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  • सरकारी कार्यप्रणाली में आंकड़ों की सटीकता पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित

    सरकारी कार्यप्रणाली में आंकड़ों की सटीकता पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: सरकारी कार्यप्रणाली में आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सांख्यिकी विभाग ने शुक्रवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया । इस कार्यशाला में मुख्य सचिव संजय गुप्ता और वित्त सचिव अभिषेक जैन ने शिमला से ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। वित्त सचिव ने अपने संबोधन में बताया कि सरकारी योजनाओं और नीतियों के कुशल संचालन के लिए सटीक, अद्यतन और सुव्यवस्थित आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार की नीतियां प्रभावी रूप से लागू हो सकती हैं और विकास योजनाओं के लाभ आमजन तक पहुंचाए जा सकते हैं।

    इस दौरान उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले में आंकड़ों की सटीकता को लेकर की जा रही पहल और सुधार उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को आंकड़ों की नियमित अद्यतनता और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के सही एकीकरण से नीति निर्माण और संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता दोनों बढ़ाने की दिशा में तत्परता से काम किया जा रहा है। उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला में अनुसंधान अधिकारी अशोक कुमार, सहायक अनुसंधान अधिकारी ब्रजेश कुमार, सांख्यिकीय अन्वेषक रोहित राणा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बददी निवासी यश कंसल को सोलन जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी

    बददी निवासी यश कंसल को सोलन जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी

    राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने की घोषणा

    बददी/सचिन बैंसल: केंद्रीय विश्वविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि के रूप में राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने की। देशभर से आए लगभग 30 कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से वीरेंद्र जटवानी, यश कंसल, द्विजेंद्र द्विज,नवनीत शर्मा, शक्ति चंद राणा, सुरेश लता अवस्थी, अनिता व सुरेश साहिल की कविताओं को खूब सराहा गया। मुख्य अतिथि जगदीश मित्तल ने कहा कि कविता केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि देश और समाज की आत्मा को सशक्त बनाने का माध्यम है।

    इस अवसर पर प्रो. प्रदीप कुमार, डा. इंदर सिंह, डा. विक्रम व डा. अमरीक सहित कई गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से बददी निवासी यशराज कंसल पुत्र गीता कंसल को सोलन जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। राष्ट्रीय कवि संगम अंतराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र जागरण के कार्य में वर्षों से कार्यरत है जिसमें देश भर के विख्यात 5000 से अधिक कवि जुड़े हुए हैं। धर्मशाला के डा. अशोक शर्मा, नाहन की डा. भूमिका और चम्बा के सुरेश साहिल को जिला

  • चुनाव संबंधी सभी प्रश्नों और शिकायतों के समाधान हेतु मतदाता हेल्पलाइन 1950 एवं बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा सक्रिय

    चुनाव संबंधी सभी प्रश्नों और शिकायतों के समाधान हेतु मतदाता हेल्पलाइन 1950 एवं बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा सक्रिय

    ऊना/सुशील कुमार: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 और बुक-ए-कॉल विद बीएलओ जैसी सुविधाओं को सक्रिय किया है। ये सेवाएँ नागरिकों की सभी चुनाव संबंधी शिकायतों, सुझावों और प्रश्नों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई हैं।

    जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जनित लाल ने बताया कि राष्ट्रीय संपर्क केंद्र पूरे देश के लिए एक केंद्रीय हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेगा। यह टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950 के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित रहेगा। इस केंद्र पर प्रशिक्षित अधिकारी नागरिकों को चुनावी सेवाओं और अन्य संबंधित विषयों में सहायता प्रदान करेंगे।

    उपायुक्त ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिलों में राज्य संपर्क केंद्र तथा जिला संपर्क केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए हैं ताकि स्थानीय स्तर पर त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध हो सके। ये केंद्र कार्य दिवसों में कार्यालय समय के दौरान सक्रिय रहते हैं और क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी प्रदान करते हैं। सभी शिकायतें और प्रश्न राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल के माध्यम से दर्ज और ट्रैक किए जाते हैं, जिससे प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी बनी रहती है। इसके साथ ही, नागरिक अब ईसीआइनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा का उपयोग कर सीधे अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    इसके अतिरिक्त, नागरिक ईसीआइनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से भी चुनाव अधिकारियों से जुड़ सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों की नियमित निगरानी करें और सभी अनुरोधों का 48 घंटों के भीतर त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें। ये सुविधाएँ मौजूदा शिकायत निवारण व्यवस्थाओं के अतिरिक्त हैं। नागरिक अपनी शिकायतें या सुझाव complaints@eci.gov.in ईमेल पर भी भेज सकते हैं।

    उपायुक्त ने सभी नागरिकों और मतदाताओं से अपील की है कि वे 1950 मतदाता हेल्पलाइन और बुक-ए-कॉल विद बीएलओ जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करें ताकि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रश्नों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

  • उपायुक्त ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की प्रभावी निगरानी के लिए सुदृढ़ तंत्र विकसित करने पर जोर दिया

    उपायुक्त ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की प्रभावी निगरानी के लिए सुदृढ़ तंत्र विकसित करने पर जोर दिया

    ऊना/सुशील कुमार: उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिले में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इसके लिए सुदृढ़ मैकेनिज्म विकसित करने पर बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि इन केंद्रों में भर्ती सभी व्यक्तियों और कार्यरत स्टाफ का ब्योरा संबंधित पुलिस थाने में उपलब्ध होना चाहिए और केंद्र प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि किसी भी नए व्यक्ति की भर्ती की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दी जाए।

    वे शुक्रवार को राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकॉर्ड) के तहत गठित जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव, सभी एसडीएम तथा जिला पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    उपायुक्त ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की स्थापना और संचालन के लिए कड़े तथा मानकीकृत नियमों की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसे लेकर समिति की ओर से संबंधित आला अधिकारियों को लिखकर आग्रह किया जाएगा, ताकि इन केंद्रों का संचालन अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।

    जतिन लाल ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण और मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित तौर पर  रिहैबिलिटेशन केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मेडिकल स्टोर्स के औचक निरीक्षण को भी कहा। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में नशा निवारण जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं और अगली बैठक में उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    साथ ही, अधिकृत अधिकारियों को सीओटीपीए के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान के मामलों में आवश्यक चालान कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास यदि नशा संबंधित कोई गतिविधि हो, तो उसका त्वरित संज्ञान लेकर स्कूल प्रबंधन नजदीकी थाने को सूचित करे।

    पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने सभी विभागों, विशेषकर स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों से नशा संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा करने का आग्रह किया, ताकि सप्लायर चेन तक पहुंचकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने नशा मुक्त ऊना बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।

    बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया और सुरेंद्र शर्मा, एसडीएम अंब सचिन शर्मा, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, नगर परिषद ऊना के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • 3 फर्जी कॉल सेंटर मामले में आरोपी नरेंद्र कुमार गिरफ्तार, ASI को किया डिसमिस, देखें वीडियो

    3 फर्जी कॉल सेंटर मामले में आरोपी नरेंद्र कुमार गिरफ्तार, ASI को किया डिसमिस, देखें वीडियो

    पंचकूलाः आईटी पार्क में अगस्त महीने में चल रहे 3 फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नरेंद्र कुमार निवासी झज्जर, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि नरेंद्र कुमार के पास 5 करोड़ की ज्वैलरी रखवाई हुई थी। आज पुलिस ने नरेंद्र कुमार को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट से आरोपी का 3 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। सीआईए के जांच अधिकारी विजय कुमार ने बताया के रिमांड के दौरान आरोपी नरेंद्र से 3 करोड़ की ज्वैलरी अभी बरामद करनी बाकी है।

    पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा कि अगस्त 20 ओर 21 की रात को सेक्टर 22 के आईटी पार्क में चल रहे 3 कॉल सेंटर पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप बरामद किए थे। इस दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हरियाणा पुलिस का एक कर्मचारी एएसआई सतीश भी अगस्त महीने में 3 कॉल सेंटरों में हुई रेड में शामिल था। 20 और 21 अगस्त की रात को कमिश्नर व डीसीपी मनप्रीत सूदन और 3 पुलिस टीम के द्वारा सेक्टर 22 में 3 कॉल सेंटर में रेड की गई थी और छापेमारी के दौरान 85 लोग गिरफ्तार किए गए थे। इस दौरान 160 लैपटॉप और 40-45 मोबाइल और सिम ,बॉक्स मिले थे व लाखों की संपत्ति भी फ्रिज करवाई थी।

    जिसके बाद सारा मामला खुद ईडी को रेफर किया गया था। इस मामले में फर्जी कॉल सेंट्रर के 2 मालिक पकड़े गए थे। दोनों आरोपियों ने बताया था कि एएसआई सतीश नोडल साइबर थाने में कार्यरत था और जींद में पोस्टेड था इसमें उसका हाथ था और वह संरक्षण के नाम पर पैसे लेता था। इस मामले में एएसआई सतीश को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन उसके द्वारा हाईकोर्ट से जमानत ले ली। जिसके बाद उसे जांच में शामिल किया और सतीश ने एक कर्मचारी सिद्धार्थ का भी नाम लिया। जिसको आगे जांच में शामिल किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि इस मामले में कहा जा रहा है कि कोई भी मालिक नहीं पकड़ा गया। जबकि इस मामले में 10 मालिकों में से पुलिस ने 6 मालिकों को गिरफ्तार किया है और 4 मालिकों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल वह फरार चल रहे हैं और पुलिस उनके पीछे लगी हुई है। उन्होंने बताया कि जींद पुलिस अधीक्षक ने एएसआई सतीश को नौकरी से डिसमिस कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पंचकूला पुलिस पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्ती से कार्रवाई कर रही है और इस मामले में जो भी दोषी होगा उसे बक्शा नहीं जाएगा।

     

  • उपनिदेशक ऊना ने निजी विद्यालयों को आरटीई अधिनियम 2009 के मानकों की अनुपालना के दिए निर्देश

    उपनिदेशक ऊना ने निजी विद्यालयों को आरटीई अधिनियम 2009 के मानकों की अनुपालना के दिए निर्देश

    ऊना/सुशील कुमार: उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा ऊना सोम लाल धीमान ने जिले के सभी निजी विद्यालयों को निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के तहत निर्धारित सभी मानकों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

    उन्होंने बताया कि जिला के निजी विद्यालयों की दस्तावेजी जांच और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि कुछ विद्यालयों द्वारा अधिनियम में निर्धारित नियमों और मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा है, जो कि चिंतनीय है।

    उप निदेशक ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों के संचालन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। सभी विद्यालयों को इन मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

    उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के तहत सभी गैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों को प्रवेश स्तर पर 25 प्रतिशत सीटें कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रखना आवश्यक है। सरकार इन बच्चों की फीस निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विद्यालयों को प्रदान करती है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधनों को पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता के साथ प्रवेश देने और आवश्यक दस्तावेज समय पर विभाग को भेजने के निर्देश दिए।

    उप निदेशक ने आगे कहा कि सभी नये एवं कार्यरत अध्यापकों की नियुक्ति एन.सी.टी.ई. (NCTE) द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं मानकों के अनुरूप होनी चाहिए तथा प्रत्येक शिक्षक का शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त रखी जाए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित न हो।

    उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएँ अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। इनमें सुरक्षित एवं अग्निशमन क्षमता वाली भवन संरचना, स्वच्छ शौचालय (विद्यार्थी संख्या के अनुपात में), कम से कम 50 मीटर x 30 मीटर का खेल मैदान, प्रत्येक कक्षा का न्यूनतम आकार 8 मीटर x 6 मीटर, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक उपचार सुविधा शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे हिमाचल प्रदेश मोटर यान नियम, 2018 की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करें तथा विद्यार्थियों, चालकों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

    धीमान ने सभी निजी विद्यालय संचालकों से अपील की है कि वे आरटीई अधिनियम, 2009 के तहत निर्धारित सभी मानकों की सख्ती से अनुपालना करें और विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी निजी विद्यालय में नियमों या मानकों की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत विद्यालय की मान्यता रद्द करने और नियमानुसार जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।

     

  • Punjab News: सुखपाल खैहरा को लगा झटका, हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज

    Punjab News: सुखपाल खैहरा को लगा झटका, हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज

    कपूरथलाः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति (आय से अधिक संपत्ति) मामले में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ शुरू की गई सतर्कता जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर विजिलेंस ब्यूरो (सतर्कता ब्यूरो) को जांच करने से रोकना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने खैहरा की याचिका खारिज कर दी है। जिसमें पंजाब में सत्तारूढ़ दल द्वारा उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और दुर्भावनापूर्ण षड्यंत्र के कारण शुरू की गई सतर्कता जांच रद्द करने की मांग की गई। बताया जा रहा हैकि कोर्ट का कहना है कि वह याचिकाकर्ता की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच के माध्यम से सतर्कता ब्यूरो को अपने स्तर पर जानकारी एकत्र करने से रोकना उचित नहीं समझता।

    इस दौरान कोर्ट में खैहरा की ओर से पेश सीनियर वकील ने तर्क दिया कि पंजाब में 3 बार विधायक और विपक्षी नेता होने के नाते सत्ताधारी प्रतिष्ठान उन्हें कई झूठे मामलों के ज़रिए निशाना बना रहा है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि फरवरी, 2023 में NDPS मामले में अतिरिक्त आरोपी के रूप में उनके समन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद उन्हें “बाद की जांच” के ज़रिए फिर से फंसाया गया और सितंबर, 2023 में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि वह फिलहाल ज़मानत पर हैं, उन्होंने मौजूदा सतर्कता कार्रवाई के ज़रिए और भी झूठे आरोपों में फंसने की आशंका जताई।

    कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि फरवरी, 2024 से जारी सतर्कता जांच अवैध है और ललिता कुमारी (सुप्रा) मामले में निर्धारित प्रारंभिक जांच की समय-सीमा का उल्लंघन करते हुए उत्पीड़न के समान है। वकील ने ज़ोर देकर कहा कि सतर्कता ब्यूरो राजस्व और बैंकिंग अधिकारियों को विभिन्न आधिकारिक पत्राचारों के ज़रिए याचिकाकर्ता और उनके परिवार की संपत्ति और बैंक विवरण मांग रहा है, जिससे, उनके अनुसार, उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ। कोर्ट ने कहा कि खैहरा सतर्कता अधिकारियों और अन्य विभागों के बीच हुए संचार में आरोपी नहीं है, न ही कथित आय से अधिक संपत्ति के संबंध में उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज की गई।

    पीठ ने कहा कि सतर्कता पत्र अंतर-विभागीय प्रकृति के हैं और सूचना एकत्र करना अधिकारियों का कर्तव्य है। वहीं कोर्ट ने कहा, यह निर्विवाद है कि याचिकाकर्ता अंतर-विभागीय संचार में आरोपी नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि ये पत्र उसके संज्ञान में कैसे आए। इसलिए किसी भी तरह से यह नहीं कहा जा सकता कि इन पत्रों या लंबित जांच के माध्यम से उसके किसी अधिकार का उल्लंघन हुआ।

    वर्तमान मामले में ललिता कुमारी के मामले की प्रयोज्यता खारिज करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समयबद्ध प्रारंभिक जांच पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य अभियुक्तों और शिकायतकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है, जब ऐसी जांच यह निर्धारित करने के लिए शुरू की जाती है कि क्या कोई संज्ञेय अपराध बनता है। यहां सतर्कता पत्र केवल सूचना एकत्र करने के लिए है, एफआईआर दर्ज करने के लिए नहीं है। हालांकि याचिका में आरोप लगाया गया कि जांच ने ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार (2014) 2 एससीसी 1 में दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन किया है।

     

  • Jalandhar News: रेप केस में बुजुर्ग को जेल भेजने के मामले में बेटे ने SSP दफ्तर के बाहर लगाया धरना, देखें वीडियो

    Jalandhar News: रेप केस में बुजुर्ग को जेल भेजने के मामले में बेटे ने SSP दफ्तर के बाहर लगाया धरना, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: देहात के गांव पतारा में 60 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम कुमार पर रेप का पर्चा दर्ज करके पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। वहीं इस मामले को लेकर बेटे ने साथियों के साथ एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना लगा दिया है। बेटे का आरोप है कि पुलिस ने पिता पर गलत पर्च दर्ज किया है। बेटे रोहित कुमार ने कहाकि उसके पिता को 3 दिन पहले पुलिस ने घर से उठा लिया और उन पर रेप का केस दर्ज करके जेल में डाल दिया।

    बेटे का कहना है कि पुलिस ने ये तक नहीं बताया कि पिता को क्यों और किस मामले में उठाया है। रोहित ने कहा कि जब वह थाने गया तो वहां पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके पिता पर सामूहिक रेप का पर्चा दिया गया है। जिस गाड़ी में युवती के साथ रेप हुआ है, उस गाड़ी को प्रेम कुमार चलाकर लाए थे। इसलिए उनको इस केस में नामजद किया गया है।

    बेटे ने कहा कि पिता की किडनी फेल है और उनका पीजीआई चंडीगढ़ सहित पंजाब के कई अस्पतालों से इलाज चल रहा है। वह पिछले 10 महीने से वह बेड पर हैं। वहीं रोहित ने दावा किया कि उसके पिता केवल साइकिल चलाना जानते हैं। पूरी उम्र उन्होंने साइकिल चलाकर और दिहाड़ी लगाई है। उनको स्कूटी तक चलाना नहीं आती, वह गाड़ी कैसे चला सकते हैं। पूरे गांव को ये बात पता है कि उनके पिता को गाड़ी चलानी नहीं आती। वह पिछले 10 महीने से बेड पर हैं। वह तो हिल नहीं सकते। एक बुजुर्ग आदमी कैसे रेप कर सकता है।

  • स्कूटी-बाइक से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के मामलों में ऊना जिला प्रशासन सख्त, डीसी बोले…प्रधानाचार्यों की जवाबदेही होगी तय

    स्कूटी-बाइक से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के मामलों में ऊना जिला प्रशासन सख्त, डीसी बोले…प्रधानाचार्यों की जवाबदेही होगी तय

    ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्कूली विद्यार्थियों द्वारा स्कूटी या बाइक चलाकर स्कूल आने के मामलों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक स्कूल को इस संबंध में स्पष्ट हिदायतें जारी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी रैंडम निरीक्षण में यदि स्कूल में किसी छात्र या छात्रा की स्कूटी-बाइक खड़ी मिली, तो संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य की जवाबदेही तय की जाएगी।

    वे शुक्रवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव, सभी एसडीएम, पुलिस, लोक निर्माण और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    डीसी ने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों के आसपास आने-जाने के समय पर विशेष निगरानी रखें। यदि कोई अधिकारी स्कूटी-बाइक चलाते नाबालिग बच्चों को देखे, तो तुरंत कार्रवाई करें और स्कूल प्रिंसिपल एवं अभिभावकों को इसमें शामिल करें।

    उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें। हर माह जिले के सभी स्कूलों में सड़क सुरक्षा से संबंधित कोई न कोई जागरूकता गतिविधि अवश्य आयोजित की जाए, और अभिभावकों को भी इस दिशा में जागरूक करने के प्रयास किए जाएं। विभाग जागरूकता गतिविधियों की रिपोर्ट नियमित टर्नपर डीसी ऑफिस को सौंपे।

    बैठक में उपायुक्त ने आरटीओ को निर्देश दिए कि स्कूली बसों और वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते समय पूरी जांच-पड़ताल कर ही प्रमाणपत्र दें। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई या कोताही न बरती जाए।

    ब्लैक स्पॉट सुधार पर विशेष जोर

    उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों और ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उनका शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील गगरेट और अंब उपमंडलों में विशेष ध्यान देने को कहा। इस संबंध में एनएच के अधिकारियों, पुलिस और संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे गगरेट और अंब क्षेत्र में बन्ने दी हट्टी, दौलतपुर चौक, बडूही और अन्य संवेदनशील स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करें और आवश्यक सुधार कार्य, सड़क संकेतक एवं रंबल स्ट्रिप लगवाएं।

    उपायुक्त ने मैहतपुर क्षेत्र में भी आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग लगाने और सुरक्षा प्रबंध सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही, सड़क के समीप स्थित स्कूलों के पास विशेष सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाने का भी निर्देश दिया गया।

    सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान

    उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन ऊना ने सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले संवेदनशील नागरिकों को सम्मानित करने की पहल की है। ऐसे नेक मददगारों को जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। यह राशि केंद्र सरकार की गुड सेमैरिटन योजना के तहत मिलने वाले 25 हजार रुपये के अतिरिक्त होगी।

    उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को जरूरतमंदों की समय पर मदद के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने सभी उपमंडलाधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को चिन्हित कर प्रोत्साहन एवं सम्मान के लिए प्रस्ताव भेजें।

    उन्होंने कहा कि सड़कों को सुरक्षित, अतिक्रमण मुक्त और यातायात को जोखिम रहित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पूर्व सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने अवैध रेहड़ी-फड़ी और अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए।
    उन्होंने ऊना जिला में सड़क सुरक्षा कानूनों को सख्ती से लागू करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ओवर स्पीड और लापरवाही से ओवरटेक दुर्घटना का बड़ा कारण बनते हैं। ऐसा करने वालों से कड़ाई से निपटें।

    वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने जिले में हाल में हुई सड़क दुर्घटनाओं का ब्योरा साझा करते उच्च जोखिम वाले स्थानों के सुधार पर विशेष बल देने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग यातायात नियमों के पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में एसडीएम अंब सचिन शर्मा, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया व सुरेंद्र शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के.एस. ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • Jalandhar News: AN Neuro and Critical Care Hospital के बाहर परिवार ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    Jalandhar News: AN Neuro and Critical Care Hospital के बाहर परिवार ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: थाना 6 के अंतगर्त आते AN Neuro and Critical Care Hospital के बाहर लोगों द्वारा धरना लगाया गया। दरअसल, 21 अक्टूबर को नकोदर रोड़ पर महिला को गाड़ी चालक ने टक्कर मार दी। इस दौरान महिला के सिर पर गहरी चोट आई थी। महिला की पहचान कौशल्या के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा कौशल्या को उपचार के लिए सीएमसी अस्पताल ले जाया गया। परिवार का कहना है कि गरीब होने के कारण वहां पर उपचार करवाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। जिसके बाद वहां पर एबुलेंस चालक ने उन्हें AN Neuro and Critical Care Hospital में आयुष्मान कार्ड के जरिए ईलाज करवाने के बारे में बताया।

    जिसके बाद उन्होंने AN Neuro and Critical Care Hospital के कर्मियों से आयुष्मान कार्ड के साथ महिला के उपचार के बारे में बात की तो उन्होंने उपचार करने का आश्वासन दिया। परिजनों का कहना है कि जब वह मरीज को लेकर अस्पताल आए तो डॉक्टरों ने आयुष्मान कार्ड पर ईलाज होने का आश्वासन के साथ-साथ मरीज के 10 दिन तक  ठीक होने का भी आश्वासन दिया। परिवार का आरोप है कि 10 दिन बीत गए है, लेकिन मरीज में कोई सुधार नहीं हुआ है, बल्कि उसकी हालत और खराब हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाए है कि आयुष्मान कार्ड के जरिए मरीज का ईलाज भी नहीं किया गया। परिवार ने कहा कि वह अब तक अस्पताल में साढ़े 4 लाख रुपए जमा करवा चुके है। अस्पताल के कर्मियों का कहना है कि उनके पैसे वापिस आ जाएंगे, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि अब उनके पास ईलाज के लिए और पैसे भी नहीं है और मरीज भी ठीक नहीं हुआ।

    आरोप है कि अस्पताल द्वारा दवाई का 18 हजार का बिल बनाया गया, जबकि वह दवाई अन्य मेडिकल से 9 हजार रूपए में मिल रही है। परेशान होकर परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसके बाद घटना की सूचना मिलते ही एसीपी रूप कौर पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंची। परिजनों ने कहा कि उन्हें अस्पताल कर्मियों द्वारा अंदर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की पुलिस के साथ पहले मीटिंग की गई। जिसके बाद काफी देर तक उनके द्वारा हंगामा किए जाने के बाद उनके परिवार के कुछ लोगों को अस्पताल में बुलाया गया और उनके साथ मीटिंग की जा रही है।