Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!
Blog
-
Jalandhar News: दशहरे पर्व पर उमड़ी भीड़, रावण, कुंभकरण, मेघनाथ का हुआ दहन, देखें Live
जालंधर, ENS: दशहरा उत्सव को लेकर आज शहर में अलग-अलग जगहों पर 60 से 100 फीट तक के रावण, कुभंकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। तीनों के दहन से पहले राम और रावण की सेना ग्राउंड में पहुंची और युद्ध का मंचन किया। हनुमान जी के स्वरूप ने दर्शकों के बीच फल वितरित किए। इसके बाद अलग-अलग मैदानों पर पहले कहीं आतंकवाद तो कहीं पर भ्रष्टाचार के पुतले भी अग्निभेंट किए गए। जिसके बाद रावण मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। इस दौरान भारी संख्या में मैदानों पर लोग दिखाई दिए। दशहरा उत्सव के दौरान संस्थाओं द्वारा सुरक्षा, ट्रैफिक से लेकर राम भक्तों के लिए भी व्यापक प्रबंध किए गए।
इस दौरान मां भारती सेवा संघ की तरफ से सूर्या एन्क्लेव में होने वाले दशहरा उत्सव के दौरान इस बार 65 फीट के रावण का दहन किया गया। संस्था के प्रधान विवेक खन्ना के मुताबिक कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 60-60 फीट के तैयार किए गए। वहीं हजारों की संख्या में श्रीराम भक्तों ने श्री हनुमान चालीसा का उच्चारण किया। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर मॉडल हाउस की तरफ से मॉडल हाउस में होने वाले दशहरा उत्सव के दौरान रावण का पुतला 60 तथा कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 55-55 फीट के जलाए गए। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष दिनेश शर्मा के मुताबिक रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों से पहले भ्रष्टाचार का पुतला फूंका गया।
वहीं इसी तरह फ्रेंड्स दशहरा कमेटी अर्बन एस्टेट फेज-1 में होने वाले दशहरा उत्सव के दौरान 55 फीट के रावण का दहन किया गया। इसी तरह कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 50-50 फीट के जलाए गए। श्री महाकाली मंदिर दशहरा कमेटी की तरफ से साईं दास स्कूल पटेल चौक की ग्राउंड में होने वाले दशहरा उत्सव के दौरान शहर में सबसे ऊंचे 100 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। हालांकि यहां पर इससे पूर्व आतंकवाद के पुतले का दहन भी किया गया। संस्था के आजीवन अध्यक्ष तरसेम कपूर व पंडाल व्यवस्थापक राज कुमार शर्मा ने कहा कि इसके साथ ही समाज में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान भी किया गया।
उन्होंने कहा कि 100 फीट के रावण के पुतले के अलावा 75 व 70 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। श्री रामलीला कमेटी मंदिर नौहरियां मोहल्ले की तरफ से बर्ल्टन पार्क में होने वाले 147वें दशहरा उत्सव में इस बार 70 फीट का रावण तथा 65-65 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले फूंके गए। संस्था के प्रवक्ता हेमंत शर्मा बताते हैं कि दशहरा से पूर्व निकाली जाने वाली शोभायात्रा में रावण व भगवान श्री राम को बीएमडब्ल्यू गाड़ी में बर्ल्टन पार्क में लाया गया। वहीं श्री रामलीला कमेटी द्वारा जालंधर कैंट में आयोजित दशहरे पर 70 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया।
वहीं लाडोवाली रोड पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए गए। हालांकि इस जगह पर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर की अगुवाई में पहले नशे का पुतला जलाया गया। दशहरा उत्सव को लेकर विभिन्न संस्थाओं की तरफ से शहरभर में 70 जगहों पर रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए। कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर 800 पुलिसकर्मी तैनात करने की तैयारी की गई। इसके अलावा पीसीआर टीमें और भीड़ के बीच सिविल वर्दी में जवान तैनात रहें।
-

Jalandhar News: गुरु नानक जयंती पर सिख जत्थे को पाकिस्तान जाने की मिली मंजूरी, परगट का आया बयान
जालंधर, ENS: गुरु नानक जयंती पर सिख जत्थों को पाकिस्तान जाने की अनुमति न देने के केंद्र सरकार के फैसले ने राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। वहीं आज परगट से सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्र की ओर से पाकिस्तान जाने की जत्थे को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख जत्थों को पाकिस्तान जाने की अनुमति देने के फैसले का कैंट से विधायक परगट सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि समस्त नानक नाम लेवा संगत को पाक जाने की बधाई। उन्होंने कहा कि आखिरकार केंद्र को आपकी एकजुट आस्था की आवाज़ सुननी ही पड़ी।

परगट सिंह ने लिखा कि यह राजनीति का मामला नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं की गरिमा और सिखों के पवित्र स्थलों पर मत्था टेकने के अधिकार का मामला है। ईश्वर करे कि भक्तिभाव से उठाया गया हर कदम शांति और सम्मान को मज़बूत करे। हालांकि केंद्र की ओर से पाक जाने की मंजूरी को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि पाकिस्तान जाने पर रोक लगाने का यह पहला मौका नहीं था। बल्कि विभाजन के बाद से पाकिस्तान स्थित सिख तीर्थों की यात्रा बार-बार बाधित हुई है।
1947 में जब उपमहाद्वीप हिंसा की चपेट में था तो कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे सीमा के पार पाकिस्तानी हिस्से में ही रह गए थे। उसके बाद दशकों तक वहां पहुंच पाना लगभग असंभव हो गया था। इस दौरान समुदाय उजड़ गए, पुल नष्ट हो गए और सीमाओं पर सैन्यीकरण कर दिया गया।ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब की लालसा प्रार्थना तक ही सीमित रह गई और श्रद्धालु अपने तीर्थ स्थलों के दर्शनों को तरसते रहे। 1965 के युद्ध के बाद जस्सर पुल जैसे क्रॉसिंग के नष्ट हो जाने के बाद तीर्थयात्रा लगभग बंद हो गई थी।
जून 2019 में भारत की ओर से सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए एक जत्थे को मंजूरी न देने पर लगभग 150 तीर्थयात्रियों को अटारी में रोक दिया गया। 2019 में धूमधाम से खोला गया करतारपुर कॉरिडोर कोविड-19 महामारी के कारण 20 महीने तक बंद रहा। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर गलियारा अचानक बंद कर दिया गया और उसी दिन 150 तीर्थयात्रियों को वापस भेज दिया गया। जून 2025 में भारत सरकार ने गुरु अर्जन देव जी की पुण्यतिथि के लिए लाहौर जाने वाले जत्थे को अनुमति देने से इन्कार कर दिया गया था।
-

Punjab News: 1.5 किलो हेरोइन और 12 पिस्तौल सहित 5 गिरफ्तार, देखें वीडियो
अमृतसरः कमिश्नरेट पुलिस सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 पिस्टल (.30 बोर) और 1.5 किलो हेरोइन ज़ब्त की है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में जोबन सिंह, करणदीप सिंह, अजीपाल सिंह और जसनप्रीत सिंह शामिल हैं, जबकि एक और नाबालिग युवक (जुवेनाइल) को भी पकड़ा गया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरोपियों के सीधे लिंक पाकिस्तान-आधारित तस्करों से थे।
उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से आदेश मिलते थे और बॉक्स स्मगलर्स के जरिए भेजे गए हथियार तथा नशीले पदार्थ पंजाब में अलग-अलग गैंगवार के लिए वितरित किए जाते थे। कमिश्नर ने बताया कि सबसे पहले तरनतारण जिले के निवासी जोबन सिंह, करणदीप और अजीपाल को पकड़ा गया, जिनसे 5 पिस्टल बरामद हुईं। उसके बाद मिली सूचनाओं के आधार पर जसनप्रीत सिंह और एक अन्य युवक को देहात के रानिया गांव से गिरफ्तार किया गया, जिनसे 7 और पिस्टल मिलीं। आगे की पूछताछ में जोबन सिंह के पास से 1.5 किलो हेरोइन भी बरामद हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार सतर्क आरोपी आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं और पैसे की लालच में इस गैरकानूनी धंधे में लिप्त थे।
जसनप्रीत सिंह का मामा पहले से ही नशे और हथियारों की तस्करी के मामलों में गिरफ्तार रह चुका है और जसनप्रीत भी उसी काम में सक्रिय था। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह कार्रवाई त्योहारों के मौसम में सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ी सफलता है। यदि ये 12 विदेशी पिस्टल गलत हाथों में पहुंच जातीं तो कई गंभीर घटनाएं हो सकती थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीम दिन-रात मेहनत कर रही है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है। आरोपियों के खिलाफ अमृतसर के थाना गेट हकीमा में आर्म्स एक्ट और एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस नेटवर्क के अन्य संबंधों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी रखे हुए है।
-

Jalandhar News: दशहरा पर्व पर बनाए गए नशे के पुतले, CP Dhanpreet Kaur करेंगी दहन, देखें Live
जालंधर, ENS: दशहरा उत्सव को लेकर आज शहर में 60 से 100 फीट तक के रावण, कुभंकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। हालांकि आज सुबह बारिश के कारण लोगों के चेहरे पहले मायूस हो गए थे। लेकिन सभी जगह पर पुतलों को फिर से मेकअप करके तैयार कर लिया गया। जिसके बाद अब दोबारा से पुतलों को मैदानों में खड़ा देखकर लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। आज रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले फूंकने से पहले कुछ जगहों पर आतंकवाद तो कुछ जगहों पर भ्रष्टाचार के पुतले भी अग्निभेंट किए जाएंगे।
इसे लेकर दशहरा उत्सव कमेटियों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वहीं लाडोवाली रोड पर स्थित दशहरा उत्सव कमेटी की ओर से नशे के पुतले बनाएं गए है। इन नशे के पुतलों का दहन पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर द्वारा किया जाएगा। मामले की जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता राजिंदर बेरी ने कहाकि पंजाब में नशे को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। वहीं आज जहां बुराई पर अच्छाई की जीत होगी, वहीं पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर द्वारा नशे के पुतलों का दहन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव के दौरान संस्थाओं द्वारा सुरक्षा, ट्रैफिक से लेकर राम भक्तों के लिए भी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वीरवार शाम 6.03 बजे से लेकर 7.10 बजे तक शुभ मुहूर्त है, जिसके बीच पुतलों का दहन किया जाएगा। वहीं ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संदीप शर्मा ने कहा कि शहर में लोगों की सुरक्षा के लिए के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं। लोगों की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुतलों के दहन के दौरान लकड़ियां न उठाने का आह्वान किया गया है। अपील करते हुए कहा कि अगर संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नजर आए तो इसकी सूचना पुलिस को तुरंत दें।
-

Punjab News: 510 ग्राम हेरोइन सहित आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो
मोगाः नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने हेरोइन सहित तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 510 ग्राम हेरोइन बरामद की है। थाना समालसर के प्रभारी एसआई कमलजीत सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि अर्शदीप सिंह उर्फ़ अर्शी पुत्र हीरा सिंह निवासी पट्टी, जिला तरनतारन मोटरसाइकिल स्प्लेंडर (नंबर PB-38-E-3846, रंग काला) पर पुल कसी, गुरुद्वारा गुरुसर रोड समालसर पर बैठकर ग्राहकों का इंतजार कर रहा है और वह हेरोइन बेचने की फिराक में है।
ऐसे में अगर उक्त जगह पर रेड की जाए तो आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में हेरोइन की खेप बरामद की जा सकती है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत रेड की और मौके से अर्शदीप सिंह की तालाशी के दौरान उसके कब्जे से 510 ग्राम हेरोइन बरामद की। वहीं आरोपी को घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल समेत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना समालसर में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-

6.9 की तीव्रता से लगे भूकंप के झटकों से 72 की मौत, 200 से अधिक घायल, देखें वीडियो
नई दिल्ली: मध्य फिलीपींस में आए विनाशकारी भूकंप के बाद बचाव अभियान जारी है। बचाव कर्मियों ने ढहे मकानों और अन्य क्षतिग्रस्त इमारतों में खुदाई करने वाले वाली मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से जीवित लोगों की तलाश शुरू की है। फिलीपींस में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण अब तक कम से कम 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की रात लगभग 10 बजे 6.9 तीव्रता का भूकंप आया जिससे सेबू प्रांत के बोगो शहर और आसपास के गांवों में कई मकान, नाइट क्लब और व्यापारिक इमारतें ढह गईं। इनके मलबे में कई लोग फंस गए हैं। इस भूकंप के कारण मारे गए लोगों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। छिटपुट बारिश और क्षतिग्रस्त पुलों एवं सड़कों के कारण बचाव अभियान में बाधा पैदा हुई है।
भूकंप का केंद्र बोगो से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 5 किलोमीटर की गहराई में था। बोगो सेबू प्रांत का एक तटीय शहर है और इसकी आबादी लगभग 90,000 है। बोगो शहर में आपदा कार्यों से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि कई इलाकों में बचाव अभियान चलाना कठिन है क्योंकि यहां खतरनाक स्थितियां हैं। उन्होंने बताया कि कुछ जीवित लोगों को पहाड़ी गांव से अस्पताल लाया गया है।
-

Jalandhar News: साल में एक बार आज के दिन खुलते हैं महिलाओं और बच्चों के लिए मंदिर के कपाट, उमड़ी भीड़, देखें वीडियो
जालंधर, ENS: सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर परिसर के काली माता मंदिर के कपाट खुल गए है। इस मंदिर के कपाट साल में एक बार दशहरा पर्व पर ही खुलते है। मां यह मंदिर साल में एक बार ही महिलाओं और बच्चों के लिए खोला जाता है। इस मंदिर के निर्माण को लेकर कई धार्मिक ग्रंथों में भी जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह भी मां महाकाली की उपासना के लिए यहां पर आए थे। वह बताते हैं कि इस मंदिर के कपाट पुरुषों के लिए वर्ष भर खुले रहते हैं। लेकिन महिलाएं तथा बच्चे यहां पर केवल दशहरे वाले दिन ही आकर नतमस्तक हो सकते हैं।
दशहरे पर खुले काली माता मंदिर में माथा टेकने के लिए लगी महिलाओं की लंबी लाइन लगना शुरू हो गई है। प्राचीन ट्रस्ट महाकाली मंदिर सदियों पुरानी और रहस्यमय परंपरा के कारण चर्चा का विषय रहता है। इस अनूठी परंपरा के पीछे एक तपस्वी मोहनी बाबा की कठोर तपस्या और उनके द्वारा स्थापित नियम को कारण बताया जाता है। बताया जाता है कि हजारों साल पहले श्री देवी तालाब परिसर में मोहनी बाबा ने तपस्या की थी। इस स्थान पर आज मां महाकाली का मंदिर स्थापित है।
मंदिर के इतिहास में बताया गया है कि बाबा की तपस्या में कोई विघ्न न पड़े इसलिए बाबा ने यहां आने पर रोक लगा दी थी, खासकर महिलाओं के लिए तपस्या में लीन बाबा के दर्शनों की मनाही थी। बाबा की तपस्या पूरी होने के बाद और यहां मंदिर स्थापित होने पर इसे साल में एक बार महिलाओं के लिए खोलने की परंपरा बनी। आज दशहरा पर्व पर मां महाकाली मंदिर के चौथे फ्लोर पर बने पुराने मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से खोल दिए गए हैं। महिलाएं और बच्चे रात 8 बजे के बाद तक मंदिर में माथा टेक सकते हैं। इसके बाद मां की आरती के साथ फिर से कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
-

Punjab News: इस इलाके में Bioremediation Plant लगाने का काम शुरू, देखें वीडियो
11 लाख टन कूड़े का होगा पुनः उपयोग
अमृतसरः कूड़ाघर क्षेत्र से सटे निवासियों की वर्षों पुरानी समस्या अब दूर होने वाली है। शहर के सबसे बड़े कूड़ाघर भागावाला में बायोरेमेडिएशन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। शहर के मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने मशीनों को हरी झंडी देकर इस परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अमृतसर सेंटर से विधायक डा. अजय गुप्ता और दक्षिण से विधायक इंदरबीर सिंह निजर भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
जानकारी देते विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने बताया कि भगतावाला कूड़ाघर पिछले कई दशकों से शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ था। गर्मियों में यहां से निकलने वाली जहरीली गैस आग का कारण बनती थी और इलाके में बीमारियां फैलाती थी। पिछली सरकारों ने वादे तो किए, लेकिन उन पर अमल नहीं किया। आम आदमी पार्टी सरकार ने लंबे प्रयासों के बाद इस बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 11 लाख टन कचरा हटाया जाएगा, जिस पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों के अनुसार, कूड़े के ढेर से निकलने वाली मिट्टी, रेत और बड़े पत्थरों का इस्तेमाल हाईवे कंपनियां सड़क निर्माण में करेंगी। वहीं, प्लास्टिक को रिसाइकल करके आरडीएफ (रिफ्यूज डेराइव्ड फ्यूल) बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल बड़े सीमेंट और थर्मल प्लांट में किया जाएगा।
मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि इस कचरे को खत्म करना न केवल एक चुनौती थी, बल्कि हमारी सरकार का वादा भी था। अब लोगों को जहरीली हवा, दुर्गंध और बीमारियों से राहत मिलेगी। यह जमीन, जो वर्तमान में लगभग 20 एकड़ है, साफ होने के बाद जनकल्याण के लिए इस्तेमाल की जाएगी और यहां एक नई विकास परियोजना बनाई जाएगी। इस अवसर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग डेढ़ साल का समय लगेगा और इस दौरान इसकी निरंतर निगरानी की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी सरकार के इस फैसले की सराहना की है। उन्होंने बताया कि इस इलाके के लोग दशकों से कूड़े के ढेर से परेशान थे। सर्दियों में तो हालात और भी बदतर हो जाते थे, क्योंकि धुएं और बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता था। अब लोग राहत की सांस लेंगे।
आम आदमी पार्टी ने लक्ष्य रखा है कि 2026 में जब स्वच्छ भारत सर्वेक्षण होगा, तो अमृतसर देश के पहले 10 स्वच्छ शहरों में शामिल हो। इस परियोजना को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
-

दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत, 7 लोग घायल, गाड़ी की उड़ी छत, देखें वीडियो
कैमूर: बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में छज्जूपुर पोखरे के पास नेशनल हाईवे-19 पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में महिला सहित 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहींस्कॉर्पियो में सवार 7 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में पहला मुस्लिम अंसारी (45 वर्ष), झारखंड के निवासी शामिल हैं, जबकि मुन्ना अंसारी (45 वर्ष) और रजिया खातून (60 वर्ष) दोनों रोहतास जिले के रहने वाले थे। रजिया खातून एक बुजुर्ग महिला थीं। वहीं घायलों की संख्या 7 बताई जा रही है, जिनमें उमर अंसारी (70 वर्ष), फातिमा (15 वर्ष), हाजरा खातून (40 वर्ष), अशरफ अंसारी (30 वर्ष), अमीर अंसारी (12 वर्ष), नसीम अंसारी (45 वर्ष) और मुस्कान परवीन (42 वर्ष) शामिल हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं, जो परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। सभी की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार सभी चालक सासाराम के तिरकुलिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जो प्रयागराज से लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक को झपकी आ गई थी, जिससे वह गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठा। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात कुछ देर के लिए ठप हो गया। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती पुलिस, एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।
सभी घायलों को पहले दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर निकाईल अंसारी ने बताया कि कुल 8 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिसमें से दो को मोहनिया अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया। सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पंडित ने बताया कि दुर्गावती थाने के सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पंडित ने बताया कि हादसा छज्जूपुर पोखरे के पास हुआ, जहां स्कॉर्पियो ने कंटेनर में टक्कर मार दी। हादसे में 3 की मौत हो गई और 7 लोग घायल हो गए। फिलहाल परिजनों का इंतजार किया जा रहा है।