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  • झूठ के अलावा कोई योजना और आर्थिक सुधार की पहल नहीं है मुख्यमंत्री की उपलब्धि: जयराम ठाकुर

    झूठ के अलावा कोई योजना और आर्थिक सुधार की पहल नहीं है मुख्यमंत्री की उपलब्धि: जयराम ठाकुर

    अपने तीन साल के जश्न में तीन प्रदेशव्यापी योजना तक नहीं बता पाई सरकार और मुख्यमंत्री

    झूठे बयानों से नहीं प्रभावी आर्थिक सुधारो से प्रदेश की आर्थिकी होगी मजबूत* 

    ऊना/शिमला : सुशील पंडित: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की झूठ बोलने के अलावा तीन सवाल की कोई उपलब्धि नहीं है। यह सरकार झूठे दावों और विफलताओं का पर्याय बन चुकी है। वर्तमान मुख्यमंत्री केवल झूठे दावों और खोखले बयानों तक ही सीमित हैं। सरकार के पास न तो कोई ठोस योजना है और न ही प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार कोई गंभीर पहल कर रही है। सरकार हर जगह सिर्फ हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की बात कर रही है लेकिन आत्म निर्भर बनाने के लिए कोई कदम उठाने के बजाय पूर्व की सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों को भी धराशाई कर रही है। प्रदेश की आर्थिकी झूठे बयानों से नहीं प्रभावी आर्थिक सुधारो से मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज तक यह नहीं बताया कि व्यवस्था परिवर्तन के तहत उन्होंने कौन–कौन से कदम उठाए हैं जिससे यह प्रदेश आत्म निर्भर बन सके। सरकार सिर्फ कर और कर्ज के मॉडल पर चल रही है।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठे भाषणों, आंकड़ों की बाजीगरी और निराधार बयानों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती। इसके लिए प्रभावी आर्थिक सुधार, उद्योगों को संरक्षण और रोजगार सृजन की ठोस नीति की आवश्यकता होती है, जिसमें वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। जिस सरकार ने सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के बड़े-बड़े वादे किए थे आज उसी पार्टी के नेताओं ने सत्ता में आने के बाद  उद्योगों को हतोत्साहित किया, अराजकता और भ्रष्टाचार को संरक्षण देकर निवेशक के प्रतिकूल माहौल बनाया। जिसकी वजह से निवेशकों का भरोसा टूट चुका है, नए उद्योग आना बंद हो गए हैं और प्रदेश की आर्थिकी लगातार कमजोर होती जा रही है। स्वरोजगार के नाम पर पूर्व सरकार की योजनाएं बंद कर दी, आधे–अधूरे प्रोजेक्ट्स की वजह से युवा उद्यमी परेशान हो रहे हैं।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के पास अगर उपलब्धियां होती तो आपदा राहत के पैसों से मनाए जा रहे जश्न के दौरान सरकार केंद्र और पूर्व सरकार को कोसने के बजाय अपनी उपलब्धियां बताती। लेकिन मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल एक भी ऐसी प्रदेशव्यापी योजना नहीं बता पाया जिससे आम हिमाचली को सीधा लाभ मिला हो। तीन वर्षों का कार्यकाल जनहित के कार्यों के बजाय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच आपसी लड़ाई और सत्ता संघर्ष में ही समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि तीन साल का कार्यक्रम जनता को सरकार की उपलब्धियां बताने का अवसर होना चाहिए था, लेकिन यह कार्यक्रम अपनी नाकामियों को छुपाने और शक्ति प्रदर्शन का मंच बनकर रह गया।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि  “व्यवस्था परिवर्तन” का असली चेहरा हर दिन प्रदेश की जनता के सामने उजागर हो रहा है। यह सरकार ठेकेदारों और भ्रष्ट तत्वों के इशारे पर काम कर रही है, जबकि आम आदमी की समस्याओं और जरूरतों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। प्रदेश की जनता अब समझ चुकी है कि यह सरकार केवल घोषणाओं और झूठे दावों की सरकार है, जिसमें न दिशा है और न ही दूरदृष्टि। सरकार झूठ के बजाय जनहित पर ध्यान दे तो प्रदेश के लिए बेहतर होगा।

     

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा ऐलान, भूमिहीन परिवारों को 100 गज के प्लॉट

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा ऐलान, भूमिहीन परिवारों को 100 गज के प्लॉट

    चण्डीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के भूमिहीन जरूतमंद परिवारों को सरकार द्वारा जल्द ही 100-100 गज के प्लाट आबंटित किए जाएंगे। प्रदेश के इन 7 हजार प्लाटधारकों को पीएम आवास योजना के साथ जोड़कर मकान निर्माण के लिए तय राशि दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को कुरुक्षेत्र जिला के लाडवा विधानसभा क्षेत्र के गांव प्रलाहदपुर, बदरपुर व गांव बणी में धन्यवादी एवं जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी और मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गांव प्रलादपुर, बदरपुर और गांव बणी में विकास कार्यों के लिए 21-21 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। गांव प्रलाहदपुर में सरपंच सुमन सैनी द्वारा रखी गई सभी मांगों को विभागों से भेजकर पूरा करवाने का आश्वासन दिया और पीने के पानी की पाइप लाईन के लिए 47.46 लाख रुपए, हॉल निर्माण के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की है।

    उन्होंने बदरपुर गांव के सरपंच कर्मवीर द्वारा रखी गई सभी 16 मांगों को विभागों को भेजकर पूरा करवाने, पीने के पानी की पाइप लाइन के लिए 43.31 लाख रुपए देने की घोषणा की है। गांव बणी के सरपंच द्वारा रखी गई सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

    इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत करीब 15 हजार 500 परिवारों को 30 गज का प्लाट देने का काम किया है। शीघ्र ही शहरी आवास योजना के तहत योग्य प्रार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में 30-30 गज के प्लाट आबंटित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही युवाओं के लिए विभिन्न पदों के लिए सरकारी भर्तियां निकाल कर नौकरियां देंगी।

    चुनाव के दौरान संकल्प पत्र में वायदा किया था कि शपथ ग्रहण समारोह से पहले युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। तीसरी बार सरकार बनने के बाद सबसे पहले युवाओं को किए हुए वायदे को पूरा किया है। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब 25 हजार युवाओं को बिना खर्ची पर्ची के एक साथ योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली हो।

    किडनी के मरीजों का डायलिसिस प्रदेश के सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ यूनिवर्सिटी में फ्री में किया जा रहा है। इसके साथ ही जिन परिवारों की आय 1.80 लाख रुपए से कम है, ऐसे परिवार की महिलाओं को 500 रुपए में गैस का सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

    प्रदेश में 15 लाख महिलाएं इस योजना के तहत 500 रुपए में गैस सिलेंडर प्राप्त कर रही है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि जिन योग्य परिवारों की महिलाएं इस योजना से वंचित हैं, वो आवेदन करें और योजना का लाभ प्राप्त करें।

    प्रदेश सरकार ने किसानों से किए हुए अपने वायदे को पूरा करते हुए सभी 24 फसलों पर एमएसपी लागू किया है, ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना है। कुछ समय पहले हुए जलभराव के कारण फसलों के खराबे का किसानों के खाते में 116 करोड रुपए भेजा गया है। इसी दौरान कुछ किसानों की बाजरा की फसल प्रभावित हुई थी, जिस पर भावांतर भरपाई योजना के तहत 430 करोड़ रुपए प्रदेश के किसानों के खाते में भेजे गए हैं।

    जिन ग्रामीणों ने पंचायती भूमि पर मकान बने हुए हैं। ऐसे परिवारों के लिए सरकार ने योजना बनाकर 2004 के कलेक्टर रेट पर मालिकाना हक देने का काम किया है। इसके साथ ही प्रदेश की महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने के लिए लाडो लक्ष्मी योजना आरंभ की गई है, जिसके तहत प्रदेश की 10 लाख महिलाओं को दो किस्तें दी जा चुकी हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पात्र महिलाएं अब भी लाडो लक्ष्मी योजना में आवेदन नहीं कर पाई, वो अब भी आवदेन कर सकती हैं। आवेदन के लिए अपने मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर सारी जानकारी भरते हुए ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार के पास रोजाना इस योजना में 3 से 4 हजार के बीच नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव बाबैन भी क़ाफ़िला रोककर लोगों की समस्याएं सुनी और उनका समाधान किया।

     

  • व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित कर रही सरकार: सत्ती

    व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित कर रही सरकार: सत्ती

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक का सतपाल सिंह सत्ती ने पुलिस और जिला प्रशासन पर व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब जिला में खुले आम अवैध खनन होता था उसे वक्त प्रशासन और पुलिस को कई बार सचेत किया गया, लेकिन अधिकारी कान में रूई डालकर बैठे रहे।

    अब जब अवैध खनन के कारण बीच सड़क गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ तो पुलिस प्रशासन ने उसे पर कार्रवाई करने की बजाय आम लोगों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की तमाशा कार्रवाई के कारण शेरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सभी विकास कार्य रुक चुके हैं। हालत यह है कि लोगों को घर के निर्माण के लिए रेत की एक ट्राली 3 हज़ार रुपए में खरीदनी पड़ रही है। जबकि ट्रैक्टर चालकों के 50-50 हजार रुपये के चालान किए जा रहे हैं।

    इससे न केवल ट्रैक्टर चालकों का काम बंद हो चुका है बल्कि लोगों को अपने घर का निर्माण भी बंद करने को मजबूर होना पड़ रहा है। विधायक ने जिला प्रशासन द्वारा जिला के सभी प्रमुख कस्बों में किए जा रहे हैं व्यवस्था परिवर्तन पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अधिकारी बंद कमरे में बैठकर योजनाएं बना रहे हैं और तुगलकी फरमान लागू करते हुए लोगों को तंग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को शेरों की व्यवस्था के लिए स्थानीय व्यापार मंडलों को विश्वास में लेना चाहिए था।

    कारोबारी वर्ग के साथ बैठकर किसी भी योजना के लिए विचार मंथन किया जाना चाहिए था। लेकिन शहर में भी पुलिस ने लोगों के वाहनों के चालान करके अति कर दी है। शहर के मुख्य मार्ग का कारोबार पूरी तरह ठप्प हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कारोबारी की हर मांग का समर्थन करती है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाना सही है, लेकिन शहर की दुकानों पर माल की ढुलाई वाले वाहनों सहित ग्राहकों के वाहनों के हो रहे चालान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था को बनाने का प्रयास अब भी गंभीरता से करते नजर नहीं आ रहे। हत्याओं के आरोपी और हत्याओं के प्रयास करने की आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। लेकिन पुलिस का पूरा जोर आम लोगों के वाहनों के चालान करने पर लगा हुआ है। विधायक ने कहा कि पार्किग व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जो शुल्क निर्धारित किया था उसकी सरेआम अवहेलना की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा 30 मिनट के लिए 10 रुपये पार्किंग शुल्क निर्धारित किया था, लेकिन किसी भी पार्किंग में पार्किंग ठेकेदार द्वारा उसे लागू नहीं किया गया है।

     

  • चाइल्ड अस्पताल कर्मियों ने सीखे आग बुझाने के गुर

    चाइल्ड अस्पताल कर्मियों ने सीखे आग बुझाने के गुर

    अस्पताल आग की दृष्टि से अति संवेदनशील: कमांडेंट  ऊनासुशील पंडित: ऊना मुख्यालय के  ब्लेसिंग चाइल्ड अस्पताल के कर्मियों ने आग बुझाने के गुर सीखे । अग्निशमन विभाग ऊना के केंद्र अग्निशमन अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि शनिवार को  फायर ब्रिगेड टीम ऊना  ने अस्पताल क्षेत्र में आग से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। बताया कि अस्पताल क्षेत्र आग की दृष्टि से अति संवेदनशील है । इसलिए आग लगने की स्थिति में सभी को अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग करना लाजमी आना चाहिए। । अगर किसी कारण आग लग जाती है। तो किस प्रकार आग पर नियंत्रण डालना है। ओर किस आग पर कौन से यंत्र का प्रयोग करना है। इसी जागरूकता अभियान में फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मॉक ड्रिल की ओर  स्टाफ को आग के बारे में अलर्ट किया व। अग्निशमन यंत्रों व सुरक्षा उपकरणों को चलाने का अभ्यास करवाया गया है। अशोक राणा ने बताया कि मॉक ड्रिल से स्टाफ को आग बुझाने के लिए कई ट्रिक सीखने को मिले है।जिनका सदुपयोग समय समय पर किया जा सकेगा। होमगार्ड्स कमांडेंट हितेश लखनपाल ने कहा कि जिला में आग व आपदा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान जारी है । अस्पताल आग की दृष्टि से अति संवेदनशील है । इसलिए सभी को अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग करना सिखाया गया है ।
     
  • औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में डिजिटल भविष्य और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जागरूकता सत्र आयोजित

    औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में डिजिटल भविष्य और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जागरूकता सत्र आयोजित

    ऊनासुशील पंडित: औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में आज(शनिवार) को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं डिजिटल भविष्य पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज, औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के एमएसएमई उद्यमियों, स्थानीय औद्योगिक संघ तथा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    यह जागरूकता सत्र सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सेल) द्वारा सरकार एवं उद्योग विभाग (राजीव गांधी सेवा केंद्र, ऊना) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं मध्यम उद्योगों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित तकनीकों से अवगत करवाना तथा यह बताना था कि डिजिटल परिवर्तन को सरल, व्यावहारिक एवं किफायती तरीके से किस प्रकार अपनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञान चंद ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योगों के आधुनिकीकरण के लिए सभी संबंधित विभाग एवं एजेंसियां योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन तथा हैंडहोल्डिंग के माध्यम से पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मेहतपुर की औद्योगिक इकाइयों को कागज़ आधारित एवं मैन्युअल प्रणालियों से आगे बढ़ते हुए डिजिटल और डेटा-आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी, जिससे वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और सुदृढ़ कर सकें।

    औद्योगिक संघ की सक्रिय भागीदारी
    स्थानीय औद्योगिक संघ के अध्यक्ष सी. एस. कपूर एवं अन्य पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए उद्योगों से आह्वान किया कि वे आगामी डिजिटलीकरण एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
    इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर के प्रशासनिक अधिकारी दीपक वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार के जागरूकता सत्रों, पायलट परियोजनाओं तथा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन हेतु पूर्ण स्थानीय सहयोग का आश्वासन दिया।

    तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक समाधान
    सेल के विशेषज्ञों ने उद्योगों को जानकारी दी कि ऑटोमेशन, प्वज् आधारित मॉनिटरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों को मेहतपुर की इकाइयों में दैनिक उत्पादन प्रक्रियाओं के साथ किस प्रकार जोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे तकनीकी हस्तक्षेपों से मशीनों के डाउनटाइम में कमी, रिजेक्शन एवं डिफेक्ट दर में गिरावट, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, रियल-टाइम डेटा के आधार पर तेज एवं सटीक निर्णय संभव हो सकते हैं।

    मेहतपुर की औद्योगिक इकाइयों ने इस पहल में गहरी रुचि व्यक्त करते हुए प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, डिजिटल इन्वेंट्री प्रबंधन तथा प्रोडक्शन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड जैसे क्षेत्रों में विशेष सहयोग की आवश्यकता जताई। कई उद्यमियों ने पायलट परियोजनाओं में भाग लेने की भी इच्छा व्यक्त की ताकि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के लाभों को पूरे औद्योगिक क्लस्टर में प्रदर्शित किया जा सके।

    सेल एवं सहयोगी विभागों द्वारा यह भी प्रस्तावित किया गया कि आगामी चरण में विस्तृत आकलन, इकाई-वार परामर्श तथा चरणबद्ध क्रियान्वयन योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे मेहतपुर औद्योगिक क्षेत्र ऊना जिले में इंडस्ट्री 4.0 आधारित विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभर सके।

  • वशिष्ट पब्लिक स्कूल में विश्व विख्यात‘बर्ड मैन ऑफ़ नेपाल’  गौतम प्रसाद  सपकोटा का प्रेरणादायक कार्यक्रम

    वशिष्ट पब्लिक स्कूल में विश्व विख्यात‘बर्ड मैन ऑफ़ नेपाल’ गौतम प्रसाद सपकोटा का प्रेरणादायक कार्यक्रम

    ऊना/सुशील पंडित: वशिष्ट पब्लिक स्कूल में प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व विख्यात ‘बर्ड मैन ऑफ़ नेपाल’ गौतम प्रसाद सपकोटा विद्यालय में उपस्थित हुए।

    गौतम प्रसाद सपकोटा अपनी अद्भुत प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं। वे  251 प्रकार के पक्षियों की आवाज़ों की हूबहू नकल कर सकते हैं, जिसके लिए उनका नाम ‘लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स’और ‘गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ‘ में भी दर्ज है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के सामने कबूतर, चिड़िया, मोर ,कोयल, बुलबुल, कौआ,  तोता, मैना सहित अनेक पक्षियों की सजीव आवाज़ें निकालकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।उनके द्वारा निकाली गई सजीव और हूबहू पक्षी-आवाज़ों को सुनकर अनेक पक्षी स्वयं आकर्षित होकर कार्यक्रम स्थल पर आ गए, जिससे वातावरण पूरी तरह प्राकृतिक और रोमांचक बन गया।

    कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाते हुए उन्होंने केवल पक्षियों तक ही सीमित न रहते हुए कुत्ता, चीता, साँप, चीता ,बिल्ली आदि जानवरों से बचाव के व्यावहारिक तरीके भी बताए। उन्होंने सरल और प्रभावशाली उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि जंगल या खुले क्षेत्रों में यदि कभी ऐसे जानवरों का सामना हो जाए तो घबराने के बजाय किस प्रकार समझदारी और सतर्कता से स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है।

    गौतम प्रसाद सपकोटा ने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, पक्षियों और वन्यजीवों की रक्षा करने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पक्षी प्रकृति के प्रहरी हैं और उनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक कार्यक्रम की सराहना की। विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कौशल ने  गौतम प्रसाद सपकोटा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल मनोरंजक रहा, बल्कि उन्होंने जीवन में प्रकृति प्रेम और सुरक्षा के महत्वपूर्ण पाठ को भी सीखा।

     

  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत जिला में किसानों की बनेगी किसान आईडी

    डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत जिला में किसानों की बनेगी किसान आईडी

    ऊनासुशील पंडित: कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने की दिशा में जिला ऊना में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (एग्रीस्टैक) को लागू किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत किसानों की सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुँचाने के लिए किसान रजिस्ट्री तैयार करने तथा डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा।

    उप निदेशक कृषि ऊना, कुलभूषण धीमान ने बताया कि किसान रजिस्ट्री के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत किसान की एक विशिष्ट (यूनिक) किसान आईडी बनाई जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान रजिस्ट्री का कार्य राज्य में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है। किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर/ लोक मित्र केंद्र पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं।

    धीमान ने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत जिले के प्रत्येक खसरा/प्लाट में बोई गई फसल का विवरण मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि फसल का डेटा सीधे खेत से और वास्तविक समय में लिया जा सके। वर्तमान में रबी मौसम के दौरान यह डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा।
    डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश agriwelfare.gov.in/sites/default/files/FINAL_GUIDELINES_DAM_23_9_24.pdf  लिंक पर उपलब्ध है।

  • महाविद्यालय ऊना के चुनावी साक्षरता क्लब ने मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

    महाविद्यालय ऊना के चुनावी साक्षरता क्लब ने मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

    ऊना /सुशील पंडित: गवर्नमेंट कॉलेज ऊना के चुनावी साक्षरता क्लब ने कॉलेज के विभिन्न विभागों के छात्रों के लिए मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कॉलेज का चुनावी साक्षरता क्लब कॉलेज के सभी छात्रों के लिए नियमित रूप से इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करता रहा है। नए मतदाताओं को नए मतदाता के रूप में पंजीकरण की आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र में चुनावों के महत्व के बारे में सभी को जागरूक करना था।

    छात्रों को लोकतंत्र में मतदान के महत्व के बारे में जानकारी देने के लिए कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। छात्रों ने पोस्टर बनाना, मतदान के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता जैसी सभी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। गवर्नमेंट कॉलेज, ऊना के राजनीति विज्ञान विभाग ने इस कार्यक्रम के आयोजन में कॉलेज के चुनावी साक्षरता क्लब को सक्रिय सहयोग दिया।

    प्रोफेसर विकास सैनी ने ‘मतदान क्यों करें?’ विषय पर एक अतिथि व्याख्यान भी दिया और प्रतिभागियों को प्रत्येक वोट के महत्व और लोकतंत्र में मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय रूप से शामिल हुए। डॉ. मदन नोडल अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन चुनाव अधिकारी के निर्देशों के अनुसार किया गया।

     

  • स्काउट लीडर डॉ. शाम सिंह बैंस ने मंडी में बेसिक टीचर ट्रेनिंग में प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं प्रदान कीं

    स्काउट लीडर डॉ. शाम सिंह बैंस ने मंडी में बेसिक टीचर ट्रेनिंग में प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं प्रदान कीं

    ऊना /सुशील पंडित: राजकीय उत्कृष्ठ महाविद्यालय ऊना की रोवर रेंजर इकाई के (हिमालयन वुड बैज) रोवर स्काउट लीडर डॉ. शाम सिंह बैंस ने भारत स्काउट एंड गाइड राज्य प्रशिक्षण केंद्र, रिवालसर (जिला मंडी) में आयोजित राज्य स्तरीय बेसिक टीचर ट्रेनिंग में प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

    प्रशिक्षण के दौरान डॉ. शाम सिंह बैंस ने प्रतिभागियों को स्काउटिंग का इतिहास, टीम प्रबंधन, हाइकिंग के दौरान बिना बर्तनों के भोजन तैयार करने जैसी महत्वपूर्ण एवं व्यवहारिक गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी दी। उनके अनुभवजन्य विचारों और प्रशिक्षण शैली से प्रतिभागी प्राध्यापक अत्यंत लाभान्वित हुए। इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में प्रदेश के लगभग 20 महाविद्यालयों से आए 30 प्राध्यापकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयों में रोवर-रेंजर गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा शिक्षकों को नेतृत्व एवं सेवा भावना से जोड़ना रहा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने डॉ. शाम सिंह बैंस को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उनकी सराहना की और इसे महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण बताया।

  • पटियाला फ्लाइंग क्लब में सीएम मान ने युवाओं को दी उड़ान भरने की प्रेरणा

    पटियाला फ्लाइंग क्लब में सीएम मान ने युवाओं को दी उड़ान भरने की प्रेरणा

    पटियाला: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को पटियाला फ्लाइंग क्लब में एयरक्राफ्ट इंजीनियरों और प्रशिक्षुओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में विमानन क्षेत्र को आम जनता के लिए सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पटियाला फ्लाइंग क्लब में 32 प्रशिक्षु पायलट और 72 छात्रों के साथ विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकांश पायलट पहली पीढ़ी के परिवारों से हैं जो विमानन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी संस्थानों में कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण की लागत 40–45 लाख रुपए होती है, जबकि पटियाला फ्लाइंग क्लब में लगभग 50% सब्सिडी के साथ फीस 22–25 लाख रुपए है। इस किफायती प्रशिक्षण से दुकानदार, शिक्षक, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए पायलट बनने का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने पटियाला एविएशन कॉम्प्लेक्स में 7 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले ‘एविएशन म्यूजियम’ की भी जानकारी दी, जिसमें मिग विमान, हेलीकॉप्टर, सिमुलेटर और विमानन विरासत प्रदर्शित की जाएगी।

    सीएम भगवंत सिंह मान ने सिविल एविएशन विभाग की नई वेबसाइट dca.punjab.gov.in लॉन्च की और कहा कि पटियाला स्टेट एविएशन काउंसिल का उद्देश्य हर बच्चे को आकाश में उड़ान भरने का अवसर देना है। उन्होंने पटियाला फ्लाइंग क्लब की स्थापना 1965 और इसके 253 एकड़ में फैले परिसर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्लब वर्तमान में सात प्रशिक्षण विमान संचालित करता है और यह देश में सातवें स्थान पर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पटियाला एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) कॉलेज में किफायती तकनीकी शिक्षा प्रदान करती है। 3 वर्षीय बीएससी (ऑनर्स) + 3 वर्षीय DGCA-मान्यता प्राप्त AME कार्यक्रम की कुल फीस केवल 3 लाख रुपए है, जिसमें 33% सीटें SC और BC छात्रों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इस संस्थान से प्रशिक्षित 4,000 से अधिक पेशेवर प्रमुख एयरलाइंस, चार्टर कंपनियों और फ्लाइंग क्लबों में कार्यरत हैं, जिनकी शुरुआती तनख्वाह प्रति माह लगभग 1.5 लाख रुपए है।

    सीएम भगवंत सिंह मान ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उनका ध्यान सिर्फ नौकरी पाने पर नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने पर होना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेहनत और लगन के साथ अपने करियर में ऊंचाइयों तक पहुंचने और समाज में अपनी छाप छोड़ने की अपील की।