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  • ग्रामीण स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस : CM नायब सिंह सैनी

    ग्रामीण स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस : CM नायब सिंह सैनी

    तालाबों की सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्य सुनियोजित व्यवस्था के तहत हों

    चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के गांवों में तालाबों तथा अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था की नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांवों के तालाबों से बदबू नहीं आनी चाहिए और घरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी हाल में नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्यों को सुनियोजित एसओपी (SOP) के तहत संचालित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।

    उन्होंने निर्देश दिए कि जिन तालाबों का निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाए। तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण कार्य भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिले तथा लोग वहां सुबह-शाम भ्रमण कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोलर पंपों के माध्यम से पानी की नियमित सफाई और प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी गांव में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी, सरपंच और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने प्रत्येक गांव में पंचायत सचिव की ड्यूटी तालाबों की नियमित निगरानी के लिए निर्धारित करने तथा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उपयोगी जल संरचनाएं विकसित करना है, ताकि ग्रामीणों को पूर्ण सुविधा मिले और जलभराव, गंदगी तथा दुर्गंध जैसी समस्याओं से स्थाई राहत मिल सके। उल्लेखनीय है कि हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 6,538 तालाबों को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिनमें से अब तक 2,758 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 1,718 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 484 कार्य प्रगति पर हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा, हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री विमल गोस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • हरियाणा बोर्ड का बड़ा फैसला: अब साल में दो बार होगी 10वीं-12वीं की परीक्षा

    हरियाणा बोर्ड का बड़ा फैसला: अब साल में दो बार होगी 10वीं-12वीं की परीक्षा

    चंडीगढ़ – हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (नियमित) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) की दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक परीक्षार्थी 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक द्वितीय परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते हैं

    इस आशय की जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 का समापन हो चुका है। ऐसे सभी नियमित परीक्षार्थी जो वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 में प्रविष्ट हुए हैं लेकिन अपनी दी गई परीक्षा से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षा बोर्ड द्वारा अंक सुधार का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि इच्छुक परीक्षार्थी अतिरिक्त विषय को छोडक़र अधिकतम किन्हीं भी 03 विषयों की पुन: परीक्षा देने के लिए स्वयंपाठी तौर पर 1000/-रूपये शुल्क सहित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    बोर्ड प्रवक्ता ने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी अपरिहार्य कारणों जैसे गंभीर बीमारी/चोट/खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिता इत्यादि परिस्थितियों के कारण वार्षिक परीक्षा में प्रविष्ट नहीं हो पाए, ऐसे सभी परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में निर्धारित तिथियों में संपर्क करते हुए निर्धारित शुल्क ऑफलाइन व पात्रता संबंधित दस्तावेज जमा करवाकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यदि कोई परीक्षार्थी प्रथम वार्षिक परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहा है और पुन: परीक्षा हेतु आवेदन करता है तो ऐसे परीक्षार्थी का आवेदन पत्र अयोग्य मानते हुए रद्द किया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा।

    उन्होंने बताया कि परीक्षा की तिथि बारे परीक्षार्थियों को शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान हेतु हैल्पलाईन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • Jalandhar News: डिप्टी लीडर बनने पर Ashok Mittal का Raghav Chadha को लेकर आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: डिप्टी लीडर बनने पर Ashok Mittal का Raghav Chadha को लेकर आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ ग्रेनेड अटैक को लेकर केंद्र पर जमकर साधे निशाने

    जालंधर, ENS: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाकर उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। आज सीएम मान सहित कई दिग्गज नेता राघव चड्डा पर पंजाब के मुद्दों को ना उठाने को लेकर सवाल किए थे। वहीं अब डिप्टी लीडर बनने के बाद सासंद अशोक मित्तल का पहला बयान सामने आया है। अशोक मित्तल ने डिप्टी लीडर के पद मिलने पर अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिलाया कि वह पंजाब के लोगों के मुद्दों को सासंद के अंदर और बाहर बखूबी से उठाएंगे और सरकार से मुद्दों को हल करवाने की मांग करेंगे। इसी के साथ राघव चड्डा की नाराजगी को लेकर सासंद अशोक मित्तल ने कहा कि आप पार्टी का बहुत बड़ा परिवार है, जिसमें लाखों सदस्य है और कई नेता शामिल है। आप पार्टी डेमोक्रेटिव पार्टी है और इसमें सभी को अपना पक्ष रखने का हक है। ऐसे में राघव चड्डा ने अपना पक्ष रखा है और यह उनका पक्ष रखने का अपना नजरिया है। सासंद ने कहाकि हम सभी जनता के लिए काम कर रहे है और सभी को अलग अलग काम पार्टी द्वारा दिया जाता है। सासंद ने कहाकि आप सरकार ने 90 प्रतिशत बिजली माफ की। एक हजार महिलाओं को देने का सरकार ने वादा पूरा किया है और एससी महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएगे। 8 से 10 महीने पंजाब में विधानसभा चुनाव शुरू होने जा रहे है। पार्टी ने सभी वादों को पूरा किया, जिसमें बिजली के साथ फ्री फूड लोगों को दिया गया, जिसमें दाल मसालें दी गई है। इसी के साथ 10 लाख की सेहत बीमा योजना शुरू की गई। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर को कंट्रोल किया, उग्रवाद और गैंगस्टरवाद को कंट्रोल किया। इसी के साथ ड्रग को कंट्रोल किया गया। पंजाब में स्कूल एजुकेशन पर अहम योगदान दिया गया। भारत सरकार योजना में पंजाब नंबर वन आया। आने वाले चुनावों में आप पार्टी 100 से अधिक सीटों में जीत हासिल करेंगी। 16 अप्रैल को स्पेशल सत्र शुरू होने जा रहा है। जिसमें महिलाओं को आरक्षित योजना की सुविधाए देने पर आवाज उठाई जाएगी और उसे पूरा करने की कोशिश की जाएगी। चंडीगढ़ में ग्रेनेड अटैक पर कहा कि चंडीगढ़ केंद्र के अधीन है। 15 दिन पहले वहां पर युवक का गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। वहीं ग्रेनेड अटैक करने पर हमलावारों द्वारा ग्रेनेड फेंकने की वीडियो जारी की गई और उसकी जिम्मेदारी ली गई। अशोक मित्तल ने कहाकि केंद्र चंडीगढ़ को पंजाब के हवाले कर दें उसके बाद चंडीगढ़ में लॉ एंड ऑर्डर को कंट्रोल करके हम दिखाएंगे। वहीं ग्रेनेड अटैक में काबू किए गए 2 संदिग्ध को लेकर कहा कि यह पंजाब सरकार और पुलिस की काबलियत है, जिसने आरोपियों को काबू किया। केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पा रही। इसमें दोष किसका है, हालांकि पंजाब में कौन-सी वारदत है, जिसे पंजाब पुलिस ने हल नहीं किया है। इस दौरान देश के गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर कहा कि हम सब पहले भारतीय है। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि कोई राजनीतिक पार्टी देश के हित के खिलाफ काम करें।
  • Iran-Israel युद्ध के बीच अनिश्चितकॉल के लिए Gurdwara Sahib बंद

    Iran-Israel युद्ध के बीच अनिश्चितकॉल के लिए Gurdwara Sahib बंद

    164 करोड़ की लागत से बना खाड़ी देशों का यह पहला आधिकारिक सिख धर्म

    नई दिल्लीः ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दुबई में एक गुरुद्वारा अनिश्चितकॉल के लिए बंद कर दिया। चेयरमैन सुरेंदर सिंह कंधारी ने 3 अप्रैल को गुरुद्वारा बंद करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दुबई पुलिस से गुरुद्वारा को बंद करने के निर्देश मिले थे। यह बंदी किसी धार्मिक भेदभाव के कारण नहीं, बल्कि पब्लिक सेफ्टी के लिए है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों के बीच दुबई सरकार ने जेबेल अली स्थित प्रतिष्ठित गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार को अगले आदेश तक बंद करने लेटर भी जारी किया है। कम्युनिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) द्वारा यह फैसला ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के चलते सुरक्षा कारणों से लिया गया है। गुरुद्वारा प्रबंधन ने आधिकारिक नोटिस जारी कर श्रद्धालुओं को तुरंत प्रभाव से सेवाएं रोकने की सूचना दी है। प्रशासन का उद्देश्य इस संवेदनशील समय में सार्वजनिक स्थलों पर जनहानि को शून्य करना है। 164 करोड़ रुपए (65 मिलियन दिरहम) की लागत से बना यह गुरुद्वारा खाड़ी देशों का पहला आधिकारिक सिख धर्म स्थल है। 2012 में उद्घाटन के बाद से यह 3 मंजिला इमारत 50 हजार से अधिक सिखों के लिए आस्था का केंद्र रही है। सुरेंदर सिंह कंधारी द्वारा स्थापित यह स्थल दुबई की धार्मिक सहिष्णुता की वैश्विक मिसाल है। फिलहाल 3 अप्रैल 2026 तक गुरुद्वारे के कपाट बंद हैं और मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा नोटिस चस्पा है। प्रशासन का कहना है कि जेबेल अली पोर्ट जैसे संवेदनशील रणनीतिक ठिकाने के करीब स्थित होने के कारण, मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता है। फरवरी 2026 से जारी ईरान-मिडिल ईस्ट तनाव ने UAE की सुरक्षा को संवेदनशील बना दिया है। ईरान द्वारा दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को हालांकि एयर डिफेंस ने हवा में ही नष्ट किया, लेकिन मलबा रिहायशी इलाकों में गिर रहा है। जेबेल अली पोर्ट के पास स्थित होने के कारण गुरुद्वारे पर सीधा खतरा बना हुआ था। इस के चलते इस इलाके में दुबई पुलिस ने रेड अलर्ट जारी कर रखा था। यह कार्रवाई किसी विशेष धर्म को निशाना बनाकर नहीं की गई है। ईस्टर वीकेंड पर जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इसी परिसर के अन्य चर्चों और प्रसिद्ध BAPS हिंदू मंदिर को भी एहतियातन बंद कर दिया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा ऑडिट और हवाई क्षेत्र में शांति बहाल होते ही इसे दोबारा खोला जाएगा। समुदाय के लोगों ने प्रशासन के इस कठिन लेकिन आवश्यक फैसले में पूर्ण सहयोग देने की अपील की है। दुबई सरकार की कम्युनिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) और सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्रीय युद्ध और ईरान-खाड़ी तनाव के बीच मिसाइल मलबे से होने वाले खतरों को देखते हुए 3 अप्रैल 2026 को गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आदेश दिया। यह फैसला जेबेल अली पोर्ट के करीब होने और ईस्टर वीकेंड पर भारी भीड़ के कारण संभावित जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए एक एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है।
  • Punjab News: राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने पर AAP का तीखा पलटवार, संसद में चुप्पी और पार्टी लाइन उल्लंघन पर उठे सवाल

    Punjab News: राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने पर AAP का तीखा पलटवार, संसद में चुप्पी और पार्टी लाइन उल्लंघन पर उठे सवाल

    नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने के मुद्दे पर उनके बयान का तीखा जवाब देते हुए इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी अनुशासन से जुड़ा मामला बताया है। पार्टी ने कहा कि यह कोई असाधारण कार्रवाई नहीं बल्कि एक सामान्य संगठनात्मक निर्णय है, जो समय-समय पर लिया जाता है।

    हालांकि, इसके साथ ही AAP ने राघव चड्ढा की संसदीय भूमिका और उनके व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चड्ढा लंबे समय से पार्टी लाइन के खिलाफ जा रहे थे और कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए थे।

    पार्टी व्हिप उल्लंघन और अनुशासन पर सवाल

    AAP नेताओं के अनुसार, राघव चड्ढा ने कई बार पार्टी के व्हिप का उल्लंघन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना, एलपीजी संकट जैसे मुद्दों पर संसद में बोलने से बचना और विपक्षी दलों के वॉकआउट में हिस्सा न लेना, इन आरोपों के प्रमुख उदाहरण बताए गए।

    पार्टी का कहना है कि संसद में एकजुट होकर फैसले लेना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा होता है, लेकिन जब कोई सदस्य इन सामूहिक निर्णयों का पालन नहीं करता, तो यह सीधे तौर पर पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना जाता है।

    भाजपा और केंद्र सरकार पर चुप्पी को लेकर सवाल

    AAP ने यह भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने लंबे समय से संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया, जिसमें उन्होंने भाजपा या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल किए हों।

    सीनियर नेता संजय सिंह ने कहा कि AAP की राजनीति हमेशा से निडरता और संघर्ष पर आधारित रही है।

    उन्होंने कहा,
    “हमने अरविंद केजरीवाल से सीखा है कि जनता के मुद्दों पर डटकर लड़ना चाहिए। लेकिन जब देश के इतने बड़े मुद्दे सामने हैं, तब चुप रहना समझ से परे है।”

    उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग, लोकतंत्र, पंजाब के अधिकार और पार्टी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई जैसे कई मुद्दों पर चड्ढा की चुप्पी चिंता का विषय है।

    भुगवंत मान ने कहा – यह सामान्य पार्टी फैसला

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मामले को पूरी तरह पार्टी का आंतरिक निर्णय बताया।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल समय-समय पर अपने नेताओं और उपनेताओं में बदलाव करते रहते हैं। उन्होंने अपने उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में जिम्मेदारियां बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य पार्टी के सामूहिक निर्णयों या व्हिप के खिलाफ जाता है, तो कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है।

    सौरभ भारद्वाज का हमला: बड़े मुद्दों से दूरी क्यों?

    AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में समय सीमित होता है और उसमें बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने कई अहम मौकों पर अपनी भूमिका नहीं निभाई और विपक्षी रणनीति का हिस्सा बनने से बचते रहे।

    उन्होंने कहा कि देश में चुनाव प्रक्रिया, वोट कटने और सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दे उठ रहे हैं, लेकिन इन पर चुप रहना उचित नहीं है।

    आतिशी का सवाल: क्या भाजपा से डर रहे हैं?

    दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी राघव चड्ढा से सीधे सवाल किए।

    उन्होंने कहा कि आज देश कई बड़े संकटों से गुजर रहा है—एलपीजी सिलेंडर की कीमत, चुनावी पारदर्शिता और लोकतंत्र पर खतरा—लेकिन इन मुद्दों पर संसद में आवाज उठाना जरूरी है।

    उन्होंने पूछा,
    “क्या राघव चड्ढा भाजपा या प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछने से डर रहे हैं?”

    आतिशी ने यह भी कहा कि जब पार्टी के नेता सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, तब चड्ढा की अनुपस्थिति भी कई सवाल खड़े करती है।

    पार्टी का रुख: निडर राजनीति ही पहचान

    AAP ने दोहराया कि पार्टी की पहचान निडर, पारदर्शी और जनहित आधारित राजनीति है।

    पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मुद्दों पर आवाज उठाना हर प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। अगर कोई नेता ऐसा नहीं करता, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

    जनता के मुद्दों पर सक्रिय रहने की जरूरत

    पार्टी ने कहा कि संसद में सीमित समय का उपयोग देश के असली मुद्दों के लिए किया जाना चाहिए—जैसे महंगाई, बेरोजगारी, लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और राज्यों के अधिकार।

    उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब नेताओं से जवाब चाहती है और यह समय है जब हर जनप्रतिनिधि को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी।

    AAP ने अंत में स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और जो भी नेता इससे हटकर काम करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    पार्टी ने राघव चड्ढा से अपील की कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करें और यह बताएं कि वह देश और जनता के मुद्दों पर कहां खड़े हैं।

  • भागवत कथा में पहले दिन भक्ति प्रसंग सुन भावविह्वल हुए श्रोता

    भागवत कथा में पहले दिन भक्ति प्रसंग सुन भावविह्वल हुए श्रोता

    भागवत कथा के पहले दिन बताया महात्म्य

    ऊना/सुशील पंडित:  जिला ऊना शहर में एक सप्ताह तक चलने वाले संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आरंभ हुआ। ऊना से पुराना होशियारपुर रोड़ स्थित ओमप्रकाश मैहता व मोहित मैहता परिवार द्वारा अपने घर में आयोजित करवाई जा रही इस ज्ञान यज्ञ गंगा में डुबकी लगाने हेतु गणमान्य नागरिक पहुंचे। भागवत कथा के प्रथम दिन वृंदावन से पधारे कथा व्यास संजीव शास्त्री महाराज ने भागवत प्रसंग की शुरूआत भागवत के प्रथम श्लोक से की, “सच्चिदानन्द रूपाय विश्वोत्पत्यादि हेतवे तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयम नुमः वासुदेव सुतं देवम् कंस चानुर मर्दनम् देवकी परमानंदम् कृष्णम् वंदे जगदगुरुम्।

    महाराज श्री ने कहा कि भागवत के प्रथम श्लोक में भगवान को प्रणाम किया गया है, उनके स्वभाव का वर्णन किया गया है, उनकी लीलाओं का वर्णन किया गया है। भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचाता रहा है। भागवतपुराण उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है।

    उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का बखान किया। कहा कि सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी, उन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है। पूज्य महाराज ने कथा में बताया की अगर हमारे बच्चों को शिक्षा ना दी जाए तो यह संसार कैसा होगा ? जो अनपढ़ लोग होते हैं जिन्हे अक्षर का ज्ञान नहीं होता है जब वो किसी बोध वाले व्यक्ति के पास जाते है तो उन्होंने शर्म महसूस होती है की यह सबकुछ जानता है, हम कुछ नहीं जानते, यह अच्छा बोलता है हम अच्छा बोल नहीं सकते क्योंकि वो साक्षर है और हम निराक्षर हैं। उस अक्षर का कितना महत्व है जो शुरू में हमे अ सिखाती है। अगर बच्चों को जबरदस्ती स्कूल भेजो तो वह मना कर देते हैं, शुरुआत में बच्चे स्कूल जाना पसंद नहीं करते। वैसे ही भागवत रूप यह कथा पंडाल ज्ञान का एक स्कूल है, आपका प्राइमरी स्कूल सिखाता है पैसा कैसे कमाएं लेकिन भागवत का यह कथा पंडाल आपको सिखाता है जीवन कैसे जीना चाहिए ? आप स्कूली और कथा पंडाल दोनों की शिक्षाओं से असहमत नहीं हो सकते।

    संजीव शास्त्री महाराज ने कथा का वृतांत सुनाते हुए कहा की एक बात सनकादिक ऋषि और सूदजी महाराज विराजमान थे तो उन्होंने ये प्रश्न किया की कलियुग के लोगों का कल्याण कैसे होगा ? आप देखिये किसी भी पुराण में किसी और युग के लोगो की चिंता नहीं की पर कलयुग के लोगो के कल्याण की चिंता हर पुराण और वेद में की गई कारण क्या है ? चूंकि कलयुग का प्राणी अपने कल्याण के मार्ग को भूल कर केवल अपने मन की ही करता है जो उसके मन को भाये वह बस वही कार्य करता है। और फिर कलियुग के मानव की आयु कम है और शास्त्र ज्यादा है तो फिर एक कल्याण का मार्ग बताया भागवत कथा।  श्रीमद भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है महाराज श्री ने कहा कि व्यास जी ने जब इस भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा, तब भागवत नाम दिया गया। बाद में इसे श्रीमद् भागवत नाम दिया गया। इस श्रीमद् शब्द के पीछे एक बड़ा मर्म छुपा हुआ है श्री यानी जब धन का अहंकार हो जाए तो भागवत सुन लो, अहंकार दूर हो जाएगा।

    व्यक्ति इस संसार से केवल अपना कर्म लेकर जाता है। इसलिए अच्छे कर्म करो। भाग्य, भक्ति, वैराग्य और मुक्ति पाने के लिए भगवत की कथा सुनो। केवल सुनो ही नहीं बल्कि भागवत की मानों भी। सच्चा हिन्दू वही है जो कृष्ण की सुने और उसको माने , गीता की सुनो और उसकी मानों भी , माँ – बाप, गुरु की सुनो तो उनकी मानो भी तो आपके कर्म श्रेष्ठ होंगे और जब कर्म श्रेष्ठ होंगे तो आप को संसार की कोई भी वस्तु कभी दुखी नहीं कर पायेगी। और जब आप को संसार की किसी बात का फर्क पड़ना बंद हो जायेगा तो निश्चित ही आप वैराग्य की और अग्रसर हो जायेगे और तब ईश्वर को पाना सरल हो जायेगामुख्य यजमान ओमप्रकाश मैहता व मोहित मैहता ने ब्यास पीठ का पूजन किया।  इस मौके पर भागवत कथा प्रेमी भक्त वृंद काफी संख्या में मौजूद रहे।

  • प्रभु में तन्मयता ही भागवत कथा का फल, झंंबर में श्रीमद् भागवत कथा में बोले आचार्य तरुण डोगरा 

    प्रभु में तन्मयता ही भागवत कथा का फल, झंंबर में श्रीमद् भागवत कथा में बोले आचार्य तरुण डोगरा 

    बोले, कथा सुनने के बाद व्यक्ति को हमेशा अपनाना चाहिए सत्य मार्ग 

    ऊना/सुशील पंडित: देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना उपमंडल की ग्राम पंचायत झंंबर में 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य श्री तरुण डोगरा ने अपने मुखारविंद से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने मात्र से ही व्यक्ति की भगवान में तन्मयता समायोजित हो जाती है। उन्होंने बताया कि धर्म जगत में जितने भी योग, यज्ञ, अनुष्ठान आदि किए जाते हैं, उन सब का एक ही लक्ष्य होता है कि हमारी भक्ति भगवान में लगी रहे और हम प्रतिक्षण प्रभु प्रेम में समायोजित रहें। वहीं संसार के प्रत्येक कण में हमें मात्र अपने प्रभु के ही दर्शन हों। आचार्य तरुण डोगरा ने सैंकड़ो की तादात में उपस्थित भक्तजनों को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण मात्र से ही भक्तों के हृदय में ऐसी भावनाएं समाहित हो जाती हैं कि वह मन, वाणी व कर्म से प्रभु में लीन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के प्रारंभ में सत्य की वंदना की गई है, क्योंकि सत्य व्यापक होता है, सत्य सर्वत्र होता है और सत्य की चाह सबको होती है। हालांकि पिता अपने पुत्र से सत्य बोलने की अपेक्षा रखता है। भाई, भाई से सत्य पर चलने की चेष्ठा करता है। मित्र, मित्र से सत्यता निभाने की कामना रखता है, यहां तक कि चोरी करने वाले चोर भी आपस में सत्यता बरतने की अपेक्षा रखते हैं, इसलिए प्रारंभ में महर्षि श्री वेदव्यास ने सत्य की वंदना के द्वारा ही श्रीमद् भागवत ग्रंथ का मंगलाचरण किया है और भागवत कथा का विश्राम भी सत्य की वंदना के द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी बातों का यही तात्पर्य है कि सत्य ही कृष्ण है, सत्य ही प्रभु श्रीराम और सत्य ही शिव एवं सत्य ही मां दुर्गा है। उन्होंने कहा कि हम इस मानव रूपी जीवन में जितनी भी श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करेंगे, हमारे इस नश्वर शरीर के पाप उतने ही कम होंगे। इसलिए हमें मन, चित और एकाग्रता से अंतरात्मा को प्रभु के चरणों में रखकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए, क्योंकि प्रभु श्री कृष्ण भागवत गीता में कहते हैं कि इस पृथ्वी का जो जीव मेरी ओर एक कदम बढ़ाएगा मैं उसकी और दस कदम बढूंगा। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनकी माया के भजन गाकर पंडाल में बैठी सैंकड़ों की तादाद में संगत को नाचने पर मजबूर कर दिया।

    उन्होंने श्रद्धालुओं को उपदेश देते हुए कहा कि कथा श्रवण करने वाला जीव सत्य को अपनाता है और सत्य में ही रम जाता है। यानी सत्य रूप परमात्मा में विशेष तन्मयता आ जाती है। आचार्य तरुण डोगरा ने कहा कि मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ परम धर्म यही है कि उसको जीवन में अपने इष्ट के प्रति प्रगाढ़ भक्ति होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा में निष्कपट धर्म का वर्णन किया गया है। जो व्यक्ति निष्कपट हो, उसी व्यक्ति की कथा कहने एवं श्रवण करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का संकल्प लेने मात्र से ही पितामह श्री कृष्ण भक्त के हृदय में आकर अवश्रद्ध हो जाते हैं।  उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा को एक पका हुआ फल बताया, क्योंकि अन्य फलों की अपेक्षा इस भागवत रूपी फल में गुठली एवं छिलके का ना होकर केवल रस ही भरा होना है, इसलिए भागवत कथा को जीवन पर्यन्त व्यक्ति को पान करना चाहिए।

  • 160 करोड़ रुपए के गबन मामले में तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर Vikas Kaushik गिरफ्तार, देखें वीडियो

    160 करोड़ रुपए के गबन मामले में तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर Vikas Kaushik गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पंचकूलाः नगर निगम पंचकूला के करीब 160 करोड़ रुपए के गबन मामले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा एक बड़ी गिरफ्तारी की गई। नगर निगम पंचकूला के तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को आज जिला अदालत में पेश किया गया, जहां पर आरोपी का रिमांड हासिल किया गया, ताकि इस मामले को लेकर पूछताछ की जा सके। माना जा रहा है कि इस गबन मामले में इस आरोपी की अहम भूमिका है। क्योंकि नगर निगम के फर्जी अकाउंट खुलवाने के लिए अधिकारियों के फर्जी साइन और मोहर का इस्तेमाल किया गया था।

    मौजूदा समय में आरोपी विकास कौशिक नगर परिषद कालका में एईओ के पद पर कार्यरत था। विकास पर आरोप है कि बतौर सेक्शन ऑफिसर नगर निगम पंचकूला में तैनात था। इस दौरान आरोपी विकास कौशिक व पुष्पेंद्र मैनेजर कोटक महिंद्रा बैंक सेक्टर 11 पंचकूला ने 2020 में नगर निगम पंचकूला का एक फर्जी बैंक खाता खोला। इसके बैंक अकाउंट ओपनिंग फॉर्म पर आरोपी विकास कौशिक ने कमिश्नर नगर निगम पंचकूला व सीनियर अकाउंट ऑफिसर की मोहर लगा दी।

    उन मोहरों पर तत्कालीन आयुक्त सुविधा कटारिया आईएएस व तत्कालीन सीनियर अकाउंट ऑफिसर सुशील कुमार के उसने पुष्पेंद्र ने जाली हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद आरोपी विकास कौशिक व पुष्पेंद्र ने मिलकर जून 2022 में फिर से नगर निगम पंचकूला के नाम पर एक और जाली खाता कोटा कोटक महिंद्रा बैंक पंचकूला में खुलवाया। जिसके भी अकाउंट ओपनिंग फॉर्म में बतौर सीनियर अकाउंट ऑफिसर आरोपी ने अपने हस्ताक्षर किए तथा दूसरे सिग्नेटरी डीएमसी नगर निगम की जाली मोहर लगा दी। इस मोहर पर तत्कालीन डीएमसी दीपक सुर के हस्ताक्षर के भी आप विकास कौशिक और पुष्पेंद्र मैनेजर ने हस्ताक्षर किए।

  • Punjab News: विदेशों की तर्ज पर 5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, मिली 5 नई Emergency गाड़ियां, देखें वीडियो

    Punjab News: विदेशों की तर्ज पर 5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, मिली 5 नई Emergency गाड़ियां, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाल ही में संगरूर से 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। अब पंजाब में अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज 6 मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की कानून‑व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इसी के चलते जिले में ट्रैफिक और कमिश्नरेट पुलिस को और मजबूत बनाने के लिए 5 नई आपातकालीन प्रतिक्रिया गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं।

    इस संबंध में एडीसीपी हरमिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस की मुख्य जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की रक्षा करना और उनमें सुरक्षा की भावना पैदा करना है। उन्होंने बताया कि ये गाड़ियां 112 आपातकालीन परियोजना के तहत दी गई हैं, जिससे अब किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। उनके अनुसार अब पुलिस का प्रतिक्रिया समय 5 से 7 मिनट के बीच होगा। एडीसीपी ने बताया कि इससे पहले पुलिस के पास 41 वाहन और 25 मोटरसाइकिलें थीं, जो 24 घंटे सेवा में तैनात रहती थीं। अब 5 और वाहन शामिल होने से कुल संख्या 46 हो गई है, जिससे शहर के लगभग हर क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा। ये नई गाड़ियां आधुनिक सुखौली से लैस हैं, जैसे कि टेलीफोन, टैब और अन्य तकनीकी उपकरण।

    नियंत्रण कक्ष से लिंक होने के कारण ये गाड़ियां तुरंत संदेश प्राप्त करती हैं और टीम फौरन मौके की ओर रवाना हो जाती है। उन्होंने कहा कि जहां पहले पुलिस की पहुंचने में देरी होती थी, वहां इन क्षेत्रों में इन्हें तैनात किया गया है ताकि लोगों को तुरंत मदद मिल सके। एडीसीपी हरमिंदर सिंह ने शहर वासियों से अपील की है कि किसी भी आपातकाल या संकट के समय 112 पर कॉल करें, ताकि पुलिस तुरंत सहायता प्रदान कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि हर गाड़ी में आमतौर पर 2 कर्मचारी होते हैं, जबकि कुछ गाड़ियों में लेडी कॉन्सटेबल भी तैनात की गई हैं। पुलिस जवानों को लोगों के साथ अच्छे व्यवहार करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • Punjab News: 4 घंटे में सुलझी Honeytrap मामले की गुत्थी, 3 महिलाओं सहित 6 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 4 घंटे में सुलझी Honeytrap मामले की गुत्थी, 3 महिलाओं सहित 6 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    फाजिल्काः जिले में पुलिस ने फर्जी फिरौती मांगने वाले गिरोह को काबू करके 4 घंटे के अंदर गिरफ़्तार कर लिया। इसी के साथ व्यक्ति को गैंग के गिरोह से छुड़वाया। इस संबध में जानकारी देते हुए एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने हनीट्रैप के मामले में 3 महिलाओं सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि उक्त गिरोह द्वारा भोले भाले लोगों को हनीट्रैप के जरिए अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपए ऐंठने की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि हाल ही में उक्त लोगों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को न सिर्फ अपने जाल में फंसाया, बल्कि उसे किडनैप कर लाखों की फिरौती की मांग की और उस पर झूठा केस दर्ज करने की धमकियां भी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उक्त लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि ढाणी सीतो गुन्नों का रहने वाले राकेश कुमार ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई कि उसका पिता सुबह करीब 10 बजे काम धंधे के लिए सीतो गुणों गया था, लेकिन घर वापिस नहीं आया।

    जिसके बाद दोपहर को उसके भतीजे अनुज कुमार के पास उसके पिता के मोबाइल नंबर से फोन आया। जिसने किसी और व्यक्ति के साथ अपने फोन से बात करवाई। जिस व्यक्ति ने कहा कि उसका पिता उनके कब्जे में है और उन्हें छुड़वाने के लिए ढाई लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई। हालांकि कुछ समय बाद उसके पिता के नंबर से दोबारा फोन आया और फिर एक महिला बोली। जिसने कहा कि उसका पिता उनके गिरोह के कब्जे में है। वह जो खाता नंबर भेज रहे हैं उस खाते में पैसे जमा करवा दे नहीं तो वह और उसकी सहेली उसके पिता पर रेप का इल्जाम लगाकर झूठे केस में फंसा देंगे और साथ ही धमकी भी दी कि उक्त व्यक्ति का बुरा हाल किया जाएगा और इसको दुनिया के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे।