडेय और लूट का आरोपी आशीष तिवारी नंदिनी थाने से जेल गया था। तीनों आरोपी जेल में मिले। वहां उन्होंने ऑन लाइन सट्टा एप के रकम की वसूली का काम करने की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि कहां किससे कितनी वसूली करनी है इसके निर्देश इन लोगों को सीधे दुबई से मिल रहे थे। ओम प्रकाश के मामले में भी इन लोगों को 30 लाख की वसूली के एवज में 10 लाख रुपए दिए जाने की बात कही गई थी। दुर्ग सेंट्रल जेल में लगभग हर बड़े अपराधी और आरोपी के पास मोबाइल फोन है। उनके द्वारा जेल के अंदर बैठे-बैठे कई तरह के गैर कानूनी कामों को संचालित किया जा रहा है।

    दुर्ग के पूर्व एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव की पीसी में इस बात का खुलासा भी हुआ था कि आरोपी जेल के अंदर बैठकर मोबाइल फोन से स्मैक और शराब जैसे मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। इतना ही नहीं मथुरा जैसे अपराधियों ने जेल के अंदर का एक वीडियो भी वायरल किया था। इसके बाद भी दुर्ग पुलिस ने जेल के अंदर अपराधियों तक मोबाइल की पहुंच को लेकर कोई कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले को पुलिस दो दिन से दबाने में लगी हुई है। लेकिन जैसे ही ओम प्रकाश की बॉडी मिली तो पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए सेक्टर 9 के यादव परिवार के घर के सभी लोगों को उठा लिया था। इसके बाद पूछताछ करके देर रात छोड़ा। मामला इतना गंभीर है कि दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा भी अभी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। उन्होंने अपहरण कर हत्या की वारदात होने की बात को स्वीकार किया। लेकिन मामले की जानकारी देने से मना कर दिए हैं।

  • ट्रेन हादसे के बाद रेल मत्री के इस्तीफे की उठी मांग

    ट्रेन हादसे के बाद रेल मत्री के इस्तीफे की उठी मांग

    बालासोर: ओडिशा के बालासोर में कल यानि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुए दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हादसे को लेकर पूरे देश में हड़कंप मच गया है। हादसे में 260 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 900 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक हावड़ा-बेंगलुरू ट्रेन के कई कोच पटरी से उतर गए और दूसरे ट्रैक पर शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन के कोच भी बेपटरी हो गये और बगल से गुजर रही मालगाड़ी से टकरा गए। इस हादसे को लेकर पीएम मोदी ने हाई लेवल बैठक की है और अब खुद ही मौके पर रवाना हो चुके हैं। हादसे को लेकर पूरे देश में शोक का महौल बना हुआ है और कुछ राज्यों ने राजकीय शोक का भी ऐलान किया है।

    वहीं, दूसरी ओर हादसे को लेकर अब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा मांगने वालों में कुछ राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ट्रेन हादसे के बारे में बताएंगे, जिस हादसे के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्कालीन रेलमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने अपना इस्तीफा दे दिया था। दरअसल यह घटना 23 नवंबर 1956 की सुबह 4.30 बजे की है। जब थूथुकुडी एक्सप्रेस ट्रेन, अरियालुर रेलवे स्टेशन से दो मील की दूरी पर मरुदैयारु नदी पर पुराने पुल के खंभे से होकर गुजर रही थी। उस वक्त नदी में तेज उफान था और झमाझम बारिश भी हो रही थी। नदी का पानी पुल की पटरियों को लगभग छू रहा था। तभी सुबह करीब 4.30 बजे के करीब अचानक से पुराने खंभों पर बना पुल लगातार बारिश और उफान की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसी दौरान ट्रेन का स्टीम इंजन और सात डिब्बे नदी में गिर गये। गौरतलब है कि थूथुकुडी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक आधे घंटे पहले, एक दूसरी ट्रेन पुल पार कर चुकी थी।

    तकरीबन 67 साल पहले हुए इस हादसे में 144 लोगों की मौत हुई थी और सैंकड़ों घायल हुए थे। यही नहीं, 200 से ज्यादा यात्री लापता हो गये थे। पानी के तेज बहाव के कारण उनके शव तक नहीं मिले। इस हादसे से उस वक्त के रेलमंत्री लाल बहादुर शास्त्री बहुत आहत हुए थे। उन्होंने इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सौंप दिया। आपको बता दें कि जवाहरलाल नेहरु के प्रधानमंत्री कार्यकाल में लाल बहादुर शास्त्री 13 मई 1952 से लेकर 7 दिसम्बर 1956 तक रेलमंत्री के रुप में कार्यरत रहे। 26 नवंबर 1956 को लाल बहादुर शास्त्री के इस्तीफे को लेकर प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति से इस्तीफा स्वीकार करने का निवेदन किया। इसके बाद लोकसभा में जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि वह इस्तीफा इसलिए स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि इस हादसे में किसी भी तरह से लाल बहादुर शास्त्री जिम्मेदार है। बल्कि इसलिए कर रहे है कि यह आने वाले भविष्य में एक नजीर बने।

    बता दें कि थूथुकुडी एक्सप्रेस हादसे से पहले 2 सितंबर 1956 में हैदराबाद के नजदीक महबूबनगर में पुल टूटने से रेल हादसा हो गया था। जिसमें 112 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद लाल बहादुर शास्त्री ने रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। तब प्रधानमंत्री नेहरु ने इसे अस्वीकार कर दिया। लेकिन, तीन महीनों बाद हुए अरियालुर रेल हादसे के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इस हादसे के तकरीबन एक साल बाद 6 अगस्त 1957 में तत्कालीन डिप्टी रेल मिनिस्टर शाह नवाज खान ने लोकसभा में बताया कि मद्रास के त्रिची के पास अरियालुर ट्रेन दुर्घटना के बाद तकरीबन 9.34 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। जो उस दौर में एक बड़ी राशि मानी जा सकती हैं।

    भारतीय राजनीति के इतिहास में लाल बहादुर शास्त्री के बाद नीतीश कुमार दूसरे ऐसे रेलमंत्री थे। जिन्होंने रेल हादसे के बाद नैतिकता के आधार पर गलती मानकर अपने पद से इस्तीफा दिया था। भारत के 28वें रेल मंत्री नीतीश कुमार ने (19 मार्च 1998 से 5 अगस्त 1999 तक) असम में अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना के लिए नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ दिया था। इस हादसे में 290 लोगों की जान गई थी। उस समय अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे।

  • पंजाबः मॉडल टाउन में 3 हथियारबंद लुटेरे व्यक्ति गाड़ी लूटकर हुए फरार

    पंजाबः मॉडल टाउन में 3 हथियारबंद लुटेरे व्यक्ति गाड़ी लूटकर हुए फरार

    लुधियानाः मॉडल टाउन क्षेत्र में आज 3 हथियारबंद लुटेरे किरपाण दिखाकर व्यक्ति की ब्रेजा कार लूटकर फरार हो गये। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच की जा रही है। वहीं घटना की जानकारी देते हुए एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर विभिन्न थानों को वायरलेस के माध्यम से सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा हैकि घटना की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी है।

  • पंजाबः पुल के पिलर से टकराने पर क्षतिग्रस्त हुई पनबस, कई यात्रियों को आई चोटे, देखें वीडियो

    पंजाबः पुल के पिलर से टकराने पर क्षतिग्रस्त हुई पनबस, कई यात्रियों को आई चोटे, देखें वीडियो

    लुधियानाः फिरोजपुर रोड स्थित सरकारी पनबस की बस पुल के पिलर से टकरा गई। हादसा पीएयू गेट नंबर 1 के बाहर हुआ। बताया जा रहा है कि ड्राइवर तेज रफ्तार से चला रहा था, जिस कारण बस बेकाबू होकर पिलर से टकरा गई। बस में 70 सवारियां थीं, जिनमें से 15-20 को मामूली चोट लगी, जबकि ड्राइवर की जांघ पर चोट आई है। बस कंडक्टर जसपाल सिंह ने बताया कि वह फिरोजपुर से पटियाला बस लेकर जा रहे थे। लुधियाना में PAU के 2 नंबर गेट पर सवारियां उतारकर आगे बढ़े तो अचानक से बस से जोरदार आवाज आई।

    उन्हें लगा शायद टायर फटा है, लेकिन बाद में पता चला कि पटा टूट गई है। उधर, ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक जिन्हें मामूली चोटें लगी हैं, उनका उपचार करवा दिया गया है। सरकारी बस के ड्राइवर का मेडिकल करवाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर कह रहा है कि बस में खराबी आने से हादसा हुआ है, लेकिन मौके पर लोगों ने बताया कि बस की गति अधिक थी। फिलहाल बस को क्रेन से टोचन कराकर सड़क से एक तरफ किया गया है, ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।

  • ਪੰਜਾਬ: ਮੋਟਰਸਾਇਕਲ ਅਤੇ ਟਰੈਕਟਰ-ਟਰਾਲੀ ਦੀ ਹੋਈ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ: ਮੋਟਰਸਾਇਕਲ ਅਤੇ ਟਰੈਕਟਰ-ਟਰਾਲੀ ਦੀ ਹੋਈ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ: ਪਿੰਡ ਕੜਮਾ ਦੇ ਨੇੜੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਟਰੈਕਟਰ ਟਰਾਲੀ ਦੀ ਓਵਰਟੇਕ ਕਰਦਿਆਂ ਟਰੈਕਟਰ ਟਰਾਲੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਦੀ ਟੱਕਰ ਹੋ ਗਈ। ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਤੇ ਦਾਦਾ ਪੋਤਾਰਾ ਸਵਾਰ ਸੀ। ਟਰੈਕਟਰ-ਟਰਾਲੀ ਦੀ ਟੱਕਰ ਹੋਣ ਨਾਲ ਦਾਦਾ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋ ਗਿਆ।

    ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਪੀੜਤ ਨੌਜਵਾਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅਸੀ ਪਿੰਡ ਪੋਜੋਕੇ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਕਿਸੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਕੰਮ ਲਈ ਆ ਰਹੇ ਸੀ। ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਟਰਾਲੀ ਨੂੰ ਓਵਰਟੇਕ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਦੀ ਟੱਕਰ ਹੋ ਗਈ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੇਰਾ ਦਾਦਾ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਿਆ। ਜਿਸ ਨੂੰ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਇਲਾਜ ਲਈ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਟਰੈਕਟਰ ਚਾਲਕ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸਾਡੀ ਕੋਈ ਗਲਤੀ ਨਹੀਂ ਹੈ।

  • जालंधरः MGN School के खिलाफ टीचरों के धरने को लेकर प्रिंसीपल का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधरः MGN School के खिलाफ टीचरों के धरने को लेकर प्रिंसीपल का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर/वरुणः अर्बन इस्टेट फेज-2 में स्थित MGN School विवादों में आ गया है। दरअसल, स्कूल प्रशासन के खिलाफ टीचरों ने धरना लगा दिया है। मामले की जानकारी देते हुए स्कूल के टीचर राजीव ने एनकाउंटर न्यूज को बताया चेयरमैन मेजर रॉय ने टीचरों का इंक्रीमेंट रोक दिया है। इस बाबत उन्होंने लेटर भी जारी कर दिया है। जिसमें उन्होंने स्कूल के नुक्सान में जाने का जिक्र किया है। इस दौरान स्कूल के टीचर राजीव ने बतााय कि स्कूल प्रशासन ने 7 टीचरों को सस्पेंड कर दिया है। जिसमें 2 नॉन टीचर शामिल है। वहीं इस मामले के बाद स्कूल की प्रिंसीपल का बयान सामने आया है। इस दौरान धरने में शामिल टीचरों को भी प्रिंसीपल ने दफ्तर में बुलाया है। मामले की जानकारी देते हुए प्रिंसीपल ने कहा उन्हें मैनेजेर साहिब ने बताया कि इसे विदड्रा कर दिया जाएगा।

    वहीं स्कूल मैनेजमैंट के खिलाफ टीचरों धरने को लेकर प्रिंसीपल ने कहा कि उन्हें खुद मामले की जानकारी नहीं है। वहीं टीचरों के सस्पेंड किए जाने को लेकर प्रिंसीपल ने कहा कि टीचरों को वार्निंग दी गई है। उन्हें सस्पेंड नहीं किया है, उन्होंने कहा कि उन टीचरों को सिर्फ वार्निंग दी गई थी। जबकि टीचरों का कहना है कि उन्होंने लेटर को रिसीव नहीं किया है। जब टीचर ने प्रिंसीपल से मीडिया के सामने बात करते हुए कहा कि जो मैनेजमैंट हमारे साथ कर रही है क्या वह सही है। इसके जवाब में प्रिंसीपल ने भी माना कि टीचर गलत नहीं है। इसलिए वह खुद टीचर के हक में मैनेजमैंट से फाइट कर रहे है।

    बता देंकि आज स्कूल प्रशासन द्वारा 7 टीचरों को सस्पेंड करने के बाद सभी टीचरों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ धरना लगा दिया। टीचरों द्वारा स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष पाया जा रहा है। स्कूल टीचरों का आरोप है कि हर साल स्कूल प्रशासन के द्वारा बच्चों की फीस में 9 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाती है, तो जब हमारे इंक्रीमेंट बढ़ाने की बात आई तो स्कूल प्रशासन अब नुकसान में जाने की बात करने लगा। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन के द्वारा किया जा रहा टीचरों के साथ यह धक्का कतई बर्दादश नहीं किया जाएगा। इसी के तहत आज उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ रोष जारी कर धरना लगाया है।

  • ਪੰਜਾਬ : ਕਮਰੇ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਦੋ ਸਕੇ ਭਰਾਵਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਈ ਖੂਨੀ ਝੜਪ, ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਕਮਰੇ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਦੋ ਸਕੇ ਭਰਾਵਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਈ ਖੂਨੀ ਝੜਪ, ਦੇਖੋ ਵੀਡੀਓ

    ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ: ਘਰੇਲੂ ਜਾਇਦਾਦ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਖੂਨ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਇਸ ਕਦਰ ਫਿਕੇ ਪੈਂਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ ਕਿ ਹੁਣ ਭਰਾ ਹੀ ਭਰਾ ਦੇ ਦੁਸ਼ਮਣ ਬਣ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਜਿਹਾ ਹੀ ਇੱਕ ਮਾਮਲਾ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਢੋਲੇ ਵਾਲਾ ਤੋਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਜਿਥੇ ਇੱਕ ਕਮਰੇ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਦੋ ਭਰਾ ਇੱਕ ਦੂਸਰੇ ਦੇ ਖੂਨ ਦੇ ਪਿਆਸੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ। ਜਖਮੀ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਜਖਮੀ ਪਿੱਪਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਤਿੰਨ ਕਮਰੇ ਸਨ। ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦਹੇੜ ਕੇ ਉਸਦਾ ਛੋਟਾ ਭਰਾ ਲਿਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ।

    ਜਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹਿੱਸੇ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਕ ਕਮਰਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਛੱਡ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਉਸਨੇ ਨਹੀਂ ਛੱਡਿਆ ਜਿਸਨੂੰ ਲੈਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਝਗੜਾ ਹੋ ਗਿਆ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਭਰਾ ਦੇ ਲੜਕਿਆਂ ਨੇ ਉਸ ਉੱਪਰ ਤੇਜਧਾਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨਾਲ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਉਹ ਗੰਭੀਰ ਜ਼ਖਮੀ ਹੋ ਗਿਆ ਜਿਸਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਸਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸਨੂੰ ਇੰਨਸਾਫ਼ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਬਣਦਾ ਹੱਕ ਉਸਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। ਉਧਰ ਜਦੋਂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਡਾਕਟਰ ਸ਼ਿਵਮ ਸਿੰਗਲਾ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿੰਡ ਢੋਲੇ ਵਾਲਾ ਤੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ ਇੱਕ ਮਰੀਜ਼ ਆਇਆ ਹੈ। ਜਿਸਦੇ ਸਿਰ ਵਿੱਚ ਸੱਟ ਲੱਗੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਜਿਸਦਾ ਇਲਾਜ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
    ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਜਦੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖਲ ਦੂਸਰੇ ਭਰਾ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਦਾ ਪੱਖ ਜਾਨਿਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉੱਪਰ ਝੂਠੇ ਇਲਜਾਮ ਲਗਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਦਕਿ ਉਹ ਤਾਂ ਕੱਲ ਦਾ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਹੈ।

  • ਪੰਜਾਬ: ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਹੰਗਾਮਾ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ: ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਹੰਗਾਮਾ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਬਟਾਲਾ: ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਵਲੋਂ ਮਿਸ਼ਨ ਬਲੁ ਸਟਾਰ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਦੇਰ ਰਾਤ ਬਟਾਲਾ ਵਿੱਚ ਹਰ ਰਾਹਗੀਰ ਨੂੰ ਰੋਕ ਦੇ ਉਸਦੇ ਕਾਗਜ਼ਾਤ ਚੈੱਕ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ। ਇਸ ਦੌਹਾਨ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਦੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਨੂੰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਰੋਕ ਕੇ ਉਸਦੇ ਕਾਗਜ਼ਾਤ ਚੈੱਕ ਕੀਤੇ ਤਾਂ ਮੌਕੇ ਉੱਤੇ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਨਾ ਮਿਲਣ ਤੇ ਉਹਨਾ ਦਾ ਚਲਾਨ ਕੱਟਿਆ ਗਿਆ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਗਾਂਧੀ ਚੌਕ ਵਿੱਖੇ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘ ਵਲੋਂ ਜਾਮ ਲਾਕੇ ਧਰਨੇ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ। ਮਾਮਲਾ ਭਖਦਾ ਦੇਖ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰਿਆਂ ਨੇ ਪੁਹੰਚ ਕੇ ਨਿਹੰਗਾਂ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆ ਅਤੇ ਧਰਨੇ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਕਰਵਾਇਆ, ਪਰ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤਕ ਚਲੇ ਇਸ ਵਿਵਾਦ ਵਿਚ ਉਹ ਆਮ ਜਨਤਾ ਜਰੂਰ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਹੋਈ ਜਿਸਦਾ ਕੋਈ ਕਸੂਰ ਨਹੀਂ ਸੀ।

    ਦੂਸੇ ਪਾਸੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘ ਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਸਾਥੀ ਭਾਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਜਿਸਦੇ ਚਲਦੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਚਲਾਨ ਕੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ ਕਰਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਚਲਾਨ ਕੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਜਿਸਦੇ ਰੋਸ਼ ਵਜੋਂ ਸਾਡੇ ਵਲੋਂ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਗਾਂਧੀ ਚੌਕ ਵਿੱਖੇ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਓਹਨਾ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਇਸੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਨੂੰ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਬਟਾਲਾ ਦੀ ਸਿਵਲ ਲਾਇਨ ਥਾਣਾ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਕੋਲੋ ਛੁਡਵਾ ਕੇ ਲਿਆ ਹਾਂ ਅਤੇ ਥਾਣੇ ਤੋਂ ਕੁਝ ਹੀ ਫੁੱਟ ਦੀ ਦੂਰੀ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਦੁਬਾਰਾ ਚਲਾਨ ਕੱਟ ਦਿੱਤਾ।

    ਓਥੇ ਹੀ ਟਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਓਂਕਾਰ ਸਿੰਘ ਜਿਹਨਾਂ ਵਲੋਂ ਚਲਾਨ ਕਟਿਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਓਹਨਾ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਦਾ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਰੋਕਕੇ ਕਾਗਜ਼ਾਤ ਮੰਗੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਲਾਇਸੈਂਸ ਨਹੀਂ ਮਿਲਿਆ। ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਚਲਾਨ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹਨਾਂ ਵਲੋਂ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਤਾ ਓਹਨਾ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਾਨੂੰਨ ਮੁਤਾਬਿਕ ਬਣਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ।

    ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇਂ ਹੋਏ ਟਰੈਫਿਕ ਇੰਚਾਰਜ ਓਂਕਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਥੇ ਦਰਸ਼ਕ ਹੀ ਫੈਂਸਲਾ ਕਰ ਲੈਣ ਕਿ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ ਸਭ ਲਈ ਇਕ ਹੀ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਨਹੀਂ। ਕਿਉਂਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਲਾਇਸੇਂਸ ਨਾ ਹੋਣ ਦੇ ਕਾਰਨ ਉਸਦਾ ਚਲਾਣ ਕਟਿਆ ਸੀ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹਨਾਂ ਵਲੋਂ ਇਹ ਹੰਗਾਮਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
     

  • पंजाब सरकार को केंद्र ने दिया बड़ा झटका, जाने मामला 

    पंजाब सरकार को केंद्र ने दिया बड़ा झटका, जाने मामला 

    चंडीगढ़ः पंजाब सरकार को केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार के केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पंजाब सरकार की उधार लेने की सीमा में 18,000 करोड़ रुपए की कमी की है। केंद्र सरकार के इस फैसले से आप सरकार को बड़ा झटका लगा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब के सकल घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत उधार लेने की सीमा तय करता है। आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब की कर्ज सीमा सालाना 39,000 करोड़ रुपए है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद पंजाब की सालाना उधारी सीमा 18,000 करोड़ रुपए घटाकर सिर्फ 21,000 करोड़ रुपए कर दी गई है।

    यानी पंजाब सरकार अब 21 हजार करोड़ रुपए तक का ही कर्ज ले सकेगी। उधर, भाजपा की केंद्र सरकार ने पूंजीगत संपत्ति के विकास के लिए पंजाब को दी जाने वाली 2600 करोड़ रुपए की सालाना ग्रांट पर भी रोक लगा दी है। पंजाब सरकार इस फंड का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए करती है। केंद्र सरकार के इस फैसले से पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि पंजाब ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर दी है। केंद्र सरकार को डर है कि अब पंजाब सरकार को मिलने वाला राज्य पेंशन फंड और विकास अथारिटी के तहत मिलने वाला सालाना 3000 करोड़ रुपए का फंड भी मिलना बंद हो जाएगा। केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर तनातनी चल रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि पंजाब सरकार ‘पूंजीगत व्यय’ के नियमों का उल्लंघन कर रही है।

    दूसरी तरफ केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का करीब 800 करोड़ का फंड जारी नहीं कर रही है। केंद्र सरकार ने आपत्ति जताई है कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स का नाम ‘आम आदमी क्लीनिक’ रखा गया है और इन इमारतों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर लगाई गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने इस मामले को केंद्र सरकार के सामने भी रख चुके हैं। केंद्र सरकार ने भी अभी तक पंजाब सरकार को ग्रामीण विकास फंड के तहत करीब चार हजार करोड़ रुपए जारी नहीं किए हैं। पंजाब सरकार का बकाया जीएसटी मुआवजा भी रुक गया है। वहीं पंजाब वित्त विभाग के अधिकारी ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन अधिनियम का पालन कर रही है, इसलिए कर्जा सीमा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। केरल और हिमाचल को भी केंद्र सरकार से झटका लगा है। 

  • जालंधरः विवादों में आया MGN School, प्रशासन के खिलाफ टीचरों ने लगाया धरना, देखें Live

    जालंधरः विवादों में आया MGN School, प्रशासन के खिलाफ टीचरों ने लगाया धरना, देखें Live

    जालंधर, वरुण/हर्ष: अर्बन इस्टेट में स्थित MGN School विवादों में आ गया है। दरअसल, स्कूल प्रशासन के खिलाफ टीचरों ने धरना लगा दिया है। मामले की जानकारी देते हुए स्कूल के टीचर राजीव ने एनकाउंटर न्यूज को बताया चेयरमैन मेजर रॉय ने टीचरों का इंक्रीमेंट रोक दिया है। इस बाबत उन्होंने लेटर भी जारी कर दिया है। जिसमें उन्होंने स्कूल के नुक्सान में जाने का जिक्र किया है। इस दौरान स्कूल के टीचर राजीव ने बतााय कि स्कूल प्रशासन ने 7 टीचरों को सस्पेंड कर दिया है। जिसमें 2 नॉन टीचर शामिल है।

    इस मामले के बाद सभी टीचरों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ धरना लगा दिया है। टीचरों द्वारा स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष पाया जा रहा है। स्कूल टीचरों का आरोप है कि हर साल स्कूल प्रशासन के द्वारा बच्चों की फीस में 9 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाती है, तो जब हमारे इंक्रीमेंट बढ़ाने की बात आई तो स्कूल प्रशासन अब नुकसान में जाने की बात करने लगा। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन के द्वारा किया जा रहा टीचरों के साथ यह धक्का कतई बर्दादश नहीं किया जाएगा।

    इसी के तहत आज उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ रोष जारी कर धरना लगाया है। टीचरों ने आरोप लगाया है कि क्या स्कूल प्रशासन के पास हमारे वेतन देने के लिए अब पैसे नहीं है। जबकि हर साल स्कूल में बच्चों के फीस में बढ़ोतरी की जा रही है। तो ऐसे में हमें पैसे देने की बारी आई तो प्रशासन नुकसान में जाने की हमसे बाते करने लगा है। बता दें कि पहले टीचरों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू किया था। जिसके बाद अब वह वहां से उठकर मैनेजिंग डायरेक्टर के घर के बाहर धरना लगाकर बैठ गए है और स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे है।