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  • Punjab News: 5 किलो चूरा-पोस्त सहित एक युवक गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 5 किलो चूरा-पोस्त सहित एक युवक गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जीरकपुरः नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत ज़ीरकपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां बलटाना पुलिस ने एक युवक को भारी मात्रा में चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्मण कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और फिलहाल चंडीगढ़ में किराए पर रह रहा था।

    बताया जा रहा है कि पुलिस टीम गश्त के दौरान चॉइस रोड, बलटाना इलाके में मौजूद थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। शक के आधार पर जब उसे काबू कर तलाशी ली गई तो उसके बैग से करीब 5 किलो 500 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ।

    प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से बाहरी राज्यों से नशा लाकर ज़ीरकपुर और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरोपी को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां से पुलिस रिमांड लेकर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

  • Punjab News: तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, देखें वीडियो

    Punjab News: तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। जहां, एक निजी बस आनंदपुर साहिब से फगवाड़ा की ओर आ रही थी। इसी दौरान बस ड्राइवर ने बस को ‘नो एंट्री’ वाले इलाके में घुसा दिया और बगल से आ रही एक मोटरसाइकिल को बस के नीचे कुचल दिया। मौके पर देखा गया कि मोटरसाइकिल का फ्रेम टूटकर अलग हो गया था, लेकिन किसी की जान नहीं गई।

    मोटरसाइकिल चालक ने बताया कि मैं एक तरफ से आ रहा था,  तभी तेज़ी से आती बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हमने मोटरसाइकिल से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई है। सूचना पाकर फगवाड़ा पुलिस की PCR टीम मौके पर पहुंची और बस को एक तरफ हटवा दिया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान  बस ड्राइवर ने अपनी गलती मान ली। उसने कहा,  मैंने बस को ‘नो एंट्री’ वाले इलाके में इसलिए घुसा दिया, क्योंकि आज छुट्टी होने के कारण बाज़ारों में ज़्यादा भीड़ नहीं थी। जिसके कारण ये हादसा हो गया है।

  • Donald Trump ने Iran को सीधी दी चेतावनी, धमकी के कुछ घंटों बाद साफ हुई शर्तें

    Donald Trump ने Iran को सीधी दी चेतावनी, धमकी के कुछ घंटों बाद साफ हुई शर्तें

    नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक खतरनाक मोड़ पर है। दुनिया के सबसे जरुरी तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को लेकर ईरान के रुख अचानक बदलते दिख रहे हैं। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे में यह समुद्री रास्ता नहीं खुला है। अमेरिका ईरान के बिजली घरों को निशाना बनाएगा। इस धमकी के कुछ ही घंटों के बाद ईरान ने एक बड़ा बयान दिया है। इसमें थोड़ी नरमी और कुछ शर्तें साफ झलक रही है।

    न्यूज एजेंसी के अनुसार, रॉयटर्स के अनुसार, ईरान का कहना है कि वह इस रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं रखना चाहता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसावी ने रविवार को कहा कि दुश्मन देशों के जहाजों को छोड़कर बाकी सबके लिए यह रास्ता खुला है। यहां दुश्मन ने उनका सीधा मतलब अमेरिका और इजरायल से है।

    ईरान ने कहा कि यदि कोई जहाज उनके सुरक्षा नियमों का पालन करता है। उसका ताल्लुक उनके दुश्मनों से नहीं तो उसे गुजरने में कोई दिक्कत नहीं होगी। धमकी का असर या कूटनीति गौर करने वाली बात यह है कि सारा बवाल बीते 28 फरवरी से शुरु हुआ था। उस समय ईरान ने इस रास्ते को बंद करने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह अमेरिका और इजरायल के हमले है। उनका कहना है कि वो तेहरान खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा और नाविकों को हिफाजत के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार है लेकिन इसके लिए आपसी भरोसा जरुरी है।

    दूसरी ओर अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए नौसैनिक गठबंधन बनाने की कोशिश की थी हालांकि नाटो देशों ने ईरान के खिलाफ सीधे सैन्य एक्शन से हाथ खींच लिए थे। अब देखना यह होगा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के इस शर्तों वाले ऑफ को स्वीकार करता है या 48 घंटे की डेडलाइन खत्म होने के बाद कड़ा एक्शन लेता है फिलहाल नजरें इसी बात पर कि यह विवाद बातचीत से सुलझता है या बात जंग तक पहुंचती है।

    ईरान का तर्क है कि खाड़ी में हालात बिगड़ने की असली जड़ अमेरिका और इजरायल के हमले हैं। उनका कहना है कि वे तेहरान खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा और नाविकों की हिफाजत के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए आपसी भरोसा जरुरी है। दूसरे तरफ अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए एक नौसेनिक गठबंधन बनाने की कोशिश की थी।

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान का कहना है कि वह इस रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं रखना चाहता। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसावी ने रविवार को कहा कि दुश्मन देशों के जहाजों को छोड़कर बाकी सबके लिए यह रास्ता खुला है। यहां दुश्मन से उनका सीधा मतलब अमेरिका और इजरायल से है। ईरान ने कहा यदि कोई जहाज उनके सुरक्षा नियमों का पालन करता है और ताल्लुक उनके दुश्मनों से नहीं है तो उसे गुजरने में कोई दिक्कत नहीं होगी। फिलहाल सबकी नजरें इसी बात पर कि यह विवाद बातचीत से सुलझता है या बात जंग तक पहुंचती है।

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

  • Sri Harmandir Sahib में बेरियों पर आई बेरों की बहार, शद्धालुओं के लिये बना आकर्षण का केंद्र, देखें वीडियो

    Sri Harmandir Sahib में बेरियों पर आई बेरों की बहार, शद्धालुओं के लिये बना आकर्षण का केंद्र, देखें वीडियो

    अमृतसर: सचखंड श्री हरमंदिर साहिब जिसे पूरी मानवता का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। जहां, हर साल की तरह इस बार भी ऐतिहासिक बेरी पर लगे फलों (बेर) से इसकी शोभा और बढ़ गई है। श्री दरबार साहिब की परिक्रमा में स्थित प्राचीन दुखभंजनी बेरी, बेर बाबा बुड्ढा जी और लाची बेरी पर इस साल भी खूब बेर लगे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।

    दरबार साहिब आने वाली संगत की गहरी श्रद्धा का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग इन बेरियों के नीचे घंटों बैठकर इस इंतज़ार में रहते हैं कि कब कोई बेर टूटकर अपने आप नीचे गिरेगा। सिख परंपराओं के अनुसार, इन ऐतिहासिक बेरियों से बेर तोड़ना मना है,  इसलिए संगत केवल उन्हीं बेर को प्रसाद के रूप में स्वीकार करती है जो ज़मीन पर गिरे होते हैं।

    दुखभंजनी बेरी का विशेष महत्व
    दुखभंजनी बेरी का विशेष महत्व बीबी रजनी जी के इतिहास से जुड़ा है, जहाँ उनके पति के दुख दूर हुए थे। आज भी श्रद्धालु मानते हैं कि ये बेर केवल एक फल नहीं हैं, बल्कि गुरु घर की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक हैं। इन बेरियों को सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों और शिरोमणि कमेटी द्वारा विशेष प्रयास किए जाते हैं, ताकि ये लंबे समय तक बनी रहें।

    परिक्रमा के दौरान बेरियों के नीचे बैठी संगत जब गुरबाणी का पाठ करती है और जब कोई बेर नीचे गिरता है,  तो वे उसे श्रद्धापूर्वक अपने माथे से लगाकर ग्रहण करते हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस आध्यात्मिक दृश्य को देखकर भावुक हो जाते हैं। यह आस्था और धैर्य का एक अनूठा उदाहरण है, जहां एक छोटे से फल की आस में लोग चिंताओं को भूलकर भक्ति में लीन हो जाते हैं।

     

     

  • Tomato Mint Chutney: झटपट बन जाएगी टमाटर-पुदीने की चटनी, नोट करें ये रेसिपी

    Tomato Mint Chutney: झटपट बन जाएगी टमाटर-पुदीने की चटनी, नोट करें ये रेसिपी

    Tomato Mint Chutney: टमाटर की चटनी और पुदीने की चटनी तो आपने जरूर खाई होगी। लेकिन अगर इन दोनों का स्वाद एक साथ मिल जाए, तो चटनी का मजा और भी बढ़ जाता है। यह चटनी खट्टे-मीठे और तीखे स्वाद का ऐसा मिक्सचर है, जो आपके खाने के टेस्ट को दोगुना कर देती है। चटनी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
    • 4 पके हुए टमाटर
    • 1 कप ताज़ी पुदीने की पत्तियां
    • 2 हरी मिर्च
    • 1 छोटा टुकड़ा अदरक
    • 5 लहसुन की कलियां
    • 1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
    • 1 चम्मच जीरा
    • थोड़ा सा तेल
    • स्वादानुसार नमक
    • हरा धनिया (थोड़ा सा)
    • नींबू का रस (स्वाद बढ़ाने के लिए, वैकल्पिक)
      स्टेप 1: टमाटर को धोना और काटना सबसे पहले टमाटरों को अच्छे से धो लें। अब इन्हें बीच से दो हिस्सों में काट लें। स्टेप 2: टमाटर को भूनना कटे हुए टमाटरों को तवे पर रखकर हल्की आंच पर अच्छे से भून लें। इससे चटनी का स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा। स्टेप 3: तड़का लगाना एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें। अब इसमें जीरा, बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक, प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा (गोल्डन ब्राउन) होने तक भूनें। स्टेप 4: मिक्सी में पीसना अब मिक्सी में भुने हुए टमाटर, तड़के वाली सभी चीजें, पुदीने की ताज़ी पत्तियां, हरा धनिया और नमक डालकर बारीक पीस लें। स्टेप 5: नींबू का रस डालना पीसी हुई चटनी को एक कटोरे में निकाल लें। चाहें तो इसमें नींबू का रस डालकर स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं। स्टेप 6: गार्निशिंग आख़िर में चटनी के ऊपर कुछ ताज़ी पुदीने की पत्तियां डालकर गार्निश करें। सर्व करने का तरीका यह चटपटी टमाटर-पुदीने की चटनी पराठे, इडली, पकौड़े, समोसे, चावल या किसी भी स्नैक के साथ खाई जा सकती है। सेहत के फायदे
    • पुदीना पाचन को बेहतर बनाता है।
    • टमाटर में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
    • लहसुन और अदरक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
    • इसलिए यह चटनी न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
     
  • Chaitra Navratri : जानें कब है नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी, किस दिन कन्या पूजन का है शुभ मुहूर्त

    Chaitra Navratri : जानें कब है नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी, किस दिन कन्या पूजन का है शुभ मुहूर्त

    Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। ये नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा के लिए समर्पित होते हैं। हर दिन का अपना खास महत्व होता है, लेकिन आठवां दिन यानी अष्टमी तिथि सबसे खास माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। अष्टमी तिथि का महत्व क्यों है नवरात्रि का आठवां दिन बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां महागौरी की पूजा करने से सभी पाप दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। मां महागौरी को शुद्धता, शांति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। दुर्गा अष्टमी 2026 कब है पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि की शुरुआत: 25 मार्च 2026, दोपहर 1:50 बजे। अष्टमी तिथि का समापन: 26 मार्च 2026, सुबह 11:48 बजे। उदय तिथि के अनुसार, दुर्गा अष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इसी दिन पूजा और कन्या पूजन करना शुभ रहेगा। कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने के लिए दो विशेष शुभ समय बताए गए हैं।
    1. पहला मुहूर्त:
    • सुबह 6:18 बजे से 7:50 बजे तक
    2. दूसरा मुहूर्त:
    • सुबह 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक
    इन समयों में कन्या पूजन करना सबसे उत्तम माना जाता है। कन्या पूजन का महत्व नवरात्रि के आठवें दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। कैसे करें कन्या पूजन
    • घर में 9 छोटी कन्याओं (या जितनी संभव हो) को आमंत्रित करें
    • उनके पैर धोकर सम्मान करें
    • उन्हें हलवा, पूरी, काला चना और खीर खिलाएं
    • भोजन के बाद उन्हें दक्षिणा, उपहार दें
    • उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें
    मान्यता है कि कन्या पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।  
  • ग्राम पंचायत सलोह को पुनर्गठित कर अपर सलोह नई पंचायत बनाओ: बलदेव सरोआ 

    ग्राम पंचायत सलोह को पुनर्गठित कर अपर सलोह नई पंचायत बनाओ: बलदेव सरोआ 

    ग्रामीणों ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री को सौंपा ज्ञापन  ऊना/सुशील पंडित: हरौली  क्षेत्र की  ग्राम पंचायत सलोह के तीन वार्डो के वाशिंदों ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री को ज्ञापन सौंपकर अपर सलोह के नाम से नई पंचायत बनाने की मांग की है । प्रतिनिधियों में शामिल रिटायर तहसीलदार एवं कांग्रेस नेता  बलदेव सरोआ ने बताया कि ग्राम पंचायत सलोह में की आबादी सात हजार के करीब है। ओर तीन हजार से ज्यादा मतदाता है । जबकि ग्राम के वार्ड नंबर एक ,आठ व नौ की आबादी 3 हजार से ज्यादा है और लगभग 1200 मतदाता है । उन्होंने कहा कि इसलिए वार्डो में विकास की गति बढ़ाने के लिए व उचित प्रतिनिधित्व के लिए इन तीन वार्डो की अपर सलोह के नाम से अलग पंचायत बनाई जाए ।उन्होंने इन वार्डो के करीब 200 लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन भी दिया है।जिसमें स्थानीय वार्ड वासियों की अलग पंचायत बनाने की मांग को उठाया गया है । समाजसेवी बलदेव सरोआ ने बताया कि डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री को ग्राम पंचायत सलोह की पंचायत को पुनर्गठित कर नई पंचायत अपर सलोह बनाने की अरसे से मांग की जा रही है । रविवार को भी ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई गई है । उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने सकारात्मक कारवाही का आश्वासन दिया है ।
  • Qatar में सेना का Helicopter Crash, 6 लोगों की मौत, 1 लापता

    Qatar में सेना का Helicopter Crash, 6 लोगों की मौत, 1 लापता

    Qatar helicopter crash News: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर में एक बड़ा हादसा सामने आया है। फारस की खाड़ी में कतर के क्षेत्रीय जल में एक सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। सरकार ने रविवार को इस हादसे की पुष्टि की। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हेलीकॉप्टर किसी विशेष मिशन पर नहीं बल्कि सामान्य (रूटीन) ड्यूटी पर था। इसी दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई और हेलीकॉप्टर समुद्र में गिर गया।

    सरकार ने साफ किया है कि हादसे की वजह फिलहाल तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि, इसमें सवार लोगों की पहचान और यह जानकारी कि वे सैनिक थे या नागरिक, अभी तक स्पष्ट नहीं की गई है।

    बचाव कार्य जारी, एक व्यक्ति अभी भी लापता
    हादसे के बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। कोस्ट गार्ड और इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स (लेख्विया) की टीमें लगातार समुद्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अब तक 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन एक व्यक्ति का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। उसकी तलाश जारी है।

    ईरान के हमलों के बीच बढ़ी चिंता
    यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान लगातार कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। ऐसे में कुछ लोगों ने आशंका जताई कि हेलीकॉप्टर कहीं हमले का शिकार तो नहीं हुआ, लेकिन कतर सरकार ने इस संभावना को खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी दुश्मन कार्रवाई का कोई सबूत नहीं मिला है।

    कतर सरकार ने शुरू की जांच
    हादसे के तुरंत बाद कतर की सरकार और सेना ने जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर तकनीकी खराबी क्यों आई और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

    क्षेत्रीय सुरक्षा पर उठे सवाल
    इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हालांकि, कतर ने कहा है कि इस हादसे का तेल और गैस उत्पादन पर कोई तत्काल असर नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसे पहले से ही तनावग्रस्त क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।

     

  • केदारनाथ धाम पूरी तरह बर्फ से ढका, जानें कब खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट, देखें वीडियो

    केदारनाथ धाम पूरी तरह बर्फ से ढका, जानें कब खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट, देखें वीडियो

    Kedarnath Dham: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों तेज बर्फबारी हो रही है। इसी वजह से केदारनाथ धाम पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। मंदिर परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चारों ओर सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। इस समय मंदिर के कपाट बंद हैं। जानकारी के मुताबिक, केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। चारधाम यात्रा के लिए बुकिंग भी शुरू हो चुकी है, और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आने की तैयारी कर रहे हैं।

    3 से 5 फीट तक जमी बर्फ
    लगातार बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम में करीब 3 से 5 फीट तक बर्फ जम गई है। पूरा इलाका सफेद बर्फ से ढक गया है, जिससे वहां का नजारा बेहद खूबसूरत दिख रहा है। हालांकि, तापमान माइनस 16 से 17 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे हालात काफी कठिन हो गए हैं।

    चारधाम यात्रा की तैयारियों पर असर
    भारी बर्फबारी का असर चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, केदारनाथ की डोली 19 अप्रैल को ऊखीमठ से रवाना होगी और 22 अप्रैल को मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। फिलहाल रास्तों से बर्फ हटाने और यात्रा के लिए मार्ग तैयार करने का काम तेजी से जारी है। उम्मीद है कि अप्रैल तक हालात सामान्य हो जाएंगे।

    बर्फ में भी जवान पूरी तरह अलर्ट
    कठिन मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद पुलिस और Indo-Tibetan Border Police के जवान पूरी तरह अलर्ट हैं। वे लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। जवान बर्फ हटाने का काम भी खुद कर रहे हैं ताकि रास्ते और परिसर साफ रह सकें।

    रुद्रप्रयाग पुलिस ने शेयर किए वीडियो
    रुद्रप्रयाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें केदारनाथ धाम का खूबसूरत दृश्य और जवानों की मेहनत साफ दिखाई दे रही है। एक वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि “सफेद बर्फ की चादर में लिपटे बाबा केदार का नजारा मन को शांति देता है।” वहीं दूसरे वीडियो में जवानों के हौसले की तारीफ करते हुए कहा गया कि वे इतनी ठंड में भी बिना रुके अपना काम कर रहे हैं।

     

  • Health Tips: इन पत्तियों से भी शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मिलती है मदद

    Health Tips: इन पत्तियों से भी शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मिलती है मदद

    HEALTH TIPS: आजकल डायबिटीज यानी शुगर की समस्या बहुत ही आम होती जा रही है। लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति इस बीमारी से परेशान है। इसके पीछे सिर्फ जेनेटिक कारण (वंशानुगत कारण) ही नहीं हैं, बल्कि गलत खानपान, बिगड़ा लाइफस्टाइल, तनाव और कम एक्टिव रहना भी बड़ी वजहें हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के बच्चों और युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है।

    डायबिटीज को ठीक नहीं, लेकिन कंट्रोल किया जा सकता है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन दवाइयों, संतुलित खानपान, और स्वस्थ दिनचर्या से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ देसी नुस्खे और पौधों की पत्तियां भी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। हालांकि, इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार पौधों की पत्तियां
    आयुर्वेद के अनुसार, कुछ खास पौधों की पत्तियां शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं कौन सी पत्तियां हैं वो —

    1. नीम की पत्तियां
    नीम की पत्तियों में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं।
    • रोज सुबह खाली पेट 5-6 नीम की पत्तियां चबाने या उनका जूस पीने से ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
    • ध्यान रहे, इसे बहुत ज्यादा मात्रा में न खाएं, वरना शुगर अचानक बहुत कम हो सकती है।

    2. जामुन की पत्तियां
    जामुन की पत्तियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को बैलेंस करने में मदद करते हैं।
    • इन पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना सकते हैं और रोज आधा चम्मच पानी के साथ ले सकते हैं।

    3. गुड़हल की पत्तियां
    गुड़हल यानी हिबिस्कस की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करते हैं।
    • आप इनकी चाय बनाकर पी सकते हैं।

    4. सदाबहार की पत्तियां
    सदाबहार के फूल और पत्तियां दोनों डायबिटीज कंट्रोल में फायदेमंद माने जाते हैं।
    • इसकी दो पत्तियां रोज सुबह खाली पेट पानी के साथ खाई जा सकती हैं।

    5. करेले की पत्तियां
    करेला तो डायबिटीज वालों के लिए जाना-पहचाना नाम है। इसकी पत्तियां भी उतनी ही असरदार होती हैं।
    • आप करेले की पत्तियों का जूस बनाकर सुबह पी सकते हैं।
    • यह ब्लड में शुगर की मात्रा को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है।

    पत्तियों का सेवन कैसे करें
    • नीम, करेले या जामुन की कुछ पत्तियां लें।
    • इन्हें साफ पानी से धो लें।
    • थोड़ा पानी मिलाकर ग्राइंड कर लें और सुबह खाली पेट इसका जूस पीएं।
    • अगर चाहें तो सीधे पत्तियां चबाकर भी खा सकते हैं।