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  • मानसून के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकते हैं परिवार : डॉ. बलबीर सिंह

    मानसून के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकते हैं परिवार : डॉ. बलबीर सिंह

    चंडीगढ़: मानसून की पहली बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं यह स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से भरे मौसम की शुरुआत भी होती है। हर वर्ष पूरे भारत में डेंगू, मलेरिया और बुखार से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामलों में वृद्धि दर्ज की जाती है। इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है।

    अमृतसर की 32 वर्षीय लाभार्थी बलविंदर कौर ने बताया, “मैंने हाल ही में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8,400 रुपये का कैशलेस इलाज कराया है।” तेज बुखार होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां अस्पताल के कर्मचारियों ने उनका मुख्यमंत्री सेहत योजना में पंजीकरण कराया। उन्होंने कहा, “मैं सिलाई का काम करके अपना परिवार चलाती हूं। इस योजना ने समय पर इलाज और आर्थिक सहायता देकर मेरा बोझ कम किया, जिससे मैं अपनी सेहत पर ध्यान दे सकी। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई इस योजना की आभारी हूं, क्योंकि यह जरूरत के समय परिवारों का सच्चा सहारा बनती है।”

    वर्ष 2025 में किए गए एक भारतीय अस्पताल अध्ययन में पाया गया कि मानसून के दौरान भर्ती मरीजों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस (तीव्र बुखार संबंधी बीमारी) का सबसे सामान्य कारण डेंगू था। यह अध्ययन इस बात पर बल देता है कि समय पर जांच और तत्काल उपचार अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि मानसून से जुड़ी अनेक बीमारियों के शुरुआती लक्षण एक जैसे होते हैं। डॉक्टर लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे लगातार बने रहने वाले बुखार को नजरअंदाज न करें। वहीं, पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना पात्र परिवारों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना कैशलेस इलाज उपलब्ध करा रही है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने मच्छरों और जलजनित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों तथा जांच सुविधाओं को और मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास पानी जमा न होने देने तथा बुखार के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।

    उन्होंने कहा, “जलजनित बीमारियों की रोकथाम घर से ही शुरू होती है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने में प्रत्येक परिवार, स्कूल और समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही हम लोगों को यह भी बताना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के पात्र लाभार्थी बिना किसी आर्थिक चिंता के समय पर इलाज करा सकते हैं।” सीनियर मेडिकल अधिकारी एवं एम.डी. मेडिसिन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, वेरका (पंजाब) के डॉ. राज कुमार ने कहा कि मरीज अक्सर हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझने की गलती कर बैठते हैं।

    डॉ. राज कुमार ने बताया कि शुरुआती अवस्था में इस प्रकार के बुखार का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत सुरक्षित और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। समय पर जांच और उपचार से जटिलताएं कम होती हैं तथा बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी घट जाती है।

    बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने मौसमी बुखार का इलाज कराया, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उसी दिन डायलिसिस, हृदय संबंधी उपचार, इंटेंसिव केयर तथा अन्य महंगे उपचारों का भी खर्च वहन किया गया। कुछ हजार रुपये वाले बुखार उपचार पैकेजों से लेकर जीवनरक्षक हृदय सेवाओं तक, यह योजना सामान्य बीमारियों से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों तक परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है।

    डॉ. राज कुमार ने सलाह दी कि यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, विशेषकर उसके साथ तेज शरीर दर्द, लगातार उल्टियां, पेट दर्द, रक्तस्राव, सांस लेने में तकलीफ या अचानक अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। उन्होंने कूलरों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छररोधी उत्पादों का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा मानसून के दौरान विशेष स्वच्छता बनाए रखने की भी सलाह दी।

  • सड़क हादसे में घायल बच्ची की मदद के लिए आगे आए राज्यसभा सांसद, देखें वीडियो

    सड़क हादसे में घायल बच्ची की मदद के लिए आगे आए राज्यसभा सांसद, देखें वीडियो

    पंचकूलाः चंडीमंदिर टोल के पास सड़क दुर्घटना में युवती घायल हो गई। इस दौरान सड़क पर लहूलुहान हालत में युवती पड़ी हुई थी। तभी राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा वहां से गुजर रहे थे और उन्होंने सड़क पर घायल युवती को देखा तो वह तुरंत उसकी मदद के लिए आगे आ गए। राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने जनसेवा और मानवता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एवं लहूलुहान एक युवती की तत्काल मदद की। दरअसल, वह किसी कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान जैसे ही उन्होंने सड़क दुर्घटना देखी तो उन्होंने अपना काफिला तुरंत रुकवाया और घायल युवती को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया।
     
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    जिसके बाद सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अस्पताल में डॉक्टरों से घायल युवती के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके समुचित उपचार एवं सभी आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने युवती के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि मुश्किल समय में जरूरतमंद की मदद करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि घायल बेटी जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच सुरक्षित लौटे।
  • पंजाब में मात्र 16 दिनों में S.I.R. के तहत 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण: अनिंदिता मित्रा

    पंजाब में मात्र 16 दिनों में S.I.R. के तहत 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण: अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: पंजाब भर में घर-घर जाकर गणना करने की विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया निरंतर तेज़ी से जारी है। 25 जून, 2026 को इसकी शुरुआत के मात्र 16 दिनों के भीतर राज्य में 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी घरों में 99.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की गई है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सी.ई.ओ.) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार रखने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए गणना प्रपत्रों का संग्रहण और उनका डिजिटलीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.), पर्यवेक्षकों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ए.ई.आर.ओ.) तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ई.आर.ओ.) के निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की, जिनके सहयोग से राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तथा 24,453 मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्रों का समयबद्ध वितरण, संग्रहण और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि इस अभियान को और गति देने तथा जनसहभागिता को अधिकतम बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर प्रातः 8:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के दौरान शेष गणना प्रपत्र भरे जाएंगे, एकत्र किए जाएंगे और उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा।
    साथ ही मतदाता सूची की त्रुटियों एवं लिंकिंग संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाएगा तथा नागरिकों को अपने मतदाता विवरणों के सत्यापन एवं अद्यतन कराने में सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत 24,453 बी.एल.ओ. 25 जून से 24 जुलाई, 2026 के दौरान पूरे पंजाब में 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) 24 जुलाई, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 3 अगस्त, 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दावे एवं आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर, 2026 तक प्रस्तुत की जा सकेंगी, जबकि उनका निपटारा 3 अगस्त से 28 सितंबर, 2026 के बीच किया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। अनिंदिता मित्रा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे इन विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनके मतदाता संबंधी सभी विवरण पूर्ण, सही एवं अद्यतन हों, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

  • अस्पताल में मासूम बच्चों की ऑक्सीजन पाइप काट ले गए चोर, देखें CCTV

    अस्पताल में मासूम बच्चों की ऑक्सीजन पाइप काट ले गए चोर, देखें CCTV

    पंचकूलाः सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में चोरों द्वारा अजीब घटना को अंजाम दिया गया। दरअसल, चोर अस्पताल में बच्चों की आक्सीजन पाइप काट लें गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें दोनों चोरों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर पहले फ्लोर से चले जाते है, जिसके बाद दोनों दोबारा वापिस आते है। अस्पताल में कमरे में उपचार करवा रहे मासूम बच्चों की ऑक्सीजन पाइप काटकर ले गए। घटना की सीसीटीवी तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों द्वारा मासूम बच्चों की सांसों पर हमला करने वाले चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मागं की जा रही और उन्हें पकड़कर जेल पहुंचाने की गुहार लगाई जा रही है।

  • नशा मुक्त हरियाणा के लिए जिला स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स: मुख्यमंत्री

    नशा मुक्त हरियाणा के लिए जिला स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स: मुख्यमंत्री

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि समाज, परिवार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून और पुलिस कार्रवाई के जरिए नशे के कारोबार पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब पूरा समाज जन-आंदोलन के रूप में इसके खिलाफ एकजुट हो। पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी को नशा विरोधी शपथ भी दिलाई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार, संस्कार और समाज को भी कमजोर करता है। भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि युवा नशे की गिरफ्त में जाता है तो यह पूरे समाज की हार होगी। उन्होंने माता-पिता से बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, संवाद बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक वातावरण देने की अपील भी की।

    नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशा बेचने वालों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि नशे की मांग को भी समाप्त करना है। इसके लिए जिला और स्थानीय स्तर पर एसडीएम, बीडीपीओ, सरपंचों और एनजीओ प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो गांव-गांव और वार्ड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने लोगों से नशे के कारोबार की सूचना पुलिस, एनसीबी हरियाणा हेल्पलाइन और मानस पोर्टल पर देने की अपील की।

    कार्यक्रम के दौरान केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि केवल दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि दवाओं की पूरी सप्लाई चेन, ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था और अन्य संभावित स्रोतों पर भी कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी संगठनों और केमिस्टों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही हरियाणा को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

     
  • Punjab News: मछली पकड़ने आए 2 व्यक्ति नदी के तेज बहाव में बहे, देखें वीडियो

    Punjab News: मछली पकड़ने आए 2 व्यक्ति नदी के तेज बहाव में बहे, देखें वीडियो

    डेराबस्सीः अंबाला-चंडीगढ़ हाइवे पर भांखरपुर के समीप घग्गर नदी में मछली पकड़ने आए दो व्यक्ति नदी के तेज बहाव में बह गए जबकि तीसरा साथी बाल बाल बच गया। तीनों मनीमाजरा की इंदिरा कालोनी के रहने वाले हैं। परिवार को जब घटना का पता चला तो वह तुरंत घग्गर किनारे पहुंच गए। मुबारिकपुर पुलिस ने बह गए वयक्तियों का नाम पता दर्ज कर पड़ताल शुरु कर दी है।

    जानकारी मुताबिक चंदा, सुरिंदर और दर्शन ने मछली पकड़ने के लिए भांखरपुर में घग्गर नदी के तट पर करीब ढाई बजे ऑटो से पहुंचे। वे बहते पानी में चुन्नियां डालकर मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। चंदा के अनुसार दर्शन का पैर फिसलने पर वो पानी में गिर गया। उसके बचाने की कोशिश में सुरिंदर भी पानी में उतरा पर बह गया। चंदा ने खुद भी उन्हें बचाने के लिए कोशिश की परंतु पानी के तेज बहाव में उसके पांव नहीं लगे। किसी तरह किनारे पर लगे बूटे व झाड़ियों की जड़ पकड़कर वह बाहर आया। उसके पास फोन भी नहीं था और न ही मनीमाजरा जाने के पैसे।

    वह पैदल ही लिफ्ट मांगता मांगता मनीमाजरा पहुंचा और शाम करीब चार बजे परिजनों को सूचित किया। अंधेरा ढ़लने से पहले तमाम परिजन व रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को सूचित किया और दूर दूर तक नदी किनारे बह गए दर्शन व सुरिंदर की तालाश करते रहे परंतु उनका कोई सुराग नहीं मिला। मुबारिकपुर चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह के अनुसार करीब एक किमी आगे बनूड़ वियर में पानी रुककर आगे बढ़ता। वहां सूचना दे दी गई है परंतु अभी तक बह गए व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। अब आगे उनकी तालाश का काम सुबह शुरु होगा।

  • Jalandhar News: ईमानदारी की मिसाल, ऑटो चालक ने लड़कियों का लौटाया पर्स, देखें वीडियो

    Jalandhar News: ईमानदारी की मिसाल, ऑटो चालक ने लड़कियों का लौटाया पर्स, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: गुरु अमरदास चौक क्षेत्र में एक ऑटो रिक्शा चालक सूरजकुमार ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। दरअसल, 2 युवतियों का पर्स खो गया था, जिसे ऑटो चालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए उनका खोया हुआ पर्स महज 15 मिनट के भीतर वापस लौटा दिया। भोगपुर से आई दो युवतियां हरलीन कौर और पलक अंबेडकर चौक से ऑटो रिक्शा में सवार होकर अपने निजी काम के लिए जालंधर आई थीं। इस दौरान आटो से उतरने के बाद उन्हें पता चला कि उनका पर्स ऑटो में ही छूट गया है। पर्स में मोबाइल फोन समेत अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।

    युवतियों ने ऑटो चालक को किराये का भुगतान ऑनलाइन किया था, जिसके आधार पर उनके पास चालक की जानकारी की थी। उन्होंने इस संबंध पास नाके पर तैनात एएसआई तरसेम को जानकारी दी। जिसके बाद एएसआई ने ऑटो चालक से संपर्क किया और लड़कियों की खोया हुआ पर्स वापस दिलवाया। ऑटो चालक ने बिना किसी लालच के उनका पर्स सुरक्षित लौटाकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। ऑटो चालक की इस सराहनीय पहल की मौके पर मौजूद लोगों ने भी प्रशंसा की।

  • Punjab News: बकाया पेमेंट मांगना फर्नीचर व्यापारी को पड़ा महंगा, तेजधार हथियारों से किया हमला, देखें वीडियो

    Punjab News: बकाया पेमेंट मांगना फर्नीचर व्यापारी को पड़ा महंगा, तेजधार हथियारों से किया हमला, देखें वीडियो

    पठानकोटः जिले के मोहल्ला रामलीला ग्राउंड के पास, वार्ड नंबर 9 के रहने वाले स्थानीय फर्नीचर व्यापारी अनुज छाबड़ा पर बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर कुछ बदमाशों द्वारा तेजधार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया गया। इस घटना में व्यापारी बुरी तरह घायल हो गया और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना में तेजधार हथियार सिर पर लगने से गहरी चोटें आई हैं। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित व्यापारी अनुज छाबड़ा ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले दीपक शर्मा नाम का एक व्यक्ति उनसे फर्नीचर खरीदकर ले गया था। फर्नीचर में कुछ खराबी आने पर अनुज ने जिम्मेदारी निभाते हुए 2 बार उसकी मरम्मत (रिपेयर) भी करवा दी थी। इसके बाद जब अनुज ने अपने फर्नीचर के बकाया पैसों (पेमेंट) की मांग की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि करीब 6 महीने पहले एक रेस्टोरेंट में भी आरोपियों ने अनुज को देखकर अपशब्द कहे थे, जिसे उन्होंने व्यापारिक शांति बनाए रखने के लिए नजरअंदाज कर दिया था।

    पीड़ित के अनुसार, देर रात आरोपी उन्हें बकाया पेमेंट देने की बात कहकर नीचे बुला रहे थे। जब अनुज नीचे आए, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। अनुज छाबड़ा ने मुख्य आरोपी के रूप में दीपक शर्मा और उसके साथ आए आनंदपुर रड़े (ओरिया मोहल्ला) के रहने वाले कपिल और मनी का नाम लिया है। पठानकोट के सिविल अस्पताल में मेडिकल करवा कर पुलिस को इस घटना की शिकायत दर्ज करवा दी है। पीड़ित युवक और उसके परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है।

     

  • वेली ब्रिज ढहने से सांगला घाटी का टूटा संपर्क, सड़के बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    वेली ब्रिज ढहने से सांगला घाटी का टूटा संपर्क, सड़के बंद, मलबे में दबी गाड़ियां, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती और पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर जिलों में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें बंद हैं। इससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। इस कारण कई मकानों पर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन से चार इमारतें खतरे की जद में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। रिझाना में भूस्खलन के कारण गाड़ियां मलबे में दब गईं।
     
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    शनिवार तड़के करीब चार बजे हुए इस भूस्खलन से इलाके में दहशत का माहौल है। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूस्खलन संजौली कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर एक डंगा ढहकर नीचे रिहायशी मकानों की ओर जा गिरा। इससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। लगातार बारिश के चलते सांगला घाटी को जोड़ने वाले मुख्य वेली ब्रिज की नींव के पास अचानक भारी भूस्खलन हो गया। इसके कारण पुल का सांगला की तरफ का हिस्सा पूरी तरह ढह गया। हालांकि, जिला प्रशासन की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सांगला के तहसीलदार हरदयाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खतरे को पहले ही भांप लिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग करके वाहनों की आवाजाही को समय रहते रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सांगला और छितकुल क्षेत्र के लिए वाहनों को तहसील कार्यालय सांगला के वैकल्पिक मार्ग से डायवर्जन देकर सुरक्षित निकाला जा रहा है। दूसरी ओर, लिप्पा क्षेत्र के पेजर खड्ड में रात के समय अचानक जलस्तर बढ़ने से लिप्पा बस स्टैंड के पास बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, तेती खड्ड का बहाव अवरुद्ध (ब्लॉक) होने के कारण पानी ने एक बड़ी कृत्रिम झील का रूप ले लिया है। इस झील का पानी इतनी तेजी से फैला कि लिप्पा बस स्टैंड के पास बने कई मकानों की पहली मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। इसके अलावा, इलाके की मुख्य सड़क के भी पानी में बहने का खतरा लगातार बना हुआ है।
  • Jalandhar News: नशे में धुत ट्रक चालक ने तोड़ा अंडरब्रिज बैरियर, बाल-बाल बचा एक्टिवा चालक, देखें वीडियो

    Jalandhar News: नशे में धुत ट्रक चालक ने तोड़ा अंडरब्रिज बैरियर, बाल-बाल बचा एक्टिवा चालक, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: गाजीगुल्ला अंडरब्रिज पर कई बार हैवी व्हीकल के कारण बैरियर टूट चुका है। लोगों द्वारा हैवी व्हीकल की रोक को लेकर प्रशासन से कई बार पक्का नाका लगाने की अपील की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शायद पुलिस किसी बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रही है। दरअसल, देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मकसूदा मंडी की तरफ से आ रहे ट्रक ड्राइवर ने कथित तौर पर शराब का सेवन किया हुआ था। इस दौरान ट्रक चालक ने अंडरब्रिज पर लगे लोहे के पोल (बैरियर) में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पोल उखड़कर वहां से गुजर रही एक एक्टिवा पर गिर गया।

    हादसे में एक्टिवा पूरी तरह दब गई, लेकिन गनीमत रही कि सवार व्यक्ति की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने मौके से भाग रहे ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया। इस घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे काबू कर लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, ट्रक नंबर HR 38 X 4644 का ड्राइवर लापरवाही से वाहन चला रहा था। आरोप है कि देर रात शराब के नशे में होने के कारण वह ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख पाया और भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाए गए बैरियर से टकरा गया। ट्रक की रफ्तार और वजन इतना अधिक था कि वह लोहे के मजबूत पोल को उखाड़ते हुए आगे निकल गया। इसी दौरान जग्गू चौक की ओर से एक व्यक्ति एक्टिवा पर सवार होकर वहां से गुजर रहा था।

    तभी उखड़ा हुआ भारी पोल सीधे एक्टिवा पर जा गिरा और वाहन पूरी तरह उसके नीचे दब गया। पीड़ित ने बताया कि वह उस समय अकेला था। पोल उसके सिर पर गिरने ही वाला था, लेकिन उसने समय रहते पीछे हटकर अपनी जान बचा ली। हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ दूरी पर ही ट्रक को घेरकर रोक लिया। लोगों ने जब ड्राइवर को केबिन से बाहर निकाला तो उसकी हालत देखकर हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्राइवर इतना नशे में था कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने लड़खड़ाती आवाज में इतना ही बताया कि वह मक्सूदां सब्जी मंडी से ट्रक लोड करके आ रहा था। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि इतनी व्यस्त सड़क पर इस तरह लापरवाही से वाहन चलाना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। लोगों ने बताया कि अंडरब्रिज के पास पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।