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  • Health Tips: ज्यादा सोचने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं… जानें इससे बचने का उपाय

    Health Tips: ज्यादा सोचने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं… जानें इससे बचने का उपाय

    Health Tips: आजकल बहुत से लोगों को छोटी-छोटी बातों को लेकर बार-बार सोचने की आदत होती है। इसे ओवरथिंकिंग कहा जाता है। शुरू में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब कोई व्यक्ति हर बात को बार-बार सोचता है, तो उसका दिमाग हमेशा सक्रिय रहता है। इससे उसे आराम नहीं मिल पाता।
    • दिमाग थका हुआ महसूस करता है
    • नींद ठीक से नहीं आती
    • हर समय चिंता बनी रहती है
    • आत्मविश्वास कम होने लगता है
    धीरे-धीरे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में उलझने लगता है और सही फैसले लेने में भी परेशानी होती है। ज्यादा सोचने से होने वाली बीमारियां विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरथिंकिंग कई तरह की मानसिक और शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकती है।
    1. तनाव और चिंता (Stress & Anxiety)
    बार-बार सोचने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है, जिससे व्यक्ति हर समय बेचैन रहता है।
    1. डिप्रेशन (Depression)
    अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो व्यक्ति उदास रहने लगता है और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
    1. नींद की समस्या (Insomnia)
    ज्यादा सोचने से दिमाग शांत नहीं होता, जिससे नींद नहीं आती या बार-बार टूटती है।
    1. सिरदर्द और माइग्रेन
    लगातार सोचने से सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है।
    1. पाचन से जुड़ी समस्याएं
    तनाव का असर पेट पर भी पड़ता है, जिससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
    1. हाई ब्लड प्रेशर
    लंबे समय तक तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक है। ज्यादा सोचने से कैसे बचें? इस आदत को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।
    1. खुद को व्यस्त रखें
    खाली समय में ज्यादा सोचने की आदत बढ़ती है, इसलिए खुद को किसी काम में व्यस्त रखें।
    1. योग और मेडिटेशन करें
    योग और ध्यान करने से मन शांत रहता है और सोचने की आदत कम होती है।
    1. नियमित एक्सरसाइज करें
    व्यायाम करने से तनाव कम होता है और शरीर भी स्वस्थ रहता है।
    1. समय पर सोएं
    अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। इससे दिमाग को आराम मिलता है।
    1. पॉजिटिव सोच अपनाएं
    नेगेटिव सोच से बचें और हर स्थिति में अच्छा देखने की कोशिश करें।
    1. अपनी बात शेयर करें
    दोस्तों और परिवार से बात करने से मन हल्का होता है और चिंता कम होती है। डॉक्टर से कब मिलें? अगर ज्यादा सोचने की आदत आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। इन लक्षणों पर ध्यान दें:
    • लगातार चिंता या घबराहट
    • नींद की कमी
    • हमेशा उदासी महसूस होना
    • खुद से कंट्रोल न कर पाना
    ऐसी स्थिति में डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर इलाज और मार्गदर्शन से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
  • हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, 32% लक्ष्य पर फोकस

    हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, 32% लक्ष्य पर फोकस

    शिमला: प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में एक दूरदर्शी और महत्त्वाकांक्षी पहल के रूप में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस मिशन के तहत वर्ष 2030 तक राज्य के वन आवरण को 29.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह निर्णय ‘‘हिमाचल को हरित हिमालय राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय है’’ और इससे जैव विविधता बढ़ेगी। यह लक्ष्य केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और सतत विकास सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

    हिमाचल में वनावरण को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने गत तीन वर्षों में कई अभिनव पहल की हैं, जो वन विस्तार, संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करती हैं। इनमें मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस योजना का उद्देश्य बंजर और अनुपयोगी पहाड़ियों को हरित आवरण में बदलना है। इस योजना के पहले वर्ष में ही लगभग 600 हेक्टेयर बंजर भूमि पर पौधरोपण किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से वन भूमि पर पौधरोपण किया जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत पौधे फलदार प्रजातियों के शामिल हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए भविष्य में आय के स्रोत भी सृजित हो रहे हैं।

    इसी क्रम में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना वन क्षेत्र के पुनर्जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस योजना के तहत वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है और पौधों की देखभाल के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। लोगों और संस्थाओं को प्रति हेक्टेयर एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और जीवितता दर सुनिश्चित की जा सके। यह योजना स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों और युवाओं के माध्यम से धरातल पर उतारी जा रही है जिससे उन्हें रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

    सरकार ने हरित विकास को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए ग्रीन एडॉप्शन योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत निजी उद्यम, कंपनियां और गैर-सरकारी संगठन बंजर वन भूमि को गोद लेकर वहां पौधरोपण और संरक्षण कार्य करेंगे। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। इससे सरकारी संसाधनों पर निर्भरता कम होती है और बड़े स्तर पर हरित परियोजनाओं को गति मिलती है।

    इन सभी पहलों का समेकित प्रभाव राज्य को ‘ग्रीन हिमाचल’ की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। वन आवरण में वृद्धि के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिल रही है। बजट 2026-27 में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ को केंद्र में रखना और वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अन्य कदम व नीतियां स्पष्ट करती हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को संबल प्रदान कर रही है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण की नींव भी है।

  • परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पी.आर.टी.सी. के लिए 125 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की रूपरेखा पेश

    परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पी.आर.टी.सी. के लिए 125 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की रूपरेखा पेश

    चंडीगढ़: पंजाब के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे का कायाकल्प करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 6 अप्रैल, 2026 को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (पी.आर.टी.सी.) की 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पूरे सूबे में आधुनिक, कुशल और सुलभ आवागमन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

    इस पहल पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए, पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने और पूरे पंजाब के लोगों के लिए एक भरोसेमंद और सुलभ परिवहन नेटवर्क सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन बसों को हरी झंडी दिखाना इस दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है।

    पी.आर.टी.सी. के आधुनिकीकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार कुल 100 मिडी और 309 साधारण बसों की खरीद के लिए लगभग 125 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश कर रही है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से बेड़े में शामिल किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती मांग को तेजी से पूरा करने और कॉर्पोरेशन की परिचालन क्षमता को और बढ़ाने के लिए, पी.आर.टी.सी. किलोमीटर स्कीम के तहत 254 अतिरिक्त साधारण बसें भी चलाई जाएंगी।” उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक कदम मुख्य मार्गों पर कुशल सेवा प्रदान करने को सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।

    सरकार द्वारा पनबस के बेड़े में कुल 606 बसें शामिल करने की योजना है। इस व्यापक योजना में 387 नई बसें शामिल हैं, जिन्हें सीधे तौर पर बेड़े में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, किलोमीटर स्कीम के तहत, पनबस 19 वोल्वो बसें, 100 एच.वी.ए.सी. बसें और 100 साधारण बसें शामिल करेगी। पी.आर.टी.सी. और पनबस के बेड़े में एक हजार से अधिक नई और किलोमीटर स्कीम वाली बसों को शामिल करके, राज्य सरकार पंजाब के आवागमन प्रबंधन को भविष्य की जरूरतों के अनुसार सक्रिय रूप से तैयार कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विस्तार भगवंत मान सरकार की सार्वजनिक बेड़े के आधुनिकीकरण और सार्वजनिक परिवहन को यात्रा के भरोसेमंद साधन के रूप में मजबूत करने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • Health Tips : गर्मियों में चिया सीड्स का पानी पीने से क्या फायदा होता है, जानें एक्सपर्ट की राय 

    Health Tips : गर्मियों में चिया सीड्स का पानी पीने से क्या फायदा होता है, जानें एक्सपर्ट की राय 

    Health Tips : चिया सीड्स छोटे-छोटे बीज होते हैं, लेकिन इनके फायदे बहुत बड़े होते हैं। ये शरीर को ठंडक देने, हाइड्रेट रखने और हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। इनमें ओमेगा-3, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं। भीगे हुए चिया सीड्स क्यों फायदेमंद हैं? जब चिया सीड्स को पानी में भिगोया जाता है, तो ये फूलकर जेल जैसे बन जाते हैं। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और लंबे समय तक हाइड्रेट रखते हैं। शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखते हैं गर्मियों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में चिया सीड्स बहुत काम आते हैं। ये पानी को सोखकर शरीर में नमी बनाए रखते हैं, जिससे आपको ठंडक महसूस होती है। इसलिए इन्हें गर्मियों के लिए एक बेहतरीन ड्रिंक माना जाता है। पाचन (डाइजेशन) को सुधारते हैं चिया सीड्स में फाइबर बहुत ज्यादा होता है, जो पेट के लिए फायदेमंद है। ये पेट साफ रखने में मदद करते हैं और गैस, एसिडिटी व पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करते हैं। भीगे हुए चिया सीड्स पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। शरीर को देते हैं एनर्जी चिया सीड्स में प्रोटीन, ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं। इनका सेवन करने से शरीर भारी नहीं लगता और आप दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए अच्छे होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। वजन कम करने में मददगार अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो चिया सीड्स बहुत उपयोगी हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं चिया सीड्स शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता और कंट्रोल में रहता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। चिया सीड्स का सेवन कैसे करें? चिया सीड्स का सही तरीके से सेवन करना बहुत जरूरी है:
    1. रात को सोने से पहले
    1 चम्मच चिया सीड्स एक गिलास पानी में भिगो दें
    1. सुबह इसे हल्का गुनगुना कर लें
    इसमें थोड़ा नींबू का रस और काला नमक मिलाएं
    1. सेवन करें
    इसे अच्छी तरह मिलाकर खाली पेट पिएं ध्यान रखने वाली बातें
    • चिया सीड्स को हमेशा भिगोकर ही खाएं
    • ज्यादा मात्रा में न लें (1–2 चम्मच काफी है)
    • पानी के साथ ही सेवन करें
  • 3 मंजिला मकान भर-भराकर गिरा, 3 की मौत, कई लोग अंदर फंसे… सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

    3 मंजिला मकान भर-भराकर गिरा, 3 की मौत, कई लोग अंदर फंसे… सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

    अनूपपुरः मध्य प्रदेश के अनूपपुर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां, 3 मंजिला मकान अचानक भर-भराकर गिर गया। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर है। बाकी कई लोग अंदर फंस गये। वहीं, घटना की सूचना पाकर मौके पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गई है। जिसके बाद राहत बचाव कार्य में जुट गई है।

    फिलहाल सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने दुख प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुआवजा राशि का भी ऐलान किया है।

    मलबे से निकाले गए 6 लोग
    मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में 6 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें से 3 की मौत हो गई है और 3 की हालत स्थिर है। वहीं, अनूपपुर के एसपी मोती उर रहमान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की स्थिति की जानकारी ली। इस मामले में केस भी दर्ज कर लिया गया है। एसपी मोती उर रहमान ने जानकारी देते हुए कहा, “कल शाम से बचाव अभियान जारी है।

    हादसे पर सीएम मोहन यादव ने जताया शोक
    वहीं इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, कल कोतमा में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख रुपये, संबल योजना के अंतर्गत 4-4 लाख रुपये एवं रेडक्रॉस से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।

  • भागवत कथा सुनने से होती है मोक्ष की प्राप्ति, झंंबर में श्रीमद् भागवत कथा में बोले आचार्य तरुण डोगरा

    भागवत कथा सुनने से होती है मोक्ष की प्राप्ति, झंंबर में श्रीमद् भागवत कथा में बोले आचार्य तरुण डोगरा

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना उपमंडल की ग्राम पंचायत झंंबर में गांव वासियों के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन चौथे क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य तरुण डोगरा  महाराज ने अपने मुखारविंद अम्रत बर्षा करते हुए कहा कि भागवत सुनने से मनुष्य की जिंदगी में परिवर्तन आता है और भागवत कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्ति  होती है। उन्होंने कहा कि जो मंगल कलश होता है वह धर्म का प्रतीक है, वह हमेशा शुभ कार्य में स्थापित होता है और जब हम कोई धर्म कार्य करते है, तो उसकी स्थापना के लिए हम उसे स्थापित करते है। श्रीमद भागवत कथा हमें मोक्ष प्रदान करने वाली है, जो इसको भावपूर्वक सुनता है उसका कल्याण होना अनिवार्य है।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्री सत्यनारायण जी का व्रत व तप करने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है। और प्रभू भक्ति व सुमिरण करने से कभी भी भय नहीं होता तथा जीवन के अंत में प्राणी को कोई भी कष्ट नहीं होता। उन्होने बताया कि श्रीमदभागवत कथा में बताया गया है कि जो प्राणी कलयुग में भगवान का भजन करेंगे, उन्हें कोई कष्ट-कलेश नहीं होगा। उन्होने बताया कि इस धरती पर जीव अकेला पैदा हुआ था और अकेला ही इस संसार को छोड़कर जाएगा। वह इस संसार में जो भी भले-बुरे कर्म करता है, उनका भुगतान भी उसे स्वंय ही भुगतना पड़ता है। उन्होने कहा कि किस प्रकार भगवान ने अनेक अवतारों में जन्म लेकर इस धरती को अधर्म से धर्म के मार्ग पर चलाया था और आज उस प्रभु के द्वारा ये सारी सृष्टि रचित है जिसे इस धरती का एक-एक जीव जानता है लेकिन आज के इस युग में लोग भगवान को न मानकर अपने आपको स्वंय भगवान का स्थान देने लगे हैं। जिससे इस धरती पर प्रलय आने का भी योग बन सकता है क्योंकि अगर ये मानव रूपी जीवन स्वंय ही भगवान बन जाए तो इस सारी सृष्टि का संचार कौन करेगा? उन्होने भक्तों को बताया कि बर्ष में एक बार इस मानव रूपी जीवन को सुप्रसिद्ध स्थान गया जी में जाकर अपने पूर्वजों का भगवान को साक्षी मानकर पिंडदान जरूर करना चाहिए, ताकि हमारे इस नश्वर जीवन का उद्धार हो सके।

    उन्होने कहा कि भगवान को पाना है तो प्रभु सिमरन मात्र से ही हमारे पास पंहुच जाते हैं। उन्होने कृष्णमय प्रवचनों की बौछार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति प्रभु की शरण में जाता है भगवान स्वयं ही उसका बेड़ा पार लगा देते हैं क्योंकि प्रभु का नाम लेने मात्र से ही सब पाप धुल जाते हैं। उन्होने हजारों की तादाद में बैठे श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि प्रभु सिमरन करने व प्रभु के दिखाए मार्ग पर चलने से ही मोक्ष प्राप्त हो सकता है। उन्होने कहा कि हमें प्रभु भजन करने के लिए ही भगवान ने इस धरती पर जन्म देकर भेजा है। जब हम भजन करेगें तो भगवान हमें अवश्य ही मुक्ति देगें। उन्होने बताया कि रामायण से हमें जीने की सीख मिलती है और श्रीमदभागवत कथा हमें मरना सीखती है। क्योंकि ये मानव जीवन एक हवा का झोंका है जो आता है और चला जाता है। यदि हम चाहते हैं कि हमारा भगवान से मिलन से हो, तो हमें अपनी मृत्यु से डरना नहीं चाहिए। यदि हम कहीं भी भागवत कथा सुनने आते हैं तो हमें वहां से परम सौभाग्य लेकर जाना चाहिए। उन्होने कहा कि हमें भागवत कथा सिर्फ सुनना ही नहीं, बल्कि इसको अपने जीवन में भी उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों की परीक्षा हर काल-खण्ड में होती रही है और परमात्मा उनका साथ देते रहे है, किन्तु बुरे लोगों को दौलत, पद, प्रतिष्ठा देकर परमात्मा उनका साथ छोड़ते रहे है। उन्होने कहा कि शिक्षा खुद को धनी, प्रतिष्ठित बनाने से ज्यादा उचित है कि अपने को अच्छा बनाओ, ताकि परमात्मा हमारे साथ हमेशा रहे।

    उन्होंने श्रीमद्भगवत कथा का बख्यान करते हुए बताया कि जब हम कोई कार्य करते हैं, यानी अपना दिया गया कर्तव्य पूरी निष्ठा से नहीं करते हैं तो न केवल अपने कर्म को धोखा देते हैं, बल्कि स्वयं अपने आप को धोखा देते हैं। क्योंकि कर्म करने वाले को इतनी हानि नहीं होती, जितनी साधारणतः कमतर कार्य करने से स्वयं अपने आप को होती है। उन्होने कहा कि अगर हम अपने किए हुए कर्तव्य को निष्ठा से पूर्ण नहीं करते तो हमें आलस्य दबा लेगा और फिर हम वैसा साधारण कार्य ही करने के अभ्यस्त हो जाएंगे। परंतु हमें पूरी निष्ठा से किये गए श्रेष्ठ कार्य जिसमें अपेक्षाकृत अधिक ध्यान, श्रम, अध्यवसाय लगते हैं, हमें वही कार्य करने चाहिए, जिससे हमारा आत्मविश्वास धीरे-धीरे समाप्त न होकर आगे बढ़ता रहे और एक दिन ऐसा आएगा, जिससे हमारे द्वारा किए गए कर्मो का फल हमें स्वर्ग और नर्क की ओर स्वयं परिणामस्वरूप ले जाएगा। उन्होने भागवत ज्ञान की गंगा बहाते हुए कहा कि हम जो कुछ करें, चाहे वह घर का कार्य हो या दुकान, आफिस अथवा सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र का और जिसमें हमें चाहे आय भी कम हो, फिर भी हम अपने कार्य को अधूरे रूप से न करें। उन्होने कहा कि हमारी इन सभी बातों की मौलिकता और कुशलता की सर्वत्र प्रशंसा होगी। वहीं स्वयं हमारी अंतरात्मा भी इससे संतुष्ट होगी।

    उन्होंने प्रवचनों कि अमृत बर्षा करते हुए कहा कि कथा और सत्संग में ऐसी शक्ति होती है कि यह मनुष्य के मन के बुरे विचारों को निकाल देता है और उसमें शुद्ध विचार पैदा होते हैं इससे सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। परमात्मा की भक्ति करने के लिए मनुष्य में लालसा पैदा होती है। परमात्मा की कृपा से फिर उसका मिलन संतों से होता है। जब संतों का मिलन हो जाए, तो फिर मनुष्य का कल्याण ही कल्याण है। फिर जैसे गुरु कहें, उसके अनुसार अपने जीवन को बना लें और बुरे विचारों को अपने मन में न आने दें। फिर जब ईश्वर की मनुष्य पर पूरी कृपा हो जाती है, तो हमें गुरु दीक्षा भी मिल जाती है। जब हर रोज मनुष्य प्रभु सुमिरन करता है तो अंदर से रस आना शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रभु सुमिरन एक ऐसा रस है जिसके आगे दुनिया की सभी चीजें फीकी नजर आती हैं। जब भक्ति का रस आना शुरू हो गया, तो फिर हमारा ध्यान दुनियां से हटकर परमात्मा में लग जाता है फिर प्रभु से मिलने की तड़़प पैदा होती है। प्रभु सुमिरन करते हुए जब मनुष्य तड़़प में परमात्मा को पुकारता है, तो प्रभु उसे अवश्य दर्शन देते है। इस दौरान उन्होने सब संगतों को “हरे कृष्ण हरे कृष्णा, कृष्ण कृष्ण हरे-हरे, हरे राम हरे रामा, राम-राम हरे हरे” भक्ति भजन सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।

  • असम में भाजपा सरकार के इरादे इस बार सफल नहीं होंगेः ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

    असम में भाजपा सरकार के इरादे इस बार सफल नहीं होंगेः ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

    शिमला: असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने असम की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भाजपा सरकार, प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने अडानी पावर के साथ 6000 मेगावाट विद्युत उत्पादन का समझौता किया है, जो असम की जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पावर परचेज एग्रीमेंट 6.30 रुपये प्रति यूनिट की दर पर किया गया है, जबकि सौर ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली 2.50 से 3 रुपये प्रति यूनिट के बीच उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में अनियमितताओं की आशंका है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि असम में कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे सभी मामलों की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

    सुक्खू ने कहा कि पिछले दस वर्षों से असम में भाजपा सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के मोर्चे पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करती रही है, लेकिन इस बार जनता उनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा अपने राजनीतिक इरादों में सफल नहीं होगी।

    हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.83 लाख रुपये हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 64 हजार रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 125 यूनिट तक दो मीटरों पर मुफ्त बिजली दी जा रही है, जबकि अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरडीजी के रूप में हिमाचल प्रदेश के लोगों को मिलने वाली 8-10 हजार करोड़ रुपये वार्षिक सहायता को बंद किया गया है, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साक्षरता दर उच्च है और शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार किया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हो रहा है। अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित कर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सरकार ने ली है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है।

    कृषि क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्का का 40 से 50 रुपये, पांगी घाटी के जौ का 60 से 80 रुपये और प्राकृतिक हल्दी का 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो किया है। पहली बार अदरक को एमएसपी के दायरे में लाकर 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। इसके अलावा गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर उनके साथ असम कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन यदोव्रत बोरा तथा असम कांग्रेस की प्रवक्ता महिमा सिंह भी उपस्थित थी।

  • राजधानी में बड़ी लूट: नकली कस्टम अधिकारी बनकर 32 करोड़ का सोना ले उड़े बदमाश

    राजधानी में बड़ी लूट: नकली कस्टम अधिकारी बनकर 32 करोड़ का सोना ले उड़े बदमाश

    पटना: बिहार की राजधानी पटना के दानापुर इलाके में अपराधियों ने लूट का एक नया और चौंकाने वाला तरीका अपनाया। 4 अप्रैल को खगौल ओवरब्रिज के पास कुछ बदमाशों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर एक स्वर्ण व्यापारी से करीब 17 किलो सोना लूट लिया। इस सोने की कीमत लगभग 32 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    पीड़ित कौन है और कहां से आ रहा था
    पीड़ित का नाम महेश है, जो गुजरात के राजकोट से सोना लेकर आ रहा था। वह अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस ट्रेन से दानापुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से वह ऑटो में बैठकर पटना के बाकरगंज जा रहा था।

    अपराधियों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम?
    रास्ते में खगौल ओवरब्रिज के पास एक बलेनो कार और दो बाइक पर सवार 7-8 अपराधियों ने महेश का ऑटो रुकवाया। सभी बदमाश कस्टम अधिकारी के वेश में थे—उन्होंने सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहन रखी थी, जिससे वे असली अधिकारी जैसे लग रहे थे। उन्होंने जांच के नाम पर महेश से उसका बैग मांगा। जैसे ही बैग उनके हाथ लगा, वे तुरंत सोने से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

    पुलिस क्या कर रही है
    घटना की सूचना मिलते ही खगौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने एक बलेनो कार (जिस पर पुलिस का स्टिकर लगा था) और दो बाइक जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल अपराधियों ने इस लूट में किया था।

    पुलिस का आया बयान
    खगौल थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि अभी तक पीड़ित की ओर से आधिकारिक शिकायत (आवेदन) नहीं दी गई है। आवेदन मिलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कुल कितने की लूट हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारी राजकोट से आया था और दानापुर स्टेशन से ऑटो में बैठकर पटना जा रहा था, तभी अपराधियों ने उसे रोका और खुद को कस्टम अधिकारी बताकर उसके साथ यह वारदात की।

     

  • प्राचीन महादेव मंदिर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा

    प्राचीन महादेव मंदिर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा

    सह प्रभारी संजय टंडन भी रहे मौजूद

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी श्रीकांत शर्मा और सह प्रभारी संजय टंडन रविवार सुबह जिला मुख्यालय पहुंचे। हिमाचल के प्रवास पर पहुंचे दोनों नेताओं का भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो, जिलाध्यक्ष श्याम मिन्हास और प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी राजकुमार पठानिया व भाजपा कार्यकर्ता ने भव्य स्वागत किया।

    हमीरपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने पहुंचे श्रीकांत शर्मा और संजय टंडन ने जिला मुख्यालय पहुंचने ही पांडव काल के प्राचीन महादेव मंदिर कोटला कलां पहुंचकर भगवान शिव का पूजन अर्चन किया। इस मौके पर उन्होंने मंदिर परिसर का संक्षिप्त दौरा करते हुए व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

  • गुस्से में गाली भरी पोस्ट, Trump ने कहा- “तुम पागल Bastards लोग होर्मुज खोल दो, वरना नर्क में पहुंचा देंगे”

    गुस्से में गाली भरी पोस्ट, Trump ने कहा- “तुम पागल Bastards लोग होर्मुज खोल दो, वरना नर्क में पहुंचा देंगे”

    Iran US War News : राष्ट्रपति Donald Trump  ने एक बार फिर Iran के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बहुत सख्त शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोले, नहीं तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है।

    समयसीमा से पहले ही बढ़ा दबाव
    ट्रंप ने पहले 6 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उन्होंने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान नहीं माना, तो मंगलवार को पावर प्लांट और पुलों पर हमला किया जा सकता है। उनका कहना था कि यह हमला ऐसा होगा “जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”

    पहले भी दे चुके हैं धमकी
    21 मार्च को भी ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्र (Power Plants) नष्ट कर दिए जाएंगे। हमला देश के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू हो सकता है।

    सोशल मीडिया पर आक्रामक भाषा का इस्तेमाल
    अपने हालिया पोस्ट में ट्रंप ने बहुत आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा  “मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा”। ईरान को तुरंत कदम उठाने को कहा है। चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हालात बहुत खराब हो जाएंगे।

    48 घंटे का अल्टीमेटम
    ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था। उन्होंने कहा था अगर समय के अंदर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। शनिवार को भी उन्होंने दोहराया कि समय खत्म हो रहा है और हमला हो सकता है।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
    Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
    Middle East  में पहले से ही हालात तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच यह विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है, खासकर होर्मुज को लेकर।