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  • ऊना में 6 जून का होने वाला ड्राईविंग टेस्ट रद्द

    ऊनासुशील पंडित: क्षेत्रीय लाईसंेसिंग प्राधिकरण ऊना के द्वारा निर्धारित गुरुवार 6 जून को होने वाले ड्राईविंग टेस्ट को प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया है। यह जानकारी एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि ड्राईविंग टेस्ट की आगामी तिथि बारे सूचित कर दिया जाएगा।

  • तेज रफ्तार Tractor ने सब्जी बेच रहे व्यक्ति को कुचला, मौत

    तेज रफ्तार Tractor ने सब्जी बेच रहे व्यक्ति को कुचला, मौत

    नालंदा : बिहार शरीफ राजगीर मुख्य मार्ग पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टर ने सड़क किनारे ठेले पर सब्जी बेच रहे व्यक्ति को कुचल दिया। हादसे में सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। मामला नालंदा थाना क्षेत्र के दिनकर नगर के समीप की है। मृतक की पहचान नालंदा थाना क्षेत्र के रानी बिगहा निवासी स्वर्गीय जोगेश्वर चौहान के (48) वर्षीय पुत्र दशरथ चौहान के तौर पर हुई है।

    सड़क हादसे की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को मिली, वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे। मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर बिहार शरीफ राजगीर मुख्य मार्ग को नालंदा थाना के समीप जाम कर दिया। जिसके कारण गाड़ियों की लंबी कतार सड़क के दोनों ओर लग गई। मृतक के परिजन ने बताया कि दशरथ चौहान हर दिन की तरह सब्जी लेकर दिनकर नगर गए थे।

    जहां वे सड़क के किनारे से जा रहे थे। इसी बीच पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने कुचल दिया। जख्मी दशरथ चौहान को पुलिस ने इलाज के लिए सिलाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। 

  • Punjab : jail में नशा बरामद होने पर पुलिस कर्मी सहित 4 हवालातियों पर मामला दर्ज

    लुधियाना : पंजाब की जेलों में मोबाइल फोन सहित अवैध मिलने का सिलसिला जारी है। लुधियाना की सैंट्रल जेल में जर्दे के पैकेट फैंकने का मामला सामने आया है। इसके चलते जेल के होमगार्ड कर्मचारियों पर पैकेट फैंकने का आरोप लगा है।

    थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस को होमगार्ड कर्मचारी सहित 4 कैदियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच अधिकारी गुरदायल सिंह ने बताया कि इस दौरान 32 जर्दे की पुड़िया बरामद की गई है।

  • जिस सीट से सांसद थे बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता, वहां 40 साल बाद कांग्रेस का सूखा हुआ  खत्म 

    जिस सीट से सांसद थे बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता, वहां 40 साल बाद कांग्रेस का सूखा हुआ  खत्म 

    प्रयागराजः उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद लोकसभा सीट पर कांग्रेस को 40 साल बाद जीत मिली है। लोकसभा चुनाव के नतीजे साफ हो गए हैं। बीजेपी की अगुवाई में एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है। लेकिन चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद सीट एक बार फिर चर्चा में बनी हुई है। इलाहाबाद सीट से अमिताभ बच्चन की जीत के लगभग 40 साल बाद एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस के उम्मीदवार उज्जवल रमन सिंह ने इलाहाबाद सीट से जीत दर्ज करने के बाद इस सीट पर पार्टी का 40 सालों का सूखा खत्म कर दिया है।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, उज्जवल रमन सिंह ने बीजेपी के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नीरज त्रिपाठी को 58,795 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। सिंह को 4.62 लाख से अधिक वोट मिले हैं जबकि त्रिपाठी को 4.03 लाख से अधिक वोट मिले। इलाहाबाद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाबा अभय अवस्थी ने कहा कि अमिताभ बच्चन के बाद कांग्रेस ने 40 साल बाद इस सीट से चुनावी जीत दर्ज की है। अमिताभ बच्चन 1984 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से जीते थे। उन्होंने कहा कि 1984 से पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1957 और 1962 में इलाहाबाद सीट से जीत दर्ज की थी।1966 में शास्त्री के निधन के बाद उनके बेटे हरीकिशन शास्त्री ने इसी सीट से 1967 में चुनाव जीता था।

    उन्होंने कहा कि 1984 के बाद अनिल शास्त्री, कमला बहुगुणा, सत्यप्रकाश मालवीय जैसे कई बड़े नेताओं ने कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन जीत दर्ज नहीं कर पाए थे। 2014 के बाद से ये सीट बीजेपी के खाते में ही रही है। 2014 में बीजेपी के श्यामचरण गुप्ता ने इलाहाबाद सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2019 में बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी ने जीत का परचम लहराया था। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और इलाहाबाद सीट से दो बार के सांसद रेवती रमन शास्त्री के बेटे उज्जवल रमन सिंह (51) प्रयागराज जिले के करचना सीट से विधायक रहे हैं।

    इंडिया ब्लॉक के तहत इलाहाबाद सीट कांग्रेस के खाते में जाने के बाद सिंह समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद इलाहाबाद सीट से उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं, बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल दिवंगत केसरी नाथ त्रिपाठी के बेटे नीरज त्रिपाठी (57) को अप्रैल महीने में बीजेपी की ओर से इलाहाबाद सीट का उम्मीदवार घोषित किया गया था। इससे पहले त्रिपाठी उत्तर प्रदेश सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल थे। बता दें कि इस सीट पर 25 मई को चुनाव हुआ था।

  • Punjab: Congress को 40 साल बाद मिली जीत, 3 बार अकाली ने लहराया था परचम

    Punjab: Congress को 40 साल बाद मिली जीत, 3 बार अकाली ने लहराया था परचम

    4 बार विधायक रह चुके नेता को भाजपा ने उतारा था मैदान में

    फिरोजपुरः लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी शेर सिंह घुबाया ने 3242 वोटों से जीत हासिल की । हालांकि फिरोजपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस, आप, अकाली दल और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी के जगदीप सिंह काका बराड़ 263384 वोट लेकर दूसरे, भाजपा के राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी 255097 वोट लेकर तीसरे और अकाली दल के नरदेव सिंह बॉबी मान को 253645 वोट मिले। वहीं इस सीट से शेर सिंह घुबाया ने 266626 वोट पाकर 3242 वोटों की बढ़त के साथ जीत हासिल की। ​​इसके बाद कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। पिछले तीन चुनावों में यहां अकाली दल ने जीत दर्ज की है। घुबाया दो बार अकाली दल के सांसद रह चुके हैं। भाजपा ने कांग्रेस से 4 बार विधायक रह चुके राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी को मैदान में उतारा था। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ यहां से पार्टी को जीत नहीं दिला पाए।

    1984 में गुरदयाल सिंह ढिल्लों ने की थी जीत हासिल

    वहीं कांग्रेस उम्मीदवार शेर सिंह घुबाया ने फिरोजपुर संसदीय सीट पर कांग्रेस पार्टी को 40 साल बाद जीत दिलाई है। इससे पहले साल 1984 में गुरदयाल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ते हुए इस सीट पर जीत हासिल की थी। आखिरकार फिरोजपुर की सीट कांग्रेस पार्टी के झोली में आ गई। 1989 में आजाद उम्मीदवार भाई ध्यान सिंह मंड, 1992 और 1996 में बीएसपी के मोहन सिंह फ्लियांवाला, 1998, 1999 और 2004 में शिरोमणि अकाली दल बादल के जोरा सिंह मान इस सीट से जीतते रहे। उनके निधन के बाद अकाली दल बादल ने 2009 और 2014 के चुनाव में शेर सिंह घुबाया को मैदान में उतारा जोकि दोनों जीते थे। 2019 के चुनाव में घुबाया के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद अकाली दल और बीजेपी गठबंधन ने यहां सुखबीर सिंह बादल को मैदान में उतारा और बड़ी जीत हासिल की। अब 2024 में कांग्रेस ने एक बार फिर शेर सिंह घुबाया पर भरोसा किया और उन्हें चुनाव मैदान में उतारा, जिसमें कांटे की टक्कर के बावजूद घुबाया ने सीट जीत ली है और कांग्रेस पार्टी को 40 साल बाद जीत की खुशी दी।

    इस सीट से 1952 से हो रही वोटिंग 

    पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से एक फिरोजपुर में साल 1952 से ही वोटिंग हो रही है। यहां पहले चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के बहादुर सिंह विजयी हुए। उनके बाद 1957 और 1962 में कांग्रेस के इकबाल सिंह जीते। 1967, 1969, 1971 और 1977 के चुनावों में इस सीट पर फिर से शिरोमणि अकाली दल का कब्जा रहा। फिर 1980 और 1984 में यहां से कांग्रेस जीती, लेकिन 1989 में यह इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार काबिज हो गए। 1992 और 1996 में इस सीट पर बसपा को भी जीत मिली और उसके बाद से लगातार शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार चुनाव जीत रहे हैं। इस लोकसभा क्षेत्र के दायरे में राज्य की 9 विधानसभा सीटें हैं. इनमें फिरोजपुर सिटी, गुरू हार सहाय, जलालाबाद, फजिलका, अबोहार और मुक्तसर के अलावा फिरोजपुर रूरल, बालूआना और मालौत शामिल है।

    फिरोजपुर सीट क्यों हैं खास?

    फिरोजपुर पंजाब का एक जिला और एक लोकसभा क्षेत्र है। 2011 की जनगणना के अनुसार, फिरोजपुर की आबादी दो मिलियन से अधिक है और साक्षरता दर 68.92% है। सतलुज नदी के तट पर स्थित इस शहर की स्थापना फिरोज शाह तुगलक ने की थी। यह भारत और पाकिस्तान के बीच एक सीमावर्ती जिला है। इस जिले का फाजिल्का विधानसभा क्षेत्र स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधियों का घर है। इस जिले में वाघा बॉर्डर भी है। फिरोजपुर संसदीय सीट में नौ विधानसभा सीटें शामिल हैं। फिरोजपुर संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाले नौ विधानसभा क्षेत्रों में से तीन अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

    पिछले चुनाव में क्या रहा?

    साल 2019 में यहां 72.47 फीसदी वोटिंग के साथ शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। हालांकि शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर सुखबीर सिंह बादल 6 लाख 33 हजार वोट पाकर चुनाव जीत गए थे। वहीं दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस पार्टी के शेर सिंह घुबाया को महज 4 लाख 34 हजार वोट मिले और वह करीब 1 लाख 98 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। साल 2014 के लोकसभा चुनावों में इस सीट पर 72.62 फीसदी वोटिंग के साथ त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था। उस समय शेर सिंह घुबाया शिरोमणि अकाली दल में थे और इसी पार्टी के टिकट पर 4 लाख 87 हजार 932 वोट पाकर चुनाव जीत गए थे। वहीं दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस पार्टी के सुनील कुमार जाखड़ 4 लाख 56 हजार वोट पाकर करीब 31 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसी प्रकार आम आदमी पार्टी के सतनाम पॉल कंबोज 1 लाख 13 हजार वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

  • Thresher Machine की चपेट में आने से किसान की दर्दनाक मौ’त

    Thresher Machine की चपेट में आने से किसान की दर्दनाक मौ’त

    उदयपुर : थ्रेसर मशीन में चारा काट रहे किसान की इसी में फंसकर कटने से मौत हो गई। भूसा धकेलने के चक्कर में चारे की तरह पहले हाथ और फिर आधा शरीर मशीन में चला गया। पूरी मशीन पर खून ही खून हो गया। पास खड़ा मजदूर ये दृश्य देख कर सहम गया और भाग कर परिजनों को सूचना दी। मामला बुधवार 11.30 बजे सेमारी थाना इलाके का रठौड़ा के मेडिफला गांव का है। रठौडा चौकी हेड कॉन्स्टेबल गोपाल जोशी ने बताया कि किसान रामजी (63) पुत्र धूलजी पटेल अपने खेत पर थ्रेसर मशीन से चारा निकाल रहा था।

    अंत में चारे का थोड़ा बहुत भूसा बचा था। किसान ने उसे भी मशीन में अंदर धकलने के लिए उल्टा हाथ आगे बढ़ाया तो हाथ थ्रेसर मशीन में आ गया और आधा शरीर मशीन में चल गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भतीजे हीरालाल ने बताया कि काका गाय का चारा काटने के लिए रिश्तेदार के यहां से मशीन लाए थे। उनके साथ एक मशीन चलाने वाले मजदूर भी था। हादसे के बाद मजदूर ने ही हमें सूचना दी। खेत पर पहुंचकर जब यह देखा तो काका का सिर से लेकर कमर तक पूरा शरीर अंदर फंसकर कट चुका था और पैर बाहर लटके हुए थे।

    थ्रेसर मशीन खून से सनी थी। मृतक के 2 बेटे हैं। मृतक का बढ़ा बेटा गौतम पटेल (40) और छोटा बेटा खेमराज पटेल (37) अहमदाबाद में एक होटल में वेटर का काम करते हैं। घटना की खबर लगते ही परिवार में मातम पसर गया। सूचना पर रठौड़ा चौकी के हेड कॉन्स्टेबल गोपाल जोशी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। थ्रेसर मशीन में फंसे हुए शव को बाहर निकाला और  सरकारी अस्पताल मोर्चरी में रखवाया गया है।  शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।

  • Punjab: Neetu Shatran Wala का चुनावों को लेकर आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab: Neetu Shatran Wala का चुनावों को लेकर आया बयान, देखें वीडियो

    अब नीटू नया बिजनेस करेंगा शुरू 

    लुधियानाः जनता नगर में ई-रिक्शा के दफ्तर नीटू शटरां वाला पहुंचा। जहां वह ई-रिक्शा लेने पहुंचे। वहीं मीडिया से बात करते हुए नीटू शटरां वाले ने कहाकि अब की बार वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। नीटू ने कहा कि अब उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर पहले भी द ग्रेट खली से बात हुई थी कि मैं कोई काम कर लूं। नीटू ने कहाकि मैंने उनकी कोई बात नहीं मानी थी। नीटू ने कहा कि आज वह जनता नगर में ई- रिक्शा लेने के पहुंचे है और वह लोगों को ई- रिक्शा 15 हजार में देंगे और वह 15 हजार में कुछ दिनों में एक लाख से 2 लाख के मालिक बनेंगे।

    नीटू ने कहा कि वह रोजाना 700 रुपए दिहाड़ी की कमाई कर सकेंगे और घर का बढ़िया गुजारा कर सकेंगे। नीटू ने कहा कि वह ऐसे मदद करेंगे। नीटू ने कहा कि द ग्रेट खली उनकी तरह राजनीति में फेमस नहीं हुए जैसे कि वह पूरे भारत में हुआ है। नीटू ने आगे कहा कि अगर द ग्रेट खली ई-रिक्शा बेच सकते है तो वह क्यों नहीं बेच सकता। राकेट ई-रिक्शा के जरिए अब लोगों की मदद करेंगा। नीटू ने कहा कि लोगों को 4 माह में पता लग जाएंगा कि जिन लोगों को उन्होंने जिताया है वह उनकी कितनी मदद करेंगे।

    वहीं नीटू ने कहा कि उनकी नई फिल्म नी मैं सस कूटनी पार्ट-2 को लेकर डुगरी इलाके में प्रचार करने के लिए गया था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि शहीदी दिवस चल रहा है और ऐसे में वह प्रचार नहीं कर सकता तो नीटू की टीम ने प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। नीटू ने कहाकि उक्त लीडर जीतकर लड्डू बांटे और गंदी नाली में गिराए। नीटू ने कहाकि अगर यह लोग किसी लोगों को देते तो क्या हो जाता। नीटू ने कहाकि इन नेताओं कोई शहीदी दिवस का ध्यान नहीं आया। नीटू का आरोप है कि इन नेताओं ने चल रहे शहीद दिवस के दौरान डोल बजाकर जीत का जश्न मनाया। वहीं नीटू ने कहा कि अमृतपाल सिंह ने जेल में बैठकर चुनाव लड़े और जीत हासिल की।  

  • Punjab : 800 रुपए के लिए युवक का तेजधार हथियार से कत्ल, देखें वीडियो

    Punjab : 800 रुपए के लिए युवक का तेजधार हथियार से कत्ल, देखें वीडियो

    श्री आनंदपुर साहिब : देर रात चोई बाजार में झगड़े का मामला सामने आया है। इस झगड़े में एक युवक ने दूसरे युवक की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने माननीय अदालत से इस आरोपी का 3 दिन का पुलिस रिमांड लिया है।

    श्री आनंदपुर साहिब के थाना प्रमुख हिम्मत सिंह द्वारा दी गई जानकारी के आरोपी और मृतक युवक का 800 रुपए का लेनदेन था। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। आरोपी ने सुरजीत सिंह निवासी मनकू माजरा पर चोई बाजार में हमला करद दिया। जिससे सुरजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

  • Punjab: हार के बाद मीडिया के सामने आए पराशर पप्पी, देखें वीडियो

    Punjab: हार के बाद मीडिया के सामने आए पराशर पप्पी, देखें वीडियो

    लुधियानाः लोकसभा चुनावों में आप पार्टी के उम्मीदवार पराशर पप्पी को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं हार के बाद मीडिया के सामने आए पराशर पप्पी का कहना है कि रवनीत बिट्टू को राम मंदिर के कारण ज्यादा वोटे हासिल की है, जिसके चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। पप्पी ने कहा कि भाजपा को एक लाख जो वोट ज्यादा पड़ी है वह अयोध्या बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि आप कार्यकर्ताओं का उन्हें भरपूर समर्थन मिला है, जिसके चलते उन्हें ढाई लाख वोट हासिल की है। उन्होंने कहाकि इस चुनावों में उनका बिट्टू के साथ वोटों में ज्यादा अंतर नहीं रहा।

    इस दौरान पप्पी ने माना कि उनकों अपने हलके में वोटे कम मिली है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रभु राम के नाम का इस्तेमाल करके वोट हासिल किए है। वहीं चुनावी नतीजे आने के बाद जब पप्पी से पूछा गया कि क्या अब वह पहले की तरह ही लोगों के लिए काम करते रहेंगे, इस पर पप्पी ने कहाकि अगर वह जीत हासिल करते तो उन्होंने सासंद में पंजाब के हक की बात करनी थी और वह यहां विधानसभा में भी वह उठाते रहेंगे।

    पप्पी ने कहाकि मैं दूसरे नेताओं की तरह नहीं हूं की अटैची उठाकर कभी कहीं चला गया। उन्होंने कहा कि मैं कल भी लोगों की समस्याएं सुनकर हल करता था और आज भी उनके मसले सुनकर हल करता रहूंगा। वहीं राजा वडिंग को जीत हासिल करने पर पप्पी ने कहा कि अब लोगों ने उसे जिताया है, ऐसे में अब वह लोगों की सासंद में आवाज उठाए। वहीं रवनीत बिट्टू को लेकर पप्पी ने कहाकि वह अब किसी जगह पर जाकर बैठ जाएंगा। पप्पी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद गृह मंत्री अमित शाह बिट्टू को कोई दोस्ती के नाते पद दे सकते है। 

  • क्या अब इस राज्य में ‘जोड़तोड़ का खेला हुआ शुरू 

    महाराष्ट्रः लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र में ‘खेला होबे’ का खेल शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना के कई सांसद उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं। दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना को 7 सीटें मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक 7 में से आधे से ज्यादा सांसद उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं। बताया जा रहा हैकि इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने को लेकर उद्धव ठाकरे गंभीर हैं। महाराष्ट्र में कुछ महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं और जिस तरह इंडिया गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है, कहा जा रहा है कि उससे शिंदे के नेताओं का मन डोल रहा है।

    जरूरत पड़ी तो उद्धव शिंदे के सांसद तोड़कर एनडीए को झटका दे सकते हैं। इससे पहले मंगलवार को सूत्रों ने दावा किया था कि शरद पवार ने जेडीयू और टीडीपी से संपर्क साधा है। गौरतलब है कि बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए को बहुमत मिल गई है। हालांकि, इस बार कई ऐसे राज्य रहे, जहां एनडीए और बीजेपी का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं रहा। उन्हीं में से एक राज्य महाराष्ट्र है। यहां राज्य स्तर पर बनी महायुति गठबंधन, जिसमें बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी भी शामिल है, को सिर्फ 17 सीटें ही मिली हैं।

    इसमें बीजेपी को 9, शिवसेना को 7 और एनसीपी को 1 सीट मिली है। सूत्रों के मुताबिक 7 में से आधे से ज्यादा सांसद उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं। दूसरी तरफ एमवीए को 30 सीटों पर जीत हासिल हुई है। देश में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को कुल 293 सीटों पर जीत मिली है। वहीं इंडिया गठबंधन को 234 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इसके बाद इंडिया गठबंधन की नेताओं की ओर से ये दावा भी किया जा रहा है कि उनकी सरकार बनने की अभी भी संभावना है। यही वजह है कि सूत्रों के मुताबिक इंडिया गठबंधन के नेता दूसरे दलों से संपर्क करने की कोशिश में है। हालांकि, इंडिया गठबंधन बहुमत के लिए 272 का आंकड़ा जुटाना इतना आसान नहीं होगा।