Blog

  • World’s Richest List में पहले नंबर पर छाए Mukesh Ambani, इन लोगों को दी मात

    World’s Richest List में पहले नंबर पर छाए Mukesh Ambani, इन लोगों को दी मात

    नई दिल्ली: रईसों की संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। एशिया के सबसे अमीर परिवार और भी ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं। इनमें से कई की दौलत में तगड़ा इजाफा एआई सेक्टर में कदम बढ़ाने के चलते हुआ है वहीं दुनिया कृत्रिम बुद्धिमता यानी एआई के बारे में बात कर रही है। सभी कारोबारी घराने चुपचाप इससे जुड़े उद्योगों से काम करने में लगे हैं। यही कारण है कि ग्लोबल मार्केट में अलग-अलग कारणों से अस्थिर होने के बाद इनकी कंबाइंड नेटवर्थ उछाल रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो एशिया के सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति 2026 में तेज इजाफा देखने को मिला है। इसका एक बड़ा कारण एआई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, एनर्जी और कच्चे माल की बढ़ती डिमांड है। इसके अलावा हांगकांग में रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी सुधार से भी अमीरों की दौलत बढ़ी है। एशिया के सबसे धनी परिवारों की लिस्ट में पहले पायदान पर भारतीय अरबपति और रिलांयस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी शामिल है।

    टॉप 1 पर पहुंचे मुकेश अंबानी

    मुकेश अंबानी परिवार इस लिस्ट में नंबर 1 पर पहले पायदान पर हैं। इनकी कुल नेटवर्थ 89.7 अरब डॉलर है। अंबानी की प्रमुख और मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलांयस इंड्स्ट्रीज लगातार अपना विस्तार एनर्जी, टेलीकॉम, रिटेल और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में कर रही है। एआई में रिलांयस के बढ़ते कदम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुकेश अंबानी ने बीते फरवरी महीने में ही अगले 7 साल में एआई इंफ्रा में 120 अरब डॉलर तक निवेश की योजना का खुलासा किया था।

    पहले नंबर पर हैं मुकेश अंबानी

    मुकेश अंबानी परिवार इस लिस्ट में पहले पायदान पर है। इनकी कुल नेटवर्थ 89.7 अरब डॉलर है। अंबानी की प्रमुख और मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, लगातार अपना विस्तार एनर्जी, टेलीकॉम, रिटेल और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में कर रही है। एआई में रिलांयस के बढ़ते कदम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। मुकेश अंबानी ने बीते फरवरी महीने में अगले 7 साल में एआई इंफ्रा में 120 अरब डॉलर तक निवेश की योजना का खुलासा किया था। दूसरे नंबर पर सन हंग काई प्रॉपर्टीज को संभालने वाली क्वोक फैमिली है। इसकी कंबाइंड नेटवर्थ 50.2 अरब डॉलर है। इस परिवार की संपत्ति हांगकांग के प्रॉपर्टी मार्केट में जुड़ी है। इसमें सुधार के संकेट दिख रहे हैं। इससे साफ है कि आज भी संपत्ति बनाने में रियल एस्टेट की अहम भूमिका है। तीसरे नंबर पर टेक सेक्टर से जुड़े सैमसंग के ली परिवार का नाम आता है। इस फैमिली की नेटवर्थ 45.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। Samsung दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है, खासकर सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन के क्षेत्र में इसका दबदबा लंबे समय से काम है।

    लिस्ट में टॉप पर आए ये नाम

    ब्लूमबर्ग की एशिया के सबसे धनी परिवारों की लिस्ट में चौथे नंबर पर चीरावानोट परिवार का नाम आता है। चारोएन पोकफैंड ग्रूप का संचालन करने वाली इस फैमिली की नेटवर्थ 44.8 अरब डॉलर है। छोटे से बीज बिजनेस से शुरु हुआ कारोबार आज फूड, रिटेल से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक फैल चुका है। ये एक बड़ी ग्लोबल कंपनी बन गई है। यह लाखों रोजगार देती है। पांचवा सबसे धनी परिवार एल्युमीनियम बिजनेस में जुड़ा झांग परिवार है और इसकी कुल संपत्ति 44.7 अरब डॉलर तक पहुंचा गई है। ये फैमिली चाइना होंगकियाओं ग्रूप को संचालित करती है और इसका नेतृत्व झांग बो करते हैं।

    ताइवान थाईलैंड की फैमिली का दबदबा

    अमीर परिवारों की लिस्ट में ताइवान की त्साई फैमिली का नाम भी शामिल है। 34.3 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ ये छठे स्थान पर हैं। इंश्योरेंस और बैंकिंग सर्विसेज सेक्टर में परिवार की कैथे फाइनेंशियल और फुबोन फाइनेंशिल लगातार ग्रोथ कर रही है।

    सातवें नंबर पर योविद्या फैमिली

    सातवें नंबर पर योविद्या फैमिली आती है। इसकी नेटवर्थ 32.9 अरब डॉलर है। ये परिवार Red Bull की ग्लोबल सक्सेस के लिए पहचाना जाता है। जो वैश्विक ब्रांड बन गया है। आठवें पायदान पर बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी इंडोनेशिया की हार्टोनो फैमिली है और इसकी संपत्ति बढ़कर 30.2 अरब डॉलर हो गई है।

    लिस्ट में शामिल दो और भारतीय परिवार

    29.5 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ मिस्त्री फैमिली है। शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप इंफ्रा और रियल एस्टेट में बड़ा नाम है। उनकी ठीक बाद 29.4 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ जिंदल परिवार का नाम आता है। यह ओपी जिंदल ग्रुप का संचालन करती है।    
  • श्री आनंदपुर साहिब जा रही Jalandhar की संगत पर फायरिंग, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    श्री आनंदपुर साहिब जा रही Jalandhar की संगत पर फायरिंग, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: बैसाखी के पावन अवसर पर जहां एक ओर नगर कीर्तन निकाले जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर कीरतपुर साहिब और आनंदपुर साहिब के बीच अज्ञात हमलावरों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार श्रद्धालुओं पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गई। मिली जानकारी के अनुसार जालंधर से श्री आनंदपुर साहिब मत्था टेकने जा रही संगत पर यह देर रात हमला हुआ है। घटना के दौरान हमलावर भी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर आए थे।

    इस घटना के दौरान गनीमत यह रही कि फायरिंग में किसी की जान नहीं गई, लेकिन फायरिंग के दौरान गाड़ियों पर गोलियों के निशान पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे श्रद्धालुओं की गाड़ियों और ट्रालियों को निशाना बनाया। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। राहत की बात यह रही कि इतनी भारी फायरिंग के बावजूद किसी को गोली नहीं लगी और सभी श्रद्धालु सुरक्षित बच गए। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका मकसद नुकसान पहुंचाना था।

    फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी पीड़ितों में भारी रोष देखा जा रहा है। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं ने पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस का रवैया बेहद ढुलमुल रहा। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस सीमा विवाद (किरतपुर साहिब बनाम आनंदपुर साहिब) में उलझी रही और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। सही तरीके से कार्रवाई न होने के कारण संगत में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। फिलहाल, श्रद्धालु अब पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

  • Jalandhar News: पूर्व सूबेदार का पर्स लेकर ऑटो चालक फरार, सवारियों से हो रही घटनाओं से पुलिस बे-खबर, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पूर्व सूबेदार का पर्स लेकर ऑटो चालक फरार, सवारियों से हो रही घटनाओं से पुलिस बे-खबर, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: महानगर में बस स्टैंड के बाहर ऑटो चालक सवारी का पर्स लेकर फरार हो गया। गौर हो कि बस स्टैंड पर लगातार कुछ ऑटो चालकों द्वारा सवारियों के साथ ठगी मारने की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस घटनाओं से बे-खबर है। यही कारण है कि ठग ऑटो चालकों द्वारा लगातार घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं आज एक ओर सवारी ठगी का शिकार हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार होशियारपुर से पीड़ित जालंधर में दवाई लेने के लिए आया हुआ था। इस दौरान बस स्टैंड के बाहर से उसने ऑटो नोवा अस्पताल जाने के लिए 20 रुपए में किया था।

    इस दौरान ऑटो चालक ने उससे 20 रुपए किराया भी नहीं लिया और वह ऑटो लेकर फरार हो गया। घटना के बारे में उसे उस समय पता चला जब जेब चैक की और जेब से पर्स गायब था। पीड़ित ने हरपाल सिंह बताया कि वह रिटायर्ड सूबेदार है और वह होशियारपुर से जालंधर दवाई लेने के लिए आया था लेकिन ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित के अनुसार पर्स में नगदी और कीमती दस्तावेज मौजूद थे। पीड़ित ने कहाकि पर्स में उसका 15 से 20 हजार का सामान था, जिसका नुकसान हो गया। घटना को लेकर पीड़ित ने पुलिस को सूचित कर दिया है।

    हरपाल सिंह ने कहाकि ऑटो चालक ने नशा किया हुआ था और ऑटो में एक सिख व्यक्ति पीछे बैठा हुआ था। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर दिलजीत सिंह ने कहा कि उन्हें कंट्रोल रूम में सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति से स्नेचिंग हुई है, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि स्नेचिंग नहीं हुई बल्कि वह ठगी का शिकार हुए है। इंस्पेक्टर ने कहा कि हरपाल सिंह पुत्र कशमीरा लाल निवासी होशियारपुर, जालंधर में अस्पताल पर दवाई लेने के लिए आए थे।

    इस दौरान ऑटो चालक पीड़ित का पर्स लेकर फरार हो गया। पीड़ित के बयान दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दें कि ऑटो चालकों द्वारा सवारियों के पैसे और पर्स चोरी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार सवारियां ठगी का शिकार हो चुकी है। दो बार सवारियों की चतुराई से ठग ऑटो चालकों को काबू भी किया जा चुका है और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड पर ठग ऑटो चालकों की लगातार ठगी की घटनाएं सामने आने के बाद भी पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। यही कारण है कि ठग ऑटो चालक अभी भी सवारियों को ठगी का शिकार बना रहे है।

  • Punjab News: इस इलाके में चली गोलियां, 2 व्यक्ति घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में चली गोलियां, 2 व्यक्ति घायल, देखें वीडियो

    अमृतसरः जंडियाला गुरु के वैरोवाल रोड के पास घर पर फायरिंग की घटना सामने आई है। जहां 2 व्यक्तियों पर हमलावारों द्वारा गोलियां चलाई गईं। आरोप है कि करियाना स्टोर के पैसे पीड़ित व्यक्तियों द्वारा देने थे। इसी मामले को लेकर करियाना स्टोर मालिक ने हमलावारों द्वारा उनके घर पर आकर गोलियां चलवाई है। मिली जानकारी के अनुसार हमलावारों द्वारा कुल 3 से 4 राउंड फायर किए गए। इस गोलीबारी में 2 व्यक्ति गोलियां लगने से घायल हुए है।

    इस घटना में एक व्यक्ति के कंधे में 2 गोलियां लगीं और दूसरे के पेट में एक गोली लगी है। हादसे में घायल दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल भर्ती करवाया गया। घायल दोनों व्यक्तियों का मन्नावाला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पीड़ित परिवार ने बताया कि करियाना स्टोर मालिक ने कुछ नौजवानों को लेकर हमारे घर में घुसकर हमारी चीजें उठाना शुरू कर दीं। करियाना स्टोर का 21,000 रुपये बकाया था। यह रकम लेकर किराना स्टोर के मालिक ने कुछ नौजवानों को साथ लेकर हमारे घर में प्रवेश किया और सीधे फायर कर दिए गए।

    कुल तीन से चार राउंड, जिनमें से तीन राउंड दो लोगों को लगे। दोनों पीड़ितों की पहचान पिता-पुत्र के रूप में हुई है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। एसएचओ जंडियाला का कहना है कि किराने का सामान लिया गया था और कुछ पैसे न मिलने के कारण दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके दौरान एक पक्ष ने फायरिंग की। इन बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम बनाकर उनकी तलाश कर रही है।

  • सबसे बड़ी Airlines के पायलटों की हड़ताल, 700 से अधिक उड़ानें रद्द, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

    सबसे बड़ी Airlines के पायलटों की हड़ताल, 700 से अधिक उड़ानें रद्द, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

    मॉस्कोः जर्मनी की सबसे बड़ी एयरलाइन समूह लुफ्थांसा में हड़ताल का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार पायलटों ने पेंशन और कार्य स्थितियों को लेकर 2 दिन की हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल स्थानीय समयानुसार सोमवार 13 अप्रैल की रात 12:01 बजे से शुरू होकर मंगलवार 14 अप्रैल की रात 11:59 बजे तक चलेगी। पायलट यूनियन वेराइनिगंग कॉकपिट ने इस हड़ताल का आह्वान किया है।

    ऐसे में पायलटों की हड़ताल के पहले दिन 700 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यह जानकारी वेरेनिगुंग कॉकपिट यूनियन ने दी। यूनियन ने कहा है कि मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुछ गंतव्यों की उड़ानें हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगी। इनमें अजरबैजान, मिस्र, बहरीन, इराक, इजरायल, यमन, जॉर्डन, कतर, कुवैत, लेबनान, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस हड़ताल से लगभग 1 लाख यात्रियों पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है। यात्री लंबी कतारों, आखिरी समय में रीशेड्यूलिंग और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

    लुफ्थांसा ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से अपनी उड़ान की स्थिति चेक करें और जब तक उड़ान कन्फर्म न हो, हवाई अड्डे पर न जाएं। जर्मन ट्रेड यूनियन वेरेनिगुंग कॉकपिट ने इससे पहले 13-14 अप्रैल को लुफ्थांसा पायलटों की तीसरी हड़ताल का आह्वान किया था। पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंटों की हड़ताल की पहली और दूसरी लहर फरवरी और मार्च 2026 में हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप जर्मनी के प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गई थीं। यूनियन के मुताबिक, ईस्टर छुट्टियों के दौरान भी हड़ताल न करने का फैसला लिया गया था, फिर भी नियोक्ता की ओर से कोई गंभीर प्रस्ताव नहीं आया। यूनियन अध्यक्ष आंद्रियास पिन्हेरो ने कहा कि कई सामूहिक सौदेबाजी विवादों में नियोक्ताओं ने समाधान पहुंचाने की कोई ठोस इच्छा नहीं दिखाई।

     

  • ‘पहले 90 लाख दो, फिर उठेगा घूंघट’, दुल्हन की डिमांड सुनकर दूल्हे के उड़ गए होश

    ‘पहले 90 लाख दो, फिर उठेगा घूंघट’, दुल्हन की डिमांड सुनकर दूल्हे के उड़ गए होश

    आगराः शादी का माहौल, खुशियों का घर और नई जिंदगी की शुरुआत… लेकिन आगरा से सामने आई एक घटना ने सबको हैरान कर दिया। जहां सुहागरात आमतौर पर प्यार और रिश्ते की शुरुआत मानी जाती है, वहीं इस मामले में पैसों की मांग ने पूरे मामले को विवाद और डर में बदल दिया।

    शादी के बाद अचानक बदला माहौल

    उत्तर प्रदेश के आगरा के जगदीशपुरा इलाके में एक शादी पूरी रीति-रिवाज के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हुई। दोनों परिवार खुश थे और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन शादी के बाद जो हुआ, उसने सभी को चौंका दिया।

    सुहागरात से पहले 90 लाख रुपये की मांग

    सुहागरात से ठीक पहले दुल्हन ने दूल्हे और उसके परिवार के सामने 90 लाख रुपये नकद देने की मांग रख दी। दुल्हन का कहना था कि जब तक उसे यह रकम नहीं दी जाएगी, वह घूंघट नहीं उठाएगी और आगे की रस्में नहीं होंगी। इतनी बड़ी रकम की अचानक मांग सुनकर दूल्हे का परिवार हैरान रह गया, क्योंकि उनके लिए तुरंत इतने पैसे देना संभव नहीं था।

    पैसे न मिलने पर दुल्हन ने छोड़ा ससुराल

    जब दूल्हे पक्ष ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो दुल्हन नाराज हो गई। वह अपने गहने और सामान लेकर अपने मायके चली गई। उस समय परिवार को लगा कि मामला यहीं खत्म हो जाएगा, लेकिन असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ।

    अगले दिन परिवार के साथ पहुंची दुल्हन

    अगले ही दिन दुल्हन अपने परिवार के साथ दूल्हे के घर पहुंची। आरोप है कि उन्होंने घर में मौजूद लोगों को अंदर बंद कर दिया और 90 लाख रुपये देने के लिए दबाव बनाने लगे। घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    गैस लाइन से छेड़छाड़, टला बड़ा हादसा

    सबसे गंभीर आरोप यह है कि दुल्हन पक्ष के लोगों ने घर की PNG गैस लाइन से छेड़छाड़ की और आग लगाने की कोशिश की। अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

    पुलिस की मदद से बची जान

    दूल्हे के परिवार ने किसी तरह 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घर में बंद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

    इलाके में चर्चा का विषय बना मामला

    इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि शादी के बाद इतनी बड़ी रकम की मांग कैसे की जा

  • Punjab News : Satish Jewellers पर लगे धोखाधड़ी के आरोप, पुलिस का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News : Satish Jewellers पर लगे धोखाधड़ी के आरोप, पुलिस का आया बयान, देखें वीडियो

    लुधियाना: जिले के शेरपुर कॉलोनी इलाके में सतीश ज्वैलर पर लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी करने के आरोप लगे थे। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारी ने कहा कि एएसआई सुखजिंदर मामले की जांच कर रहे है। उन्होंने कहा कि ज्वैलर के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा ठगी के आरोप लगाए गए है। मामले की जांच के बाद अगर ज्वैलर दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि तीन दिन पहले ‘सतीश ज्वैलर्स’ नाम की दुकान के मालिक सतीश पर कई ग्राहकों ने ठगी करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

    ग्राहकों ने आरोप लगाए है कि दुकानदार उनसे यह कहकर सोना बेचता था कि वह 22 कैरेट से कम का सोना नहीं बेचता। लेकिन जब खरीदे गए सोने की जांच करवाई गई, तो उसकी शुद्धता 18 कैरेट से भी कम पाई गई। इससे नाराज ग्राहकों ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दुकान के बाहर एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, जहां लोगों ने दुकानदार के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच दुकानदार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने कहा कि वह सभी प्रभावित ग्राहकों के पैसे लौटाने के लिए तैयार है। फिलहाल, इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि दुकानदार थर्ड क्लास से भी नीचे का सोना बेचता है। वहीं मौके पर एक ग्राहक से ठगी को लेकर कहा कि उसने ज्वैलर से सोना खरीदा था और उसकी लैब में जांच की गई तो पता चला वह सोना नहीं है। व्यक्ति का आरोप है कि उसे 10 से अधिक ग्राहकों का फोन आया कि उनके साथ भी ज्वैलर द्वारा ठगी की गई है। व्यक्ति ने कहा कि अभी एक ग्राहक द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई है। जल्द ही वह अन्य ग्राहकों से बातचीत करके पुलिस को शिकायत देने की अपील करेंगे और ज्वैलर के खिलाफ बनती कार्रवाई की मांग करेंगे।

    वहीं ग्राहक ने कहा कि उसके साथ सतीश ज्वैलर द्वारा 22 कैरेट का सोना कहकर 18 कैरेट का सोना बेचा था। वह इसलिए घटिया सोना बेच रहा है, क्योंकि यहां पर लेबर क्लास के लोग रहते है और उन्हें ठगा जा रहा है। पीड़ित ने कहा उसने लैब में अंगूठी की जांच करवाई तो उसमें 48 प्रतिशत सोना पाया गया, जबकि चैन डुबलीकेट पाई गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने सभी ठगी के शिकार ग्राहकों को मोती नगर थाने में आकर शिकायत देने की अपील की है। ग्राहक ने कहा कि अभी तो सोने के ठगी का मामला सामने आया है, लेकिन अभी चांदी को लेकर ठगी के मामले भी जल्द सामने आएंगे।

     

     

  • समंदर में चीन है बेहद Powerful, Hormuz Blockade को लेकर बढ़ा China-America में तनाव

    समंदर में चीन है बेहद Powerful, Hormuz Blockade को लेकर बढ़ा China-America में तनाव

    नई दिल्ली: दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। यहां से दुनिया का करीबन 20-21 प्रतिशत तेल गुजरता है। अप्रैल 2026 में अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया है। इसके बाद चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। चीन को तेल की जरुरत के कारण होर्मुज पर निर्भर रहना पड़ता है।

    समंदर में चीन की नौसेना

    चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी यानी प्लान दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 के अनुसार, चीन के पास कुल 841 युद्धपोत हैं। यह संख्या रुस (747) और अमेरिका (465) से कहीं ज्यादा है। चीन ने पिछले 10-15 सालों में तेजी से नई पनडुब्बियां, डेस्ट्रॉयर और फ्रिगेट बनाए गए हैं। उसके पास 3 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। 4 हेलीकॉप्टर कैरियर भी हैं।

    US-चीन नौसेना की हुई तुलना

    यदि ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 की बात करें तो संख्या में चीन आगे हैं परंतु क्वालिटी टेक्नोलॉजी और ग्लोबल पहुंच में अमेरिका अभी भी काफी मजबूत हैं। अमेरिका की नौसेना के पास कुल 465 युद्धपोत हैं परंतु इनका कुल टनेज 82 लाख टन से ज्यादा है जबकि चीन का सिर्फ 31 लाख टन है। चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के खिलाफ बताया है और शांति की अपील की है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है लेकिन अभी तक कोई सीधा सैन्य टकराव नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों नौसेनाओं के बीच सीधा टकराव की संभावना कम है। अमेरिका का फोकस मुख्य रुप से ईरान पर है। चीन ब्लॉकेड को गलत बता रहे हैं लेकिन वो डायरेक्ट युद्ध नहीं चाहता क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। यदि अमेरिका चाइनीज टैंकरों को रोकने की कोशिश करता है तो तनाव और बढ़ सकता है। चीन ने चेतावनी दी है कि वैश्विक हितों को खतरा है परंतु दोनों देश जानते हैं कि पूरा पैमाना US vs China युद्ध तक पहुंचने से दोनों को बहुत ही नुकसान होगा। चीन डिप्लोमेसी और आर्थिक दबाव का रास्ता चुन रहा है। अमेरिका भी चीन के साथ सीधा टकराव टालना चाहता है इसलिए अभी दोनों नौसेनाएं होर्मुज में आमने-सामने आने की बजाय नजर रख रही है परंतु स्थिति बदलती रहती है।

    चीन और अमेरिका ने की तैनात

    अप्रैल 2026 में अमेरिका की तैनाती काफी मजबूत है। 11 अप्रैल को दो अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस फ्रैंक.ई पीटरसन और यूएसएस माइकल मर्फी ने पहली बार होर्मुज स्ट्रेट पार किया। ये जहाज पर्सियन गल्फ में गए और अब बारुदी सुरंगें साफ करने का काम शुरु कर दिया है। अमेरिका की 5वीं फ्लीट पूरे क्षेत्र में एक्टिव है।

    क्या दोनों नौसेनाएं आएंगी सामने?

    अभी फिलहाल दोनों नौसेनाओं के बीच में सीधा टकराव की संभावना बहुत कम है। अमेरिका का फोकस मुख्य रुप से ईरान पर है। चीन ब्लॉकेड को गलत बता रहा है लेकिन वो डायरेक्ट युद्ध नहीं चाहता क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। अगर अमेरिका चाइनीज टैंकरों को रोकने की कोशिश करता है तो तनाव बढ़ सकता है। चीन ने चेतावनी दी है कि वैश्विक हितों का खतरा है लेकिन दोनों देश जानते हैं कि पूरा पैमाना USvsChina युद्ध तक पहुंचने से दोनों को बहुत नुकसान होगा। चीन डिप्लोमेसी और आर्थिक दबाव का रास्ता चुन रहा है। अमेरिका भी चीन के साथ सीधा टकराव टालना चाहता है इसलिए अभी दोनों नौसेनाएं होर्मुज में आमने-सामने आने की जगह नजर रख रहे हैं परंतु स्थिति बदलती रहती है। यदि ब्लॉकेड लंबा चला तो तनाव और बढ़ सकता है। समुद्र में चीन संख्या में बहुत ताकतवर है लेकिन अमेरिका की नौसेना अभी भी ग्लोबल पावर के मामले में आगे है। होर्मुज का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
  • Punjab News: चालान काटने को लेकर हुआ हंगामा, ASI पर लगे गलत व्यवहार के आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: चालान काटने को लेकर हुआ हंगामा, ASI पर लगे गलत व्यवहार के आरोप, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस द्वारा लगातार नियमों की पालना ना करने वालों के चालान काटे जा रहे है। वहीं पुलिस द्वारा चालान काटने को लेकर कुछ लोगों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है और पुलिस पर आरोप भी लग रहे है। वहीं ऐसा ही एक मामला कार चालक का सामने आया है, जिसमें कार चालक कमलजीत ने पुलिस पर गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए है। दरअसल, चालान काटने के दौरान कार चालक युवक और ट्रैफिक पुलिस के एएसआई के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कमलजीत ने इस घटना का वीडियो बना लिया। जिसमें एएसआई युवक को वीडियो बनाने पर पर्चा काटकर अंदर कर दूंगा और मार-मार चपेड़े हवालात में डाल दूंगा जैसी धमकियां देता सुनाई दे रहा है।

    जानकारी के अनुसार, मोगा जिले के बाघापुराना के रहने वाले कमलजीत सिंह ने बताया कि वह म्यूजिक स्टूडियो का काम करता है। बीते दिन वह दोस्त के साथ किसी निजी काम से स्विफ्ट कार में सवार होकर चौड़ा बाजार आया था। वापसी के दौरान फाउंटेन चौक के पास ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कमलजीत ने बताया कि उसने पुलिस को बताया कि सीट बेल्ट लगा रखी है और गाड़ी के दस्तावेज भी पूरे हैं, जिन्हें ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। इसके बावजूद ट्रैफिक कर्मियों ने उसका ड्राइविंग लाइसेंस ले लिया और चालान करने की बात कही। जब उसने चालान का कारण पूछा तो एएसआई ने कहा कि गाड़ी की सीट पर सामान रखा हुआ है। इस पर कमलजीत सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि निजी कार में निजी सामान रखना कोई नियम उल्लंघन नहीं है। इसी दौरान कमलजीत सिंह मोबाइल से वीडियो बनाने लगा, जिस पर एएसआई भड़क गया।

    इस व्यवहार से नाराज कमलजीत और उसके दोस्त ने मामले की शिकायत ट्रैफिक पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई। उनका कहना है कि उन्होंने पूरी वीडियो अधिकारियों को भेज दी है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग भी संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले में संबंधित ट्रैफिक एएसआई से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जोन इंचार्ज परमिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें भी मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए ही मिली है।

     

     

  • Punjab News: किसानों पर टूटा कहर, आग लगने से 15 एकड़ गेंहू राख

    Punjab News: किसानों पर टूटा कहर, आग लगने से 15 एकड़ गेंहू राख

    फरीदकोटः पंजगढ़ाई कलां से कुछ दूरी पर स्थित गांव ढिल्लवां कलां के पास खेतों में आग लग गई। मिली जानकारी के अनुसार सूए और गुरुकुल कॉलेज के पीछे खेतों में अचानक आग लगने से भारी नुकसान हो गया। बताया जा रहा हैकि इस घटना में करीब 15 एकड़ से अधिक किसानों की गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ढिल्लवां कलां के भजन सिंह के 4 एकड़, भिंडा ढिल्लों के 2 एकड़ और लखविंदर सिंह सिंधा के 7 एकड़ सहित कई और किसानों की फसल जली जिससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ और फसल जलने से किसानों के अरमान चकनाचूर हो गए।

    आग बुझाने के लिए आग बुझाने वाली गाड़ियों सहित अलग-अलग गांवों में बनाए पानी के टैंकों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इसके अलावा लोगों ने पेड़ों की टहनियों और पानी से आग बुझाने के प्रयास भी किए। किसानों ने बताया कि सूए की पटरी के साथ खड़ी सफेडियां से आग निकली जो हवा के साथ गेहूँ की फसल तक फैल गई।

    आग लगने की खबर मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, हल, तविएं और अन्य आवश्यक साधन लेकर घटना स्थल पर पहुंचे और आग बुझाने में मदद की। पीड़ित किसानों ने सरकार से मांग की है कि पूरी पकी हुई गेहूँ की फसल के नुकसान का तुरंत और पूरा मुआवजा दिया जाए। इस संदर्भ में भारतीय किसान यूनियन एकता मझैल के ब्लॉक कोटकपुरा के प्रधान वरिंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य किसान संगठनों के नेताओं ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि नष्ट हुई फसल का मुआवजा शीघ्र दिया जाए।