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  • राइट टू सर्विस कमीशन का कड़ा रुख, HUDA की लापरवाही पर मुआवजा तय

    राइट टू सर्विस कमीशन का कड़ा रुख, HUDA की लापरवाही पर मुआवजा तय

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने फरीदाबाद स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक भूखंड से संबंधित मामले में सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करने के उपरांत कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने पाया कि दिनांक 08.10.2025 के अंतरिम आदेशों में स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद आवंटन पत्र की शर्तों के अनुसार 5.5 प्रतिशत की दर से विलंबित कब्जा ब्याज का भुगतान अब तक नहीं किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अनुचित है।

    आयोग ने स्पष्ट किया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सक्षम अधिकारियों द्वारा कोई संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि एस्टेट अधिकारी द्वारा समय रहते अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई थी। आदेशों की प्रतिलिपि फील्ड कार्यालय एवं मुख्यालय—दोनों को भेजी जा चुकी थी, इसके बावजूद अनुपालन न होना अधिकारियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अधिकारियों को प्रशासनिक मार्गदर्शन देने का मंच नहीं है और भविष्य में अपेक्षा की जाती है कि अधिकारी यथोचित सावधानी रखेंगे ।

    आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान दिए गए आश्वासन के आधार पर आयोग ने निर्देश दिए हैं कि एस्टेट अधिकारी द्वारा मांगी गई धनराशि शीघ्र स्थानांतरित की जाए तथा 19.12.2025 तक विलंबित कब्जा ब्याज की राशि संबंधित आवंटी के खाते में जमा कराई जाए। किसी भी प्रकार की आगे की देरी होने पर आयोग संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।

    इसके अतिरिक्त, आयोग ने वर्ष 2022 में सेक्टर 76 एवं 77, फरीदाबाद में विकास कार्य पूर्ण हुए बिना ई-नीलामी किए जाने के मामले पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने इस निर्णय की जिम्मेदारी तत्कालीन मुख्य प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर निर्धारित करते हुए कहा कि इस “अनुमान आधारित निर्णय” के कारण न केवल वर्तमान आवंटी बल्कि अनेक अन्य आवंटियों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी। यह विषय उचित कार्रवाई हेतु हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के संज्ञान में भी लाया गया है।

    हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अपने स्तर पर विलंबित कब्जा ब्याज देने की कोई सक्रिय एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है और अधिकांश मामलों में आवंटियों को राहत केवल आयोग के हस्तक्षेप के बाद ही मिल पाती है, जो अत्यंत चिंताजनक है।

    आवंटी को हुई मानसिक पीड़ा एवं उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के अंतर्गत अधिकतम 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करने के आदेश दिए हैं। प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि यह राशि पहले अपने स्तर पर भुगतान की जाए तथा बाद में दोषी अधिकारियों से वसूली की कार्रवाई की जाए।

    आयोग ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने एवं निर्धारित तिथियों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

  • T20 World Cup को लेकर टीम इंडिया का हुआ ऐलान, गिल बाहर, ईशान- सैमसन सहित इन्हें मिला मौका

    T20 World Cup को लेकर टीम इंडिया का हुआ ऐलान, गिल बाहर, ईशान- सैमसन सहित इन्हें मिला मौका

    नई दिल्लीः टी20 विश्‍व कप 2026 में भारत और श्रीलंका टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। भारतीय टीम को लेकर चयनकर्ताओं ने टी20 विश्‍व कप 2026 के लिए आज 15 सदस्‍यीय भारतीय टीम का एलान कर दिया है। दरअसल, 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्‍वकप में 20 टीमों के बीच टक्‍कर देखने को मिलेगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। ऐसे में भारतीय चयनकर्ताओं ने आज टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम में शुभमन गिल को मौका नहीं मिला है। गिल की जगह अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया है. टीम में ईशान किशन और रिंकू सिह को भी मौका मिला है।

    टी-20 वर्ल्ड कप की टीम में अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे स्टार खिलाड़ियों को मौका मिला है। टी20 वर्ल्ड कप की टीम में सबसे बड़ी बात यह है कि शुभमन गिल को न सिर्फ उप-कप्तान के पद से हटाया गया है, बल्कि उन्हें पूरी तरह से टीम से बाहर कर दिया गया है। विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा को भी टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह शानदार फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को शामिल किया गया है। सूर्यकुमार यादव टीम की कप्तानी करेंगे। रिंकू सिंह और वाशिंगटन सुंदर को भी टीम में शामिल किया गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 और न्यूजीलैंड T20I के लिए भारत की टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (वीसी), जसप्रित बुमरा, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, इशान किशन, रिंकू सिंह।

  • स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा होने के कारण होती है Anxiety, जानें इसे दूर करने के तरीके

    स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा होने के कारण होती है Anxiety, जानें इसे दूर करने के तरीके

    सेहत: कुछ लोग किसी भी काम को करने से पहले चिंता में आ जाते हैं। उनका दिमाग परेशान होने लगता है। इस समस्या को अंग्रेजी में एंग्जाइटी कहते हैं। नया काम शुरु होने से पहले यह काफी आम है हालांकि एंग्जाइटी यदि ज्यादा हो तो शरीर को नुकसान भी हो सकता है। ज्यादा तनाव लेने के कारण सिर्फ मेंटल हेल्थ ही नहीं बल्कि शरीर पर भी बहुत असर होता है।

    स्ट्रेस हार्मोन होता है ज्यादा

    एंग्जायटी के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का लेवल ज्यादा हो जाता है। इसके कारण नींद कम आना, खाना देर से पचना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा डॉक्टर्स की मानें तो इस बारे में लोग किसी से बात भी नहीं करते। उनका मानना है कि लोग उन्हें जज करेंगे। यदि वह खुल कर इस बारे में लोगों या डॉक्टर से बात नहीं तो उनकी आम जिंदगी पर काफी ज्यादा असर होगा। उन्हें गलत ख्याल आने लगेंगे। शरीर एंग्जाइटी के कारण हमेशा एक्टिव रहता है जिसके कारण उसकी शरीर की सारी एनर्जी उसमें चली जाती है।

    ऐसे दूर करें एंग्जायटी

    . अपने सांसों और बैठने-उठने के तरीके और पोश्चर पर ध्यान दें। . मन में पॉजिटिव विचार लेकर आएं। खुद से अच्छी-अच्छी बात करें। . इसके अलावा उन दोस्तों के साथ बात करें जिनके साथ आपको अच्छा महसूस हो। बिना किसी हिचकिचाहट के साथ अपनी बातों को शेयर करें। . इसके अलावा योगा करें। रोज सुबह बाहर टहलने के लिए जाएं। . आराम और मन को शांति देने वाले गानें सुनें। शरीर को महसूस करवाएं कि आप किसी भी परेशानी में नहीं है। . जब आपको कुछ अजीब महसूस हो तो आराम करें और लंबी-लंबी सांस लें। . बीच-बीच में अपने शरीर को आराम दें नहीं तो आपकी पूरी एनर्जी लो हो सकती है। . अगर आपको यह लगता है कि एंग्जाइटी के कारण आपकी रोज की रुटीन पर असर हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें।    
  • फैक्ट्री में टैस्टिंग दौरान फटी पानी की टंकी, 6 मजदूरों की मौत, 9 घायल

    फैक्ट्री में टैस्टिंग दौरान फटी पानी की टंकी, 6 मजदूरों की मौत, 9 घायल

    नागपुरः फैक्ट्री में पानी की टंकी फटने से बिहार के 6 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में 9 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा सुबह करीब 9.30 बजे ‘अवादा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड’ के सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री में हुआ। घटना नागपुर-चंद्रपुर राजमार्ग के पास स्थित बुटीबोरी महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की है।

    जानकारी अनुसार, मजदूर पानी की टंकी के पास कंस्ट्रक्शन का काम कर रहे थे। टेस्टिंग के दौरान पानी के हाई प्रेशर के चलते टंकी फट गई। टंकी फटते ही उसका ढांचा पानी के साथ ढह गया। मृतक मजदूरों की पहचान पश्चिम चंपारण के अरविंद ठाकुर (26) और बुलेट इंद्रजीत शाह (19), पहाड़पुर के अशोक पटेल (42), मुजफ्फरपुर के अजय पासवान (26), सुधांशु कुमार साहनी (36), शमीम अंसारी (42) के रूप में हुई है। मरने वालों में दो मुजफ्फरपुर, दो बेतिया के रहने वाले थे। सभी घायल भी बिहार के निवासी हैं।

    मृतकों में 2 मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। उनकी पहचान करजा इलाके के गबसरा निवासी नागेश्वर सहनी के बेटे सुधांशु कुमार(23) और राजेश्वर पासवान के बेटे अजय कुमार(25) के तौर पर हुई है। इसी गांव के बुल्ला सहनी के बेटे प्रकाश कुमार(28) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टंकी गिरने के बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसमें दबकर सुधांशु और अजय की मौत हो गई। जबकि प्रकाश के पैर फ्रैक्चर हो गए और सीने में चोट लगी है।

    हादसे के बाद टंकी के निर्माण में इस्तेमाल की गई धातु की क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने प्राथमिक जांच में तकनीकी खामी या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि टंकी का स्ट्रक्चर कमजोर होने और पानी के प्रेशर की वजह से हादसा हुआ।

    उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, हादसे में घायल मजदूरों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी और उनके इलाज का पूरा खर्च कंपनी वहन करेगी। हादसे की जानकारी अरविंद व बुलेट के साथ काम करने गए संजीवन ने फोन करके दिया।

  • Punjab News: अधिकारियों से मीटिंग के बाद रेल रोको आंदोलन को लेकर किसान मजदूर मोर्चा ने किया ऐलान, देखें वीडियो

    Punjab News: अधिकारियों से मीटिंग के बाद रेल रोको आंदोलन को लेकर किसान मजदूर मोर्चा ने किया ऐलान, देखें वीडियो

    मोहालीः किसानों ने पंजाब में 20 दिसंबर को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया था। जिसको लेकर चंडीगढ़ के पंजाब भवन में अफसरों और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं के बीच देर रात तक चली बैठक के बाद 20 दिसंबर को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि कई मुद्दों पर सहमति बन गई है। सरकार ने बिजली संशोधन विधेयक लागू न करने और स्मार्ट बिजली मीटर न लगाने का भरोसा दिया, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन सिर्फ स्थगित हुआ है, वापस नहीं।

    लंबित मांगों पर 22 दिसंबर को किसानों और सरकार के बीच एक और बैठक होगी। किसान मजदूर मोर्चा अब शनिवार को एक विशेष बैठक कर सरकार से हुई बातचीत पर चर्चा करेगा। शुक्रवार देर रात्रि 10:30 बजे तक चली बैठक में पंजाब सरकार के अफसरों ने किसानों की उन मांगों पर सहमति जताई है जो पंजाब सरकार से संबंधित थीं। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के आह्वान पर और दशमेश किसान मजदूर यूनियन के समर्थन से आयोजित यह विरोध प्रदर्शन पंजाब भर में 18 और 19 दिसंबर को जिला आयुक्त कार्यालयों के बाहर चल रहे दो दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन का हिस्सा था।

    प्रदर्शन के दौरान, किसानों ने राज्य सरकार द्वारा किसान समुदाय से किए गए वादों को पूरा न करने और 5 दिसंबर को रेल रोको आंदोलन से कुछ घंटे पहले यूनियन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित अंकुश लगाने के खिलाफ भी विरोध जताया। सभा को संबोधित करते हुए, यूनियन नेताओं ने कहा कि कृषि के लिए सस्ती और विश्वसनीय बिजली अत्यंत महत्वपूर्ण है और चेतावनी दी कि बिजली की दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि से खेती की लागत और बढ़ जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसान और भी अधिक वित्तीय संकट में फंस जाएंगे।

     

     

     

  • आंखों में छिपे ये लक्षण बताएंगे इन बीमारियों के संकेत

    आंखों में छिपे ये लक्षण बताएंगे इन बीमारियों के संकेत

    हेल्थः डायबिटीज-हाई कोलेस्ट्रॉल उन बीमारियों में से हैं जो किसी भी उम्र में हो सकती हैं। अक्सर लोगों को इन बीमारियों के लक्षण जब तक नजर नहीं आते वो लोग उनकी जांच नहीं कराते या फिर ये नहीं मानते कि उन्हें ऐसी कोई समस्या है। अक्सर सभी आंखों की समस्याओं को सिर्फ नजर से जोड़कर देखते हैं जैसे धुंधला दिखना, सिरदर्द या देर तक स्क्रीन देखने से जलन, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि आंखें आपके सेहत में आ रही गड़बड़ियों को भी काफी आराम से बता सकते हैं। कई बार डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां शुरुआत में कोई बड़ा लक्षण नहीं देतीं लेकिन उनके पहले संकेत आंखों और आंखों के आसपास दिखने लगते हैं।

    यदि आपकी आंखों की पलकों पर और उनके अंदरूनी कोनों के पास पीले या हल्के सफेद धब्बे दिखने लगें तो उन्हें जैंथेलाज्मा कहा जाता है और ये अक्सर खून में बढ़े कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं। कई बार आंख की रंगीन पुतली के चारों ओर सफेद या ग्रे रंग की रिंग दिखाई देने लगती है। इसे कॉर्नियल आर्कस कहा जाता है। बुजुर्गों में यह उम्र से जुड़ा सामान्य बदलाव हो सकता है लेकिन 40 साल से कम उम्र में इसका दिखना हाई कोलेस्ट्रॉल का रेड फ्लैग माना जाता है। यह रिंग आंख की कॉर्निया में फैट जमा होने से बनती है और आमतौर पर नजर पर असर नहीं डालती।

    अगर आपकी नजर कभी साफ और कभी अचानक धुंधली हो जाती है तो इसे सिर्फ थकान या मोबाइल स्क्रीन का असर मान लेना सही नहीं। ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव का असर सीधे आंखों के लेंस पर पड़ता है जिससे फोकस बदल जाता है और नजर धुंधली हो सकती है।

    आंखों में लगातार लालिमा, तैरते हुए काले धब्बे (फ्लोटर्स), रोशनी की चमक या अचानक नजर कम होना जैसे लक्षण कभी भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए। डायबिटीज के मरीजों में यह डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत हो सकता है। वहीं हाई ब्लड शुगर आंखों की बारीक नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है।

  • Punjab News: टिप्पर से टक्कर के बाद पलटी गन्ने से भरी ट्रॉली

    Punjab News: टिप्पर से टक्कर के बाद पलटी गन्ने से भरी ट्रॉली

    गुरदासपुर: पंजाब में घनी धुंध पड़ने के कारण लोगों को आने‑जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी के साथ कोहरे के कारण सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। वहीं ताजा मामला दीनानगर के बाईपास रावी पैलेस के सामने टिप्पर और ट्राली की टक्कर का सामने आया है। जहां टिप्पर चालक द्वारा गन्ने से भरी ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस हादसे में गन्ने से भरी ट्रॉली पलट गई।

    गनीमत यह रही कि घटना में चालक बाल‑बाल बच गया। दुर्घटना में ट्रैक्टर को भारी नुकसान हुआ है। इस संबंध में बातचीत करते हुए ट्रैक्टर चालक मोनू निवासी बडाला ने बताया कि वह गन्ना लेकर पनियाड़ मिल जा रहा था। जब वह बाईपास पर पहुंचा तो पीछे से आ रहे क्रशर से भरे ट्रक ने अचानक साइड मार दी, जिससे ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर सड़क से नीचे गहरी जगह पर गिर गया।

    उसने खुद ट्रैक्टर से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, लेकिन ट्रैक्टर को काफी नुकसान पहुंचा है। गन्ने से लदी ट्रॉली में से सारा गन्ना भी सड़क पर बिखर गया। वहीं टक्कर मारने के बाद टिप्पर चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई।

  • प्रवासी मजदूर को बांग्लादेशी समझकर लात-घूसों से बुरी तरह पीटा, मौत, देखें वीडियो

    प्रवासी मजदूर को बांग्लादेशी समझकर लात-घूसों से बुरी तरह पीटा, मौत, देखें वीडियो

    सक्तीः एक प्रवासी मजदूर को केरल में बांग्लादेशी समझकर बुरी तरह पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। जिले के करही गांव के रहने वाले रामनारायण बघेल (31) लगभग एक हफ्ते पहले मजदूरी के लिए केरल के पल्लकड़ जिले गए थे और काम की तलाश कर रहे थे। इस दौरान ये घटना हो गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को काबू कर लिया है। मामले की आगामी जांच जारी है।

    केरल पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान आधार कार्ड से कर सक्ती पुलिस को सूचना दी कि 17 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। ऐसा कहा जा रहा है कि, पल्लकड़ के रहने वाले स्थानीय लोगों ने उन्हें बांग्लादेशी समझकर हाथ मुक्के से पीटा। इसकी वीडियो भी सामने आया है। स्थानीय लोगों ने 17 दिसंबर की दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रामनारायण को घेर लिया था। उस पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाकर मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिटाई के कारण रामनारायण की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    केरल पुलिस के मुताबिक, मजदूर के शरीर पर चोट के बहुत ज्यादा निशान थे। दर्द से उसकी मौत हुई है। मारपीट में मजदूर की छाती से खून भी बह रहा था। शरीर में कई घाव बन गए थे। वालैयार थाने में मामला दर्ज किया गया। मृतक के परिजनों ने केरल सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक मुआवजे की घोषणा न होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकार से तत्काल मुआवजा देने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और रामनारायण के शव को उसके पैतृक गांव तक पहुंचाने की मांग की है।

    पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा पुलिस करेगी।

  • Donald Trump ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका में सस्ती होगी दवाईयां, कंपनियों को दिया आदेश

    Donald Trump ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका में सस्ती होगी दवाईयां, कंपनियों को दिया आदेश

    नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने दवाईयों की कीमतें कम करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिकी मरीजों को दवाईयों के लिए दुनिया में कहीं भी ले जाने वाली सबसे कम कीमत से ज्यादा पैसे नहीं चुकानें पड़ेंगे। इसका ऐलान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया है। उन्होंने करहा कि अमेरिका में अब सबसे पसंदीदा देश मूल्य प्रणाली लागू की जाएगी। इसका अर्थ है कि अमेरिका में दवाईयां सबसे कम कीमत पर मिलेगी। दुनिया में किसी भी देश में इतनी कम कीमत पर दवाईयां नहीं बेची जाती। उन्होंने बताया कि अब तक अमेरिकी लोगों को दूसरे देशों की तुलना में बहुत ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती थी परंतु अब ऐसा नहीं होगा।

    कंपनियों को मानने होंगे नियम

    ट्रंप ने यह साफ कह दिया है कि अमेरिकी दवाइयों के लिए अब मोटी रकम नहीं देनी पड़ेगी। कई दशकों से अमेरिकी लोग दुनिया में सबसे महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हम मोस्ट फेवर्ड नेशंस प्राइसिंग लागू कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि दुनिया के किसी भी देश में दवा की जो सबसे कम कीमत होगी वही कीमत अब अमेरिका में लागू होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनियों ने नियम नहीं मानें तो उन पर आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, अगले साल से दवाईयों की कीमतें तेजी से गिरनी शुरु होगी।

    भारतीय फार्मा सेक्टर को होगा नुकसान

    भारत को दुनिया की फार्मेसी कहते हैं। भारतीय कंपनियां अमेरिका को बड़े पैमाने पर सस्ती जेनेरिक दवाएं निर्यात करती है। ट्रंप के इस फैसले से अब भारत को दोनों और से नुकसान हो सकता है। क्योंकि भारत में दवाईयों की कीमतें दुनिया में सबसे कम है। यदि अमेरिका इन कीमतों को अपना बेंचमार्क बनाएगा तो वहां की कंपनियों का मुनाफा कम होगा। इसका सीधा असर भारतीय सप्लाई चेन पर पड़ेगा। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि वे अन्य देशों की कीमतें कम करने के लिए मजबूर करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल करेंगे। बिना टैरिफ के हम यह लक्ष्य कभी हासिल नहीं कर पाते।  
  • Jalandhar News: बच्चों से भीख मंगवाने को लेकर लीगल टीम का एक्शन, हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    Jalandhar News: बच्चों से भीख मंगवाने को लेकर लीगल टीम का एक्शन, हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: बस स्टैंड पर उस समय भारी हंगामा हो गया, जहां लीगल परमिशन अफसर द्वारा द्वारा बच्चों से मंगवाने को लेकर कार्रवाई की गई। इस दौरान महिलाओं ने रो-रो कर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारी ने बताया कि बच्चों का मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा है और उसके बाद बच्चों को सीडब्लयूसी में ले जाया जाएंगा, जहां मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बच्चों को पुलिस के साथ मौजूद अधिकारियों द्वारा ले जाने के लेकर माता-पिता द्वारा हंगामा किया जाने लगा।

    जिला प्रोग्राम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने बताया कि बाल भीख मांगने के मामले में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘जीवनज्योत प्रोजेक्ट’ के तहत जिले की विभिन्न जगहों पर चैकिंग की जा रही है। मनजिंदर सिंह ने कहा कि उनके और जिला बाल सुरक्षा अधिकारी अजय भारती के नेतृत्व वाली टीमों द्वारा जहां बस स्टैंड समेत विभिन्न चौकों में छापेमारी की गई, वहीं जिले के विभिन्न ब्लॉकों में बाल विकास प्रोजेक्ट अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों द्वारा चेकिंग की गई।

    उन्होंने बताया कि इस मुहिम दौरान 10 बच्चे बेगरी एक्ट के तहत रेस्क्यू किए गए है, जिनमें 6 लड़कियां और 4 लड़के शामिल है। उन्होंने बताया कि छुड़ाए गए बच्चों की उम्र 6-14 साल के बीच है, जिनका सिविल अस्पताल से मैडिकल करवाया गया। मैडिकल के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति, जालंधर के पास पेश किया गया। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षा को रोकने के लिए पंजाब सरकार की हिदायतों की पालन में यह रेस्क्यू रेड लगातार जारी रहेंगी ताकि जालंधर को भिक्षा मुक्त किया जा सके।

    इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि बच्चों को कार में बिठाकर अधिकारियोंं द्वारा ले जाया जा रहा है। इस दौरान अधिकारियों का कहना हैकि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह कदम उठाए जा रहे है, जबकि बच्चों के माता-पिता द्वारा उनसे भीख मंगवाकर उनका बचपन खराब किया जा रहा है। मामले की जानकारी देते हुए मेसर ने बताया कि वह यूपी की रहने वाली है और यहां घास मंडी में रहती है। महिला ने कहा कि उसे पति का फोन आया और वह उससे बात कर रही थी।

    इस दौरान उसकी 2 बेटियों को पकड़कर अनाथ आश्रम ले गए। जिसमें एक लड़की 10 साल की है और दूसरी 12 साल की है। महिला का कहना है कि वह बच्चों से भीख नहीं मंगवा रही थी, लेकिन उसके बच्चों को नाजायज अनाथ आश्रम में ले जाया गया। वहीं दूसरी महिला ललती ने कहा कि वह मध्य प्रदेश की रहने वाली है और नींबू लगाने आई थी। महिला ने कहा कि वह उसकी दादी की मौत हो गई और कल वह घर वापिस जाने वाली है। यहां पर वह बूटा मंडी में रही है। बच्चों से भीख मांगे जाने के मामले में कहा कि वह बच्चों से नींबू बिकवा रही थी और आज ही बेटे को लेकर आई थी।