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  • Punjab News : ‘जिसका खेत उसकी रेत’ स्कीम की आड़ में हो रही अवैध माइनिंग, विभाग ने मारा छापा, देखें वीडियो

    Punjab News : ‘जिसका खेत उसकी रेत’ स्कीम की आड़ में हो रही अवैध माइनिंग, विभाग ने मारा छापा, देखें वीडियो

    पठानकोट। ‘जिसका खेत उसकी रेत’ स्कीम के आड़ में अवैध माइनिंग का मामला सामने आया है। जहां, स्कीम के आड़ में पठानकोट के रावी दरिया के साथ लगते सहारनपुर इलाके में अवैध माइनिंग हो रही। मामले संबंधी जानकारी मिलने पर पुलिस ने चार पोकलेन मशीन और एक जेसीबी मशीन कब्जे लिया है। बताया जा रहा है कि अवैध माइनिंग करने वाले मौके से हुए फरार हो गये। पुलिस ने मशीनों को कब्जे में लेकर कारवाई शुरू कर दी है।

    जहां एक तरफ ‘जिसका खेत उसकी रेत’ स्कीम के तहत खेतों से सिर्फ रेत निकाली जा रही है ताकि किसान अपनी जमीनों को उपजाऊ बना सकें वहीं जिले के रावी दरिया के साथ लगता इलाका सहारनपुर जहां पर रात के अंधेरे में जेसीबी वह पोकलेन जैसी बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ नाजायज माइनिंग को अंजाम दिया जा रहा है और सहारा इस जिसका खेत उसकी रेत का लिया जा रहा है। जमीनी हकिकित कुछ और ही है इस बात का खुलासा बीती रात उस समय हुआ जब थाना तारागढ़ पुलिस की ओर से माइनिंग विभाग के सहयोग के साथ जब सहारनपुर इलाके में छापा मारा गया तो वहां पर खेत रेत की आड़ में नाजायज माइनिंग की जा रही थी और पुलिस ने चार पोकलेन मशीन व एक जेसीबी कब्जे में लिया है। इस बात का खुलासा थाना तारागढ़ के प्रभारी अंग्रेज सिंह ने किया।

    थाना प्रभारी ने कहा कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि सहारनपुर इलाके में नाजायज माइनिंग की जा रही है जब माइनिंग विभाग के सहयोग के साथ छापेमारी की गई तो वहां पर जिसकी खेत उसकी रेत के आड़ में माइनिंग माफिया की ओर से नजायज माइनिंग की जा रही थी जिसके चलते चार पोकलेन मशीन वह एक जेसीबी काबू की है। फिलहाल वहां पर माइनिंग कर रहे लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • Punjab News : मामूली झगड़े को लेकर एक्टिवा सवार युवकों ने चलाई गोलियां, देखें वीडियो

    Punjab News : मामूली झगड़े को लेकर एक्टिवा सवार युवकों ने चलाई गोलियां, देखें वीडियो

    अमृतसर। शहर में आए दिन गोलियां चलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच लोहगढ़ गेट इलाके में आज एक घर के बाहर खुलेआम फायरिंग करने का मामला सामने आया है। घटना शाम करीब 4 बजे की है, जब दो युवक एक्टिवा पर सवार होकर गली में पहुंचे और एक घर के बाहर खड़े 18 साल के लड़के को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। घर में मौजूद परिवार की महिलाओं ने भी इस बात की पुष्टि की है कि घटना CCTV में रिकॉर्ड हो गई है। लड़के के परिवार वालों ने विरोध करते हुए कहा, “हमारा लड़का घर के बाहर खड़ा था। अगर गोली मेरे बच्चे को लग जाती, तो कौन जिम्मेदार होता?” कोई दुश्मनी नहीं थी… बस यह कहते हुए कि तुमने मुझे क्यों देखा, लड़कों ने गोली चला दी। उन्होंने कहा कि गोली घर का दरवाज़ा बंद कर रही दादी के पास से गुज़र गई और उनका भाई बाल-बाल बच गया। परिवार का कहना है कि संदिग्ध युवक पहले मंदिर के पास रुके, फिर एक एक्टिवा पर उनके घर के दरवाज़े पर आए। घर के अंदर से एक लड़का बंदूक लेकर आया और बिना किसी बड़ी लड़ाई के तीन गोलियां चलाईं और भाग गए। परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है, साथ ही कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। उसी गली में रहने वाली बलविंदर कौर ने भी कहा कि घटना के दौरान उनका 18 साल का बेटा भी बाहर था। उन्होंने कहा, मेरा बच्चा रिक्शा चलाता है… वह कल किसी की गोली का निशाना भी बन सकता है। हमें न्याय चाहिए। घटना के बारे में ACP सेंटर जसपाल सिंह ने मीडिया को बताया, हमें एक खोखा मिला है, लेकिन लोगों ने तीन-चार गोलियां चलने की बात कही है। हम CCTV की मदद से संदिग्धों की पहचान कर रहे हैं। अभी पुरानी दुश्मनी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हथियार बरामद होने के बाद ही पता चलेगा कि बंदूक लाइसेंसी थी या गैर-कानूनी। पुलिस मामले की तेज़ी से जांच कर रही है और परिवार को सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
  • एक ही छत के नीचे 173 सेवाओं के साथ निवेशकों को मिलेगा पूरा सहारा, CM मान की बड़ी योजना

    एक ही छत के नीचे 173 सेवाओं के साथ निवेशकों को मिलेगा पूरा सहारा, CM मान की बड़ी योजना

    चंडीगढ़: पंजाब ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सशक्त नेतृत्व में फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल के फेज-2 का शुभारंभ कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब निवेशकों को एक छत के नीचे पूरे 173 सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी, जो पंजाब को देश का सबसे निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि 15 प्रमुख विभागों की ये 173 जी2बी (Government-to-Business) सेवाएं अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। एक छत के नीचे इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देने वाला पंजाब शायद देश का पहला राज्य बन गया है, जो निवेशकों के लिए स्वर्ग समान सुविधा प्रदान कर रहा है।

    पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट (RTBA) के तहत किए गए क्रांतिकारी सुधारों ने भूमि आबंटन, निर्माण अनुमति, पर्यावरण मंजूरी और PSIEC औद्योगिक पार्कों से जुड़ी दस बड़ी मंजूरियों को भी फास्ट-ट्रैक में शामिल कर लिया है। ये सभी सेवाएं अब इसी एक छत के नीचे, पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हैं।

    सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि स्वीकृत औद्योगिक पार्कों में आने वाली पात्र परियोजनाओं को मात्र 5 कार्यदिवसों में सैद्धांतिक मंजूरी मिल जाएगी। दुनिया के सबसे तेज़ औद्योगिक क्षेत्र भी इस गति का मुकाबला नहीं कर सकते। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया कि नौकरशाही को निवेशकों का सबसे बड़ा सहयोगी बनाया जा सकता है।

    गैर-RTBA मामलों में भी अब अधिकतम 45 कार्यदिवसों में सभी मंजूरियां अनिवार्य रूप से पूरी हो जाएंगी। पहले जहाँ सालों लग जाते थे, वहीं अब कानूनी समय-सीमा के साथ एक छत के नीचे 173 सेवाओं का पूरा लाभ मिलेगा। यह विश्वास निवेशकों में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

    यह सुधार केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे-मध्यम उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए भी वरदान साबित होगा। लाखों नए रोज़गार सृजित होंगे और पंजाब फिर से देश का औद्योगिक पावरहाउस बनेगा। भगवंत मान का सपना साकार हो रहा है।

    एक छत के नीचे 173 सेवाएं उपलब्ध कराकर भगवंत मान सरकार ने पंजाब के सुनहरे भविष्य की नींव रख दी है। यह सिर्फ एक पोर्टल नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्धि और खुशहाली का नया द्वार है। जय पंजाब! जय भगवंत मान सरकार!

  • पंजाब में निवेश के नए अवसर, CM मान जापान में 25 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात

    पंजाब में निवेश के नए अवसर, CM मान जापान में 25 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान एक दिसंबर से जापान की 10 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे, जो राज्य सरकार की आर्थिक विकास योजना में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरे की खास बात यह है कि मान सरकार ने पारंपरिक निवेश सम्मेलनों के बजाय सीधे विदेशी धरती पर जाकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के उद्योगपतियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अनूठा तरीका अपनाया है। यह रणनीति दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार पारंपरिक तरीकों से हटकर सक्रिय और प्रत्यक्ष दृष्टिकोण अपना रही है।

    जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मान टोक्यो और साप्पोरो शहरों का दौरा करेंगे, जहां उनकी 25 बड़ी जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकातें निर्धारित की गई हैं। उद्योग मंत्री और मुख्य सचिव भी इस महत्वपूर्ण यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ होंगे, जो इस मिशन की गंभीरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जापानी कंपनियां अपनी उन्नत तकनीक, अनुशासित कार्य संस्कृति और दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। यदि पंजाब इन कंपनियों को आकर्षित करने में सफल होता है, तो यह राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। जापान की ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और उन्नत विनिर्माण कंपनियां पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकती हैं।

    पंजाब सरकार की इस पहल को आर्थिक विशेषज्ञ सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के अनुसार, “भगवंत मान सरकार ने यह समझा है कि वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए घर बैठे इंतजार करने के बजाय उनके दरवाजे पर दस्तक देनी होगी। यह दौरा दिखाता है कि पंजाब सरकार गंभीरता से अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।” पिछले कुछ वर्षों में पंजाब ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक विविधीकरण की ओर बढ़ने का प्रयास किया है, और यह जापान दौरा उसी दिशा में एक सुनियोजित कदम प्रतीत होता है।

    इस यात्रा की तैयारियां काफी समय से चल रही थीं। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने जापानी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिनमें भूमि आवंटन में सुविधा, कर छूट, और एकल खिड़की प्रणाली जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यमंत्री के साथ एक विशेषज्ञ टीम भी जाएगी जो जापानी उद्योगपतियों को पंजाब की भौगोलिक स्थिति, बुनियादी ढांचे, और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी। पंजाब का दिल्ली के निकट होना और राष्ट्रीय राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती है।

    भगवंत मान सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं जो निवेशकों को सकारात्मक संकेत देते हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश, प्रशासनिक पारदर्शिता, और व्यापार करने में आसानी की दिशा में उठाए गए कदमों ने पंजाब की छवि में सुधार किया है। अब यह जापान दौरा उन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बड़े निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी तकनीकी साझेदारियां स्थापित करना है जो पंजाब के युवाओं को नए कौशल सीखने और वैश्विक मानकों पर काम करने का मौका दें।

    सोशल मीडिया पर इस खबर की चर्चा तेजी से हो रही है। पंजाब के युवा इस पहल का स्वागत कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि यह दौरा रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। एक स्थानीय उद्यमी ने कहा, “हमें ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत थी जो सिर्फ घोषणाएं न करें बल्कि खुद जाकर निवेशकों से मिलें और पंजाब को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करें। यह दौरा उसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।” कई व्यापारिक संगठनों ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की है और आशा व्यक्त की है कि यह यात्रा सफल हो।

    जापान के साथ पंजाब के संबंध नए नहीं हैं, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर इतना लंबा और केंद्रित दौरा पहली बार हो रहा है। जापानी संस्कृति अनुशासन, गुणवत्ता, और नवाचार के लिए विश्वविख्यात है, और यदि यह संस्कृति पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो यह राज्य की कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती है। साप्पोरो शहर, जो अपनी तकनीकी उन्नति और नवाचार केंद्रों के लिए जाना जाता है, में मुख्यमंत्री की मुलाकातें विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि वहां कई स्टार्टअप और मध्यम आकार की कंपनियां हैं जो विदेशों में विस्तार की योजना बना रही हैं।

    यह दौरा पंजाब सरकार की उस व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें राज्य को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना शामिल है। हाल के महीनों में मान सरकार ने कई औद्योगिक पार्कों की घोषणा की है और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बड़े बजट आवंटित किए हैं। जापानी निवेश इन योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पंजाब जापानी कंपनियों को आकर्षित करने में सफल होता है, तो यह अन्य विकसित देशों के निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत होगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह जापान दौरा न केवल एक राजनयिक यात्रा है, बल्कि पंजाब की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। 25 बड़ी कंपनियों से सीधी बातचीत, वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति, और 10 दिन का समर्पित कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सरकार इस अवसर को गंभीरता से ले रही है। आने वाले दिनों में इस दौरे के परिणाम पंजाब के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करेंगे, और राज्य की जनता उम्मीद भरी नजरों से मुख्यमंत्री की इस पहल के सकारात्मक परिणामों का इंतजार कर रही है।

  • Punjab News: 200 ग्राम हेरोइन सहित एक आरोपी काबू, देखें वीडियो

    Punjab News: 200 ग्राम हेरोइन सहित एक आरोपी काबू, देखें वीडियो

    मोगा। थाना सिटी साउथ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत 200 ग्राम हेरोइन सहित एक आरोपी को किया काबू। जिसकी पहचान बूटा सिंह पुत्र बेअंत सिंह निवासी साधां वाली बस्ती के रूप में हुई है।

    एसएसपी मोगा अजय गांधी और DSP सिटी गुरप्रीत सिंह की अगुवाई में एसआई जसपाल सिंह अपनी टीम के साथ मिलकर ये कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मामले संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि शमशान घाट, साधां वाली बस्ती क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में घूम रहे आरोपी की रोककर तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान उसके पास से 200 ग्राम हेरोइन बरामद की हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केस नंबर 331,धारा 21 NDPS Act के तहत थाना सिटी साउथ मोगा में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बूटा सिंह को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। रिमांड के दौरान पुलिस बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक—यानी सप्लाई चेन और खरीददार, डीलर नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।

  • CM मान का खुला संदेश: SIR पर सवाल जनता का अधिकार है, चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाए

    CM मान का खुला संदेश: SIR पर सवाल जनता का अधिकार है, चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाए

    चंडीगढ़: आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।”

    यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। CM मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है।

    इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, CM मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं- पारदर्शिता समाधान है। CM भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है।

    CM मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, CM मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य।

    ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते।भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। CM मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।

  • पंजाब सरकार की पहल: ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर रिसर्च के लिए युवाओं को मिलेगा पूरा सहयोग

    पंजाब सरकार की पहल: ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर रिसर्च के लिए युवाओं को मिलेगा पूरा सहयोग

    चंडीगढ़: पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। “यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम” की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है।

    पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है।

    यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।” मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

    यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए, आवेदक पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST), डिपार्टमेंट ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी & एनवायरनमेंट, Govt. of Punjab की आधिकारिक वेबसाइट www.pscst.punjab.gov.in पर जा सकते हैं।

  • AI से फर्जी टिकट बनाकर यात्रा करने वालों की खैर नहीं, अब सीधे होगी 5 साल की जेल

    AI से फर्जी टिकट बनाकर यात्रा करने वालों की खैर नहीं, अब सीधे होगी 5 साल की जेल

    नई दिल्ली। देश भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है। इसी बीच AI का गलत इस्तेमाल कर फर्जी टिकट बनाने का मामला सामने आया है। वहीं, मुंबई की लोकल ट्रेनों के फर्जी टिकट बनाकर यात्रा करने वालों पर सेंट्रल रेलवे ने कड़ा एक्शन लिया है। सेंट्रल रेलवे ने एक्शन लेते हुए धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।

    लोकल ट्रेनों में टिकट निकालने के लिए रेलवे की ओर से UTS नाम के एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से आसानी से टिकट निकाला जा सकता है। हालांकि, हाल ही में टिकट कलेक्टरों ने यह नोटिस किया कि कुछ यात्री AI और फोटोशॉप एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर फर्जी टिकट जनरेट कर रहे हैं।

    इधर, मामले संबंधी सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया, अगर किसी व्यक्ति पर इस मामले में केस दर्ज होता है, तो ऐसे में 5 साल की सजा और जुर्माने होगा। पुलिस रिकॉर्ड में नाम आने की वजह से उस व्यक्ति के करियर को भी बड़ा खतरा हो सकता है।

    रेलवे की खास अपील, धोखाधड़ी का हिस्सा न बने लोग
    रेलवे ने लोगों ले खास अपील करते हुए कहा कि पकड़े गये लोग सभी अच्छे परिवार और अच्छी एवं बड़ी कंपनियों में काम करते हैं। इनमें कुछ विद्यार्थी भी हैं, इसलिए कोई भी इस प्रकार के धोखाधड़ी का हिस्सा ना बने।

  • Bigg Boss 19: आखिरी हफ्ते में भी नहीं खत्म हो रही घरवालों की लड़ाईयां, आपस में भिड़े Tanya-Gaurav

    Bigg Boss 19: आखिरी हफ्ते में भी नहीं खत्म हो रही घरवालों की लड़ाईयां, आपस में भिड़े Tanya-Gaurav

    मनोरंजन: बिग बॉस 19 का यह आखिरी हफ्ता रह गया है। कुछ दिनों के बाद फैंस को शो का विनर मिल जाएगा। अब टॉप 6 में फरहाना भट्ट, गौरव खन्ना, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल, अमाल मलिक और मालती चाहर ने जगह बना ली है। इस वीकेंड के वॉर में शहबाज बदेशा और अशनूर कौर घर से बेघर हो गए हैं। अब शो का आखिरी हफ्ता काफी धमाकेदार होने वाला है। आखिरी हफ्ते की शुरुआत गौरव खन्ना और तान्या मित्तल की लड़ाई के साथ हो गई है।

    तान्या गौरव में हुई लड़ाई

    शो का अब एक नया प्रोमो सामने आया है। इस प्रोमो में गौरव और तान्या मित्तल के बीच में बहस होती दिख रही है। गौरव खन्ना इस समय घर के कैप्टन है। ऐसे में उनकी तान्या के साथ घर की ड्यूटी को लेकर लड़ाई हो जाती है। वीडियो में तान्या को गौरव कह रहे हैं कि – ‘जो करना है करो मैं ऐसी बात करुंगा तुम्हें यहां नहीं रहना है तो जाओ मैं तो ऐसे ही बोलूंगा’।

    गौरव की ऊंची टोन सुन भड़की तान्या

    गौरव खन्ना की ऊंची टोन सुनकर तान्या गुस्सा हो गई। उन्होंने गौरव को चेतावनी देते हुए कह दिया कि – ‘मुझसे आप आराम से बात करेंगे मुझसे ऊंची आवाज में बात मत करो मैं अपना खाना खुद बनाऊंगी मुझे ऐसे घटिया कैप्टन के लिए कोई भी काम नहीं करना है। मैं बदतमीजी में किसी का टोन नहीं लूंगी मैं किसी की नौकर नहीं हूं’। तान्या और गौरव के अलावा भी घर में एक और पंगा हो गया है।

    फरहाना-मालती में भी हुई लड़ाई

    गौरव-तान्या के अलावा फरहाना और मालती के बीच में भी लड़ाई होती दिखी। फरहाना ने मालती पर आरोप लगाया कि उनकी हरकतें कुछ और है और वो दिखाती कुछ और है। फरहाना के अनुसार, मालती उन्हें घर में सभी से अलग करना चाहती है। वो चाहती है सब उन्हीं से बात करें और फरहाना से कोई भी न करे। फरहाना ने अमाल के साथ दोस्ती टूटने का कारण भी मालती को ही कहा। इसके अलावा अब घर में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होने वाली है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपोर्ट्स घरवालों से तीखे सवाल पूछते दिखने वाले हैं। रिपोर्ट्स ने तान्या और फरहाना को काफी ग्रिल भी किया है। फरहाना को उनके टीवी एक्टर्स और इंडस्ट्री पर दिए गए बयान को लेकर काफी बातें भी सुननी पड़ी है।
  • Punjab News: वासू के अंतिम संस्कार पर मां नेताओं से बोली- शादी समारोह में खेली जा रही खून की होली, देखें वीडियो

    Punjab News: वासू के अंतिम संस्कार पर मां नेताओं से बोली- शादी समारोह में खेली जा रही खून की होली, देखें वीडियो

    लोगों की बलि देने के लिए क्यों बुलाए ऐसे लोग

    लुधियानाः जिले में Bath Castle Palace में शादी समारोह में दो दिन पहले देर रात गोलियां चलने की घटना सामने आई थी। इस घटना में दूल्हे के दोस्त और मौसी की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं आज मौसी नीरू का जालंधर में अंतिम संस्कार किया गया, दूसरी ओर दूल्हे के दोस्त वासू का शिवपुरी के पास बाजवा नगर श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्मशानघाट में लोग मौजूद थे। इस घटना को लेकर महिलाओं का गुस्सा श्मशानघाट में नेताओं पर देखने को मिला। जहां परिवार के साथ दुख सांझा करने पहुंचे कांग्रेस जिला प्रधान संजय तलवाड़ और डाबर पहुंचे। इस दौरान मृतक की माता कांग्रेस नेता के सामने कहा कि ऐसी शादी में क्यों ऐसे लोगों को बुलाते है जो शादी समारोह में खून की होली खेलते है। उन्होंने कहा कि लोगों की बलि देने के लिए शादी रखी जाती है ताकि वहां पर खून की होली खेली जाए। मृतक की मां ने कहा कि एक-एक गोली उनके सीने में भी मार दी जाए। वासू को अंतिम विदाई देने के लिए आप विधायक पराशर पप्पी, कांग्रेस जिला प्रधान संजय तलवाड़ सहित कई नेता पहुंचे। मामले की जानकारी देते हुए पराशर पप्पी ने कहा कि मसटंडो के फुकरपंती के कारण इतना बड़ा नुकसान हो गया। घटना में महिला सहित व्यक्ति की मौत हो गई। मसटंडों ने शादी समारोह में बारूद के साथ खूनी खेल खेला। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक साल और दो साल के बच्चे के सिर से पिता का साया छिन लिया गया। विधायक ने कहा कि अगर दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद था तो वह उसे बाहर कहीं ओर विवाद को खत्म कर लेते। उन्होंने कहाकि इस मसटंडो ने शादी समारोह में खुशी को मातम में बदल दिया। विधायक ने कहा कि मृतक वासू के पिता की एक साल पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने कही कि मसटंडों ने किसी खुशी में जाकर माहौल खराब करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शादी में 700 से 800 लोगों सहित बच्चे मौजूद थे, इस बात की किसी को माफी नहीं मिलेगी। ऐसे दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। वहीं अन्य व्यक्ति ने कहा कि यह निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा कि दो गुटों के विवाद की रजिंश शादी समारोह के दौरान बेगुनाह की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।