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  • Punjab News: Central Jail के बंदियों से मिले 11 Mobile और 5 Sim, 2 अफसर Suspend

    Punjab News: Central Jail के बंदियों से मिले 11 Mobile और 5 Sim, 2 अफसर Suspend

    अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत मान की सर्कार ने हाल ही में जेल विभाग के 26 अधिकारियों के निलंबन किया है। जिसके बाद अब अमृतसर की फताहपुर सेंट्रल जेल में बड़ी कार्रवाई की गई है। जहा छापेमारी के दौरान जेल परिसर मे बंद लोगो से 11 मोबाइल, 5 सिम कार्ड और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ है।

    इस मामले मे जेल के 9 हवालातियों पर कार्रवाई की गयी है। जिनकी पहचान जगरूप सिंह निवासी कलैर, सुखचैन सिंह निवासी खपेड़ खुड़ी, पलविंदर सिंह निवासी घिरियाली तहसील पट्टी तरनतारन, जसबंत सिंह निवासी चट्टीविंड लहल, प्रदीप सिंह निवासी प्रकाश विहार अमृतसर, सुरिंदरपाल सिंह निवासी भगवां थाना जंडियाला, विरेंद्र सिंह निवासी ढोल कलां, कुलजीत सिंह निवासी कृपाल कॉलोनी तुंग बाला, आकर्षदीप सिंह निवासी माहेकर पट्टी कॉलोनी के रूप मे हुई है।

    जेल सुपरिंटेंडेंट प्रभदयाल सिंह की रिपोर्ट पर थाना मजीठा रोड में एफआईआर नंबर 192 दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रिजन एक्ट की धारा 42 और 52-A के तहत हुई है। इसके साथ ही जेल में तैनात दो अधिकारी बिक्रमजीत सिंह और विजय पाल सिंह को ससपेंड कर दिया गया है।

  • Punjab News: केंद्रीय जेल में बंद हवालाती की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: केंद्रीय जेल में बंद हवालाती की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप, देखें वीडियो

    बठिंडा: केंद्रीय जेल में बंद एक हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सुक्खा राम निवासी नंगल कलां, जिला मानसा के रूप में हुई है। परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुक्खा राम की मौत लापरवाही के चलते हुई है।

    मृतक के छोटे भाई राजू राम ने बताया कि वीरवार दोपहर लगभग 3 बजे उसकी सुक्खा राम से जेल फोन पर करीब डेढ़ मिनट बात हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि वह ठीक है। लेकिन शुक्रवार को परिवार को रिश्तेदारों से सूचना मिली कि सुक्खा राम की जेल में मौत हो चुकी है, जिसके बाद रात एक बजे डेड बॉडी को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचा दिया गया, लेकिन परिवार को शुक्रवार दोपहर तक किसी भी तरह की सूचना नहीं दी गई। राजू राम ने बताया कि उसके भाई को दो महीने पहले एक साजिश के तहत झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया था। भाई बिल्कुल ठीक था।

    उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा सुक्खा राम समाज सेवा से भी जुड़े हुए थे। उन्होंने 60 बार रक्तदान किया था और हाल ही में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह की ओर से उन्हें स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया गया था उधर, इस मामले में थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह ने कहा कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया न्यायिक अधिकारी की निगरानी में पूरी की जाएगी।

  • थानाकला के गहरा जंगल में अवैध कटान पर जांच में कार्यवाही, फॉरेस्ट गार्ड का तबादला

    थानाकला के गहरा जंगल में अवैध कटान पर जांच में कार्यवाही, फॉरेस्ट गार्ड का तबादला

    डीएफओ सुशील राणा ने फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका पर संदेह प्रकट करते हुए दिए जांच के आदेश

    ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के थाना कलां क्षेत्र के गहरा जंगल में लंबे समय से चल रहे अवैध कटान मामले ने अब प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। इस गंभीर मामले में स्थानीय फॉरेस्ट गार्ड सुशील कुमार की संदिग्ध भूमिका उजागर होने के बाद उन्हें थाना कलां से गगरेट चैक पोस्ट पर तबादला कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) सुशील राणा ने जांच के आदेश भी जारी किए हैं। रामगढ़ धार के रेंज ऑफिसर संदीप कुमार को इस जांच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। डीएफओ सुशील राणा ने स्पष्ट किया है कि अगर जांच में फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इससे यह साफ संकेत मिलता है कि वन विभाग अब अवैध लकड़ी कटान जैसे मामलों को लेकर गंभीर रवैया अपना रहा है। स्थानीय जनता ने पहले ही फॉरेस्ट गार्ड की भूमिका पर सवाल उठाए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि गहरा जंगल में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है, और इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है। कुछ ग्रामीणों ने बाकायदा सबूतों के साथ डीएफओ कार्यालय ऊना का रुख किया था। जनता द्वारा दी गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ ऊना सुशील राणा ने पहले ही क्षेत्र का निरीक्षण करवाया था, जिसमें कुछ पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई। इसके बाद ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह अवैध कटान पिछले कई महीनों से चल रहा था और इससे वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है।

    वन विभाग के इस कदम से क्षेत्र में एक संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई ना केवल संबंधित अधिकारी के लिए चेतावनी है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी अनुशासन और ज़िम्मेदारी निभाने का संकेत है। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय जनता में एक हद तक संतोष देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि अब जंगलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है, खासकर हिमाचल जैसे पर्यावरण-संवेदनशील राज्य में।

    हालांकि, जांच पूरी होने तक फॉरेस्ट गार्ड सुशील कुमार को गगरेट चैक पोस्ट में ड्यूटी दे दी गई है, लेकिन उन पर विभागीय निगरानी बनी रहेगी। आगामी दिनों में जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

  • Punjab News: Dhuri रेलवे ओवरब्रिज का काम जल्द शुरू होगा: CM Mann

    Punjab News: Dhuri रेलवे ओवरब्रिज का काम जल्द शुरू होगा: CM Mann

    54.76 करोड़ की लागत से 18 महीनों में होगा पूरा प्रोजेक्ट

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में दो-मार्गी रेलवे ओवरब्रिज (आर.ओ.बी.) का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लगातार प्रयासों के बाद रेलवे मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी मिल गई है। यह अत्याधुनिक आर.ओ.बी. लेवल क्रॉसिंग (फाटक) नंबर 62ए पर बनाया जाएगा और यह मालवा क्षेत्र के लोगों, विशेष रूप से धूरी के निवासियों को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 54.76 करोड़ रुपए है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। यह प्रोजेक्ट 18 महीनों में पूरा हो जाएगा। भगवंत सिंह मान ने उल्लेख किया कि प्रोजेक्ट का प्रारंभिक कार्य 2024 में शुरू हुआ था, लेकिन मार्च 2025 में रेलवे की मंजूरी/एन.ओ.सी. के कारण कार्य में देरी हुई। राज्य सरकार ने इस मामले में पूरी तत्परता से पैरवी की और रेलवे अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी मिलने के साथ ही प्रोजेक्ट पर काम जल्द शुरू हो जाएगा।

    पंजाब के विकास और लोगों की खुशहाली के प्रति मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रशासन के दृढ़ प्रयासों के कारण पंजाब अभूतपूर्व विकास के नए युग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार ने रंगला पंजाब बनाने के लिए विकास कार्यों में तेजी लाई है और यह प्रोजेक्ट उसी का प्रतीक है।

  • Himachal News: अम्बेहड़ा में तीन वन काटुए गाड़ी में खैर की लकड़ी सहित पकड़े

    Himachal News: अम्बेहड़ा में तीन वन काटुए गाड़ी में खैर की लकड़ी सहित पकड़े

    वन काटुओं ने किए सनसनी खेज खुलासे ,बड़ी मछलियां भी अवैध कटान में  सम्मिलित

    ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा की पंचायत अम्बेहड़ा धीरज के गांव अम्बेहड़ा क्षेत्र में शनिवार रात वन विभाग की विशेष टीम ने गश्त के दौरान कार्रवाई में अवैध खैर कटान का बड़ा मामला सामने आया है। फॉरेस्ट विभाग ने खैर की लकड़ी के दर्जनों मोच्छौं के साथ तीन वन काटुए (अवैध लकड़ी काटने वाले) गाड़ी सहित रंगे हाथ पकड़े गए। इस कार्रवाई ने न सिर्फ वन माफिया के नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि कई रसूखदार नाम भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पकड़े गए वन काटुए आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार तीनों वन काटुए कई बार पहले भी इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।

    इन पर फॉरेस्ट विभाग ने पहले भी चार बार कार्रवाई की थी, लेकिन हर बार पुलिस जांच में लापरवाही और कथित अनियमितताओं के चलते ये बच निकलते थे। शनिवार को भी तीनों में से एक आरोपी को जोल पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर उसी रात यह फिर से अवैध कटान में लिप्त पाया गया और खैर के दो अन्य लठ्ठों (लकड़ी के टुकड़ों) के साथ पकड़ा गया। यह दर्शाता है कि वन माफिया न तो कानून से डरते हैं और न ही सख्ती से सुधार की उम्मीद रखते हैं।

    वहीं फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खैर के पेड़ों की यह अवैध कटाई सरकारी भूमि पर हो रही थी। यह वन कानून का गंभीर उल्लंघन है। खैर का उपयोग मुख्यतः कत्था बनाने में किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। इसी लालच में स्थानीय गिरोह बड़े स्तर पर खैर की अवैध कटाई में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवैध धंधे में केवल लकड़ी काटने वाले ही नहीं, बल्कि कई बड़े व्यापारी, बॉयलर मालिक और ट्रांसपोर्टर भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस और फॉरेस्ट विभाग अब इस नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।

    जिला फॉरेस्ट अधिकारी सुशील राणा ने बताया कि विभाग ने पूरी मुस्तैदी से कार्य करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की जा रही है। सुशील राणा ने आगे बताया कि, “यह केवल शुरुआत है। इन तीन वन काटुओं के जरिए हम उन ‘बड़ी मछलियों’ तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, जो इस पूरे अवैध नेटवर्क के पीछे हैं। विभाग अब बेहद सख्त रुख अपना चुका है और वन संपदा की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।”

    पुलिस थाना में भारतीय वन अधिनियम  के तहत प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। इन पर अवैध कटाई, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, और वन संसाधनों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    डीएफओ सुशील राणा ने कहा कि अम्बेहड़ा में अवैध खैर कटान करते तीन आरोपियों को मौके पर पकड़ा है। उनके पास साइलेंसर आरा मशीन एक गाड़ी और गाड़ी में खैर के मोच्छे पकड़े हैं। और पुलिस चौकी जोल में उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। सुशील राणा ने कहा कि अम्बेहड़ा जंगल में फॉरेस्ट विभाग ने दोनों तरफ नाका लगाया था। और एक टीम गश्त कर रही थी। उक्त आरोपी भागने की फिराक में थे। लेकिन फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारियों की सूझबूझ से तीनों आरोपी गाड़ी और खैर के मोच्छे सहित पकड़े गए हैं।

  • 24 किसानों का दल मधुमक्खी प्रशिक्षण के लिए रामनगर के लिए रवाना, डॉ केके भारद्वाज ने दिखाई हरि झंडी

    24 किसानों का दल मधुमक्खी प्रशिक्षण के लिए रामनगर के लिए रवाना, डॉ केके भारद्वाज ने दिखाई हरि झंडी

    ऊना/सुशील पंडित: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और शहद का व्यावसायिक उत्पादन बढ़ाने के मकसद से रविवार को जिला ऊना के 24 किसानों को एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर (कुरुक्षेत्र) में 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए हरी झंडी देकर रवाना किया गया। यह शिविर 30 जून से 04 जुलाई  तक आयोजित होगा। बागवानी बिभाग जिला ऊना के उप-निदेशक डॉ के.के. भारद्वाज ने 24 किसानों के दल को सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए किसानों को शुभकामनायें दीं l उन्होंने बताया की प्रशिक्षण शिविर का नेतृत्व बागवानी विभाग बंगाना के बागवानी प्रसार अधिकारी मोहम्मद अरशद कर रहे हैं l

    डॉ भारद्वाज ने बताया कि जिला ऊना के किसान नवीनतावादी और मेहनती हैं तथा जिले में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएँ हैं। इन्हीं संभावनाओं को मध्य नजर रखते हुए केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है ताकि जिले के किसान एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र के विशेषज्ञों से मधुमक्खी पालन की नई-2 तकनीक सीख सकें और उसे अपने क्षेत्र में अपना सकें l

    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बागवानी विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री मधु विकास योजना चलाई जा रही है जिसमें किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए 80% अनुदान का प्रावधान रखा गया है l प्रशिक्षण के उपरांत किसान इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं तथा अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं l जिला ऊना की परिस्थितियों मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त पाई गई हैं तथा जिले के कई किसान बागवानी विभाग की स्कीमों का लाभ उठाकर मधुमक्खी पालन में बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे हैं l इसी को मध्य नजर  रखते हुए बागवानी विभाग द्वारा इस प्रशिक्षण शिबिर का आयोजन किया जा रहा है l

    उप-निदेशक डॉ के. के. भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने बागवानी विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं । इन योजनाओं का लाभ उठाकर जिला के किसान स्वरोजगार के साथ-साथ अपनी आए बढ़ा सकते हैं l प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी विकास से संबंधित सभी स्कीमें ऑनलाइन उपलब्ध हैं जिसका लाभ अब किसान घर बैठे उठा सकते हैं l डॉ भारद्वाज के अनुसार बागवानी विभाग से संबंधित योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम बागवानी अधिकारी यह विषय विशेषज्ञ (बागवानी) से संपर्क कर सकते हैं तथा जिले में शहद उत्पादन को बढ़ाने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं l

  • Bikram Majithia के पूर्व PA तलबीर गिल विजिलेंस के समक्ष हुए पेश, देखें वीडियो

    Bikram Majithia के पूर्व PA तलबीर गिल विजिलेंस के समक्ष हुए पेश, देखें वीडियो

    अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के पूर्व पीए तलबीर गिल ने विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज करवा दिये हैं। जानकारी के अनुसार विजिलेंस मजीठिया से जुड़े कई पुराने साथियों को पूछताछ के लिए बुला रहा है। जिसके तहत आज तलबीर गिल को भी बुलाया गया।


    तलबीर गिल ने मीडिया से रूबरू होते कहा कि उन्होंने विजिलेंस के सामने अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं, लेकिन इस समय वह विस्तार में कुछ भी नहीं बता सकते। क्योंकि यह जांच का मामला है। विजिलेंस को जब भी उनकी जरूरत होगी वह सहयोग देंगे। तलबीर गिल ने यह भी कहा कि लोग सब कुछ जानते हैं कि कौन सच्चा है और कौन झूठा।

    उल्लेखनीय है कि विजिलेंस ने बिक्रम मजीठिया को ड्रग मनी के मामले में गिरफ्तार किया है और अब उनके करीबीयो से जानकारी एकत्र की जा रही है।

  • Jagannath Rath Yatra: 3 मौतों के मामले मे DM- SP का Transfer, 2 Officer Suspend

    Jagannath Rath Yatra: 3 मौतों के मामले मे DM- SP का Transfer, 2 Officer Suspend

    ओडिशा: पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के आज तीसरे दिन भगड़ मचने से 3 लोगो की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उपमुख्यमंत्रियों के साथ आपात बैठक बुलाई। सीएम ने इस हादसे पर जगन्नाथ भक्तों से माफी मांगते हुए कहा कि यह लापरवाही अक्षम्य है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।

    जानकारी के अनुसार भगदड़ में सुरक्षा में भारी चूक को देखते हुए पुरी के SP विनीत अग्रवाल और DM सिद्धार्थ शंकर स्वैन का तत्काल तबादला कर दिया गया है। अब पुरी के नए पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा होंगे, जो वर्तमान में ADG क्राइम के पद पर हैं। वह इससे पहले भी पुरी में SP रह चुके हैं। खुर्दा के कलेक्टर चंचल राणा को पुरी का नया DM नियुक्त कर दिया गया है। सीएम ने इसे ‘अक्षम्य लापरवाही’ करार देते हुए दो पुलिस अधिकारियों- डीसीपी विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी- को सस्पेंड करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

    बता दें कि श्री गुंडिचा मंदिर के सामने भगवान के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

  • संकट की घड़ी में शकुंतला देवी के लिए सहारा बना हिमाचल भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड

    संकट की घड़ी में शकुंतला देवी के लिए सहारा बना हिमाचल भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड

    पति की अकस्मात मृत्यु पर मिली 4.20 लाख रुपये की आर्थिक मदद, जीवन की संघर्षपूर्ण चुनौतियों से पार पाने में हुई मददगार साबित

    ऊना/सुशील पंडित: ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घटती हैं जिनसे पार पाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। जिला ऊना के ठठल गांव की शकुंतला देवी के जीवन में भी ऐसा संकटपूर्ण क्षण तब आया, जब एक सड़क दुर्घटना में उनके पति रमन कुमार का दुखद निधन हो गया। परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य चला गया और पूरे घर पर दुख और चिंता के बादल छा गए।

    ऐसे कठिन समय में हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड शकुंतला देवी के लिए संबल बनकर सामने आया।  रमन कुमार एक निर्माण इकाई से संबद्ध थे और इस नाते कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत थे। उनके असामयिक निधन के बाद बोर्ड ने 4.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की, जो न केवल परिवार के लिए तत्काल सहारा बनी, बल्कि उनके दो बेटों और एक बेटी की शिक्षा तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालने की बुनियाद भी साबित हुई। शकुंतला देवी बताती हैं कि पति की अचानक मौत के बाद वे पूरी तरह टूट चुकी थीं, भविष्य को लेकर मन में डर और असमंजस था। लेकिन कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से मिली सहायता ने न सिर्फ उन्हें जीवन की नई दिशा दी, बल्कि यह भरोसा भी दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।

    उनके बच्चे अब उच्च शिक्षा की तैयारी में जुटे हैं और घर की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। वे भावुक होकर कहती हैं कि यह सहायता उनके लिए बहुत बड़ा सहारा बनी।शकुंतला देवी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कामगार कल्याण बोर्ड के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करती हैं। उनका कहना है कि बोर्ड की योजनाएं सच्चे मायनों में जरूरतमंदों के लिए राहत और संबल हैं।

    बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों तक पहुंच रही है मदद – नरदेव सिंह कंवर

    हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरवेद सिंह कंवर का कहना है कि सरकार का उद्देश्य यही है कि प्रदेश का कोई भी श्रमिक अपनी सामाजिक और पारिवारिक ज़रूरतों के लिए अकेला महसूस न करे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में  बोर्ड पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के तहत श्रमिकों को सहायता पहुंचा रहा है और सभी जिलों में क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि योजनाएं ज़मीन पर असर दिखाएं और श्रमिकों के जीवन में आसानी हो।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    जिला श्रमिक कल्याण अधिकारी अमन शर्मा बताते हैं कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, पेंशन और आवास जैसे क्षेत्रों में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। ऊना जिले में पंजीकृत सैकड़ों श्रमिक इन योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थियों को पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के तहत योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

    इन योजनाओं में शादी के लिए वित्तीय सहायता-लाभार्थी के स्वयं के विवाह तथा दो बच्चों के विवाह के लिए 51- 51 हज़ार, मातृत्व और पितृत्व प्रसुविधा के तहत महिला लाभार्थी को प्रसव अवधि के समय अथवा बच्चे के जन्म पर 25 हज़ार, पंजीकृत कर्मकार की पत्नी को दो प्रसवों तक 6 हज़ार, पुरूष लाभार्थी को पितृत्व सुविधा के तहत बच्चे के जन्म पर 1 हज़ार और महिला लाभार्थी को 90 दिन से 26 सप्ताह तक मातृत्व अवकाश की राशि प्रदान की जाती है। चिकित्सा सहायता में लाभार्थी और उसके आश्रितों को चिकित्सा के चिकित्सीय उपचार के लिए 50 हज़ार से 5 लाख, शिक्षा के लिए प्रथम कक्षा से पीएचडी तक 8400 से 1.20 लाख रुपये,  60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर लाभार्थी को 1 हज़ार रूपये पैंशन सुविधा, दुर्घटना एव बीमारी के चलते हुई विकलांगता की स्थिति में 500 रुपये दिव्यांग पेंशन, कामगार बोर्ड में पंजीकृत सदस्य की मृत्यु होने पर नाम निर्देशितों / उनके आश्रितों को 2 से 4 लाख, अंतिम संस्कार के लिए 20 हज़ार रुपये की आर्थिकी सहायता, बेटी जन्म उपहार योजना के तहत 51 हज़ार रुपये, मानसिक रूप से मंद बच्चों की देखभाल के लिए 20 हज़ार प्रतिवर्ष, विधवा पेंशन योजना के तहत 1500 रूपये प्रतिमाह, होस्टल सुविधा योजना के तहत 20 हज़ार रुपये प्रतिवर्ष, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।