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  • Punjab News: छठ पूजा पर आपस में भिड़ा प्रवासी दल, महिला को मारी कुर्सियां, देखें वीडियो

    Punjab News: छठ पूजा पर आपस में भिड़ा प्रवासी दल, महिला को मारी कुर्सियां, देखें वीडियो

    अमृतसर: जिले के मकबूलपुरा इलाके से छठ पूजा दौरान लड़ाई झगड़े का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार, प्रवासी समुदाय द्वारा मकबूलपुरा में छठ पूजा की जा रही थी और इसी दौरान एक युवक और महिला की आपस में बहस हो गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि चाकू चल गए। पीड़ित प्रवासी परिवार ने पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कर सुधार की मांग की है।

    पीड़ित परिवार ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी छठ पूजा के दौरान एक युवती से दुर्व्यवहार किया गया है और उसे कुर्सियां मारी गई और बाद में उसके दोस्तों के साथ मिलकर हम पर हमला किया गया। इस संबंध में हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

    वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों प्रवासी परिवार आपस में भिड़े हैं और दोनों का इलाज चल रहा है, जो भी उचित कार्रवाई होगी वो की जाएगी।

  • Jalandhar News: छिंज मेले में गोलियां चलने के मामले में 2 गिरफ्तार

    Jalandhar News: छिंज मेले में गोलियां चलने के मामले में 2 गिरफ्तार

    जालंधर, ENS: देहात के पतारा में गांव कंगनीवाल में हुए छिंज मेले में आयोजकों के एक संगठन के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों पक्षो में विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ उपद्रवियों ने अपनी राइफल निकाल ली और फायरिंग कर दी। घटना के दौरान गनीमत यह रही कि गोली किसी को नहीं लगी। वहीं इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस मामले में पुलिस प्रेस वार्ता के जरिए खुलासा कर सकती है।

    बता दें कि बीती शाम घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी आदमपुर और थाना पतारा की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई थी। पतारा के गांव कंगनीवाल में हुए छिंज मेले के आयोजक उक्त गांव के पूर्व सरपंच हरजीत कौर थी। मेले में शामिल होने के लिए विभिन्न संगठन पहुंचे थे। उन में से एक संगठन का मेले के आयोजकों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद पहले तो दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई।

    जिसके बाद मामला इतना बढ़ गया को संगठन के साथ आए एक व्यक्ति ने अपनी राइफल से गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोलियां चलाने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम में दी गई। घटना स्थल पर जांच के लिए डीएसपी आदमपुर कुलवंत सिंह और थाना पतारा के एसएचओ हरदेव प्रीत सिंह अपनी टीमों के साथ पहुंच गए थे। जिसके बाद आज 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

  • AMU के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर Supreme Court का आया बड़ा फैसला

    AMU के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर Supreme Court का आया बड़ा फैसला

    नई दिल्लीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का शुक्रवार बड़ा फैसला आया है। इस फैसले में कहा गया है कि फिलहाल अल्पसंख्यक फैसला बरकरार रहेगा। मगर इस मामले में अब दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नई बेंच तय करेंगी की दर्जा क्या होगा। फैसला सुनाते वक्त सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि चार जजों की एक राय है, जबकि 3 जजों की राय अलग है। इसी के साथ ही कोर्ट ने कहा कि अल्पसंख्यक दर्जे की स्थिति का फैसला अब 3 जजों की नई बेंच करेगी।

    फैसले को लेकर जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शर्मा ने अपनी असहमति जताई, जबकि सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने और जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा के लिए बहुमत का फैसला लिखा। सुप्रीम कोर्ट ने 4-3 के बहुमत से 1967 के उस फैसले को खारिज कर दिया जो एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने से इनकार करने का आधार बना था। हालांकि, यह इस फैसले में विकसित सिद्धांतों के आधार पर एएमयू की अल्पसंख्यक स्थिति को नए सिरे से निर्धारित करने के लिए इसे 3 जजों की पीठ पर छोड़ दिया है। नई बेंच नियम और शर्तों के आधार पर विश्वविद्यालय की अल्पसंख्यक दर्जे की स्थिति का फैसला करेगी।

    सीजेआई ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अनुच्छेद 30 द्वारा प्रदत्त अधिकार पूर्ण नहीं है। इस प्रकार अल्पसंख्यक संस्थान का विनियमन अनुच्छेद 19 (6) के तहत संरक्षित है। उन्होंने कहा कि एसजी ने कहा है कि केंद्र प्रारंभिक आपत्ति पर जोर नहीं दे रहा है कि 7 जजों का संदर्भ नहीं दिया जा सकता। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव न करने की गारंटी देता है। सवाल यह है कि क्या इसमें भेदभाव न करने के अधिकार के साथ-साथ कोई विशेष अधिकार भी है?

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक का दर्जा मिला हुआ है, जो धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने तथा उनके प्रशासन का अधिकार भी देता है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 7 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुना दिया। पीठ में जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा भी शामिल हैं। जजों की पीठ ने 8 दिन तक दलीलें सुनने के बाद एक फरवरी को इस सवाल पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

  • Jalandhar News: पराली जलाने के मामले एक्शन में प्रशासन, 11 पर केस दर्ज

    Jalandhar News: पराली जलाने के मामले एक्शन में प्रशासन, 11 पर केस दर्ज

    जालंधर, ENS: पंजाब में पराली जलाने के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने बीते दिन आदेश जारी किए है। जारी आदेशों के अनुसार पराली जलाने को लेकर केंद्र ने जुर्माना दोगुना कर दिया है। वहीं प्रशासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पराली जलाने के मामलों में एक्शन लेते हुए मामले दर्ज किए जा रहे है। देहात पुलिस ने बुधवार को पराली जलाने के 7 मामले दर्ज किए हैं। जिमने से 3 आरोपियों को नामजद किया गया, जबकि 4 मामलों में 8 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार थाना शाहकोट पुलिस को पटवारी लवप्रीत सिंह ने शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि गांव बाहमणिया के निवासी शवरण सिंह ने खेत में धान की पराली में आग लगा दी, जिससे डीसी के आदेश का उल्लंघन हुआ। इस शिकायत के आधार पर थाना शाहकोट में बीएनएस की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया गया। इसके अलावा, एएसआई शलिंदर ने गांव खुर्द, हेड कांस्टेबल अवतार सिंह ने मोहल्ला डोमाना, हेड कांस्टेबल परविंदर सिंह ने गांव जानीयां चाहल और एएसआई बलकार सिंह ने गांव मक्खी में पराली जलाने के मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    बता दें कि धान की कटाई के बाद पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को प्रशासन द्वारा किसानों को पराली न जलाने को लेकर लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही पराली प्रबंधन की मशीनों पर सब्सिडी भी दी जा रही है। लेकिन इसके बावजूद पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे है। 15 सितंबर से लेकर 7 नवंबर तक जालंधर में पराली जलाने के 77 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले सीजन में कुल 1196 मामले सामने आए थे। वहीं 25 किसानों की जमीन पर रेड एंट्री कर एफआईआर दर्ज की गई है।

  • Punjab News: Vicky Middukhera Murder Case में गैंगस्टर भूपी राणा सहित 6 शूटर्स को लेकर कोर्ट का आया फैसला

    Punjab News: Vicky Middukhera Murder Case में गैंगस्टर भूपी राणा सहित 6 शूटर्स को लेकर कोर्ट का आया फैसला

    मोहालीः यूथ अकाली नेता विक्रमजीत सिंह कुलार उर्फ ​​(विक्की मिड्डू खेड़ा) की 7 अगस्त 2021 को सेक्टर 70 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी कौशल चौधरी, अमित डागर, अजय उर्फ ​​सन्नी, सज्जन उर्फ ​​भोलू, अनिल लाठ और गैंगस्टर भूपिंदर उर्फ ​​भूपी राणा पर धारा 302, 482, 120बी, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप किए हैं।

    अगली तारीख पर इस मामले में गवाही शुरू होगी। वहीं इस मामले में आर्मेनिया की जेल में बंद गौरव उर्फ ​​लक्की पटियाल (जो बंबीहा गैंग का संचालक है) और सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह (जो फिलहाल विदेश में है) सहित कई मुलजिमों की गिरफ्तार ना होने के चलते पुलिस द्वारा उनके खिलाफ शुरुआत में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई और आने वाले दिनों में उक्त मुलजिमों के खिलाफ स्पलीमेंटरी चालान पेश किया जा सकता है। गौरतलब है कि 7 अगस्त 2021 को सेक्टर-70 में विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या के अगले दिन बंबीहा गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी और बंबीहा गैंग को चलाने वाले लक्की पटियाल का नाम सामने आया था।

    पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान पता चला कि विक्की विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या लक्की के कहने पर की गई थी। चार्जशीट में कहा गया है कि कौशल चौधरी ने करनाल जेल में युवा अकाली दल के नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि उस समय मंडोली जेल में बंद अमित डागर के साथ-साथ मुख्य साजिशकर्ता पटियाल और उसके साथी सज्जन सिंह और अनिल कुमल के साथ तालमेल किया। सज्जन और अनिल ने 7 अगस्त को सेक्टर 71 में विक्की मिड्डूखेड़ा की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय से निकलने के बाद अपनी एसयूवी में बैठ रहा था।

  • Punjab News: काले घोड़े के शौंक के चलते थार को किया लाल से काला, पुलिस ने पकड़े, देखें वीडियो

    Punjab News: काले घोड़े के शौंक के चलते थार को किया लाल से काला, पुलिस ने पकड़े, देखें वीडियो

    मोहालीः सब फड़े जानगे जी, सब फड़े जानगे, चाहे आपका मामा, चाचा, ताया या फिर पिता डीसी हो या किसी भी बड़े पद पर तैनात हो, अब ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वाले किसी भी व्यक्ति की खैर नहीं हैं। मोहाली पुलिस नियमों का पालन न करने वाले सभी लोगों पर पूरी सख्ती दिखा रही है। ऐसा ही मामला देर रात को सामने आया है, जहां बताया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस प्रभारी ओम वीर की गाड़ी को मोहाली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चेतावनी दी है।

    जानकारी अनुसार ट्रैफिक पुलिस मोहाली संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए खरड़ से टोल प्लाजा के पास खड़ी थी और लोगों की चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान यूपी नंबर की संदिग्ध थार गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसे रोककर तलाशी ली गई तो पता चला कि थार गाड़ी को अवैध रूप से मोडिफाई किया हुआ था।

    गाड़ी का बाहरी हिस्सा काला था, जबकि उसका असली रंग लाल था। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने लाल को काला क्यों बनाया तो उन्होंने बताया कि थॉर को काले घोड़े कहने के हमारे शौक के कारण गाड़ी को काला बनाया गया। मोहाली पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया गया।

  • एक ही Track पर आमने-सामने आ गईं 2 Trains, मचा हड़कंप

    एक ही Track पर आमने-सामने आ गईं 2 Trains, मचा हड़कंप

    वाराणसीः यूपी के वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को दो ट्रेन एक ही लाइन पर आमने-सामने आ गईं. स्पेशल ट्रेन के लोको पायलट ने यह देखकर अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। उसकी सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। जहां पर ड्राइवर ने ट्रेन को रोका वहां से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 50 मीटर की कम दूरी पर थी। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और अयोध्या धाम स्पेशल टक्कर होने से बाल बाल बच गई।

    जानकारी के अनुसार, चेन पुलिंग के कारण नई दिल्ली से जयनगर की ओर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस वाराणसी जंक्शन के यार्ड में खड़ी थी। इससे स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन का पिछला हिस्सा सिंगनल क्रासिंग के पार ही रुक गया। इसी बची वाराणसी जंक्शन प्लेटफार्म नंबर 3 से बिलासपुर-अयोध्या धाम स्पेशल को ग्रीन सिग्नल दे दिया गया। ये स्पेशल ट्रेन जब वाराणसी जंक्शन के यार्ड के करीब पहुंची तो ड्राइवर ने देखा कि आगे उसी लाइन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का पिछला हिस्सा है। ट्रेन के ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया।

    रफ्तार कम होने से स्वतंत्रता सेनानी से करीब 50 मीटर पहले अयोध्या धाम स्पेशल रुक गई। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। इस हादसे की जानकारी जैसे ही रेलवे अधिकारियों को मिली हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने मामले की जानकारी पहले वाराणसी कैंट के कंट्रोल रूम को दी और इसके बाद अपने जोन के अधिकारियों को दी। वायरलेस सेट पर लोको पायलट की बात सुनकर तत्काल अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर दोनों ट्रेनों को रवाना कर दिया।

  • Punjab: किसान नेता Amna Murder Case का मुख्य आरोपी DC Noorpura गिरफ्तार

    Punjab: किसान नेता Amna Murder Case का मुख्य आरोपी DC Noorpura गिरफ्तार

    लुधियानाः दीवाली की रात 1 अक्टूबर को करीब 11:30 बजे रायकोट स्थित जत्थेबंदी के दफ्तर में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) दोआबा के नेता अमनदीप सिंह उर्फ अमना पंडोरी की हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी दानवीर सिंह चीना उर्फ डीसी नूरपुरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले से गिरफ्तार बीकेयू जिला प्रधान जसप्रीत सिंह जस्सी ढट्ट का रिमांड अदालत ने दो दिन के लिए बढ़ा दिया है। डीसी नूरपुरा भी किसान जत्थेबंदी का स्थानीय प्रधान है, और दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस को राहत मिली है।

    हत्या के मामले में जस्सी ढट्ट से पूछताछ के बाद अन्य आरोपियों – गग्गी, राजा, बूटा सिंह और जश्न को भी नामजद कर लिया गया है। एसएसपी नवनीत सिंह बैंस स्वयं इस जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, और सीआईए स्टाफ की मदद से आरोपियों की धरपकड़ जारी है। थाना सिटी रायकोट में जस्सी ढट्ट, डीसी नूरपुरा, और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें अब अज्ञात लोगों की पहचान भी हो रही है।

    बता दें कि दिवाली की रात 1 अक्टूबर को करीब 11:30 बजे रायकोट स्थित जत्थेबंदी के दफ्तर में डीसी नूरपुरा और उसके साथियों ने अमना पंडोरी की हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार, इस विवाद की जड़ अमना पंडोरी और गगनदीप कौर के प्रेम विवाह से जुड़ी है, जिसमें गगनदीप कौर की शादी के बाद इंग्लैंड जाने के दौरान डीसी नूरपुरा ने गगनदीप को अमना के खिलाफ भड़काने की साजिश रची थी। डीसी ने गगनदीप को बताया कि अमना ने अपनी जाति और संपत्ति के बारे में झूठ बोला था, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।

    इस विवाद के कारण अमना और डीसी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सोशल मीडिया पर कटाक्ष करना शुरू कर दिया। आखिरकार, 1 अक्टूबर की रात को दोनों पक्षों के बीच झगड़े का समय तय हुआ, और इस हिंसा में डीसी नूरपुरा ने अपने वैध रिवॉल्वर से दो गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली अमना के सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

  • Punjab News: SFJ के आतंकी पन्नू ने Amritsar और Chandigarh Airport बंद कराने की दी धमकी

    Punjab News: SFJ के आतंकी पन्नू ने Amritsar और Chandigarh Airport बंद कराने की दी धमकी

    अमृतसरः अलगाववादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी और खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 17 नवंबर को अमृतसर और चंडीगढ़ एयरपोर्ट बंद कराने की धमकी दी है। पन्नू का आरोप है कि भारत सरकार ने सिख धर्म की प्रतीक कृपाण के एयरपोर्ट के भीतर पहनने पर रोक लगाई है। इस फैसले को उन्होंने सिख समुदाय पर हमला बताते हुए भविष्य में सिखों के लिए धार्मिक प्रतीकों पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की आशंका जताई है। आतंकी पन्नू ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो वायरल किया है। जिसमें वे भारत सरकार को धमकी देता दिख रहा है। उसने आरोप लगाया है कि भारत सरकार आने वाले दिनों में दस्तार (पगड़ी) पर भी प्रतिबंध लगा सकती है।

    इसके बाद सिखों को अपने धार्मिक प्रतीकों को भी घर में पहनने पर भी भारत सरकार रोक सकती है। पन्नू ने पंजाब के युवाओं को भड़काने की कोशिश की है और रोष में 17 नवंबर को अमृतसर और चंडीगढ़ एयरपोर्ट्स को बंद करवाने की बात कही है। पन्नू ने अपने वीडियो में चेतावनी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने कृपाण पर पाबंदी लगाई है। कल पाबंदी दस्तार पर भी लग सकती है और फिर श्री साहिब और दस्तारें घर पर भी पहनने नहीं दी जाएंगी। ये भारत सरकार सभी सिखों को जनेऊ डलवा देंगे। अपनी जिंदगी बचाने के लिए सिखों को अपने घर के बाहर श्री गणेश स्थापित करने पड़ेंगे।

    भारतीय संविधान सिख धर्म को हिंदू धर्म का हिस्सा बताते हैं। इस भारतीय संविधान के अंतर्गत गोल्डन टेंपल के अंदर हमला हुआ, सिखों की नस्लकुशी हुई और पंजाब 15-20 किसान हर महीने खुदकुशी करते हैं। हाथ जोड़ कर कभी आजादी नहीं मिलती और कानून वापस नहीं होते। याद रखो, दशम पिता के सामने रुहानी ताकत के लिए हाथ जोड़ें। जिस्मानी ताकत के लिए शस्त्र विद्या का अभ्यास करें। पन्नू ने पंजाब के युवाओं को उकसाते हुए 17 नवंबर को ट्रैक्टरों से सड़कों को जाम करने और एयरपोर्ट पर ड्रोन उड़ाने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन दुनिया को सिख समुदाय के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे से अवगत कराने का तरीका है। सिखों को अपनी आजादी के लिए संघर्ष करना होगा, जैसे उनके पूर्वजों ने किया था।

     

  • Punjab News: छठ पूजा पर आपस में भिड़ा प्रवासी दल, महिला को मारी कुर्सियां, देखें वीडियो

    Punjab News: छठ पूजा पर आपस में भिड़ा प्रवासी दल, महिला को मारी कुर्सियां, देखें वीडियो

    अमृतसर: जिले के मकबूलपुरा इलाके से छठ पूजा दौरान लड़ाई झगड़े का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार, प्रवासी समुदाय द्वारा मकबूलपुरा में छठ पूजा की जा रही थी और इसी दौरान एक युवक और महिला की आपस में बहस हो गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि चाकू चल गए। पीड़ित प्रवासी परिवार ने पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कर सुधार की मांग की है।

    पीड़ित परिवार ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी छठ पूजा के दौरान एक युवती से दुर्व्यवहार किया गया है और उसे कुर्सियां मारी गई और बाद में उसके दोस्तों के साथ मिलकर हम पर हमला किया गया। इस संबंध में हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

    वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों प्रवासी परिवार आपस में भिड़े हैं और दोनों का इलाज चल रहा है, जो भी उचित कार्रवाई होगी वो की जाएगी।