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  • पंजाबः नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर किसानों ने अनिश्चितकाल के लिए लगाया धरना

    पंजाबः नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर किसानों ने अनिश्चितकाल के लिए लगाया धरना

    लुधियाना: हरियाणा के कुरूक्षेत्र में बीते दिन किसानों ने जम्मू-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। दरअसल, सूरजमुखी की खरीद MSP पर करने की मांग को लेकर किसान शाहाबाद-मारकंडा में जीटी रोड पर बैठे थे। जहां पुलिस द्वारा लाठीचार्ज दौरान किसान की मौत हो गई। जिसके चलते आज नेशनल हाईवे स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्त्ताओं ने अनिश्चितकाल समय के लिए अपना धरना लगाकर हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।

    भारतीय किसान यूनियन चंडूनी के पंजाब प्रधान दिलबाग सिंह गिल ने जानकारी देते बताया कि हमारी यूनिनयन के राष्ट्रीय प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सूरजमुखी के MSP रेट के विरोध में हरियाणा में धरना लगाया हुआ था, जहां कल हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर लाठिचार्ज किया गया, जिसमें 1 साथी की मौत हो गई। वहीं राष्ट्रीय प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी को गिरफ्तार कर लिया गया। आज हमारी यूनियन कब तक लाडोवाल टोल प्लाजा पर अपना धरना लगाकर बैठी रहेगी जबतक चंढ़ूनी को रिहा नहीं किया जाता और टोल प्लाजा पर किसी भी वाहन चालक से एक पैसा भी टोल की वसूली नहीं करने दी जाएगी। 

    बता दें कि बीते दिन प्रदर्शन की अगुआई कर रहे किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी ने कहा था कि जब तक हमारी सूरजमुखी को MSP पर खरीदने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक नेशनल हाईवे जाम रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में मीटिंग भी हुई थी लेकिन सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। चढ़ूनी ने कहा कि प्रशासन से बातचीत हो रही है लेकिन सरकार के जवाब देने की वजह से वह भी बेबस हैं। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने किसानों को बराड़ा चौक पर रोकने के इंतजाम लिए थे। बराड़ा चौक पर दोनों तरफ बैरिकेड लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वहां पर व्रज वाहन को भी तैनात कर रखा था, ताकि आगे बढ़ते किसानों को पानी की बौछार से रोका जा सके। मगर किसानों ने मारकंडा पुल की तरफ से हाईवे जाम कर दिया था। दरअसल, किसानों ने सरकार और प्रशासन को 6 जून को नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दी थी। जिसके बाद बीते दिन अल्टीमेटम खत्म होने पर किसानों ने हाईवे जाम कर दिया था। 

  • जानें क्यों मंच पर रो पड़े अरविंद केजरीवाल, देखें वीडियो

    जानें क्यों मंच पर रो पड़े अरविंद केजरीवाल, देखें वीडियो

    नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को जेल में बंद मनीष सिसोदिया का जिक्र करते हुए रोने लगे। एक शिक्षा संस्थान का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका सपना था। उनकी शुरू की शिक्षा क्रांति को खत्म करने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। एक्साइज पॉलिसी केस में मनीष सिसोदिया अभी जेल में बंद हैं। सिसोदिया के काम का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल का गला रुंध गया। उन्होंने कहा, ‘ये उनका सपना थ। ये लोग चाहते हैं कि दिल्ली की शिक्षा क्रांति खत्म हो जाए। लेकिन हम उसे खत्म नहीं होने देंगे।’ इस दौरान भीड़ सिसोदिया और केजरीवाल जिंदाबाद का नारा लगाने लगी।

    केजरीवाल ने आगे कहा, ‘मनीष जी ने इसकी शुरुआत की थी। उनका सपना था कि हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। इन्होंने झूठे-सच्चे आरोप लगाकर, फर्जी मुकदमे करके इतने अच्छे आदमी को इतने महीने तक जेल में डाला हुआ है। उनको लगा कि…उनको जेल में क्यों डाला हुआ है? देश में इतने बड़े-बड़े डाकू घूम रहे हैं, उनको नहीं पकड़ते। उनको मनीष सिसोदिया को इसलिए जेल में डालना है कि वह अच्छे स्कूल बना रहा है, बच्चों को अच्छी पढ़ाई दे रहा है।’

    दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर आज मनीष सिसोदिया अच्छी पढ़ाई नहीं दे रहा होता, अच्छे स्कूल नहीं बना रहा होता तो उसको जेल में नहीं भेजते। किसी हालत में जेल में नहीं भेजते। उन्हें तकलीफ हो रही है कि इस तरह से अच्छे-अच्छे स्कूल बन रहे हैं, आम आदमी पार्टी का प्रचार हो रहा है चारों तरफ। मैं जहां भी जाता हूं देश के अंदर तो सब एक ही बात करते हैं कि स्कूल बहुत अच्छे बन गए दिल्ली के। बच्चों के नतीजें बड़े अच्छे आने लगे। गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लग गई। इसीलिए उनको तकलीफ हो रही है। अगर मनीष सिसोदिया जी शिक्षा पर आपके लिए काम नहीं करते तो उनको जेल नहीं होती। हमें उनके सपने पूरे करने हैं। उनके काम को नहीं रोकना है। उम्मीद है वह बहुत जल्दी बाहर आएंगे। ‘

  • ਪੰਜਾਬ : ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਡੈਮ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲਗਾਤਾਰ 37ਵੇਂ ਦਿਨ ਭੁੱਖ ਹੜਤਾਲ ਜਾਰੀ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਡੈਮ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲਗਾਤਾਰ 37ਵੇਂ ਦਿਨ ਭੁੱਖ ਹੜਤਾਲ ਜਾਰੀ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪਠਾਨਕੋਟ/ਅਨਮੋਲ: ਬੈਰਾਜ ਔਸ਼ਦੀ ਪਰਿਵਾਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਡੈਮ ਬਣਨ ਸਮੇ ਐਕਵਾਇਰ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਸੀ ਜਿਸਦੇ ਬਦਲੇ ਸਾਰੇ ਕਾਗਜ਼ ਪੱਤਰ ਚੈਕ ਕਰਨ ਅਤੇ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ਇੰਕਵਾਏਰੀਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਰਾਜ ਔਸ਼ਦੀ 227 ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦਿਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਸੀ, ਮਗਰ 10 ਸਾਲ ਨੌਕਰੀਆਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਿਨਾ ਵਜਾਹ 32 ਬੈਰਾਜ ਔਸ਼ਦੀਆਂ ਨੂੰ ਨੌਕਰੀਆਂ ਤੋਂ ਕਢ ਦਿਤਾ ਗਿਆ। ਜਿਸਦੇ ਚਲਦੇ ਜਿਥੇ ਇਨਾ ਵਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਡੈਮ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਦੇ ਖਿਲਾਫ  ਭੁੱਖ ਹੜਤਾਲ 37ਵੇ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਮਗਰ ਕਿਸੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਵਲੋਂ ਇਨਾ ਨਾਲ ਨਾ ਤਾਂ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਇਨਾ ਦਾ ਹਾਲ-ਚਾਲ ਜਾਣਿਆ ਗਿਆ।

    ਜਿਸਦੇ ਚਲਦੇ ਅੱਜ ਬੈਰਾਜ ਔਸ਼ਦੀਆਂ ਵਲੋਂ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦਿਆਂ ਵਲੋਂ ਮਲਕਪੁਰ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਬਾਹਰ ਜਿਥੇ ਧਰਨਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਓਥੇ ਹੀ ਡੈਮ ਦੇ ਚੀਫ ਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਦਾ ਅਤੇ ਡੈਮ ਦੇ ਐਸ.ਸੀ. ਜਗਦੀਸ਼ ਰਾਜ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਸਾੜਿਆ ਅਤੇ ਰਜ ਕੇ ਸਰਕਾਰਾਂ ਖਿਲਾਫ ਪੜਾਸ ਕਢੀ ਗਈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਮੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਿਹੜੇ ਬੈਰਾਜ ਔਸ਼ਦੀ 32 ਲੋਕ ਕਢੇ ਗਏ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਇੰਕਵਾਏਰੀ ਕਿਸੇ ਰਿਟਾਇਰ ਜੱਜ ਕੋਲੋ ਕਾਰਵਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂਕਿ ਦੁੱਧ ਦਾ ਦੁੱਧ ਤੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪਾਣੀ ਹੋ ਸਕੇ।

  • कपूरथलाः सिविल अस्पताल से हथकड़ी लगा आरोपी दीवार फांदकर हुआ फरार, पुलिस के फूले हाथ-पांव

    कपूरथलाः सिविल अस्पताल से हथकड़ी लगा आरोपी दीवार फांदकर हुआ फरार, पुलिस के फूले हाथ-पांव

    कपूरथलाः जिले में एक दिन पहले तीन दिन में ही चोरी के आरोपियों को लाखों की नकदी समेत गिरफ्तार करके एसपी-जांच रमनिंदर सिंह पुलिस की पीठ थपथपा रहे थे। उसकी पोल अगली ही दिन उस समय खुल गई जब थाना सदर की पुलिस की हिरासत से एक चोरी का आरोपी हथकड़ी समेत सिविल अस्पताल कपूरथला से दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए, वहीं थाना सदर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने आरोपी को 15 मिनट में ही मोहब्बत नगर से काबू किए जाने का दावा किया है। लेकिन इस फरारी से पुलिस की किरकिरी भी हो रही है।

    जानकारी के अनुसार थाना सदर पुलिस ने एसी कंप्रेसर चोरी के आरोप में एक आरोपी जोधा सिंह निवासी खानपुर को काबू किया था। जिसके खिलाफ एफआईआर न. 44 थाना सदर में दर्ज है। आरोपी को आज माननीय अदालत में पेश करने से पहले उसका मेडिकल करवाने के लिए पुलिस टीम सिविल अस्पताल कपूरथला आई। सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने के उपरांत चोरी का आरोपी जोधा सिंह पुलिस को चकमा देकर सिविल अस्पताल के मोर्चरी के नजदीक से दीवार फांदकर भाग गया। जिसका पुलिस टीम ने तुरंत पीछा करते हुए साथ लगते क्षेत्र मोहब्बत नगर से 15 मिनट बाद काबू कर लिया है। इसकी पुष्टि सदर प्रभारी सोनामदीप कौर ने भी की है। वहीं एसपी-जांच रमनिंदर सिंह ने इस घटना की किसी भी तरह की जानकारी न होने की बात कही है।

  • अब इस जगह पर LPG गैस लेकर जा रही मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे

    अब इस जगह पर LPG गैस लेकर जा रही मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे

    जबलपुर: ओडिशा रेल हादसे के बाद अचानक से ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ओडिशा में हुई भीषण दुर्घटना के बाद अब मध्य प्रदेश में भी हादसा हुआ है। हालांकि इस हादसे में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अगर यह हादसा जरा सा भीषण होता तो भयानक तबाही होती। यह हादसा जबलपुर जिले के शहपुरा रेलवे स्टेशन पर हुआ है। यहां भारत पैट्रोलियम के गैस टेंकर वाली मालगाड़ी के 2 टैंकर पटरी से उतर गए। 

    इस हादसे की खबर मिलते ही रेलवे विभाग में हडकंप मच गया। हादसे के तुरंत बाद रेलवे के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि अनलोडिंग के लिए रखे जाने के दौरान यह टैंकर पटरी से उतर गए। इस बीच मेन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई। ट्रेनों की आवाजाही सामान्य है। इस हादसे के बाद अनलोडिंग का काम रोक दिया गया था।  

    मामले पर जानकारी देते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के CPRO ने बताया कि हादसे के चलते ट्रेनों की किसी भी मेन लाइन की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि 7 जून की सुबह को साइडिंग अधिकारियों की मौजूदगी में बहाली का काम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना के बाद अब काम को बेहद ही सावधानीपूर्वक अंजाम किया जा रहा है। 

  • गृह मंत्री की बड़ी कार्रवाईः 3 SI को किया सस्पेंड, 4 SHO के खिलाफ विभागीय जांच के दिए निर्देश

    गृह मंत्री की बड़ी कार्रवाईः 3 SI को किया सस्पेंड, 4 SHO के खिलाफ विभागीय जांच के दिए निर्देश

    पानीपत: हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज फिर से एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। गृह मंत्री ने पानीपत पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनिल विज ने लंबे समय से कबूतर बाजी के मामले में लापरवाही बरतने वाले 3 सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया है। वहीं, उस वक्त संबंधित थाने में बतौर प्रभारी रहे 4 थाना प्रभारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री अनिल विज ने सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार को सस्पेंड किया है। गृह मंत्री के आदेशानुसार पुलिस महानिरीक्षक अंबाला रेंज द्वारा कार्रवाई के लिए पानीपत पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखा गया है।

    बता दें कि कबूतर बाजी के मामले में सबसे पहले जांच अधिकारी रहे राजवीर सिंह के पास इस केस की फाइल 10 महीने 12 दिन अटकी रही। जांच अधिकारी के बदलने के बाद सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के पास 7 महीने फाइल पेंडिंग रही और सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार के पास फाइल 9 महीने 11 दिन अटकी रही। इस दौरान जांच अधिकारी बदलते रहे लेकिन इन कबूतर बाजी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार तक नहीं किया। इस दौरान थाने के थाना प्रभारी रहे 4 एसएचओ सुनीता, कमलजीत, विजय और दीपक के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच के आदेश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार पानीपत पुलिस के पास कबूतर बाजी का एक मुकदमा लंबे समय तक पेंडिंग पड़ा रहा, जिसमें पुलिस ने आरोपियों तक गिरफ्तार नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान जांच अधिकारी बदलते रहे और आरोपी खुलेआम घूमते रहे। मामले में एक आरोपी को अमृतसर पुलिस के पीओ स्टाफ ने गिरफ्तार किया और उसके बाद पानीपत पुलिस ने अमृतसर कोर्ट से आरोपी के बारे में सिर्फ एक बार जानकारी ली। उसके बाद कोई जानकारी नहीं ली। 9 महीने तक चालान बनाने के बाद भी उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया। इस बड़ी लापरवाही के चलते आज गृह मंत्री का चाबुक इन पुलिसकर्मियों पर चला है।

  • ਪੰਜਾਬ : ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਕੈਂਪ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਕੈਂਪ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਨੰਗਲ / ਸੰਦੀਪ ਸ਼ਰਮਾ : ਨੰਗਲ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਵੱਲੋਂ ਰੇਹੜੀ-ਫੜ੍ਹੀ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤਕਸ਼ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਤੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਸਵਾਨਿਧੀ ਤੋ ਸਮਰਿੱਧੀ ਕੈਂਪ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਕੈਂਪ ਆਯੋਜਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਗਰੀਬ ਆਰਥਿਕ ਵਰਗ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਕਈ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਲੈ ਕੇ ਆਉਂਦੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਸਰਕਾਰ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਗਰੰਟੀ ਦੇ ਸਟ੍ਰੀਟ ਵਿਕਰੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ 10,000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਕਰਜ਼ਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। 

    ਦੱਸ ਦੇਈਏ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਦੇ ਤਹਿਤ ਮਿਲਣ ਵਾਲੇ ਲੋਨ ਤੇ ਸਬਸਿਡੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਸਕੀਮ ਰਾਹੀਂ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਕੰਮ ਦੁਬਾਰਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦਾ ਮੌਕਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ। ਇਹ ਲੋਨ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਕਰਜ਼ੇ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਸਾਲ ਦਾ ਸਮਾਂ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। ਇੱਕ ਵਾਰ ਲੋਨ ਦੀ ਰਕਮ ਦਾ ਭੁਗਤਾਨ ਹੋ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਤੁਸੀਂ ਦੁਬਾਰਾ ਲੋਨ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਦੁਬਾਰਾ ਤੁਹਾਨੂੰ 20,000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਕਰਜ਼ਾ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਤੀਜੀ ਵਾਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 50,000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਕਰਜ਼ਾ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ।

  • पंजाबः DGSE ऑफिस के बाहर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन 

    पंजाबः DGSE ऑफिस के बाहर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन 

    मोहालीः पंजाब सरकार के खिलाफ एक बार फिर से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, शिक्षा विभाग में ठेके पर काम कर रहे नॉन टीचिंग स्टाफ ने आज मोहाली में महानिदेशक स्कूली शिक्षा ऑफिस के बाहर सरकार के खिलाफ धरना लगाया है। स्टाफ का आरोप है कि सरकार पिछली सरकारों की तर्ज पर उन्हें एक साल से ठग रही है। न उन्हें पक्के कर रही है न वेतन विसंगति दूर कर रही है। शिक्षा विभाग के 8736 अध्यापकों और कर्मचारियों में वह भी शामिल हैं जिन्हें पिछले साल से रेगुलर करने का प्रोसेस चल रहा है। पिछले साल मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षक दिवस के अवसर पर रेगुलर करने की घोषणा की थी। लेकिन सभी प्रकार की फॉर्मैलिटी पूरी होने के बावजूद अभी तक उन्हें रेगुलर नियुक्ति पत्र नहीं मिला है।

    पंजाब सरकार की शिक्षा विभाग को छोड़कर दूसरे विभागों के कर्मचारियों को रेगुलर करने की आई नई पॉलिसी पर पर बोलते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए पॉलिसी पर पॉलिसी ला रही है, लेकिन राज्य में अभी तक रेगुलर एक कर्मचारी भी नहीं हुआ है। एक भी कर्मचारी की रेगुलर का नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। ठेका मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब के नेता आशीष जुलाहा, हरप्रीत सिंह कहा कि सरकार एक तरफ दावे कर रही है कि शिक्षा विभाग के 8736 कर्मचारियों को रेगुलर कर दिया गया है, जबकि अभी तक नियुक्ति पत्र एक के भी हाथ में नहीं आया है। कहा कि सरकार के सारे दावे हवा हवाई हैं। पहली पॉलिसी के 9 माह बीतने के बाद भी कोई कर्मचारी रेगुलर नहीं हुआ है।

    प्रवीण शर्मा, कुलदीप, आशीष जुलाहा और चमकौर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले 5 सितंबर को 8736 कर्मचारियों को रेगुलर करने की घोषणा की। इसके बाद लोहड़ी पर 6 हजार और कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने की घोषणा कर दी। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। इसके बाद 21 फरवरी को 14417 कच्चे मुलाजिमों को रेगुलर करने की सीएम ने घोषणा कर दी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इसके बाद सरकार दावों पर आ गई कि उन्होंने शिक्षा विभाग के 8736 कर्मचारी रेगुलर कर दिए हैं, लेकिन कर्मचारी असमंजस में हैं कि उनके हाथ में अभी तक ब्लैक एंड व्हाइट में कोई आदेश तो है ही नहीं। राज्य के मुख्यमंत्री भी रिवायती पार्टियों की तरह कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं।

  • विवादित वाट्सएप स्टेटस के बाद मचा बवाल, हिंदू संगठनों का विरोध-प्रदर्शन के बाद बंद का ऐलान, देखें वीडियो

    विवादित वाट्सएप स्टेटस के बाद मचा बवाल, हिंदू संगठनों का विरोध-प्रदर्शन के बाद बंद का ऐलान, देखें वीडियो

    कोल्हापुर: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बीते दिन कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब के समर्थन में पोस्ट किया था। यह पोस्ट वायरल होने पर हिंदू संगठनों के लोगों ने लक्ष्मीपुरा पुलिस स्टेशन के सामने विरोध जताया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हिन्दुत्वादी संगठनों ने आज बुधवार को कोल्हापुर बन्द का ऐलान किया है। पुलिस अधीक्षक महेंद्र पंडित के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है। लोगों से शांत रहने की अपील की गई है। अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार कोल्हापुर में कुछ युवकों ने औरंगजेब के समर्थन में एक पोस्ट किया था। 

    इस पोस्ट के बाद कोल्हापुर में विवाद खड़ा हो गया है। संबंधित युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता आक्रामक हो गये और कोल्हापुर के लक्ष्मीपुरा थाने के सामने इकट्ठा हो गये। साथ ही कार्यकर्ताओं ने कोल्हापुर शहर के दसहरा चौक, टाऊन हॉल, लक्ष्मीपुरी आदि इलाकों में प्रदर्शन किया। पुलिस ने भीड़ को लाठीचार्ज कर तितर-बितर कर स्थिति पर नियंत्रण किया। 

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पण्डित मौक़े पर गये और दोनों पक्षों के लोगों से चर्चा कर क्षेत्र में शान्ति बनाये रखने की अपील की। पुलिस अधीक्षक पंडित ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीपुरा पुलिस स्टेशन में व्हाट्सएप पोस्ट को लेकर दो लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।

  • ਪੰਜਾਬ : ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਮੀ ਵਲੌ ਕੀਤੀ ਗਈ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫ਼ਰੰਸ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਮੀ ਵਲੌ ਕੀਤੀ ਗਈ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫ਼ਰੰਸ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਆਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ : ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਅਗਲੇਰੀ ਆ ਰਹੀਆਂ ਪੰਥਕ ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਹੋਇਆਂ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਧਾਮੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਲਈ ਸਾਡੀ ਪਾਰਟੀ ਤਿਆਰ ਬਰ ਤਿਆਰ ਹੈ। ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਪ੍ਰਸ਼ਨਾਂ ਦਾ ਉੱਤਰ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਆਏ ਹੋਰ ਵੀ ਕਈ ਪਾਰਟੀਆਂ ਹਿੰਸਾ ਲੈ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ, ਪਰ ਦੂਜੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਤੇ ਤੰਜ ਕੱਸਦੇ ਹੋਏ ਐਡਵੋਕੇਟ ਧਾਮੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੂਜੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੇ ਸਮਰੱਥ ਹੋਣ ਫਿਰ ਉਹ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸਮਝਣ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਮਰਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੀ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਤ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫਿਰ ਉਹ ਚੋਣ ਲੜ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਦੇ ਚੋਣ ਲੜਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਨ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਖਿਆ ਕਿ ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਨੇ ਖੁਲ੍ਹੇਆਮ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਵੀ ਧਿਰ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਚਾਹੇ ਉਹ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਹੋਵੇ ਚਾਹੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਈ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਪੰਥਕ ਪਾਰਟੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਚੋਣ ਲੜ ਸਕਦਾ ਹੈ।

    ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਧਾਮੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਪੰਥਕ ਪਾਰਟੀ ਹੈ ਜੋ ਵੀ ਉਮੀਦਵਾਰ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਚੋਣ ਨਿਸ਼ਾਨ ਤੇ ਲੜਦਾ ਹੈ, ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦੀ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਗੁਰੂ ਮਰਿਆਦਾ ਨੂੰ ਸਮਰਪਤ ਅਤੇ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਤ ਹੈ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸਦੇ ਵਿਚਾਰ ਵਿਟਾਂਦਰਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਉਮੀਦਵਾਰ ਐਲਾਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

    ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਤੇ ਤੰਜ ਕੱਸਦੇ ਹੋਏ ਐਡਵੋਕੇਟ ਧਾਮੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 6 ਜੂਨ ਨੂੰ ਜੋ ਦੁਖਾਂਤ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਤੇ ਵਾਪਰਿਆ ਤੇ ਕਦੇ ਵੀ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਭੁੱਲੇਗਾ, ਪਰ ਬੀਬੀ ਜਗੀਰ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ 6 ਜੂਨ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਨ ਲਈ ਇਹ ਢੁਕਵਾਂ ਸਮਾਂ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਸ਼ਹੀਦੀ ਹਫਤੇ ਵਜੋਂ ਸਾਡੀ ਕੌਮ ਮਨਾਂਵਦੀ ਹੈ। ਬੀਬੀ ਜਾਗੀਰ ਕੌਰ ਵਲੋ ਸਿਧੇ ਤੋਰ ਤੇ ਕਾਗਰਸ ਅਤੇ ਬੀਜੀਪੀ ਤੇ ਆਪ ਚੋਣਾ ਲੜਨ ਲਈ ਸੱਦਾ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ, ਮੈ ਸਮਝਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਇਹ ਮੰਦਭਾਗਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ।